कोरोना के हरण के लिए स्वामी की शरण में पहुँचे शिवराज

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कर्नाटक के मांड्या जिले में स्थित मेलूकोट चेलुवनारायण स्वामी मंदिर पहुंचे। मंदिर में दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश और पूरा भारत संकटों से घिरा है। वे इनसे पार पाने के लिए भगवान का आशीर्वाद लेने आए हैं।

मीडियाकर्मियों से बातचीत में सीएम ने कहा कि पूरा देश महामारी की चपेट में है। सीमाओं पर दुश्मन मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। मध्य प्रदेश की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कोविड 19 पूरे राज्य को अपनी चपेट में ले चुका है। मैं महामारी से लड़ने के लिए भगवान का आशीर्वाद लेने यहां पहुंचे हैं।

मांड्या जिले में स्थित मेलूकोट चेलुवनारायण स्वामी मंदिर कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू से करीब 150 किलोमीटर और मैसूर से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है। मेलूकोट को तिरुनारायणपुरा नाम से भी जाना जाता है। मुख्यमंत्री चौहान गुरुवार को राजधानी भोपाल से रवाना हुए थे। उनके शनिवार को राजधानी लौटने की उम्मीद है।

चीन के खिलाफ एकजुट हुए US और EU, ब्रसेल्स फोरम में भारत के पक्ष में उठी आवाज

वाशिंगटन, एजेंसी। चीन की कम्‍युनिष्‍ट पार्टी के खतरों से निपटने के लिए अमेरिका और यूरोपीय संघ एक मंच साझा करेंगे। अमेरिका ने यूरोपीय संघ के साथ संवाद शुरू करने के लिए सहमति जताई है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने ब्रसेल्स फोरम के दौरान जर्मन मार्शल फंड के साथ एक चर्चा के दौरान यह टिप्पणी की। ब्रसेल्स फोरम में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने भारत के पक्ष में आवाज उठाई। उन्‍होंने चीन की आक्रामकता से दुनिया को सावधान किया। पोम्पिओ ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि मैं अमेरिका की इस घोषणा से उत्‍साहित हूं। उन्‍होंने कहा अमेरिका और यूरोपीय संघ चीन पर एक संवाद शुरू कर रहे हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि चीनी कम्‍युनिष्‍ट पार्टी से हमारे सामान्‍य मूल्‍यों और जीवन पद्धति का खतरा उत्‍पन्‍न हो गया है।

ब्रसेल्स फोरम के दौरान पोम्पिओ ने बार-बार चीन में कम्युनिस्ट पार्टी के खतरे का उल्लेख किया और भारत के साथ घातक सीमा टकराव सहित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के उत्तेजक सैन्य कार्यों का उल्लेख किया। पोम्पिओ ने कहा कि पोम्पेओ ने कहा कि सीसीपी का व्यवहार मूल रूप से अमेरिकी लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है। उन्‍होंने जोर देकर कहा है कि इस खतरे को गंभीरता से लेने के लिए डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन दशकों में पहला है।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका ने ईयू के साथ संवाद करने के प्रस्‍ताव को हरी झंडी दे दी है। अमेरिका ने यूएस-ईयू संवाद बनाने के उच्च प्रतिनिधि बोरेल के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। पोम्पिओ ने कहा कि मैं इस नए खतरे के बारे में चर्चा करने के लिए एक नए तंत्र के बारे में उत्साहित हूं। पश्चिमी देशों ने हमारे साझा लोकतांत्रिक आदर्शों के लिए जो चिंताएं हैं, उन पर चर्चा की है।

