दंदरौआ धाम में हुई 30 लाख रूपये चोरी का खुलासा, 16 लाख रूपये बरामद, तीन लोग हिरासत में

ग्वालियर|  भिण्ड जिले के प्रसिद्ध डॉक्टर हनुमान मंदिर दंदरौआ धाम परिसर अलमारी तोड़कर की गयी 30 लाख रूपये की चोरी का पुलिस 24 घंटे के अन्दर खुलासा कर दिया है। इसमें मंदिर के अन्दर सो रहे लोगों को दूध में नशे की गोलियां पिलाकर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इसमें 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिसमें शिवम नगाइच, अभिषेक लहारिया और शिवम वर्मा यह 3 लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया है। अभी फिलहाल इनसे पूछताछ की जा रही है। ऐसा बताया जा रहा है कि यह तीनों लोग दंदरौआ धाम द्वारा संचालित स्कूल में पढ़ाई की है।
एसपी मनोज सिंह ने चोरी की घटना के बाद मौ थाने की कमान रामबाबू यादव को सौंपी थी और चोरी की घटना मंदिर परिसर में लगे सीसीटीव कैमरे में कैद हुई थी।
16 लाख 32 सौ रूपये बरामद
टीआई रामबाबू यादव ने बताया तीनों आरोपियों से की गयी पूछताछ में इनके कब्जे से 16 लाख 32 सौ रूपये बरामद किये जा चुके है अभी इनके बीच पैसों का बटवारा नहीं हो पाया था, अनुमान के अनुसार अभी इनसे और समान मिलने की संभावना जताई जा रही है।
चोरों ने कमरे में रखी अलमारी को तोड़कर चाबियां निकाली
जिले के प्रसिद्ध डॉक्टर मंदिर दंदरौआ धाम परिसर में महंत रामदास महाराज रविवार को गर्मी अधिक होने से दूसरी मंजिल पर बने अपने कमरे के बाहर बरामदे में सो रहे थे। रात 12.40 पर मुंह बांधे हुए 2 चोर परिसर में दाखिल हुए। दोनों चोर पीछे के रास्ते से महंत रामदास महाराज के कमरे में दाखिल हुए। चोरों ने कमरे में रखी अलमारी को तोड़कर चाबियां निकाली। इन चोरों से महंत रामदास महाराज के कमरे में ही रखी दूसरी अलमारी को खोला इसमें रखी नकदी को समेट ले गए। करीब रात को 1.02 बजे दोनों चोर बैगों में नकदी लेकर बाहर निकल गए। वारदात के दौरान महंत रामदास महाराज बरामदे में सो रहे थे लेकिन उन्हें इसकी भनक नहीं लग पाई।

चीनी उत्पाद के बहिष्कार के बीच भारत सरकार ने चीन की कंपनी को दिया 1000 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट, RSS की इकाई उतरी विरोध में

नई दिल्ली। कोरोना वायरस का संक्रमण चीन से पूरी दुनिया में फैला, जिसने लाखों लोगों की जान ले ली और तकरीबन 80 लाख से अधिक लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इस वायरस की वजह से दुनिया के तमाम देशों की अर्थव्यवस्था को झटका लगा है और करोड़ों लोगों का रोजगार छिन गया है। इन सब के बीच भारत में चीन के उत्पाद, एप आदि का बहिष्कार करने की बात की जा रही है और वोकल को लोकल पर जोर दिया जा रहा है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की बात अपने संबोधन में कही है। वहीं दिल्ली से मेरठ के बीच बनने वाले अंडरग्राउंड सड़क का काम चीन की कंपनी को दे दिया गया है।

हो रहा विरोध

चीन की कंपनी शंघाई टनल इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने इस काम के लिए सबसे कम बोली लगाई थी, जिसके बाद इस रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम प्रोजेक्ट को चीन की कंपनी को दिया गया है।

जिस तरह से देश में चीन का बहिष्कार हो रहा है, ऐसे में चीन की कंपनी को 1000 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट के मिलने से एक बड़ा वर्ग नाराज भी है और इसका विरोध कर रहा है।

आरएसएस की इकाई उतरी विरोध में

अहम बात यह है कि इस प्रोजेक्ट का विरोध विपक्ष करता उससे पहले भाजपा की विचारधारा को प्रभावित करने वाली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की इकाई स्वदेशी जागरण मंच ने ही इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। संघ ने मोदी सरकार से मांग की है कि वह चीन के इस प्रोजेक्ट को रद्द करे। संघ का कहना है कि सरकार को आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनान चाहिए, चीन की कंपनियों को अहम प्रोजेक्ट्स में बोली लगाने की अनुमति नहीं होनी चाहिए। स्वदेशी जागरण संघ के सह संयोजक अश्विनी महाजन ने इस बाबत केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से अपील की है और का है कि चीन की कंपनी को यह प्रोजेक्ट ना दिया जाए।

सीमा विवाद के बीच मिला प्रोजेक्ट

दिलचस्प बात यह है कि यह निविदा ऐसे समय में हुई है जब भारत और चीन के बीच सीमा विवाद चल रहा था। 12 जून को शंघाई टनल इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने इस प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लगाई। यह प्रोजेक्ट 5.6 किलोमीटर का है जिसके तहत न्यू अशोक नगर से साहिबाबाद के बीच अंडरग्राउंड रास्ता बनना है जोकि दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कोरिडोर का हिस्सा है। इस प्रोजेक्ट कोक नेशनल कैपिटल ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन यानि एनसीआरटीसी ने के तहत आता है। कॉर्पोरेशन ने इसके लिए ऑनलाइन बोली की प्रक्रिया पिछले हफ्ते शुरू की थी।

सबसे कम बोली

एनसीआरटीसी के नतीजों के अनुसार चीन की कंपनी ने पहले राउंड में इसके लिए 1126 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी, जबकि भारत की कंपनी एलएंडटी ने इसके लिए 1170 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी। वहीं सूत्रों का कहना है कि सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि यह बोली बिल्कुल साफ-सुधरे तौर पर हुई है और इसमे भारतीय कंपनियो को पूरा मौका दिया गया है कि वह अपनी बोली लगा सके। एनसीआरटीसी ने इस प्रोजेक्ट के लिए पिछले वर्ष नवंबर माह में बोली की प्रक्रिया शुरू की थी, जबकि तकनीकी बोली की प्रक्रिया 16 मार्च को शुरू की गई है। बता दें कि लेटर ऑफ एक्सेपटेंस जारी किए जाने के बाद इस सुरंग का काम 1095 दिनों में पूरा किया जाना है। 

ज्योतिरादित्य सिंधिया कोरोना वायरस से स्वस्थ होकर घर लौटे

नई दिल्ली। भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त होकर वापस घर लौट आए हैं। वे अभी दिल्ली में ही अपने आवास पर हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर लिखा है कि देश और प्रदेश के लोकप्रिय नेता, हमारे अनुज ज्योतिरादित्य सिंधिया पूरी तरह स्वस्थ हो कर घर लौटे है, ये अत्यंत आनंद और प्रसन्नता का विषय है। उनकी माताजी, श्रीमंत राजमाता ग्वालियर के स्वास्थ्य में शीघ्र सुधार हो ऐसी ईश्वर से करबद्ध प्रार्थना।’

आपको बता दें कि ज्योतिरिादित्य सिंधिया ने हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा है और वे हाल ही में कोरोना से पीड़ित भी हो गए थे। इन सबके बीच शनिवार को शनि मंदिर में सिंधिया परिवार से जुड़े पुरोहित और उनके नजदीकियों ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी पत्नी के नाम से पूजा करवाई थी। शनि मंदिर में जिस दौरान पूजा चल रही थी, उस दौरान मीडियाकर्मी भी वहां पहुंच गए। पुरोहित ने कहा कि यह सामान्य पूजा है और सिंधिया परिवार से इसका कोई लेना-देना नहीं। वैसे भी सिंधिया परिवार यहां आए दिन पूजा अर्चना करता और करवाता रहता है। इसी बीच यहां रखी थैलियों में महाराज और महारानी लिखी पर्चियों पर जब मीडिया की नजर पड़ी तो पुरोहित ज्यादा कुछ नहीं कह पाए। जल्दी से पूजा निपटा कर वे वहां से चले गए थे।

चीन को उसी की भाषा में मिला जवाब, 3 चीनी सैनिक भी मारे गए, ड्रैगन ने भारत को बताया दोषी

