भाजपा ने महाराजा और कांग्रेस ने राजा को राज्यसभा भेजा

भोपाल ।  कोरोना संक्रमण के चलते टाले गए राज्यसभा चुनावो के लिए आज हुए मतदान में तय मुताबिक ही परिणाम आये । तीन में से दो सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की जबकि कांग्रेस सिर्फ एक सीट जीत सकी । खास बात ये रही कि प्रदेश से तीन में से महाराजा और राजा जीतकर गए है और वह भी अलग अलग पार्टी से । सबसे अधिक वोट पाने वाले राजा दिग्विजय सिंह ही रहे । उन्हें 57 वोट मिले । पार्टी के अलावा एक निर्दलयीय ने भी उन्हें वोट दिया जबकि कांग्रेस सरकार गिराने वाले महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया को 56 मत मिले । भाजपा के सुमेर सिंह सोलंकी को 55 वोट मिले जबकि क्रोस वोट करने वाले दोनों वोट निरस्त कर दिए गए क्योंकि इनको लेकर किसी ने कोई शिकायत नही की इसलिए इन्हें क्रोस नही माना गया ।

भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा की दो सीटें जीतने के लिए अपनी जो चौसर बिछाई थी उसमें भाजपा कामयाब रही। 2019 में हुए विधानसभा चुनावों में 15 साल से सत्ता पर काबिज भाजपा सत्ता से बेदखल हो गई थी और कॉंग्रेस ने पंद्रह साल बाद प्रदेश में कमल नाथ के नेतृत्व में सरकार में वापिसी की थी हालांकि वह स्पष्ठ बहुमत हासिल नही कर सकी थी लेकिन वह उसके नजदीक थी और सबसे बड़ा दल भी । कांग्रेस ने 114 सीट जीती थी जो बहुमत से महज दो सीट कम थी । उसने सपा,बसपा और निर्दलीयों को साथ लेकर सरकार बनाई थी । बाद में उप चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस बहुमत में भी आ गयी और उसे राज्यसभा की तीन में से दो सीटें जीतने का अंक गणित कांग्रेस के पक्ष में था । एक सीट के लिए 58 वोट चाहिए थे इस हिसाब से 116 वोट की जरूरत थी जो कांग्रेस के पास अपने ही थे जबकि सपा,बसपा और निर्दलीय मिलाकर 122 थे ।

भाजपा हाइकमान चाहता था कि एमपी से हर हाल में दो सीटें जीते । इसके लिए डॉ नरोत्तम मिश्रा को लगाया गया । उंन्होने कांग्रेस में ही सेंध लगाने की कोशिश शुरू की । लोकसभा चुनाव में हार से आहत सिंधिया परेशान थे । वे राज्यसभा में जाना चाहते थे लेकिन काँग्रेस में दबदबा बनाये कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर उन्हें भरोसा नही था । भाजपा ने उनकी दुखती रग पर हाथ रखा और पांसा पलट दिया । कांग्रेस के 22 विधायकों को सिंधिया सहित इस्तीफा देने के लिए तैयार कर लिया । दो सीटें विधायको के निधन के कारण पहले से ही खाली थी ।

पांसा पलट चुका था । भाजपा ने राज्यसभा जीतने के लिए शुरू की गई जंग में सरकार में भी वापिसी कर ली । अब राज्यसभा में सदस्यों की संख्या के मुताबिक एक सदस्य की जीत के लिये महज 52 वोट की दरकार थी और भाजपा के पास अपने ही 106 वोट थे जबकि कांग्रेस 92 पर सिमट गई थी । अल्पमत का लाभ उठाने को तत्पर सपा,बसपा और निर्दलीयों को भी काँग्रेस संभाल नही पाई वे नई सत्ता के साथ चले गए । परिणाम सामने है । हाइकमान की मंशा के मुताबिक भाजपा ने दो राज्यसभा सदस्य भेज दिए बल्कि शक्तिशाली युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को उनके विधायक और समर्थकों को तोड़कर कांग्रेस की कमर भी तोड़ दी और भाजपा को मजबूत कर महज एक साल बाद ही फिर से सत्ता में वापिसी कर ली हालांकि बदले में सिंधिया को राज्यसभा भेजना पड़ा।

