एक दिन पहले मध्य प्रदेश में दी मानसून में दी मानसून दस्तक

भोपाल। दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विज्ञानियों ने रविवार को मानसून के मप्र के दक्षिणी इलाके से दाखिल होने की संभावना जताई है। साथ ही रविवार से प्रदेश के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में अच्छी बरसात का सिलसिला शुरू हो जाएगा। ज्ञात हो कि केंद्र के मौसम विभाग ने पिछले माह मप्र में मानसून के आगमन की अनुमानित तिथि 15 जून तय की है। इसके पूर्व लंबे समय से यह तारीख 10 जून निर्धारित थी। उधर शनिवार को सतना में 32, उमरिया में 23, छिंदवाड़ा में 11, सीधी में 9, पचमढ़ी में 3 मिमी. बरसात हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र के प्रवक्ता के मुताबिक मानसून मध्य महाराष्ट्र के कुछ और हिस्से, विदर्भ के अधिकांश क्षेत्र, छत्तीसगढ़ के कुछ और भाग, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, झारखंड के अलावा बिहार के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है। रविवार को मानसून मध्य अरब सागर, उत्तरी अरब सागर के कुछ हिस्से, मुंबई, छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्से, झारखंड, बिहार के कुछ और भाग दक्षिणी गुजरात तथा दक्षिणी मध्य प्रदेश तक पहुंचेगा। उत्तरी उड़ीसा में ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना है। जो 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक स्थित होने के साथ ही दक्षिण पूर्व दिशा की ओर झुका हुआ है।

पूर्व पश्चिम शियर जोन (विपरीत दिशाओं का टकराव) उत्तरी अक्षांश में 3.1 किलोमीटर से 5.8 किमी. तक की ऊंचाई तक बना हुआ है। उत्तर-पश्चिम राजस्थान से एक द्रोणिका लाइन (ट्रफ) उत्तर उड़ीसा के बीच बनी हुई है। यह ट्रफ उत्तरी मप्र एवं उत्तरी छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रही है। इन सिस्टमों के कारण मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है।

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने किया सुसाइड. 

मुंबई एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने रविवार को अपने घर पर खुदकुशी कर ली. उन्होंने बांद्रा में अपने घर फांसी लगाकर जान दे दी. खुदकुशी के कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है. मुंबई पुलिस उनके घर पर पहुंच गई है और मामले की जांच कर रही है. सुशांत काफी लंबे समय से डिप्रेशन से गुजर रहे थे. हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी कुछ नहीं गया है. 

सुशांत बॉलीवुड के बेहद लोकप्रिय एक्टर थे. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी एक्टर के तौर पर की थी. उन्होंने सबसे पहले ‘किस देश में है मेरा दिल’ नाम के धारावाहिक में काम किया था पर उन्हें पहचान एकता कपूर के धारावाहिक पवित्र रिश्ता से मिली.इसके बाद उन्हें फिल्मों का सफर शुरु किया था. वे फिल्म काय पो छे में लीड एक्टर के तौर पर नजर आए थे, और उनके अभिनय की तारीफ भी हुई थी.

इसके बाद वो शुद्ध देसी रोमांस में वाणी कपूर और परिणीति चोपड़ा के साथ दिखे थे. हालांकि उन्होंने सबसे ज्यादा चर्चा भारतीय टीम के पूर्व कप्तान एम एस धोनी का किरदार निभा कर बटोरी थी. ये सुशांत के करियर की पहली फिल्म थी जिसने सौ करोड़ का कलेक्शन किया था. सुशांत इसके अलावा फिल्म सोनचिड़िया और छिछोरे जैसी फिल्मों में नजर आ चुके थे. उनकी आखिरी फिल्म केदारनाथ थी जिसमें वे सारा अली खान के साथ दिखे थे.

मोबाइल रिचार्ज के मैसेज भेज कर लोगों को जाल में फंसा रहे आरोपी.

लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया का प्रयोग व डाटा की खपत बढ़ गई है. जिसका लाभ साइबर ठग भी उठा रहे हैं. व्हाट्सएप व फेसबुक पर फ्री मोबाइल रिचार्ज के मैसेज भेज कर लोगों को जाल में फंसा कर उनकी जानकारियां चोरी कर ब्लैक बाजार में बेची जा रही हैं. इसकी मदद से ठग रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड करा कर खातों में सेंध लगा रहे हैं.

