प्लाईवुड फैक्ट्री में भीषण आग, 20 मजदूरों को दमकलकर्मियों ने सुरक्षित निकाला

इंदौर. धार जिले के पीथमपुर में बुधवार देर रात प्लाईवुड फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। पीथमपुर और इंदौर के दमकलकर्मी 9 गाड़ियाें की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। सुबह 11 बजे तक भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका था। आग की सूचना पर मौके पर पहुंची फायर टीम ने सबसे पहले कंपनी परिसर में रहने वाले 20 मजदूरों को बाहर निकाला और फिर आग पर काबू पाना शुरू किया। आग किन कारणों से लगी है, इस बात का अभी पता नहीं चल पाया है।

आग सेक्टर नंबर – 3 स्थित रेवा प्लाईवुड में लगी है। यहां पर दरवाजे और खिड़कियां बनाने का काम होता। बताया जा रहा है कि पड़ोस की कंपनी में काम करने वालों ने फैक्ट्री से रात 10 बजे धुआं उठता देखा था, लेकिन किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया कि बड़ा हादसा हो सकता है। आग भीतर ही भीतर सुलगती रही और रात 2 बजे विकराल रूप ले लिया। आग की सूचना के बाद पीथमपुर का फायर ब्रिगेड दल तत्काल मौके पर पहुंचा तो पता चला कि कंपनी कैंपस में 20 मजदूर निवासरत हैं। इस पर टीम ने सबसे पहले उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।

प्लाईवुड में आग लगने से वह तेजी से फैल रही थी, इस पर और दमकल की गाड़ियों को बुलाया गया। इसके बाद भी आग पर काबू नहीं पाने पर इंदाैर से तीन गाड़ियों काे रवाना किया गया। इसके अलावा जेसीबी को भी मौके पर बुलाया गया। आग पर काबू पाने के लिए जेसीबी ने यहां टीन शेड को हटाया। सुबह 11 बजे तक 9 गाड़ियाें से भी आग पर काबू नहीं पाए जाने से और दमकल की गाड़ियाें काे बुलाया गया है। सुबह इंदाैर से फायर ब्रिगेड एसपी आरएस निगवाल भी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने को लेकर जरूरी निर्देश दिए।

ईशनिंदा के नाम पर पाकिस्तान में चलता है मौत का खेल, अब प्रफेसर अरेस्‍ट

इस्‍लामाबाद 
इस्‍लामिक मुल्‍क पाकिस्तान में एक विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रफेसर को बुधवार को ईशनिंदा के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया। सिंध के खैरपुर इलाके में स्थित शाह अब्दुल लतीफ यूनिवर्सिटी के प्रफेसर साजिद सूमरू को अली मुराद इलाके में उनके घर से गिरफ्तार किया गया। मुस्लिम बहुल पाकिस्तान में ईशनिंदा एक ऐसा अपराध है जिसमें मौत की सजा हो सकती है या महज आरोप भर से कोई कट्टरपंथी भीड़ का शिकार हो सकता है। 
सूमरू के दोस्त और खैरपुर बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव वकील फयाज खामिसानी ने कहा, ‘हमें बताया गया है कि उन्हें सरकार की एक शिकायत पर ईशनिंदा के मामले में गिरफ्तार किया गया है।’ सूमरू सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक भी हैं और सिंधी-मुहाजिर एकता पर अपनी किताबों के लिए जाने जाते हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और लेखकों ने उनकी गिरफ्तारी की निंदा करते हुए जांच की मांग की है। 

आसिया बीबी को कनाडा में लेनी पड़ी थी शरण 

इससे पहले ईश निंदा के काले कानून का शिकार हुई ईसाई महिला आसिया बीबी को देश छोड़कर कनाडा में शरण लेनी पड़ी थी। आसिया बीबी को ईशनिंदा के आरोप में पाकिस्तान की एक अदालत ने 2010 में मौत की सजा सुनाई थी। 2018 में नाटकीय तरीके से उन्हें रिहा कर दिया गया। वह अब कनाडा में एक अज्ञात स्थान पर रहती हैं। आसिया ने अपनी किताब एनफिन लिबरे (आखिरकार आजादी मिली) में आपबीती बयान की है। 

