राहुल गांधी के हैशटैग को बढ़ावा दे रहे चीन और पाकिस्तान: अमित शाह

एक तरफ जहां चीन के साथ तनाव जारी है वहीं दूसरी तरफ इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी घमासान भी मचा हुआ है. लद्दाख में LAC पर गलवान घाटी में चीन से झड़प में 20 भारतीय जवानों की शहादत के बाद से सियासत भी जोरों पर है.

गलवान घाटी में झड़प पर भारत की प्रतिक्रिया को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर लगातार सवाल उठाए. यहां तक कि राहुल गांधी ने “Surender Modi” तक ट्वीट कर डाला. इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पार्लियामेंट होनी है. चर्चा करनी है तो आएं, करेंगे. 1962 से आजतक दो-दो हाथ हो जाए

समाचार एजेंसी एएनआई के साथ एक इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा कि चर्चा से कोई नहीं डरता है. मगर जब देश के जवान संघर्ष कर रहे हों, सरकार स्टैंड लेकर ठीक कदम उठा रही है, उस वक्त पाकिस्तान और चीन को खुश हो इस प्रकार के बयान ठीक नहीं है.

कोरोना और लद्दाख की गलवान घाटी में चीन से तनाव के सवाल पर अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दोनों जंग जीतने जा रहा है.

गृह मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने कोरोना के खिलाफ अच्छी लड़ाई लड़ी है. मैं राहुल गांधी को सलाह नहीं दे सकता, यह उनकी पार्टी के नेताओं का काम है. कुछ लोग ‘वक्रद्रष्टा’ हैं, वे सही चीजों में भी गलत देखते हैं. भारत ने कोरोना के खिलाफ अच्छा संघर्ष किया और हमारे आंकड़े दुनिया की तुलना में बहुत बेहतर हैं.

24 साल के लांस नायक सलीम खान लद्दाख में शहीद, फोन पर आखिरी बार मां से कही थी ये बात

पंजाब के पटियाला के रहने वाले लांस नायक सलीम खान (24) लद्दाख में शहीद हो गए। सलीम पटियाला के गांव मर्दांहेड़ी के रहने वाले थे और 58 इंजीनियर रेजीमेंट में तैनात थे। परिवार को जैसे ही शहादत की खबर मिली वैसे ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी। सेना के विशेष विमान से लांस नायक सलीम खान का पार्थिव शरीर चंडीगढ़ लाया गया। जहां से सड़क के रास्ते काफिले के साथ उनके गांव मर्दांहेड़ी लाया गया। पूरे राजकीय व सैन्य सम्मान और नमाज-ए-जनाजा अदा करने के बाद गांव के कब्रिस्तान में सलीम खान के पार्थिव शरीर को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इससे पहले शहीद की मां नसीमा बेगम, बहन सुल्ताना और बड़े भाई नियामत अली ने शहीद सलीम खान को सलामी देकर उसकी कुर्बानी को नमन किया। 

पटियाला मिलिट्री स्टेशन के कमांडर ब्रिगेडियर प्रताप सिंह राणावत ने शहीद के ताबूत पर लिपटा तिरंगा झंडा शहीद की मां को सौंपकर सैल्यूट किया। इस मौके पर भारतीय फौज के बिगलर ने मातमी धुन बजाई और जवानों ने हथियार उलटे करके गार्ड आफ ऑनर देते हुए फायर कर शहीद को सलामी दी। पंजाब के कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत व डीसी कुमार अमित शहीद के गांव पहुंचे और शहीद को अंतिम श्रद्धांजलि भेंट की।लांस नायक सलीम खान भारत-चीन सरहद के पास श्योक नदी के नजदीक जोखिम भरे हालात में भारतीय फौज के ऑपरेशन क्षेत्र में अपनी इंजीनियरिंग की ड्यूटी पर तैनात थे।

