चीन की शह पर अब नेपाल उठाने वाला है यह नया कदम, अमेरिका को देगा झटका!

नई दिल्ली

भारत के साथ नक्शा विवाद और रिश्तों में कड़वाहट घोलने के बाद नेपाल अब चीन की शह पर अमेरिका को झटका देने की कोशिशों में जुटा है। कुछ कथित खबरों के मुताबिक पेइचिंग नेपाल के सत्तारूढ़ दल को अमेरिका की एक मदद को ठुकराने के लिए दबाव बना रहा है। बता दें कि भारत के साथ सीमा गतिरोध के बीच नेपाल ने नया नक्शा बनाया है। इस नक्शे में लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को नेपाल ने अपने क्षेत्र में दिखाया है। भारत नेपाल के इस नक्शे को खारिज कर चुका है।

मदद में चीन लगा रहा अड़ंगा!

मिलैनियम चैलेंज कोऑपरेशन (MCC) के तहत अमेरिका ने नेपाल की एक परियोजना के लिए मदद दे रहा है। वॉशिंगटन 2017 इस मदद को सहमत हुआ था। ईटी को पता चला है कि अमेरिका की इस मदद के लेने पर सहमति जताने के कारण चीन और सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) के रिश्तों में तल्खी आई थी। कहा जा रहा है कि चीन अब इस मदद में अड़ंगे लगा रहा है।

सड़क और पावर ट्रांसमिशन के लिए मदद

अमेरिका ने 500 मिलियन डॉलर की मदद को तैयार हुआ था जबकि नेपाल 130 मिलियन डॉलर खुद निवेश करता। इस मदद से नेपाल एक पावर ट्रांसमिशन लाइन और 300 किलोमीटर सड़कों को अपग्रेड करने वाला था।

NCP सरकार में मदद पर मतभेद

काठमांडू से ईटी को एक सूत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाला NCP सरकार में इस मदद को लेकर मतभेद की खबरें आई थीं क्योंकि उन्हें डर था कि इस मदद के कारण चीन के साथ रिश्ते खराब हो सकते हैं। इस मदद का विरोध करने वालों का कहना था कि MCC का लक्ष्य अमेरिका का इंडो-प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभाव को कम रहना है। उनका कहना था कि MCC को स्वीकार करना सही नहीं होगा।

विरोधियों के खिलाफ ओली की चाल?

नेपाल की नब्ज पर करीबी नजर रखने वाले एक सूत्र ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि एक समय भारत का करीबी सहयोगी ओली इस वक्त देश में खुद को मजबूत करने में लगे हैं और नई दिल्ली के खिलाफ सख्त तेवर दिखा रहे हैं। नेपाल का सत्तारूढ़ जमात अपने फायदे के लिए जनता को दरकिनार कर रही है।

प्रचंड कर रहे हैं मदद का विरोध

बता दें कि अमेरिका-नेपाल के बीच हुए इस समझौते को 30 जून तक संसद से मंजूरी लेनी होगी लेकिन मतभेद के कारण इसे अभी संसद में पेश ही नहीं किया जा सका है। सीनियर पार्टी लीडर पुष्प कमल दहल प्रचंड, जेएन खनाल, माधव कुमार नेपाल और भीम राव अमेरिकी मदद का विरोध कर रहे हैं।

नेपाल के वित्त मंत्री पार्टी के अंदर ही घिरे

वित्त मंत्री युबराज खाती को नए बजट में इस अमेरिकी मदद को शामिल करने के कारण अपने दल के अंदर ही काफी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। विरोध पर खाती ने कहा, ‘अगर हम यह समझौता रद्द कर देते हैं तो इससे ने केवल अमेरिका के साथ हमारे रिश्तों पर असर पड़ेगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल को मिलने वाली मदद भी प्रभावित होगी।’

