बुधवार को होगा मंत्रिमंडल का विस्तार दो चर्चित मंत्री लेंगे उप मुख्यमंत्री की शपथ

भोपाल

मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सीएम ने ली मंत्रालय में बैठक सूत्रों के द्वारा रिपोर्ट आ रही है कि मध्यप्रदेश में फंसा पेच सुलझा लिया गया है संभावना है कि नरोत्तम मिश्रा और तुलसी सिलावट बन सकते हैं उपमुख्यमंत्री दिल्ली में सिंधिया अमित शाह ब मोदी ने दी नए मंत्रिमंडल को मंजूरी

सीएम इसको लेकर मंत्रालय में चर्चा की, इसके बाद दोपहर तक मंत्री बनाए जाने वालों को दोपहर तक सूचना दी जा सकती है।पहले मंत्रिमंडल विस्तार के लिए 30 जून का दिन सामने आ रहा था, लेकिन बाद में यह तारीख टल गई। अब एक जुलाई को मंत्रिमंडल का विस्तार होना माना जा रहा क्योंकि कल देवशयनी एकादशी है और इसके बाद करीब 5 महीने तक कोई भी शुभ कार्य वर्जित रहेगा। ऐसे में एक जुलाई का दिन विस्तार के लिए फिक्स है

प्रधानमन्त्री ने कहा भारत में गांव या देश का प्रधान कोई भी नियमों से ऊपर नहीं

नई दिल्ली | कोरोनासंकट संकट और सीमा पर चीन के साथ तनातनी के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया. अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को कहा….कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ते-लड़ते अब हम अनलॉक टू में प्रवेश कर रहे हैं. इसके साथ ही हम उस मौसम में भी प्रवेश कर रहे हैं. जिसमें सर्दी जुकाम खांसी बुखार आदि बढ़ जाते हैं. मेरी आप सबसे प्रार्थना है कि ऐसे समय में अपना ध्यान रखें. अगर हम कोरोना से होने वाली मौतों की तुलना करें तो हम संभली हुई स्थिति में है. समय पर हुए लॉकडाउन और अन्य फैसलों ने भारत में लाखों लोगों का जीवन बचाया है. लेकिन हम यह भी देख रहे हैं. कि जब से देश में अनलॉक वन हुआ है व्यक्तिगत और सामाजिक तौर पर लापरवाही बढ़ती ही चली गई है. पहले हम मास्क को लेकर दो गज की दूरी को लेकर बीस सेकंड दिन में कई बार हाथ धोने को लेकर बहुत सतर्क थे लेकिन आज जब हमें ज्यादा सतर्कता की जरूरत है तो लापरवाही बढ़ना चिंता का कारण है.
पीएम मोदी ने कहा, ‘साथियों लॉकडाउन खोलने पर बहुत नियमों का पालन करना था. देश के नागरिकों को उसी तरह की सतर्कता दिखाने की जरूरत है. विशेषकर कन्टेनमेंट जोंस पर हमें बहुत ध्यान देना होगा।जो भी लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे, हमें उन्हें टोकना होगा, रोकना होगा और समझाना भी होगा.

आपने देखा होगा कि एक देश के पीएम पर 13 हजार रु. का जुर्माना इसलिए लग गया क्योंकि वो सार्वजनिक स्थल पर मास्क नहीं पहनकर गए थे. भारत में भी स्थानीय प्रशासन को इसी चुस्ती के साथ काम करना चाहिए. भारत में गांव और या देश का प्रधान कोई भी नियमों से ऊपर नहीं है.

लॉकडाउन होते ही सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना लेकर आई. इस योजना के तहत गरीबों के लिए पौने दो लाख करोड़ रु. का पैकेज दिया गया. बीते 3 महीनों में गरीबों के खाते में रुपये जमा किए गए है.

