भारत की जमीन पर चीन का कोई कब्जा नहीं, सैटेलाइट की तस्वीरें दे रही हैं गवाही

चीनी सेना ने एलएसी के पार बफर जोन या नौ मैंस लैंड में भारत के साथ धोखा जरूर किया जिसका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया.

नई दिल्ली: चीन के साथ तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत की जमीन पर किसी कब्जा नहीं है और न ही कोई घुसपैठ हुई थी. अब सैटेलाइट तस्वीरें भी इस बात की गवाही दे रही हैं कि भारत की जमीन पर किसी तरह की कोई घुसपैठ नहीं हुई थी.

चीनी सेना ने एलएसी के पार बफर जोन या नौ मैंस लैंड में भारत के साथ धोखा जरूर किया जिसका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया. लेकिन एलएसी के इस पार हिंदुस्तान की सरहद में चीनी सेना कभी नहीं आई. गलवान घाटी में भारत की जमीन पूरी तरह से महफूज है.

सूत्रों के हवाले से जो सैटेलाइट की तस्वीरें मिली हैं वो 6 मई से लेकर 18 जून तक के बीच की हैं. हर तस्वीर ये बात साफ हो रही है कि कैसे चीन से साजिश को अंजाम दिया? चीन ने गलवान नदी के पानी को रोका. फिर उसको डायवर्ट किया. इसके बाद जब नदी सूख गई तो उस वैली का इस्तेमाल करते हुए वो एलएसी के नजदीक आने लगा. एलएसी के नजदीक आने के बाद चीन ने वहां पर टेंट लगा दिए. यानी चीनी सेना ने भारत के साथ समझौते का उल्लंघन किया. इस समझौते के तहत एलएसी के पास किसी तरह भी तरह के सैनिक जमावड़े और निर्माण न करने के समझौते का चीन ने उल्लंघन किया.

टेंट लगाने के बाद उसने भारी हथियार इकट्ठे कर लिए. चीन ने नियमों का उल्लंघन करते हुए अक्साई चिन (भारत का इलाका जिस पर चीन ने अवैध कब्जा किया हुआ है) में चीन ने अपना बिल्ट अप किया. इसी को रोकने के लिए जब 14 जून की रात साझा सहमति के बाद जब भारत के सैनिक टेंट उखाड़ने पहुंचे थे तब उसके बाद झड़प हुई थी जिसमें 40 चीनी सैनिक मारे गए. इस झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए.

चीन ने भारी मशीनरी के जरिए 24 अप्रैल और 18 जून के बीच गलवान नदी का वाटर फ्लो रोक दिया. इसके बाद घाटी सूख गई और चीनी सेना के लिए गलवान नदी के पास एलएसी पहुंचा आसान हो गया.

विरोध-प्रदर्शन / भोपाल में पेट्रोल-डीजल की मूल्य वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल प्रदर्शन; दिग्विजय सिंह ने साइकिल चलाई

भोपाल. मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की मूल्य वृद्धि के खिलाफबुधवार को कांग्रेस ने हल्लाबोल प्रदर्शन किया। इंदौर में पूर्व जीतू पटवारी तो भोपाल में राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मोर्चा संभाला। उज्जैन में कांग्रेसी कार्यकर्ता बैलगाड़ी से निकले और विरोध जताया। जबलपुर में कांग्रेस और सेवादल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपकर पेट्रोलियम पदार्थों के दाम वापस लेने की मांग की।

देश के साथ मध्य प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत लगातार बढ़ रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक दिन पहले कहा था कि कांग्रेस सड़क पर उतरेगी।इधर, लॉकडाउन का हवाला देकर प्रदेश में सभी जिलों में विरोध-प्रदर्शन में सिर्फ10 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी गई थी। लेकिन, हर जगह सैकड़ों की तादाद में लोग शामिल हुए और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गईं।

दिग्विजय सिंह रोशनपुरा चौराहे से साइकिल में निकले। उनके साथ सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे।