नेपाल ने बनाया है नया नक्शा
बता दें कि नेपाल की कम्युनिस्ट सरकार लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को नेपाली भू-भाग प्रदर्शित करने वाले एक नए नक्शे को देश की संसद से पास पास कराने में जुटी है। नेपाली संसद के ऊपरी सदन में विवादित नक्शे को मंजूरी देने के लिए संविधान संशोधन विधेयक को पेश किया गया है। मंगलवार को इस विधेयक पर वोटिंग होगी। माना जा रहा है कि यहां से भी यह विधेयक बहुमत के साथ पारित हो जाएगा। इस पर भारत को यह कहना पड़ा कि इस तरह का कृत्रिम क्षेत्र विस्तार का दावा स्वीकार्य नहीं है।

मध्यप्रदेश: स्नातक एवं स्नातकोत्तर की परीक्षाएं स्थगित 

भोपाल  राज्य शासन उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की परीक्षायें स्थगित कर दी गई हैं। उच्च शिक्षा विभाग की परीक्षाए 29 जून से 31 जुलाई और तकनीकी शिक्षा विभाग की परीक्षाए 16 जून से 31 जुलाई तक निर्धारित थी। राज्य शासन द्वारा आगामी परीक्षा तिथिया अलग से घोषित की जाएंगी। कोरोना संक्रमण के कारण प्रोफेसर और छात्र संगठन परीक्षा कराने का लगातार विरोध कर रहे थे।

भारतीय उच्चायोग के साथ काम करने वाले दो अधिकारी पाकिस्तान के इस्लामाबाद से लापता:

नई दिल्ली: इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के दो जूनियर अधिकारी लापता हो गए हैं। सूत्रों ने एएनआई को बताया कि दो अधिकारी पिछले कुछ घंटों से लापता हैं।
हाल ही में, पाकिस्तान में भारतीय दूतावास के कार्यवाहक उच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया की कार का मोटरसाइकिल पर पाकिस्तान के ISI के एक सदस्य ने पीछा किया था। यही नहीं, आईएसआई ने गौरव अहलूवालिया पर नजर रखने के लिए उनके आवास के बाहर कारों और बाइक की भीड़ लगा दी थी।

मार्च में, पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग ने इस्लामाबाद में विदेश मंत्रालय को एक मजबूत विरोध पत्र भेजा था, जिसमें पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा पाकिस्तानी अधिकारियों और कर्मचारियों के निरंतर शोषण को समाप्त करने का आह्वान किया गया था।

भारत ने पाकिस्तानी अधिकारियों से इस घटना की तुरंत जांच करने और संबंधित एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि ऐसी घटना दोबारा न हो।

सबसे बड़ी बात तो यह है कि यह कांड तब हुआ जिस समय पाकिस्तान के उच्चायोग के साथ काम करने वाले दो पाकिस्तानी मूल के अधिकारियों को जासूसी के मामले में सरकार ने निसकासिस किया था।

भारत ने तब पाकिस्तान उच्चायोग के दो अधिकारियों को जासूसी के आरोप में 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया था। बाद में ये बात सामने आई थी कि पाकिस्तान के दो अधिकारियों की मंशा रेलगाड़ियों से सेना की इकाइयों की आवाजाही का विस्तृत ब्यौरा हासिल करने की थी।

सुशांत सिंह चला गया पर दुनिया के लिये एक सोच छोड़ गया….


