*पोहरी विधानसभा. काग्रेंस लक्ष्मीनारायण धाकड को प्रत्याशी बनाती है तो भाजपा प्रत्याशी के सामने संकट मे होगा.

शिवपुरी।मध्य प्रदेश की 24विधानसभा मे उप चुनाव की गतिविधि प्रारंभ हो गई है.काग्रेंस का प्रत्याशी कोन होगा इसकी चर्चा जोरो पर है.अनेक प्रत्याशी श्रेत्र सहित भोपाल मे पकड बनाते नजर आ रहे है.कुछ नेता सोशल मीडिया मे अपनी तस्वीर दिखाने मे लगे है ओर कुछ तो मतदाताओं के मोवाइल पर टैग मेसेज पहुंचा रहे है.
पोहरी विधानसभा मे भी अनेक काग्रेंस के नेता प्रत्याशी बनने की चाहत रखते है.इनमे एक स्वच्छ छवि के काग्रेंस के वरिष्ठ नेता, एडवोकेट लक्ष्मीनारायण धाकड अत्यधिक लोकप्रिय है.संपूर्ण विधानसभा मे सभी जनते पहचानते है.साथ ही धाकड समाज मे भी प्रतिष्ठित है.

एडवोकेट लक्ष्मीनारायण धाकड की बात करे तो वह पोहरी के सबसे बडे राजनीतिक परिवार से हैं।
लक्ष्मीनारायण धाकड के परिवार के राजनीतिक पृष्ठ भूमि की बात करे तो चाचा प्रहलाद सिंह वर्मा पूर्व जनपद अध्यक्ष जनपद पंचायत पोहरी, चाची श्रीमती वेजन्ती वर्मा पूर्व विधायक पोहरी पोहरी विधानसभा, पत्नी श्रीमती वैजन्ती धाकड़ पूर्व सदस्य जनपद पंचायत पोहरी, पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत मारौरा खालसा वि.खण्ड पोहरी पुत्रवधु श्रीमती ज्योति धाकड़ पार्षद नगरपालिका परिषद् वार्ड कं 7 शिवपुरी हैं।

लक्ष्मीनारयण धाकड के राजनीतिक सफर की बात करे तो विशेष आमंत्रित सदस्य जिला कांग्रेस कमेटी शिवपुरी, कार्यकारिणी सदस्य अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा ( वर्ष 1980 से वर्तमान तक ) पूर्व सदस्य अखिल भारतीय हस्तशिल्प संघ भारत सरकार नई दिल्ली, पूर्व कार्यकारी जिलाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी शिवपुरी, पूर्व अध्यक्ष जनपद पंचायत पोहरी जिला शिवपुरी, पूर्व जिला अध्यक्ष अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभात्र शिवपुरी, पूर्व अध्यक्ष म.प्र कांग्रेस विधि प्रकोष्ठ जिला इकाई शिवपुरी कै.माधवराव सिंधिया और ज्योतिरादित्य सिंधिया के सांसद प्रतिनिधि जैसे पदो पर रहे हैं।

लक्ष्मीनारायण कांग्रेस के ऐसे चेहरे हैं जहां जातिवाद समाप्त हो जाता हैं यह एडवोकेट धाकड की व्यक्तिगत पूंजी हैं। राजनीतिक सफर लंबा हैं और बेदाग हैं। एडवोकेट होने के कारण स्वंय में निर्णय क्षमता हैं। अगर कांग्रेस को अपना उम्मीदवार बनाती हैं तो वह भाजपा के किसी भी प्रत्याशी के लिए संकट बन सकते हैं।

चंडीगढ़ से चिनूक और पठानकोट से अपाचे हेलिकॉप्टर एलएसी पर तैनात

वायुसेना ने चंडीगढ़ से चिनूक व पठानकोट से अपाचे हेलिकॉप्टर को एलएसी पर तैनात कर दिया है। दोनों हेलिकॉप्टर अब एलएसी एरिया पर ही रूटीन एक्सरसाइज जारी रखेंगे। वेस्टर्न एयर कमान के स्टेशनों पर लड़ाकू विमानों के स्क्वाड्रन बढ़ाए जा रहे हैं। 