शहीद सलीम खान के बड़े भाई नियामत अली ने बताया कि रेजीमेंट शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे श्योक नदी में किश्ती के जरिए भारतीय फौज के ऑपरेशन संबंधी बचाव कार्यों के लिए रस्से लगाने के काम में जुटी थी। इसी दौरान सलीम खान की किश्ती पलट गई और दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वह शहीद हो गए। 14 जनवरी 1996 को सलीम खान का जन्म हुआ था और वह फरवरी 2014 को भारतीय फौज में भर्ती हुए थे। उनके पिता मंगल दीन ने भी भारतीय फौज में सेवा निभाई थी और ड्यूटी दौरान एक हादसे में जख्मी होने कारण वह सेवामुक्त हो गए थे। करीब 18 साल पहले उनका देहांत हो गया था। 

शहीद की मां नसीमा बेगम रोते हुए बस बार-बार यही कह रही थी कि मेरे सिम्मा को ला दो, मेरा सिम्मा को ला दो। नसीमा बेटे को याद करते व बिलखते हुए बार-बार बेहोश हो रही थी। उन्होंने बताया कि परसों ही सलीम का फोन आया था कि उसने सारे परिवार का हाल-चाल जाना और वादा किया था कि जैसे ही भारत-चीन सरहद पर हालात सामान्य होंगे तो वह छुट्टी पर घर जरूर आएगा। मां ने बताया कि तीन महीने पहले जब वह छुट्टी पर घर आया था तो कहा था कि मां तुझे अब जिंदगी में हर सुख देगा, ताकि उन्हें पिता की कमी महसूस न हो।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लांसनायक सलीम खान के परिवार को एक्सग्रेशिया अनुदान के तौर पर 50 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लांसनायक के परिवार को हरसंभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए लिखा- ‘लद्दाख में लांस नायक सलीम खान के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। वह पटियाला जिले के मर्दांहेड़ी गांव के थे। उनके परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है। राष्ट्र बहादुर सैनिक को सलाम करता है। जय हिन्द! 

स्मृति का सोनिया पर निशाना, कहा- बच्चों के लिए देश लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी

चीन से विवाद के बीच देश में सियासी बयानबाजी का दौर जारी है. राजीव गांधी फाउंडेशन को लेकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर हमला बोला है. केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने बच्चों के लिए देश को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

ये बातें उन्होंने कानपुर-बुंदेलखंड और अवध क्षेत्र की संयुक्त जन संवाद रैली को संबोधित करते हुए कहीं. इस वर्चुअल रैली में उन्होंने झांसी की रानी को याद करते हुए कहा कि बुंदेलखंड की एक बेटी ने राष्ट्र के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया. एक मां ऐसी थी, जिसने अपने बेटे को पीठ पर बांधकर तलवार निकालकर अंग्रेजों को ललकारा था

वहीं, दुर्भाग्य देखिए कि रायबरेली की एक सांसद ऐसी हैं, जो राजीव गांधी फाउंडेशन के जरिए अपने बच्चों के लिए देश को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं.

उन्होंने कहा कि गांधी परिवार ने चीन से समझौता कर अपनी तिजोरी भरी. सोनिया गांधी ने दुश्मन से हाथ मिलाया और प्रधानमंत्री राहत कोष से भी पैसा उठा लिया. ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान को अपना धर्म माना है और एक ‘प्रधान सेवक’ के रूप में काम किया है.

देश ने वह मंजर भी देखा है जब केंद्र सरकार एक रुपया भेजती थी और गरीब की जेब में केवल 10 पैसा पहुंचता था. आज मोदी सरकार गरीब के लिए एक रुपया भेजती है तो वह पूरा का पूरा बैंक खाते में पहुंचता है. उन्होंने कहा कि अमेठी में गांधी परिवार की घड़ी बंद हो चुकी है अब रायबरेली का परिणाम बदलने में देर नहीं लगेगी.

RSS की फंडिंग पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

बता दें कि राजीव गांधी फाउंडेशन (आरजीएफ) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सोनिया गांधी से 10 सवाल पूछे हैं, जिस पर कांग्रेस पार्टी ने पलटवार किया है और बीजेपी पर 10 सवाल दागे हैं. साथ ही बीजेपी और आरएसएस को मिलने वाली विदेशी फंडिंग पर सवाल उठाए हैं.

