मंत्री सिलावट के चुनावी पोस्टर से सिंधिया गायब, चर्चा का विषय बना सांवेर में लगा पोस्टर

इंदौर. उपचुनावों को लेकर मप्र की राजनीति में गहमा-गहमी जोरो पर है। आगामी उपचुनावों में जिस विधानसभा सीट पर सबकी निगाहें हैं वह सांवेर विधानसभा सीट है। यहां कांग्रेस से भाजपा में आए तुलसी सिलावट का टिकट पक्का माना जा रहा है वहीं कांग्रेस ने भी भाजपाई प्रेमचंद गुड्‌डू को अपने खेमे में शामिल कर यहां से चुनाव लड़ाने के संकेत दिए है। फिलहाल यहां एक चुनावी पोस्टर चर्चा का विषय है। पोस्टर भाजपाईयों द्वारा लगाया गया है जिसमें सिलावट के साथ भाजपा के अन्य नेता तो हैं लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया गायब है।

सांवेर के भाजपा मंडल अध्यक्ष सुमेरसिंह सोलंकी द्वारा सांवेर विधानसभा क्षेत्र में कुछ पोस्टर लगवाए गए है। इस पोस्टर में 10 जून को कुड़ाना गांव में कार्यकर्ताओं के विशाल सम्मेलन होने की बात कही गई है। इस पोस्टर में मंत्री तुलसी सिलावट के अलावा पिछले विधानसभा चुनाव में सिलावट के खिलाफ भाजपा से चुनाव लड़े और वर्तमान में इंदौर जिला अध्यक्ष राजेश सोनकर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, कैलाश विजयवर्गीय, रमेश मेंदोला, सांसद शंकर ललवानी, गौरव रणदीवे आदि नेताओं के तो फोटो लगे हैं लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया का फोटो नहीं है। इसे लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

वहीं मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने इस पोस्टर को ट्विटर पर पोस्ट करते हुए तंज कसा है कि मंत्री तुलसी सिलावट की विधानसभा सांवेर में ही भाजपा मंडल अध्यक्ष के बैनर से ज्योतिरदित्य सिंधिया गायब। माफ करो महाराज…अब हमारे नेता शिवराज। जो समर्थक कहते थे कि उनकी एक आवाज पर कुछ भी कर जाएंगे, उन्होंने ही भुला दिया।

गौरतलब है कि तुलसी सिलावट ज्योतिरादित्य सिंधिया के सबसे अधिक कट्‌टर समर्थक माने जाते है। मप्र में कमलनाथ सरकार को गिराने में भी तुलसी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सांवेर उपचुनाव को जीतने के लिए भाजपा पूरी ताकत लगाती नजर आ रही है। भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय से लेकर विधायक रमेश मेंदोला को यहां लगा दिया है। वहीं अब चुनावी पोस्टर से सिंधिया का गायब होना कहीं भाजपा का खेल ना बिगाड़ दे इसकी चर्चा सांवेर में जोरो पर है।

सोशल डिस्टेंसिंग भूल लोग, बाजारों भीड़ से संक्रमण का खतरा कोरोना वायरस से बिगड़ने लगे हैं हालात

भोपाल. आने वाले दो महीने राजधानी  सहितपूरे मध्य प्रदेश के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होंगे. कोरोना का संक्रमण जिस तेज़ी से फैल रहा है, उसने शासन-प्रशासन सबको सतर्क कर दिया है. वायरस की एमपी और भोपाल में एंट्री के 100 दिन पूरे हो चुके हैं. कोई भी वायरस 100 दिन बाद पूरी तरह से फैलने में सक्षम हो जाता है. इसलिए स्वास्थ्य विभाग के बाद अब भोपाल स्थित एम्स (AIIMS) भी चेता रहा है कि कोरोना संक्रमण तेज़ी से फैलेगा. ऐसे में बेहद सतर्क रहने और पूरे एतहियात की ज़रूरत है.

मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है. मरीज़ों का आंकड़ा दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है. आने वाले 2 महीने में कोरोना संक्रमण का ग्राफ और बढ़ेगा. स्वास्थ्य विभाग ने इस बात की आशंका पहले ही जता दी थी. विभाग की इस चेतावनी पर ध्यान देते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान पहले ही निर्देश दे चुके हैं कि कोरोना मरीज़ों के लिए अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई जाए. अब स्थिति यह है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा 9971 पार कर चुका है. राजधानी भोपाल भी ज़बरदस्त तरीके से संक्रमण की चपेट में है. पुराने भोपाल के बाद अब कोरोना संक्रमण नये भोपाल में फैल रहा है. जहांगीराबाद, जाटखेड़ी और मंगलवारा के बाद अब टीटी नगर, कमला नगर और बाणगंगा जैसे नये इलाके हॉट स्पॉट हो गए हैं.