किताब में आसिया बीबी ने जेल में बिताए अपने दिनों, रिहाई से मिली राहत और एक नए जीवन को संवारने में आ रही दिक्कतों का जिक्र करते हुए कहा है, ‘आप मीडिया के जरिए मेरी कहानी जानते हैं। लेकिन जेल, फिर यहां नई जिंदगी, नई शुरूआत के बारे में आप कुछ नहीं जानते।’ पाकिस्तानी जेल में आठ साल बितानेवाली आसिया कहती हैं, ‘मैं कट्टरता की कैदी हो गई थी। आंसू ही जेल में मेरा एकमात्र सहारा थे।’ 

जंजीरों में जकड़कर रखा जाता था, सांस लेना मुश्किल’ 
आसिया बीबी ने किताब में पाकिस्तान में जेल की बुरी स्थिति के बारे में बताया है जहां उन्हें जंजीरों में जकड़ कर रखा गया था। उन्होंने कहा, ‘मेरी कलाइयां जलने लगती थीं, सांस लेना मुश्किल था। मेरी गर्दन में लोहे की पट्टी बंधी रहती थी जिसे गार्ड एक नट के जरिए कस सकता था। यह पट्टी लोहे की जंजीर से जुड़ी थी और बेहद लंबी थी जिसका दूसरा छोर मेरी कलाइयों को जकड़ता था। जंजीर गंदे फर्श पर पड़ी रहती थी। आसपास केवल अंधेरा था और था मौत का अहसास।’ 

आसिया बीबी ने कहा कि दूसरे कैदी भी उनके प्रति कोई अपनापन या रहम नहीं दिखाते थे। मुस्लिम बहुल पाकिस्तान में ईशनिंदा एक ऐसा अपराध है जिसमें मौत की सजा हो सकती है या महज आरोप भर से कोई भीड़ का शिकार हो सकता है। आसिया बीबी का झगड़ा 2009 में एक मुस्लिम उलेमा खादिम हुसैन रिजवी से हो गया था जिसके बाद उसने उन पर ईशनिंदा का आरोप लगा दिया। आसिया बीबी इस आरोप से इनकार करती रही हैं। पाकिस्‍तान में हालात इतने खराब हैं कि आसिया के वकील ने भी पाकिस्तान छोड़ दिया है। 

ईशनिंदा के आरोप में हिंदू डॉक्‍टर को किया था अरेस्‍ट 
आसिया के वकील सैफुल मलूक ने अपनी जान को खतरा होने का दावा किया था। उन्‍होंने सरकार से मदद की गुहार लगाई थी लेकिन पाकिस्‍तान सरकार ने कट्टरपंथियों के आगे झुकते हुए कोई एक्‍शन नहीं लिया। इस्लामी राजनीतिक पार्टी तहरीक-ए-लबैक(टीएलपी) पाकिस्तान और अन्य कट्टरपंथी समूह दोनों की जान के पीछे पड़े हुए थे। पिछले साल पाकिस्तान के सिंध प्रांत में ईशनिंदा के आरोपों में एक हिंदू डॉक्टर की गिरफ्तारी के बाद इलाके में तनाव पैदा हो गया था। डॉक्टर की पहचान रमेश कुमार के रूप में हुई जिसके बाद मीरपुरखास जिले के फुलादयों बस्ती में गुस्साए लोगों ने हिंदुओं की दुकानों में आग लगा दी थी। 

गेहूं बेचकर 100 से अधिक किसान हुए करोड़पति, हजारों का कर्ज उतरा

विदिशा। विदिशा जिले में इस बार गेहूं की बंपर पैदावार ने बड़े से लेकर छोटे किसानों तक को मालामाल कर दिया है। अच्छी पैदावार होने से छोटे किसानों के वर्षों पुराने कर्जे उतर गए हैं। करीब से अधिक किसान करोड़पति बन गए हैं। किसानों का कहना है कि वर्षों बाद खेती उनके लिए फायदे का सौदा बनी है। रबी सीजन के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश के चलते किसानों ने गेहूं का रकबा बढ़ा दिया था। पहली बार विदिशा जिले में 3 लाख 88 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी हुई थी। इस बार गेहूं का औसत उत्पादन प्रति बीघा तीन क्विंटल बढ़कर 10 से 12 क्विंटल रहा है।