(इनपुट-पीटीआई)

गुना में महिला ने नाबालिग लड़की से रचाई शादी, गिरफ्तार

गुना

मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक 20 साल की लड़की ने एक नाबालिग लड़की से भागकर शादी रचाई है. फिलहाल बड़ी लड़की को गिरफ्तार कर लिया गया है.

दरअसल, यह पूरा मामला गुना के बूढ़े बालाजी क्षेत्र का है, यहां रहने वाले एक परिवार के रिश्तेदार की लड़की शिवपुरी जिले से रहने आई थी. बताया जा रहा है कि 22 जून को लड़की पड़ोस के ही घर में रहने वाली एक नाबालिग लड़की को लेकर भाग गई.

इसके बाद परिवार के लोगों ने लड़की के गुम होने की रिपोर्ट लिखवाई. पुलिस ने इन दोनों का पता लगाया तो पूरे मामले का खुलासा हुआ. दोनों ने बताया कि उन्होंने आपस में शादी कर ली है. शिवपुरी की बड़ी लड़की दूल्हा बनी थी और गुना की नाबालिग लड़की दुल्हन बनी थी.

पीटीआई की एक खबर के मुताबिक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, गुना ने बताया कि नाबालिग लड़की के परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर शिवपुरी की रहने वाली बड़ी लड़की के खिलाफ धारा 363 और पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया गया है.

फिलहाल आरोपी लड़की को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है जबकि नाबालिग को मुक्त कर दिया गया है. बड़ी लड़की की उम्र 20 साल है जबकि नाबालिग लड़की कि उम्र 17 साल है.

मन की बात में पीएम मोदी बोले- भारत की भूमि पर आंख उठाकर देखने वालों को मिला करारा जवाब

नई दिल्ली.  पूर्वी लद्दाख की गलवानी घाटी में 20 भारतीय सैनिकों की शहादत और भारत में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने आज ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) कार्यक्रम में देश को संबोधित किया. प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार चीन को जवाब देते हुए कहा भारत पड़ोसी देश से मित्रता निभाना जानता है तो आंख में आंख डालकर चुनौती देना भी जानता है.

पीएम मोदी ने कहा कि लद्दाख में भारत की भूमि पर आंख उठाकर देखने वालों को भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया है. लद्दाख में हमारे जो वीर जवान शहीद हुए हैं, उनके शौर्य को पूरा देश नमन कर रहा है और श्रद्धांजलि दे रहा है. चीन के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए जवानों का पूरा देश कृतज्ञ है ओर उनके सामने नत-मस्तक है. पीएम मोदी ने कहा इन साथियों के परिवारों की तरह ही हर भारतीय इन्हें खोने का दर्द भी अनुभव कर रहा है.

मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस के संक्रमण का भी जिक्र किया. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें. उन्होंने आपकी लापरवाही आपके साथ आपके परिवार को भी मुश्किल में डाल सकती है.

सीमा पर तेजी से सड़क निर्माण और सशस्त्र सुरक्षा पोस्ट बनाने में जुटा नेपाल, भारत भी हुआ मुस्तैद

देहरादून 
भारत की तरफ से कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर तवाघाट से लिपुलेख तक सड़क निर्माण करने के बाद से नेपाल के सुर क्या बदले, वह भारत के सीमा क्षेत्र के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देने लगा है। एक पखवाड़े के भीतर जिस तेजी के साथ सड़क निर्माण हो रहा है, उससे ऐसा लगता है कि नेपाल भारत सीमा पर तेजी से पैदल मार्गों और सड़क निर्माण करना चाह रहा है। चीन के बाद नेपाल भी भारतीय सीमा तक सड़कों का जाल बिछाने में जुट गया है। 
नेपाल के दार्चुला जिले के छांगरू-तिंकर के साथ ही सीमा से सटे अन्य गांवों के लिए भी तेजी से सड़कें बनाई जा रही हैं। भारत की सीमा से लगे नेपाली क्षेत्र दार्चुला के अलावा बैतड़ी में भी एक दर्जन से अधिक सड़कों का निर्माण जारी है। इनमें से कई सड़कें भारत की सीमा बनाने वाली महाकाली नदी के किनारे बसे गांवों के लिए बन रही हैं। तीनों जिलों में केवल चंपावत जिले के बनबसा में ही मोटर पुल है, जबकि पिथौरागढ़ जिले में झूलाघाट से लेकर कालापानी में स्थित सीतापुल तक झूला पुलों से ही आवागमन होता है। 