कोरोना से लड़ते हुए भारत में 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को तीन महीने का राशन यानि पांच किलो गेंहू या चावल मुफ्त दिया गया. इसके अलावा प्रत्येक परिवार को हर महीने 1 किलो दाल भी मुफ्त दी गई. यानि अमेरिका की कुल जनसंख्या से ढाई गुना अधिक लोगों को, ब्रिटेन की जनसंख्या से 12 गुना ज्यादा लोगों को और यूरोपीयन यूनियन की आबादी से 2 गुना ज्यादा लोगों को हमारी सरकार ने मुफ्त अनाज दिया है.

गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार

पीएम ने कहा, ‘आज मै इसी से जुड़ी एक महत्वपूर्व घोषणा करने जा रहा हूं. हमारे यहां वर्षा ऋतु के दौरान कृषि क्षेत्र में ही मुख्य तौर पर ज्यादा काम होते है. अब देखिए सावन महीने के शुरू होते ही त्योहार शुरू हो जाते हैं. त्योहारों का यह समय जरूरत भी बढ़ता है और खर्च भी बढ़ाता है. हमने अब फैसला किया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब दिवाली और छठ पूजा यानि नवंबर महीन के आखिरी तक कर दिया जाएगा….

….यानि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज देने वाली ये योजना अब जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में भी लागू रहेगी. सरकार द्वारा इन पांच महीनों के दौरान 80 करोड़ लोगों को सरकार द्वारा 5 किलो गेंहू या 5 किलो चावल मुफ्त दिया जाएगा. इसके अलावा प्रत्येक परिवार को एक किलो चना भी मुफ्त दिया जाएगा. इस योजना में 90 हजार करोड़ रुपए खर्च होगा. अगर इसमें पिछले तीन महीनों को खर्च भी जोड़ दें तो ये 1.50 लाख करोड़ रु हो जाता है.’

पूरे देश में एक राशन कार्ड व्यवस्था लागू होगी

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पूरे भारत के लिए हमने एक सपना देखा है. कई राज्यों ने बहुत अच्छा काम किया हम बाकि राज्यों से भी इस पर आगे बढ़ने की योजना बना रहे है. अब पूरे देश में एक राशनकार्ड की व्यवस्था भी हो रही है. इसका लाभ उन लोगों को भी मिलेगा जो रोजगार या दूसरी जरूरतों के लिए अपना घर गांव छोड़कर कमाने के लिए दूसरे राज्यों में मजदूरी को ले लिए जाते हैं.

समाज के किसान और टैक्सपेयर्स का शुक्रिया

साथियों आज गरीब को जरूरतमंद को सरकार मुफ्त अनाज दे पा रही है उसका श्रेय दो लोगों को जाता है पहला किसान को दूसरा हमारे देश के टैक्सपेयर्स . जिनकी की वजह से देश मदद कर पा रहा है. आपने देश का अन्न भंडार भरा है इसलिए गरीब का चूल्हा जल रहा. आपने ईमानदारी से अपना टैक्स भरा है जिसकी वजह से देश गरीब की मदद कर पा रहा है. आज मैं देश के किसान और टैक्सपेयर्स को नमन करता हूं.

दो गज की दूरी का पालन करें

‘हम सब आत्मनिर्भर भारत के अभियान को आगे बढ़ाएंगे. हम लोकल के लिए वोकल बनेंगे. आपसे आग्रह है कि सभी स्वस्थ्य रहिए दो गज की दूरी का पालन करें. कोई लापरवाही ना बरतें.’