पिछले हफ्ते यूरोपीय संघ के मुख्य राजनयिक जोसप बोरेल ने चीन के खिलाफ एक आम ट्रान्साटलांटिक मोर्चे को बनाने के उद्देश्य से यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच वार्ता का आह्वान किया था। यूरोपीय संघ से जुड़े 27 देशों के विदेश मंत्रियों की अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ वार्ता के दौरान 15 जून को बोरेल ने कहा था कि दोनों पक्षों के साझा मूल्‍यों और रुचि की रक्षा करने के लिए यह बैठक अहम है। 
उधर, अमेरिका ने चीन के खिलाफ तेवर सख्‍त कर दिए हैं। अमेरिकी सीनेट ने गुरुवार को हांगकांग स्वायत्तता अधिनियम को मंजूरी दे दी, जो चीन ब्रिटिश संयुक्‍त घोषणा पत्र और हांगकांग के बुनियादी कानून की प्रतिबद्धताओं का अतिक्रमण करता है। अमेरिका ने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब अमेरिका और तमाम यूरोपीय देशों के विरोध के बावजूद चीन ने संकेत दिया है कि वह 30 जून को इस कानून को अमलीजामा पहना देगा। चीन ने कहा था कि इस सप्‍ताह चीन की शीर्ष विधायी निकाय इस कानून को मंजूरी देगी। ऐसे में एक बार फ‍िर हांगकांग में राष्‍ट्रयी सुरक्षा कानून को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद गहरा गया है।  

मुरैना जिले मैं टिड्डियों का हमला

मुरैना। टिड्डियों के छोटे-छोटे कुछ दलों ने जौरा, पहाडग़ढ़ और कैलारस के कुछ गांवों में हमला किया है। हालांकि खेतों में फसलें न होने से खास नुकसान नहीं है, लेकिन ग्रामीण उसे बैठने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं। इस बीच कृषि विभाग के अधिकारी और मैदानी अमले को सक्रिय कर दिय गया है। एसएडीओ कार्यालय स्तर से दलों को इन क्षेत्रों में भेजा भी गया है। रात को विश्राम करने की स्थिति में इन गांवों में हरियाली को नुकसान हो सकता है और आगे के लिए भी खतरा बढ़ जाएगा। अंडे देने से नई टिड्डियां भी उत्पन्न हो जाएंगी। हालांकि कृषि विभाग के सहायक संचालक बीडी नरवरिया कहते हैं कि खतरनाक स्थिति नहीं है, लेकिन फिर भी नजर रखी जा रही है। फिलहाल इनका असर जौरा के मुदावली, पृथ्वीपुरा, धमकन, थरा और आसपास के एक दर्जन गांवों में बताया जा रहा है

मानसून सत्र में कमल नाथ ही होंगे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में

भोपाल (ist)। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी कांग्रेस किसी नए नेता को नहीं सौंपना चाहती है। उप चुनाव तक सरकार रहते कमल नाथ जिस तरह मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों थे, उसी तरह प्रदेश अध्यक्ष के साथ नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में भी रहेंगे।

नए नेता प्रतिपक्ष के चयन से बचते हुए पार्टी उप चुनाव वाले क्षेत्रों में अपनी जीत के विश्वास का संदेश पहुंचाना चाहती है। पार्टी का मानना है कि मानसून सत्र केवल पांच दिन का है, जिसमें सरकार प्रदेश के बजट की औपचारिकता पूरी करेगी। विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है, जो पांच दिन पांच बैठकों का होगा। सत्र को लेकर अभी विधानसभा में कई तैयारियां होना है।

इसके लिए सत्ताधारी भाजपा के साथ प्रमुख विपक्षी दल की सहमति भी आवश्यक है। कोरोना वैश्विक महामारी के संक्रमण से बचाव के लिए विधायकों की बैठक के इंतजाम का मुद्दा हो या सदन में कार्यवाही के अन्य विषय, भाजपा के साथ कांग्रेस विधायक दल से विधानसभा सचिवालय को समन्वय बनाने की जरूरत होगी।

वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है और नेता प्रतिपक्ष के लिए विधानसभा उपचुनाव तक का इंतजार करने की रणनीति पर पार्टी चल रही है। उपचुनाव के बाद होगा फैसला बताया जाता है कि कमल नाथ नए नेता प्रतिपक्ष का चयन करने से बच रहे हैं। चर्चा में वे अपने आत्मविश्वास को जताने से नहीं चूक रहे हैं।

उनका कहना है कि उपचुनाव तक इंतजार करें। उल्लेखनीय है कि नेता प्रतिपक्ष की सुविधाओं को लेने के लिए विधानसभा सचिवालय को सूचना देना होती है लेकिन कांग्रेस के विधायक दल के नेता पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ हैं। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से सुविधाएं मिल रही हैं, इसलिए कांग्रेस ने कमल नाथ के नेता प्रतिपक्ष के रूप में काम करने की सूचना नहीं भेजी है।

