लद्दाख में दो किमी पीछे हटा चीन, जानें क्‍यों झुकने को मजबूर हुआ ड्रैगन

पेइचिंग/नई दिल्‍ली 
लद्दाख में भारतीय सरजमीं पर कब्‍जा करने की फिराक में लगे चीन को अपने कदम पीछे हटाने पड़े हैं। वास्‍तविक नियंत्रण रेखा पर हजारों सैनिकों की तैनाती के बाद अपने मंसूबों में कामयाबी नहीं मिलने के बाद चीनी ड्रैगन करीब दो किलोमीटर पीछे हट गया है। यही नहीं अब तक आक्रामक रुख अख्तियार करने वाली चीनी सेना तीन-चार दिनों से शांत है। आइए जानते हैं कि आखिर ऐसा क्‍या हुआ कि चीनी ड्रैगन पीछे हटने को मजबूर हुआ….
अंतरराष्‍ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ  ने बातचीत में कहा कि लद्दाख समेत भारतीय सीमा के सभी प्रमुख स्‍थानों पर चीन इंच-इंच आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रहा है। चीन की ताजा हरकत भी इसी से जुड़ी हुई है। डोकलाम की तरह से इस बार भी चीन को उम्‍मीद थी कि वह भारतीय क्षेत्र पर कब्‍जा कर लेगा लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। 

चीन के कदम वापस खींचने के पीछे तीन प्रमुख वजहें 

कमर आगा ने कहा कि चीन के अपने कदम वापस खींचने के पीछे तीन प्रमुख वजहें हैं। उन्‍होंने कहा कि पहली वजह भारतीय सेना की जोरदार जवाबी तैयारी। लद्दाख में पिछले महीने की 5 तारीख को और फिर सिक्किम में चार दिन बाद 9 तारीख को चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। सिक्किम का विवाद तो नहीं बढ़ा, लेकिन लद्दाख में गलवान और प्‍योंगयांग शो लेक के पास एलएसी पर चीन ने आक्रमकता दिखाई और दबाव की रणनीति के तहत अपने सैनिक बढ़ाने शुरू कर दिए। बताया जा रहा है कि चीन ने एलएसी पर 5 हजार सैनिक भेजे हैं। 

उन्‍होंने कहा कि चीन की नापाक हरकत के जवाब में भारत ने भी एलएसी पर अपने सैनिक बढ़ा दिए और चीन की बराबरी में हथियार, टैंक और युद्धक वाहनों को भी इलाके में तैनात कर दिया। इस तैयारी के बाद भी भारत ने संयम के साथ बातचीत का रास्ता भी नहीं छोड़ा है। गतिरोध को खत्‍म करने के लिए 6 जून को दोनों देशों के लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अधिकारियों की बातचीत होने जा रही है। बता दें कि इस विवाद की शुरुआत के बाद अब तक तक 10 दौर की बातचीत हो चुकी है। 

‘चीन के साथ सख्‍त रवैया अपनाना ही सही’ 

आगा ने कहा कि चीन के साथ हमेशा से यह रहा है कि उसके साथ अगर कोई देश नरमी से आता है तो वह चढ़ जाता है और अगर आप सख्‍त रवैया अपनाते हैं तो वे पीछे हट जाते हैं। चीन की गीदड़ भभकी देने की पुरानी आदत रही है। हालांकि ड्रैगन के साथ सख्‍ती दिखाने पर वह सही रहते हैं। उन्‍होंने कहा कि चीन अपनी विस्‍तारवादी नीति को आगे बढ़ाने में लगा हुआ है। चीन जो भारत के साथ कर रहा है, वही वह जापान, ताइवान और वियतनाम जैसे अन्‍य पड़ोसी देशों के साथ भी कर रहा है। 

कमर ने कहा कि चीन के पीछे हटने की दूसरी वजह उसका आंतरिक संकट है। कोरोना वायरस संकट की वजह से चीन की अर्थव्‍यवस्‍था भीषण मंदी के दौर से गुजर रही है। दुनिया की फैक्‍ट्री कहे जाने वाले चीन से निर्यात कम हो गया है, इससे वहां नागरिकों में बेरोजगारी और असंतोष बढ़ रहा है। इसे दबाने के लिए चीनी नेतृत्‍व राष्‍ट्रवाद का कार्ड खेल रहा है। अमेरिका की वजह से वह ताइवान और साउथ चाइना सी में कुछ कर नहीं पा रहा है तो उसने भारत के खिलाफ दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। उन्‍होंने बताया कि चीनी राष्‍ट्रपति शी चिनफिंग के सपने को पूरा करने के लिए चीन ने अरबों डॉलर खर्च करके बेल्‍ट एंड रोड परियोजना शुरू की लेकिन उससे उसे कोई फायदा होता नहीं दिख रहा है। इससे चीन पर आंतरिक स्‍तर पर दबाव बढ़ता जा रहा है। 