नई दिल्‍ली: चीन और भारत के बीच पिछले कई सप्‍ताह से चले आ रहे तनाव को लेकर जिस बात का डर था, वहीं हुआ। सोमवार की रात को दोनों देशों की सेनाओं के बीच एक बार फिर हिंसक झड़प हुई, जिसमें 3 भारतीय शहीद हो गए हैं जबकि 3 चीनी जवान भी मारे गए हैं।

दोनों ही सेनाओं के बीच यह झड़प गलवान घाटी में हुई, जिसके बाद दोनों ही देशों के अधिकारी इस मामले को सुलझाने के लिए घटनास्‍थल पर बैठक कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि दोनों ही सेनाओं के बीच लाठी और डंड़े भी चले। भारत के साथ-साथ चीन के 3 सैनिकों की मौत हुई है। हालांकि चीन की तरफ से उसके सैनिकों को मारे जाने को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

भारत की तरफ से उच्च सूत्रों ने बताया कि इस घटना में चीनी पक्ष की तरफ से कम से कम 3 से 4 जवान हताहत हुए हैं। राजनाथ सिंह ने विस्तृत प्रतिक्रिया और रणनीति बनाने के लिए आज सीडीएस, सेना प्रमुख और विदेश मंत्री जयशंकर के साथ बैठक की। इसके साथ ही सुबह 7:30 से दोनों पक्ष के बीच मीटिंग चल रही है। भारतीय सेना की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया के बाद चीन की तरफ से मीटिंग की मांग की गई।

चीन ने भारतीय सेना को बताया दोषी

जवाब में, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने सोमवार को दो बार सीमा रेखा पार की, ‘चीनी कर्मियों को उकसाया और हमला किया, जिसके परिणामस्वरूप दोनों पक्षों पर सीमा बलों के बीच गंभीर टकराव हुआ।’

इसके साथ ही चीनी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स ले ट्वीट किया है कि सोमवार को भारतीय सैनिकों ने दो बार सीमा को अवैध रूप से पार किया और चीनी सैनिकों पर हमले को अंजाम दिया। जिसके परिणामस्वरूप गंभीर झड़पें हुईं और 3 भारतीय सैनिक मारे गए। चीन ने भारतीय पक्ष से सीमा पार करने या किसी भी एकतरफा कार्रवाई करने से सख्ती से रोक लगाने का आग्रह किया है, जोकि सीमा की स्थिति को जटिल कर सकती है।

परमाणु हथियारों से लैस पड़ोसियों चीन के साथ भारत 3,488 किमी लंबी अचिह्नित सीमा साझा करता है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने पिछले हफ्ते कहा कि बीजिंग स्थिति को सुलझाने के लिए नई दिल्ली के साथ एक ‘सकारात्मक सहमति’ पर पहुंच गया है, जबकि भारत ने रविवार को कहा कि दोनों देश ‘शांतिपूर्ण तरीके से हल करने’ के लिए सहमत हुए हैं।

लद्दाख में चीनी सेना के साथ हिंसक झडप.

लद्दाख में चीनी सेना के साथ हिंसक झड़प, भारतीय सेना के एक अधिकारी और 2 जवान शहीद, वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे 

भारतीय सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है, “गलवान घाटी में सोमवार की रात को डि-एस्केलेशन की प्रक्रिया के दौरान भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान भारतीय सेना के एक अफसर और दो जवान शहीद हो गए।

नई दिल्ली
चीन से सीमा विवाद जानलेवा हो गया है। खबर है कि 15 जून की रात भारतीय सेना का एक अफसर और दो जवान चीनी सैनिकों से हिंसक झड़प में शहीद हो गए हैं। मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि चीन के सैनिकों को भी चोट पहुंची है। भारतीय सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है, “गलवान घाटी में सोमवार की रात को डि-एस्केलेशन की प्रक्रिया के दौरान भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान भारतीय सेना के एक अफसर और दो जवान शहीद हो गए। दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस वक्त इस मामले को शांत करने के लिए बड़ी बैठक कर रहे हैं।”

बॉर्डर पर हिंसक झड़प के बाद चीनी विदेश मंत्रालय का बयान- एकतरफा कार्रवाई दिक्कत पैदा कर सकती है

