किसानों से करोड़ों ठगी के मामले में नीलम जैन गिरफ्तार 

ग्वालियर शिवपुरी जिले के तेंदुआ थाना क्षेत्र से बडी खबर आ रही है कि थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले गांवो के किसानो को 2 करोड का चूना लगाने वाली चाची 420 को तेंदुआ पुलिस ने ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया हैं। बताया जा रहा हैं कि अभी बेटा और पति फरार हैं।

तेंदुआ थाना प्रभारी अरविंद चौहान ने बताया कि मुखबिर से सूचना पर किसानो के साथ ठगी करनी वाली ईनामी महिला व्यापारी नीलम जैन पत्नि बबूल उर्फ अनिल जैन निवासी खरई अपनी सहेली शिंदे की छावनी ग्वालियर में छुपी हुई थी। पुलिस ने आज रात छापामार कार्रवाई कर आरोपी नीलम जैन को गिरफ्तार कर लिया हैं।

ठगी के मामले में चाची 420 के साथ बेटा रिंकू उर्फ रिपुल जैन और पति अनिल जैन अभी तक फरार बताए जा रहे है। पुलिस का कहना हैं कि इन दोनो को भी जल्दी गिरफ्तार कर लिया जाऐगा। इस महिला व्यापारी ने 51 से अधिक किसानो को 2 कारोड का चूना लगाया हैं।

तैंदुआ थाने के अंतर्गत आने वाले गांव खरई निवासी नीलम जैन उसका पति बबलू उर्फ अनिल जैन व उसका बेटा रिपुल जैन तीनो मिलकर किसानो की फसल की खरीद फरोक्त का कार्य करते थे। बताया जा रहा हैं कि यह जैन फैमिली पिछले 20 साल से यह कारोबार कर रहे थे। उस क्षेत्र के लोगो का उन पर विश्वास था। इस कारण उस क्षेत्र के किसानो का करोडो रूपया इस फैमिली पर बकाया रहता था।

पीडित किसानो ने उसकी काफी तलाश किया इन तीनो के मोबाईल भी अब बंद आ रहे थे। तेंदुआ थाना पुलिस ने 51 किसानो के संयुक्त आवेदन पर मां बेटे पर धारा 406, 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। इस महिला पर पुलिस अधीक्षक ने 5100 रूपए का ईनाम भी घोषित किया था।

मॉडल जेसिका लाल हत्या का दोषी मनु शर्मा को रिहा करने का आदेश

नई दिल्ली

मशहूर मॉडल जेसिका लाल की 29 अप्रैल, 1999 की रात दिल्ली के टैमरिंड कोर्ट रेस्टोरेंट में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वजह जेसिका ने शराब परोसने से मना कर दिया था. उसका हत्यारा और कोई नहीं मनु शर्मा था.

दिल्ली के चर्चित जेसिका लाल मर्डर केस में दोषी मनु शर्मा को रिहा करने का फैसला लिया गया है. दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मनु शर्मा को रिहा करने का आदेश दिया. मनु शर्मा जेसिका लाल मर्डर केस में उम्रकैद की सजा काट रहा है. मनु शर्मा को 1999 में मॉडल जेसिका लाल की हत्या का दोषी पाया गया था.

बता दें कि मशहूर मॉडल जेसिका लाल की 29 अप्रैल, 1999 की रात दिल्ली के टैमरिंड कोर्ट रेस्टोरेंट में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वजह जेसिका ने शराब परोसने से मना कर दिया था. उसका हत्यारा और कोई नहीं मनु शर्मा था.

मनु शर्मा हरियाणा के नेता विनोद शर्मा का बेटा है. सात साल तक चले मुकदमे के बाद इस मामले में फरवरी 2006 में सभी आरोपी बरी हो गए थे. आरोपियों के बरी होने के बाद भी जेसिका का परिवार निराश नहीं हुआ. उसकी बहन ने नए सिरे से इस केस में जान फूंकने की कोशिश की. यह मामला मीडिया में उछला. उसके बाद तो जेसिका लाल मर्डर केस में इंसाफ के लिए दिल्ली क्या पूरा देश एक साथ आ गया. इस केस को दोबारा खोलना पड़ा. फास्टट्रैक कोर्ट में केस चला. उसके बाद जेसिका के हत्यारे मनु शर्मा को उम्र कैद की सजा सुनाई गई.