दुनिया की ओर से चीन पर बढ़ता चौतरफा दबाव 

आगा ने कहा कि चीन के रुख में नरमी की तीसरी वजह दुनिया की ओर से बढ़ता चौतरफा दबाव है। साउथ चाइना सी, कोरोना और व्‍यापार के मुद्दे पर अमेरिका के साथ उसकी जंग चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के ताकतवर देशों के ग्रुप-7 का विस्तार कर भारत को शामिल करने के संकेत दिए हैं। यही नहीं जापान, व‍ियतनाम, ऑस्‍ट्रेलिया और ताइवान चीन की व‍िस्‍तारवादी नीति का लगातार विरोध कर रहे हैं। चौतरफा घिरा चीन इस समय दुनिया की सबसे बड़ी सेना रखने वाले भारत से जंग का खतरा मोल नहीं ले सकता है। चीन भारतीय बाजार को भी नहीं खोना चाहता है, इसी वजह से उसे लद्दाख में अपने रुख में नरमी लानी पड़ी है। 

दिल्ली सीमा विवाद पर SC का फैसला, NCR के लिए कॉमन पास बनाएं तीनों राज्य

कोरोना संकट के कारण दिल्ली-एनसीआर की सीमाएं सील हैं और लोगों को आने-जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. लोगों की दिक्कत को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी. इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बुधवार को एनसीआर क्षेत्र के लिए कॉमन पास बनाने का निर्देश दिया है.

एनसीआर के लोगों की समस्याओं को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में आवाजाही के लिए एक कॉमन पोर्टल बनाया जाए. इसके लिए सभी स्टेक होल्डर मीटिंग करें और एनसीआर क्षेत्र के लिए कॉमन पास जारी करें, जिससे एक ही पास से पूरे एनसीआर में आवाजाही हो सके.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र में आवागमन के लिए एक सुसंगत नीति होनी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि सभी राज्य इसके लिए एक समान नीति तैयार करें. एक हफ्ते के भीतर ये एक नीति तैयार हो. इसके लिए तीनो राज्यों की बैठक कराई जाए.

सुनवाई के दौरान हरियाणा ने कहा कि हमने सभी प्रतिबंध हटा दिए हैं. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वर्तमान हालात में एक नीति, एक रास्ता और एक पोर्टल बनाया जाए. वहीं केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वो इसके लिए केंद्र सरकार से निर्देश लेंगे ताकि एक समान नीति हो और लोगों को परेशानी ना हो.

चीन और नेपाल की आड़ में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ खोज लिया ये मौका!

भारत से पड़ोसी देश चीन और नेपाल की तनातनी को पाकिस्तान मौके के तौर पर ले रहा है. वो इसकी आड़ में भारत पर कई तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रहा है. पाकिस्तान यहां तक कि भारत के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी कर रहा है. भारतीय सरहद पर चीन के अतिक्रमण का खुलकर समर्थन करने के बाद अब पाकिस्तान ने भारत को धमकी दे डाली है. 

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल बाबर इफ्तिकार ने बुधवार को कहा कि भारत अगर कोई भी सैन्य दुःसाहस करता है तो उसे “अनियंत्रित” परिणाम भुगतने होंगे. पाकिस्तानी सेना ने कहा कि भारत आग से खेलने की कोशिश ना करे. 

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल बाबर इफ्तिकार ने जियो न्यूज चैनल को दिए गए इंटरव्यू में ये बातें कहीं. इफ्तिकार ने अपने शीर्ष नेतृत्व की ही तरह भारत पर कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया. सेना प्रवक्ता ने कहा कि कश्मीर में असंतोष दबाने के लिए भारतीय सेना कश्मीरी युवाओं को प्रताड़ित कर रही है. हालांकि, ऐसी प्रताड़ना के गंभीर इल्जाम पाकिस्तान सेना पर बलूचिस्तान में दशकों से लगते रहे हैं. अब तो पख्तूनों की तरफ से भी पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ आवाज उठ रही है. 

