देश में लॉक डाउन 31 मई तक बढ़ा

31 मई तक बढ़ाया जाएगा लॉकडाउन।
भारत सरकार की ओर से ऐसे साफ संकेत मिल गए है । इसका संकेत स्वयं प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने भाषण में भी दिया था । 
अब लॉक डाउन कैसे नए स्वरूप में आएगा जिसका जिक्र मोदी जी ने किया था ,अभी इसका खुलासा होना बाकी है ।

गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए शुरू किया गया लॉक डाउन 0.3 की मयाड़ आज रात बारह बजे खत्म हो रही थी । हालांकि देश की मृत हो गई आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए माना जा रहा था कि सरकार कुछ कदम उठाएगी लेकिन अभी फिर लॉक डाउन बढ़ दिया गया है । हालांकि माना जा रहा है कि राज्य इसमें कुछ नई छूट देकर  आर्थिक गतिविधियां शुरू करा सकते है लेकिन इसका स्वरूप क्या होगा ? इसका खुलासा हुआ अभी बाकी है

पाकिस्तान: ‘हम तबलीगी जमात के हाथों मरना पसंद करेंगे, लेकिन कभी इस्लाम नहीं अपनाएंगे’

इस्लामाबाद
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के धार्मिक उत्पीड़न का एक और मामला सामने आया है। सिंध प्रांत में हिंदुओं ने आरोप लगाया है कि इस्लामिक समूह तबलीगी जमात ने उन्हें प्रताड़ित किया और उनके घरों को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही इस्लाम अपनाने से इनकार करने पर एक हिंदू लड़के का अपहरण भी कर लिया गया। सिंध का एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया, जिसमें भेल हिंदू जबरन धर्म परिवर्तन का विरोध करते हुए देखे जा सकते हैं।
तबलीगी जमात के खिलाफ हाथ से लिखे पोस्टर पकड़े महिलाओं, बच्चों को नासूरपुर, मटियार में विरोध प्रदर्शन करते देखा गया। इस दौरान हिंदुओं का कहना था, ‘हम मरना पसंद करेंगे, लेकिन कभी इस्लाम नहीं अपनाएंगे।’ प्रदर्शनकारियों की ओर से एक महिला ने कहा कि उनकी संपत्तियों को हड़प लिया गया, घरों में तोड़फोड़ की गई और उन्हें पीटा गया है। महिला ने कहा कि उन्हें कहा जा रहा है कि अगर घर वापस चाहिए तो इस्लाम अपनाना होगा।

बेटे को रिहा कराने के लिए जमात से रहम की भीख मांगी
एक अन्य वीडियो में एक महिला जमीन पर लेटी हुई दिखाई दे रही है, जो बता रही है कि उसके बेटे का तबलीगी जमात के सदस्यों द्वारा अपहरण कर लिया गया है। महिला अपने बेटे को रिहा कराने के लिए जमात से रहम की भीख मांग रही है। पाकिस्तान के सिंध और पंजाब प्रांतों में हिंदुओं और ईसाइयों का उत्पीड़न जारी है। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) ने हाल ही में कहा कि इमरान खान सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यक समुदायों पर भयावह धार्मिक रूप से प्रेरित हमले हुए हैं।

सिंध और पंजाब में हिंदू व ईसाई दोनों समुदायों को पिछले साल भी बड़े स्तर पर जबरन धर्मांतरण का सामना करना पड़ा था। पिछली घटनाओं को याद करते हुए आयोग ने कहा कि पंजाब और सिंध में 14 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों का अपहरण किया गया, उन्हें जबरन धर्मांतरित कर उनका निकाह कर दिया गया। आयोग ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोग उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं और हिंदू समुदाय असुरक्षित महसूस कर रहा है, क्योंकि उन पर ईश निंदा का आरोप लगाकर प्रताड़ित किया जाता है।

हिंदू समुदाय को लंबे समय से निशाना बनाया जा रहा
आयोग का कहना है कि हिंदू समुदाय को लंबे समय से निशाना बनाया जा रहा है। आयोग ने कहा, ‘उन्हें स्कूल में इस्लामी अध्ययन सीखने के लिए भी मजबूर किया जाता है। कुछ चिंताएं यह भी हैं कि ईसाई समुदाय के लिए पर्याप्त दफन करने की जगह और हिंदू समाज के लिए श्मशान भूमि नहीं हैं।’ पाकिस्तान में अदालत ने 2014 में धार्मिक सहिष्णुता, पाठ्यक्रम में सुधार, मीडिया में अभद्र भाषा के खिलाफ कार्रवाई, पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए एक विशेष पुलिस बल, और शीघ्र पंजीकरण के लिए एक कार्यबल का गठन करने का निर्देश दिया था। मगर एचआरसीपी ने कहा कि अभी तक इस संबंध में कुछ भी नहीं हुआ है।

टैंकर ने बाइक को रौंदा, मां-बाप सहित दो बच्चों की मौत

बड़वानी)। बड़ी बिजासन घाट में रविवार सुबह टैंकर (आरजे 11-जीए 7727) की चपेट में आने से दो बच्चों सहित माता-पिता की मौत हो गई। दो बच्चे बुरी तरह घायल हो गए हैं। मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है, पुलिस के अनुसार वे मजदूर हो सकते हैं। पति-पत्नी चार बच्चों के साथ बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर सवार होकर महाराष्ट्र तरफ से आ रहे थे जबकि तेल से भरा टैंकर महाराष्ट्र की तरफ जा रहा था। ढलान पर संभवत: ब्रेक फेल होने से टैंकर अपनी लेन को तोड़ दूसरी ओर पहुंच गया और बाइक सवार परिवार को रौंद दिया।

अब लाहौल स्पीति में चीनी हेलिकॉप्टरों की घुसपैठ, भारतीय सीमा में 12 KM तक आए

भारतीय सीमा में घुसे चीन के घुसपैठिए हेलिकॉप्टर
अप्रैल और मई में दो बार हुई घटना
हिमाचल पुलिस ने आईबी को भेजी रिपोर्ट

भारत की सीमा रेखा पर चीन की कारस्तानी जारी है. अब चीन ने हिमाचल प्रदेश में भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश की है. हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में चीन के साथ लगी सीमा को लांघकर चीन के हेलिकॉप्टर भारत की सीमा में 12 किलोमीटर तक अंदर आ गए.

हिमाचल पुलिस के मुताबिक मई के पहले सप्ताह और अप्रैल के आखिरी सप्ताह में चीन के हेलिकॉप्टर भारतीय सीमा में आ घुसे. ये हेलिकॉप्टर भारतीय सीमा के अंदर 12 किलोमीटर तक आ गए थे.

हिमाचल प्रदेश पुलिस ने इस बाबत एक अलर्ट मिलिट्री इंटेलिजेंस, आईबी और आईटीबीपी को भेजा है. इसमें हिमाचल प्रदेश पुलिस ने दावा किया है कि पिछले एक से डेढ़ महीने में चीन की सेना ने दो बार लाहौल स्पीति इलाके में घुसपैठ की है.

काफी नीचे उड़ान भर रहे थे हेलिकॉप्टर

राज्य सरकार के अधिकारियों के मुताबिक चीन के हेलिकॉप्टर लाहौल-स्पीति जिले समदोह पोस्ट से देखे गए थे, ये हेलिकॉप्टर काफी नीचे उड़ान भर रहे थे.

रिपोर्ट के मुताबिक पहली बार अप्रैल महीने के अंतिम सप्ताह में चीनी हेलिकॉप्टर भारतीय सीमा में आए, इसके बाद मई के महले सप्ताह में भी ये वाकया दोहराया गया. जब चीन के हेलिकॉप्टर भारतीय सीमा में 12 किलोमीटर अंदर तक आ गए इसके बाद फिर से ये हेलिकॉप्टर तिब्बत की ओर चले गए.

लाहौल-स्पीति में चीन की कारस्तानी के बाद बॉर्डर पर चौकसी बढ़ा दी गई है. आईटीबीपी के जवान सतर्क हैं और चीन की पोस्ट पर होने वाले हर गतिविधियों पर उनकी नजर है.

सिक्किम में भी हुई थी झड़प

बता दें कि लगभग एक सप्ताह पहले सिक्किम में भारत और चीन के सैनिकों के बीच टकराव की खबर आई थी. रिपोर्ट के मुताबिक नॉर्थ सिक्किम में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी. इस दौरान भारतीय और चीनी सेना के जवान आक्रामक हो गए थे जिसमें कुछ को मामूली चोटें आई हैं. हालांकि, बाद में मामले को सुलझा लिया गया था.

इलाज के दौरान युवक की मौत पर हंगामा

ग्वालियर।

ग्वालियर के थाटीपुर थाना इलाके के विवेकानंद चौराहे के पास स्थित एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान युवक की मौत के बाद उसके परिजनों ने हंगामा कर दिया मामला इतना बढ़ा की पुलिस को बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा बाद में दोनों पक्षों को पुलिस ने थाने पर बुलाकर उन्होंने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

बताया गया है कि थाटीपुर चौराहा स्थित आरोग्यधाम मेडिसिटी नर्सिंग होम मैं एक युवक को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था लेकिन इलाज के दौरान युवक की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई इसके बाद युवक के परिजनों ने नर्सिंग होम के डॉक्टरों पर गलत इलाज करने और इलाज के नाम पर रुपए ठगने का आरोप लगाया मामला रविवार सुबह का है जिसके बाद जैसे ही मामले की जानकारी पुलिस को हुई वैसे ही इलाके की पुलिस मौके पर पहुंच गई और मृतक के परिजनों को समझा बनाकर थाने पर ले आई साथ ही नर्सिंग होम संचालकों को भी थाने पर बुला लिया गया पुलिस मामले की विवेचना में लगी है।

बढ़ते मरीजों से प्रशासन चिंतित ,निजी हॉस्पिटलों में भी प्रशासन करेगा मरीजों को रोकने का इंतजाम

ग्वालियर। ग्वालियर चंबल अंचल में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या ने प्रशासन को भी चिंता में डाल दिया है इसके चलते अब जिला प्रशासन ने सरकारी अस्पतालों के साथ प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों को रोकने और उनके इलाज की तैयारियां शुरू कर दी हैं जिसके लिए शनिवार को कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने प्रशासनिक अमले के साथ शहर के बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल का निरीक्षण कर यहां की गई तैयारियों का जायजा लिया इसके साथ ही प्रशासन ने प्राइवेट हॉस्पिटल प्रबंधन से चर्चा कर उन्हें आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की हिदायत दी यहां आपको बता दें कि ग्वालियर में लगातार कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है शुक्रवार को दर्जनभर मरीजों के पॉजिटिव निकलने के बाद शनिवार को भी एक दर्जन कोरोना मरीज शहर में पॉजिटिव पाए गए जिन्हें जिला प्रशासन द्वारा आइसोलेट किया गया है इसके साथ ही प्रशासन ने मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अपनी तैयारियों को और अधिक विस्तार देना शुरू कर दिया है जिसके लिए प्राइवेट हॉस्पिटलों को कोरोना के इलाज के लिए और मरीजों को भर्ती करने के लिए तैयार किया जा रहा है जिसके चलते कलेक्टर ने अपने अमले के साथ अपोलो शायद प्राइवेट हॉस्पिटलों में व्यवस्थाओं को परखा।

10 दिन में 100 करोड़ की शराब पी गए दिल्ली वाले

देश की राजधानी दिल्ली में शराब बेचने की छूट दिए जाने के 10 दिन के भीतर ही एमआरपी रेट पर 100 करोड़ से ज्यादा की शराब बेची जाने की जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजधानी में चंद शराब दुकानें ही खुली हुई हैं, इस बीच आबकारी विभाग का कहना है कि ‘विशेष कोरोना शुल्क’ के रुप में लगभग 65 करोड़ रुपए की कमाई हुई है। वहीं लगभग इतनी ही कमाई आमदनी उत्पाद शुल्क से हुई है।

कोरोना संकट के बीच शराब से कमाई दिल्ली सरकार के खजाने के लिए राहत देने वाली है। बता दें कि 25 मार्च से देश में लॉकडाउन घोषित किया गया है, इस वजह से उद्योग धंधे पूरी तरह से ठप हो चुके हैं। इससे राज्य सरकारों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।देश की राजधानी दिल्ली में शराब बेचने की छूट दिए जाने के 10 दिन के भीतर ही एमआरपी रेट पर 100 करोड़ से ज्यादा की शराब बेची जाने की जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजधानी में चंद शराब दुकानें ही खुली हुई हैं, इस बीच आबकारी विभाग का कहना है कि ‘विशेष कोरोना शुल्क’ के रुप में लगभग 65 करोड़ रुपए की कमाई हुई है। वहीं लगभग इतनी ही कमाई आमदनी उत्पाद शुल्क से हुई है। कोरोना संकट के बीच शराब से कमाई दिल्ली सरकार के खजाने के लिए राहत देने वाली है। बता दें कि 25 मार्च से देश में लॉकडाउन घोषित किया गया है, इस वजह से उद्योग धंधे पूरी तरह से ठप हो चुके हैं। इससे राज्य सरकारों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।

