भिण्ड और गोहद में टोटल कर्फ्य

भिण्ड में गुजरात,मुंबई और दिल्ली से बड़ी संख्या में लोग पलायन करके पहुंचे है । इनके साथ ही एक सप्ताह पहले तक कोरोना मुक्त ग्रीन जोन में शामिल जिले में पहला मरीज मिला था और अब यह संख्या निरंतर बढ़ती  जा रही है । अब इस संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाना शुरू कर दिए है । अब भिण्ड और गोहद में टोटल लॉक डाउन कर्फ्यू की शुरुआत की है । लोगों के घर से अनावश्यक बाहर निकलने पर पाबंदी है और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के नियम का कड़ाई से पालन कराने के लिए पुलिस सड़कों पर घूम रही है ।

विक्टोरिया मार्केट फिर आया अपने पुराने स्वरूप में लगी घड़ी

ग्वालियर । सिंधिया रियासतकाल से शहर के लोगों को समय बताने वाली बाड़े की घड़ी अब बरसो बाद फिर से लग गई । महाराज बाड़े पर स्थित विक्टोरिया मार्किट आग लगने की घटना के बाद जर्जर हो गया था जिसे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत फ़िर से पुरानी रंगत में लाकर इसमें म्यूजियम बनाया गया है । अब इसकी प्राचीर पर घड़ी भी लगा दी गई है ।

शराब माफियाओं का एएसआई पर हमला

शराब माफियाओं के जिले में हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वह पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर रहे हैं। एक ऐसा ही मामला सोमवार की शाम को सामने आया, जहां पर मोहनगढ़ थाना में पदस्थ एएसआई से मारपीट करते हुए उन्हें बंधक बनाकर कार में ले जाने का प्रयास भी किया गया।
मामले की जानकारी लगते ही तत्काल थाना में एसपी अनुराग सुजानिया पहुंचे और जांच पड़ताल शुरु कर दी। शराब कारोबारी उप्र से शराब का परिवहन कर रहे थे। पुलिस कर्मी के साथ मारपीट होने की बात फैलते ही हड़कंप मच गया था।

गौरतलब है कि थाना क्षेत्र के जगतनगर यूपी-एमपी बॉर्डर से बाइक सवार दो युवक उत्तरप्रदेश से शराब की पेटी लेकर नदी पार कर मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश कर रहे थे। इस बात की सूचना मुखबिरों के माध्यम से पुलिस को प्राप्त हुई। इसमें थाना में पदस्थ एएसआई शेख मदीन मौके पर पहुंचे।

एएसआई शेख मदीन ने बाइक सवार दोनों युवकों को पकड़ने का प्रयास किया। तभी नदी के पास पहले से शराब को रिसीव करने के इंतजार में खड़ी एक प्रेस लिखी बिटारा ब्रेजा कार क्रमांक एमपी 36 सी 4396 से उतरकर कुछ लोगों ने पुलिस कार्रवाई में दखल देते हुए एएसआई की न केवल मारपीट की बल्कि अपनी कार में बंधक बनाकर ले जाने का प्रयास भी किया। आसपास के लोगों के मौके पर पहुंचने पर शराब माफिया बाइक और शराब की पेटी छोड़कर कार में सवार होकर भाग गए। घटना की जानकारी लगते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी थी।

ग्वालियर में कोरोना से हुई पहली मौत ।

ग्वालियर। कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि डबरा निवासी 80 वर्षीय वृद्ध श्री गंगाराम को जयारोग्य अस्पताल में 9 मई को भर्ती कराया गया था । जहां उनकी 10 मई को मृत्यु हो गई थी । जांच में पता चला कि उन्हें पहले से हाइपरटेंशन , हार्टडिजीज, शुगर आदि की बीमारियां थी तथा कोरोना के संक्रमण के भी लक्षण थे। आज उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। हम उस क्षेत्र को कैंटोंमेंट कर सील्ड कर रहे हैं तथा उनकी संपर्क हिस्ट्री एवं संक्रमण के सोर्स की भी जानकारी जांच कर जुटा रहे हैं।