लद्दाख में सीमा पर हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के एक अफसर और दो जवानों के शहीद होने के बाद चीनी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि भारत को एकतरफा कार्रवाई नहीं करनी चाहिए, इससे दिक्कत बढ़ सकती है।

मध्य प्रदेश में स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थाएं कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अभी नहीं खोली जाएंगी

भोपाल: मध्य प्रदेश में स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थाएं कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अभी नहीं खोली जाएंगी. मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी के अनुसार प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह एस.एन. मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिये राज्य शासन ने अनेक निर्णय लिए हैं, जिसके तहत स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थाएं आगामी आदेश तक बंद रहेंगी.

प्रमुख सचिव गृह ने कहा कि ”भोपाल नगर निगम क्षेत्र में सभी दुकानें सप्ताह में पांच दिन, इंदौर और उज्जैन नगर निगम क्षेत्र में जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति के परामर्श के अनुरूप खुलेंगी. इन नगर निगम की सीमा के बाहर स्थित सभी प्रकार की दुकानें सामान्य स्थिति में खुली रहेंगी.”

अधिकारियों की उपस्थिति शत-प्रतिशत रहेगी

मिश्रा ने बताया कि ”इंदौर, भोपाल और उज्जैन नगर निगम क्षेत्र में शासकीय संभागीय और जिला कार्यालय और निजी कार्यालय 50 प्रतिशत कर्मचारियों की क्षमता के साथ और अन्य स्थानों पर कर्मचारियों की पूरी क्षमता के साथ खुलेंगे. सभी शासकीय कार्यालयों में अधिकारियों की उपस्थिति शत-प्रतिशत रहेगी.”

उन्होंने कहा कि अत्यावश्यक सेवाओं को छोड़कर शेष समस्त गतिविधियां रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक प्रतिबंधित रहेंगी. मध्य प्रदेश में अब तक 10,935 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये हैं, जिनमें से 465 मरीजों की मौत हो गयी है.

भारत में 21 जून को सूर्यग्रहण…

वलयाकार सूर्यग्रहण तब होता है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं. लेकिन देश के अधिकतर हिस्सों में आंशिक सूर्यग्रहण दिखेगा.


कोलकाता: भारत में 21 जून को सूर्यग्रहण दिखेगा और देश के कुछ हिस्सों में यह वलयाकार नजर आएगा. खगोल प्रेमियों को इस दौरान ‘अग्नि-वलय’ देखने का अवसर मिलेगा. हालांकि देश के अधिकतर हिस्सों में सूर्यग्रहण आंशिक होगा.

एमपी बिड़ला तारामंडल के निदेशक देवी प्रसाद दुरई ने बताया कि राजस्थान के घड़साना के पास सुबह लगभग 10 बजकर 12 मिनट पर सूर्यग्रहण की वलयाकार गति शुरू होगी और पूर्वाह्न लगभग 11 बजकर 49 मिनट पर वलयाकार होगा और 11 बजकर 50 मिनट पर समाप्त होगा.

कहां-कहां दिखेगा सूर्यग्रहण
आगामी 21 जून को वलयाकार सूर्यग्रहण सबसे पहले अफ्रीका के कांगो से शुरू होगा और फिर भारत के राजस्थान में करने प्रवेश से पहले यह दक्षिणी सूडान, इथियोपिया, यमन, ओमान, सहदी अरब, हिंद महासागर और पाकिस्तान से होकर गुजरेगा. इसके बाद यह तिब्बत, चीन, ताइवान की ओर बढ़ेगा और फिर प्रशांत महासागर के मध्य में समाप्त हो जाएगा.

राजस्थान के सूरतगढ़ और अनूपगढ़, हरियाणा के सिरसा, रतिया, कुरुक्षेत्र और उत्तराखंड के देहरादून, चंबा, चमोली और जोशीमठ जैसे क्षेत्रों से ‘अग्नि-वलय’ एक मिनट तक दिखेगा.

इस बार थोड़ा हल्का होगा ग्रहण
दुरई ने एक बयान में कहा कि हालांकि इस बार का ‘अग्नि-वलय’ उस तरह का नहीं होगा जैसा यह पिछले साल 26 दिसंबर को दिखा था. इस बार यह थोड़ा हल्का होगा. वलयाकार सूर्यग्रहण तब होता है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं. लेकिन देश के अधिकतर हिस्सों में आंशिक सूर्यग्रहण दिखेगा.

