आपातकाल में लोकतंत्र को छलनी किया था श्रीमती गाँधी ने – धैर्यवर्धन

मनपुरा मे मीसाबन्दी पर व्याख्यान दिया धैर्यवर्धन ने

हजारों लाखों लोगों के वलिदान से बमुश्किल् प्राप्त हुई स्वतन्त्रता से प्राप्त बेशक कीमती आंतरिक लोकतंत्र को आज से 45 साल पहले ग्रहण लगा था । श्रीमती इंदिरा गाँधी ने न केवल मीडिया की सेन्सरशिप लागू की बल्कि एक लाख से अधिक लोगों को जेल मे डाला । भोंती मंडल के ग्राम मनपुरा मे भाजपा द्वारा आयोजित अपातकाल स्मृति दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए धैर्यवर्धन ने उपरोक्त बात कही । बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष बिहारी गुप्ता ने की । कार्यक्रम मे उपस्थित भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने भी अपने विचार रखे ।
जब इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा इंदिरा गाँधी के चुनाव को अवैध घोषित किया तब तत्कालीन प्रधानमंत्री ने पच्चीस जून को अपने राजनैतिक प्रतिद्वन्दियो को निर्ममता से दमन किया । बैङ्ग्लोर में सरकारी काम से गए सांसद अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी को वही गिरफ्तार कर लिया । राजमाता विजयाराजे सिंधिया , जय प्रकाश नारायण, मधु लिमये , जय प्रकाश नारायण आदि को गिरफ्तार करा दिया गया था ।
वरिष्ठ भाजपा नेता धैर्यवर्धन ने कहा कि उन्नीस् महीने तक जेल मे बंद रहे लोग और उनके परिजन नहीं जानते थे कि वे कभी जेल से बाहर आ सकेङ्रे । जबरन नसबंदी करने के नाम पर देश मे भय व्याप्त हो गया था ।
गोष्ठी के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नद्धा जी को भी सभी कार्यकर्ताओं द्वारा तल्लीन् होकर सुना गया ।
मनपुरा मे आयोजित कार्यक्रम मे रमेश कुमार लोधी, पुष्पेंद्र परिहार,शिवम शर्मा, चन्द्रभान् सिंह लोधी, हनुमंत सिंह लोधी, दीपक कुमार गुप्ता, हैप्पी गुप्ता, संतोष कुमार मिश्रा, राम प्रकाश गुप्ता, रूप सिंह परिहार, कृष्णा लोधी, नाथूराम कुशवाह, हरी राम लोधी, धर्मेन्द्र लोधी आदि उपस्थित थे ।


महिला की सोते समय पीट पीट कर हत्या

ग्वालियर
ग्वालियर थाना इलाके के न्यू कृष्णा कॉलोनी में देर रात एक महिला की सोते समय पीट पीट कर हत्या कर दी गई घटना की जानकारी सुबह परिजनों के उठने पर चली इसके बाद पुलिस को मौके पर बुलाया गया पुलिस ने हत्या का मर्ग कायम कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

  ग्वालियर थाना इलाके के मेवाती मोहल्ला स्थित न्यू कृष्णा कॉलोनी में बुधवार की सुबह समय हड़कंप मच गया जब घर में सो रही एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली है बताया गया कि मृतिका तारा देवी उर्फ रेणु के पहले पति की मौत हो चुकी है और उसका दूसरा पति अभी किस मामले में जेल में बंद है रात में महिला मकान के निचले हिस्से में सोने के लिए गई थी और पहली मंजिल पर उसका बेटा और बहू सो रहे थे सुबह जब यह लोग सो के नीचे उतरे तो महिला लहू लुहान अवस्था में मिली जिसके बाद मामले की  जानकारी इलाके की पुलिस को दी गई मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्रित कर जांच पड़ताल प्रारंभ कर दी है। पुलिस इसे हत्या का मामला मानकर चल रही है और मृतक महिला के आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

अपने ही ट्वीट पर बुरे फंसे मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, देनी पड़ी सफाई