ग्राम पांझ के किसान यशपाल रघुवंशी के मुताबिक उनकी असिंचित 20 बीघा जमीन में 80-90 क्विंटल गेहूं होता था। इस बार 150 क्विंटल से अधिक गेहूं हुआ है। अच्छी पैदावार होने से पहली बार साहूकार के कर्ज से मुक्त हो गए हैं। ग्राम समाचार के चैनसिंह राजपूत का कहना था कि उनकी 30 बीघा जमीन में अधिकतम प्रति बीघा 9 क्विंटल की पैदावार होती थी। जो इस साल 12 क्विंटल प्रति बीघा रही। उनका कहना है कि 25 सालों में पहली बार इतनी अच्छी पैदावार हुई है। ग्राम कुआं खेड़ा के किसान गोपाल मालवीय ने बताया कि उनकी 5 बीघा सूखी जमीन में 15 से 20 क्विंटल गेहूं होता था। इस बार करीब 50 क्विटल गेहूं हुआ है। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के बाद उनकी पुरानी देनदारियां चुकता हो गई हैं।जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ विनय प्रकाश सिंह के मुताबिक जिले में पहली बार गेहूं की खरीदी में रिकॉर्ड कायम हुआ है। जिले में 7 लाख 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई है। इनमें बड़े रकबे वाले करीब 100 से अधिक किसान शामिल हैं। इन किसानों ने 1 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का गेहूं खरीदी केंद्र पर बेचा है। सिंह के मुताबिक जिले में 81 हजार किसानों ने गेहूं बिक्री के लिए पंजीयन कराया था। इनमें से करीब 70 हजार किसानों ने केन्द्रों पर गेहूं बेचा है। खरीदी केन्द्रों पर इस बार 81 फीसद किसान पहुंचे हैं। पिछली बार महज 41 फीसद किसान ही केन्द्रों पर गेहूं बेचने पहुंचे थे।

डिसइंफेक्टेंट के छिड़काव से कोरोना खत्म नहीं होना वाला उल्टा सेहत पर पड़ सकता है बुरा असर : WHO

जेनेवा : कोरोनावायरस को लेकर एक आम धारणा यह भी है कि सतह पर रहना वाला यह वायरस डिसइंफेक्टेंट का छिड़काव करने से खत्म हो सकता है. लेकिन इसके उलट डब्ल्यूएचओ ने एक जानकारी जारी की है. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि गलियों में डिसइंफेक्टेंट छिड़कने से कोरोनावायरस खत्म नहीं होने वाला है. संगठन ने शनिवार को कहा कि इससे कोरोनावायरस तो खत्म नहीं होता बल्कि उलटा स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है. कोरोनावायरस को लेकर साफ-सफाई पर जारी किए एक दस्तावेज में संगठन का कहना है कि इस तरह के छिड़काव से कोई असर नहीं पड़ेगा.

बयान में कहा गया है, ‘कोरोनावायरस को खत्म करने को लेकर घर से बाहर गलियों और बाजारों में डिसइंफेक्टेंट के छिड़काव करने का कोई सुझाव नहीं है. क्योंकि यह बेअसर ही साबित होगा.’ ‘ये समझ लेना कि केमिकल का छिड़काव करने से सतह पर मौजूद वायरस या पैथोजन खत्म हो जाएगा. ऐसा वाकई में होता नहीं है.’

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि डिसइंफेक्टेंट का बेवजह छिड़काव लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है. दस्तावेज में यह भी लिखा गया है कि किसी भी स्थिति में लोगों के ऊपर किसी भी तरह का डिसइंफेक्टेंट का छिड़काव नहीं किया जाए. क्लोरिन और दूसरे जहरीले केमिकल का छिड़काव करने से आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हो सकती है. 

संगठन ने घरों के अंदर भी छिड़काव करने को लेकर आपत्ति जताई है. डब्ल्यूएचओ का कहना है कि अगर डिसइंफेक्टेंट का इस्तेमाल करना ही है तो उसमें कपड़े को भिगोकर सतह को साफ किया जा सकता है. बता दें कि कोरोनावायरस काफी वक्त तक सतह पर रहता है. इसी चलते यह बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करता है. हालांकि इसके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं है कि सतह पर कब तक कोरोना टिका रहता है.