कोलकाता में आंशिक सूर्यग्रहण की शुरुआत 10:46 बजे होगी और इसका समापन दोपहर 2:17 बजे होगा. हालांकि दिल्ली में यह पूर्वाह्न 10:20 बजे से अपराह्न 1:48 बजे तक, मुंबई में सुबह 10 बजे से अपराह्न 1:27 बजे तक, चेन्नई में पूर्वाह्न 10:22 बजे से अपराह्न 1:41 बजे तक और बेंगलुरु में पूर्वाह्न 10:13 बजे से अपराह्न 1:31 बजे तक दिखेगा.

शिवराज-दिग्विजय में बढ़ी रार, कांग्रेस नेता अब CM के खिलाफ दर्ज कराएंगे FIR

मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच इन दिनों जबरदस्त जंग चल रही है. फर्जी वीडियो को लेकर बीते दिनों दिग्विजय सिंह पर FIR हुई और अब कांग्रेस नेता पलटवार करने की तैयारी में हैं. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि वह शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ शिकायत करेंगे, ये शिकायत फर्जी वीडियो साझा करने के आरोप में ही होगी.

दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर दावा किया कि शिवराज सिंह चौहान ने 2019 में राहुल गांधी को लेकर एक फर्जी वीडियो साझा की थी, एक मुख्यमंत्री होने के नाते वह ऐसा किस तरह कर सकते हैं. अब दिग्विजय का कहना है कि जिस थाने में मेरे खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, मैं भी उसी थाने में जाऊंगा.

दिग्विजय सिंह ने शिवराज सिंह चौहान का जो ट्वीट साझा किया, उसमें उन्होंने राहुल गांधी का एक वीडियो ट्वीट किया था. दावा था कि राहुल गांधी अपने भाषण में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम भूल जाते हैं, लेकिन ये वीडियो एडिट हुआ था. अब दिग्विजय इस वीडियो को लेकर शिवराज के खिलाफ एफआईआर करने की बात कर रहे हैं.

दरअसल, बीते दिनों दिग्विजय सिंह ने शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो साझा किया था. आरोप है कि ये वीडियो फेक है, इसी मामले को लेकर दिग्विजय सिंह पर भोपाल क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया था. इसको लेकर बीजेपी की ओर से शिकायत दर्ज की गई थी.

इस मामले में दिग्विजय सिंह पर धारा 465, 501, 500 के तहत मामला दर्ज किया गया था. कांग्रेस नेता पर मानहानि का मामला लगाया गया है. गौरतलब है कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह लगातार सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं और शिवराज सरकार को निशाने पर लिए हुए हैं.

सुशांत सिंह राजपूत के परिवार पर फिर टूटा दुखों का पहाड़, अब सदमे में भाभी ने तोड़ा दम

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से अभी उनका परिवार उबर भी नहीं पाया था कि उन पर एक और बार दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दरअसल, सुशांत सिंह की भाभी सुधा देवी का सोमवार को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वह सुशांत के निधन से सदमे में थीं।

जानकारी के अनुसार, सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई अमरेंद्र सिंह की पत्नी सुधा का निधन उस वक्त हुआ, जब मुंबई में सुशांत का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। सुशांत के खुदकुशी कर लेने की खबर सुनने के बाद से ही वह सदमे में थीं और उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया था। इस वजह से उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी।

परिजनों ने बताया कि बीते कुछ समय से सुधा बीमार थीं। रविवार को जैसे ही उन्होंने सुशांत की मौत की खबर सुनी उनकी हालत और भी बिगड़ने लगी। वह बार-बार बेहोश हो जाती थीं। 
बता दें कि सुधा और उनका परिवार सुशांत सिंह राजपूत के पैतृक गांव पूर्णिया के मलडीहा में रहता है। अभिनेता की मौत के बाद से इस इलाके में पहले से ही सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन परिवार में एक और मौत से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत ने रविवार को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में खुदकुशी कर ली थी। उनकी मौत की खबर सुनकर हर कोई हैरान रह गया था। कई लोगों ने सुशांत की मौत पर सवाल भी उठाए हैं। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है।