बुधवार को न्यू मार्केट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह साइकिल से निकले और विरोध-प्रदर्शन किया। उनके साथ सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय नेता साइकिल पर सवार होकर निकले। कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता सुबह से इकट्ठे होने लगे थे। प्रदर्शन को लेकर उनमें काफी उत्साह था। दिग्विजय सिंह रोशनपुरा चौराहे से साइकिल परसवार होकर निकले। उन्होंने थोड़ी दूर साइकिल चलाई, इसके बाद पैदल निकले और 74 बंगले स्थित मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास पर ज्ञापन सौंपा।

दिग्विजयने कहा कि आज जब तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमतें 40 डाॅलर प्रति बैरल हैं, तब हमारे यहां डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं। पेट्रोल के दाम 87रुपए से ज्यादा और डीजल के 78 रुपए से ज्यादाहो गया है। 15 दिन में 10 रुपए दाम बढ़े हैं।ऐसा क्यों है। पेट्रोलियम पदार्थों मेंमूल्य वृद्धि को सरकार वापस ले।

पेट्रोलियम पदार्थों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।

जबलपुर: सिविक सेंटर में जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता

जबलपुर में पेट्रोल डीजल की मूल्य वृद्धि के खिलाफकांग्रेस ने विरोध-प्रदर्शन किया। यहां कांग्रेसी सिविक सेंटर में धरने पर बैठ गए और पेट्रोल- डीजल पर मूल्य वृद्धि वापस लेने की मांग की।

गृहमंत्री मिश्रा ने दिग्विजय के प्रदर्शन को राजनीतिक ड्रामा बताया

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर पलटवार किया।कहा-उनके पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर साइकिल से मुख्यमंत्री निवास जाकर ज्ञापन देना ‘ड्रामा’ से ज्यादा कुछ नहीं है। मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में डीजल-पेट्रोल के दामों में पांच रुपए कम करने की बात की, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, बल्कि दो रुपए बढ़ा दिए।

उनकी हमारी सोच में अंतर, उन्हें माफी मांगनी चाहिए

मिश्रा ने कहा कि उनकी और हमारी सोच में अंतर हैं। वह दो रुपए बढ़ाकर आइफा अवाॅर्ड जैसे आयोजन में खर्च कर रहे थे, जबकिअगर हमने दो रुपए बढ़ाए हैं, तो इनपैसों को हम कोरोना के उपचार में लगाएंगे। उन्होंने कहा कि सिंह असत्य बोलकर जनताका ध्यान भटका रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिंह कोसाइकिल से ज्ञापन देने जाने से पहले प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए कि हमनेपेट्रोल-डीजल के दाम कम करने को बोला था और नहीं किया।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा- जल्द होगा मंत्रिमंडल विस्तार , आला नेताओं से चर्चा जारी

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश में जल्दी ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। बुधवार को उन्होंने इस मामले में प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत से विस्तार विस्तार से चर्चा की है। अब आगे की बातचीत दिल्ली में होगी।

माना जा रहा है कि अगर सबकुछ ठीक रहा तो मध्य प्रदेश में इसी हफ्ते मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। मंत्रिमंडल के नामों को लेकर आज फिर सीएम शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के बीच बातचीत हुई है। मंत्रालय में हुई इस बैठक में संगठन के महामंत्री सुहास भगत भी मौजूद रहे। यह भी माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश के राज्यपाल का प्रभार किसी अन्य राज्यपाल को दिया जाएगा, इसके बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार हो सकेगा।

सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा जल्द मंत्रिमंडल विस्तार करने की बात कहने के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर हलचल शुरू हो गई है। मंत्रिमंडल में इस बार किसे जगह मिलेगी और कौन इसमें भी बाहर रहेगा यह तो आने वाला वक्त बताएगा। माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में उन इलाकों के चेहरे भी शामिल हो सकते हैं, जहां उपचुनाव होने वाले हैं।

चीन ने अब 33 हेक्‍टेयर नेपाली जमीन पर किया कब्‍जा, ड्रैगन की चाल से डरने लगा नेपाल