आने वाले समय में कोरोना वायरस का संक्रमण और तेज़ होने वाला है. किसी भी वायरस को पनपने के लिए 100 दिन का समय लगता है और कोरोना की इंट्री को प्रदेश में 100 दिन पूरे हो चुके हैं. इसलिए इसका वायरस अब भयानक रूप लेता हुआ दिखाई देगा. बारिश और उमस के साथ अनलॉक होने के कारण लोगों की आवाजाही सार्वजिनक स्थानों पर जिस तरह से बढ़ी है उसके कारण संक्रमण तेज़ी से फैलने के आसार हैं. एम्स ने भोपाल प्रशासन को भी इसके लिए अलर्ट कर दिया है. उसने कलेक्टर तरुण पिथौड़े को सलाह दी है कि राजधानी में संक्रमण का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है. प्रशासन को अस्पतालों में पहले से ही इंतजाम कर लेना चाहिए. एम्स की सलाह के बाद प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ चुका है.

लोग नहीं कर रहे सहयोग
भोपाल के नए हॉटस्पॉट जोन बाणगंगा में लोग लगातार लापरवाही बरत रहे हैं. बेपरवाह लोग  स्वास्थ विभाग की टीम के साथ कॉओपरेट नहीं कर रहे हैं. इसका खामियाजा पूरे शहर को भुगतना पड़ सकता है. इस इलाके के लोगों ने घर के बाहर ताला डालकर खुद को अंदर कैद कर लिया है. प्रशासन की टीम जब यहां सैंपल लेने आती है तो लोग बाहर नहीं निकलते. समझाइश के बाद भी सैंपल देने में आनाकानी कर रहे हैं.

ताइवान में उड़ान भरता नजर आया अमेरिका का सैन्य विमान, चीन ने तुरंत भेजा फाइटर जेट

ताइवान द्वीप के ऊपर मंगलवार (9 जून) को अमेरिकी ट्रांसपोर्ट प्लेन के उड़ान भरने के कुछ घंटे बाद ही चीन ने पूरे ताइवान में लड़ाकू विमान भेज दिया। इससे क्षेत्र में कूटनीतिक और सैन्य तनाव काफी बढ़ गया है। इसके जवाब में ताइपे ने भी अपने जेट के जरिए पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के एयर फोर्स को चेतावनी दी। रक्षा मंत्रालय के हवाले से ताइवान ने यह रिपोर्ट जारी की है।

इसके साथ ही ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रूस निर्मित सुखोई-30 लड़ाकू विमानों को इलाका छोड़ने की चेतावनी दी गई और बाद में ताइवान एयर फोर्स के जेट ने घुसपैठियों (चीनी विमान) को दूर भागने पर मजबूर कर दिया। मंत्रालय ने कहा, “सेना ने आज सुबह कई सुखोई-30 लड़ाकू विमानों को दक्षिण-पश्चिम ताइवान में उड़ान भरते हुए पकड़ा। इसके तुरंत बाद ही हमारे एयर फोर्स के जेट ने उनका रास्ता रोक दिया और फिर रेडियो चेतावनी के द्वारा उन्हें भगा दिया गया।”

मंत्रालय ने आगे बताया, “हमारी सेना ताइवान के समुदी और हवाई इलाकों की हमेशा निगरानी करती है और यह पूरी तरह से हमारे नियंत्रण में है। इसके साथ ही जनता इस बात को लेकर हमारा भरोसा कर सकती है कि राष्ट्रीय क्षेत्र की सुरक्षा बनाए रखने में हम सक्षम हैं।” मंगलवार सुबह को एक अमेरिकी सी-40 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को ताइवान के पश्चिम तटीय इलाके के ऊपर उड़ान भरते देखा गया था। इसने जापान के ओकीनामा एयर फोर्स बेस से उड़ान भरी थी और बिना लैंड किए ताइवान के ऊपर उड़ान भरता रहा।

ताइवान में दिनभर चले इस घटनाक्रम के बारे में चीन ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। बीजिंग दावा करता है कि ताइवान में स्वशासित लोकतंत्र ने क्षेत्र में संबंधों को तोड़ने का काम है। उसने कभी भी इस बात से इनकार नहीं किया है कि वो इस द्वीप को हासिल करने के लिए सेना का इस्तेमाल नहीं करेगा। हाल ही में वॉशिंगटन का ताइपे के साथ टॉरपीडो बेचने का सौदा हुआ है, जिसके बाद क्षेत्र में चीन, ताइवान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

राजस्थान की सीमाएं सील ……..