मिग, हरक्यूलिस, मिराज, सुखोई विमान पहले से ही एलएसी पर तैनात हैं। वायुसेना सूत्रों ने बताया कि युद्ध जैसे हालात बनते हैं तो उत्तर भारत के सभी एयरबेस पूरी क्षमता के साथ अपने एक्शन को अंजाम देने लिए तैयार हैं। नॉर्दन और वेस्टर्न कमांड की कई सैन्य यूनिट तैनात की गई हैं। आईटीबीपी ने भी एलएसी पर जवानों की संख्या बढ़ाई है।

सीमा पर आईटीबीपी के 2000 जवान और भेजने की तैयारी
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आईटीबीपी के करीब 2000 जवानों को अग्रिम मोर्चे पर तैनात करने की तैयारी चालू कर दी है। देश के विभिन्न हिस्सों में तैनात जवानों को बुलाना चालू कर दिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, करीब 20 अतिरिक्त कंपनी सीमा पर  तैनात करने की योजना है। 

सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में तीन आतंकी ढेर, सर्च ऑपरेशन जारी

श्रीनगर। जम्मू और कश्मीर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने आज तीन आंतकियों को मार गिराया है। आतंकियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ श्रीनगर के जदीबल इलाके में हुई। इस बात की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि आतंकियों के इलाके में मौजूद होने की गुप्त सूचना मिलने के बाद एस सर्च ऑपरेशन चलाया गया था, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया और उसके बाद तीन आतंकियों को मार गिराया गया।

आतंकियों की मौत के बाद तनाव को देखते हुए श्रीनगर शहर में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी है और सर्च ऑपरेशन को तेज कर दिया गया है। सुरक्षाबलों को जैदीबल,जूनीमर और पोजवलपोरा इलाके में आतंकियों के होने की खबर मिली थी। पुलिस का कहना है कि आतंकियों के परिजनों को मुठभेड़ स्थल पर लाकर उनके जरिए उनसे आत्मसमर्पण की अपील की गई थी, लेकिन उन्होंने इससे इंकार कर दिया। आईजी विजय कुमार ने बताया कि आतंकियों ने अपने परिजनों की सरेंडर की अपील को ठुकरा दिया। ये आतंकी घाटी में 2019 से सक्रिय थे और पिछले महीने बीएसएफ जवानों पर हमले के लिए जिम्मेदार थे। यह श्रीनगर शहर में पिछले कुछ समय में दूसरा इनकाउंटर है।

भारत-चीन तनाव पर बोले डोनाल्ड ट्रंप- दोनों देशों से कर रहे बातचीत, हालात मुश्किल

गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों में तनाव बढ़ गया. दोनों देशों के रिश्तों में आई तल्खी पर अमेरिका भी नजर बनाए हुए है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह भारत और चीन से बातचीत कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्थिति बहुत मुश्किल है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह बहुत मुश्किल स्थिति है. हम भारत और चीन दोनों से बात कर रहे हैं. उनके बीच वहां बड़ी समस्या हो गई है. उनके बीच झड़प हो रही है. हम देखेंगे कि क्या कर सकते हैं. हम कोशिश और उनकी मदद करेंगे.

बता दें कि ट्रंप ने इससे पहले बीते माह भारत-चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर मध्यस्थता की पेशकश की थी. ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के मुद्दे पर मध्यस्थता करने के लिए तैयार है. हालांकि, उनकी इस पेशकश को दोनों देशों ने ठुकरा दिया था.