पिथौरागढ़, चंपावत और उधम सिंह नगर जिलों की सीमाओं से लगी भारत-नेपाल सीमा की लंबाई पिथौरागढ़ जिले में सबसे अधिक लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर है। उत्तराखंड से नेपाल की 275 किलोमीटर लंबी सीमा लगी है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी जिलों की 350 किलोमीटर लंबी सीमा चीन से लगी है, जबकि इन जिलों की सीमाओं तक चीन पहले ही हाइटेक सड़कें बना चुका है। 

बदलते माहौल को भांपकर भारत भी अलर्ट 
बताया जा रहा है कि नेपाल की योजना सीमा से लगे अधिक से अधिक गांवों को यातायात सुविधा से जोड़ने की है। भारतीय क्षेत्र धारचूलासे लगे दार्चुला के छांगरू, तिंकर के साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछ जाने के बाद भारतीय सीमा पर नेपाली सुरक्षा बलों की पहुंच आसान हो जाएगी। भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव समेत नेपाल में बन रहे भारत विरोधी माहौल के चलते धारचूला से कालापानी तक सशस्त्र सीमा बल भी अपने जवानों की तैनाती बढ़ा रहा है। धारचूला से आगे नेपाल सीमा पर कालापानी तक भारत में एसएसबी की एलागाड़, पांगला, मालपा, लामारी, बूंदी, गर्ब्यांग और कालापानी में कंपनी तैनात है। 

ITBP और सेना को अलर्ट पर रखा गया

सामान्यतया इन कंपनियों में 130 से 140 तक जवान रहते हैं लेकिन इन दिनों हालात को देख इन कंपनियों में जवानों की संख्या को कहीं दोगुना, तो कहीं ढाई गुना तक कर दिया गया है। नेपाल के दार्चुला क्षेत्र के छांगरु में चीन सीमा पर आइटीबीपी की गुंजी, कालापानी, ऊं पर्वत, लिपुलेख में स्थित पोस्टों सहित कुटी, ज्योलिंगकोंग में भी जवानों की संख्या बढ़ाई गई है। जोहार से लगी सीमा पर भी आइटीबीपी और सेना के जवानों की संख्या बढ़ा कर दोनों बलों को अलर्ट पर रखा गया है। 

सशस्त्र बल की बॉर्डर आउट पोस्ट शुरू करने के बाद अब नेपाल भारतीय क्षेत्र गुंजी के उस पार नेपाली क्षेत्र में सशस्त्र बल की आउटपोस्ट बनाने की तैयारी कर रहा है। नेपाल के छांगरु, तिंकर गांव और बीओपी चौकी तक पहुंचने के लिए उसे भारत के रास्ते नहीं जाना पड़े, इसलिए उसने नेपाल ने घाटीबगड़ के निकट 200 मीटर लंबा पैदल मार्ग पखवाड़े भर में तैयार कर दिया है। 