केस पर बनी थी फिल्म ‘नो वन किल्ड जेसिका’

2011 में जेसिका लाल मर्डर केस से प्रभावित होकर फिल्म ‘नो वन किल्ड जेसिका’ बनाई गई. इसमें फिल्म अभिनेत्री रानी मुखर्जी और विद्या बालान प्रमुख भूमिका थे. इसके अलावा फिल्म हल्ला बोल की कहानी भी जेसिका मर्डर केस से प्रभावित थी. दोनों फिल्मों में आम आदमी और मीडिया की ताकत को दर्शाया गया था.

मानसिक रूप से प्रताड़ना के चलते युवक ने की आत्महत्या

ग्वालियर ।

मानसिक रूप से प्रताड़ना करने का दो लोगो पर लगाया आरोप, युवक ने छोड़ा सुसाइड नोट

– ग्वालियर थाना क्षेत्र के लादेडी की घटना

छत्तीसगढ़ से ग्वालियर परीक्षा देने आए छात्र ने खुदकुशी कर ली। 12 वी के छात्र अमन मिश्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी की है। रायपुर से ग्वालियर परीक्षा देने आया था अमन। उसके कमरे से 2 लाइन का सुसाइड नोट मिला है जिसमें एक लड़की और उसके साथी पर प्रताड़ना का जिक्र लिखा है। फांसी से पहले अमन ने मोबाइल पर वीडियो बनाया था । किला गेट थाना के लधेड़ी की यह घटना है। पुलिस ने जांच शुरु कर दी है और मोबाइल वीडियो और कॉल डिटेल से मामले का खुलासा करने का प्रयास कर रही है

पैर घूम जनता का मूड भांप रहे सिंधिया समर्थक तोमर, शिवराज कैबिनेट में मिल सकती है जगह

ग्वालियर 
पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री प्रद्युमन सिंह तो अपने अंदाज को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस से इस्तीफा देकर तोमर ने भी बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है। अब उन्हें उपचुनाव में जाना है। साथ ही उम्मीद है कि शिवराज कैबिनेट में भी तोमर को जगह मिलेगी। उपचुनाव से पहले तोमर जनता का मूड भांपने के लिए चिलचिलाती धूप में खाली पैर ही मैदान में उतर गए हैं।

ग्वालियर में अधिकतम तापमान पिछले कई दिनों से 44 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा ही है। लेकिन पूर्व मंत्री तोमर पिछले कई दिनों से तपती सड़क पर खाली पैर ही लोगों का हाल जानने जा रहे हैं। भीषण गर्मी में ग्वालियर के कई इलाकों में लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। तोमर नगर निगम के जरिए लोगों तक मदद पहुंचवा रहे हैं। ऐसे में अब उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल है। 

शिवराज कैबिनेट में मिल सकती है जांच 
प्रद्युमन सिंह तोमर, कमलनाथ की सरकार में खाद्य आपूर्ति मंत्री थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया के खास लोगों में इनकी गिनती होती है। सिंधिया के प्रति तोमर इतने वफादार हैं कि उनके आने पर चरण छूकर आशीर्वाद लेते हैं। ऐसे में उम्मीद है कि प्रद्युमन सिंह तोमर को शिवराज कैबिनेट में जगह मिल सकती है। लेकिन तोमर के लिए बड़ी चुनौती पहले उपचुनाव जीतना है। 
मुझे भी एहसास हो 
तोमर ग्वालियर में कई दिनों से खाली पैर घूम रहे हैं। तपती सड़क पर वह अपने समर्थकों के साथ गली-मोहल्लों में खाली पैर ही जा रहे हैं। उन्होंने कुछ तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा है कि इस भीषण गर्मी में जनता पानी के लिए परेशान है, तो परेशानी का एहसास मुझे भी होना चाहिए। 