साइबर एक्सपर्ट राहुल मिश्रा बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान लोग इंटरनेट का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं. उनके मुताबिक कोई भी टेलीकॉम कम्पनी फ्री में रिचार्ज या डाटा ऑफर नहीं करती है. ऐसे में ई-मेल, व्हाट्सएप, फेसबुक या अन्य किसी माध्यम से फ्री रिचार्ज का ऑफर देने वाले लिंक को खोलने से परहेज करना चाहिए. राहुल कहते हैं कि इस तरह के मैसेज भेजने का मकसद दूसरे आदमी की फोन नम्बर, लोकेशन, नाम व शहर जानने के लिए किया जाता है. जिसे इकट्ठा कर डार्क वेब में बेचा जाता है. उन्होंने बताया कि अधिकांश मैसेज में आए लिंक को खोलने पर उसमें नाम, फोन नम्बर व शहर के बारे में जानकारी मांगी जाली है. साथ ही फ्री रिचार्ज का मैसेज पांच या उससे अधिक लोगों को बढ़ाने के बाद ही आगे की प्रोसेस होने का दावा किया जाता है. साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक फ्री के फेर में फंस कर कई लोग बिना सच्चाई जाने अपने साथ ही परिचितों की निजता को भी खतरे में डाल देते हैं.

डिजिट का कोडऔर पिन नंबर हासिल कर ठगते हैं

साइबर विशेषज्ञ के मुताबिक जालसाज वाउचर देने के बहाने फोन करते हैं. फिर मोबाइल पर एक मैसेज भेज कर उस पर दिए गए लिंक को डाउनलोड करने के लिए कहते हैं. लिंक पर क्लिक करते ही उसके मोबाइल पर रिमोट एक्सेस एप (टीम विवर,एनीडेस्क या क्विक सपोर्ट) डाउनलोड हो जाती है. इस बीच ठग फंसा कर नौ डिजिट का कोड व पिन नम्बर पूछ लेता है. इसके बाद ठग के नियंत्रण में दूसरे आदमी का फोन आ जाता है. इसके बाद ठग दूसरे के ई-वॉलेट से रुपए निकाल लेते हैं

यह बरतें सावधानी :
मैसेज या अन्य माध्यम से आए लिंक को न खोलें .

गलती से लिंक खोल लिया है तो सीक्रेट डिटेल न बताएं.

रिचार्ज करने के लिए टेलीकॉम कम्पनी या वैध ई-वॉलेट का ही प्रयोग करें.

किले पर स्टंटबाजी करने वालों की दूसरे दिन भी धरपकड़

ग्वालियर।

किले पर बाइक से स्टंटबाजी व गुंडागर्दी करने वालों की खबर लेने के लिए पुलिस द्वारा यहां अभियान चलाया जा रहा है रविवार की सुबह भी यहां पुलिस ने कार्यवाही कर युवकों को पकड़ कर उनके चालान काटे।आप को बता दें कि शनिवार की तड़के 5 बजे ही उरवाई गेट पर खड़ी हो गई। पुलिस ने यहां 16 बाइक सवारों के चालान किए। साथ ही दो दर्जन से अधिक बाइक सवारों को किले पर बाइक ले जाने से पहले ही रोक लिया। कुछ तो पुलिस को देखकर चुपचाप लौट गए। कुछ ने पुलिस से सवाल किए कि वह तो वॉक करने के लिए आए हैं, कैसे रोक सकते हो? पुलिस अधिकारियों का कहना था कि अगर वॉक के लिए जाना है तो गाड़ी नीचे खड़ी करके जाओ। वॉक करते हुए किले पर जाओगे तो ज्यादा लाभ मिलेगा। शाम को भी पुलिस उरवाई गेट पर आवारागर्दी करने वालों को खदेड़ती नजर आई।

कोरोना संक्रमण काल में किला घूमने पर लगाई गईं पाबंदियां हटते ही आवारागर्दी करने वाले युवक मौज-मस्ती के लिए किले पर पहुंचने लगे। यह तड़के से यहां गुंडागर्दी व स्टंटबाजी शुरू कर देते हैं, जिसके कारण वॉक करने के लिए आने वाले लोगों को परेशानी होती है। पिछले सप्ताह ही एक बाइक सवार ने एसआई की तैयारी कर रही युवती को टक्कर मार दी थी। जिससे उसका टकना क्षतिग्रस्त हो गया था। डॉक्टरों के अनुसार अब वह भविष्य में कभी एसआई नहीं बन पाएगी। यह बात पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद पुलिस नींद से जागी।

कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की जन अभियान परिषद भंग करने की मांग

भोपाल. मध्य प्रदेश में 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले कांग्रेस जन अभियान परिषद की गतिविधियों को लेकर सतर्क हो गयी है. पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि जन अभियान परिषद भंग की जाए और चुनाव वाले जिलों में परिषद के कार्यकर्ताओं के प्रवेश पर रोक लगायी जाए. पार्टी का आरोप है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में परिषद कार्यकर्ताओं का बीजेपी के समर्थन में राजनीतिक उपयोग किया गया था.

2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि बीजेपी समर्थित जन अभियान परिषद के कार्यकर्ताओं का चुनाव ड्यूटी में इस्तेमाल किया गया था. इन लोगों ने बीजेपी के पक्ष में काम किया था. कांग्रेस इस बार उपचुनाव से पहले सतर्क हो गयी है. उसने चुनाव आयोग को ज्ञापन दिया है. इसमें मांग की गयी है कि जन अभियान परिषद के कर्मचारियों की चुनाव वाले 15 जिलों में आवाजाही को प्रतिबंधित किया जाए.

पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन देकर चुनाव वाले जिलों में सरकारी अधिकारी कर्मचारियों की हाल ही में की गयी पदस्थापना निरस्त करने की भी मांग की.उन्होंने सुझाव रखा कि विधानसभा क्षेत्र से कर्मचारियों का पैनल मंगा कर फिर नियुक्ति की जए. अजय सिंह ने जन अभियान परिषद को भंग करके चुनाव वाले इलाकों में आवाजाही को प्रतिबंधित करने की मांग की है. कांग्रेस का आरोप है कि जन अभियान परिषद के कार्यकर्ता उपचुनाव वाले क्षेत्रों में जाकर बीजेपी के पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहे हैं. इसलिए उन कार्यकर्ताओं- कर्मचारियों के चुनाव वाले जिलों में जाने पर रोक लगाई जाए. कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की है कि उपचुनाव वाले जिलों में जो भी नियुक्ति हुई है उन्हें तत्काल निरस्त किया जाए.

अस्पताल के बाहर खुले में फेंकी इस्तेमाल की गयी PPE किट

अशोक नगर.कोरोना संक्रमण (Corona virus) के तेज़ी से फैलने के बाद भी लोग मान नहीं रहे. अगर ये गैर जिम्मेदाराना रवैया खुद स्वास्थ्य विभाग करे तो क्या कहा जाए. अशोक नगर (ashok nagar) में इस्तेमाल की गयी PPE किट (PPE KIT) ज़िला अस्पताल (District hospital) के बाहर खुले में फेंक दी गयी हैं. अस्पताल की बाउंड्री वॉल और कैंपस में दूर तक सामान बिखरा पड़ा है.

कोविड 19 की रोकथाम के लिए सरकारी स्तर पर जी-तोड़ प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जनता और ज़िम्मेदार लोग ही इसमें पलीता लगा रहे हैं. बात अगर स्वास्थ्य महकमे की हो तो कौन किसे समझाए. अशोकनगर का स्वास्थ्य महकमा इन सभी प्रयासों पर पानी फेरता नज़र आ रहा है. अस्पताल परिसर और बाहर इस्तेमाल की गयी PPE किट खुले में फेंक दी गयी हैं. संभवत: ये किट कोरोना मरीज़ों के इलाज के दौरान स्टाफ ने इस्तेमाल की गयी थीं.

गम्भीर लापरवाही अशोकनगर जिला अस्पताल प्रांगण के पास देखी जा सकती है. . पीपीई किट का सामान खुले में पड़े होने के कारण इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है. इसे कुत्ते घसीट रहे हैं. खुला रास्ता होने के कारण यहां से गुजरने वाले लोग इसके संपर्क में आ रहे हैं. स्थानीय लोगों ने जब इसकी शिकायत अस्पताल प्रबंधन से की तो वही जवाब आया कि दोषी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

नियम ये कहता है
गाइड लाइन के मुताबिक यूज्ड पीपीई किट बायो मेडिकल वेस्ट (Bio Medical Waste) के अंतर्गत आता है. नियम और निर्देश यही है कि इसके इस्तेमाल के बाद पूरी किट का सामान काले पॉलीथिन में बंद कर इसे इंसिनिरेटर में नष्ट  करने के लिए भेजा जाना चाहिए.

