मध्य प्रदेश में 4269 आरक्षकों की भर्ती होगी; गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दी मंजूरी

भोपाल. लॉकडाउन के बाद मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में पहली बार भर्तियां शुरू करने जा रही है। सबसे पहले पुलिस विभाग में 4 हजार 269 आरक्षकों की भर्ती होंगी। यह फैसला शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में पुलिस अधिकारियों से बैठक के बाद गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किया। इसके साथ ही उद्योगों की सुरक्षा के लिए सिंगरौली भेजे गए जवानों को भी वापस बुलाने को लेकर चर्चा की गई। सरकार वहां से जवानों को वापस बुला सकती है।

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पीएचक्यू में डीजीपी समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने 4,269 आरक्षक की भर्ती के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मिश्रा ने कहा- लॉकडाउन के दौरान पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्य किया है। आने वाले समय और पुलिस विभाग की जरूरतों को देखते हुए पुलिस बल बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही पुलिस विभाग में कुछ और पदों से जुड़े फैसलों की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इससे युवओं के लिए नए अवसर बनेंगे। इसके अलावा ड्रेस और गन में सुधार को लेकर भी चर्चा की गई।

कार्यवाही होते ही 15 डंपर और ट्रैक्टर ट्रॉली छोड़कर भागे रेत माफिया

होशंगाबाद में एडीएम जीपी माली के निर्देश पर नायब तहसीलदार ललित सोनी ने रेत का अवैध परिवहन करने वालों पर गुरुवार की रात 2 बजे कार्रवाई की है। जिन 15 डंपरों को जब्त किया उनके मालिकों का पता किया जा रहा है। खनिज विभाग और देहात थाने का अमला जांच नहीं कर पा रहा। एडीएम का कहना है कि बिना जांच के रेत के वाहन आगे नहीं बढ़ें। रेत खदानों पर प्रतिबंध को लेकर अब भी असमंजस बरकरार है। डोंगरवाड़ा, बांद्राभान से रेत माफिया चोरी छुपे रेत उठा रहे हैं।

उपचुनाव से पहले कांग्रेस में खटपट- कमलनाथ ने दिग्विजय-समर्थक गोविंद गोयल को कोषाध्यक्ष पद से हटाया

भोपाल। 
मध्य प्रदेश में उपचुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी में गुटबाजी फिर सतह पर आने लगी है। प्रदेश कांग्रेस में दिग्विजय और कमलनाथ के गुटों के बीच तथाकथित एकता की असलियत भी सामने आने लगी है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व सीएम कमलनाथ ने शुक्रवार को बड़ा बदलाव करते हुए प्रदेश कोषाध्यक्ष गोविंद गोयल को पीसीसी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। गोयल को दिग्विजय सिंह का समर्थक माना जाता है और कमलनाथ की इस कार्रवाई के बाद प्रदेश कांग्रेस में नए सिरे से गुटबाजी की शुरुआत हो सकती है।

2018 में विधानसभा चुनावों के बाद जब कमलनाथ सीएम बने थे, तब से दिग्विजय उनके सबसे बड़े सिपहसालार बने हुए हैं। इस साल मार्च में ज्योतिरादित्य सिंधिया की कांग्रेस से विदाई को भी पार्टी में कमलनाथ और दिग्विजय के गुटों द्वारा उनके ऊपर बनाए गए दबाव का नतीजा माना गया। हाल में राज्यसभा चुनाव के लिए विधानसभा में वोटिंग के दौरान भी कमलनाथ ने दिग्विजय की जीत के लिए हर कोशिश की, लेकिन अब दोनों के बीच की तथाकथित दोस्ती नए रंग में नजर आ सकती है।

कमलनाथ की सरकार गिरने के बाद से ही दिग्विजय की उसमें भूमिका को लेकर कयास लगने लगे थे। कई कांग्रेस नेताओं ने भी दबी जुबान में माना कि दिग्विजय की राज्यसभा पहुंचने की जिद से सिंधिया-समर्थक विधायक पार्टी छोड़ने को मजबूर हुए, लेकिन कमलनाथ चुप्पी साधे रहे। अब जबकि विधानसभा की 24 सीटों के लिए उपचुनाव सर पर हैं, कमलनाथ ने गोयल को पद से हटाकर दिग्गी को झटका दिया है। 

लद्दाख में LAC के पास आर्मी और एयरफोर्स का युद्धाभ्यास, गरजे भारत के फाइटर प्लेन

लेह में सेना और वायुसेना का संयुक्त युद्धाभ्यास

सुखोई-30 और मालवाहक विमानों ने लिया हिस्सा

चीन से तनातनी के बीच लेह में भारतीय सेना और वायुसेना ने साझा युद्धाभ्यास किया है. इस युद्धाभ्यास में फाइटर और ट्रांसपोर्ट विमान शामिल हुए. युद्धाभ्यास का मकसद दोनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना था. इस युद्धाभ्यास में सुखोई लड़ाकू विमान और चिनूक हेलिकॉप्टर शामिल हुए.

दरअसल, भारतीय सेना को मालूम है कि वर्तमान गतिरोध के कारण लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर रक्षा कवच को कम नहीं किया जा सकता है. अभी भी गलवान घाटी, पैंगॉन्ग झील और दौलत बेग ओल्डी इलाके में चीनी सेना की तैनाती पहले जैसी बनी है. ऐसे में भारत किसी स्तर पर अपनी तैनाती को कम नहीं रखना चाहता है.

लद्दाख के लेह क्षेत्र में भारतीय सेना और वायुसेना का एक बड़ा युद्धाभ्यास चल रहा है. इसमें भारतीय सेना के सुखोई-30 एमकेआई अत्याधुनिक लड़ाकू विमान हिस्सा ले रहे हैं. साथ ही सेना की रसद सामग्री और सिपाहियों को तेजी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए हरक्यूलिस और अलग-अलग मालवाहक विमान भी हिस्सा ले रहे हैं.

इस युद्धाभ्यास में चिनूक हेलिकॉप्टर, मी-17 हेलिकॉप्टर भी हिस्सा ले रहे हैं. युद्धाभ्यास के दौरान सुखोई-30 ने आसमान में सुरक्षा घेरा बनाया, जिसके बाद सेना के मालवाहक विमान रसद, तोपें और सिपाहियों को एक जगह से दूसरे जगह पहुंचाने का कोआर्डिनेशन ऑपरेशन चल रहे हैं.

लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर तनाव के बीच भारतीय सेना और वायुसेना का युद्धाभ्यास काफी अहम है. बताया जा रहा है कि सेना का ऐसा अभ्यास यहां निरंतर चलता रहेगा. पिछले दिनों चीनी सेना के युद्धाभ्यास का भी वीडियो सामने आया था.

पलवल एक्सप्रेस-वे पर तकनीकी खराबी के कारण सेना के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग

तकनीकी खराबी के कारण हुई इमरजेंसी लैंडिंग

एक घंटे तक बंद रही एक्सप्रेस-वे की एक सड़क

हरियाणा के सोनीपत में वायुसेना के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है. कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेस-वे पर वायु सेना के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैडिंग हुई है. अचानक लैंडिंग से एक्सप्रेस-वे के टोल पर मौजूद टोल कर्मचारी हैरान और परेशान नजर आए. इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान हेलिकॉप्टर में चार स्टाफ मौजूद था. सभी सुरक्षित हैं.

वायुसेना के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग के कारण एक साइड के रोड को बंद कर दिया गया था. मौके पर वायुसेना के जवान पहुंच गए. करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद हेलिकॉप्टर को ठीक किया गया. इसके बाद हेलिकॉप्टर को वायुसेना के बेस में ले जाया गया है. फिलहाल, रोड पर यातायात की सुविधा सुचारू रूप से शुरू हो गई है.

इससे पहले पूर्वी लद्दाख में 21 जून को आर्मी के एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर ध्रुव ने एहतियात के तौर पर अचानक लैंडिंग (इमरजेंसी लैंडिंग) की. हेलिकॉप्टर को सुरक्षित उतार लिया गया और इसमें सवार क्रू मेंबर्स और यात्री सुरक्षित रहे. उड़ान के दौरान पायलट को हेलिकॉप्टर में कुछ गड़बड़ी महसूस हुई, जिसके बाद इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई.

वहीं, 16 अप्रैल को भारतीय वायु सेना के एक चीता हेलिकॉप्टर की पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी. बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी के कारण उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. यह हेलिकॉप्टर अब हिंडन एयरबेस पर लौट आया .

एयरफोर्स के चीता हेलिकॉप्टर ने हिंडर एयरबेस से उड़ान भरी थी. बागपत के खेकड़ा क्षेत्र में तकनीकी खराबी आने के कारण हेलिकॉप्टर की ईस्टर्न पेरिफेरकल एक्सप्रेस-वे पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. पायलट और को-पायलट सुरक्षित और दोनों हेलिकॉप्टर के साथ वापस एयरबेस लौट गए थे.

TRAI ने लॉन्च किया मोबाइल ऐप, टीवी चैनल सब्सक्राइब करना हुआ आसान

नई दिल्ली, टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने गुरूवार को एक चैनल सेलेक्टर एप्लीकेशन लॉन्च किया है। यह ऐप कस्टमर को टीवी चैनल सब्सक्राइब करने में मदद करेगा। ऐप की मदद से ग्राहक पसंद के चैनल चुन सकेंगे साथ ही गैरजरूरी चैनल को हटा सकेंगे। चैनल सिलेक्टर ऐप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल स्टोर दोनों पर उपलब्ध होगा।
ट्राई ने कहा कि ब्रॉडकास्टिंग सर्विस के लिए नया टैरिफ ऑर्डर जारी करने के बाद से ग्राहकों को वेब पोर्टल और डिस्ट्रीब्यूटिड प्लेटफॉर्म ऑपरेशंस (DPO) पर टीवी चैनल सिलेकट करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में ट्राई की तरफ से चैनल सिलेक्टर ऐप को लॉन्च किया जा रहा है, जहां सभी टीवी चैनल डिस्ट्रीब्यूटर की जानकारियां एक ही जगह पर उपलब्ध रहेगी। ट्राई ने बताया कि मौजूदा दौर में चैनल सिलेक्टर ऐप के साथ बड़े DTH ऑपरेटर्स और मल्टी सिस्टम ऑपरेटर्स (MSO/केबल ऑपरेटर्स) काम कर रहे हैं। इसके अलावा चैनल सिलेक्टर ऐप के साथ दूसरे सर्विस प्रोवाइडर को जोड़ने को लेकर बातचीत चल रही है।
चैनल सिलेक्टर ऐप ऐसे करेगा काम
चैनल सब्सक्राइबर्स को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर (RMN) पर ओटीपी केजरिए प्रमाणित किया जाएगा।
अगर DPO के पास सब्सक्राइबर का कोई रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर मौजूद नहीं है,तो उसे अपनी टीवी स्क्रीन पर ओटीपी मिलेगा।
इस तरह ऐप से सब्सक्राइबर्स को अपना सब्सक्रिप्शन चेक करने में मदद मिलेगी।
इस तरह कस्टमर अपने अपने डीटीएच या केबल ऑपरेटर के सभी चैनलों और बुके को देख पाएंगे और मनपसंद चैनल का चुनाव कर पाएंगे।
क्या होगा फायदा
चैनल सिलेक्टर ऐप से ग्राहकों को मौजूदा सब्सक्रिप्शन में बदलाव करने की साहूलियत देगा। साथ ही अपनी सब्सक्रिप्शन के रियल टाइम स्टेटस को चेक करने में मदद मिलेगी। इतना ही नहीं, ट्राई चैनल सिलेक्चर ऐप में चैनल ऑप्टिमाइज करके यूजर्स को बेस्ट वैल्यू पैक उपलब्ध कराएगा। मतलब कस्मटर को रीचार्ज की बेस्ट डील मिलेगी।

चीन को नेपाली गांव ‘गिफ्ट’ कर फंसे ओली, अब विपक्षी दलों ने खोला मोर्चा

काठमांडू 
चीन को नेपाली गांव गिफ्ट करने के बाद विवादों में फंसे प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पार्टी में उठ रहे बगावती सुर के बाद अब प्रमुख विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बता दें कि सत्ताधारी नेपाल कम्यूनिस्ट पार्टी के चेयरमैन पुष्प कमल दहल प्रचंड खुलेआम पीएम ओली की आलोचना कर चुके हैं और इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं।

नेपाली कांग्रेस का संसद में प्रस्ताव 

नेपाल की विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस ने संसद के निचले सदन में चीन के अतिक्रमण को रेग्युलेट करने की मांग करते हुए प्रस्ताव दिया है। नेपाली कांग्रेस के सांसद देवेंद्र राज कंदेल, सत्य नारायण शर्मा खनाल और संजय कुमार गौतम ने यह प्रस्ताव पेश किया है। इसके मुताबिक, ‘चीन ने दोलका, हुमला, सिंधुपलचौक, संखूवसाभा, गोरखा और रसूवा जिलों में 64 हेक्टेयर की जमीन पर अतिक्रमण कर रखा है।’ 

चीन पर सीमा पिलर गायब करने, नदियां मोड़ने का आरोप 

पिछले दिनों मीडिया में नेपाल सरकार के कृषि मंत्रालय के सर्वे डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया था कि चीन ने 10 जगहों पर कब्जा कर रखा है। यही नहीं 33 हेक्टेयर की नेपाली जमीन पर नदियों की धारा बदलकर प्राकृतिक सीमा बना दी गई है और कब्जा कर लिया गया है। चीन ने नेपाल के रुई गांव पर कब्जा कर लिया है और कथित तौर पर अतिक्रमण को वैध बनाने के लिए गांव के सीमा स्तंभों को हटा दिया है। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में रुई को लेकर सफाई तो जारी कर दी है लेकिन तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (TAR) में सड़क नेटवर्क के लिए निर्माण के बहाने से जमीन कब्जाने को लेकर कुछ नहीं कहा है। 

नेपाली विदेश मंत्रालय ने किया खंडन 

नेपाली विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इन खबरों का खंडन किया है कि चीन नेपाली गांवों पर कब्जा कर रहा है। बयान में कहा गया है कि जिन खंभों के गायब होने की बात कही जा रही है, वे दरअसल वहां थे ही नहीं। हालांकि, सरकार ने अपने बयान में तिब्बत में नदियों का रास्ता मोड़कर जमीन कब्जाने को लेकर कुछ नहीं कहा है। मंत्रालय ने कहा है कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में नेपाल-चीन सीमा को लेकर अतिक्रमण की बात कही गई है। यह खबरें कृषि मंत्रालय की उस कथित ‘रिपोर्ट’ पर आधारित हैं जिसका मंत्रालय पहले ही खंडन कर चुका है और यह मामला उसके अधिकारक्षेत्र में नहीं आता है। मंत्रालय का कहना है कि नेपाल और चीन के बीच 5 अक्टूबर, 1961 सीमा संधि के तहत सीमांकन किया गया था और प्रोटोकॉल पर दोनों देशों ने हस्ताक्षर किए थे। 

नेपाल बोला- ‘कभी लगे ही नहीं थे खंभे’ 

साथ ही मंत्रालय ने यह सफाई भी दी है कि जिन 37 और 38 नंबर के जिन स्तंभों के गायब होने की बात कही जा रही है, वे दोनों देशों की सहमति पर प्राकृतिक हालात को देखते हुए कभी लगाए ही नहीं गए थे। मंत्रालय का कहना है कि अगर कोई मुद्दा होता है तो नेपाल सरकार संबंधित अधिकारियों से बात करके इसे सुलझा लेगी। मंत्रालय ने मीडिया से संवेदनशील मामला बताते हुए मीडिया से कॉमेंट करने से पहले जानकारी की पुष्टि करने की बात कही ताकि दो दोस्त देशों के बीच संबंधों पर खराब असर न हो।

PM मोदी ने लॉन्च किया UP आत्मनिर्भर अभियान, बोले- योगी ने आपदा को अवसर में बदला

यूपी में आज से आत्मनिर्भर अभियान

पीएम मोदी ने लॉन्च किया अभियान

सवा करोड़ मजदूरों को मिलेगा रोजगार

कोरोना संकट और लॉकडाउन की वजह से करोड़ों मजदूर अपने घरों को वापस लौट आए हैं. अब उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सूबे वापस लौटे मजदूरों को यहां ही काम दिया जा रहा है. शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी सरकार के ‘आत्मनिर्भर यूपी रोजगार अभियान’ की शुरुआत की. प्रदेश सरकार का दावा है कि इस योजना के तहत करीब सवा करोड़ मजदूरों को रोजगार मिलेगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमने अपने जीवन में उतार चढ़ाव देखे हैं, सामाजिक जीवन में कई तरह की कठिनाई आती हैं. किसी ने नहीं सोचा था कि पूरी दुनिया पर एक साथ इतना बड़ा संकट आएगा, ऐसा संकट जिसमें चाहकर भी लोग मदद नहीं कर पा रहे हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि हमें नहीं पता कि इस बीमारी से कब मुक्ति मिलेगी, इसकी अभी एक ही दवाई है दो गज की दूरी. हमारी सरकार ने इस बीच गरीब कल्याण रोजगार अभियान शुरू किया है, इसी के तहत यूपी आत्मनिर्भर अभियान चल रहा है. पीएम बोले कि योगी जी ने आपदा को अवसर में बदला है, इससे लोगों को काफी लाभ होगा.

संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि संकट के वक्त जो साहस दिखाता है, उसे ही सफलता मिलती है. आज जब दुनिया में कोरोना का संकट है, उसमें यूपी ने साहस दिखाया है उसकी तारीफ हो रही है. योगी सरकार का शानदार काम आने वाली पीढ़ियां काम करेंगी. पीएम मोदी ने कहा कि यूपी पर इसलिए भी ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि यूपी कई देशों से बड़ा है.

यूरोप के चार देशों के बराबर यूपी की जनसंख्या

पीएम ने कहा कि यूरोप के अगर इंग्लैंड, फ्रांस, इटली और स्पेन को देखें तो इनका दुनिया में दबदबा है. अगर चारों देशों की कुल जनसंख्या को जोड़ दें तो इनकी जनसंख्या 24 करोड़ है. यहां अकेले यूपी की संख्या 24 करोड़ है. लेकिन इन चार देशों में मिलाकर एक लाख तीस हजार लोगों की मौत हो गई है, लेकिन यूपी में सिर्फ 600 लोगों की जान गई है.

संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि अमेरिका के पास सबकुछ है, लेकिन फिर भी वो कोरोना से काफी हदतक प्रभावित है. अमेरिका की जनसंख्या 33 करोड़ है, वहां अबतक 1 लाख 25 हजार लोगों की मौत हो चुकी है. अगर यूपी में हालात नहीं संभाले जाते तो प्रदेश में 85 हजार लोगों की जान चली जाती.

पीएम मोदी ने कहा कि एक दिन था जब इलाहाबाद के सांसद देश के प्रधानमंत्री थे और कुंभ के मेले में भगदड़ मची थी. तो हजारों लोग मारे गए थे, तब सरकार ने मरने वालों की संख्या छुपाने में सारा जोर लगा दिया था. पीएम ने कहा कि यूपी सरकार ने रिस्क उठाते हुए लाखों मजदूरों को वापस बुलाया. PM ने कहा कि अगर पहले की सरकारें होतीं तो अस्पताल की संख्या का बहाना बना देती.

अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि जब सीएम योगी के पिता का देहांत हुआ तो वो अपने परिवार के पास नहीं गए, बल्कि प्रदेश की सेवा में जुटे रहे. आज यूपी में 60 हजार निगरानी समिति को बना दिया, ताकि लोग जुड़कर काम कर सकें. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज यूपी सरकार ने लाखों मजदूरों को पैसा दिया है, महिलाओं के खाते में पैसा भिजवाया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने की मजदूरों से बात

इस अभियान को लॉन्च करने के दौरान पीएम मोदी ने कई मजदूरों के साथ संवाद किया. पीएम मोदी ने गोंडा की विनिता से बात की, इस दौरान विनिता ने बताया कि उन्होंने कई महिलाओं के साथ मिलकर एक समूह बनाया है. हमें प्रशासन की ओर से सूचना मिली थी जिसके बाद हमने ये काम शुरू किया. इसी के बाद नर्सरी शुरू की और अब एक साल में 6 लाख रुपये की बचत होती है.

इसके अलावा पीएम मोदी ने बहराइच के तिलकराम से बात की, जो खेती करते हैं. पीएम ने कहा कि पीछे बहुत बड़ा मकान बन रहा है, इसके बाद किसान ने कहा कि ये आपका ही है. ये आवास योजना से हमें फायदा मिला. तिलकराम ने बताया कि पहले झोपड़ी में थे लेकिन अब मकान बन रहा है तो परिवार काफी खुश हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि आपको मकान मिला है, लेकिन मुझे क्या दोगे. जवाब में किसान ने कहा कि हम दुआ करते हैं कि आप पूरी जिंदगी पीएम रहें. पीएम मोदी ने कहा कि आप हर साल मुझे चिट्ठी लिखें और बच्चों की पढ़ाई के बारे में बताएं.

पीएम मोदी ने कुर्बान अली से पूछा कि इस बार मुंबई से वापस आकर रमजान घर में मनाया होगा, हालांकि मजदूर ने कहा कि वह कुछ ही दिन यहां बिता पाए. कुर्बान अली ने बताया कि हमें गांव में ही राजमिस्त्री का काम मिल गया है.

पीएम मोदी ने गोरखपुर के एक व्यक्ति से बात की, उन्होंने कहा कि आप अहमदाबाद में थे जो मेरा घर है. पीएम मोदी ने कहा कि अहमदाबाद तो बढ़िया है, वापस क्यों आ गए. जवाब में मजदूर ने कहा कि कंपनी ही बंद हो गई थी, अब गोरखपुर आकर उन्होंने डेयरी खोलने के लिए लोन लिया है. संतकबीर नगर एक व्यक्ति से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग नीचे से शुरू करते हैं, वो आगे बढ़ते हैं. जिनको विरासत में मिलता है, वो तो लुढ़क जाते हैं.

इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना संकट में देश को पीएम मोदी ने देश को मंत्र दिया. अब कामगार और श्रमिकों के लिए जिन योजनाओं को आगे बढ़ाने का मार्गदर्शन दिया था, अब रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है.

यूपी सीएम ने कहा कि हमने प्रदेश में जितने भी प्रवासी श्रमिक आए हैं, 18 साल से कम बच्चों को छोड़कर लगभग 30 लाख मजदूरों की स्किल मैपिंग की गई है. इससे इन मजदूरों को काम देने में आसानी मिलेगी.

चीन की दादागीरी रोकने को एशिया में अपनी सेना भेजेगा अमेरिका

नई दिल्ली 
चीन की एशिया में बढ़ती दादागीरी के खिलाफ अमेरिका ने कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है। अमेरिका ने यूरोप से अपनी सेना हटाकर एशिया में तैनात करने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत वो जर्मनी से करने जा रहा है। माना जा रहा है कि अमेरिका जर्मनी में तैनात 52 हजार अमेरिकी सैनिकों में से 9,500 सैनिकों को एशिया में तैनात करेगा। अमेरिका यह कदम ऐसे समय उठा रहा है कि जब चीन ने भारत में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी है, तो दूसरी ओर वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलिपीन और साउथ चाइना सी में खतरा बना हुआ है।
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ ने चीन को भारत और दक्षिणपूर्व एशिया के लिए खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि भारत, मलेशिया, इंडोनेशिया, और फिलीपीन जैसे एशियाई देशों को चीन से बढ़ते खतरे के मद्देनजर अमेरिका दुनिया भर में अपने सैनिकों की तैनाती की समीक्षा कर उन्हें इस तरह से तैनात कर रहा है कि वे जरुरत पड़ने पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (चीन की सेना) का मुकाबला कर सकें। पोम्पिओ ने जर्मन मार्शल फंड के वर्चुअल ब्रसेल्स फोरम 2020 में एक सवाल के जवाब में यह कहा। 

तैनाती ऐसी हो कि पीएलए का मुकाबला कर सकें 
पोम्पिओ ने कहा कि हम तय करेंगे कि हमारी तैनाती ऐसी हो कि पीएलए का मुकाबला किया जा सके। हमें लगता है कि यह हमारे समय की यह चुनौती है और हम सुनिश्चित करेंगे कि हमारे पास उससे निपटने के लिए सभी संसाधन उचित जगह पर उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर सैनिकों की तैनाती की समीक्षा की जा रही है और इसी योजना के तहत अमेरिका, जर्मनी में अपने सैनिकों की संख्या करीब 52 हजार से घटाकर 25 हजार कर रहा है। 

‘कम्युनिस्ट पार्टी है खतरा’ 

पोम्पिओ ने कहा कि सैनिकों की तैनाती जमीनी स्थिति की वास्तविकता के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर अमेरिकी संसाधन कम रहेंगे। कुछ अन्य जगह भी होंगे… मैंने अभी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से खतरे की बात कही है, इसलिए अब भारत को खतरा, वियतनाम को खतरा, मलेशिया, इंडोनेशिया को खतरा, दक्षिण चीन सागर की चुनौतियां हैं। अमेरिका ने खतरों को देखा है और समझा है कि साइबर, इंटेलिजेंस और मिलिट्री जैसे संसाधनों को कैसे बांटा जाए। 

कहां तैनात हो सकती है अमेरिकी सेना 

सूत्रों की मानें तो अमेरिका हिन्द महासागर स्थित सैन्य ठिकाने डियोगार्शिया पर पहली बार में 9500 सैनिकों को तैनात करेगा। इसके अलावा ताइवन भी अपने यहां सैना तैनाती के लिए जगह दे सकता है। बता दें कि अमेरिका के सैन्य ठिकाने जापान, दक्षिण कोरिया, डियोगार्शिया और फिलीपींस में है।