काठमांडू 
लद्दाख में भारतीय सरजमीं पर नजरे गड़ाए बैठे चीन ने अब नेपाल की जमीन पर भी कब्‍जा करना शुरू कर दिया है। नेपाल के कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक देश के कुल 10 जगहों पर चीन ने कब्‍जा कर लिया है। यही नहीं पेइचिंग ने 33 हेक्टेयर की नेपाली जमीन पर नदियों की धारा बदलकर प्राकृतिक सीमा बना दी है और कब्जा कर लिया है। भारत के बातचीत के ऑफर के बाद भी विवादित नक्‍शा जारी करने वाली नेपाल की कम्‍युनिस्‍ट सरकार ने अपने आका चीन के इस नापाक कदम पर चुप्‍पी साध रखी है, वहीं विपक्ष को अब ड्रैगन का डर सताने लगा है। 
विपक्षी नेपाली कांग्रेस के उपाध्‍यक्ष और देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री बिमलेंद्र निधि ने आरोप लगाया है कि चीन जबरन नेपाल की जमीन पर कब्‍जा कर रहा है। उन्‍होंने केपी ओली सरकार से अपील की कि वह चीन के हिमालय और नेपाली गांव रुई पर कब्‍जा करने के खिलाफ कार्रवाई करे। उन्‍होंने यह भी कहा कि सरकार को चीन की कम्‍युनिस्‍ट पार्टी प्रशिक्षण दे रही और उसे इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए। 

सड़क निर्माण के बहाने नेपाल की जमीन पर कब्जा 
बताया जा रहा है कि चीन ने तिब्बत में सड़क निर्माण के बहाने नेपाल की जमीन पर कब्जा कर रखा है। नेपाल सरकार के कृषि मंत्रालय के सर्वे डिपार्टमेंट में 11 ऐसी जगहों की लिस्ट है जिनमें से चीन ने 10 पर कब्जा कर रखा है। यही नहीं 33 हेक्टेयर की नेपाली जमीन पर नदियों की धारा बदलकर प्राकृतिक सीमा बना दी गई है और कब्जा कर लिया गया है। चीन ने नेपाल के रुई गांव पर कब्जा कर लिया है और कथित तौर पर अतिक्रमण को वैध बनाने के लिए गांव के सीमा स्तंभों को हटा दिया है। 

चीनी सरकार तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (TAR) में सड़क नेटवर्क के लिए निर्माण कर रहा है जिससे नदियों और सहायक नदियों का रास्ता बदल गया है और वे नेपाल की तरफ बहने लगी हैं। न्यूज एजेंसी ANI को मिले दस्तावेज में दावा किया गया है कि अगर यह जारी रहा तो नेपाल का बड़ा हिस्सा TAR में चला जाएगा। इस दस्तावेज में चेतावनी दी गई है कि अगर समय पर कदम नहीं उठाए गए तो नेपाल की और जमीन चली जाएगी। 

भारत से बातचीत के बीच बॉर्डर पर टैंक तैनात करने में लगी चीन

नई दिल्‍ली: गलवान तनाव के बीच दोनों देशों के बीच सेना को पीछे हटाने पर सहमति बन गई है। लेकिन चीन की चालबाजी अभी भी जारी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने अपने हल्के वजन वाले टैंकों को सीमा पर तैनात करना शुरू कर दिया है।

गलवान घाटी पर जारी विवाद को सुलझाने के दौरान हो रही बातचीत के बीच चीन ने अपने नए हल्के टैंकों को यहां पर जुटाया में लगा है। चीन के नए हल्के वजन वाले युद्धक टैंक सार्ट 15 को कम तापमान वाले पहाड़ी पठार क्षेत्र में एक ट्रेन में लाते देखा गया है।

हाल ही में चीन की तरफ से सार्ट 15 टैंक को चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में 4,500 मीटर की ऊंचाई ड्रिल करते हुए भी देखा गया हैं।

एक रिपोर्ट में नौसेना सलाहकारों ने उल्लेख किया है कि इस तरह के टैंक दूसरे टैंक या बख्तरबंद गाड़ि‍यों के मुकाबले इस क्षेत्र में ज्‍यादा महत्वपूर्ण और फायदेमंद हैं।

सॉर्ट 15 लाइट-वेट टैंक बहुत पठारों में बहुत उपयोगी साबित होते हैं, क्‍योंकि यह पर भारी टैंकों के मुकाबले इनके इंजनों को कम ऑक्सीजन की जरूरत होती है। ऐसे में बख्तरबंद सार्ट 15 पठारों पर आसानी से काम कर सकता है।