पटरी पर दौड़ेंगी ये ट्रेनेंः कहां से चलेंगी-कहां रुकेंगी, देखें रेलवे की पूरी लिस्ट


लॉकडाउन लागू होने के बाद से भारतीय रेलवे सेवायें रद्द कर दी गयी थी। हालाँकि पिछले दिनों बाहरी राज्यों में कामगारों को लाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेने चली थी लेकिन उनमे सिर्फ नामित मजदूर ही सफर कर सकते हैं। वहीं अब 48 दिनों बाद ट्रेनों का संचालन आज से शुरू होगा। ये सभी ट्रेनें देश के अलग-अलग 15 शहरों में जाएंगी और जोड़ी के हिसाब से चलेंगी।

आज से चलने वाली ट्रेनों के शेड्यूल और रूट

भारत में आज पटरी पर आठ ट्रेनें लौटेंगी। ये सभी नई दिल्ली से रवाना होंगी। ट्रेनों को हर स्टॉपेज या विशेषकर रेड ज़ोन वाले स्टेशनों पर नहीं रोका जाएगा।

नई दिल्ली से डिब्रूगढ़

ये दीमापुर, लमदिंग, गुवाहाटी, कोकराझर, मरैनी, न्यू जलपाईगुरी, कटिहार, बरौनी, दानापुर, पंडित दीनदयाल जंक्शन, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल स्टेशनों पर रुकेगी। दिल्ली से डिब्रूगढ़ के लिए शाम 4.45 बजे पर ट्रेन (02424) रवाना होगी। वापसी सुबह 9.10 होगी।

नई दिल्ली से बेंगलुरु

ये ट्रेन सिर्फ 6 स्टेशनों अनंतपुर, गुंतकल, सिकंदराबाद, नागपुर, भोपाल, झांसी पर रुकेंगी

नई दिल्ली से बिलासपुर

रायपुर, नागपुर, भोपाल, झांसी में स्टोपेज है। 12 मई को नई दिल्ली से बिलासपुर (मंगलवार, शनिवार) के लिए स्पेशल ट्रेन (02442) शाम 4 बजे रवाना होगी, जो अगले दिन दोपहर 12 बजे पहुंचेगी।

हावड़ा से नई दिल्ली

आसनसोल, धनबाद, गया, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल स्टोपेज हैं। शाम को 4.55 पर ट्रेन (02302) रवाना होगी और अगले दिन सुबह 9.55 पर हावड़ा पहुंचेगी।

राजेंद्र नगर से नई दिल्ली

ये ट्रेन पटना जंक्शन, पंडित दीन दयाल उपाध्याय, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल पर रुकेंगी।

बेंगलुरु से नई दिल्ली

इनके स्टोपेज अनंतपुर, गुंतकल, सिकंदराबाद, नागपुर, भोपाल, झांसी हैं। 12 तारीख को 8.30 बजे रवाना होगी जो सुबह 5.55 बजे दिल्ली पहुंचेगी

मुंबई सेंट्रल से नई दिल्ली

सिर्फ सूरत, वडोदरा, रतलाम, कोटा स्टेशनों पर रोकी जाएगी। स्पेशल ट्रेन (02951) शाम 5.30 बजे रवाना होगी जो अगले दिन सुबह 9.05 पर दिल्ली पहुंचेगी।

अहमदाबाद से नई दिल्ली

पालनपुर, अबु रोड, जयपुर, गुड़गांव स्टोपेज हैं। स्पेशल ट्रेन (02957) मंगलवार को शाम 6.20 पर रवाना होगी और अगले दिन सुबह 8 बजे दिल्ली पहुंचेगी।

देश में 70 हजार के पार हुए Corona positive

दिल्ली
लॉक डाउन 3 समाप्त होने में अब कुछ ही दिन शेष बचे है लेकिन देश मे कोरोना संक्रमण का कहर घटने की जगह बढ़ता ही जा रहा है । ताज़ा आंकड़ों के अनुसार देश मे संक्रमितों की संख्या का आंकड़ा 70 हजार के पार कर गया है । बीते दिन 97 लोगों की मौत हुई है और मरने वालों की संख्या 2,206 हो गई है। सोमवार को 78 लोगों की जान गई, जिसमें महाराष्ट्र में 36, गुजरात में 20, तमिलनाडु में छह, राजस्थान में दो और पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में एक-एक मौत शामिल है।

मुंबई में भी कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है। सोमवार को 791 नए मामले सामने आए और संक्रमितों की संख्या बढ़कर 14,355 हो गई। 20 लोगों की मौत भी हुई है। महानगर में अब तक इस महामारी से 528 लोगों की जान जा चुकी है। अगर पूरे महाराष्ट्र की बात करें तो सोमवार को भी 1,230 नए मामले मिले और संक्रमितों की संख्या बढ़कर 23,401 हो गई।

तमिलनाडु में हालात हो रहे बेकाबू, 798 नए केस आए

तमिलनाडु में कोरोना के प्रसार पर रोक लगती नजर नहीं आ रही। पिछले हफ्ते भर से लगातार पांच सौ से ज्यादा नए मामले मिल रहे हैं। सोमवार को सबसे ज्यादा 798 नए सामने मिले और संक्रमितों का आंकड़ा आठ हजार को पार कर गया। आंध्र प्रदेश में 38 नए मामले मिले हैं और 2,018 हो गई है संक्रमितों की संख्या। 14 नए मामलों के साथ कर्नाटक में यह आंकड़ा 862 पर पहुंच गया है। केरल में भी सात नए केस मिले हैं। वहां अब तक कुल 519 संक्रमित पाए गए हैं, लेकिन अब सिर्फ 27 मरीज ही अस्पतालों में रह गए हैं।

गुजरात में अब तक 500 से ज्यादा मौतें

गुजरात में भी हालात सुधरते नजर नहीं आ रहे। राज्य सरकार ने तमाम पाबंदियां लगाई हैं, इसके बावजूद कोरोना का कहर कम नहीं हो रहा। राज्य में और 347 नए कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं और मरीजों की संख्या 8,542 हो गई है। कुछ ऐसा ही हाल राजस्थान में भी है। राज्य में सोमवार को 126 नए मामले मिले और संक्रमितों का आंकड़ा 3,940 पर पहुंच गया। 14 नए मामलों के साथ हरियाणा में मरीजों की संख्या 725 और 34 नए केस के साथ पंजाब में 1,934 पर आंकड़ा पहुंच गया है।

दिल्ली में 7000 से ज्यादा संक्रमित

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना के मरीजों की संख्या सात हजार को पार कर गई है। सोमवार को मिले 310 नए मामलों को मिलाकर अब तक मिले संक्रमितों की संख्या 7,233 हो गई है। बिहार में भी 28 नए मामले मिले हैं और पीड़ितों का आंकड़ा 724 हो गया है। ओडिशा में भी 17 नए मामले सामने आए हैं। राज्य में अब तक 395 केस सामने आ चुके हैं।

उत्तर प्रदेश में 53 नए केस, कुल 3520 संक्रमित

उत्तर प्रदेश में और 53 नए मामले मिले हैं और कुल 3,520 संक्रमित हो गए हैं। 51 नए मामलों के साथ मध्य प्रदेश में संक्रमितों का आंकड़ा 3,736 पर पहुंच गया है।

बंगाल में 2 हजार से अधिक पॉजिटिव

बंगाल में और 124 नए संक्रमित मिले हैं और आंकड़ा 2,063 पर पहुंच गया है। असम में दो नए मामले सामने आए हैं और 64 संक्रमित हो गए हैं।

MP उपचुनाव: बागियों की एंट्री से BJP के दिग्गज बेचैन, संगठन में हलचल

मध्य प्रदेश में कांग्रेस से बगावत कर बीजेपी दामन थामने के बाद अब चुनाव के नए सियासी समीकरण बनते नजर आ रहे हैं. कांग्रेस के 22 बागी विधायकों की एंट्री के बाद पिछले चुनाव में बीजेपी से किस्मत आजमाने वाले नेताओं को अपने राजनीतिक भविष्य की चिंता सता रही है. उपचुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने बीजेपी के पुराने नेताओं पर डोरे डालने शुरू कर दिए हैं तो बीजेपी ने उन्हें संगठन में तवज्जो देनी शुरू की है.

कांग्रेस के 22 बागी विधायकों के बीजेपी में शामिल होने और शिवराज सरकार बनने के बाद सभी का चुनाव लड़ना कन्फर्म है. ग्वालियर-चंबल संभाग में ज्योतिरादित्य सिंधिया के विरोधी रहे बीजेपी नेता अब खामोशी अख्तियार किए हुए हैं. जयभान सिंह पवैया से लेकर बृजमोहन सिंह किरार, मुदित शेजवार और राजेश सोनकर सहित तमाम नेता बीजेपी से 2018 में चुनावी किस्मत आजमाने वाले अपने भविष्य को लेकर पशोपेश में जरूर हैं. उन्होंने डेढ़ साल पहले जिस उम्मीदवार को मात देने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी, अब उसके लिए वोट मांगते नजर आएंगे.

कांग्रेस की बीजेपी नेताओं पर नजर

कांग्रेस उपचुनाव के जरिए दोबारा से सत्ता में लौटने की उम्मीद लगाए हुए हैं. ऐसे में कांग्रेस उन भाजपा नेताओं पर दांव लगाना चाहती है जो 2018 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर सिंधिया समर्थक तत्कालीन कांग्रेस नेताओं से विधानसभा चुनाव हारे थे. ऐसे नेताओं को साधकर कांग्रेस ‘कांटे से कांटा’ निकालने की रणनीति तैयारी कर रही है. इसके लिए कांग्रेस ने अलग-अलग नेताओं को पिछले चुनाव में पराजित भाजपा नेताओं को साधने की जिम्मेदारी पर लगा रखा है.

कांग्रेस की नजर बीजेपी के जयभान सिंह पवैया पर है, जो 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रद्युम्न सिंह तोमर से हार गए थे. प्रद्युम्न सिंह बीजेपी से उपचुनाव में ताल ठोकेंगे तो जयभान सिंह को उनका समर्थन करना होगा. ऐसे में कांग्रेस जयभान को साधकर अपने साथ मिलना चाहती है ताकि ग्वालियर सीट पर कांटे की टक्कर दी जा सके. ऐसे ही गुना जिले की बमोरी सीट से बृजमोहन सिंह किरार भी कश्मकश में हैं, क्योंकि महेंद्र सिंह सिसौदिया अब बीजेपी का दामन थाम चुके हैं और उनका चुनाव लड़ना तय है.

सागर जिले की सुरखी सीट से जीतने वाले गोविंद राजपूत अब बीजेपी में हैं और उपचुनाव की तैयारी शरू कर दी है, जिससे बीजेपी के सुधीर यादव के सामने सियासी संकट गहरा गया है. ऐसे ही सांची सीट से प्रभुराम चौधरी बीजेपी से उपचुनाव की तैयारी में जुट गए हैं. ऐसे में 2018 में बीजेपी से चुनाव लड़ने वाले मुदित शेजवार की चिंता बढ़ गई है, लेकिन फिलहाल वो शांत हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे और पूर्व मंत्री दीपक जोशी की देवास जिले की हाटपिपल्या सीट भी उनके हाथों से खिसक रही है. जोशी को उनके विरोधी मनोज चौधरी ने कांग्रेस के टिकट पर 2018 में चुनाव हराया था, लेकिन अब चौधरी विधानसभा से इस्तीफा देकर भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ेंगे. ऐसे दीपक जोशी पशोपेश में हैं.

बीजेपी संगठन में दिया तवज्जो

सिंधिया के समर्थक तुलसी सिलावट को शिवराज सरकार में मंत्री बनाए जाने के बाद सांवेर के पूर्व विधायक और पिछला चुनाव सिलावट से हारने वाले राजेश सोनकर की नाराजगी सामने आई थी. पिछले दिनों उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य की चिंता को लेकर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से चर्चा भी की थी. ऐसे में रविवार को मध्य प्रदेश के जिला अध्यक्ष की लिस्ट जारी हुई तो राजेश सोनकर को इंदौर ग्रामीण का जिला अध्यक्ष बना कर संतुष्ट करने की कोशिश की गई है. माना जा रहा है कि ऐसे ही बीजेपी अपने दूसरे नेताओं को संगठन से लेकर बोर्ड में शामिल कर उन्हें एडजस्ट कर सकती है.

उपचुनाव वाली सीटें

मध्य प्रदेश के दो विधायकों के निधन और कांग्रेस के 22 बागी विधायकों के इस्तीफे से रिक्त हुई विधानसभा की कुल 24 सीटों पर अब एक साथ उपचुनाव होंगे. प्रदेश की जिन सीटों पर उपचुनाव होना है, उनमें जौरा, आगर (एससी), ग्वालियर, डबरा (एससी), बमोरी, सुरखी, सांची (एससी), सांवेर (एससी), सुमावली, मुरैना, दिमनी, अंबाह (एससी), मेहगांव, गोहद (एसी), ग्वालियर (पूर्व), भांडेर (एसी), करैरा (एसी), पोहरी, अशोक नगर (एसी), मुंगावली, अनूपपुर (एसटी), हाटपिपल्या, बदनावर, सुवासरा शामिल हैं.

उपचुनाव: बागियों की एंट्री से BJP के दिग्गज बेचैन, संगठन में हलचल

मध्य प्रदेश में कांग्रेस से बगावत कर बीजेपी दामन थामने के बाद अब चुनाव के नए सियासी समीकरण बनते नजर आ रहे हैं. कांग्रेस के 22 बागी विधायकों की एंट्री के बाद पिछले चुनाव में बीजेपी से किस्मत आजमाने वाले नेताओं को अपने राजनीतिक भविष्य की चिंता सता रही है. उपचुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने बीजेपी के पुराने नेताओं पर डोरे डालने शुरू कर दिए हैं तो बीजेपी ने उन्हें संगठन में तवज्जो देनी शुरू की है.

कांग्रेस के 22 बागी विधायकों के बीजेपी में शामिल होने और शिवराज सरकार बनने के बाद सभी का चुनाव लड़ना कन्फर्म है. ग्वालियर-चंबल संभाग में ज्योतिरादित्य सिंधिया के विरोधी रहे बीजेपी नेता अब खामोशी अख्तियार किए हुए हैं. जयभान सिंह पवैया से लेकर बृजमोहन सिंह किरार, मुदित शेजवार और राजेश सोनकर सहित तमाम नेता बीजेपी से 2018 में चुनावी किस्मत आजमाने वाले अपने भविष्य को लेकर पशोपेश में जरूर हैं. उन्होंने डेढ़ साल पहले जिस उम्मीदवार को मात देने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी, अब उसके लिए वोट मांगते नजर आएंगे.

कांग्रेस की बीजेपी नेताओं पर नजर

कांग्रेस उपचुनाव के जरिए दोबारा से सत्ता में लौटने की उम्मीद लगाए हुए हैं. ऐसे में कांग्रेस उन भाजपा नेताओं पर दांव लगाना चाहती है जो 2018 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर सिंधिया समर्थक तत्कालीन कांग्रेस नेताओं से विधानसभा चुनाव हारे थे. ऐसे नेताओं को साधकर कांग्रेस ‘कांटे से कांटा’ निकालने की रणनीति तैयारी कर रही है. इसके लिए कांग्रेस ने अलग-अलग नेताओं को पिछले चुनाव में पराजित भाजपा नेताओं को साधने की जिम्मेदारी पर लगा रखा है.