भोपाल । कभी-कभी अपना ही दांव उल्टा पड़ जाता है। ट्विटर के खेल में मप्र कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी बुरे फंस गए हैं। एक ट्वीट के बाद वे नारी शक्ति के अपमान के आरोपों से घिर गए हैं। वह ट्विटर पर ट्रोल होने लगे तो भाजपा ने मुद्दा लपक लिया। अब पटवारी ट्वीट पर सफाई देने में जुटे हैं। उनके समर्थक बचाव की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन पर हमले की रफ्तार तेज हो गई है।

ट्विटर पर खुद को कांग्रेस का सिपाही लिखने वाले पटवारी ने बुधवार को ट्वीट किया ‘पुत्र के चक्कर में पांच पुत्री पैदा हो गईं। 1. नोटबंदी, 2. जीएसटी, 3. महंगाई, 4. बेरोजगारी और 5. मंदी।’ इसके बाद तो उन्हें बेटी विरोधी बताने की बाढ़ आ गई। उनसे ट्वीट डिलीट करने की मांग उठने लगी।

ट्विटर पर नारी शक्ति विरोधी करार दिए जाने के दो घंटे बाद ही जीतू पटवारी को अपनी चूक का अहसास हुआ। उन्होंने सफाई देने के अंदाज में लिखा ‘जहां तक बेटियों की बात की है तो वो देवीतुल्य हैं। विकास की अपेक्षा के साथ मैंने एक ट्वीट किया है, जिसे भाजपा अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए उपयोग कर रही है। मैं अब भी कह रहा हूं कि विकास का पूरे देश को इंतजार है।’ इस सफाई के बाद उन पर हमला और तेज हो गया। उनसे माफी मांगने की मांग उठने लगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मारिया शकील के ट्वीट को री-ट्वीट किया। मारिया ने महिलाओं के सम्मान की नसीहत के साथ जीतू को आइना दिखाया कि आपकी पार्टी की अध्यक्ष एक महिला हैं और इस तरह की टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हैं।

बाद में शिवराज सिंह चौहान ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मैडम सोनिया गांधी आपको जवाब देना होगा। वे बोले कि कांग्रेस की यही विकृत मानसिकता है, जिसने नैना साहनी को टुकड़े-टुकड़े कर तंदूर में जलवाया। सरला मिश्रा और प्रीति श्रीवास्तव की मौत का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि कांग्रेस कब तक बेटियों का अपमान करती रहेगी।

शिवराज ने याद दिलाया कि मैडम सोनिया गांधी ट्वीट करने वाला नेता वही है, जो आपके बेटे को मोटर साइकिल पर घुमाता है। इस नेता को ऐसे कृत्य के लिए पार्टी से बाहर करो या देश की जनता से माफी मांगो। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश जब वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान को याद कर रहा है। तब यह ट्वीट करना देश की आधी आबादी का अपमान है। क्या अपमानित करने का हक सोनिया गांधी ने इस नेता को दिया है।

Corona Updates: देश में पहली बार एक दिन में आए करीब 17 हजार नए मामले, अबतक करीब 15 हजार की मौत

कोरोना से भारत में प्रति एक लाख आबादी में एक व्यक्ति की मौत हो रही है, जबकि इसका वैश्विक औसत 6.04 है. देश में लगातार दूसरे दिन संक्रमण के 15 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं.

नई दिल्ली: देश में आज पहली बार कोरोना संक्रमितों की संख्या एक दिन में 17 हजार के करीब बढ़ी है. लगातार दूसरे दिन 15 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं. पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के रिकॉर्ड 16 हजार 922 नए मामले आए और 418 लोगों की मौत हुईं है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में अबतक 4 लाख 73 हजार 105 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. इसमें से 14,894 की मौत हो चुकी है, जबकि दो लाख 71 हजार लोग ठीक भी हुए हैं.

दुनिया में चौथा सबसे प्रभावित देश कोरोना संक्रमितों की संख्या के हिसाब से भारत ने दुनिया का चौथा सबसे प्रभावित देश है. अमेरिका, ब्राजील, रूस के बाद कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में भारत चौथे स्थान पर आ गया है. भारत से अधिक मामले अमेरिका (2,462,554), ब्राजील (1,192,474), रूस (606,881) में हैं. वहीं भारत में मामले बढ़ने की रफ्तार दुनिया में तीसरे नंबर पर बनी हुई है. अमेरिका और ब्राजील के बाद एक दिन में सबसे ज्यादा मामले भारत में दर्ज किए जा रहे हैं.

पाकिस्तान अब भी आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह, वहां आतंकी गुटों की हिफाजत करती है सरकार

वॉशिंगटन. अमेरिकी विदेश मंत्रालय की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान अब भी आतंकियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है। बुधवार को यह रिपोर्ट संसद के सामने पेश की गई। इसके मुताबिक, अफगानिस्तान में हमलों के लिए जिम्मेदार तालिबान को पाकिस्तान का समर्थन जारी है। यहां हक्कानी नेटवर्क, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन खुलेआम काम कर रहे हैं।

अफगानिस्तान और भारत को खतरा
‘कंट्री रिपोर्ट ऑन टेरेरिज्म 2019’ में कहा गया है- पिछले साल पाकिस्तान ने आतंकी संगठनों को मिलने वाली फंडिंग और इन्हें काबू करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। फरवरी में आतंकी गुटों ने भारत के पुलवामा में बड़ा हमला किया था। पाकिस्तान अब तक उन टेरर ग्रुप्स के खिलाफ सख्ती दिखाने में नाकाम रहा है जो भारत और अफगानिस्तान के लिए खतरा हैं।

एक्शन प्लान पर काम करे पाकिस्तान

रिपोर्ट में आगे कहा गया है- 2015 में पाकिस्तान ने आतंकियों पर कार्रवाई के लिए एक्शन प्लान बनाया था। इसमें कहा गया था कि हर संगठन को खत्म किया जाएगा। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ। मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर दिखावे की कार्रवाई हुई। लेकिन, जैश के सरगना मसूद अजहर और साजिद मीर अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। इनकी हिफाजत सरकार ही कर रही है।

मदरसों का रजिस्ट्रेशन ही नहीं

पाकिस्तान में मदरसों का कट्टरता का गढ़ माना जाता रहा है। रिपोर्ट में इसका जिक्र है। इसके मुताबिक- 2015 के एक्शन प्लान में कहा गया था कि मदरसों पर सरकार नजर रखेगी। इनके लिए नियम बनाए जाएंगे। लेकिन, हकीकत यह है कि अब तक कई मदरसों का रजिस्ट्रेशन ही नहीं किया गया। मदरसे ये भी नहीं बताते कि उन्हें फंडिंग कहां से मिलती है। यहां जो विदेशी आते हैं, उनके वीजा और बाकी जांच भी नहीं की जाती।

MP में दिग्विजय सिंह समेत 150 कांग्रेसियों के खिलाफ FIR, यहां जानें क्या है मामला

भोपाल. मध्य प्रदेश में उपचुनाव से पहले सियासत चरम पर है. इस बीच नेताओं पर एफआईआर दर्ज कराने के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं. ताजा मामला प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से जुड़ा है. दिग्विजय सिंह समेत कांग्रेस के 150 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. कोरोना महामारी के नियमों के उल्लंघन के आरोप में इनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सोशल ि‍डिस्‍टेंसिग के प्रावधानों के उल्‍लंघन का भी आरोप लगाया गया है.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और 150 अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ 341, 188, 143, 269, और आईपीसी की धारा 270 के तहत मामला दर्ज किया गया है. दिग्विजय सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बीते 24 जून को भोपाल में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में एक साइकिल रैली निकाली थी. इस रैली के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है.

लगातार बढ़े रहे दाम

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश समेत पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. लगातार 19वां दिन पेट्रोल और डीजल के दामों में इजाफा हुआ है. 24 जून को पेट्रोल को छोड़ डीजल के दाम बढ़े थे. गुरुवार को भी दोनों के दामों में फिर इज़ाफा हो गया. भोपाल में 19वें दिन पेट्रोल में प्रति लीटर 16 पैसे की बढ़ोतरी की गई, जबकि डीजल के दाम 13 पैसे बढ़े. भोपाल में पेट्रोल अब ₹90 प्रति लीटर के करीब पहुंचता हुआ दिखाई दे रहा है. इससे आज के दाम प्रति लीटर ₹87 55 पैसे हो गए हैं. डीजल प्रति लीटर 79 46 पैसे हो गया है.18 दिन में डीजल के दाम 18 बार बढ़कर ₹11.19 पैसे तक की वृद्धि कर चुके हैं.

भारत को तेवर दिखा रहे ओली चीन पर खामोश, नेपाल में उठे सवाल

सीमा विवाद पर भारत को आक्रामक तेवर दिखाने वाली नेपाल की ओली सरकार चीन पर बिल्कुल खामोश है. हालांकि, नेपाल के विपक्षी दल नेपाली जमीन पर चीन के कब्जे को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं. दरअसल, एक दिन पहले ही नेपाल के सर्वे विभाग की ओर से ही एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें चीन के अतिक्रमण को लेकर आगाह किया गया है.

नेपाल के मुख्य विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के सांसदों ने प्रतिनिधि सभा में एक संकल्प प्रस्ताव दर्ज कराया है. इस प्रस्ताव में सरकार से चीन द्वारा अतिक्रमित और कब्जा की गई नेपाली भूमि को वापस करने और अतिक्रमित भूमि की स्थिति के बारे में संसद को सूचित करने के लिए कहा गया है.

नेपाली कांग्रेस के सांसद देवेंद्र राज कंडेल, सत्यनारायण शर्मा खनाल और संजय कुमार गौतम ने बुधवार को प्रतिनिधि सभा सचिवालय में संयुक्त रूप से प्रस्ताव दर्ज किया. प्रस्ताव में कहा गया है कि नेपाल और चीन के बीच 1414.88 किलोमीटर की सीमा है. इन सीमाई इलाकों के कई भूभाग पर चीन द्वारा अतिक्रमण किया गया है.

संकल्प पत्र में बताया गया है कि सीमा पर लगे 98 पिलर को नष्ट कर चीन ने नेपाल के भूभाग पर कब्जा किया है जिसे न्यूज चैनलों में भी प्रमुखता से दिखाया जा रहा है. सरकार चीन के कब्जे वाले नेपाल के भूभाग को वापस लाने के लिए किए गए प्रयासों से सदन को अवगत कराए. साथ ही, इन इलाकों की स्थिति और वास्तविक अतिक्रमित प्रदेशों और गांवों के बारे में भी सदन को जानकारी दे.

गोरखा, सोलुखुम्बु, दारचुला, दोलखा, हुमला सहित कई अन्य जिलों में चीन द्वारा अतिक्रमण किया गया है. इसी तरह, नेपाल और चीन को अलग करने वाले स्तंभ को भी लापता बताया गया है. गोरखा जिले के रूई गांव को तो चीन ने तिब्बत में ही मिला लिया है. संकल्प पत्र में कहा गया है कि चीन ने नेपाल की 64 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा किया है.

बता दें कि नेपाल के कृषि मंत्रालय के सर्वे विभाग ने एक रिपोर्ट तैयार की है. इसमें कहा गया है कि चीन तिब्बत में सड़क निर्माण के बहाने नेपाली जमीन पर अतिक्रमण करने में लगा हुआ है और वह भविष्य में नेपाल के इन इलाकों में सैन्य चौकियां भी बना सकता है. 

सर्वे विभाग के मुताबिक, चीन नदियों के बहाव को मोड़कर नेपाल-चीन की प्राकृतिक सीमा को बदलने की कोशिश कर रहा है. रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन ने निर्माण कार्य के बहाने नेपाल के कई इलाकों पर कब्जा कर लिया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की सरकार कथित तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (टीएआर) में सड़क नेटवर्क का विस्तार कर रही है जिसकी वजह से कई नदियों और सहायक नदियों का रास्ता बदल गया है. ये नदियां अब नेपाल की तरफ बहने लगी हैं जिसकी वजह से नेपाली भू-भाग घटता जा रहा है. रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर ये सब कुछ और वक्त के लिए जारी रहा तो नेपाल का अधिकतर हिस्सा तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में चला जाएगा.

1960 के सर्वे के बाद और चीन के साथ सीमा निर्धारित करने के लिए कुछ स्तंभ बनाने के बाद नेपाल ने अपनी सीमा सुरक्षा के लिए कोई कदम आगे नहीं बढ़ाया. चीन के साथ लगी सीमा पर नेपाल ने 100 स्तंभ बनाए गए थे. जबकि भारत के साथ नेपाल की सीमा पर 8553 खंभे हैं. सवाल ये है कि क्या नेपाल की सरकार अब भी चीन पर आंख मूंदकर भरोसा करेगी या सच्चाई को स्वीकार कर कुछ कदम आगे बढ़ाएगी?

वित्त मंत्री के ट्वीट के बाद हुई कार्रवाई,कॉन्स्टेबल ने महिला बैंक कर्मचारी को पीटा था 

अहमदाबाद,

पासबुक में एंट्री को लेकर दो लोग बैंक कर्मचारी से बहस कर रहे थे. बहस करने वाले में से एक ने अपने चेहरे पर मास्क पहन रखा था, जबकि दूसरा बिना मास्क था. ये शख्स सूरत के सरथाना पुलिस थाने का पुलिसकर्मी घनश्याम आहिर था.

पुलिस कॉन्स्टेबल ने की महिला बैंक कर्मचारी के साथ मारपीटशिकायत करने थाने पहुंची महिला कर्मचारी को नहीं मिली मदद

गुजरात के सूरत के सारोली इलाके में एक पुलिस कॉन्स्टेबल पर बैंक के अंदर महिला बैंक कर्मचारी से मारपीट करने का आरोप लगा है. ये मामला केनरा बैंक का है. बैंक के अंदर हुई इस घटना पर केनरा बैंक ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ट्विटर पर टैग कर मदद मांगी. जवाब में वित्त मंत्री ने ट्वीट कर सूरत के पुलिस कमिश्नर राजेंद्र ब्रह्मभट्ट से कार्रवाई करने को कहा और कॉन्स्टेबल को संस्पेंड करने की बात कही.

दरअसल, पासबुक में एंट्री को लेकर दो लोग बैंक कर्मचारी से बहस कर रहे थे. बहस करने वाले में से एक ने अपने चेहरे पर मास्क पहन रखा था, जबकि दूसरा बिना मास्क था. ये शख्स सूरत के सरथाना पुलिस थाने का पुलिसकर्मी घनश्याम आहिर था.

बैंक कर्मचारी और पुलिसकर्मी के बीच हो रही बहस का वीडियो बैंक की महिला कर्मचारी अपने मोबाइल से शूट कर रही थी. इसकी भनक जैसे ही सिविल ड्रेस में खड़े पुलिसकर्मी को लगी वो बैंक के प्रतिबंधित इलाके में जबरन घुस गया और महिला बैंक कर्मचारी का मोबाइल छीन उसके साथ मारपीट भी की.

महिला बैंक कर्मचारी जब पुलिसकर्मी की इस हरकत की शिकायत करने क्षेत्रीय पूना पुलिस थाने पहुंची तो वहां उसकी सुनवाई नहीं हुई. इसके बाद केनरा बैंक ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को टैग कर ट्वीट किया.

इस मामले में वित्त मंत्री ने सूरत पुलिस कमिश्नर से बात की और ट्वीट किए. वित्त मंत्री के दखल के बाद सूरत पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी पुलिसकर्मी को सस्पेंड किया.

सूरत पुलिस के डीसीपी प्रशांत सुम्बे का कहना है कि बैंक के भीतर सिविल ड्रेस में घुसे पुलिसकर्मी घनश्याम आहिर ने जिस तरह से महिला बैंक कर्मी संतोषी कुमारी के साथ मारपीट की वो वीडियो में देखा जा सकता है.

ट्रंप की नई इमिग्रेशन पॉलिसी का जोरदार विरोध, USIBC ने कहा- H-1B वीज़ा पर रोक लगाने से अमेरिका को होगा नुकसान


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रवासी कामगारों के लिए वीज़ा नियम बदलने की दिशा में H-1B वीज़ा पर रोक लगाने के फैसले का चारों ओर विरोध हो रहा है. अमेरिका के एक बड़े बिजनेस एडवोकेसी ग्रुप ने कहा कि ट्रंप के इस फैसले से अमेरिका और इसकी अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा. 

USIBC और चैंबर ऑफ कॉमर्स ने किया विरोधकहा- अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर होगा असरट्रंप ने वर्क वीज़ा पर 31 दिसंबर तक के लिए लगाई है रोक

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के  वीज़ा नियम बदलने  के फैसले का चारों ओर विरोध हो रहा है. अमेरिका के एक बड़े बिजनेस एडवोकेसी ग्रुप ने कहा कि ट्रंप के इस फैसले से अमेरिका और इसकी अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा. US India Business Council (USIBC) की अध्यक्ष निशा देसाई बिस्वाल ने कहा कि यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है. बता दें कि इस हफ्ते ट्रंप ने एक घोषणापत्र जारी कर भारतीय IT प्रोफेशनल्स के बीच मांग वाले H-1B वीज़ा के साथ-साथ दूसरे ऐसे ही प्रवासियों के लिए जारी किए जाने वाले वर्क वीज़ा पर इस साल के अंत तक रोक लगा दी है. ट्रंप ने कहा कि उनका यह फैसला लाखों अमेरिकियों के हित में है, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के बीच अपना रोजगार खो दिया है. हालांकि US Chambers of Commerce और USIBC ने इस फैसले का विरोध किया है. 

बिस्वाल ने कहा, ‘मुझे लगता है कि सालों से H-1B वीज़ा और L-1 वीज़ा के तहत अमेरिका आने वाले कुशल कामगारों और प्रवासियों की बदौलत अमेरिका को बहुत फायदा हुआ है. इन वर्क वीज़ा की वजह से प्रतिभावान लोगों को अमेरिका आने का मौका मिला है और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में मदद करने का मौका मिला है.’

‘बाहर जाएंगी नौकरियां’

उन्होंने कहा कि H-1B वीज़ा के तहत वर्कर्स को नौकरी पर रखने वाली बहुत सारी कंपनियां ट्रेनिंग प्रोग्राम चला रही हैं, जिसके अमेरिकी वर्कर्स को इन नौकरियों के लिए जरूरी स्किल सीखने में मदद मिलेगी लेकिन इस वीज़ा प्रोग्राम पर रोक लगाने से इन अमेरिकी वर्कर्स को दक्ष बनाने में बाधा आएगी, जिससे कि उन्हें नौकरी मिलने में मुश्किल होगी. देसाई ने कहा, ‘इन कंपनियों के सामने चुनौती यह है कि उन्हें काम कराना है, ऐसे में अगर यहां टैलेंट नहीं मिलेगा तो आईटी सर्विस देने वाली या इस टैलेंट को इस्तेमाल करने वाली ये जो कंपनियां हैं, वो बाहर नौकरी देने लगेंगी.’

उन्होंने यह भी कहा कि बहुत सारे दूसरे देश हैं, जो अमेरिका से इस मामले में कॉम्पटीशन कर रहे हैं और वो इस टैलेंट को अपने लिए इस्तेमाल करना चाहेंगे, जिसका सीधा नुकसान अमेरिका का होगा.

‘रोजगार कम पैदा होंगे’

बता दें कि अमेरिकी कॉरपोरेट जगत का मानना है कि ट्रंप सरकार के इस फैसले से वहां विदेशी निवेश और आर्थिक गतिविधियों को चोट पहुंचेगी और इससे रोजगार भी कम पैदा होंगे. अमेरिका चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के CEO थॉमस डोनह्यू ने कहा, ‘हमारे देश की आव्रजन नीति में प्रतिबंधात्मक बदलाव करने से हमारे निवेश और विदेशों में आर्थिक गतिविधियों पर दबाव पड़ेगा. यह वृद्धि को धीमा करेगा और नौकरियों के सृजन में कमी लाएगा.’

उनके अलावा कुछ अमेरिकी सांसदों ने भी इसका विरोध किया है. अमेरिकी सांसदों ने कहा है कि एच1-बी वीजा और अन्य गैर आव्रजक वीजा के अस्थायी निलंबन से एशिया के कुशल कामगारों के साथ-साथ उन अमेरिकी कारोबारों को नुकसान होगा, जो प्रवासी कामगारों पर निर्भर करते हैं.