पाक सेना के प्रवक्ता ने पुराना प्रोपेगैंडा दोहराते हुए कहा कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ फर्जी फ्लैग ऑपरेशन चलाना चाहता है और इसके लिए वह अभी से भूमिका बना रहा है. इफ्तिकार ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान पर एलओसी से कोरोना संक्रमित आतंकवादियों को भेजने जैसे हैरतअंगेज आरोप लगाए हैं.

इफ्तिकार ने कहा, भारतीय सैन्य नेतृत्व पाकिस्तान से घुसपैठ की बात कर रहा है जिससे उनकी ही क्षमता पर सवाल खड़े होते हैं. LoC पर तमाम सुरक्षा मानकों और घुसपैठ रोकने के लिए उठाए गए तमाम कदमों के बावजूद कोई दुनिया के सबसे बड़ी सैन्य मौजूदगी वाले इलाके में घुसपैठ कैसे कर सकता है? 

पाक सेना प्रवक्ता ने कहा, भारत की सारी गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि अगले कुछ महीनों में पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य दु:साहस को अंजाम देने का मंच तैयार किया जा रहा है. हमारे प्रधानमंत्री और आर्मी चीफ स्टाफ दोनों ने आगाह किया है कि भारत में पाकिस्तान के खिलाफ एक फर्जी फ्लैग ऑपरेशन की योजना बनाई जा रही है.

सेना प्रवक्ता ने भारत के कथित फर्जी फ्लैग ऑपरेशन की वजह भी गिना दी. उन्होंने कहा, भारत कई मोर्चों पर शर्मिंदगी झेल रहा है. भारत और चीन के बीच सीमा रेखा पर हालात…वे वहां शर्मिंदगी का सामना कर रहे हैं और वे इसे छिपाना चाहते हैं. 

इफ्तिकार ने कहा, “भारत-नेपाल सीमा पर भी उन्होंने शर्मिंदगी झेली. फिर अपने घर में वे कोरोना वायरस महामारी को लेकर तमाम मुद्दों से जूझ रहे हैं, मजदूरों के पलायन ने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि भारत में किस तरह का प्रबंधन किया जा रहा है. वायरस तेजी से फैल रहा है और भारत की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से सुस्त पड़ गई है.” दरअसल, पाकिस्तान अपने ही घर में बुरी तरह से घिरा हुआ है. आर्थिक हालत तो बेहाल थी ही, अब कोरोना वायरस की महामारी से उस पर डिफॉल्टर बनने का खतरा मंडरा रहा है. लेकिन सेना अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय भारत के खिलाफ बयानबाजी में व्यस्त है. 

सेना प्रवक्ता ने आगे कहा, “पांच अगस्त के बाद से भारत ने कश्मीर में जो भी कदम उठाए हैं, वे बैकफायर कर गए हैं. नागरिकता संशोधन कानून पेश किया गया जिससे इस्लामोफोबिया की लहर पैदा हुई और इसे पूरी दुनिया ने महसूस किया. वे हर स्तर पर भारी असफलता और शर्मिंदगी का सामना कर रहे हैं.”

इफ्तिकार ने कहा, “मौजूदा भारतीय नेतृत्व सभी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान को अपने रोमांच का जरिया बना लेता है. एक सेना प्रवक्ता होने के नाते मैं कहना चाहूंगा कि अगर भारत पाकिस्तान की तरफ आगे बढ़ने की कोशिश करेगा तो पाकिस्तान भी पूरी ताकत से जवाब देगा. इस बारे में कोई संदेह नहीं होना चाहिए. हम तैयार हैं, हम जवाब देंगे और पूरी ताकत से देंगे.”

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लापरवाही ना पड़ जाए भारी, दुकानों पर भीड़, ना मास्क ना दूरी

ग्वालियर।

ग्वालियर शहर में लगातार कोराना पॉजिटिव केस मिलने से सनसनी फैल गई है लेकिन इसके बाद लोग सबक नहीं ले रहे हैं। सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक बाजार खुलने छूट दी गई है। बावजूद इसके सामने खरीदने के लिए दुकानों पर भीड़ लग रही है तथा संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। क्योंकि दुकानदार व ग्राहक दोनों ही लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे हैं। खास बात यह है कि चौराहों व बाजर में तैनात पुलिस कर्मचारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।

ढील का अनुचित फायदा उठा रहे दुकानदार व लोग ,,,,

लॉकडाउन-2 की शुरूआत होते हुए बाजार खोलने की छूट दे दी गई है। जिससे बाजार गुलजार है। लेकिन प्रशासन द्वारा दी गई ढील का कुछ लोग व व्यापारियों द्वारा अनुचित फायदा उठाया जा रहा है। नियमों का पालन नहीं हाे रहा है। बाजार में एकदम से भीड़ उमड़ रही है। इस दैारान दुकानदार ग्राहकी में व्यस्त हाे जाते हैं। बुधवार काे कई फुटकर दुकानों पर बेवजह भीड़ लगी रही। कुछ जगह भीड़ में शामिल दुकानदार व ग्राहकों के मुंह पर मास्क भी नजर नहीं आए।

सेनेटाइजर का उपयोग नहीं कर रहे दुकानदार
बाजार में ज्यादातर दुकानों पर सेनेटाइजर भी नहीं देखा गया। इसके अलावा दिनभर ऐसे लाेगाें काे भी सामान बेचा गया, जाे मास्क लगाकर नहीं आए थे। बाजार की गलियाें में पान, पाउच खाकर थूकने पर भी कार्रवाई नहीं हाे रही है।  दुकानें भी नियम विरुद्ध खुलने लगी हैं। पुलिस व प्रशासन ने लॉकडाउन का उल्लंघन हाेने पर कार्रवाई लगभग बंद कर दी है। ऐसे में कई लाेग अंजाने में मुसीबत बढ़ाने में मददगार बन रहे हैं।

गलियाें में भीड़ 

लश्कर की तंग गलियों में भीड़ बढ़ने लगी है। पैर रखने की भी जगह नहीं है। तंग गलियाें में लाेग बाइक लेकर जा रहे हैं। 10-12 फीट की गली बेतरतीब पार्किंग से दुकानों के सामने बने गाेले गुम हाे रहे हैं। एेसे में लाेग निकलते समय एक दूसरे से टकराते हैं। कपड़ा दुकानों पर ग्राहक दूर से देख परख नहीं कर पाने के कारण सोशल डिस्टेंस नहीं रहती।

उपचुनाव की घोषणा से पहले कांग्रेस ने कमलनाथ का संदेश जारी किया

कोरोना संकटकाल के बीच मध्यप्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। प्रदेश की 24 सीटों पर उपचुनाव को लेकर राजनैतिक लामबंदी शुरू हो गई है। बुधवार को प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सैयद जाफर ने कमलनाथ एक वीडियो जारी किया है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि अब उनकी सरकार नहीं है और वे प्रदेश को ज्यादा समय देंगे। वीडियो में इसके बाद प्रख्यात कवि विकास बंसल की अमिताभ बच्चन द्वारा गाई गई कविता- ‘मैं पत्थर पर लिखी इबारत हूं’ सुनाई गई है। वीडियो में कमलनाथ के गुस्से से लेकर हंसते हुए तक के फोटो लगाए गए हैं। वीडियो के अंत में कमलनाथ कह रहे हैं कि मध्य प्रदेश को लेकर उनका एक सपना था, उसे साकार करें।

आने वाले महीनों में प्रदेश में विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, इसे लेकर कांग्रेस और भाजपा में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। 22 सीटों पर भाजपा उन्हीं पूर्व विधायकों को मैदान में उतारेगी जो कमलनाथ सरकार की पतन का कारण बने थे। ऐसे में भाजपा को सिर्फ दो सीटों पर प्रत्याशियों का नाम तय करना है। वहीं, कांग्रेस के सामने अभी उम्मीदवारों का टोटा है। ऐसे में कांग्रेस की भाजपा के कुछ दिग्गज नेताओं पर नजर है। संभावना जताई जा रही है कि उपचुनाव से पहले 22 विधानसभा क्षेत्रों के भाजपा के बड़े नेता पार्टी को गच्चा दे सकते हैं।

कमलनाथ पहले भी कह चुके हैं ‘पिक्चर’ बाकी है

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पिछले हफ्ते अपने छिंदवाड़ा दौरे पर थे। यहां वे कह चुके हैं- वर्तमान सरकार तो एक ‘इंटरवल’ के समान है, ‘पिक्चर’ तो अभी बाकी है।

🔯जून–जुलाई मे पढने बाले ग्रहण संपूर्ण विश्व उथल-पुथल मचायेंगे:प्रख्यात ज्योतिषी प्रीति अय्यर

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इन्दोर।श्री श्री कलाश्री फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रख्यात ज्योतिषी श्रीमती प्रीति अय्यर ने बताया कि संपूर्ण विश्व के साथ हमारे देश भारत लिए इस बार अजीब संयोग बन रहा है कि जून से जुलाई माह के बीच तीन ग्रहण लगेंगे 🎯 5 जून शुक्रवार जेष्ट शुक्ल पूणिमा को चंद्र ग्रहण के साथ पहले ग्रहणकाल की शुरुआत होगी। यह छायाग्रह है और भारत मे नही दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक पातक नही माना जायेगा। चंद्र ग्रहण का समय
चंद्र ग्रहण का प्रारंभ – 5 जून की रात को 11 बजकर 15 मिनट से
परमग्रास चन्द्र ग्रहण – 6 जून को दिन के 12 बजकर 54 मिनट पर
उपछाया चंद्र ग्रहण से अन्तिम स्पर्श – 2 बजकर 34 मिनट पर 🎯 इसके बाद 21 जून आषाढ कृष्ण अमावस्या को सूर्य ग्रहण लगेगा.
जिसे भारत समेत एशिया और दक्षिण पूर्व यूरोप में देखा जा सकेगा।
🎯 वहीं 5 जुलाई आषाढ़ शुक्ल पूणिमा को चंद्र ग्रहण लगेगा. जोकि इस साल का तीसरा ग्रहण होगा।
लेकिन यह भारत में नहीं देखा जा सकेगा यह चंद्र ग्रहण अमेरिका, अफ्रीका, दक्षिण पूर्व यूरोप में दिखाई देगा। 
📍प्रख्यात ज्योतिषी श्रीमती प्रीति अय्यर के अनुसार 5 जून से 5 जुलाई 2020 के बीच मे इस तरह तीन ग्रहण लगेगे. इस प्रकार का ग्रहण सयोंग महाभारत के यद्ध के दरम्यान हुवा था।
जब कभी एक महीने में तीन ग्रहण लगते है तो यह चिंता का विषय माना जाता है। भारत एक देवभूमि है , इसलिए इस ग्रहण का असर भारत मे कम दिखाई देगा।
  🎯5 जून 2020 चंद्रग्रहण का प्रभाव भारत की अर्थव्यवस्था पर होगा.
शेयर बाजार से जुड़े लोग सावधान हो एहतियात बरतते पैसा लगाएं.

🎯किसी ख्यातिप्राप्त व्यक्ति के बार मे अशुभ समाचार रहेगा। 🎯इस ग्रहण का प्रभाव एक बहुत बड़ा परिवर्तन खगोलीय घटनाओं में लेकर आएगा जिस कारण प्राकृतिक आपदाओं के आने की आशंका बनी रहेगी. अति वर्षा, भूकंप, भूस्खलन, पृथ्वी पर विषाणु का प्रभाव, वैश्विक शक्तियां लड़ने को हावी रहेगी चीन के तरफ से कुछ आक्रमण भी हो सकता है
किसी विश्वप्रसिद्ध राजनेता को धोखा है। जगह जगह पर आपसी लड़ाईया होगी। 🎯18 जून के बाद आदरणीय पंतप्रधान नरेंद्र मोदी विश्व के दो तीन बड़े मुलखो के साथ संधि करंगे, कुछ देशो के खिलाफ बड़ा फेसला करंगे,।
इस तरह एक माह में आने वाले इन तीन ग्रहणो के कारण उथल-पुथल मच जायेगी । यह ग्रहण पुर्णिमा के दिन हो रहा है, पुर्णिमा का सम्बंद चंद्रमा से है चंद्रमा मन का कारक है,तो मन विचलित रहेगा।चंद्रमा जल का स्वामी है, तो तेज बारिश के साथ, आंधी और तूफान की सम्भावन भी बनी रहेगी।
राहत की बात यह है कि भारत में यह ग्रहण नही दिख रहा है तो सूतक पातक नही है, और नाही ग्रहण दान की आवश्कयता है ।लेकिन मेरा यह मानना है की धरती पर तो है।
यह आपदा मानव जाति पर है , तो हम सब मिलकर आगर प्रार्थना करे तो इसका असर मानव जाति पर कम होगा.
गीता में कृष्ण ने कहा है जब जब पृथ्वी पर कोई विपदा आएगी तब तब में किसी रूप में वापस आऊंगा.
इस तीनो ग्रहण के बूरे प्रभाव से बचने के लिए सभी को दिन में तीन बार गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए ओर श्री कृष्ण भगवान के चरण में समर्पितं कर देना चाहिए(श्री कृष्णार्पण मस्तु) .
मनुष्य किसी भी धर्म का हो अपने अपने धर्म के अनुसार प्रार्थना करे ओर अपने अपने ईष्ट को समर्पितं करे .
इस ग्रहण से होने बाले बूरे प्रभाव से बचा जा सकता है।
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Astro Priti Aiyar. 9691568781
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कोरोना का कहर: देश में पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 9304 नए मामले आए, मौत का आंकड़ा 6 हजार के पार