एक ट्वीट में जेन्स के संपादक और संरक्षण पत्रकार सैम क्रैनी-इवांस ने जानकारी दी है कि ये टैंक Xizang नौसेना कमान के हैं, जिन्हें आप संभवतः जानते होंगे, क्योंकि यह तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में तैनात है।

क्रैनी-इवांस ने लिखा, ‘ तिब्बत का अपना निजी नौसेना गठन है जो लगभग सभी पीएलए द्वारा अपनाए गए समूह सैन्य निर्माण से बाहर है, पीएलए यह इसे पहाड़ी युद्ध या कई अन्य तरह से कामों के लिए प्रयोग करता है।’

हालांकि ऐसा नहीं हैं कि भारत भी इस बातचीत के दौर में पूरी तरह से संतुष्‍ट होकर बैठा है और वह चीन पर पूरी तरह से भरोसा कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने एयर फोर्स के जरिय यहां पर अपने टैंकों को एयरलिफ्ट किया है। इसी के साथ चीन से लगी सीमा पर पूरी तरह से सेना की चौकसी को भी बढ़ा दिया गया है।

कौन हैं डॉक्टर तोमर, जिनके साथ मिलकर पतंजलि ने बनाई कोरोना की दवा

कोरोना संकट के दौर में दुनिया के सभी बड़े देश कोरोना की दवा बनाने की कोशिश में जुटे हैं. भारत में कोरोना की दवा बनाने को लेकर लगातार तमाम प्रयास किए जा रहे हैं. इसी क्रम में पतंजलि का दावा है कि उन्होंने कोरोना वायरस को मात देने वाली दवाई बना ली है. योगगुरु रामदेव ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया. पतंजल‍ि से आचार्य बालकृष्ण ने निम्स यूनिवर्सिटी के चांसलर और संस्थापक डॉ. प्रो. बलवीर सिंह तोमर को भी इसका श्रेय दिया.

आचार्य बालकृष्ण ने निम्स के संस्थापक डॉ. तोमर का कुछ इस प्रकार परिच‍य दिया. उन्होंने कहा कि डॉ. प्रो. बलवीर सिंह तोमर मॉडर्न मेडिकल साइंस की प्रसिद्ध व प्रति‍ष्ठि‍त संस्था निम्स यूनिवर्सिटी राजस्थान के चांसलर, संस्थापक और सर्वेसर्वा हैं. उन्होंने कोरोना की दवा विकसित करने में संस्था के जो भी मुख्य लोग थे सबको इसमें लगाया. बालकृष्ण ने बताया कि डॉ. बलवीर सिंह तोमर ने किंग्स कॉलेज हास्प‍िटल स्कूल ऑफ मेडिसिन लंदन से पढ़ाई की. इसके बाद इंग्लैंड में काम किया. वहां हावर्ड यूनिवर्सिटी में डॉ. तोमर ने कई रीसर्च का काम किया.

डॉ. तोमर बाल स्वास्थ्य को लेकर WHO के साथ कई प्रोजेक्ट में जुड़े रहे. उन्हें अपने अनुकरणीय कार्यों के लिए कॉमनवेल्थ मेडिकल की उपाधि‍ मिली. वर्तमान में वो निम्स यूनिवर्सिटी के सर्वेसर्वा हैं. इससे पहले डॉ. तोमर ने राजस्थान स्थि‍त संवाई मानसिंग मेडिकल कॉलेज में कॉम किया.

उन्हें अपने कार्य के लिए राजीव गांधी अवार्ड से सम्मानित क‍िया जा चुका है. आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि डॉ. तोमर ने आज कोरोना की इस पीड़ा को दुनिया से मुक्त करने का काम क‍िया है. उन्होंने निम्स के डॉ. प्रोफेसर जी देवपुरा का भी परिचय दिया. उन्होंने बताया कि वर्तमान में वो निम्स यूनिवर्सिटी में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख हैं. उनका चिकित्सा क्षेत्र में 36 वषों का अनुभव है. वो इससे पहले सवाई मानसिंग मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन के प्रमुख और प्रोफेसर रह चुके हैं.

योगगुरु बाबा रामदेव की पतंजलि कंपनी का दावा है कि उन्होंने इस महामारी को मात देने वाली दवा तैयार कर ली है. मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामदेव ने कहा कि दुनिया इसका इंतजार कर रही थी कि कोरोना वायरस की कोई दवाई निकले, आज हमें गर्व है कि कोरोना वायरस की पहली आयुर्वेदिक दवाई को हमने तैयार कर ली है. इस आयुर्वेदिक दवाई का नाम कोरोनिल है.

रामदेव बोले कि आज ऐलोपैथिक सिस्टम मेडिसन को लीड कर रहा है, हमने कोरोनिल बनाई है. जिसमें हमने क्लीनिकल कंट्रोल स्टडी की, सौ लोगों पर इसका टेस्ट किया गया. तीन दिन के अंदर 65 फीसदी रोगी पॉजिटिव से नेगेटिव हो गए.

योगगुरु रामदेव ने कहा कि सात दिन में सौ फीसदी लोग ठीक हो गए, हमने पूरी रिसर्च के साथ इसे तैयार किया है. हमारी दवाई का सौ फीसदी रिकवरी रेट है और शून्य फीसदी डेथ रेट है. रामदेव ने कहा कि भले ही लोग अभी हमसे इस दावे पर प्रश्न करें, हमारे पास हर सवाल का जवाब है. हमने सभी वैज्ञानिक नियमों का पालन किया है.

भारत को मिला रूस का साथ, हथियारों की जल्द सप्लाई का भरोसा

नई दिल्ली

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने तीन दिवसीय दौरे पर रूस में हैं. भारत और चीन के बीच जारी तनाव से इतर यहां राजनाथ को रूस से हथियारों की जल्द सप्लाई का भरोसा मिला है.

चीन से तनाव के बीच मिला रूस का साथरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस के मॉस्को मेंभारत को जल्द हथियार सौंपेगा रूस

कहावत है कि संकट के वक्त में जो आपके साथ आए, वही आपका सच्चा दोस्त है. भारत और चीन के बीच इन दिनों तनाव की स्थिति बनी हुई है, ऐसे में भारत का पुराना दोस्त रूस मुश्किल वक्त में साथ देने के लिए आगे आया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस के दौरे पर हैं, इस बीच अब रूस ने हर संभव मदद का भरोसा दिया है. जिसमें हथियारों की जल्द सप्लाई भी शामिल है.

मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूस में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द से जल्द हमें रूस से हथियार मिलेंगे और जो मांगें भारत ने रखी हैं उन्हें पूरा किया जाएगा.

जवाब में रूस के डिप्टी पीएम वाई. बोरिसोव ने भरोसा दिया कि अगर कभी भी भारत की अखंडता और एकता पर सवाल खड़ा होता है, तो हमारी कोशिश हर संभव तरह से भारत के साथ खड़ा होने की होती है. साथ ही मौजूदा हालात पर कहा कि भारत एक शांति प्रिय देश है.

आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच जारी मौजूदा तनाव के इस दौर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस की विक्ट्री डे परेड में शामिल होने पहुंचे हैं. उम्मीद है कि भारत को कई महत्वपूर्ण हथियार मिल सकते हैं, जिसमें S-400 एंटी मिसाइल सिस्टम भी शामिल है.

भारत को रूस से इसके अलावा भी कई हथियार लेने हैं, जो ऑर्डर दिए जा चुके हैं कुछ का पेमेंट भी हो चुका है. लेकिन इन सभी की डिलिवरी अगले साल दिसंबर तक होनी थी, लेकिन अब सहमति बनी है कि इस वक्त को कम किया जाएगा. इससे पहले भी कई बार ऐसा हुआ है जब भारत की जरूरत पर रूस ने हथियारों को तुरंत सौंपा है.

राजनाथ सिंह जिस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए गए हैं, वहां दुनियाभर से लोग पहुंचे हैं. चीन के रक्षा मंत्री समेत कई बड़े अधिकारी यहां मौजूद हैं, लेकिन भारतीय मंत्री इस दौरान उनसे मुलाकात नहीं करेंगे. हालांकि, इस दौरान दोनों मंत्री विक्ट्री डे परेड में शामिल होंगे, लेकिन द्विपक्षीय मुलाकात नहीं होगी.