बता दें कि जब से भारत और चीन के बीच सीमा विवाद चल रहा है, तभी से ही अमेरिका लगातार इस घटना पर नज़र बनाए हुए है. बीते दिनों व्हाइट हाउस की ओर से भी इस मसले पर बयान जारी किया गया था और कहा था कि हमारी नज़र बनी हुई है और हम चाहते हैं कि जल्द मामला शांत हो.

गौरतलब है कि इस वक्त कोरोना वायरस, ट्रेड वॉर समेत कई मसलों पर अमेरिका और चीन की तनी हुई है और एक तरह का कोल्ड वॉर चल रहा है. अमेरिका पुराने वक्त से भारत का सहयोगी रहा है, ऐसे में इस तनाव के माहौल में अमेरिका की ओर से लगातार भारत के पक्ष में बयान दिए जा रहे हैं.

देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या चार लाख के पार, पिछले 24 घंटों में आए रिकॉर्ड 15 हजार से ज्यादा मामले

बीते एक जून से 20 जून के बीच देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण के दो लाख से अधिक मामले सामने आए हैं.

नई दिल्ली: भारत में जानलेवा कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ्तार लगातार बढ़ती जा रही है. देश में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या चार लाख के पार चली गई है. पिछले 24 घंटे में भारत में 306 मौतें और 15413 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं. एक दिन में यह मामलों की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है.

एक जून से 20 के बीच आए दो लाख से ज्यादा मामले

बीते एक जून से 20 जून के बीच देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण के दो लाख से अधिक मामले सामने आए हैं. महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश में कोविड-19 के मामलों में सबसे अधिक इजाफा देखा गया है.

स्वास्थ्यकर्मियों के लिये बीमा योजना को सितंबर तक बढ़ाया गया

सरकार ने लगभग 22 लाख स्वास्थ्यकर्मियों के लिये 50 लाख रुपये की बीमा योजना को तीन महीने के लिये सितंबर तक बढ़ा दिया है. एक आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी गयी. न्यू इंडिया एश्योरेंस द्वारा लागू की गयी यह योजना 30 जून 2020 को समाप्त हो रही थी. चूंकि अभी तक कोरोना वायरस महामारी से कोई राहत नहीं मिल पायी है, इस योजना को तीन महीने के लिये बढ़ाया गया है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मार्च में 1.70 लाख करोड़ रुपये के प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत इस योजना की घोषणा की थी. बयान में कहा गया कि सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य कर्मियों के लिये बीमा योजना 30 मार्च 2020 से प्रभावी है. इस योजना को सितंबर तक बढ़ा दिया गया है. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष के माध्यम से इस योजना को वित्त पोषित किया गया है. केंद्र और राज्य सरकारों के तहत आने वाले अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स, सफाई कर्मचारी और अन्य लोग बीमा योजना के दायरे में आते हैं.

चीन का अड़ंगा काम न आया- भारतीय सेना ने बना ही डाला गलवान घाटी का सबसे महत्वपूर्ण पुल

New Delhi : सेना के इंजिनीयर्स ने 60 मीटर लंबे उस पुल का निर्माण पूरा कर लिया है, जिसे चीन रोकना चाहता था। गलवान नदी पर बने इस पुल से संवेदनशील सेक्टर में भारत की स्थिति बेहद मजबूत हो गई है। इस पुल की मदद से अब सैनिक नदी वाहनों के साथ आरपार जा सकते हैं। 255 किलोमीटर लंबे स्ट्रैटिजिक डीबीओ रोड की सुरक्षा कर सकते हैं। यह सड़क दरबुक से दौलत बेग ओल्डी में भारत के आखिरी पोस्ट तक जाती है, जो काराकोरम के पास है।