नेपाल के नए नक्शे को राष्‍ट्रपति की मंजूरी के बाद नेपाली सेना ने भारतीय सीमा पर बनाईं चौकियां

काठमांडू 
भारत के कड़े विरोध के बावजूद नेपाल की राष्ट्रपति ने देश के नए नक्शे को अपनाने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है। अब यह नेपाली संविधान का हिस्सा बन गया है। इससे पहले नेपाल के ऊपरी सदन ने विधेयक को पास कर दिया था। नक्शे में भारत के तीन महत्वपूर्ण इलाकों को नेपाल ने अपना बताया है। भारत ने कहा था कि यह नया नक्शा ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर सही नहीं है। उधर, संसद से नए नक्शे को मंजूरी मिलने के बाद नेपाल ने कालापानी के पास चांगरू में अपनी सीमा चौकी (बीओपी) को उन्नत किस्म का बना दिया है।
अब ये चौकियां स्थायी हो गई हैं और यहां सशस्त्र पुलिसकर्मी तैनात होंगे। इससे पहले चांगरू सीमा चौकी पर लाठी रखने वाले पुलिसकर्मी तैनात रहते थे। यह चौकी हर साल नवंबर से मार्च तक सर्दियों के मौसम में बंद रहती है। नेपाली सेना प्रमुख पूर्णचंद्र थापा ने बुधवार को ही इस चौकी का निरीक्षण किया था। धारचूला के उप जिलाधिकारी ए के शुक्ला ने कहा कि अब यह चौकी ज्यादा सर्दी के बावजूद ठंड के मौसम में बंद नहीं होगी। सीमा चौकी को नया बनाने और सेना प्रमुख के दौरे को अहम माना जा रहा है। 

एक भी वोट विरोध में नहीं 

हिंसक झड़प के बाद नेपाल से जुड़ी भारत की सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। सोनौली सीमा पर एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) और पुलिस ने गश्त तेज कर दी है। सीमाई इलाके में खुफिया एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया गया है। सीमा के आसपास कड़ी नजर रखी जा रही है। नेपाल के संशोधित नक्शे में भारत की सीमा से लगे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा इलाकों पर दावा किया गया है। भारत ने नेपाल के दावों को खारिज करते हुए दोहराया था कि यह सड़क पूरी तरह उसके भू-भाग में स्थित है। 

नेपाल का नया नक्‍शा मान्‍य नहीं: भारत 


राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी के पास विधेयक पहुंचने से पहले नेपाल के ऊपरी सदन ने सर्वसम्मति से विधेयक पारित किया। विधेयक के विरोध में एक भी वोट नहीं पड़ा। ऊपरी सदन में मौजूद सभी 57 मौजूद सदस्यों ने विधेयक के समर्थन में मतदान किया। भारत ने नेपाल के मानचित्र में बदलाव करने और कुछ भारतीय क्षेत्रों को उसमें शामिल करने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को नेपाली संसद के निचले सदन में पारित किए जाने पर शनिवार को प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि यह ‘कृत्रिम विस्तार’ साक्ष्य और ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित नहीं है और यह ‘मान्य नहीं’ है । भारत ने नवंबर 2019 में एक नया नक्शा जारी किया था, जिसके करीब छह महीने बाद नेपाल ने पिछले महीने देश का संशोधित राजनीतिक और प्रशासनिक नक्शा जारी कर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इन इलाकों पर अपना दावा बताया था। 

प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए मतदान शुरू,

भोपाल. प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए मतदान शुरू हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों की कोशिश है कि पहले उनके विधायक मतदान कर दें। इसके लिए भाजपा विधायक करीब साढ़े आठ बजे ही विधानसभा परिसर में पहुंच गए थे। वहीं कांग्रेस विधायक पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बंगले पर इकट्ठे होने के बाद विधानसभा परिसर पहुंच गए हैं। फिलहाल विधानसभा के गेट पर विधायकों की थर्मल सक्रीनिंग के बाद प्रतीक्षाकक्ष में बैठाया जा रहा है। यहां उनसे लिखित में उनकी और परिवार के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली जा रही है। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते 3 सीटों पर चुनाव टाल दिए गए थे।चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुमेर सिंह सौलंकी भाजपा प्रत्याशी है। कांग्रेस से दिग्विजय सिंह और फूल सिंह बरैया मैदान में हैं।

प्रदेश में राज्यसभा की तीन रिक्त सीटों के लिए सुबह नौ बजे मतदान शुरू हो गया है। शाम चार बजे तक मतदान होगा। पांच बजे से मतगणना शुरू होगी और देर शाम तक नतीजे घोषित हो जाएंगे। मतदान में कुल 206 विधायक हिस्सा लेंगे। विधानसभा में विधायकों और उम्मीदवारों के अलावा किसी अन्य के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया है। मतदान करने आने वाले विधायकों की गेट पर थर्मल सक्रीनिंग की जाएगी। शरीर का तापमान सामान्य होने के बाद ही परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। भाजपा की ओर से ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुमेर सिंह सौलंकी मैदान में हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह और फूल सिंह बरैया मैदान में हैं। दोनों दलों के विधायकों की संख्या को देखते हुए दो सीट पर भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाना तय है।

पहली बार विधानसभा परिसर के सेंट्रल हॉल में मतदान होगा। हर विधायक को स्वास्थ्य की जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके लिए तीन जगह स्वास्थ्य विभाग का दल तैनात रहेगा। कोरोना पॉजिटिव कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी पीपीई किट में मतदान के लिए सबसे अंत में आएंगे। इनका मतपत्र भी अलग लिफाफे में रखा जाएगा और सबसे अंत में इसे गिनती में शामिल किया जाएगा। विधानसभा में ज्यादा विधायकों के एक साथ उन्हें प्रतीक्षाकक्ष में बैठाया जाएगा। यहां एक बार फिर मतदान से पहले डॉक्टर विधायकों की सक्रीनिंग करेंगे। विधायकों से उनके स्वास्थ्य के बारे में लिखित में जानकारी ली जाएगी। गुरुवार शाम को सेंट्रल हाल(जहां मतदान होना) को सैनिटाइज कराने के बाद शुक्रवार सुबह एक बार फिर से सैनिटाइज कराया गया है।

मतगणना प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी होगी

विधानसभा में कोरोना संक्रमण को देखते हुए शारीरिक दूरी के साथ सभी सुरक्षा के उपाय अपनाए जाएंगे। मतदान के लिए विधायकों का प्रवेश एक नंबर द्वार (मंत्रालय की ओर) और वापसी तीन नंबर द्वार से होगी। सांची द्वार से प्रवेश करते हुए विधायक सेंट्रल हॉल में बनाए गए मतदान केंद्र में पहुंचेंगे। यहां कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवार, उनके अधिकृत अभिकर्ता और दल के प्रतिनिधियों के बैठने का अलग से इंतजाम किया गया है। एक-एक विधायक मतदान केंद्र में आएंगे और मतपत्र में वरीयता अंकित कर मतपत्र मतपेटी में डालेंगे। मतदान और मतगणना प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी कराई जाएगी और इसे चुनाव आयोग भेजा जाएगा।

BoycottChina से घबराईं चीनी कंपनियां, ग्लोबल टाइम्स ने दी ये सलाह

भारत में जारी है चीनी सामानों का विरोध

ग्लोबल टाइम्स ने विरोध पर जताई चिंता

लद्दाख सीमा पर भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव का असर व्यापार पर दिखने लगा है. भारत सरकार चीन से आने वाले माल पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने का मूड बना रही है. इसे लेकर कॉमर्स मंत्रालय, वित्त मंत्री के साथ बातचीत कर रहा है. भारत की सख्ती का असर चीनी कंपनियों पर पड़ने लगा है. यह दावा खुद चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने किया है.

ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, भारत और चीन के बीच सरहद पर तनाव का सबसे अधिक असर चीनी कंपनियों पर पड़ा है. चाइनीज मोबाइल कंपनी ओप्पो को अपना लाइव इवेंट कैंसिल करना पड़ा. ओप्पो लाइव इवेंट के जरिए अपने 5जी फोन को भारतीय मार्केट में लॉन्च करने वाला था, लेकिन चीनी सामानों के विरोध के कारण उसने पैर पीछे खींच लिया.

ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि दोनों सरकारों ने कुछ हद तक सरहद पर तनाव कम करने की कोशिश की है और व्यवसाय चाहता है कि आर्थिक और व्यापार सहयोग बना रहे, लेकिन भारत में चीन विरोधी भावना बढ़ने से संभावित जोखिमों के बारे में चीनी व्यवसायों को सलाह दी जानी चाहिए.

ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि चीनी कंपनियों को अपनी पूंजी और कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए. उन्हें सबसे खराब स्थिति के लिए सावधानी पूर्वक तैयार रहना चाहिए और अपने भारत के निवेश और उत्पादन की योजना को तब तक जारी रखने पर विचार करना आवश्यक है, जब तक कि दोनों पड़ोसियों के बीच सीमा संकट का समाधान नहीं हो जाता.

ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, जहां तक मौजूदा स्थिति का संबंध है, इस बात से कोई इनकार नहीं करता है कि चीन और भारत के बीच सीमा विवाद द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापारिक संबंधों पर असर डालेगा, क्योंकि भारत में चीन विरोधी भावना कुछ समय के लिए जारी रहेगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि चीनी कंपनियों को बेकार बैठना चाहिए.

चीनी कंपनियों को सलाह देते हुए ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि कंपनियों को शांत नहीं बैठना चाहिए. अगर संभव हो, तो उन्हें अपने निवेश में विविधता लाने और संभावित वैकल्पिक बाजारों की तलाश के बारे में सोचना चाहिए. हमें उम्मीद है कि भारत सरकार सभी चीनी कर्मियों, साथ ही सभी चीनी व्यवसायों और उनकी संपत्ति के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रदान करेगी.

ग्लोबल टाइम्स का मानना है कि हिंसक झड़प कुछ ऐसी थी जिसका न तो कोई देश अनुमान लगा सकता था और न ही देखना चाहता था. इस झड़प के परिणामस्वरूप भारत में बढ़ते राष्ट्रवादी बुखार ने पहले ही द्विपक्षीय संबंधों और आर्थिक संबंधों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है.

गौरतलब है लद्दाख सीमा पर 20 भारतीय जवानों की शहादत के बाद भारत गुस्से में है और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. लोग चीनी सामानों का बहिष्कार करने की मांग कर रहे हैं. इसका असर चीनी कंपनियों पर पड़ रहा है. कई जगह पर चीनी कंपनियों के होर्डिंग को हटा दिया गया है.

उईगर मुस्लिमों पर US के कानून बनाने से भड़का चीन, कहा- भुगतना होगा अंजाम

शिनजियांग में हिरासत में रखे गए हैं 10 लाख से ज्यादा उईगर मुस्लिम

UNअमेरिका का आरोप-

उईगर मुस्लिमों को टॉर्चर करते हैं चीनी अधिकारी

सीमा पर भारत से उलझे चीन के खिलाफ अमेरिका ने बड़ी कार्रवाई की है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उईगर मुस्लिमों के उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार चीनी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून पर हस्ताक्षर कर दिया है. अमेरिका ने चीन को दंडित करने और उसको मानवाधिकार पर कड़ा संदेश देने के लिए यह कानून बनाया है.

वहीं, अमेरिका के इस कदम से चीन भड़क गया है और जवाबी कार्रवाई करने की धमकी दी है. गुरुवार को चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका को इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा. अमेरिका को चीन के आंतरिक मामले में दखल देना और हितों को नुकसान पहुंचाना बंद करना चाहिए.

इससे पहले 27 मई को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने उइगर मुस्लिमों का उत्पीड़न करने के जिम्मेदार चीनी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून को भारी बहुमत से पास किया था. इस कानून का रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी दोनों ने समर्थन किया. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद उईगर मानवाधिकार नीति अधिनियम 2020 अस्तित्व में आ गया है.

बताया जा रहा है कि चीन में उईगर मुस्लिमों के साथ अत्याचार हो रहा है और उनको कैम्पों में हिरासत में रखा गया है. संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक शिनजियांग प्रांत में 10 लाख से ज्यादा उईगर मुस्लिमों को कैम्पों में हिरासत में रखा गया है.