जयपुर,  देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में तीव्र बढ़ोतरी के बीच राजस्थान सरकार ने राज्य की अन्तरराज्यीय सीमाएं सील कर दी हैं। अब कोई भी बिना अनुमति के राज्य में प्रवेश नहीं कर सकेगा। उल्लेखनीय है कि राजस्थान की अंतरराज्यीय सीमा पांच राज्यों के साथ लगती है जिनमें उत्तर में पंजाब, उत्तर-पूर्व में हरियाणा, पूर्व में उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पूर्व में मध्यप्रदेश तथा दक्षिण में गुजरात है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अनुसार गत दिनों में देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमितों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। देश में बीते तीन दिन में हजार मामले सामने आए हैं। देश के अन्य राज्यों से भारी संख्या में बिना अनुमति के लोगों के प्रवेश की संभावनाओं के मद्देजनर सीमाएं सील करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘प्रदेश की अन्तरराज्यीय सीमाओं से अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा तुरंत प्रभाव से राज्य की सभी अन्तरराज्यीय सीमाओं को सील कर रेगुलेट किया जाएगा जिससे राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अपनाकर अधिकृत व्यक्ति ही राज्य में प्रवेश कर सकें।‘  उल्लेखनीय है कि राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमितों की कुल संख्या 11368 हो गई है। 

आज से DD फ्रीडिश पर फिर देखने को मिलेगा स्टार उत्सव

लोगों की पसंद के ध्यान में रखते हुए चैनल की ओर से तमाम वैरायटी के शो प्रसारित किए जाएंगे

टेलिविजन प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। दरअसल, प्रसार भारती के ‘डायरेक्ट टू होम’ (DTH) प्लेटफॉर्म ‘डीडी फ्रीडिश’ (DD Free Dish) पर 10 जून यानी आज से ‘स्टार उत्सव’ (Star Utsav)  की वापसी हो रही है। बताया जा रहा है कि इस चैनल पर दर्शकों को 10 जून से विभिन्न वैरायटी का कंटेंट देखने को मिलेगा। इसमें पौराणिक, रोमांस, थ्रिलर और फैंटेसी समेत तमाम तरह का कंटेंट शामिल होगा।  

इस बारे में ‘स्टार उत्सव’ के प्रवक्ता का कहना है, ‘चैनल अपने दर्शकों को भरपूर मनोरंजन देने में विश्वास रखता है। इसके लिए सभी वर्ग के दर्शकों की पसंद का ध्यान रखा जाएगा और उन्हें विभिन्न वैरायटी का कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि इन शो को पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सकता है।’

प्रवक्ता का यह भी कहना है, ‘डीडी फ्रीडिश के साथ हमारा जुड़ाव इस वादे का साक्षी है कि हम दोनों मिलकर 10 जून 2020 से दर्शकों को बेहतरीन एंटरटेनमेंट उपलब्ध कराएंगे।’ बताया जाता है कि चैनल की ओर से शाम सात बजे ‘कसौटी जिंदगी की’, रात आठ बजे ‘महाभारत’ और रात 11 बजे ‘नजर’ जैसे शो दिखाए जाएंगे।

भारत में फिर लागू होगा लॉकडाउन, इन बातों से मिलते है संकेत !

नई दिल्ली। भारत में अब कोरोना के एक्टिव केसों की संख्या 1 लाख 20 हजार के पार पहुंच गई है, जबकि 1 लाख 18 हजार लोग ठीक होकर घर भेजे जा चुके हैं।1 जून से अब देश भर में अनलॉक 1 शुरू हो गया है। लेकिन अनलॉक 1 की शुरुआत के साथ, देश भर में मामले और भी बढ़ गए हैं।

जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, उससे लगता है कि लॉकडाउन को फिर से देश में लागू किया जा सकता है। पिछले एक सप्ताह में 60,000 से अधिक मामले सामने आए हैं। दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद जैसे कई राज्यों में स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। लोगों के पास उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के लिए बेड भी नहीं है। यदि स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती है तो लॉकडाउन प्रतिबंध फिर से लागू किया जा सकता है।

देश में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या अब ढाई लाख को पार कर गई है। जबकि वायरस से साढ़े सात हजार लोग मारे गए हैं। हालांकि राज्यों में स्थिति नियंत्रण में आ गई है। अगर इस तरह से मामले बढ़ते हैं तो सरकार लॉकडाउन को फिर से लागू कर सकती है। कोरोना के मामले जो बढ़ें है उसमे कुछ हद तक हम सबका हाथ है। इसलिए हम आपसे यही गुज़ारिश करेंगे की कोरोना से बचने के लिए हर सुरक्षा नियम को अपनाएं। ये आपकी जान और इस दुनिया में सबकी जान का सवाल है .

