जैन मुनि के स्वागत में उमड़े लोग, अब होगी कार्यवाही

सागर जिले के बंडा में मंगलवार को जैन मुनि प्रमाण सागर महाराज और अन्य मुनि विहार करते हुए पहुंचे थे। उनके दर्शनों के लिए बंडा के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। यह तस्वीरें लॉकडाउन के नियमों का खुला उल्लंघन हैं बल्कि यह भी बता रही हैं कि किस प्रकार से प्रशासन की लापरवाही की वजह से यहां लोगों की जान पर बनी हुई है। उधर इस मामले में एएसपी सागर प्रवीण भूरिया ने कहा कि इस मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं, अगर शारीरिक दूरी और धारा-144 का पालन नहीं किया गया है तो कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।लॉकडाउन के दौरान जब अत्यावश्यक सेवाओं के अलावा सभी तरह का आवागमन बंद है, तो प्रशासन ने अनुमति क्यों दी। जानकारी के मुताबिक प्रशासन ने मुनि श्री के भाग्योदय अस्पताल से विहार करने से पहले समाज के लोगों से लिखवाया था कि इस दौरान शारीरिक दूरी का पूरा ध्यान रखा जाएगा, लेकिन बंडा पहुंचने पर भीड़ जुटने से यह स्थिति सामने आई।

मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज शिवराज सिंह ने राज्यपाल से मुलाकात की. 

भोपाल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बुधवार दोपहर को राज्यपाल लाल जी टंडन से हुई मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें फिर तेज हो गई हैं। राजभवन जाने के पहले मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के भोपाल मुख्यालय समिधा पहुंचकर संघ के नेताओं विचार विमर्श भी किया। मुख्यमंत्री की अचानक हुई इन मुलाकातों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मालूम हो कि टीम शिवराज में अभी केवल पांच मंत्री हैं। मुख्यमंत्री ने 23 मार्च को कार्यभार संभाला था जबकि 29 दिन तक अकेले काम करने के बाद पांच मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी। मंत्रिमंडल विस्तार 17 मई के बाद कभी भी हो सकता है।  

मुख्यमंत्री शिवराज के 23 मार्च को कार्यभार संभालने के करीब एक महीने बाद 21 अप्रैल को उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई थी। उस समय मुख्यमंत्री ने कहा था कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद कैबिनेट का विस्तार किया जाएगा। अब जबकि लॉकडाउन पार्ट थ्री खत्म होने वाला है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्‍ट्र के नाम अपने संबोधन में लॉकडाउन-4 के संकेत दिए हैं। इसको देखते हुए मंत्रिमंडल में नए सदस्यों को शामिल किए जाने को लेकर गहमागहमी भी तेज हो गई है। 

उल्‍लेखनीय है कि शिवराज सिंह चौहान के चौथी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले राज्य में कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़ने के बाद 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था। इस वजह से कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई थी और विधानसभा में शक्ति परीक्षण से पहले कमलनाथ को पद से इस्‍तीफा देना पड़ा था। इस सियासी उथल-पुथल के बाद बागी विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे और शिवराज सिंह चौहान ने एकबार फ‍िर बतौर मुख्‍यमंत्री राज्‍य की कमान संभाली थी। इससे पहले कुछ मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया था कि शिवराज के नए कैबिनेट विस्‍तार में 22 नए मंत्री शपथ ले सकते हैं।

इस बीच भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की टीम में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश के नेताओं ने भी लामबंदी शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो लगभग आधा दर्जन दिग्गज नेता राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल होने के लिए प्रयासरत हैं। सूत्र बताते हैं कि इन नेताओं में मौजूदा पदाधिकारी प्रभात झा, कैलाश विजयवर्गीय, उमा भारती के अलावा पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, राकेश सिंह, रंजना बघेल, लालसिंह आर्य आदि शामिल हैं। इससे पहले भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की टीम में मध्‍य प्रदेश से पांच केंद्रीय पदाधिकारी थे। 

ग्वालियर में बदमाशों के हौसले बुलंद सरेआम गोली मारकर युवक की हत्या की

ग्वालियर । वुधवार को सुबह स्कॉर्पियो पर सवार होकर पहुंचे बदमाशो ने एक युवक की गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी । घटना के बाद से आसपास के इलाकों में तनाव और दहशत का माहौल है ।

घटना मुरार थाना इलाके के जड़ेरुआ  के समीप की है । लोगों के अनुसार इसी इलाके में रहने वाला सिकंदर लोधी सुबह दूध इकट्ठा करने जाने के लिए अपने घर से निकला था । वह घर से कुछ ही दूर पहुंच पाया था कि तभी एक स्कॉर्पियो गाड़ी आई और उसमें से फिल्मी स्टाइल में दो युवक हाथ मे तमंचे लेकर निकले और उंन्होने सीधे उसके ऊपर ताबड़तोड़ गोलियां चलाना शुरू कर दी ।

गोली लगने से सिकन्दर वहीं गिर पड़ा । गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से निकले । सिकन्दर के परिजन भी मौके पर पहुंच गए तो हमलावर हथियार लहराते हुए अपनी गाड़ी से फरार हो गए । जब तक लोग घायल के पास पहुंच पाते तब तक उसने दम तोड़ दिया ।

मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनकी देशराज और धर्मवीर से रंजिश चल रही थी और वे ही लोग हथियारों से लैस होकर आए और उंन्होने ही हत्या की है । दोनों आरोपी महाराजपुरा थाना इलाके के गिरगाव के रहने वाले है । पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है ।

चेक कर लें अपना बैंक खाता, सरकार ने डाले हैं 2-2 हजार रुपये, नहीं आए तो इस नंबर पर करें कॉल 

नई दिल्ली।
कोरोना ( Coronavirus ) महामारी संकट के बीच सरकार ने देश के करोड़ों लोगों को सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना ( PM Kisan Samman Yojana ) के तहत 9.13 करोड़ किसानों के बैंक खातों ( Bank Account ) में रुपये डाले हैं। बता दें कि लॉकडाउन ( Lockdown ) के चलते असहाय और गरीब लोगों पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया हैं। ऐसे में सरकार ने राहत पैकेज ( Relief Package ) की घोषणा की थी। केंद्र सरकार गरीब परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध करवा रही हैं। साथ ही महिला जनधन बैंक ( PM Jan Dhan Yojana ) खातों में 500 रुपये प्रति माह भेज रही है। इसी कड़ी में किसानों को भी सहायता के रूप में राशि भेजी गई है। सरकार ने पीएम किसान योजना ( PM KISAN Scheme )के तहत 9.13 करोड़ किसानों को 18,253 करोड़ रुपये दिए हैं। वित्त मंत्रालय ने ट्वीट के जरिए इस बात की जानकारी दी है।

सबसे पहले चेक करें अपना नाम
अगर आपका भी नाम लिस्ट में शामिल है तो आपको भी सरकार की तरफ से सहायता राशि दी जाएंगी। ऐसे में सबसे पहले अपना सूची में चेक करें। इसके लिए आप वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। यहां होम पेज के मेन्यू बार में फार्मर कार्नर का ऑप्शन होगा। यहां क्लिक करने पर आपको ‘लाभार्थी सूची’ का लिंक मिलेगा। उस पर क्लिक करने के बाद एक फॉर्म खुलेगा। उसमें आप अपना राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव विवरण दर्ज करें। इसके बाद Get Report पर क्लिक करें। इस पर पूरी लिस्ट खुल जाएंगी।

खाते में नहीं आए रुपये
अगर आपके खाते में रुपये नहीं आए है तो आप अपने लेखपाल, कानूनगो और जिला कृषि अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा केंद्रीय कृषि मंत्रालय के हेल्पलाइन नंबर से भी आपको मदद मिल सकती हैं। आप PM-Kisan Helpline 155261 या टोल फ्री 1800115526 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। आप मंत्रालय के इस नंबर (011-23381092) से भी संपर्क कर सकते हैं।

नाई की दुकान के बदल जाएंगे नियम, खुलने पर होंगे यह 15 बदलाव

लखनऊ. लॉकडाउन के दौरान लोगों से एक कॉमन शिकायत सामने आ रही है और वह है नाई की दुकानों का ना खुलना। लोगों के बाल लंबे हो रहे हैं और गर्मी के मौसम में इनका न कट पाना उन्हें और परेशान कर रहा है। लॉकडाउन के दौरान कुछ लोग एक्सपेरिमेंट कर खुद ही केश काटने में जुट गए, लेकिन अधिकांश लोगों ने ऐसा रिस्क नहीं लिया। उन्हें उम्मीद है कि आगामी दिनों में हेयर सलून खुलेंगे और वह अपने केशों को कटवा सकेंगे। लॉकडाउन-3 खत्म होने के बाद अब लॉकडाउन-4 लागू करने की तैयारी है, और इसमें कुछ और छूट भी मिल सकती हैं। कुछ और दुकानें भी खुलेंगी जिनमें हेयर सैलून शामिल हो सकते हैं। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण का सबसे बड़ा खतरा भी नाई की दुकानों और हेयर सैलून से ही हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में बाल कटवाने के क्या नियम होंगे और कैसे इनकी दुकानें चलेंगी, इस संबंध में लखनऊ शहर के एक नामी हेयर कटिंग सैलून के मालिक जफर अहमह ने बताया कि यूरोप और जर्मनी की तरह भारत में बड़ी सावधानी के साथ हेयर सैलून खुलेंगे। देश के हेयर कटिंग सैलून और इनसे जुड़ी एसोसिएशन ने कुछ नियम बनाए हैं जल्द ही इन्हें लागू किया जाएगा।

अब कैसे होंगे हेयर कटिंग सैलून के नियम व बदलाव, जानें

ग्राहकों के लिए कोई वेटिंग एरिया नहीं होगीके वेटिंग रूम में कोई पत्रिकाएं और अखबार नहीं होगें
*किसी भी तरह के सैलून में ड्राई कट नहीं होगा
*सैलून में आने वाले ग्राहकों के बीच कम से कम डेढ़ मीटर की दूरी होगी
*सैलून में बाल सुखाने की मशीनों का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद होगा

बाल धोते और काटते समय बैक्टीरिया से बचने के लिए दस्ताने पहनने होंगे
*कस्टमर के बाल कटवाते वक्त मास्क पहनना पड़ेगाबाल काटते समय ग्राहकों से दीन-दुनिया की चर्चा या गप्पें नहीं होंगी
*आमने-सामने कोई बातचीत नहीं होगी, सीसे में देखते ही बात होगी
*बाल ख़ुद ही काटने को बढ़ावा दिया जाएगा
*कुछ ही घरों में बालों को कलर करने की सलाह दी जाएगी
*बाल काटने से पहले हर चीज़ को संक्रमित रहित करना होगा
*सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा
*हर सैलून मालिक को अपने ग्राहकों के नाम दर्ज करने होंगे
*ऐसा इसलिए ताकि कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की जा सके
तो जब नाई की दुकान खुलें तो वहां जाने से पहले इन बातों का ध्यान जरूर रखें।

मध्य प्रदेश उपचुनाव के पहले ही राज्य में गूजबाज़ी शुरू, कांग्रेस ने कसा तंज

मध्य प्रदेश उपचुनाव के पहले ही राज्य में गूजबाज़ी शुरू, कांग्रेस ने कसा तंज
भोपाल: मध्य प्रदेश में विधानसभा की 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले भाजपा संगठन में गुटबाजी की ख़बरें सामने आने लगी है. बताया जा रहा है कि ग्वालियर जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी और इंदौर जिलाध्यक्ष गौरव रणदिवे का स्थानीय भाजपा नेता विरोध कर रहे हैं. सांसद विवेक शेजवलकर के ख़ास कमल माखीजानी को भाजपा को ग्वालियर जिलाध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर नरेंद्र सिंह तोमर गुट के कार्यकर्ता और नेता उनके विरोध में खुल कर मैदान में आ गए हैं.
ग्वालियर के असंतुष्ट भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा तक से शिकायत कर कमल माखीजानी को पद से बर्खास्त करने की मांग की है. वहीं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा ने सोशल मीडिया पर गौरव रणदिवे को इंदौर जिलाध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर खुला विरोध जताया है. उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा कि, ‘अन्याय की सीमारेखा तय नहीं होगी तो सेनापती का सामर्थ्य तो नहीं घटेगा, एक कुशल तलवारबाज सैनिक सैन्य टुकड़ी से कम भर होगा.’
वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने भाजपा की गुटबाजी पर तंज कसते हुए कहा कि अब नरेंद्र सिंह तोमर और ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट के लोग एक दूसरे के खिलाफ मैदान में आ गए हैं. मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि सिंधिया और तोमर के बीच वर्चस्व की जंग शुरू हो गई है. कांग्रेस मानकर चल रही है कि भाजपा की इस गुटबाजी का लाभ उपचुनावों में उसे मिलेगा.

ATM से पैसा निकालते वक्त हमेशा ध्यान रखें ये 10 बातें, वरना बाद में पछता सकते हैं आप

नई दिल्ली, बैंक अपने ग्राहकों को समय समय पर सुरक्षित लेनदेन के लिए कुछ टिप्स शेयर करते रहते हैं। आज के समय में एटीएम के अलावा डिजिटल लेनदेन के भी फ्रॉड के मामले बढ़ गए हैं। अगर बात एटीएम या फिर डेबिट कार्ड की मदद से नकदी निकालने की करें तो इस दौरान ग्राहक अक्सर अपना पासवर्ड छुपाना भूल जाते हैं, जिससे फ्रॉड की संभावना काफी बढ़ जाती है। इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए बैंकों की ओर से सुझाए गए कुछ टिप्स हम आपको बता रहे हैं। इस खबर में 10 ऐसी बातें जानिए जिसकी मदद से आप अपने एटीएम ट्रांजेक्शन को सुरक्षित बना सकते हैं।
ATM कार्ड मिलते ही सबसे पहले कार्ड के पिछले हिस्से में अपने हस्ताक्षर कर दें।
समय समय पर अपने एटीएम का पिन बदलते रहें और अपने एटीएम के पिन को कभी भी अपने डेबिट कार्ड के साथ न रखें, न ही उसे अपने एटीएम पर लिखें।
एटीएम कार्ड और पिन नंबर की डिटेल किसी को न बताएं, बैंक आपसे इसकी जानकारी नहीं लेते हैं, अगर कोई व्यक्ति बैंक का आदमी बनकर आपसे पिन पूछता है तो समझिये वो कोई जालसाज है।
जब भी एटीएम से पैसा निकालते वक्त एटीएम के भीतर जाएं कोशिश करें कि आप ही एटीएम रुम में अकेले हों। आपके अगल-बगल, आपके आगे पीछे कोई अन्य व्यक्ति खड़ा न हो।
पैसा निकालते वक्त कीपैड पर पिन एंटर करते समय कोशिश करें कि आपका पिन कोई और न देखे, इसे छिपाएं। ऐसा कर आप अपने ट्रांजेक्शन को सेफ रख सकते हैं।
आप अपनी लेनदेन वाली पर्ची एटीएम रूम में न फेकें, क्योंकि इसमें आपके अकाउंट से जुड़ी जानकारियां होती हैं। जो जालसाजों के हाथ लग सकती हैं।
एटीएम रुम में घुसने के बाद एटीएम मशीन के अपनी सही स्थिति में आने का इंतजार करें। ग्रीन लाइट ब्लिंक करने के बाद ही आपको अपना एटीएम मशीन में डालना चाहिए।
दूकान, होटल या फिर मॉल में अपने कार्ड की स्वैपिंग अपने सामने ही करें। किसी अज्ञात जगह पर इसका इस्तेमाल न करें।
किसी सूरत में अगर आपका एटीएम कार्ड खो जाता है तो आपको इसकी जानकारी तुरंत बैंक को देनी चाहिए। आपको तुरंत अपने कार्ड को ब्लॉक करवा देना चाहिए और नया कार्ड मिलते ही पुराने को खत्म कर देना चाहिए।
एटीएम में सारी प्रक्रिया करने के बाद भी आपको कैश नहीं मिलता है और एटीएम मशीन कैश आउट के मैसेज को दिखा देता है तो आपको तुरंत इसकी शिकायत नोटिस बोर्ड पर लिखे नंबर पर करनी चाहिए।

20 लाख करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज, जानिए किसानों और नौकरीपेशा के लिए कैसे होगा खास

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज का ऐलान किया है. ये 20 लाख करोड़ सूक्ष्म, लघु, मंझोले, उद्योग यानी MSME के लिए हैं. ये पैकेज उस श्रमिक, किसान के लिए है जो हर हालात, हर मौसम में दिन रात देशवासियों के लिए परिश्रम कर रहे हैं, ये ईमानदारी से टैक्स भरने वाले मध्यम वर्गीय लोगों के लिए है, उद्योग जगत के लिए है.

बुधवार को होंगी राहत पैकेज के विस्तार से जुड़ी सभी घोषणाएं- पीएम मोदी ने कहा कि 13 मई से वित्त मंत्री इस आर्थिक पैकेज की विस्तार से जानकारी देंगी. इस पैकेज के साथ अब देश का आगे बढ़ना अनिवार्य है. पीएम मोदी ने कहा, ‘हाल में सरकार ने कोरोना संकट से जुड़ी जो आर्थिक घोषणाएं की थीं, जो रिजर्व बैंक के फैसले थे, और आज जिस आर्थिक पैकेज का ऐलान हो रहा है, उसे जोड़ दें तो ये करीब-करीब 20 लाख करोड़ रुपए का है. ये पैकेज भारत की GDP का करीब-करीब 10 प्रतिशत है. इन सबके जरिए देश के विभिन्न वर्गों को, आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को, 20 लाख करोड़ रुपए का संबल मिलेगा, सपोर्ट मिलेगा.’