Sushant Singh Rajput की आत्महत्या चर्चा का विषय हो गई है सोशल मीडिया पर, सेलिब्रिटीज़ की आत्महत्या को लेकर कई तरह की बातें हो रही हैं। Sushant की आत्‍महत्‍या की खबर आज सबसे बड़ी और सबसे चौंकाने वाली खबर है। सिनेमा के प्रेमी व जानकारों के लिए तो यह बड़ा झटका है ही, अन्‍य क्षेत्रों के लोग भी इस खबर से आश्‍चर्यचकित हैं। आज दोपहर 3 बजे जैसे ही मीडिया में यह सूचना सामने आई, लोग दंग रह गए। सुशांत ने खुदकुशी कर ली, इस बात से सभी अचंभित हैं। इसका कारण क्‍या है, यह अभी पता नहीं चल पाया है। लेकिन इस घटना से एक बार फिर आत्‍महत्‍या जैसे संवेदनशील विषय पर चर्चा छिड़ गई है। WhatsApp पर शाम से एक मैसेज बहुत वायरल हो रहा है। यह मैसेज असल में आत्‍महत्‍या जैसे विषय को छूता है और उन सभी बिंदुओं की पड़ताल करता है, जिसके चलते कोई भी शख्‍स अपनी जिंदगी खत्‍म करने का कदम उठा लेता है। कम शब्‍दों के इस मैसेज में बात गहरी कही गई है और जीवन में पॉजिटिविटी बनाए रखने की भी अपील की गई है। आप भी देखें इसमें क्‍या लिखा है।

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तनाव के उन क्षणों में मजबूत लोग भी आत्महत्या कर लेते हैं..

वो लोग जिनके पास सब कुछ है ..

शान … शौकत … रुतबा … पैसा .. इज्जत

इनमें से कुछ भी उन्हें नहीं रोक पाता ..

तो फिर क्या कमी रह जाती है ???

कमी रह जाती है उस ऊँचाई पर एक अदद दोस्त की

कमी होती है उस मुकाम पर एक अदद राजदार की

एक ऐसे दोस्त की जिसके साथ “चांदी सोने के कपों” में नहीं ,

किसी छोटी सी चाय के दुकान पर भी बैठ सकते ..

जो उन्हें बेतुकी बातों से जोकर बन कर हंसा पाता …

वह जिससे अपनी दिल की बात कह हल्के हो सके..

वह जिसको देखकर

अपना स्ट्रेस भूल सके

वह दोस्त

वह यार

वह राजदार

वह हमप्याला

उनके पास नहीं होता

जो कह सके तू सब छोड़ … चाय पी मैं हूं ना तेरे साथ …

और आखिर में

यही मायने कर जाता है…

सारी दुनिया की धन दौलत एकतरफ…सारा तनाव एक तरफ ..

वह दोस्त वह एक तरफ !!!

लेकिन अगर आपके पास वह दोस्त है वह यार है

तो कीमत समझिये उसकी…

चले जाइए एक शाम उसके साथ चाय पर …

जिंदगी बहुत हसीन बन जाएगी……

याद रखिए आपके तनाव से यदि कोई लड़ सकता है तो वो है आपका दोस्त और उसके साथ की एक कप गर्म चाय !!!

सभी दोस्तों को समर्पित ।

🙏 🙏

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सुशांत की आत्महत्या

सुशांत एक सफल अभिनेता थे। फिल्में चल रही थीं, पैसा आ रहा था, प्रसिद्धि मिल चुकी थी, जाने कितनों के आदर्श थे… फिर भी आत्महत्या कर लिए। अजीब लगता है, पर अजीब है नहीं।

मुम्बई एक शहर का नाम नहीं, अधूरी महत्वकांक्षाओ की बहुत बड़ी भीड़ का नाम है। वहाँ हर साल लाखों लोग चमकने जाते हैं। जो चमक रहे हैं वे और अधिक चमकने का प्रयास करते हैं। यहाँ कोई अपनी दशा से संतुष्ट नहीं, सब “और अधिक” पाना चाहते हैं। इस हवस का कोई अंत नहीं… यह हवस मृत्यु पर ही समाप्त होती है।

सुशांत के आर्थिक हालात कैसे भी रहे हों, पर वे देश की 95% जनता से अच्छी स्थिति में थे। क्या नहीं था उनके पास… बस संतुष्टि नहीं थी, जीवन से लड़ने का साहस नहीं था। सिनेमाई नायकों से साथ यही होता है। जीवन थोड़ा सा विपरीत हो जाय तो हार मान लेते हैं। वहाँ अमिताभ बच्चन जैसा महानायक राज ठाकरे के चार पत्थरों पर ही टूट कर माफी मांगने लगता है।

किसी भी प्रसिद्ध व्यक्ति की जिम्मेवारी बड़ी होती है। उनको असँख्य लोग फॉलो करते हैं, आदर्श मानते हैं। वे यदि कोई गलत निर्णय लें तो उनकी गलती भी कइयों के लिए गलती करने के पक्ष में तर्क बन जाती है। फिर आत्महत्या तो शायद संसार का सबसे घृणित कर्म है। सुशांत कितने भी अच्छे अभिनेता रहे हों, उन्होंने अंत में अत्यंत घिनौनी और कायरतापूर्ण प्रस्तुति दी है।

मनुष्य के लिए जीवन से पराजित होना नया नहीं है, हर युग में ऐसा होता रहा है। जीवन जब बहुत कठिन हो जाय तो लोग सांसारिक झंझटों से दूर भागते रहे हैं। पहले लोग ऐसी दशा में घर से भाग कर धर्म की शरण में चले जाते थे, साधु हो जाते थे। पर अब ऐसा नहीं है। फर्जी बुद्धिजीविता के ढोंग में लोग धर्म को नकार देते हैं, फिर जब जीवन भारी पड़ता है तो आत्महत्या के अतिरिक्त कोई दूसरा मार्ग नहीं दिखता। सुशांत के साथ भी यही हुआ है।

सुशांत सिनेमाई संसार के पहले आत्महत्यारे नहीं हैं, अब हर महीने दो महीने पर कोई स्टार आत्महत्या कर ही लेता है। जिया, प्रत्युषा, सुशांत… सुशांत के बहाने ही सही, पर मुम्बइया शैली के जीवन की कुरूपता पर चर्चा होनी ही चाहिए। जो जीवनशैली सबकुछ होते हुए भी आत्महत्या की ओर ढकेल दे, वह सुन्दर नहीं है।

जीवन कितना भी कुरूप क्यों न हो, मृत्यु की अपेक्षा सुन्दर ही होता है। हमारे आपके आसपास ऐसे असँख्य लोग हैं जिनका जीवन अत्यंत कठिन है। फिर भी वे जी रहे हैं।

अभी कल ही एक फेसबुक मित्र मिले थे, प्रवीण कुमार। हैंडीकैप हैं… पता चला कि मीरगंज में दरिद्र बच्चों के लिए फ्री क्लास चलाते हैं, दिन भर। हँसते हुए बता रहे थे कि लॉक-डाउन में जब सब लोग गरीबों में अनाज बांट रहे थे तो हमने सोचा कि हम सब्जी बांटते हैं। इसी बीच में एक दिन अपने बगान से केला के कई घवद काट कर बांट दिए। उनके दादाजी ने पूछा तो बोले, कोई चोर चुरा ले गया शायद… यह बताते हुए वह बीस-इक्कीस साल का लड़का खिलखिला कर हँस रहा था। उसे देख कर लगा कि जिन्दगी बहुत खूबसूरत है, बस जीने का ढंग बढ़िया होना चाहिए। सुशांत जैसे लोग तो उसकी पोलियो की मारी पतली उंगलियों से भी कमजोर हैं।

जाइये सुशांत। आपको मुक्ति मिले… आत्महत्या श्रद्धा के योग्य नहीं होती, सो श्रद्धांजलि नहीं दे सकता।

पूरा देश फिर से होगा बंद, इस ‘लॉकडाउन’ के नियम होंगे सबसे सख्त ?

भारत में कोरोना वायरस का कहर ज़ारी है। अब COVID-19 के नए मामले अब हर दिन रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। देश में कुल कोरोना संक्रमित मामलों की संख्या 3 लाख के पार पहुंच गई है और अब भारत दुनिया में कोरोना वायरस से प्रभावित चौथा देश बन गया है। दुनिया में अब जिन देशों में रोज सबसे अधिक नए केस सामने आ रहे हैं, उनमें भारत भी शामिल हो गया है। अमेरिका में रोज लगभग 20000, ब्राजील में 15000 नए मामले सामने आ रहे हैं, तो वहीं भारत तीसरे नंबर पर है, यहाँ रोज़ 10000 के लगभग मामले सामने आ रहे हैं। इसीलिए ऐसी आशंका जताई जा रही है कि सरकार एक बार फिर लॉकडाउन लगा सकती है।

देश में कोरोना मरीजों की ज़बरदस्त बढ़ोतरी होने से पीएमओ में हलचल होने लगी है। गृहमंत्रालय ने भी सभी राज्यों से कोरोना मामलों के बारे में जानकारी मांगी है। ऐसे में फिर से केंद्र सरकार कोरोना को लेकर चौकन्नी हो गई है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना लॉकडाउन को लेकर देश के सभी मुख्यमंत्रियों से एक बार फिर बात करेंगे। पीएमओ की तत्परता से ये सम्भावना जताई जा रही हैं कि देश में एक नार फिर लॉकडाउन लागू होने वाला है।

प्रधानमंत्री मोदी दो दिन 16-17 जून को सभी मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे। 16 को 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और प्रशासकों से पीएम मोदी बात करेंगे। इसी दिन पंजाब, असम ,केरल, उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, गोवा, मणिपुर, नागालैंड, मेघायल, पुडुचेरी, सिक्किम अरुणाचल प्रदेश मुख्यमंत्रियों से भी प्रधानमंत्री मोदी की चर्चा होगी। इसके अलावा 16 जून को ही चंडीगढ़, लद्दाख, दादरा नगर हवेली, अंडमान निकोबर, दमन दीव और लक्षद्वीप आदि के उपराज्यपालों की राय प्रधानमंत्री मोदी लेंगे।

सूत्रों से जानकारी मिली है कि प्रधानमंत्री मोदी अब सभी मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे। वे सभी मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों की राय लेंगे। इसके बाद तय किया जायगा की कब और किस तरह का लॉक डाउन लगाना है। इस चर्चा के बाद अगले 2 या 3 दिन में फिर से लॉक डाउन हो सकता है। मतलब अगर कोरोना संक्रमण के यही हालात रहे तो 20 जून के आस पास लॉक डाउन लगने की प्रबल संभावनाएं दिखाई दे रही है। देश एक बार फिर बंद हो सकता है। ट्रेन और फ्लाइट भी फिर बंद हो सकती है। लेकिन ऐसा क्यों?

याद कीजिए, कुछ दिन पहले तक हम इटली, स्पेन, अमेरिका जैसे देशों का का उदहारण देकर आपको बता रहे थे कि कैसे इन देशों में कोरोना वायरस एक बड़ी मुसीबत बन गया है, और कैसे इन देशों के लोगों को इलाज तक नहीं मिल पा रहा है। हमने देखा था कि इन देशों के अस्पतालों में शवों को रखने की जगह तक नहीं बची थी और शवों को इकठ्ठा दफना दिया गया था। यहां तक इन देशों में कब्रिस्तान भी कम पड़ने लगे थे। हमें इस बात का डर था कि कहीं भारत में भी ऐसी स्थिति ना बन जाए। लेकिन हम इसी स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं। दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में इस समय जो स्थिति बनी हैं, वह बहुत  भयावह है।

देश की राजधानी दिल्ली में ना तो पर्याप्त टेस्ट हो रहे हैं, ना मरीजों को हॉस्पिटल में बेड मिल रहे हैं। जो मरीज अस्पतालों में एडमिट हैं, उन्हें पर्याप्त इलाज नहीं मिल रहा है। तहँ तक की जीवित मरीजों का ध्यान तक नहीं रखा जा रहा है। एक वीडियो में दिखाया गया है दिल्ली के शमशान में अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं मिल पा रही और लाइन लगी थी। अब दिल्ली के अस्पतालों में जगह नहीं बची है। दिल्ली जैसा हाल पूरे देश का ना हो जाये, इसीलिए फिर से लॉक डाउन लगने की प्रबल संभावना बन रही है।

शिवराज सिंह चौहान का एडिटेड वीडियो ट्वीट करने पर दिग्विजय सिंह के खिलाफ एफआईआर

भोपाल। भाजपा नेताओं की शिकायत पर रविवार रात क्राइम ब्रांच ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। शिकायत में बताया गया कि रविवार दोपहर 01ः50 बजे पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने अधिकारिक ट्वीटर अकाउंट पर एक वीडियो डाला है। इस वीडियो में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह कह रहे हैं कि दारू इतनी फैला दो कि पीयें और पड़े रहें। शिकायत में जिक्र किया गया है कि यह वीडियो 12 जनवरी 2020 को शिवराजसिंह के अधिकृत ट्वीटर अकाउंट पर डाला गया था। 2 मिनट 19 सेकेंड के इस वीडियो में छेड़छाड़ कर 9 सेकेंड का वीडियो तैयार किया गया है। जिसे दिग्विजयसिंह ने अपने ट्वीटर पर डाला है।

एएसपी क्राइम ब्रांच निश्चल झारिया ने बताया कि रविवार रात को पूर्व मंत्री व विधायक विश्वास सारंग, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता,विधायक कृष्णा गौर,रामेश्वर शर्मा आदि ने लिखित शिकायत की। साक्ष्य के तौर पर वीडियो की कॉपी पेन ड्राइव में पेश की। शिकायत में बताया गया कि कमलनाथ सरकार की आबकारी नीति में गांव-गांव में शराब दुकान खोलने की रूपरेखा बनाई जा रही थी। इस पर 12 जनवरी को किसी पत्रकार ने शिवराजसिंह चौहान से प्रतिक्रिया ली थी। उसमें शिवराजसिंह ने साक्षात्कार के दौरान तत्कालीन सरकार की आबकारी नीति के विरोध में समाज हित पर अपनी टिप्पणी की थी। साक्षात्कार का यह 2 मिनट 19 सेकेंड का वीडियो उसी दिन शिवराजसिंह के अधिकृत ट्वीटर अकाउंट पर डाला गया था।

उसी वीडियो में कांटछांट कर 9 सेकेंड का वीडियो तैयार किया गया है। उसे रविवार दोपहर 01ः50 बजे पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने अधिकारिक ट्वीटर अकाउंट पर डाला है। एएसपी झारिया ने बताया कि इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। उधर सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के पुराने वीडियो में कांटछांट कर सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ। इसी मामले में सोशल मीडिया मॉनीटरिंग सेल ने अविनाश कड़वे नाम के व्यक्ति व अन्य के खिलाफ धारा-500,501,505(1)बी,67 आइटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने दिग्विजिय सिंह का उक्त वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था।

शराब लॉबी ने बढ़ाई सरकार की दिक्कतें, सरकार के प्रयोग हुए फैल

भोपाल । कोरोना संकट से गड़बड़ाई आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए जूझ रही राज्य सरकार की दुश्वारियां शराब लॉबी ने और बढ़ा दी हैं। शराब दुकानें बंद कर ब्लैकमेलिंग पर उतारू शराब कारोबारियों से पार पाने के लिए अब सरकार को दुकानों के ठेके आरक्षित मूल्य से 20 फीसद कम पर देने का निर्णय लेना पड़ा है। सात-सात दिन के लिए सौ से ज्यादा दुकानों के समूह के ठेके हो गए हैं।

वाणिज्यिक कर विभाग का अनुमान है कि नई व्यवस्था से तीन माह में दो हजार 800 करोड़ रुपये के राजस्व का जो नुकसान हुआ है, वह थम जाएगा। दरअसल, सरकार अब आर्थिक नुकसान उठाने की स्थिति में नहीं है। यही वजह है कि बंद दुकानों को खोलने के लिए आबकारी के अमले को भी मैदान में उतारना पड़ा है। प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के बाद शराब से ही सरकार को बड़ी आमदनी कर के रूप में होती है।

कमल नाथ सरकार ने राजस्व आय बढ़ाने के लिए वर्ष 2020-21 में 25 फीसद वार्षिक शुल्क बढ़ाकर ठेके दिए थे। लॉकडाउन के कारण शराब दुकानें बंद हो गईं तो ठेकेदार और सरकार को राजस्व का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। सरकार ने कंटेनमेंट जोन के बाहर दुकानें खोलने की अनुमति दी पर दुकान संचालक तैयार नहीं हुए। दरअसल, ठेकेदारों का कहना था कि जिन दो माह में शराब दुकानें बंद रहीं, उसमें ठेके की आधी कीमत निकल आती है।

भिंड के प्रसिद्ध डॉक्टर हनुमान मंदिर दंदरौआ धाम में 30 लाख की चोरी

मेहगांव। भिंड जिले के प्रसिद्ध डॉक्टर हनुमान मंदिर दंदरौआ धाम परिसर से बीती रात अज्ञात 2 चोर अलमारी तोड़कर 30 लाख रुपए पार कर ले गए। परिसर में घुसे बदमाशों ने अंगौछे से अपने मुंह को ढके हुए थे। एक बदमाश लोहे का सब्बल लेकर आया था। बदमाश सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए हैं। भागते समय बदमाशों से एक बैग परिसर के बाहर छूट गया, जिसमें 3 लाख 42 हजार रुपए मिले हैं। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है।

प्रसिद्ध डॉक्टर हनुमान मंदिर दंदरौआ धाम परिसर में महंत रामदास महाराज रविवार को गर्मी अधिक होने से दूसरी मंजिल पर बने अपने कमरे के बाहर बरामदे में सो रहे थे। रात 12:40 पर मुंह बांधे हुए दो चोर परिसर में दाखिल हुए। दोनों चोर पीछे के रास्ते से महंत रामदास महाराज के कमरे में दाखिल हुए। चोरों ने कमरे में रखी अलमारी को तोड़कर चाबियां निकाली। इन चोरों से महंत रामदास महाराज के कमरे में ही रखी दूसरी अलमारी को खोला इसमें रखी नकदी को समेट ले गए। करीब 1:02 बजे दोनों चोर बैगों में नकदी लेकर बाहर निकल गए। वारदात के दौरान महंत रामदास महाराज बरामदे में सो रहे थे, लेकिन उन्हें इसकी भनक नहीं लग पाई।

सुबह जागे तो कमरे में अलमारी को टूटा देख चोरी का पता चला। उन्होंने परिसर के भक्तों को बताया। साथ ही पुलिस को सूचना दी गई। दंदरौआ धाम में चोरी की सूचना मिलते ही एसपी मनोज कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे हैं। पुलिस के साथ पड़ताल शुरू हुई तो परिसर के बाहर एक बैग पड़ा मिला। इस बैग में 34,2000 रुपए नकद मिले हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। फुटेज में दो चोर नजर आ रहे हैं, जो अपना मुंह ढके हुए हैं। एक चोर के हाथ में लोहे का सब्बल है। दंदरौआ धाम में वारदात पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।

एक थैला छोड़ गए 

पुलिस की पड़ताल में एक तथ्य यह सामने आया कि चोर सारी नकदी समेट ले गए लेकिन मौके पर एक थैला पड़ा मिला जिसमे लगभग दो से तीन लाख रुपये की राशि है । अभी यह समझ नही आ रहा कि चोर यह राशि जान बूझकर छोड़ भागे है  या धोखे से थैला पड़ा रहा गया ।

क्या चोर गाड़ी लेकर आये थे?