बिजली उपभोक्ताओं को जून के बिल में मिलेगी राहत, जानें कैसे मिलेगा लाभ

बिजली उपभोक्ताओं को जून के बिल में मिलेगी राहत, जानें कैसे मिलेगा लाभ
भोपाल : कोरोना लॉकडाउन के चलते सब कुछ बंद पड़ा था लेकिन अब धीरे-धीरे कामों की शुरुआत हो रही है. वहीं, बिजली बिल उपभोक्ताओं को जून के बिजली बिलों में 50 रुपये का लाभ मिलने लगेगा. ये बिल जुलाई में मिलेंगे. इसके लिए कंपनी ने अपने साफ्टवेयर में अपडेशन शुरू करा दिया है. 8 से 10 दिन में यह काम पूरा हो जाएगा. पात्र हितग्राहियों के पुराने बिलों को भी समायोजित किया जाएगा. हाल ही में शासन ने उपभोक्ताओं को अलग-अलग पात्रता के तहत लाभ देने का फैसला लिया है. इसी के तहत कंपनी साफ्टवेयर को अपडेट करवा रही है. बता दें की उपभोक्ताओं को इसका लाभ कैसे मिलेगा -यदि उपभोक्ता संबल हितग्राही है और मार्च 2020 में बिजली का बिल अधिकतम 100 रुपये आया था तो अप्रैल, मई एवं जून माह में 100 रुपये तक बिल आने पर मात्र 50 रुपये प्रतिमाह देना होंगे.

अगर मार्च माह में उपभोक्ता का बिजली का बिल 100 रुपये तक है तो अप्रैल, मई, जून माह में 100 से 400 रुपये के बीच बिल आने पर मात्र 100 रुपये प्रतिमाह चुकाने होंगे.

यदि मार्च माह में उपभोक्ताओं का बिजली का बिल 100 रुपये से अधिक और अधिकतम 400 रुपये तक आया है तो अप्रैल, मई, जून माह में 400 से अधिक बिल होने पर संबंधित उपभोक्ता को बिल की आधी राशि जमा करनी होगी. बाकी की राशि के भुगतान का निर्णय उन बिलों की जांच के बाद लिया जाएगा.

ये लाभ उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेंगे जिनके मार्च महीने के बिलों में अधिकतम 400 रुपये तक की राशि के बिल जारी हुए हैं.

उपभोक्ताओं की पिछले बिलों की बकाया राशि होने के वजह से वर्तमान बिल अधिक राशि का दिख सकता है.

जिन उपभोक्ताओं को बिल मिल चुके हैं उन्हें आगामी बिलों में पात्रतानुसार राहत मिलेगी.

उपभोक्ताओं को बिजली कंपनी के दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी.

उपभोक्ताओं को शासन के 5 जून के आदेश के आधार पर पात्रतानुसार ही भुगतान करना होगा.