हरकतों से बाज नहीं आ रहा चीन, हिंद महासागर की ओर मोड़ सकता है पनडुब्बियों का रुख

कोरोना वायरस पर दुनियाभर के कई देशों के निशाने पर आ चुका चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। अपने पड़ोसी देशों के साथ विवाद खड़े करने के बाद अब चीन ऐसा अगला कदम उठा सकता है, जिससे दुनिया के कई देश चिंतित हो जाएंगे। आने वाले समय में चीन हिंद महासागर की ओर रुख कर सकता है। अगर चीन हिंद महासागर की ओर अपनी पनडुब्बियों का रुख मोड़ता है तो फिर इसका व्यापक रणनीतिक प्रभाव पड़ सकता है।

फॉर्ब्स पत्रिका में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की ओर से देखें तो हिंद महासागर में अपनी पनडुब्बियों की तैनाती से युद्ध के समय में उसे मदद मिलेगी। अभी साउथ-एशिया क्षेत्र में सबसे ज्यादा पनडुब्बियां भारत के पास हैं। वहीं, चीन की नौसेना का विस्तार दुनिया के लिए चिंता का सबब है। इसके चलते बीते दिन अमेरिका ने भी एशिया में अपने सैनिकों की तैनाती करने का ऐलान किया था। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने चीनी कम्युनिष्ट पार्टी को भारत समेत एशिया के अन्य देशों के लिए खतरा बताते हुए कहा था, ‘हम यह सुनिश्चित करेंगे कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (चीनी सेना, जिसमें उनकी नौसेना भी शामिल है) को काउंटर करें।’

हालांकि, इस समय चीन का सबसे ज्यादा ध्यान चाइना सी पर है, जहां पर बीजिंग ने सीमा को लेकर कई दावे किए हैं। इस समय वह हिंद महासागर पर कम फोकस है। लेकिन भारत के लिए यह खतरा बहुत वास्तविक है। चीनी पनडुब्बियों ने हाल के वर्षों में पाकिस्तान और श्रीलंका में पोर्ट कॉल का भुगतान किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, माना जा रहा है कि पीस टाइम के समय चीनी पनडुब्बियां स्ट्रेट ऑफ मलक्का के जरिए से हिंद महासागर में प्रवेश कर सकती हैं। चीन अभी भी संदेश जारी करने के लिए ऐसा कर सकता है, लेकिन यह सीमित उपयोगिता है, जहां पनडुब्बी अपनी उपस्थिति को छिपाना चाहेंगी। वहीं, युद्ध के दौरान, चीनी पनडुब्बियां सुंडा स्ट्रेट या लोम्बोक स्ट्रेट से आ सकती हैं। ये इंडोनेशियाई श्रृंखला के बीच से गुजरते हैं जो प्रशांत और हिंद महासागर को अलग करते हैं। सिंगापुर से सटे मलक्का स्ट्रेट से यह फायदा है कि इससे पनडुब्बियां पूर्वी महासागर के गहरे पानी में पहुंच सकती हैं। इसके बाद वहां से वे अपने लक्ष्य की ओर बढ़ सकती हैं।

लोम्बोक स्ट्रेट को दे सकता है प्राथमिकता
रिपोर्ट की मानें तो, सुंडा स्ट्रेट सबसे छोटा रूट है लेकिन यह पूर्वी क्षेत्र में काफी उथल-पुथल वाला है। ऐसे में लोम्बोक स्ट्रेट को प्राथमिकता दी जा सकती है। एक बार हिंद महासागर में घुसने के बाद, पनडुब्बियों को चीन लौटने के बिना वहां पुनः स्थापित किया जा सकता था। चीनी नौसेना ने पहले ही अफ्रीका के जिबूती में एक बेस बनाया है। 

पाकिस्तान में चीनी बंदरगाह
इसके अलावा पाकिस्तान के ग्वादर में निर्माणाधीन एक और चीनी बंदरगाह है। उस बंदरगाह के विस्तार का काम जारी है, जिसे भी चीनी नौसैनिक अड्डे में शामिल किया जा सकता है। ग्वादर में एक फायदा यह भी है कि यह चीन की जमीन से जुड़ा हुआ है। वहीं, यदि हिंद महासागर में चीन एक स्थायी स्क्वाड्रन बनाता है तो फिर, उसके प्राकृतिक आधार ग्वादर और जिबूती होंगे। मालदीव में एक छोटा सा द्वीप भी है, जिसे चीन रिसोर्ट के रूप में विकसित कर रहा है। योजनाकारों का मानना है कि यह कुछ परिदृश्यों में आधार या निगरानी स्टेशन के रूप में कार्य कर सकता है।