MPPSC Prelims Result 2020: एमपीपीएससी राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित, ऐसे करें चेक

MPPSC Prelims Result 2020: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने राज्य सेवा प्रारंभिक भर्ती परीक्षा 2019 का रिजल्ट घोषित कर दिया है। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए थे, वे वेबसाइट mppsc.nic.in और mppsconline.in के माध्यम से अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं।

एमपीपीएसससी राज्य सेवाओं की परीक्षा 12 जनवरी को आयोजित की गई थी। एमपीपीएससी भर्ती लिखित परीक्षा, फिटनेस पात्रता परीक्षा, साक्षात्कार और दस्तावेज सत्यापन पर आधारित होगी। उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान स्टेप्स का पालन कर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं।

एमपीपीएससी राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा रिजल्ट 2020: ऐसे करें चेक

स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइटों mppsc.nic.in या mppsconline.in पर जाएं

स्टेप 2: होमपेज पर दिख रहे State Service & State Forest Service Preliminary Examination 2019 Result लिंक पर क्लिक करें।

स्टेप 3: रोल नंबर और जन्म तिथि दर्ज करें समबिट करें।

स्टेप 4: आपकी स्क्रीन पर आपका रिजल्ट खुल जाएगा।

स्टेप 5: इसे डाउनलोड करें, और आगे के संदर्भ के लिए प्रिंट आउट लें।

वेतन संरचना के अनुसार 159 खाली पद तीसरी श्रेणी में हैं जबकि बाकी दूसरे में हैं। ग्रेड II नौकरियों के लिए वेतन 5400 रुपये के ग्रेड वेतन के साथ वेतन 15,800 रुपये से 39,100 रुपये तक होगा। ग्रेड III स्तर की नौकरियों के लिए 3600 रुपए प्र ग्रेड के साथ वेतन 9,300 रुपये से 34,800 रुपये होगा।

जन सुनवाई के दिन भी जिलधीश् को लोगों से मिलने की फुर्सत नहीं : धैर्यवर्धन शर्मा


शिवपुरी अपर् कलैक्टर के ऑफिस के बाहर एक घंटे से खड़े हैं मृतक बाबू वृंदावन के परिजन और रिश्तेदार । भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य धैर्यवर्धन ने प्रशासनिक हठधर्मिता पर बेहद अफ़सोस जताया है । मृतक के परिजनों की बात सुन् ने के लिए भी संवेदन शीलता नहीं दिखा पा रहे हैं अफसर ।
ज़िला शिवपुरी भारतीय् जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता धैर्यवर्धन ने कहा कि शिवपुरी कलेक्टर ने हाई कोर्ट की अवमानना की ,
और गाज निर्दोष बाबू पर गिरायी ।
आत्महत्या कर चुके शिक्षा विभाग के क्लर्क् श्री वृंदावन शर्मा की गाज भी सिर्फ बाबुओ पर गिराने की तयारी में है पुलिस , प्रशासन ।
ज़िला शिक्षा अधिकारी मिस्टर कटियार ही असली खलनायक है उसको बचाने में लगी मशीनरी ।
भाजपा नेता के अनुसार अब तक का सबसे भ्रष्ट ज़िला शिक्षा अधिकारी हैं कटियार ।
पिछ्ली सरकार में पोस्टिंग कराकर आया यह बेरहम अफ्सर विभाग मे आतंक का पर्याय था ।
बाप बड़ा न् भैया
सबसे बड़ा रुपैया , इसी सिद्धान्त् पर काम कर रहा है यह बेरहम अधिकारी ।

यूँ ही नहीं कर लेता है कोई आत्महत्या ?

पहले ऐफ आई आर हो फिर जान्च हो । धैर्यवर्धन ने कहा कि वे पुलिस की कार्यप्रणाली पर कोई संदेह उत्पन्न नहीं कर रहे इसलिए कोई हस्तक्षेप नहीं किया । पर यदि निष्पक्ष कार्यवाही नहीं हुई तो वे चुप नहीं बैठेंगे । इसके पहले भी पिछोर मे शिक्षक मनोज पुरोहित ने भी पुलिस की प्रताडना से तंग आकर आत्महत्या की थी । सुसाइड नोट होने के बावजूद भी पुलिस ने जान्च मे लीपापोती करके दोषियो को बचा लिया है । शिवपुरी ज़िला कर्मचारियो की आत्महत्या के लिए जाना जाने लगा है ।

चीन ने पाक को भी नहीं बख्‍शा, उसकी कंपनियों ने पाकिस्तानी कर्मियों को नमाज से रोका

इस्लामाबाद, एएनआइ। पुरानी कहावत है कि सांप दंश मारने का स्‍वभाव नहीं छोड़ता है। मौजूदा वक्‍त में चीन की दोस्‍ती कुछ इसी रूप में नजर आ रही है। नेपाल के एक गांव पर कथित तौर पर कब्‍जा जमाने वाला चीन अब पाकिस्‍तान को भी नहीं बख्‍स रहा है। समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में संचालित चीन की कुछ कंपनियां अब पाकिस्तानी कर्मचारियों को नमाज अदा करने के लिए समय तक नहीं दे रही हैं। इस पर आवाजें भी उठने लगी हैं…

मालूम हो कि नमाज इस्लाम के पांच बुनियादी सिद्धांतों में से एक है। 26 जून को सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में एक मौलाना को पाकिस्तानियों से एकजुट होने और पाकिस्तान में मौजूद चीन के लोगों से यह कहने का आग्रह करते देखा जा सकता है कि यह देश उनका नहीं है। मौलवी ने कहा है, ‘हम नमाज की उपेक्षा नहीं कर सकते। लोगों को डर है कि उनसे रोजगार छिन जाएगा लेकिन हमारे लिए अब यह स्वाभिमान का मुद्दा है।’

चीन को पाकिस्तान का सदाबहार और सबसे प्रिय मित्र देश के रूप में जाना जाता है। एशिया की राजनीति में मुख्य भूमिका निभा रहे चीन का पाकिस्तान सबसे भरोसेमंद सैन्य साझेदार है, लेकिन बीजिंग अपने यहां के चीनी मुस्लिमों, खास तौर से उत्तर पश्चिमी शिनजियांग प्रांत में उइगर के प्रति आक्रामक बना हुआ है। जल्दी ही पाकिस्तानी जनता की राय पर चीन अपनी पकड़ खो सकता है। ऐसी स्थिति में पाकिस्तान के साथ काम करने में बीजिंग को कठिनाई हो सकती है। 

यही नहीं चीन ने अपने यहां भी मुस्लिम आबादी पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक अभियान छेड़ा हुआ है। चीनी सरकार अपने यहां बहुमत वाले हान जाति के लोगों को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है जबकि उइगर और अन्य अल्पसंख्यकों के बीच जन्म दर को कम करने के लिए कठोर उपाय कर रही है। बीते दिनों संयुक्‍त राष्‍ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा था कि चीन के शिंजियांग प्रांत के मुस्लिम बहुल इलाके में उइगर मुसलमानों के साथ बेहद बर्बर व्यवहार हो रहा है।

वहीं अमेरिकी पत्रकार फरीद जकारिया ने चीन की पोल खोलते हुए कहा है कि ड्रैगन वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के जरिये विश्व पर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन हाल में भारत समेत अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का अतिक्रमण करके चीन ने भीषण रणनीतिक गलती कर दी है। वाशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित अपने लेख में पत्रकार जकारिया ने लिखा कि कोरोना संक्रमण से निपटने की कोशिशों में अमेरिका कमजोर पड़ गया है जबकि चीन इसी हालात का फायदा खुद को मजबूत करने के लिए उठाने वाला है।

विशाखापट्टनम: फैक्ट्री में जहरीली गैस लीक, 2 लोगों की मौत, 4 अस्पताल में भर्ती

विशाखापट्टनम : विशाखापट्टनम में एक फैक्ट्री में जहरीली गैस लीक होने की घटना सामने आई है। इस घटना में अब तक 2 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। वहीं गैस से प्रभावित 4 लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है जहां उनका इलाज जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गैस लीक की घटना परवदा में स्थित जवाहर लाल नेहरू फार्मा सिटी में हुई है। यह हादसा सोमवार रात 11.30 बजे के आसपास घटा। यहां सैनार लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से Benzi Medizol जहरीली गैस लीक हुई। इसकी चपेट में कंपनी में काम कर रहे 6 कर्मचारी आ गए थे। इसमें से 2 की मौत हुई है।

फैक्ट्री इंचार्ज की इस हादसे में मौत हो गई है। घायलों में से एक की हालत गंभीर बनी हुई है। जबकि तीन लोगों को खतरे से बाहर बताया जा रहा है। हादसे में जान गंवाने वालों में शिफ्ट इंचार्ज भी शामिल है। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई है और स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है।

परवदा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर उदय कुमार ने बताया कि ‘2 लोगों की मौत हो गई और 4 को अस्पताल में भर्ती किया गया है। हालात नियंत्रण में हैं। जिन दो लोगों की मौत हुई है वे कर्मचारी थे और लीकेज के वक्त वहां मौजूद थे। गैस और कहीं नहीं फैली है।’

शिवराज सिंह भोपाल आए, राजधानी में राजनीतिक हलचल तेज


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भोपाल. मध्य प्रदेश के शिवराज मंत्रिमंडल का 30 जून को होने वाला संभावित विस्तार एक बार फिर टल गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह दिल्ली से भोपाल आ गए हैं। उनके साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और सुहास भगत भी वापस आ गए हैं। स्टेट हैंगर से मुख्यमंभी सीघे अपने निवास गए हैं। बताया जा रहा है कि आज दिनभर मंत्रालय में ही रहेंगे। मंत्रिमंडल विस्तार टलने के बाद प्रदेश की राजनीति में कुछ बड़ा होने की अटकलें लगाईं जा रही हैं। बीते दो दिन के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से अलग-अलग मुलाकातें कीं। वे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी दो बार मिले। सोमवार शाम को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की।

सोमवार खबर आई थी कि केंद्रीय नेताओं के साथ शिवराज की बैठक में संभावित मंत्रियों के नाम फाइनल हो गए हैं और 30 जून को शपथ ग्रहण करा दी जाएगी। इसके बाद शाम को सियासी परिदृश्य एकदम बदल गया। अचानक गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को दिल्ली बुलाया गया। उनकी किन-किन नेताओं से मुलाकात हुई इसका ब्योरा तो नहीं मिला है। लेकिन कहा जा रहा है कि भाजपा के भीतर कुछ बड़ा होने की अटकलें हैं। उधर, राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया का भोपाल दौरा रद्द हो गया है। वे मंगलवार सुबह भोपाल आने वाले थे।

प्रभारी राज्यपाल की शपथ का कोई कार्यक्रम नहीं

राज्यपाल लालजी टंडन के अस्वस्थ्य होने के कारण उत्तरप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्य प्रदेश का प्रभार सौंपा गया है। सोमवार को उनके दोपहर में भोपाल आकर शपथ लेने की संभावना जताई जा रही थी। राजभवन में तैयारियां भी पूरी कर ली गईं थी। अचानक उनका आना निरस्त हो गया। मंगलवार दोपहर तक उनका भोपाल आने का कार्यक्रम निर्धारित नहीं हुआ है।

शिवराज खेमे के वरिष्ठ नेताओं को इस बार भी ड्रॉप करने और नए चेहरों को मौका देने की उलझन

सूत्रों की मानें तो प्रदेश संगठन शिवराज के पिछले कार्यकालों में मंत्री रहे सीनियर नेताओं को ड्रॉप कर नए चेहरों को मौका देना चाहता है, लेकिन मुख्यमंत्री चाहते हैं कि यह निर्णय बाद में लिया जाए।  सिंधिया समर्थकों में से सभी बड़े नेताओं को मंत्री बनाया जाता है तो भाजपा के पास पद कम बचेंगे। संगठन चाहता है कि एक-दो लोगों को रोककर उन्हें उपचुनाव के बाद मंत्री बनाया जाए।

WHO ने चीन को दिया झटका? कोरोना के पैदा होने की जांच करने आ रही टीम

कोरोना वायरस के स्रोत का पता लगाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन अगले सप्ताह अपनी एक टीम चीन भेजेगा. अभी तक कोरोना वायरस के स्रोत को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ये वायरस चीन के वुहान बाजार से आया है जहां कई प्रजातियों के जानवरों की बिक्री होती है. हालांकि, चीन इस दावे को खारिज करता रहा है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर डनरल टेड्रोस एडहैनम गिब्रयेसॉस ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, “वायरस के स्रोत को जानना बेहद जरूरी है. ये विज्ञान है, ये लोगों की सेहत से जुड़ा मामला है, अगर हमें वायरस के बारे में सब कुछ पता हो तो हम वायरस से बेहतर तरीके से लड़ पाएंगे. इसके लिए ये जानना भी जरूरी है कि वायरस कैसे आया.” हालांकि, ट्रेडोस ने इस टीम के सदस्यों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी है.

वैज्ञानिकों का अनुमान रहा है कि ये वायरस चीन के वुहान बाजार के जरिए जानवरों से इंसानों में आया होगा. चीन के वुहान में ही दिसंबर 2019 में कोरोना वायरस का सबसे पहला मामला सामने आया था. हालांकि, वायरस के निशान फ्रांस और इटली में भी पाए गए हैं. कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि स्पेन में मार्च महीने के सीवेज से इकठ्ठे किए गए सैंपल में भी कोविड-19 मौजूद पाया गया है.

ये दूसरी बार है जब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चीन में मिशन भेजेगा. इससे पहले जनवरी महीने में भी चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों से बातचीत के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक टीम भेजी थी. विश्व स्वास्थ्य संगठन की जांच से चीन पर दबाव बढ़ेगा. चीन पर ये भी आरोप लगता रहा है कि उसने दुनिया को कोरोना महामारी के बारे में देर से जानकारी दी.

कोरोना वायरस की उत्पत्ति और महामारी फैलने को लेकर चीन और अमेरिका एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं. कई वैज्ञानिक वायरस के जन्म को लेकर चीन की वुहान लैब पर भी संदेह जाहिर कर चुके हैं. जून महीने में विश्व स्वास्थ्य संगठन की सालाना बैठक में कई देशों ने कोरोना महामारी की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच के प्रस्ताव का समर्थन किया था. 

हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रमुख टेड्रोस कोरोना वायरस महामारी के राजनीतिकरण को लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं. टेड्रोस ने कहा कि महामारी हमें मानवता के सबसे अच्छे और सबसे बुरे दोनों दौर में ले आई है. उन्होंने इस संकट की घड़ी में एकजुटता का जिक्र किया लेकिन वायरस के राजनीतिकरण को लेकर भी आगाह किया. विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रमुख ने कहा, “अभी बुरा दौर आना बाकी है, मुझे माफ करिए…लेकिन इस तरह के माहौल में मुझे डर है कि अभी और बुरा दौर आएगा.”

दुनिया भर में कोरोना से मौत का आंकड़ा पांच लाख पार पहुंच चुका है और संक्रमण के मामले 1 करोड़ से ऊपर हो गए हैं. टेड्रोस ने कहा, “कई देशों ने अच्छी प्रगति की है लेकिन वैश्विक स्तर पर महामारी की रफ्तार बढ़ती जा रही है. इसीलिए हम इसका मिलकर सामना करेंगे.”

चीन की चालबाजी में फंसा नेपाल, जमीन के बाद अब नेपाली एयरबेस पर कब्जा करना चाहता है ड्रैगन

नई दिल्ली

पूरी दुनिया जानती है कि भूमाफिया चीन मदद के नाम पर दूसरे देश को कब्जा करने और उन्हें गुलाम बनाने की साजिश रचता है। पहले पाकिस्तान और अब नेपाल चीन की इसी साज़िश में पूरी तरह से फंसता जा रहा है। .नेपाल सोच रहा है कि उसका सबसे करीब चीन उसके देश में विकास कर रहा है लेकिन वो उस साज़िश को समझ नहीं पा रहा है जिसे जिंपिंग ने रच रखा है।

नेपाल में छोटे-छोटे विमान उड़ रहे हैं, उतर रहे हैं, सड़कें बन रही हैं, मज़बूत इमारतों का निर्माण हो रहा है। जेसीबी मशीनें लगी हुई हैं। चारों तरफ कंट्रक्शन का काम चल रहा है। ज़मीन नेपाल की है, लेकिन कंस्ट्रक्शन चीन कर रहा है। 60 फीसदी मज़दूर और इंजीनियर चीन के हैं और हर कंस्ट्रक्शन साइट पर चीन का बाकायदा बोर्ड लगा हुआ है।

नेपाल में चीन का निर्माण बहुत तेज़ी से चल रहा है। नेपाल की ज़मीन पर जिंपिंग ने ऐसा जाल बिछा दिया है कि नेपाल कब चीन का गुलाम बन जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है। चीन के इस निर्माण में एयरबेस, लंबी-लंबी सड़कें, एयरपोर्ट, रेस्ट्रां, पांच सितारा होटल सब शामिल है।

नेपाल के पोखरा एयरपोर्ट पर चीन विस्तार कर रहा है। कोरोना काल में काम ठप था, लेकिन जैसे काम खुला वैसे ही चीन के काम में तेज़ी आ गई। अब चीन की नजर नेपाल के एयरबेस पर है। नेपाल के सबसे बड़े पर्यटक स्थल पोखरा में चीन एयरपोर्ट की निर्माण कर रहा है। जिसके बदले नेपाल को 22 अरब  नेपाली रुपया कर्ज दिया गया है। इस एयरपोर्ट का निर्माण 11 august 2018 से शुरु किया गया है। जिसमें  60 फीसदी चीनी मजदूर के द्वारा निर्माण कराया जा रहा है।

पोखरा एयरपोर्ट तैयार होने वाला है। वहीं नेपाल के भैरावा में गौतम बुद्ध एअरपोर्ट भी चाइना ने  बनाकर तैयार कर दिया है और तो  तो और चीन से लगी सीमा पर लूकला एयरपोर्ट का निर्माण भी चीन ने किया है जो परी तरह से ऑपरेशनल है।

दरअसल चीन की निगाह नेपाल में सड़क और 5जी टावर लगाने के बाद अब एयर बेस बनाने पर है। जिसके जरिए नेपाल के एयरबेस पर अपना कब्जा जमाना चाहता है। आपको बताते चलें कि चीन ने नेपाल से सटे सभी सीमाओं पर अपना सड़क निर्माण कर दिया है साथ ही माउंट एवरेस्ट और सीमावर्ती इलाकों में 5G टावर भी लगा दिया है।

दरअसल चीन की नीति गरीब मुल्कों के कर्ज़ लादकर उस पर अपनी हुकूमत बरकरा रखना चाहता है। पाकिस्तान, श्रीलंका और बांगलदेश की तरह चीन नेपाल को कर्ज़ में डुबा कर वहां पर अपना कब्ज़ा जमाना चाहता है। दिनों दिन ओली की सरकार उसके चाल में फंसती ही जा रही है। कर्ज़ का यही आलम रहा तो 1 दिन  नेपाल को अपना एयर बेस भी गंवाना पड़ सकता है। हालांकि इसको लेकर अब देश के तराई में इसका विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुका है लेकिन केंद्र की ओली सरकार अनुदान के नाम पर जनता को गुमराह कर चाइना के द्वारा जगह जगह निर्माण कर वा रही है।