Tata Sky के ग्राहकों के लिए बुरी खबर, 25 फ्री-टू-एयर चैनल हटे

Tata Sky के ग्राहकों के लिए बुरी खबर, 25 फ्री-टू-एयर चैनल हटे
डीटीएच कंपनी टाटा स्काई (Tata Sky) ने ग्राहकों को झटका देते हुए अपने कॉम्प्लिमेंटरी पैक में से 25 फ्री-टू-एयर चैनल को हटा दिया है। इनमें न्यूज एक्स, न्यूज 7 तमिल, इंडिया न्यूज राजस्थान जैसे फ्री-टू-एयर चैनल शामिल हैं। आपको बता दें कि कंपनी ने अपने ग्राहकों को फायदा पहुंचाने के लिए इस क्यूरेटेड पैक को पेश किया था, जिसे यूजर्स बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के एक्टिवेट कर सकते थे। हालांकि, अब यूजर्स इन चैनल को a-la-carte के आधार पर सब्सक्राइब कर सकते हैं। साथ ही यूजर्स को इन चैनल के लिए नेटवर्क कैपेसिटी फीस भी देनी होगी।
टाटा स्काई ने इन चैनल को हटाया टाटा स्काई ने कॉम्प्लिमेंटरी पैक में से इंडिया न्यूज गुजरात, इंडिया न्यूज हरियाणा, इंडिया न्यूज पंजाब, इंडिया न्यूज राजस्थान, भारत समाचार, सहारा समय, जय महाराष्ट्र, न्यूज 7 तमिल, साथियम टीवी, Kalaignar TV, Seithigal, Isai Aruvi, Murasu, Makkal TV, Peppers TV, Sirippoli, Polimer TV, Polimer News, न्यूज एक्स, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, साधना टीवी, एबीजेडवाय मूवीज, आई लव पेन स्टूडियो, पत्रिका टीवी राजस्थान और Aaho Music चैनल को हटा दिया है।
ट्राई ने फरवरी में डीटीएच कंपनियों के लिए नेशनल टैरिफ ऑर्डर 2.0 पेश किया था। इस ऑर्डर के तहत ग्राहकों को 153 रुपये वाले बेसिक पैक में 200 फ्री-टू-एयर चैनल के साथ दूरदर्शन के लगभग सभी चैनल मिलेंगे। साथ ही ग्राहक अपनी पसंद के फ्री-टू-एयर चैनल a-la-carte के आधार पर चुन सकते हैं। इसके अलावा ग्राहकों को प्रीमियम एसडी और एचडी चैनल के लिए नेटवर्क कैपेसिटी फीस देनी होगी।

SBI ने ट्वीट कर ग्राहकों को दी बड़ी चेतावनी! अगर फ़ोन में रखा है ये ऐप तो खाली हो सकता है बैंक खाता

SBI ने दी चेतावनी! अगर फ़ोन में रखा है ये ऐप तो खाली हो सकता है बैंक खाता
नई दिल्ली. इंटरनेट बैंकिंग के जरिए दिन-प्रतिदिन धोधाधड़ी के मामलें बढ़ते जा रहे हैं. इसी के मद्देनजर देश के सबसे बड़े बैंक SBI (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) ने ग्राहकों के लिए एक अलर्ट जारी किया है. SBI ने ट्वीट के जरिए लोगों से किसी भी अनाधिकृत मोबाइल ऐप (unverified App) का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी है. एसबीआई ने कहा है कि इस तरह के मोबाइल ऐप जालसाजों को आपके डिवाइस पर नियंत्रण रखने के साथ ही आपके कॉन्टैक्ट, पासवर्ड और फाइनैंशल अकाउंट्स तक का ऐक्सेस दिला देते हैं.

SBI का ट्वीट

बैंक ने अपने ट्वीट में लिखा है कि कुछ मोबाइल ऐप्लिकेशन आपकी संवेदनशील जानकारियों के साथ समझौता कर आपकी व्यक्तिगत जानकारी को उजागर कर सकते हैं. SBI आपको ऐप्स के उपयोग संबंधी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी बता रहा है. इस कैप्शन के साथ ही एक तस्वीर पोस्ट की गई है, जिसमें ग्राहकों की सुरक्षा हेतु कई टिप्स बताए गए हैं.

State Bank of India

@TheOfficialSBI
कुछ मोबाइल एप्लीकेशन आपकी संवेदनशील जानकारियों के साथ समझौता कर आपकी व्यक्तिगत जानकारी को उजागर कर सकते हैं। SBI आपको ऐप्स के उपयोग संबंधी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी बता रहा है। #SBI #StaySafe #StayVigilant #AapKiSafety #SafetyTips

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6:00 PM – Jun 8, 2020
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SBI ने दिए बचने के टिप्स

SBI ने कहा है कि ग्राहकों को हमेशा वेरिफाइड ऐप ही डाउनलोड करने चाहिए.

किसी भी ऐप को इंस्टॉल करने से पहले जांच लें कि वह किस कंपनी ने बनाया है और क्या यह वेरिफाइड है या नहीं?

किसी भी नए ऐप को परमिशन देते समय सावधान रहें. ध्यान रखें कि जो परमिशन ऐप मांग रहा है क्या वह जरूरी हैं?

किसी भी ऐप में डेबिट या क्रेडिट कार्ड की डीटेल्स सेव न करें.

अपने स्मार्टफोन को नियमित रूप से अपडेट करते रहें.

मुफ्त के स्क्रीनसेवर से बचें, क्योंकि इस तरह के ऐप में इनबिल्ट रिस्क छिपा हो सकता है.

फॉरवर्ड मेसेज में मिलने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें.