Cyclone Amphan: आने वाला है चक्रवाती तूफान Amphan, आठ राज्यों में अलर्ट, तेज हवाओं के साथ हो सकती है भारी बारिश


नई दिल्ली  कोरोना वायरस महामारी के बीच मौसम विभाग की एक चेतावनी ने आठ राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि कल शाम (16 मई) को बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती तूफान एम्फन (Amphan) आएगा, जिसके चलते अंडमान निकोबार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश हो सकती है। इस चक्रवाती तूफान के असर के चलते देश के आठ राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार, अंडमान निकोबार द्वीप समूह में आज और कल भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा ओडिशा के तटीय इलाकों और पश्चिम बंगाल में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के दक्षिण और सेंट्रल इलाके के समुद्र में ना जाने की सलाह दी गई है। साथ ही जो मछुआरे समुद्र के इन इलाकों में गए हैं, उन्हें भी तुरंत वापस लौट आने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी चक्रवाती तूफान एम्फन को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के तटीय इलाकों में आगे 2-3 दिनों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

बता दें कि इससे पहले गुरुवार को दिल्ली एनसीआर में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद मौसम बदल गया है। शुक्रवार को भी दिल्ली एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की संभावना जतायी गई है।

ओडिशा में 12 जिलों में अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र शनिवार को चक्रवात का रूप धारण कर सकता है। ऐसे में ओडिशा के चार तटीय जिलों को विशेष सतर्क रहने को कहा गया है, जबकि 12 अन्य जिलों के लिए भी अलर्ट जारी किए गए हैं। एहतियातन सभी सरकारी छुट्टियां रद कर दी गई हैं।

विशेष राहत आयुक्त प्रदीप जेना ने बताया कि मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि कम दबाव का क्षेत्र शनिवार शाम तक चक्रवात में तब्दील हो सकता है। इसके बाद यह उत्तर पश्चिम और रविवार शाम तक उत्तर-पूर्व की तरफ बढ़ेगा। हालांकि यह कहां पर लैंडफाल करेगा, अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है। गजपति से लेकर मयूरभंज तक 12 जिले के लिए सतर्क सूचना जारी की गई है। हालांकि चार तटीय जिले बालेश्वर, भद्रक, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा के जिलाधीश के साथ चर्चा कर किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा गया है।

इन राज्यों को भी किया गया अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार इस समय देश में वेस्‍टर्न डिस्‍टर्बेंस एक्टिव है। इसके कारण देश के पहाड़ी क्षेत्रों जैसे, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के साथ ही पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम बिगड़ सकता है। इन राज्‍यों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेन्‍ज अलर्ट जारी किया है। और लोगों से सतर्क रहते हुए घरों से बाहर नहीं निकलने की चेतावनी दी गई है।

इन जगहों पर भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में आज और कल वहीं तटीय ओडिशा के कुछ हिस्सों में मंगलवार को तथा पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानों पर अगले हफ्ते बुधवार को भारी बारिश की संभावना है। वहीं शुक्रवार और शनिवार को दिल्ली व आस-पास के कई हिस्सों में धूल भरी हवा के साथ बारिश की संभावना जताई है।

मछुआरों को भी किया सतर्क

आईएमडी ने कहा इन तमाम तटों के लिए मछुआरों को भी सतर्क किया है और कहा है कि जो लोग इन क्षेत्रों में समुद्र तट से बाहर हैं उन्हें कल तक तटों पर लौटने की सलाह दी जाती है। आगे के लिए भी उन्हे आगाह किया गया है।

बता दें कि राजधानी दिल्ली में गुरुवार को आंधी व बारिश हुई थी जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई.पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बिहार, बंगाल, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी आंधी, तूफान, ओलावृष्टि के साथ बारिश होने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश के औरैया मैं हुआ भीषण सड़क हादसा 24 मजदूरों के मरने की सूचना है।


उत्तर प्रदेश
कोरोना वायरस और लॉकडाउन की सबसे बड़ी कीमत प्रवासी मजदूरों को चुकानी पड़ रही है। दो वक्त की रोटी के लिए इन्हें यहां से वहां भटकना पड़ रहा है और एक्सिडेंट का शिकार हो रहे हैं। ताजा घटनाक्रम उत्तर प्रदेश के औरैया का है। राजस्थान से ट्रक में सवार होकर 50 मजदूर अपने घरों को जा रहे थे, तभी औरैया के पास दूसरे ट्रक से टक्कर हो गई। अब तक 24 मजदूरों के मरने की सूचना है। कई गंभीर घायल हैं। हादसा दिल्ली-कोलकाता हाईवे पर हुआ जब ये मजदूर एक ढाबे के पास चाय पीने के लिए रुके थे।

औरैया का डीएम अभिषेक सिंह के मुताबिक, हादसा शुक्रवार देर रात 3.30 बजे हुआ। अधिकांश मजदूर बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के हैं जो राजस्थान में रहकर काम कर रहे थे। 24 लोगों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। 22 जख्मी लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 15 की हालत गंभीर है।मजदूर ट्रक रोककर चाय पीने उरते थे। जब यह ट्रक सड़क किनारे खड़ा था, तभी दूसरे ट्रक ने टक्कर मार दी। मरने वालों में वो मजदूर शामिल हैं जो चाय पीने नीचे नहीं उतरे थे। जो लोग चाय पीने उतरे थे वो बच गए।

2020 के अंत तक भारत के साथ मिलकर बना लेंगे कोरोना का टीका: डोनाल्ड ट्रंप

न्यू यॉर्क
भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिकों को महान और अनुसंधानकर्ता बताते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि भारत और अमेरिका साथ मिलकर कोरोना वायरस  का टीका विकसित करने में जुटे हुए हैं। ट्रंप ने कहा कि इस साल (2020) के अंत तक कोरोना वायरस का टीका विकसित होने की संभावना है।
ट्रंप ने कहा, ‘मैं कुछ ही समय पहले भारत से लौटा हूं और हम भारत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। अमेरिका में भारतीय बहुत बड़ी संख्या में हैं और आप जिन लोगों के बारे में बात कर रहे हैं उनमे से कई लोग टीका विकसित करने में जुटे हुए हैं। बेहतरीन वैज्ञानिक और अनुसंधानकर्ता।’ ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना बहुत अच्छा मित्र बताया। इस बीच, समाचार एजेंसी एपी की खबर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को उम्मीद जताई कि इस साल के अंत तक या उससे कुछ समय बाद कोरोना वायरस का टीका बाजार में उपलब्ध हो सकता है।

“मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका हमारे दोस्त भारत को वेंटिलेटर दान करेगा। हम इस महामारी के वक्त भारत और पीएम नरेंद्र मोदी के साथ खड़े हैं।”

डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका

लॉकडाउन को लेकर भी किया इशारा
ट्रंप की ओर से वायरस के मामलों के लिए प्रशासन में नियुक्त किए गए एक पूर्व दवा कार्यकारी मोनसेप स्लोई ने कहा कि हमारा प्रयास वर्ष 2020 के अंत तक टीका तैयार करने का है। रोज गार्डन के एक कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा कि वह राज्यों को आर्थिक गतिविधियों को दोबारा शुरू करने के साथ ही इसे आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं।

‘भारत को वेंटिलेटर देगा अमेरिका’
भारत ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई अमेरिका भेजने के लिए निर्यात पर लगे बैन को हटाया था। संकट के वक्त भारत की तरफ से की गई इस मदद का अमेरिका कायल तो हुआ ही था और अब उसने भी बदले में मदद का फैसला किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय समयानुसार रात करीब 12.30 बजे ट्वीट किया, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका हमारे दोस्त भारत को वेंटिलेटर दान करेगा। हम इस महामारी के वक्त भारत और पीएम नरेंद्र मोदी के साथ खड़े हैं। हम वैक्सीन बनाने में भी सहयोग कर रहे हैं। हम साथ मिलकर इस अदृश्य दुश्मन से लड़ेंगे।’

मध्यप्रदेश में गेंहूं बेचने को परेशान हो रहा किसान एक महीने बाद भी कोई उम्मीद नहीं.

व्यवस्था गड़बड़ाईः उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाएं गड़बड़ाने से किसान और कर्मचारियों में विवाद.
सारंगपुर
15 अप्रैल से शासन के निर्देशानुसार पड़ाना प्राथमिक सेवा सहकारी संस्था के द्वारा लगभग एक माह से समर्थन मूल्य 1925 प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं की खरीदी जारी है लेकिन उपार्जन केंद्र पर व्यवस्थाएं बुरी तरह गड़बड़ाने लगी है। एनआईसी के किसानों को संदेश मिलने के दो-दो दिन के बाद भी किसान केंद्र पर पहुंचने के बाद भी अपनी उपज बेच नहीं पा रहे है जबकि संदेश भेजने का उद्देश्य यही था कि केंद्रो पर किसानों की भीड़ न लगे लेकिन इसका कोई औचित्य नहीं रहा क्योंकि केंद्रो पर किसानों की भीड़ लगी नजर आ रही है और किसान और केंद्र कर्मचारियों के बीच भी विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है।
इतने किसानों का पंजीयन, एक माह में आधे ही बेच पाए उपज
पड़ाना उपार्जन केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए 1084 किसानों ने पंजीयन करा रखा है। जबकि अभी तक 573 किसानों ने अपनी 22 हजार 710.50 क्विंटल गेहूं बेच दिया है। किसानों को प्रतिदिन 40 मैसेज मिल रहे है और केंद्र पर परिवहन के लिए 2700 क्विंटल शेष है। विवाद की स्थिति निर्मित होने के बाद जिला सहकारी बैंक शाखा सारंगपुर प्रबंधक रमेश कुमार पांडेय ने उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए कर्मचारियों को निर्देशित किया।
10 तारीख को मैसेज आया, 13 को भी तुलाई नहीं

पड़ाना उपार्जन किसान कड़ी धुप में परेशान हो रहे है क्योंकि किसानों को 10 तारीख को मैसेज मिले लेकिन आप सभी 12 मई को अपनी उपज बेच सकते है लेकिन किसानों की उपज की तुलाई 13 मई तक नहीं हो सकी है। जिससें उपार्जन केंद्र परिसर के साथ-साथ अस्पताल परिसर व सड़क पर भी ट्रैक्टरो की भीड़ देखी जा सकती है।

हम 11 मई को 2 ट्रैक्टर में संदेश के हिसाब से 73 क्विंटल गेहूं लेकर पहुंचे थे लेकिन 13 मई दोपहर तक हमारी उपज को नहीं खरीदा गया। इससे धुप में और रात्रि में ट्रैक्टर में ही सोना पड़ रहा है। परेशानी दूर होना चाहिए।

5 हरिनारायण परमार, किसान, ग्राम करोंदी।

उपार्जन केंद्र पर कुछ न कुछ गड़बड़ी चल रही है क्योंकि मैजेस के हिसाब से खरीदी नहीं हो रही है इसके लिए हम किसान परेशान हो रहे है। दो दिन से इंतजार है लेकिन तुलाई नहीं हो रही है। 73 क्विंटल गेहूं बेचने का इंतजार है।

6 भगवानसिंह परमार, किसान, आसारेटा।

बड़ी मुश्किल से मेरा आज तुलाई के लिए नंबर आया है, पिछले रात्रि में भी परेशानी आई है। उपार्जन केंद्र पर यह व्यवस्था हो कि वही ट्रैक्टर पहुंचे जिन्हें तुलवाना है बाकि दूसरे टेक्टर नहीं पहुंचने चाहिए। और गड़बड़ी पर भी रोक लगनी चाहिए। तौलकांटों की संख्या में इजाफा होना चाहिए।

7 मनोज जाट, किसान, ग्राम रामपुरिया।

ताजा आंकड़े: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना से 103 लोग मरे, अबतक 30 हजार से ज्यादा मरीज ठीक हुए

पिछले 24 घंटों में 103 लोगों की मौत हुई है. बड़ी बात यह है कि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 30 हजार के पार पहुंच गई है.

महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 1068, गुजरात में 606, मध्य प्रदेश में 239 और पश्चिम बंगाल में 225 लोगों की मौत हो गई है.

नई दिल्ली: देश में संक्रमित मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है. पिछले 24 घंटों में 103 लोगों की मौत हुई है. बड़ी बात यह है कि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 30 हजार के पार पहुंच गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों को मुताबिक अबतक 85 हजार 940 लोग संक्रमित हो चुके हैं. वहीं 2752 लोगों की मौत हो चुकी है. 30 हजार 153 लोग ठीक भी हुए हैं. जानें आपके राज्य में कोरोना वायरस का क्या हाल है.

किस राज्य में कितनी मौतें हुईं?

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 1068, गुजरात में 606, मध्य प्रदेश में 239, पश्चिम बंगाल में 225, राजस्थान में 125, दिल्ली में 123, उत्तर प्रदेश में 95, आंध्र प्रदेश में 48, तमिलनाडु में 71, तेलंगाना में 34,  कर्नाटक में 36, पंजाब में 32,  जम्मू-कश्मीर में 11, हरियाणा में 11, बिहार में 7, केरल में 4, झारखंड में 3, ओडिशा में 3, चंडीगढ़ में 3, हिमाचल प्रदेश में 3, असम में 2, और मेघालय  में एक मौत हुई ..

1 मई से 15 मई तक तेजी से बढ़े मामले

1 मई को देश में कुल मामले 35043 थे और 1147 मरीजों की संक्रमण से मौत हुई थी, लेकिन 15 मई तक ये एक 81,970 तक पहुंच गए है. पिछले 15 दिनों में 46,927 मामले सामने आए है. यानी देश में मौजूदा मामलों 57.24% कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज पिछले पंद्रह दिनों में आए है. इन मामलों में बढ़ोतरी तब हुई है जब देश में पिछले 50 दिनों ज्यादा वक़्त से लॉक डाउन लगा हुआ है.

1 मई से 15 मई तक 1502 लोग मरे

वहीं इस संक्रमण से 1 मई से 15 मई तक मारनेवालों की बात करे तो 1502 लोगों की मौत हो चुकी. 1 मई तक 1147 मरीजों इस संक्रमण से मौत हुई थी लेकिन 15 मई तक 2649 मरीजों को मौत होगईं संक्रमण के चलते. यानी देश में अब तक हुई कुल मौत में 56.70% मौतें 1 से 15 मई के बीच हुए है.

‌प्रवासी मजदूरों को ले जा रहा ट्रक औरैया में दुर्घटनाग्रस्त, 24 की मौत, 15 की हालत गंभीर.

औरेया के जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि यह हादसा सुबह करीब 3.30 बजे हुआ। हादसे में 23 लोगों की मौत हो गई है और 15-20 लोग घायल हुए हैं। अधिकतर मजदूर बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के थे

कोरोना वायरस संकट और लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों को ले जा रहा एक ट्रक दूसरे ट्रक से टकरा गया। इस हादसे में 24 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि 22 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 15 की हालत गंभीर बनी हुई है। ये दुर्घटना अहले सुबह यूपी के औरैया में हुई। प्रशासन ने बताया कि ये सभी मजदूर बिहार, बंगाल और झारखंड जा रहे थे।

औरेया के जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि यह हादसा सुबह करीब 3.30 बजे हुआ। हादसे में 23 लोगों की मौत हो गई है और 15-20 लोग घायल हुए हैं। अधिकतर मजदूर बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के थे। बता दें कि बाद में एक मजदूर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

कोरोना संदिग्ध युवक की मौत, महाराष्ट्र से आया था, शिवपुरी का पहला मामला

शिवपुरी  कोरोना संदिग्ध एक युवक की जिला चिकित्सालय शिवपुरी में उपचार के दौरान मौत हो गई है। यह युवक महाराष्ट्र से अपने गांव गोंडा बस्ती यूपी जा रहा था।

जहाँ कोलारस में युवक की तवियत बिगड़ गई। जिसपर से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने युवक को कोलारस अस्पताल में भर्ती रखा। जहाँ शाम को युवक की हालत और बिगड़ती गई जिसपर से इसे जिला चिकित्सालय लाया गया। जहाँ युवक ने देर रात बेंटिलेटर पर दम तोड़ दिया।

जानकारी के अनुसार अम्रत पुत्र पुत्र रामचरण आदिवासी उम्र 24 साल निवासी गोंडा बस्ती यूपी महाराष्ट्र से लौट रहा था। जिसपर से युवक की कोलारस में तबियत बिगड़ने लगी। तत्काल इसे कोलारस के स्वास्थ केंद्र में भर्ती किया गया। युवक में पूरे कोरोना के सिम्टम्स दिखाई दे रहे थे। जिसके चलते उसकी हालत बिगड़ने पर इसे जिला चिकित्सालय रैफर किया।

शाम 5 बजे इसका कोरोना का सेम्पल लेकर चिकित्सकों ने इसे बेंटिलेटर पर रखा जहा देर रात लगभग 12 बजे इसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई। पूरे अस्पताल को सेनेटाइज किया जा रहा है। युवक की लाश को पीएम के लिए भिजबा दिया है।

इमरान खान बोले- पाकिस्तान नहीं झेल सकता लंबा लॉकडाउन, कोरोना के साथ जीना होगा

इमरान खान ने प्रांतों से की सार्वजनिक परिवहन शुरू करने की अपील

इमरान खान ने यह भी कहा कि वायरस कुछ समय तक हमारे साथ रहेगा

पाकिस्तान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को कहा कि कोरोना वायरस की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के चलते 150 मिलियन से ज्यादा पाकिस्तानी प्रभावित हुए हैं. इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के प्रांतों की सरकारों से सार्वजनिक परिवहन को फिर से शुरू करने की अनुमति देने का आग्रह किया है. इमरान खान ने एक बार फिर यह बात दोहराई कि पाकिस्तान अनिश्चितकालीन की बंदी का सामना नहीं कर सकता है.

कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देने के लिए अपनी कोर टीम के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका, यूरोप और चीन की तरह लॉकडाउन लागू नहीं कर सकता है. उन्होंने कहा कि पहले ही लॉकडाउन ने देश में आर्थिक स्थिति को बुरी तरह प्रभावित किया है, विशेष रूप से कमजोर वर्ग को, जिनमें 25 मिलियन लोग शामिल थे जो दैनिक या साप्ताहिक मजदूरी पर रहते थे.

इमरान खान ने कहा, “लगभग 150 मिलियन लोग कोरोनो वायरस और लॉकडाउन के कारण आर्थिक रूप से परेशान हैं.” यहां आपको बता दें कि पाकिस्तान की कुल आबादी लगभग 220 मिलियन है. इसके साथ ही खान ने सार्वजनिक परिवहन को फिर से शुरू करने की गुहार लगाई क्योंकि इसका निलंबन “गरीब लोगों को मार रहा है”.

इमरान खान ने कहा कि वायरस कुछ समय तक “हमारे साथ” रहेगा जब तक कि इसके खिलाफ एक टीका विकसित नहीं कर लिया जाता है. उन्होंने आगे कहा, “लेकिन हम इसे अनिवार्य दिशानिर्देशों का पालन करके निपटा सकते हैं.”

इस दौरान इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान पहले से अनुमानित कोरोना वायरस के आंकड़ों से बेहतर स्थिति में है. उन्होंने कहा, “मामलों की संख्या में वृद्धि जारी रहेगी, लेकिन सौभाग्य से, हमारी वर्तमान संख्या अनुमानित मामलों की संख्या से कम है जो कि 52,000 थी.” उन्होंने कहा कि शुक्रवार को पाकिस्तान में कोरोनो वायरस के मामलों की संख्या बढ़कर 38,292 हो गई जबकि मरने वालों की संख्या बढ़कर 821 हो गई.

इमरान ने आगे कहा, “अभी संख्या बढ़ने की उम्मीद है और हम इसके लिए तैयार हैं. सरकार अपनी स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने और क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है. हम अभी भी अन्य देशों की तुलना में बेहतर हैं और किसी भी कठिन परिदृश्य से निपटने के उपाय कर रहे हैं. वायरस से अब तक कुल 10,155 मरीज ठीक हो चुके हैं.”

इमरान खान ने यह भी कहा कि कोरोना वायरस पर ध्यान केंद्रित करने के कारण, अन्य बीमारियों की उपेक्षा की जा रही थी और बच्चों के टीकाकरण में 50 प्रतिशत की कमी आई और दो पोलियो-विरोधी अभियान छूट गए. इमरान ने आगे कहा, “जब तक हम कोरोनो वायरस महामारी से निपट रहे हैं, उस दौरान उन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता है.”

इमरान खान ने चेतावनी दी कि उन क्षेत्रों में लॉकडाउन को फिर से लागू किया जा सकता है जहां संक्रमण की संख्या तेजी से बढ़ती हुई नजर आएगी. इसके साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने प्रांतों से सार्वजनिक परिवहन को फिर से खोलने की अपील भी की है. इमरान ने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक परिवहन के निलंबित होने के कारण आम आदमी परेशान हो रहा था.

इसके साथ ही इमरान खान ने दोहराया कि कम आय वाले समूहों की सुविधा और आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के लिए लॉकडाउन में ढील दी गई है. बता दें कि पाकिस्तान सरकार ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव के कारण लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से हटाने की शुरुआत करेगी.

डोभाल ने तोड़ी पूर्वोत्तर में उग्रवाद की कमर, 22 उग्रवादियों को म्यांमार ने भारत को सौंपा

नेपीतॉ
पूर्वोत्तर भारत में उग्रवादी संगठनों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की रणनीति रंग लाती दिखाई दे रही है। हाल में हीम्यांमार ने इस क्षेत्र में सक्रिय 22 उग्रवादियों को भारत को सौंपा है। इन उग्रवादियों को म्यांमार की सेना ने मुठभेड़ के दौरान पकड़ा था। बता दें कि भारत में वारदात को अंजाम देने के बाद ये खूंखार उग्रवादी सीमा पार कर म्यांमार में घुस जाते थे।

म्यांंमार ने 22 उग्रवादियों को भारत को सौंपा

इन 22 उग्रवादियों को विशेष विमान से भारत लाया गया है। इन उग्रवादियों को मणिपुर और असम की पुलिस को सौंपा जाएगा। जहां इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना से पता चलता है कि भारत और म्यांमार के बीच संबंधों में प्रगाढ़ता आई है।

असम और मणिपुर पुलिस को सौंपे जाएंगे उग्रवादी

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीड डोभाल के इस ऑपरेशन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि स्पेशल प्लेन से भारत आ रहे इन उग्रवादियों में से कुछ को पहले मणिपुर की राजधानी इंफाल मे उतारा जाएगा। बचे हुए उग्रवादियों को गुवाहाटी में स्थानीय पुलिस को सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है कि म्यांमार सरकार ने पूर्वोत्तर विद्रोही समूहों के नेताओं को सौंपने के भारत के अनुरोध पर काम किया है।

अजीत डोभाल के नेतृत्व में गहरे हुए सैन्य संबंध

बता दें कि अजीत डोभाल के नेतृत्व में भारत और म्यांमार के बीच सैन्य संबंध पहले से अधिक गहरे हुए हैं। 2018 में भारतीय सेना ने म्यांमार सेना की सहयोग से पूर्वोत्तर में एक सर्जिकल स्ट्राइक को भी अंजाम दे चुकी है। इसमें बड़ी संख्या में उग्रवादी मारे गए थे। ये सभी उग्रवादी भारत द्वारा बनाए जा रहे एक महत्वकांक्षी सड़क निर्माण प्रक्रिया में बार-बार बाधा डाल रहे थे।

ये आतंकी हैं शामिल

म्यांमार से भारत डिपोर्ट किए गए उग्रवादियों में एनडीएफबी (एस) का कथित गृह सचिव राजेन डाइमरी, यूएनएलएफ का कैप्टेन सनतोम्बा निंगथौजम के अलावा एक और उग्रवादी संगठन का कमांडर परशुराम लेशराम शामिल है। इन 22 विद्रोहियों में से 4 मणिपुर के चार विद्रोही गुटों के सदस्य हैं जबकि, शेष 10 असम के विद्रोही गुटों के सक्रिय सदस्य हैं।

म्यांमार के साथ 1600 किमी लंबी सीमा

म्यांमार के साथ भारत की 1,600 किलोमीटर की सीमा घने जंगलों से ढकी है। इसके अलावा यहां स्थित नदी-नाले सुरक्षाकर्मियों की गश्त में बाधा बनते है। इसका फायदा यहां के उग्रवादी संगठन उठाते हैं। वे अपनी आपराधिक घटना को अंजाम देने के बाद खुफिया रास्तों से देश की सीमा पार कर म्यांमार पहुंच जाते हैं।