इस पुल की वजह से भी चीन बौखलाया हुआ है। मई में उसके सैनिकों के बड़ी संख्या में एलएसी पर आने की एक वजह यह पुल भी है। वह इसे नहीं बनने देना चाहता था। क्योंकि वह जानता है कि इस पुल से यहां भारत की स्थिति और भी मजबूत हो गई है।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया – पुल गुरुवार रात को तैयार हो गया। इससे यह भी पता चलता है कि सीमा पर फॉर्मेशन इंजीनियर्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में जुटे हुए हैं और पीएलए की ओर से काम रुकवाने की तमाम कोशिशों के बावजूद बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन का काम जारी रहेगा।
चार मेहराब वाला यह पुल श्योक और गलवान नदी के संगम से तीन किलोमीटर पूर्व में बना है। पट्रोलिंग पॉइंट 14 से 2 किलोमीटर पूर्व। पेट्रोलिंग पॉइंट 14 ही वह स्थान है जहां 15 जून को दोनों सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी। यह Y जंक्शन के नजदीक है, जहां गलवान नाला मुख्य नदी से मिलती है। दोनों नदी के संगम पर भारतीय सेना का बेस कैंप है जिसे ‘120 किमी कैंप’ कहा जाता है यह डीएसडीबीओ रोड के नजदीक ही है।
सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा- हमने तनातनी के बाद भी इस पुल पर काम जारी रखा और 15 जून को हिंसक झड़प के बावजूद काम करते रहे। चीन अब पूरी गलवान घाटी पर अपना दावा बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है, वह श्योक नदी तक भारत के दावे को कम करना चाहता है। यदि यह हो जाता तो चीन युद्ध की स्थिति में डीएसडीबीओ रोड को काट सकता था। इससे उसे पाकिस्तान के लिए मुर्गो से होकर रास्ता खोलने का मौका मिल जाएगा, यह बीडीओ से पहले आखिरी भारतीय गांव है।

कंक्रीट के पिलर्स पर बना यह बेली ब्रिज भारत के लिए सैन्य आवाजाही में बहुत कारगर होगा और यह भारत के रणनीतिक हितों की सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है। भारतीय सेना के वाहन अब गलवान रिवर के पार जा सकते हैं, पीएलए के अधिक आक्रामक होने की स्थिति में भारत के लिए अच्छा सैन्य विकल्प मौजूद होगा। अभी तक यहां एक फुटब्रिज ही हुआ करता था।

भूमाफिया चंपू अजमेरा नेपाल से गिरफ्तार, कई लोगों से रुपए लेकर प्लाॅट नहीं दिए

इंदौर. लंबे समय से फरार चल रहे भूमाफिया रितेश उर्फ चंपू अजमेरा काे क्राइम ब्रांच ने नेपाल से गिरफ्तार किया है। सूत्रों की माने तो चंपू की एक कार भी जब्त की गई है। टीम चंपू को शनिवार शाम तक इंदौर लेकर पहुंच सकती है। हालांकि, अधिकारी अभी इस मामले में कुछ भी नहीं कर रहे हैं। चंपू ने अपने पिता और भाई के साथ मिलकर लसूड़िया थाने के केलोद हाला गांव में फीनिक्स टाउनशिप काटकर लोगों से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की थी। मामला पुलिस तक पहुंचे के बाद से ही चंपू फरार चल रहा था।

दिसंबर 2019 में भूमाफिया अजमेरा की तलाश में पुलिस ने उसके घर पर दबिश देकर पत्नी याेगिता से पूछताछ की थी। इसके बाद योगिता को गिरफ्तार कर लिया गया था। क्योंकि वह चंपू की कंपनी के बोर्ड में शामिल है। उसके पिता भी पुलिस गिरफ्त में हैं।

जिस प्लॉट के पैसे दिए, वह मौके पर था ही नहीं
पुलिस ने सुखलिया के सीजेआरएम में रहने वाले मोहनलाल श्रीवास्तव की शिकायत पर चंपू के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। मोहनलाल ने पुलिस को बताया कि उसने चंपू की कंपनी फीनिक्स देवकॉन की कॉलोनी में 2009 में प्लॉट खरीदा था। उसका पूरा पैसा दे दिया। इसकी रजिस्ट्री भी हो गई। कुछ समय बाद कब्जा लेने पहुंचे तो पता चला कि वहां कोई प्लॉट ही नहीं था। चंपू से प्लॉट का बोला तो उसने धमकाया।