इस सनसनीखेज चोरी में प्रथमदृष्टया बताया गया है कि चोर अपने साथ कुछ तिजोरियां भी ले गए है । माना जा रहा है कि या तो उनमें से कुछ के ताले टूटे नहीं होंगे या फिर चोरों के पास नकदी भरने की व्यवस्था कम पड़ गई होगी इसलिए वे साथ मे तिजोरियां ही उठा ले गए । लेकिन तिजोरियां इतनी भारी है कि उन्हें कोई व्यक्ति उठाकर बहुत दूर तक नही ले जा सकता । इसलिए माना जक रहा है कि चोर काफी संख्या में रहे होंगे और चार पहिया वाहन लेकर आये होंगे ।

सीसीटीवी में कैमरे में कैद चोर

सूत्रों की माने तो पुलिस मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर खंगाल रही है । उनमें संदिग्ध चोर दिखाई दे रहे है । लोगों को दिखाने के बाद भी अभी तक उनकी शिनाख्तगी नही हो पा रहा है । लेकिन उम्मीद है कि चोर मंदिर के चप्पे – चप्पे से न केवल परिचित थे बल्कि गतिविधियों को भी जानते है । पुलिस यहां रहने वाले लोगो से पूछताछ कर जांच के लिए रास्ता बनाने में जुटी है ।

लाखो की भीड़ जुटती है मंदिर में 

दंदरौआ हनुमान मंदिर पूरे उत्तर भारत मे डॉक्टर हनुमान जी के मंदिर के नाम से प्रसिध्द है । यहां हर मंगलवार और शनिवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते है । बुढ़वा मंगल और हनुमान जयंती में यहां पहुंचने वाले भक्तों की संख्या लाखो में होती है । यहां वैदिक शिक्षा देने का संस्थान भी है और भंडारे भी चलते रहते है ।

लॉक डाउन में बंद रहे पट

22 मार्च को कोरोना के चलते हुए लॉक डाउन में मंदिर के पट बन्द रहे इस बजह से मेले भी नही लगे । अनलॉक होने के बाद कुछ ही दिनों पहले यहां लोगों की आबाजाही शुरू हुई थी ।

नरोत्तम मिश्रा ने दिग्विजय सिंह पर निशाना साध कांग्रेस पर बोला हमला और कही ये बड़ी बात

उन्होंने दिग्विजय सिंह के बहाने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस दलित नेता फूलसिंह बरैया को राज्य सभा न भेजकर अपनी सामंती सोच का परिचय दे रही है। कारण स्पष्ट है कि कांग्रेस हमेशा ही दलित, शोषित और वंचितों के साथ अन्याय करती आ रही है। यही वजह है कि फूल सिंह बरैया की उपेक्षा कर अपना असली दलित विरोधी चेहरा दिखा दिया है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में तीन सीटों पर 19 को वोटिंग होनी है। कांग्रेस ने अपनी ओर से दो सदस्यों को प्रत्याशी बनाया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को प्रथम वरीयता पर और फूल सिंह बरैया को दूसरे नंबर पर रखा गया है। कांग्रेस को बरैया को प्रथम वरीयता वाली सीट से राज्य सभा भेजना चाहिए।
कांग्रेस ने किया पलटवार 
गृहमंत्री के वार पर अब बारी थी कांग्रेस के पलटवार की तो पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने भाजपा पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि राज्य सभा के लिए एसटी सीट पर आने वाले सुमेर सिंह सोलंकी को दूसरे नंबर का प्रत्याशी क्यों रखा ? ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्थान पर उन्हें रखना था नंबर एक पर। ऐसे में माना जाना चाहिए कि भाजपा आदिवासी विरोधी पार्टी है। 

उन्होंने कहा कि भाजपा तो शुरू से ही दलित विरोधी पार्टी रही है। दो अपै्रल 2018 को हुई घटना इस बात का प्रमाण है। भाजपा तो बाबा साहेब अंबेडकर के बनाए हुए संविधान को ही बदलन चाहती है। दलित विरोधी तो भाजपा है कांग्रेस नहीं। कांग्रेस तो हमेशा दलितों के उत्थान के एजेंडे को लेकर काम करती रही है और संविधान में उन्हें हक दिलाया है। कांग्रेस हर वर्ग को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है न कि किसी को छोड़ने और तोड़ने में।