Delhi Lockdown : दिल्ली में बिगड़ रहे हालात, केजरीवाल ने की अमित शाह से मुलाकात; फिर लग सकता है लॉकडाउन

नई दिल्‍ली, । राजधानी में कोरोना संकट के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। माना जा रहा है कि दिल्ली में बिगड़ते हालात को देखते हुए यहां फिर लॉकडाउन लगाया जा सकता है। अमित शाह से मुलाकात के बाद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि गृह मंत्री से कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सहयोग का आश्वासन दिया।

रोज आने वाले मरीजों को लेकर सरकार कर रही गहनता से समीक्षा

दूसरे राज्यों के लोगों को दिल्ली में इलाज के लिए अनुमति दे दिए जाने के बाद से दिल्ली सरकार की चिंता बढ़ गई है। दिल्ली में ही लगातार मरीज बढ़ते जा रहे हैं और प्राइवेट अस्पतालों में बेड लगभग भर चुके हैं। अब बैंक्वेट हॉल, होटल और स्टेडियम में अस्पताल चलाने की तैयारी हो रही है। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि सरकार हालात पर नजर रखे हुए है और रोज आने वाले मरीजों को लेकर गहनता से समीक्षा कर रही है। यदि जरूरी हुआ तो सरकार लॉकडाउन पर फैसला लेगी।

तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मरीजों को लेकर सरकार तनाव में

हालांकि सरकार इस बात को कहती रही है कि कोरोना वायरस अभी जाने वाला नहीं है। ऐसे में व्यावसायिक गतिविधियां बंद हो जाने से सरकार और जनता दोनों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। मगर दूसरे राज्यों के लोगों को दिल्ली में इलाज में छूट दिए के बाद तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मरीजों को लेकर सरकार तनाव में आ गई है। सरकार की चिंता है कि बेड कहां से आएंगे। सरकार यह भी कह रही है कि दिल्ली में कोरोना वायरस कम्युनिटी ट्रांसमिशन की स्टेज पर है। हालांकि इस बारे में फैसला लेने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है।

दिल्‍ली सरकार और एलजी के बीच विवाद

बता दें कि बीते कुछ दिनों में दिल्‍ली सरकार और एलजी के बीच भी विवाद कोरोना को लेकर ही हुआ हालांकि बाद में सीएम केजरीवाल ने यह साफ कर दिया कि यह वक्‍त दिल्‍ली की जनता की सेवा करने का है। कोरोना वायरस से उपजे इस कठिन हालात के समय राजनीति करने वालों के लिए जगह नहीं होनी चाहिए।

यह हैं दिल्‍ली के ताजा हालात

बता दें कि बुधवार को भी दिल्‍ली में कोरोना के मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। आज भी 1501 मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही दिल्‍ली में कुल संक्रमितों की संख्‍या 32 हजार से पार हो चुकी है। 

क्‍यों है दिल्‍ली की हालत चिंताजनक

मंगलवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने चिंता जताते हुए कहा था कि 31 जुलाई तक दिल्ली में कोरोना के साढ़े पांच लाख मरीज हो जाएंगे। उस मुश्‍किल की घड़ी में दिल्ली को करीब 80 हजार बेडों की आवश्‍यकता होगी।उन्होंने उपराज्यपाल अनिल बैजल के निवास पर दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक के बाद कहा था कि राजधानी में लगभग 12 से 13 दिन में कोरोना के केस दोगुने हो रहे हैं।

मनीष सिसोदिया ने बताया कि अभी जो डाटा प्रस्तुत किया गया है, उसके अनुसार 30 जून तक कोरोना के मरीजों के लिए दिल्ली में 15 हजार बेडों की जरूरत होगी। 15 जुलाई तक 33 हजार और 31 जुलाई तक 80 हजार बेडों की दरकार होगी। 

अजय पंडिता हत्या: नाराज कंगना बोलीं- सेक्युलरिज्म की खाल में छिपे जेहादी एजेंडा वाले

कश्मीर में जब से आतंकियों ने सरपंच अजय पंडिता की हत्या की है, घाटी में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. इस एक घटना के चलते देश में फिर कश्मीरी पंडितों के मुद्दे ने भी जोर पकड़ना शुरू कर दिया है. अब बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने अजय पंडिता की हत्या पर नाराजगी व्यक्त की है. कंगना ने बॉलीवुड को भी आड़े हाथों लिया है.

कश्मीरी पंडित की हत्या पर कंगना का फूटा गुस्सा

कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर बॉलीवुड पर तीखा हमला किया है. कंगना रनौत ने कश्मीरी पंडित की हत्या पर बॉलीवुड की चुप्पी पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा है कि सेकुलरिज्म का पाठ पढ़ाने वाले अब चुप हो गए हैं. कंगना ने एक प्लेकॉर्ड के जरिए बॉलीवुड की सलेक्टिव अप्रोच पर भी गुस्सा जाहिर किया है. एक्ट्रेस के मुताबिक कुछ सितारे सड़कों पर मोमबत्ती और पेट्रोल बम लेकर निकलते हैं देश को जलाने के लिए, लेकिन ऐसे मुद्दों पर चुप्पी साध लेते हैं.

पीएम मोदी से लगाई गुहार

कंगना रनौत ने वीडियो के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भी एक मांग रखी है. एक्ट्रेस ने कश्मीरी पंडितों की फिर घाटी में वापसी की गुहार लगाई है. एक्ट्रेस की माने तो सभी कश्मीरी पंडितों को अपनी जमीन फिर मिलनी चाहिए और घाटी में हिंदू धर्म की स्थापना होनी चाहिए.

सुरक्षा वापस लेने पर बोले कम्प्यूटर बाबा- ‘मेरी हत्या कराना चाहती है शिवराज सरकार’

भोपाल. कांग्रेस (Congress) सरकार में नर्मदा, क्षिप्रा एवं मन्दाकिनी नदी न्यास के अध्यक्ष रहे नामदेव दास त्यागी ऊर्फ कम्प्यूटर बाबा ने शिवराज सरकार गंभीर आरोप लगाए हैं. बाबा ने सरकार पर हत्या कराने की साजिश जैसे काफी गंभीर आरोप लगाए हैं. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे कंप्यूटर बाबा ने ओल्ड सिटी स्थित हनुमान मंदिर में प्रेस कॉन्फ्रेंस ली. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मेरी हत्या कराना चाहती है. मुझे मारने की साजिश की गई है. दौरे के दौरान बीच रास्ते में से सीएम हाउस से फोन आया और मेरी X कैटेगरी की सुरक्षा वापस ले ली गई.कंप्यूटर बाबा ने कहा कि रेत खनन माफिया से लड़ाई लड़ी है। मेरे साथ भी हादसा हो सकता है. लॉकडाउन में भी अवैध रेत उत्खनन जारी है. मेरी हत्या हुई तो शिवराज सरकार और मुख्यमंत्री शिवराज जिम्मेदार होंगे. सरकार चाहती है कि मैं कांग्रेस का साथ छोड़कर उनके साथ आ जाऊं.कंप्यूटर बाबा ने एक्स कैटेगरी की सुरक्षा और फॉलो गार्ड बहाल करने की मांग की है. उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा कि रेत माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की मुझे जान से मारने की धमकियां मिलती रही. इसके बावजूद पीछे नहीं हटा माफिया हमला करने की कोशिश करते रहे. इसलिए मुझे सुरक्षा प्रदान की गई थी एक्स कैटेगरी की सुरक्षा में तीन पीएसओ नियुक्त किए गए थे. जिसमें से एक पीएसओ स्थानीय हुआ करता था और फॉलो कार्ड भी दिया गया था. जिसके चलते में अवैध उत्खनन पर रोक लगा रहा था. उन्होंने कहा कि प्रदेश में रेत माफियाओं के हौसले बुलंद है. माफिया किसी भी हद तक जा सकते हैं उन्होंने मुख्य सचिव से मांग की है कि मेरी सुरक्षा बहाल की जाए. ताकि मैं नदियों के संरक्षण के लिए काम कर सकूं उन्होंने मुख्य सचिव के साथ गृह विभाग डीजीपी आईजी इंदौर को भी पत्र भेजा है.