पाईप पकड़ प्रमिका से मिलने पहुंचे डॉक्टर की मौत 60 फीट नीचे गिरा.

इंदौर इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार रात एक डॉक्टर की चौथी मंजिल से गिरने से मौत हो गई। वह ब्वॉयज हॉस्टल में रहता था और पाइप के सहारे गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली प्रेमिका से मिलने गया था। अचानक पाइप टूट गया और चौथी मंजिल से पीठ के बल नीचे आ गिरा।

खुड़ैल टीआइ रूपेश दुबे के मुताबिक, घटना रात करीब 3.30 बजे की है। हमलापुर मोहल्ला बैतूल निवासी 24 वर्षीय आयुष राजीव मिश्रा इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप कर रहा था। आयुष का इसी कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लॉकडाउन के कारण छात्रा घर चली गई थी। वह शुक्रवार को ही कॉलेज लौटी थी। रात को दोनों ने फोन पर बातचीत की और आयुष ने कहा कि वह मिलने आ रहा है। छात्रा अहिल्या गर्ल्स हॉस्टल में रहती है। जबकि आयुष इंटर्न ब्वॉयज हॉस्टल में रहता था। दोनों पास-पास ही बने हुए हैं। देर रात आयुष छत पर पहुंचा और लोहे का पाइप पकड़कर गर्ल्स हॉस्टल की छत पर पहुंच गया। सीढ़ियों पर ताला लगा होने से छात्रा के पास नहीं पहुंच पाया। अचानक उसने प्लास्टिक पाइप से परिसर में पहुंचने की योजना बनाई। जैसे ही वह पाइप पर चढ़ा वह टूट गया। आयुष करीब 60 फीट ऊंचाई से पीठ के बल नीचे गिर गया। सिर में गहरी चोट आने से उसकी मौत हो गई। टीआइ के मुताबिक, देर रात पानी बहने की आवाज सुनकर महिला गार्ड घटना स्थल पर पहुंची तो कर्मचारियों को बुलाया और आयुष को निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

कोरोना अपडेट: देश में संक्रमितों की संख्या 3 लाख 20 हजार के पार, एक दिन में आए 11 हजार से ज्यादा नए मामले

आंकड़ों के मुताबिक, देश में इस वक्त 1 लाख 49 हजार 348 कोरोना के एक्टिव केस हैं. सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में हैं. दूसरे नंबर पर दिल्ली है. पिछले 24 घंटो में 11 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं.

नई दिल्ली भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की कुल संख्या तीन लाख 20 हजार के पार जा चुकी है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में अबतक 3 लाख 20 हजार 922 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. इसमें से 9195 की मौत हो चुकी है, जबकि एक लाख 62 हजार लोग ठीक भी हुए हैं.

दुनिया में चौथा सबसे प्रभावित देश
कोरोना संक्रमितों की संख्या के हिसाब से भारत ने शुक्रवार को ब्रिटेन को पीछे छोड़ दिया और दुनिया का चौथा सबसे प्रभावित देश बन गया. अमेरिका, ब्राजील, रूस के बाद कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में भारत चौथे स्थान पर आ गया है. भारत से अधिक मामले अमेरिका (2,142,224), ब्राजील (850,796), रूस (520,129) में हैं. वहीं भारत में मामले बढ़ने की रफ्तार दुनिया में चौथे नंबर पर बनी हुई है. अमेरिका और ब्राजील के बाद एक दिन में सबसे ज्यादा मामले भारत में दर्ज किए जा रहे हैं.

एक्टिव केस के मामले में टॉप-5 राज्य
आंकड़ों के मुताबिक, देश में इस वक्त 1 लाख 49 हजार कोरोना के एक्टिव केस हैं. सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में हैं. महाराष्ट्र में 51 हजार से ज्यादा संक्रमितों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है. इसके बाद दूसरे नंबर पर दिल्ली, तीसरे नंबर पर तमिलनाडु, चौथे नंबर पर गुजरात और पांचवे नंबर पर पश्चिम बंगाल है. इन पांच राज्यों में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं.

एक्टिव केस मामले में दुनिया में भारत का चौथा स्थान है. यानी कि भारत ऐसा चौथा देश है, जहां फिलहाल सबसे ज्यादा संक्रमितों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

के आसिफ ने बनाई थी मुगले आजम 14 साल और डेढ़ करोड़ में 1960 की बात.