दूसरा केस बजरंग नगर निवासी हीरालाल मलेरिया की शिकायत पर दर्ज हुआ है। उन्होंने 2010 में फीनिक्स देवकॉन में प्लॉट लिया था। नक्शे में चंपू ने जो जगह बताई, वहां प्लॉट मौजूद ही नहीं था। उस पर जमीन से जुड़े एक दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इसमें अकेले फीनिक्स देवकॉन से ही आधा दर्जन से ज्यादा केस दर्ज हैं।

सेना के लिये तेल की आपूर्ति बढ़ाई गई.

दिल्ली
किसी भी अनचाही स्थिति में भारतीय सेना चीन को सबक सिखाने में कमजोर न पड़े इसकी तैयारियां तेल कंपनियों ने भी शुरू कर दी है। तेल कंपनियों ने लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद सेना के लिए तेल सप्लाइ बढ़ा दी है और उनके लिए ज्यादा तेल स्टॉक करना भी शुरू कर दिया है। यह सब गलवान घाटी में चीन की तरफ से हुई हिंसा के बाद शुरू हुआ, जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हुए। भारत ने भी चीन के करीब 40 जवानों को हताहत कर दिया था।

पेट्रोल, डीजल के साथ जेट फ्लूल की भी व्यवस्था

तेल कंपनियां वाहनों के साथ-साथ हेलिकॉप्टर्स, जेट फ्यूल की भी पूरी व्यवस्था कर रही हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया को ट्रांसपोर्टर्स ने बताया कि इंडियन ऑइल जम्मू से रोजाना 100 टैंकर्स लद्दाख की तरफ भेजे जा रहे। जालंधर और संगरूर स्टोरेज से भी डीजल, जेट फ्यूल, केरोसीन और पेट्रोल को करगिल, लेह और बाकी फॉरवर्ड पोस्ट पर भेजा जा रहा। ये सभी टैंकर्स भटिंडा (पंजाब) की हिंदुस्तान पेट्रोलियम रिफाइनरी से भेजे जा रहे।

सेना करगिल और लेह में अप्रैल से ही इन चीजों का भंडार शुरू कर देती है ताकि भयंकर ठंड में वहां जिंदगी थम सी न जाए। मिली जानकारी के मुताबिक, इसबार भंडार को 10 से 12 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। सेना के लिए तेल का स्टॉक करने में कंपनियों को कोई खास परेशानी भी नहीं हो रही। क्योंकि इस वक्त कोरोना वायरस की वजह से ज्यादातर लोग घर में ही हैं और टूरिस्ट्स का आना-जाना भी बंद है। इसलिए तेल की कमी जैसा वहां कुछ नहीं है।

क्या अंकिता के प्यार में चोट खाये थे सुशांत…..?

इससे कोई वाकिफ नहीं था कि सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद उनकी और अंकिता लोखंडे की लव स्टोरी से इस तरह पर्दा उठेगा। सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड से बहुत बड़ा झटका अंकिता लोखंडे को लगा है। पवित्र रिश्ता से दोनों का रिश्ता शुरू हुआ। सात साल के लंबे अफेयर के बाद दोनों शादी करने वाले थे।

अचानक दोनों के ब्रेकअप की खबर आयी। आखिर इन दोनों की ब्रेकअप की वजह क्या थी? सुशांत और अंकिता के फैंस ये जरूरी जानना चाहते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सुशांत ब्रेकअप के बाद अंकिता को मिस करते थे।

उनके जैसा प्यार करने वाली लड़की की तलाश करते थे। तो चलिए आपको बताते हैं कि आखिर क्यों सुशांत और अंकिता ने अपना पवित्र रिश्ता तोड़ा। बता दें कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सुशांत फिर से अंकिता की जिंदगी में वापसी करना चाहते थे। लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