कोरोना के मामले बढ़ने के कारण , इस राज्य में भी 30 जून तक बढ़ा लॉकडाउन




केंद्र ने चरणबद्ध तरीके से तालाबंदी को समाप्त करने के लिए कदम उठाए हैं। इसके तहत, सरकार लगातार छूट का दायरा बढ़ा रही है।

इसी समय, पश्चिम बंगाल सरकार ने कोरोना संक्रमित लोगों की बढ़ती संख्या के बीच एक बार फिर लॉकडाउन की अवधि बढ़ा दी है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को तालाबंदी की अवधि 15 दिन बढ़ा दी,

जिससे इस संबंध में हडकंप मच गया। इसके तहत अब राज्य में तालाबंदी 30 जून तक होगी।

राज्य मंत्रिमंडल की एक बैठक के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य में

लॉकडाउन को 30 जून तक के लिए बढ़ाया जा रहा है।

सभी मौजूदा रियायतें और शर्तें पूर्ववत जारी रहेंगी। यह अवधि।

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल से पहले महाराष्ट्र, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु राज्यों द्वारा कुछ रियायतों के साथ लॉकडाउन को 30 जून तक बढ़ा दिया गया है।

देश में कोरोना संक्रमित रोगियों की संख्या 2.5 मिलियन को पार कर गई है।

FIR दर्ज करवाने के बाद हिंदुस्तानी भाऊ ने एकता कपूर को थमाया लीगल नोटिस, माफी मांगने के साथ 100 करोड़ के हरजाने की रखी डिमांड

FIR दर्ज करवाने के बाद हिंदुस्तानी भाऊ ने एकता कपूर को थमाया लीगल नोटिस, माफी मांगने के साथ 100 करोड़ के हरजाने की रखी डिमांड
टीवी का सबसे विवादित शो ‘बिग बॉस 13’ के पूर्व प्रतियोगी विकास पाठक उर्फ हिंदुस्तानी भाऊ ने हाल ही में टीवी की मशहूर निर्माता और निर्देशक एकता कपूर और उनकी मां शोभा कपूर के खिलाफ मुंबई में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि अब इस मामले पर एक लेटेस्ट अपडेट सामने आई है। खबरों की मानें तो हिंदुस्तानी भाऊ ने एडल्ट वेब सीरीज ‘एक्सएक्सएक्स: अनसेंसर्ड’-2 को लेकर एकता कपूर को एक लीगल नोटिस भेज दिया है। इस लीगल नोटिस की वजह से एकता कपूर को 100 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस बात का खुलासा हिंदुस्तानी भाऊ के वकील अली काशिफ खान ने किया है।

स्पॉटबॉय की रिपोर्ट के अनुसार, हिंदुस्तानी भाऊ के वकील ने बताया कि, ‘सेना का अपमान होने की वजह से हमने एकता कपूर को एक लीगल नोटिस भेजा है। इस नोटिस के मुताबिक एकता कपूर को माफी के साथ 100 करोड़ रुपए की पेनेल्टी भारत सरकार को देनी होगी।’ आगे हिंदुस्तानी भाऊ के वकील ने कहा कि, ‘एकता कपूर को एडल्ट वेब सीरीज ‘एक्सएक्सएक्स: अनसेंसर्ड -2’ से सभी आपत्तिजनक दृष्यों को हटाना होगा और ये वादा करना होगा कि आगे भविष्य में सेना का इस तरह से अपमान नहीं किया जाएगा। अगर अगले 14 दिनों के भीतर एकता कपूर ने इस लीगल नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया तो हम उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेंगे। इसके अलावा हमने ALT बालाजी को बैन करने के लिए हाईकोर्ट में भी अर्जी दे रखी है।

Hindustani Bhau
@RealKingbhau
Police complaint file kiya hu aaj desh ke Gaddaro ke khilaf jinka naam hai Ekta Kapoor and Shobha Kapoor jo humari indian military aur unki uniform, national emblem, colonel tag ko ashlee tarike se dikhaya gaya hai altbalaji app par. Jai Hind
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2:17 PM – Jun 1, 2020
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बता दें कि वेब सीरीज ‘एक्सएक्सएक्स: अनसेंसर्ड’ के दूसरे सीजन के एक एपिसोड ने इतना बवाल मचा रखा है कि इसकी शिकायत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तक पहुंच गई है। एकता कपूर के इस विवादित शो पर देश के कई हिस्सों से उनके ओटीटी प्लेटफॉर्म ऑल्ट बालाजी पर एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।