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के ताजा आंकड़े जारी किए हैं. देश में अब कोरोना मरीजों की संख्या सवा दो लाख पार पहुंच गई है. मरीजों और कोरोना से मौत की संख्या के मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे है.

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में हर दिन तेजी से इजाफा हो रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब इस महामारी से संक्रमित मरीजों की संख्या सवा दो लाख पार हो गई है. मंत्रालय के मुताबिक, अबतक 2 लाख 16 हजार 919 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. इसमें से 6075 की मौत हो चुकी है. हालांकि एक लाख चार हजार लोग ठीक भी हुए हैं. पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के मामलों में अबतक सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है. बुधवार को देश 9304 नए केस आए और 260 मौतें हुईं. किस राज्य में कितनी मौतें हुईं? स्वास्थय मंत्रालय के मुताबिक, महाराष्ट्र में 2587, मध्य प्रदेश में 371, गुजरात में 1122, दिल्ली में 606, तमिलनाडु में 208, तेलंगाना में 99, आंध्र प्रदेश में 68, कर्नाटक में 53, उत्तर प्रदेश में 229, पंजाब में 47, पश्चिम बंगाल में 345, राजस्थान में 209, जम्मू-कश्मीर में 34, हरियाणा में 23, केरल में 11, झारखंड में 5, बिहार में 25, ओडिशा में 7, असम में 4, हिमाचल प्रदेश में 5, मेघालय में 1 मौत हुई है.

LAC पर चीन और भारत की सेना पीछे हटीं…….

नई दिल्ली

लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन की सेनाएं कुछ पीछे हट गई हैं. रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सेना 2 किमी और भारतीय सेना अपनी जगह से 1 किमी पीछे हटी है. यहां के फिंगर फोर इलाके में कई हफ्ते से दोनों देशों की सेना एक दूसरे के सामने डटी हुई हैं.

फोर फिंगर इलाके में डटी है चीनी सेनाभारत ने भी चीनी सेना को दिया जवाब

लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन की सेनाएं कुछ पीछे हट गई हैं. रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सेना 2 किमी और भारतीय सेना अपनी जगह से 1 किमी पीछे हटी है. यहां के फिंगर फोर इलाके में कई हफ्ते से दोनों देशों की सेना एक दूसरे के सामने डटी हुई हैं.

गलवान घाटी में फोर फिंगर इलाके में भारत और चीनी सेनाओं के बीच कुछ दिनों से तनाव बना हुआ है. यहां का पेगोग इलाका सबसे ज्यादा विवादों में है. 6 जून को दोनों देशों के बीच जो बैठक होने वाली है, उसमें पैंगोंग पर ही ज्यादा फोकस रहने की संभावना है. चीनी सेना फिंगर फोर इलाके में कई हफ्ते से डटी हुई है जो भारत के नियंत्रण में है.

6 जून को दोनों देशों के बीच अहम बैठक

बता दें, लद्दाख के सीमाई क्षेत्र में  चाईना की सेना अपना दम दिखाने की कोशिश कर रही है. भारतीय सेना भी उसके सामने डट गई है. दोनों तरफ से बातचीत भी जारी है, लेकिन अब तक गतिरोध खत्म नहीं हो पाया है. अब एक बार फिर दोनों मुल्कों की सेना बातचीत करने जा रही है. ये मीटिंग 6 जून को प्रस्तावित है. मीटिंग में दोनों सेनाओं के लेफ्टिनेंट जर्नल रैंक के अधिकारी हिस्सा लेंगे. यह मीटिंग भारत और चीन के बीच चल रहे विवाद के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है. इस मीटिंग को भारत की तरफ से लेह स्थित 14 कॉर्प कमांडर का डेलीगेशन लीड करेगा. यह उच्च स्तरीय मीटिंग सीमा पर संकट खत्म करने के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है.

कई हफ्ते से चल रहा विवाद

पूर्वी लद्दाख में यह विवाद मई की शुरुआत से चला आ रहा है. LAC पर भारत की तरफ से सड़क निर्माण का काम कराया जा रहा था जिसका चीन ने विरोध किया. इसके बाद 5 मई को पैंगोंग लेक पर दोनों देशों के सैनिक भिड़ गए. इस झड़प में जवान घायल भी हुए थे. इसके बाद चीन ने इलाके में सक्रियता बढ़ा दी और सैनिकों की तैनाती के साथ ही तंबू भी लगा दिए. LAC पर चीन की इस हरकत का भारतीय सेना भी माकूल जवाब दिया और वो भी वहीं डट गए.

पैदल चलते चलते प्रेमकहानी ने बनाये जीवनसाथी.

पटना, कोरोना वायरस के कारण चल रहे लॉकडाउन के बाद प्रवासी मजदूरों के पलायन की कई एेसी दिल दहलाने वाली तस्वीरें सामने आईं जिसे लेकर केंद्र और राज्य सरकारों की खूब किरकिरी हुई तो वहीं कई एेसी तस्वीरें भी सामने आई हैं जिन्होंने दिल को छू लिया। लॉकडाउन में घर लौट रहे एक एेसे जोड़े की एेसी भी प्रेमकहानी सामने आई है जो चला तो था अकेले, लेकिन रास्ते में ही कुछ एेसा हुआ कि दोनों ने शादी कर ली।
कहते हैं जोड़ियां आसमान बनती हैं, लॉकडाउन में एेसी जोड़ी ने एक-दूजे का होकर ये साबित किया है। दरअसल, लॉकडाउन के चलते दिल्ली में फंसा सलमान अपने परिवार के साथ पैदल ही घर के लिए निकला था। हरियाणा के पलवल के बाद का सफर सलमान का सफर मुश्किलों भरा होते हुए भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था।
सलमान की जिंदगी का ये सुहाना सफर 18 मई को शुरू हुआ जब वह अपने पूरे परिवार के साथ दिल्ली से बिहार के सीतामढ़ी जिले, अपने घर के लिए रवाना हुआ था। हरियाणा के पलवल और वल्लभगढ़ के बीच सलमान अपने परिवार के साथ रूका था। वहीं, उसके पिता के एक मित्र मिल गए जो बिहार जा रहे थे। पिता के मित्र के परिवार में उनकी बेटी शहनाज भी थी। दोनों परिवार साथ-साथ बिहार के लिए निकले।
दोनों परिवार साथ-साथ चल रहे थे। साथ खाना-पीना, रहना और साथ ही एक जगह पर रूकते थे। इस बीच सलमान और शहनाज की भी एक-दूसरे से बात हुई। दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला सफर के साथ चलता रहा।
दोनों परिवार जब आगरा पहुंचे तो शहनाज ने सलमान से पूछा कि ये कौन-सी जगह है तो सलमान ने बताया कि ये आगरा है और यहां ताजमहल है। शहनाज ने कहा कि क्या आप मुझे ताजमहल दिखाएंगे। सलमान ने शहनाज की बात मान ली। दोनों साथ ताजमहल देखने गए।
सलमान और शहनाज की नजदीकी देखकर दोनों के परिवार वालों को लगा कि दोनों एक-दूसरे को पसंद करते हैं। लेकिन, कानपुर से चलने के बाद दोनों परिवार के बीच किसी बात को लेकर तू-तू, मैं-मैं शुरू हुई जो बढती चली गई। जब दोनों परिवार के साथ गोरखपुर पहुंचे तो दोनों के परिवार ने तय किया कि यहां से अब दोनों परिवार अलग-अलग चलेंगे।
इसपर सलमान ने अपने पिता को समझाया तो पिता ने कहा कि साथ-साथ क्यों चलें? पिता के एेसा पूछने पर सलमान के सब्र का बांध टूट गया और उसने अपने दिल की बात बता दी कि वह शहनाज को अपने साथ लेकर ही घर जाएगा। इस तरह सलमान सदा के लिए शहनाज का हो गया।