दिल्ली में शराब बिक्री की शुरुआत 4 मई से हुई है। शराब बिक्री के साथ ही दिल्ली सरकार ने शराब पर 70 फीसदी का अतिरिक्त कोरोना टैक्स लगाया था, बावजूद इसके शराब बिक्री में कमी नहीं आई। फिलहाल राजधानी में 160 दुकानों के जरिये देशी और विदेशी शराब बेची जा रही है।

राज्य में पहले दिन 5.2 करोड़ की शराब बिकी थी, वहीं 9 मई को सबसे ज्यादा 18 करोड़ की शराब बेची गई है

प्रवासी मजदूरों के लिए अच्छी खबर, अब हर जिले से चलेगी श्रमिक स्पेशल ट्रेन

लॉकडाउन के कारण अपना घर छोड़ने को मजबूर प्रवासी मजदूरों के लिए अच्छी खबर है इंडियन रेलवे ने अब देश के हर जिले से श्रमिक स्पेशल ट्रेन श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अब किसी भी जिले का कलेक्टर श्रमिकों की लिस्ट लेकर रेलवे से श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग कर सकता है। इस तरह सभी जिला कलेक्टरों को अपने जिले से दूसरे स्थानों पर जाना चाह रहे प्रवासी मजदूरों की लिस्ट बनाने को भी कहा गया है। बता दें भारतीय रेल को पिछले 15 दिन में प्रवासी कामगारों को घर पहुंचाने के लिए राज्यों से 1,000 से ज्यादा ट्रेनों के परिचालन की अनुमति मिली है।

गुजरात से खबर है कि लॉकडाउन के दौरान प्रदेश से करीब 5 लाख मजदूरों को उनके गृह प्रदेशों तक भेजा जा चुका है। शुक्रवार देर रात तक 41 ट्रेन अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा व अन्य शहरों से 41 हजार कामगारों को लेकर रवाना हुईं। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के सचिव अश्वनी कुमार ने यह जानकारी देते हुए बताया कि लॉकडाउन के दौरान अपने राज्य जाने के इच्छुक कामगारो और मजदूरों को श्रमिक स्पेशल ट्रेन से भेजा जा रहा है।

अभी तक 932 ट्रेनों के जरिये 12 लाख से ज्यादा प्रवासियों को उनके घर पहुंचाया है। श्रमिक स्पेशल ट्रेन तब और भी अहम हो जाती हैं तब रेलवे यह ऐलान कर चुका है कि रेग्युलर ट्रेनें 30 जून तक रद्द रहेंगी।

उपार्जन केंद्र की दीवार गिरी, 4 मजदूर दबे, दो की मौत 

राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले गीला खेड़ा गांव में बनाए गए उपार्जन केंद्र की दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई। जिसके नीचे आने से चार मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमे से दो मजदूर की मौत हो गई। हादसे के बाद से ही उपार्जन केंद्र पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
शनिवार की शाम तेज हवाओं के साथ बारिश होने के कारण नगर से लगे गिलाखेड़ी के उपार्जन केंद्र की दीवार अचानक गिर गई। जिसमे चार मजदूर दब गए। जिन की गंभीर हालत को देखते हुए पहले कुरावर और बाद में भोपाल रेफर किया गया। इनमें रामबाबू, कामिल खान, छोटू लाल, राजा खान शामिल है । भोपाल ले जाते समय छोटूलाल की श्यामपुर के पास ही जान चली गई। जबकि घायल मजदूर रामबाबू ने भी भोपाल पहुंचकर दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार वर्षों पुरानी फैक्टरी मे उपार्जन हो रहा था। जिस की दीवारें पहले से ही कमजोर हो रही थी और शनिवार के दिन हुई तेज हवाओं के साथ बारिश ने इसे और भी कमजोर कर दिया हालांकि मजदूरों को ऐसा जरा सा भी एहसास नहीं था कि यह दीवार गिर सकती है। यही कारण है कि तेज बारिश के बीच में और दीवार के पास आकर खड़े हो गए । तभी अचानक दीवार ढह गई। बताया जाता है कि उक्त फेक्ट्री 20 वर्ष से बंद थी। दीवारें भी जर्जर हाल में है। दीवार के मलवे से मजदूरों को बमुश्किल निकाला गया । तीन घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है।