वहीं, अमेरिकी विदेश विभाग ने चीनी अधिकारियों पर उईगर मुस्लिमों को टॉर्चर करने, उनके साथ दुर्व्यवहार करने और उनकी संस्कृति को खत्म करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. हालांकि चीन इन आरोपों को खारिज करता है. चीन का कहना है कि ये कैम्प उईगर मुस्लिमों को व्यवसायिक प्रशिक्षण देते हैं और उग्रवाद से लड़ने के लिए जरूरी हैं.

अमेरिका ने उइगर मुस्लिमों के उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार चीनी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून उस समय बनाया है, जब कोरोना वायरस को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव चल रहा है. अमेरिका कोरोना वायरस के लिए पूरी तरह से चीन को जिम्मेदार ठहरा रहा है. चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस ने अमेरिका और भारत समेत पूरी दुनिया को चपेट में ले लिया है. कोरोना वायरस के मरीजों और इससे मरने वालों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है.

बड़ा खुलासाः भारतीय जनावों ने इतने चीनी सैनिकों को सुलाया मौत की नींद, लिस्ट हुई जारी

लद्दाख में LAC पर हुई हिंसक झड़प के बाद आखिरकार चीन ने अपने 30 सैनिक मारे जाने की पुष्टि करते हुए उनके नाम जारी कर दिए हैं। वहीं, भारत ने इस झड़प में एक कमांडिंग ऑफिसर सहित शहीद 20 जवानों के नाम की सूची पहले ही जारी कर दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक 15 जून की रात को लद्दाख की गालवान घाटी में चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच गंभीर रूप से हिंसक झड़प हो गई थी। इस संबंध में भारत सरकार ने स्वीकार कर लिया है कि उसके 20 सैनिक शहीद हुए थे। हालांकि चीन की तरफ से आधिकारिक रूप से कोई आंकड़ा सामने नहीं आया था। हांलाकि अब भारत के साथ चीन की सीमा की सुरक्षा की देखरेख करने वाले पश्चिमी थिएटर कमान के एक प्रवक्ता ने भारतीय कार्रवाई में मारे गए 30 चीनी सैनिकों के नाम जारी किए हैं।

इन 30 नामों की सूची में पहला नाम मेजर लिन जियाहो (शाओ जिआओ) का है। इसके बाद दूसरा नाम कैप्टन मेंग जियांग (शांग वी) का है। फिर कैप्टन कुई कांग (शांग वी) का नाम है। बता दें कि शाओ जिआओ का सेना में मतलब जूनियर फील्ड ऑफिसर यानी मेजर का होता है। जबकि शांग वी का मतलब सेना के वरिष्ठ अधिकारी यानी कप्तान का होता है। इसके बाद मारे गए सैनिकों में झोंग वी का मतलब मिडिल ऑफिसर यानी फर्स्ट लेफ्टिनेंट से होता है। इस झड़प में चीन के हुआंग मू, पेंग गुईइंग, सोंग ज़ान, लियांग यैन नाम के फर्स्ट लेफ्टिनेंट यानी झोंग वी भी मारे गए। जबकि इसके बाद सीनियर सार्जेंट ऑफिसर (यी जी जुन शी झांग) या फिर सार्जेंट मेजर झाओ जिया का नाम मारे जाने वालों की सूची में है।

जबकि अन्य मारे गए सैनिकों में झेंग वू, ताओ यी, कोंग ही, झी योंग, गु कांग, टैन फेंग, ज़ू चिन, रेन अह, लू यिन, तियान ज़ेक्सी, दू मिन, झोंग गुईंग, ही हुआंग, गाओ यांग, ये चेन, झू याहुई, जियान जिंगी, शि लुओयांग, वान याज़ु, झांग ली, यी सुन और मो ज़ूफ़ेंग का नाम जारी किया गया है। वहीं, अगर भारत की ओर से शहीद जवानों की बात करें तो यह समूचे देश से आए थे। इनमें पश्चिम में पंजाब से लेकर पूर्व में पश्चिम बंगाल और बिहार तक के सैनिक शहीद हुए हैं। शहीद कर्नल बिकुमल्ला संतोष बाबू तेलंगाना से थे और उनके पार्थिव शरीर को राजकीय सम्मान के साथ उनके गृहनगर में भेज दिया गया है।

कोरोना संकट: सुप्रीम कोर्ट ने भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पर लगाई रोक

उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर इस साल पुरी में 23 जून से आयोजित होने वाली ऐतिहासिक जगन्नाथ रथ यात्रा और इससे संबंधित गतिविधियों पर वीरवार बृहस्पतिवार को रोक लगा दी। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मामले की सुनवाई करते हुये कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और नागरिकों की सुरक्षा के हित को ध्यान में रखते हुये इस साल पुरी में रथ यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि अगर हम इस साल रथ यात्रा आयोजित होने देते तो भगवान जगन्नाथ हमें माफ नहीं करते क्योंकि महामारी के दौरान इतना बड़ा समागम आयोजित नहीं हो सकता। पीठ ने ओडिशा सरकार से कहा कि वह महामारी के प्रसार से बचने के लिये राज्य में कहीं भी रथ यात्रा या धार्मिक जुलूस और इससे संबंधित गतिविधियों की अनुमति नहीं दे।

शीर्ष अदालत ने ओडिशा स्थित एक गैर सरकारी संगठन की जनहित याचिका पर यह आदेश दिया। याचिका में 10 से 12 दिन चलने वाली रथ यात्रा को इस साल रद्द करने या फिर इसे स्थगित करने का अनुरोध किया था। इस आयोजन में दुनिया भर के लाखों श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं।

इससे पहले उच्च न्यायालय ने कहा था कि यह राज्य सरकार पर निर्भर है कि वह धार्मिक कार्यक्रम होने देती है या नहीं, लेकिन यदि वह कार्यक्रम को अनुमति देती है तो उसे कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा और साथ ही रथ को व्यक्तियों की जगह मशीन या हाथी जैसे माध्यमों से खींचने पर विचार करना चाहिए। याचिकाओं में कहा गया कि रथयात्रा में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं और कोविड-19 महामारी के मद्देनजर इसे स्थगित या रद्द किया जाना चाहिए। रथयात्रा शुरू होने का कार्यक्रम 23 जून को है जो 10-12 दिन चलती है। इसके बाद ‘बहुदा यात्रा’ (वापसी) का कार्यक्रम एक जुलाई को निर्धारित है।

कोरोना अपडेट: पिछले 24 घंटे में सामने आए साढ़े 13 हजार से ज्यादा मामले, 336 लोगों ने गंवाई जान

आंकड़ों के मुताबिक, देश में इस वक्त 1 लाख 63 हजार 248 कोरोना के एक्टिव केस हैं. सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में हैं. दूसरे नंबर पर दिल्ली है.

नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की कुल संख्या तीन लाख 80 हजार के पार जा चुकी है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में अबतक 3 लाख 80 हजार 532 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. इसमें से 12537 की मौत हो चुकी है, जबकि दो लाख 4 हजार 710 लोग ठीक भी हुए हैं.  पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के सर्वाधिक 13,586 नए मामले सामने आए और 336 मौतें हुईं.

दुनिया में चौथा सबसे प्रभावित देश कोरोना संक्रमितों की संख्या के हिसाब से भारत ने शुक्रवार को ब्रिटेन को पीछे छोड़ दिया और दुनिया का चौथा सबसे प्रभावित देश बन गया. अमेरिका, ब्राजील, रूस के बाद कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में भारत चौथे स्थान पर आ गया है. भारत से अधिक मामले अमेरिका (2,263,651), ब्राजील ( 983,359), रूस (561,091) में हैं. वहीं भारत में मामले बढ़ने की रफ्तार दुनिया में चौथे नंबर पर बनी हुई है. अमेरिका और ब्राजील के बाद एक दिन में सबसे ज्यादा मामले भारत में दर्ज किए जा रहे हैं.

मध्यप्रदेश राज्यसभा के लिये शिवराज सिंह ने डाला वोट, वोटिंग शुरु

भोपाल राज्यसभा की 3 सीटों के लिये भोपाल में वोटिंग आरंभ हो चुकी है. इस चुनाव में भाजपा से ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांग्रेस से दिग्विजय सिंह मुख्य उम्मीदवार हैं.