खाली पैर ही लेंगे शपथ 
प्रद्युमन मंत्री रहते हुए ग्वालियर में नाले, नालियों और शौचालय की सफाई करने खुद ही उतर जाते थे। उस वक्त भी उनकी चर्चा खूब होती थी। इस बार उनका यह नया रूप देख लोग अचंभित हैं। तोमर का कहना है कि राजभवन में मंत्री पद की शपथ लेने भी ऐसे ही जाऊंगा। ताकि हर जगह लोगों को जनता की परेशानियों का प्रदर्शन हर जगह होना चाहिए। 

अब देखना होगा कि तोमर वाकई जनता की परेशानियों को लेकर ऐसा कर रहे हैं। या फिर वह उपचुनाव जीतने के लिए जतन कर रहे हैं। यह तक उपचुनाव के नतीजे ही तय करेंगे। लेकिन कोरोना काल में प्रद्युमन सिंह तोमर लोगों की समस्या को लेकर तत्पर दिख रहे हैं।

एक्शन में प्रधान सिंह तोमर तोमर
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ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अचानक अपनी विधानसभा क्षेत्र में पानी की समस्या का निरीक्षण करने पहुंच गए। उन्होंनेकलेक्टर और निगमायुक्त सहित पेयजल सप्लाई से संबंधित अफसरों को मौके पर तलब किया और साफ शब्दों में कहा कि गर्मी बढ़ गई है, क्षेत्र में पानी की शिकायत मिली तो ठीक नहीं होगा।

अधिकारियों को तलब किया
ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री सिंधिया-समर्थक नेता प्रद्युम्न सिंह तोमर हमेशा की तरह एक्शन मोड में हैं। बुधवार को आधी रात वे अचानक अपनी विधानसभा के हजीरा, इंद्रा नगर, नूरगंज आदि क्षेत्रों में पेयजल समस्या का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने मौके पर ही कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन, पीएचई के अधीक्षण यंत्री आरएलएस मौर्य, कार्यपालन यंत्री आरके शुक्ला, जागेश श्रीवास्तव, एई विष्णु पाल सहित अन्य अधिकारियों को तलब किया।

अधीक्षण यंत्री को फटकार
पूर्व मंत्री ने कहा कि गर्मी तेज हो गई है और पीले गंदे पानी की शिकायतें मिलने लगी हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के एई विष्णु पाल लोगों की समस्या नहीं सुनते। लोगों को नई लाइन में कनेक्शन नहीं मिल रहा है। कई जगह लाइन टूटी हुई है जिससे सप्लाई घरों तक नहीं पहुंच रही। शिकायत सुनने के बाद निगम आयुक्त ने एई विष्णु पाल को फटकार लगाते हुए हजीरा क्षेत्र की सप्लाई से हटा दिया और क्षेत्र की पेयजल सप्लाई की जिम्मेदारी अधीक्षण यंत्री मौर्य को दे दी।

अफसरों ने दिलाया भरोसा
तोमर ने अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि वे पेयजल सप्लाई को चेक करने आधी रात से लेकर सुबह तक रहेंगे। कहीं से भी शिकायत आई तो ठीक नहीं होगा। पूर्व मंत्री के तेवर देख कर कलेक्टर और आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि जो भी कमियां हैं, उन्हें समय रहते ठीक कर लिया जाएगा।

केंद्र के गले की फांस बना स्वदेशी बनाम विदेशी: आयातित वस्तुएं हटाते ही खाली हो गईं थीं सीएपीएफ कैंटीन

केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार का देश 29 मई को जारी हुआ था, जिसमें कहा गया था कि कैंटीन के उत्पादों को अब तीन भागों में बांट दिया गया है। पहला वे उत्पाद जो पूर्णत: स्वदेशी हैं। दूसरा, कच्चा माल जो बाहर से आया है, लेकिन उन्हें तैयार अपने देश में किया गया है। तीसरा, पूरी तरह से आयातित उत्पाद।

एक जून से लागू होने वाले आदेश में कहा गया था कि पहली और दूसरी श्रेणी में आने वाली वस्तुओं की बिक्री होगी। तीसरी श्रेणी की वस्तुओं को सूची से बाहर किया जाएगा। आदेश की प्रति मीडिया में पहुंचने पर सरकार ने आदेश को वापस लेने की बात कही। गृह मंत्रालय ने कहा कि इस संबंध में जल्द ही नए आदेश जारी किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2020 में कहा था कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब लोकल प्रॉडक्ट्स (भारत में बने उत्पाद) का उपयोग करना होगा। उन्होंने सभी लोगों से अपील की थी कि खादी की तरह वे दूसरे उत्पादों में भी स्वदेशी को तव्वजो दें। उनकी इस अपील पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने सबसे पहले काम करना शुरू किया।
एक जून 2020 से देशभर की सभी ऐसी कैंटीनों पर यह नियम लागू करने की बात कही गई। इन कैंटीनों और स्टोर की कुल खरीद लगभग 2800 करोड़ रुपये है। लगभग 10 लाख सुरक्षा कर्मी और उनके 50 लाख परिजन कैंटीन और स्टोर का इस्तेमाल करते हैं।

जब आयातित वस्तुओं की सूची बनाई गई तो कैंटीन में कुछ नहीं बचा

कैंटीन में अभी तक जो सामान बिक रहा था, उसमें ज्यादातर वस्तुएं ऐसी हैं जो किसी बाहरी कंपनी से संबंधित हैं। भले ही उसकी डीलरशिप स्थानीय व्यक्ति के पास है, लेकिन वह उत्पाद पूरी तरह से आयातित हैं। कैंटीन महकमा देखने वाले एक अधिकारी का कहना था कि हमने आदेशानुसार उन सभी उत्पादों की सूची बना ली थी, जिनका निर्माण भारत से बाहर हुआ है।

जब सूची तैयार हुई तो पता चला कि अगर ये सभी उत्पाद डी-लिस्ट हो गए तो कैंटीन में कुछ बचेगा ही नहीं। शाम को सीआरपीएफ ने भी कह दिया कि कैंटीन को लेकर सामानों की जो सूची जारी हुई है, वह गलत है। नेस्ले, नीलकमल, गोदरेज, विप्रो, मार्स इंटरनेशनल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और बहुत सी नामी कंपनियों के उत्पाद कैंटीन की लिस्ट से बाहर हो गए हैं।
इन फर्मों के द्वारा आयात किए गए सामान पर रोक 

ब्राइट कमोडिटीज ओन 
फ्रेरो इंडिया प्रा.लि. न्यूटेला किंडर जॉय व टिक टेक 
स्केचर साउथ एशिया प्राइवेट लि. स्केचर्स 
श्रीनिवास एजेंसी इलेक्ट्रॉन 
विक्टोरीनोक्स इंडिया प्रा.लि मेग्लाइट, म्यूला, कैटाडिम स्विस गीयर, विक्टोरीनोक्स, 
रेडबुल इंडिया प्रा.लि. रेडबुल 
सफीलो इंडिया प्रा.लि. पोलारोइड, करेरा 
ये फर्म हैं, जिन्होंने अपने उत्पादों की जानकारी मुहैया नहीं कराई तो रोकी सप्लाई 

ग्रुप सेब इंडिया प्रा.लि. महाराजा व्हाइट लाइन 
लिबर्टी ऑयल मिल्स लि. अंबर रिफाइंड, चांदना वनस्पति, 
 इंपोर्टेड, फ्राइडे लाइट, निर्मल
मिर्जा इंटरनेशनल लि. रेड टेप और बॉंड स्ट्रीट 
सफेचेम इंडस्ट्रीज सफेद, ब्राइटो, स्पार्कल, सुपर 
क्विक, चैंपियन 
शॉलीभद्रा प्रा.लि. सोनारी 
सुपर हाउस लि. एलेनकूपर 
इन फर्मों के आयातित प्रोडेक्ट पर लगी रोक

फर्म का नाम          प्रोडक्ट की संख्या 
एबोट हेल्थकेयर प्रा.लि         1 
एस्ट्रॉन एंटरप्राइजेज प्रा.लि         2
बैगजॉन लाइफ स्टाइल         1 
बजाज इलेक्ट्रीकल लि.         44 
बजोरिया एप्लीकेशन         37 
ब्लू स्टार लि.             10 
बोरोसिल ग्लास         9 
ब्रेंड कन्सेप्ट             22 
ब्राइट कोमोडिटीज         8 
करगिल इंडिया प्रा.लि         7
केविन केयर             12 
सैलो सेल एंड मार्केटिंग         136
क्लासिक इंर्पोट प्रा.         11 
कोलगेट पामोलिव इंडिया लि.     10 
कंफर्ट इंटरनेशनल         4 
डेल्सी इंडिया प्रा.         12 
धीर मार्केटिंग इंडिया         5 
दुगार ओवरसीज लि.         51 
ईगल होम एप्लाइंसेस लि.         11 
यूरेका फोब्स लि.         4 
गेबी प्रोडेक्ट             1
जीप इंडस्ट्री प्रा लि.         3 
गोदरेज एंड बॉयस         1 
गोल्ड स्टार फुटवीयर         4 
हेमिल्टन हाउसवेयर         42 
हेवल्स इंडिया लि.         1 
लायड्स इंडिया लि.         9 
हिन्दुस्तान यूनीलीवर फूड         3 
एचयूएल जीएसके         2
जेक्वुार             6 
केन प्राइवेट लि.         6
पेनासोनिक एप्लीकेशन         17 
पेनासोनिक इंडिया प्रा.         16 
पिफलिप्स इंडिया लि.         24 
प्रोक्टर एंड गेंबल जिलेट इंडिया     15 
विप्रो इंटरनेशनल, उषा, डाबर     17 
प्रिंस र्कोप             6

राज्यसभा की रेस में पिछड़ रहे हैं दिग्विजय सिंह? ये समीकरण पड़ सकता है भारी

भोपाल 
एमपी से राज्यसभा की 3 सीटों के लिए 19 जून को वोटिंग (rajya sabha election voting date) होगी। कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद 2 सीटें बीजेपी के खाते में जाती दिख रही है। वहीं, कांग्रेस ने भी 2 उम्मीदवार उतारे। दिग्विजय सिंह (digvijay singh) प्राथमिक सीट से हैं, तो उनकी जीत अभी तक पक्की मानी जा रही है। लेकिन बदले सियासी हालात में अब उन्हें लेकर संशय बरकरार है। पार्टी उपचुनाव को देखते हुए एमपी में कोई बड़ा फैसला ले सकती है। साथ ही पार्टी के अंदर से ही यह आवाज उठ रही है कि फुल सिंह बरैया को राज्यसभा भेजा जाए।

दरअसल, कांग्रेस की तरफ से राज्यसभा के लिए जब 2 उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया था, तब प्रदेश में सरकार थी। उस वक्त तक यह तय था कि कांग्रेस 2 सीटें निकाल सकती हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़ने के बाद कांग्रेस के 22 विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया। उसके बाद सियासी समीकरण बदल गए हैं। अभी के हालात में 2 सीट पर बीजेपी की जीत पक्की है। वहीं, राज्यसभा चुनाव के बाद एमपी में 24 सीटों पर उपचुनाव होने हैं। 24 में से 16 सीट ग्वालियर-चंबल संभाग में हैं। 

पिछड़ सकते हैं दिग्गी 
कांग्रेस के हाथ से सत्ता जाने के बाद चुनावों का समीकरण बदल गया है। चर्चा है कि कांग्रेस पार्टी के अंदर से ही दलित चेहरे को राज्यसभा में भेजने की मांग उठने लगी है। साथ ही दिग्गी विरोधी खेमा यह मांग करने लगे हैं कि बरैया को राज्यसभा भेज बीजेपी का समीकरण बिगाड़ सकते हैं। बरैया के पक्ष में लॉबिंग कर रहे नेताओं का तर्क है कि उन्हें राज्यसभा भेज में आरक्षित वर्ग के वोटों का लाभ ले सकते हैं। अगर पार्टी इस पर राजी हो गई तो दिग्विजय सिंह राज्यसभा नहीं पहुंच पाएंगे। 

ये हैं चर्चा 

ग्वालियर-चंबल इलाके में आरक्षित वर्गों का वोट काफी है। बरैया समर्थकों के तर्क पर दिग्गी खेमा ने भी जवाब दिया है। दिग्विजय सिंह के लोगों का कहना है कि राज्यसभा इन्हें ही भेजा जाए। फुल सिंह बरैया को उपचुनाव में पार्टी किसी सीट से उम्मीदवार बनाए। इससे भी आरक्षित वर्ग के वोट पार्टी के पक्ष में आएंगे। वहीं, मीडिया से बात करते हुए फुल सिंह बरैया ने कहा कि जब तक निर्वाचन नहीं हो जाता तब तक वे मुकाबले में हैं। कांग्रेस ने मुझे उम्मीदवार बनाया है। 

बदल गया है समीकरण 

दरअसल, एमपी में 23 मार्च तक कांग्रेस की सरकार थी। सिंधिया समर्थकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ की सरकार चली गई। सपा, बसपा और निर्दलीय विधायकों को मिलाकर कांग्रेस के पास विधायकों की संख्या 121 थी। वहीं, बीजेपी के पास 107 विधायक थे। तत्कालीन समीकरण के हिसाब से कांग्रेस को राज्यसभा की 2 सीटें मिल रही थीं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी से इस्तीफा देकर समीकरण बदल दिया है। ऐसे में अब कांग्रेस 1 ही सीट जीत सकती है। बदले हालत में पार्टी को ही तय करना है कि राज्यसभा कौन जाएगा। 

सिंधिया के बहाने अमित शाह का सोनिया-राहुल पर हमला- कांग्रेस ने सम्मान नहीं दिया, इसलिए BJP में आए

नई दिल्ली
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की विदाई के लिए कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को जिम्मेदार बताया है। एक न्यूज चैनल पर इंटरव्यू के दौरान शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेतृत्व की गलत नीतियों के चलते ही कमलनाथ सरकार 15 महीने में गिर गई। उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व पर सीधा हमला बोलते हुए इसे उनकी विफलता बताया।
ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में 18 साल की लंबी पारी खेलने के बाद इस साल होली के दिन बीजेपी में शामिल हुए थे। कांग्रेस अक्सर इसके लिए बीजेपी पर आरोप लगाती रही है, लेकिन शाह ने इस बयान के जरिए बीजेपी का बचाव करते हुए सीधे सोनिया-राहुल पर ही हमला बोल दिया।


कांग्रेसी विधायकों को सम्मान नहीं मिला

इंटरव्यू के दौरान मध्य प्रदेश में राजनीतिक उठापटक के बारे में पूछे जाने पर शाह ने इसमें बीजेपी की भूमिका को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायकों ने विद्रोह किया क्योंकि उन्हें पार्टी के अंदर सम्मान नहीं मिला। सिंधिया के साथ भी यही हुआ। इसलिए उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया। इसके लिए कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व जिम्मेदार था, न कि बीजेपी।

‘सिंधिया जैसे नेताओं को भी कांग्रेस संभालकर नहीं रख पाई’

शाह ने कहा कांग्रेस पार्टी में नेताओं को सम्मान नहीं मिलता। सिंधिया जैसे नेताओं को भी पार्टी संभालकर नहीं रख पाई। उन्होंने इसे कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की विफलता बताया।

MP: राज्यसभा की 3 सीटों के लिए 19 जून को वोटिंग, सिंधिया-दिग्विजय का जाना तय

15 महीने ही चल पाई कमलनाथ की सरकार
एमपी में 15 साल तक सत्ता से दूर रहने के बाद कांग्रेस ने 2018 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी को पटकनी दी थी। कमलनाथ के नेतृत्व में सरकार बनी, लेकिन यह 15 महीने चल पाई। ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी से इस्तीफे के बाद एमपी 22 विधायकों ने भी कांग्रेस छोड़ दी और कमलनाथ को पद छोड़ना पड़ा। इसके बाद बीजेपी ने प्रदेश में सरकार बनाई और शिवराज सिंह चौहान चौथी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।

देश में कोरोना के 8171 नए केस, कुल मरीजों की संख्या 1.98 लाख के पार


नई दिल्ली

देश में कुल मरीजों की संख्या 1 लाख 98 हजार 706 है. इसमें से 5 हजार 598 लोगों की मौत हो चुकी है. राहत की बात है कि करीब 50 फीसदी यानी 95 हजार 527 मरीज कोरोना से जंग जीत चुके हैं.

पिछले 24 घंटे में 204 लोगों की मौतकुल मौत का आंकड़ा 5500 के पार

देश में अब हर रोज 8 हजार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं. मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 8 हजार 171 नए मामले सामने आए हैं और इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आकर 204 लोगों की मौत हो गई. वहीं, पिछले 24 घंटे में 3709 लोग ठीक हुए हैं.

अब देश में कुल मरीजों की संख्या 1 लाख 98 हजार 706 है. इसमें से 5 हजार 598 लोगों की मौत हो चुकी है. राहत की बात है कि करीब 50 फीसदी यानी 95 हजार 527 मरीज कोरोना से जंग जीत चुके हैं. अभी देश में कुल एक्टिव केस की संख्या 97 हजार 581 है. पिछले कुछ दिनों में मरीजों के ठीक होने का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है.

कोरोना से सबसे अधिक महाराष्ट्र प्रभावित है. यहां कुल मरीजों का आंकड़ा 70 हजार को पार कर गया है. अब तक 2 हजार 362 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 30 हजार से अधिक लोग ठीक हो चुके हैं. अभी 37 हजार 543 एक्टिव केस हैं. दूसरे नंबर पर तमिलनाडु है, यहां अब तक 23 हजार से अधिक केस सामने आए हैं, जिसमें 184 लोगों की मौत हो चुकी है.

कोरोना के कुल केस के मामले में तीसरे नंबर पर दिल्ली है. अब तक यहां 20 हजार 834 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें 523 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8746 लोग ठीक हो चुके हैं. वहीं, गुजरात में कुल मरीजों का आंकड़ा 17 हजार 200 हो गया है, जिसमें 1063 लोगों की मौत हो चुकी है.

ग्लोबल फेस्टिवल में आज शाम 4.20 पर होगा विद्या बालन की फिल्म ‘नटखट’ का प्रीमियर

विद्या ने ‘नटखट’ नामक एक शॉर्ट फिल्म प्रोड्यूस की है. यह फिल्म आज ‘वी आर वन : अ ग्लोबल फेस्टिवल’ नामक डिजिटल फिल्म समारोह में प्रदर्शित की जाएगी.

विद्या बालन निर्मित पहली फिल्म ‘नटखट’ का प्रीमियर आज डिजिटल फिल्म फेस्टिवल में- अभिनेत्री विद्या बालन अब प्रोड्यूसर भी बन गई हैं. विद्या ने ‘नटखट’ नामक एक लघु फिल्म प्रोड्यूस की है. यह फिल्म आज ‘वी आर वन : अ ग्लोबल फेस्टिवल’ नामक डिजिटल फिल्म समारोह में प्रदर्शित की जाएगी.

विद्या ने कहा, “कोविड-19 की वजह से दुनियाभर के फिल्म फेस्टिवल कैंसिल हो गए हैं. ऐसे में ‘वी आर वन’ जैसे डिजिटल फेस्टिवल दर्शकों और फिल्ममेकर्स की उम्मीद बने हुए हैं. इस प्लेटफॉर्म पर अपनी फिल्म लाकर मैं खुश और उत्साहित हूं. ‘नटखट’ एक ऐसे मुद्दे पर बनी है, जो इस व़क्त सामयिक और जरूरी है. इसमें हमने समाज को एक बड़ा संदेश भी दिया है.”

डिजिटल फिल्मों का यह फेस्टिवल यू-ट्यूब चैनल पर 10 दिनों तक आयोजित किया जाएगा. इसमें मुंबई फिल्म फेस्टिवल के अलावा बर्लिन, कान, वेनिस, संडांस, टोरंटो, न्यूयॉर्क, बीएफआई लंदन, कालोर्वी वैरी, लोकार्नो शामिल होंगे.

लैंगिक असमानता, दुष्कर्म संस्कृति और घरेलू हिंसा जैसे कई मुद्दों से निपटने के दौरान फिल्म पितृसत्ता और विषाक्त मर्दानगी को संबोधित करती है. लघु फिल्म ‘नटखट’ को अनुकम्पा हर्ष और शान व्यास ने लिखा है. विद्या फिल्म की निर्माता तो हैं ही, वह फिल्म में नायक की भूमिका में भी नजर आएंगी.