नेपाल में घाटीबगड़ क्षेत्र का पैदल मार्ग कई साल पूर्व ध्वस्त हो गया था। नेपाल के उच्च हिमालयी क्षेत्रों के दो गांवों छांगरु और तिंकर के ग्रामीण भारत के रास्ते माइग्रेशन करते रहे। भारत के रास्ते गर्ब्यांग गांव जाने के बाद काली नदी पर सर्वाधिक ऊंचाई वाले पैदल पुल से ये नेपाली माइग्रेंट नेपाल में प्रवेश करते थे। लेकिन अब जब से नेपाल ने भारत से विमुख होने की ठानी है, तब से नेपाल के लोगों की भारतीय सीमा से होकर जाने पर रोक लगा दी है। घाटीबगड़ में नेपाल ने अपनी सेना की टुकड़ी बैठा दी है तो छांगरु में नेपाल सशस्त्र बल की बीओपी खोल दी है। मार्ग के बनते ही नेपाल के दो गांवों के ग्रामीणों को अब माइग्रेशन के लिए भारत के रास्ते नहीं जाना होगा, नेपाल सशस्त्र बल के जवान भी इसी मार्ग पर गश्त कर सकेंगे। 

डेढ़ महीने में मालपा और बूंदी में ग्रिफ ने बनाए दो बेली ब्रिज 

पिथौरागढ़ जिले को चीन सीमा से जोड़ने वाली सड़क धारचूला-लिपुलेख ग्रिफ ने मालपा बेली ब्रिज का निर्माण पूरा कर पुल से वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी है। रणनीतिक रूप से अहम इस सड़क पर ग्रिफ बहुत तेजी से कार्य कर रही है। इस पुल के बनने बाद सीमा पर जाने वाले सेना के जवानों और व्यास घाटी के सात गांवों के लोगों को तो लाभ मिलेगा ही, इससे सीमा पर तैनात सेना और आईटीबीपी को भी लाभ होगा। तवाघाट-लिपुलेख मार्ग पर बीआरओ हीरक परियोजना के तहत सड़क निर्माण में लगी है। 

बता दें कि 8 मई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सड़क का ऑनलाइन उद्घाटन करने के बाद 67 आरसीसी ग्रिफ ने सीमा विवाद और आगामी मानसून को देखते हुए युद्ध स्तर पर दिन रात सड़क निर्माण करके डेढ़ महीने के अंदर बुदि और मालपा में दो बेली ब्रिज तैयार कर दिए हैं। अब ग्रिफ गुंजी, नाबी, कुटी लिम्पियाधुरा और चीन सीमा में गुंजी, कुटी ज्योलिंगकांग सड़क का कार्य भी युद्ध स्तर से कर रही है। इस सड़क के बनने से आदि कैलाश यात्रियों को भी फायदा मिलेगा। यहां पर 34 किलोमीटर सड़क का 67आरसीसी ग्रिफ तेजी निर्माण कर रही है। इस सड़क के तीन माह में तैयार होने की संभावना है। 

उपचुनाव के बाद प्रदेश में फिर बनेगी कांग्रेस की सरकार.. कागज़ पर लिख कर रख लो : लक्ष्मण सिंह

गुना | हमने अपना संगठन खड़ा कर लिया है और चुनाव की तैयारी भी चल रही है। कांग्रेस पार्टी को कार्यकर्ता को आगे रखकर काम करना पड़ेगा। हम लोग को पीछे होना पड़ेगा। व्यक्ति विशेष से पार्टी नहीं चलेगी, यह संगठन से चलेगी और कार्यकर्ता से चलेगी। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के छोटे भाई और चांचौड़ा से कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने कही। वे शनिवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में शामिल होने आए थे।

सिंधिया के साथ जो गए थे, उनसे सशक्त कार्यकर्ता हमारे पास आ गए

उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि अभी हम जो संगठन खड़ा कर रहे हैं, उसमें कार्यकर्ता ही सब कुछ है, हम लोग पीछे हैं। लड़ाई वह लड़ेगा, जीतेगा भी वही, श्रेय भी कार्यकर्ता को जाएगा। सिंधिया के साथ कांग्रेसियों के जाने के सवाल पर लक्ष्मण सिंह ने कहा कि जो गए थे, उनसे सशक्त कार्यकर्ता हमारे पास आ गए।

विधान सभा उपचुनाव के बाद प्रदेश में फिर से कांग्रेस की सरकार बनेगी

उन्होंने विधान सभा उपचुनाव के बाद प्रदेश में फिर से कांग्रेस की सरकार बनने का दावा किया है। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बन रही है, आप पक्का मानकर चलिए। आप चाहो तो यह बात कागज पर भी लिख लो।