इसके अलावा मंगलवार को हुई रूस-भारत-चीन के विदेश मंत्रियों की वार्ता में भी भारत ने खरी-खरी सुनाई. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दो टूक कहा कि जो देश खुद को बड़ा मानते हैं, अब जरूरत है कि वो अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करें.

देश में साढ़े 4 लाख से ज्यादा हुए कोरोना संक्रमण के मामले, पिछले 24 घंटे में सामने आए रिकॉर्ड 15968 नए केस

कोरोना से भारत में प्रति एक लाख आबादी में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि इसका वैश्विक औसत 6.04 है. देश में लगातार पांचवे दिन संक्रमण के 14 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं.

नई दिल्ली: भारत में अब हर दिन कोरोना के मरीजों की संख्या औसतन 15 हजार बढ़ रही है. पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के रिकॉर्ड 15 हजार 968 नए मामले सामने आए और 465 लोगों की मौत हुईं है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में अबतक 4 लाख 56 हजार 183 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. इसमें से 14,476 की मौत हो चुकी है, जबकि दो लाख 58 हजार लोग ठीक भी हुए हैं.

मध्य प्रदेश में तैनात होंगे 26 हजार कृषक मित्र, मानदेय भी मिलेगा

भोपाल । प्रदेश में होने वाले 24 विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव से पहले किसानों के बीच अपनी बात पहुंचाने के लिए शिवराज सरकार 26 हजार कृषक मित्र तैनात करेगी। इसके लिए कमल नाथ सरकार के उस फैसले को पलटा जाएगा, जिसमें उन्होंने हर दो पंचायतों पर एक “कृषक बंधु” नियुक्त करने की योजना बनाई थी।
राज्य के कृषि मंत्री कमल पटेल ने प्रमुख सचिव अजीत केसरी को फिर से कृषक मित्र बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में कर्जमाफी योजना का ठीक से प्रचार नहीं होने और मैदानी जानकारियां नहीं मिलने के कारण पूर्ववर्ती कमल नाथ सरकार ने “कृषक बंधु” नियुक्त करने की योजना लागू की थी।
इसके तहत हर दो पंचायत के बीच एक किसान की तैनाती कृषक बंधु के तौर पर होनी थी। इन्हें साल में 12 हजार रुपये मानदेय देने का भी प्रस्ताव था। सरकार की मंशा थी कि कृषक बंधु सरकार और किसान के बीच कड़ी का काम करेंगे। सरकार की योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाएंगे और किसानों की समस्याएं कृषि विभाग के माध्यम से सरकार तक पहुंचाएंगे।
कैबिनेट से निर्णय पारित होने के बाद विभाग ने योजना का खाका तो खींचा पर क्रियान्वयन नहीं हो सका और प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हो गया। नियुक्ति तेजी से करने का आदेश सूत्रों के मुताबिक शिवराज सरकार ने इस योजना की जगह फिर अपनी कृषक मित्र योजना लागू करने का सैद्धांतिक निर्णय कर लिया है।
इसके मद्देनजर कृषि मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कृषक मित्र नियुक्त करने की प्रक्रिया तेजी के साथ शुरू की जाए। इनकी नियुक्ति राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कृषि तकनीकी एवं प्रबंधन के विस्तार कार्यक्रम के तहत होगी। कृषक मित्रों को मानदेय भी दिया जाएगा।
समन्वयक भी नियुक्त होंगे
कृषक मित्र के अलावा विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर समन्वयक भी बनाए जाएंगे। बताया जा रहा है कि प्रदेश में 24 विधानसभा क्षेत्रों के आगामी उपचुनाव से पहले नियुक्ति का काम किया जाएगा ताकि वे किसानों के बीच जाकर वे सरकार द्वारा उनके हित में उठाए कदमों के बारे में बता सकें।
प्रगतिशील किसान होगा कृषक मित्र
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय प्रगतिशील किसान को ही कृषक मित्र बनाया जाएगा। इसका काम किसानों के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे कामों के बारे में जानकारी देने के साथ किसानों को खेती में तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहित करना भी होगा। किसानों को यदि किसी योजना का लाभ प्राप्त करने में कोई समस्या आती है तो भी ये कृषक मित्र इसकी सूचना वरिष्ठ स्तर पर देंगे।