चीन का काउंटर करने को भारत भी पूरी तरह मुस्तैद
वहीं, चीन को काउंटर करने के लिए भारत भी पूरी तरह से मुस्तैद है। भारतीय नौसेना भी अपनी क्षमताओं को बढ़ा रही है और खतरे का मुकाबला करने के लिए अपने ऑपरेटिंग पैटर्न को संशोधित कर रही है। इस बात के प्रमाण हैं कि भारत अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पनडुब्बियों को तैनात करने की क्षमता का परीक्षण कर रहा है। यह मलक्का स्ट्रेट में पनडुब्बी गतिविधि की निगरानी करने के लिए महत्वपूर्ण है।

भारतीय नौसेना की ताकत और बढ़ी, एंटी-टॉर्पीडो मिसाइल सिस्टम मारीच जंगी बेड़े में शामिल

नई दिल्ली: भारतीय नौसेना ने शुक्रवार को कहा कि इसने स्वदेश निर्मित उन्नत टॉर्पीडो विध्वंसक प्रणाली ‘मारीच’ को अपने बेड़े में शामिल कर लिया है जो अग्रिम मोर्चे के सभी युद्धपोतों से दागी जा सकती है. यह मिसाइल सिसटम किसी भी टॉर्पीडो हमले को विफल करने में नौसेना की मदद करेगा. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित ‘मारीच’ प्रणाली हमलावर टॉर्पीडो का पता लगाने, उसे भ्रमित करने और नष्ट करने में सक्षम है.

नौसेना ने कहा, “निर्दिष्ट नौसैन्य मंच पर लगे इस प्रणाली के प्रतिरूप ने सभी प्रायोगिक मूल्यांकन परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए थे और नौसैन्य स्टाफ मानदंड आवश्यकताओं के अनुरूप सभी विशेषता प्रदर्शनों पर यह खरी उतरी थी.” 

नौसेना ने अपने बयान में कहा कि ‘मारीच’ को शामिल किया जाना स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी के विकास की दिशा में न सिर्फ नौसेना और डीआरडीओ के संयुक्त संकल्प का साक्ष्य है, बल्कि यह सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल तथा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनने के देश के संकल्प की दिशा में एक बड़ा कदम है.

नौसेना ने कहा कि रक्षा उपक्रम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा इस विध्वंसक प्रणाली का उत्पादन किया जाएगा. अग्रिम पंक्ति के सभी युद्धपोतों से दागे जाने में सक्षम उन्नत टॉर्पीडो विध्वंसक प्रणाली मारीच के लिए एक करार पर पहुंचने के साथ आज भारतीय नौसेना को पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता में बड़ी मजबूती हासिल हुई है.

मास्क ना लगाने पर 71 लोगों पर किया जुर्माना 

विजयपुर। यहां के बस स्टैंड चेकिंग पॉइंट पर बिना मास्क लगाए लोगों पर कारवाई की गई।

सहायक कलेक्टर विजयपुर एसडीएम पवार नवजीवन विजय और एसडीओपी वीरेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि मास्क लगाने को लेकर प्रशासन की ओर से लोगों को पहले ही मुनायादी दी कर सूचना दे दी गई थी कि अगर कोई बिना मास्क या मुंह पर कुछ ना लगाए मिलता है तो उस पर ₹100 के जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी ।

इसी कड़ी में आज नगर के बस स्टैंड चेकिंग प्वाइंट लगाकर मास्क ना लगाने वालो पर चालान काटा सख्त निर्देश दिए जो भी व्यक्ति बगैर मास्क या के घूम रहा है उस पर तत्काल जुर्माने की कार्रवाई की जाए इसी के तहत 71लोगों पर ₹100 प्रति व्यक्ति के हिसाब से अर्थदंड की कार्रवाई की जिससे कुल 7000रुपए का जुर्माना वसूला और लोगों को हिदायत दी घर से मास्क या मुंह पर कुछ लगाए के ही निकले