अमेरिका को घेरने के लिए चीन की नापाक चाल, किरिबाती में मिलिट्री बेस बनाने की तैयारी

पेइचिंग 
दुनियाभर में फैले कोरोना महामारी के बीच भी चीन अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। जब सभी देश इस वैश्विक महामारी के रोकधाम में व्यस्त हैं इस दौरान मौका पाकर चीन ने प्रशांत महासागर में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण किरिबाती में अपनी एम्बेसी को शुरू कर दिया है। इस जगह पर अपनी एम्बेसी को शुरू करने के लिए चीन इतनी जल्दीबाजी में था कि उसने वायरस के संक्रमण को खत्म होने का इंतजार भी नहीं किया।
किरिबाती में नेवल बेस बना सकता है चीन 
आशंका जताई जा रही है कि जल्द ही चीनी सेना यहा अपना नेवल बेस बना सकती है। किरिबाती के राष्ट्रपति टेनेटी ममाउ ने हाल मे ही दूसरी बार चुनाव में जीत पाई है। राष्ट्रपति टेनेटी ममाउ घोषित रूप से चीन के समर्थक हैं। पेइचिंग यात्रा के दौरान राष्ट्रपति टेनेटी ममाउ और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एम्बेसी को खोलने को लेकर सहमति बनी थी। कई रिपोर्ट्स के अनुसार, 1.16 लाख की आबादी वाले इस देश को चीन ने अरबों डॉलर का कर्ज भी दिया है। 

प्रशांत महासागर में दबदबा बढ़ा रहा चीन 

कोरोना वायरस और साउथ चाइना सी को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव चरम पर हैं। वहीं, अमेरिका ने घोषणा की है कि वह चीन के किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए एशिया में अपनी सेना की संख्या को बढ़ा रहा है। अगर चीन के साथ अमेरिका का तनाव बढ़ता है तो प्रशांत महासागर में स्थिति अमेरिका के सैनिक ठिकाने महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसलिए अमेरिका को पहले ही ब्लॉक करने के लिए चीन प्रशांत महासागर में अपना दबदबा बढ़ा रहा है। 

ऑस्ट्रेलिया से गहरा सकता है विवाद 

किरिबाती में अगर चीन ने अपना नेवल बेस बनाया तो ऑस्ट्रेलिया के साथ ड्रैगन के रिश्तों में खासी कड़वाहट देखने को मिल सकती है। बता दें कि किरिबाती अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए ऑस्ट्रेलिया पर निर्भर है। हाल के दिनों में ऑस्ट्रेलिया और चीन के बीच विवाद काफी ज्यादा बढ़ गया है। चीन ने न केवल ऑस्ट्रेलिया से आयात किए जाने वाले कई सामानों पर पाबंदी लगाई है वहीं, उसके हैकरों ने ऑस्ट्रेलिया के कई वेबसाइट्स को अपना निशाना भी बनाया है। चीन ने अपने नागरिकों को ऑस्ट्रेलिया की यात्रा न करने के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। 

2006 से चीन यहां बेस बनाने की कर रहा कोशिश 

प्रशांत महासागर में स्थित इस छोटे से देश में अपना पैर जमाने के लिए चीन 2006 से कोशिश कर रहा है। इसी साल तत्कालीन चीनी राष्ट्रपति वेन जियाबाओ ने इस द्वीपीय देश की यात्रा की थी। कोरोना वायरस महामारी के दौरान भी चीन ने यहां डोनेशन डिप्लोमेसी के जरिए फायदा उठाने की कोशिश की है। वह बड़ी संख्या में मास्क, पीपीई किट, दवाईयां और सर्जिकल मास्क इस देश को सप्लाई कर रहा है। 

चीन पर मिलिंद देवड़ा ने बढ़ाई कांग्रेस की मुश्किल, पहले भी दे चुके हैं पार्टी से हटकर बयान