(1) किसानों के लिए क्या होगा खास- पीएम ने कहा, ‘पिछले 6 साल में जो रिफॉर्म हुए, उनके चलते आज भारत की अर्थव्यवस्था अधिक सक्षम व समर्थ बनी है. रिफॉर्म्स के दायरे को व्यापक करते हुए नई हाइट पर ले जाना है. ये रिफॉर्म खेती से भी जुड़े होंगे ताकि किसान सशक्त हो और भविष्य में कोरोना संकट जैसे किसी अन्य आपदा में खेती के कामकाजों पर कम असर हो. समय की मांग है कि भारत हर स्पर्धा में जीते, ग्लोबल सप्लाई चेन में बड़ी भूमिका निभाए. इसे देखते हुए आर्थिक पैकेज में कई प्रावधान हैं.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार, पीएम किसान सम्मान योजना के विस्तार पर फैसला हो सकता है. इसके अलावा किसानों की आमदनी बढ़ाने को लेकर भी ऐलान होने की उम्मीद है.

(2) छोटे उद्योगों के लिए आ सकती है सौगात- आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए, इस पैकेज में Land, Labour, Liquidity और Laws, सभी पर बल दिया गया है. ये आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, हमारे लघु-मंझोले उद्योग, हमारे MSME के लिए है. जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है, जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है. ये आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए है, देश के उस किसान के लिए है जो हर स्थिति, हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन रात परिश्रम कर रहा है.

(3) नौकरी पेशा के लिए भी हो सकती है बड़ी घोषणा- ये आर्थिक पैकेज हमारे देश के मध्यम वर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देता है, देश के विकास में अपना योगदान देता है.

(4) इंफ्रास्ट्रक्चर पर इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा- राहत पैकेज में इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ेगा. लिहाजा देश में विदेशी कंपनियां भी तेजी से निवेश कर सकती है.

(5) सप्लाई चेन को आधुनिक बनाएंगे- पीएम ने कहा कि हमारे पास साधन, सामर्थ्य है, बेस्ट टैलेंट है. हम बेस्ट प्रॉडक्ट बनाएंगे, क्वालिटी बेहतर करेंगे, सप्लाई चेन को आधुनिक बनाएंगे. हम ऐसा कर सकते हैं और जरूर करेंगे.

पीएम ने कच्छ भूकंप का उदाहरण देते हुए कहा कि भूकंप में कच्छ पूरी तरह तबाह हो गया था लेकिन कच्छ फिर बढ़ चला. यही भारतीयों की क्वालिटी है. ठान लें तो कोई राह मुश्किल नहीं. आज चाह भी है राह भी है. यह है भारत को आत्मनिर्भर बनाना. भारत की संकल्प शक्ति ऐसी है कि हम आत्मनिर्भर बन सकते हैं.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे विदेशी कंपनियां भारत में निवेश बढ़ा सकती है. लिहाजा भारत में नौकरियों के अवसर बनेंगे.

आत्मनिर्भर भारत की भव्य इमारत 5 खंभों इकोनॉमी, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी ड्रिवन व्यवस्था, डेमोग्राफी, डिमांड पर खड़ी है. डिमांड बढ़ाने और इसे पूरा करने के लिए सप्लाई चेन के हर स्टेकहोल्डर का सशक्त होना जरूरी है. सप्लाई चेन को हम मजबूत करेंगे.

डीजीपी के अधिकारों में कटौती,एसपी को बनाया पावरफुल

गृहमंत्री बनने के बाद डॉ नरोत्तम मिश्रा ने अब पुरानी व्यवस्थाओं को बदलकर नई व्यवस्था शुरू कर दिया है । विभाग में डीजीपी के अधिकारों में बड़ी कटौती की गई है । थाना प्रभारियों के तबादले और उन्हें हटाने के अधिकार अब डीजीपी की जगह एसपी के पास रहेंगे । 

अप्रैल के पहले सप्ताह में पुलिस मुख्यालय ने एक आदेश सभी पुलक्स अधीक्षको के नाम जांरी किया था इसमें कहा गया था कि कोरोना की व्यवस्थाओं को देखते हुए अब थाना प्रभारियों को हटाने का काम पुलिज़ अधीक्षक नही करेंगे बल्कि यह काम स्वयं पुलिस महानिदेशक करेंगे ।

इस आदेश के चलते पुलिस कप्तानों के पर कटर दिए गए थे । लेकिन आज पुलिस मुख्यालय ने एक आदेश जारी कर सभी पुलिस अधीक्षकों को कहा है कि जिले के भीतर थानों में वे अपने हिसाब से पद स्थापना कर सकेंगे । इस बदलाव की सूचना भर अनिवार्यतः पुलिस मुख्यालय को देनी होगी ।