अगर वह इन निर्देशों का पालन करेंगे खुद भी सुरक्षित रहेंगे और नगर के साथ अपने परिवाजनों को सुरक्षित रखेंगे इसलिए सभी लोगों से अपील की है कि वह बगैर मास्क के ना निकले, निकलते हैं तो ₹100 के जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई में सहायक कलेक्टर विजयपुर एसडीएम पवार नवजीवन विजय, एसडीओपी वीरेंद्र सिंह कुशवाह तहसीलदार अशोक गोबडिया, नायब तहसीलदार रेखा कुशवाह के साथ नगरपालिका और पुलिस कर्मचारी मौजूद रहे। 100 जुर्माना के साथ उस व्यक्ति मास्क भी दिया जा रहा है।

इसे कहते हैं किस्मत, एक झटके में 25 करोड़ रुपए का मालिक बन गया ये गरीब मजदूर, जानिए कैसे

कहते हैं इंसान की किस्मत कभी भी चमक सकती है और ऐसा ही हुआ है तंजानिया के एक खदान मजदूर के साथ। गरीबी से परेशान इस मजदूर की किस्मत रातों-रात चमक उठी और वह करोड़पति बन गया। दरअसल, तंजानिया की एक खदान में काम करने वाले मजदूर सानिनु लाएजर को अबतक के दो सबसे बड़़े और दुर्लभ रत्न मिले।

अब सरकार ने शख्स को उन दो तंजानाइट रत्नों के बदले 7.74 बिलियन तंजानिया शिलिंग यानि करीब लगभग 25 करोड़़ 36 लाख रुपए दिए हैं। बैंगनी और नीले रंग के ये रत्न वाकई बेशकीमति हैं। तंजानिया माइन मिनिस्ट्री के प्रवक्ता ने बताया कि पहले रत्न का वजन 9.27 किलो और दूसरे का 5.103 किलोग्राम है। गौरतलब है कि तंजानाइट रत्न सिर्फ पूर्वी अफ्रीकी राष्ट्र के उत्तरी क्षेत्र के छोटो से इलाके में पाए जाते हैं। तंजानिया के राष्ट्रपति जॉन मैगुफुली ने खुद सानिनु को फोन पर बधाई दी। इसके बाद सानिनु को रत्नों की एवज में चेक भेंट किया, जिसका बाकायदा लाइव टेलीकास्ट किया गया। इन रत्नों को तंजानिया के बैंक ने खरीदा है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक सनिनीयू लैजर 30 बच्चों के पिता हैं और उनकी चार शादियां हुई हैं। इस रत्न के मिलने के बाद लैजर ने बताया कि मैं कठिन मेहनत और लगन से अपना कार्य करता हूं। यह यकीन नहीं था कि ये रत्न मुझे मिल जाएगा लैजर को बकायदा एक कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया।उत्तरी तंजानिया के मनयारा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में देश के खनन मंत्री साइमन मसनजिला ने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर है। उन्‍होंने कहा कि इससे पहले कभी इतने बड़े आकार का टैंजेनाइट देखने को नहीं मिला। बैंक ने खनिक लैजियर को जब चेक से भुगतान किया गया तो पूरा समारोह तालियां गूंज उठा। इस कार्यक्रम का टीवी पर लाइव प्रसारण किया गया। इस मौके पर देश के राष्ट्रपति जॉन मगुफुली ने लैजियर को फोन करके बधाई दी।

शिवपुरी बॉयपास फायनेंश बिल्डिंग में देर रात लगी भीषण आग.

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आग की चपेट में आने से तीन दुकानें हुई खाक

शिवपुरी। देर रात ग्वालियर बाईपास पर एक बिल्डिंग में आग लग गई। आग ने आधार फायनेंश की पूरी इमारत को चपेट में लिया। देखते ही देखते तीन दुकानों से आग की लपटें निकलने लगी। हालांकि घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची दमकल ने आग को काबू करने के प्रयास किये, पर आग इतनी भीषण थी कि घंटों तक बुझाई नहीं जा सकी। दमकल को सबसे ज्यादा परेशानी दुकानों की आग बुझाने में हुई, दुकानों के शटर नहीं खुलने से उनमें रखा सामान जलकर राख हो गया।