अंकिता की कमी महसूस करते थे

मीडिया रिपोर्ट्स अनुसार जांच में सुशांत, अंकिता की कमी महसूस करते थे। साल 2016 में सुशांत और अंकिता के एक कॅामन दोस्त ने नाम नहीं बताने की शर्त पर मुंबई मिरर को एक इंटरव्यू दिया था। जहां पर दोनों के ब्रेकअप चौंकाने वाली वजह बताई थी।

होने वाली थी दोनों की शादी

एक लंबे रिश्ते के बाद दोनों साल 2016 में शादी करने वाले थे। लेकिन हुआ ब्रेकअप। सुशांत का फिल्मों में आना दोनों के रिश्ते को खत्म कर ले गया। सुशांत शूटिंग में बिजी रहते। अंकिता के बिना मांगे ही सुशांत उन्हें अपना पूरा शेड्यूल दे दिया करते थे कई बार। सुशांत ने अंकिता से ये भी कहा था कि वह जब चाहे जहां भी उनसे आकर मिल सकती हैं।

सुशांत और परिणीती की सेल्फी से बवाल

सुशांत चाहते थे कि अंकिता काम पर वापसी करे। उस दौरान दोनों की इस बात पर बात भी होती थी। सुशांत का मानना था कि अंकिता को करियर पर फोकस करना चाहिए। दूसरी तरफ सुशांत की एक्ट्रेस को लेकर अंकिता सहज नहीं थीं। बताया जाता है कि सुशांत और परिणीती की सेल्फी और शुद्ध देसी रोमांस में दोनों का लिप लॅाक इन दोनों की झगड़े की वजह बना था।

सुशांत ने कभी भी अंकिता को चीट नहीं किया।

बताया जाता है कि इसे ही लेकर अंंकिता ने सुशांत को थप्पड़ भी मारा था। लेकिन दोनों के कॅामन फ्रेंड ने इस खबर को भी गलत बताया। कहां अंकिता और सुशांत के बीच ऐसी कोई बात नहीं थी। सुशांत ने कभी भी अंकिता को चीट नहीं किया। यहां तक कि वह कई बार अंकिता को साथ में शूटिंग पर चलने के लिए कहते थे। खासकर तब जब देश से बाहर शूटिंग हो रही हो।

अंकिता मैसेज भेजतीं और फिर

लेकिन कहीं ना कहीं दोनों के बीच असुरक्षा ने जन्म ले लिया था। साल 2015 के दौरान धौनी और पानी में अधिक बिजी रहना दोनों के रिश्ते को ले डूबा। प्यार तो बहुत था दोनों में। जब भी सुशांत ज्यादा बिजी होते तो अंकिता उन्हें मैसेज भेजतीं। सुशांत ने उन्हें कई बार समझाया कि ऐसे वह हर वक्त उनके लिए मौजूद नहीं रह सकते हैं। अंकिता ने बहुत कोशिश की लेकिन सुशांत से दूरी उन्हें सहन नहीं हो रही थी।

दोनों के बीच आ गई दूरियां

ऐसा कई बार होने लगा कि सुशांत उन्हें समझा कर थक चुके थे। सुशांत बताते थे कि वह कहां और क्यों बिजी हैं। लेकिन दोनों का रिश्ता प्यार से लड़ाई पर उतर आया। दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगी थीं। सुशांत कई जगह अकेले दिखाई दिए। अंकिता ने कह दिया कि वह इस रिश्ते से खुश नहीं हैं। दोनों ने अलग होने का फैसला किया।

सुशांत बुरी तरह टूट गए

सुशांत बुरी तरह टूट गए थे। ठीक वैसा ही जैसा वह अपनी मां के जाने के बाद टूटे थे। लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और करियर पर अधिक फोकस किया। अंकिता ने विकी जैन के साथ शादी करने का फैसला किया।