गलवान घाटी में भारत के 20 सैनिकों के शहीद होने के बाद कांग्रेस मोदी सरकार पर हमलावर है. पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी खासतौर से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. राहुल के अलावा कांग्रेस के अन्य नेता भी सरकार को निशाने पर ले रहे हैं. लेकिन कांग्रेस पार्टी में एक ऐसा युवा चेहरा भी है जो कई मौके पर खुलकर मोदी सरकार की तारीफ कर चुका है और पार्टी लाइन से हटकर बयान देता आया है. महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता और पूर्व मंत्री मिलिंद देवड़ा ने चीन के मसले पर भी कुछ ऐसा ही किया है.

मिलिंद देवड़ा ने शनिवार को अपनी पार्टी को नसीहत दे डाली और एकबार फिर कांग्रेस को मुश्किल में डाल दिया. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि चीनी हिमाकत में बढ़ोतरी का मामला देश में राजनीतिक कीचड़ उछालने में खराब हो गया. जब हमें चीन की हरकतों की निंदा और समाधान की तलाश में एकजुट होना चाहिए, तब हम आपसी फूट को उजागर कर रहे हैं.

ये कोई पहला मौका नहीं है कि मिलिंद देवड़ा ने पार्टी लाइन से हटकर बयान दिया हो. उन्होंने इससे पहले अमेरिका में हाउडी मोदी कार्यक्रम, अनुच्छेद 370 जैसे मुद्दे पर पार्टी लाइन से हटकर बयान दिया था.

370 पर दिया था ये बयान

भले ही कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल का जमकर विरोध किया हो, लेकिन मिलिंद देवड़ा के सुर तो अलग ही थे. उन्होंने कहा कि पार्टियों को अपनी विचारधारा से अलग हटकर इस पर बहस करनी चाहिए कि भारत की संप्रभुता और संघवाद, जम्मू-कश्मीर में शांति, कश्मीरी युवाओं को नौकरी और कश्मीरी पंडितों के न्याय के लिए बेहतर क्या है.

अमेरिका में पीएम मोदी के कार्यक्रम की तारीफ

अमेरिका में हुए हाउडी मोदी कार्यक्रम को लेकर एक ओर जहां कांग्रेस सरकार पर निशाना साध रही थी तो वहीं मिलिंद देवड़ा मोदी सरकार की तारीफ करते दिखे थे. उन्होंने कहा कि ह्यूस्टन में प्रधानमंत्री का भाषण भारत की सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी को दर्शाता है. मेरे पिता मुरलीभाई की गिनती भारत-अमेरिका के संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने वालों में होती है. डोनाल्ड ट्रंप की मेहमाननवाजी और भारतीय-अमेरिकियों के योगदान को स्वीकारना गर्व की बात है.

केजरीवाल सरकार की तारीफ

अपने बेबाक बयान के लिए जाने जाने वाले मिलिंद देवड़ा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान केजरीवाल सरकार की भी तारीफ की थी. मिलिंद देवड़ा ने रेवेन्यू को लेकर दिल्ली सरकार को सराहा था.

उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने पिछले पांच साल में रेवेन्यू को डबल कर दिया गया है और अब ये 60 हजार करोड़ तक पहुंच गई है. दिल्ली अब भारत का आर्थिक रूप से सबसे सक्षम राज्य बन रहा है. उनके इस बयान पर अजय माकन ने पलटवार किया था.

बता दें कि मिलिंद देवड़ा महाराष्ट्र कांग्रेस के दिग्गज नेता मुरली देवड़ा के बेटे हैं. मिलिंद 2004 से 2014 तक दो बार सांसद रहे हैं. उन्होंने दक्षिण मुम्बई संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व किया था.

मिलिंद देवड़ा ने मनमोहन सिंह सरकार के दूसरे कार्यकाल के आखिरी तीन साल के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली है. मिलिंद देवड़ा ने पिछली साल 7 जुलाई को मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटने की इच्छा जताते हुए अपना इस्तीफा दे दिया था.