बॉलीवुड में वैसे तो कई बार स्वर्णिम काल आया. कई बार ऐसा कहा गया कि ये बॉलीवुड का सबसे बेहतरीन दौर है. लेकिन फिर भी असल मायनों में बॉलीवुड ने इतिहास आज से 60 साल पहले रचा था जब रिलीज हुई थी सबसे बड़ी फिल्म मुगल-ए-आजम. जी हां, ये उस दौर की या कह लीजिए बॉलीवुड की अब तक की सबसे बड़ी और सफल फिल्म है. मुगल-ए-आजम का निर्देशन किया था के आसिफ ने जिनका 14 जून को यानी आज जन्मदिन है.

के आसिफ बॉलीवुड के उन डायरेक्टर्स में शुमार हैं जिन्होंने अपने करियर में सिर्फ 2 फिल्में बनाई- एक थी फूल और दूसरी मुगल-ए-आजम. अब के आसिफ कोई बहुत मंझे हुए डायरेक्टर नहीं थे, उन्होंने फिल्म बनाने का कोई ऐसा खास कोर्स भी नहीं किया था. के आसिफ के पास था सिर्फ एक विजन, एक सोच जो वो बड़े पर्दे पर बिखेरना चाहते थे.

के आसिफ को वो मौका मिला फिल्म मुगल-ए-आजम की वजह से, क्योंकि इस फिल्म में उनकी कला का पूरा निचोड़ था. इस एक फिल्म के जरिए उन्होंने दिखा दिया था कि कैसे समय से आगे सोचा जाता है, कैसे बड़ी सोच को बड़े परिणाम में तब्दील किया जा सकता है. लोगों को जानकर हैरानी होगी कि के आसिफ ने मुगल-ए-आजम को बनाने में 14 साल लगा दिए थे. जी हां, उन्होंने अपनी जिंदगी के 14 साल सिर्फ मुगल-ए-आजम को बनाने में निकाल दिए थे.

कहा जाता है कि के आसिफ ने इस फिल्म का काम आजादी से पहले ही शुरू कर दिया था. जब देश में अंग्रेजों को राज था, उसी समय के आसिफ ने ये फिल्म बनाने का सोचा था. उन्हें मुगल-ए-आजम बनाने का आइडिया आर्देशिर ईरानी की फिल्म ‘अनारकली’ को देख आया था. उन्होंने मुगल-ए-आजम को बनाने में पानी की तरह पैसा बहाया था.

जिस जमाने में 5 से 10 लाख में पूरी फिल्म बन जाया करती थी, तब के आसिफ ने करोड़ों में खेलने का सोचा था. उन्होंने मुगल-ए-आजम 1.5 करोड़ रुपये में बनाई थी. सिर्फ यही नहीं उन्होंने अपनी इस महत्वकांक्षी फिल्म के लिए सबसे बेहतरीन कलाकार और आर्टिस्ट चुने थे. एक तरफ अगर फिल्म में दिलीप कुमार और मधुबाला को लिया गया तो वहीं संगीत के लिए म्यूजिक डायरेक्टर नौशाद से संपर्क साधा था. वहीं फिल्म के एक गाने में उस जमाने के बेहतरीन सिंगर गुलाम अली साहब ने अपनी आवाज दी थी.

वैसे कहा जाता है कि उस समय गुलाम अली साहब मुगल-ए-आजम के साथ खुद को जोड़ना नहीं चाहते थे. उन्होंने मना करने के लिए के आसिफ को यहां तक कह दिया था कि वो 25000 बतौर फीस लेंगे. अब शायद गुलाम अली साहब ये भूल गए थे कि के आसिफ इस फिल्म के लिए पानी की तरह पैसे बहाने को तैयार थे. उन्होंने उसी समय गुलाम अली साहब को 10000 रुपये एंडवास दे दिए थे. बता दें कि उस जमाने में लता मंगेशकर और रफी जैसे गायको को 300 से 400 रुपये मिलते थे.

के आसिफ का ये जुनून, उनकी ऐसी दीवानगी ही तो थी जिसकी वजह से उन्होंने मुगल-ए-आजम को साकार कर दिखाया. के आसिफ को इस क्लासिक फिल्म के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला और नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी. लेकिन इस सब के बावजूद भी उनका करियर सिर्फ फिल्मों तक सीमित रह गया और साल 1971 में 48 की उम्र में निधन हो गया.