कांग्रेस की नजर बीजेपी के जयभान सिंह पवैया पर है, जो 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रद्युम्न सिंह तोमर से हार गए थे. प्रद्युम्न सिंह बीजेपी से उपचुनाव में ताल ठोकेंगे तो जयभान सिंह को उनका समर्थन करना होगा. ऐसे में कांग्रेस जयभान को साधकर अपने साथ मिलना चाहती है ताकि ग्वालियर सीट पर कांटे की टक्कर दी जा सके. ऐसे ही गुना जिले की बमोरी सीट से बृजमोहन सिंह किरार भी कश्मकश में हैं, क्योंकि महेंद्र सिंह सिसौदिया अब बीजेपी का दामन थाम चुके हैं और उनका चुनाव लड़ना तय है.

सागर जिले की सुरखी सीट से जीतने वाले गोविंद राजपूत अब बीजेपी में हैं और उपचुनाव की तैयारी शरू कर दी है, जिससे बीजेपी के सुधीर यादव के सामने सियासी संकट गहरा गया है. ऐसे ही सांची सीट से प्रभुराम चौधरी बीजेपी से उपचुनाव की तैयारी में जुट गए हैं. ऐसे में 2018 में बीजेपी से चुनाव लड़ने वाले मुदित शेजवार की चिंता बढ़ गई है, लेकिन फिलहाल वो शांत हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे और पूर्व मंत्री दीपक जोशी की देवास जिले की हाटपिपल्या सीट भी उनके हाथों से खिसक रही है. जोशी को उनके विरोधी मनोज चौधरी ने कांग्रेस के टिकट पर 2018 में चुनाव हराया था, लेकिन अब चौधरी विधानसभा से इस्तीफा देकर भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ेंगे. ऐसे दीपक जोशी पशोपेश में हैं.

बीजेपी संगठन में दिया तवज्जो

सिंधिया के समर्थक तुलसी सिलावट को शिवराज सरकार में मंत्री बनाए जाने के बाद सांवेर के पूर्व विधायक और पिछला चुनाव सिलावट से हारने वाले राजेश सोनकर की नाराजगी सामने आई थी. पिछले दिनों उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य की चिंता को लेकर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से चर्चा भी की थी. ऐसे में रविवार को मध्य प्रदेश के जिला अध्यक्ष की लिस्ट जारी हुई तो राजेश सोनकर को इंदौर ग्रामीण का जिला अध्यक्ष बना कर संतुष्ट करने की कोशिश की गई है. माना जा रहा है कि ऐसे ही बीजेपी अपने दूसरे नेताओं को संगठन से लेकर बोर्ड में शामिल कर उन्हें एडजस्ट कर सकती है.

उपचुनाव वाली सीटें

मध्य प्रदेश के दो विधायकों के निधन और कांग्रेस के 22 बागी विधायकों के इस्तीफे से रिक्त हुई विधानसभा की कुल 24 सीटों पर अब एक साथ उपचुनाव होंगे. प्रदेश की जिन सीटों पर उपचुनाव होना है, उनमें जौरा, आगर (एससी), ग्वालियर, डबरा (एससी), बमोरी, सुरखी, सांची (एससी), सांवेर (एससी), सुमावली, मुरैना, दिमनी, अंबाह (एससी), मेहगांव, गोहद (एसी), ग्वालियर (पूर्व), भांडेर (एसी), करैरा (एसी), पोहरी, अशोक नगर (एसी), मुंगावली, अनूपपुर (एसटी), हाटपिपल्या, बदनावर, सुवासरा शामिल हैं.

आर्थिक गतिविधियां कैसे शुरू हों, PM मोदी ने राज्यों से 15 मई तक मांगे सुझाव

पीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्रियों से की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया एक नया नारा, ‘जन से जग तक’

लॉकडाउन के तीसरे चरण के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के सभी राज्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया. पीएम ने सभी मुख्यमंत्रियों से 17 मई के बाद लॉकडाउन की स्थिति को लेकर फीडबैक लिया. कई घंटों लंबी चली उस बैठक के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपनी बातें रखीं.

सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने बैठक में कहा कि हम आपके लोगों के उत्साह के कारण यह लड़ाई जीतेंगे. जो लोग पूरी बात नहीं रख सके, वे 15 मई तक अपने सुझाव भेजें. हम इस बात पर विचार कर रहे हैं कि कैसे और अधिक आर्थिक गतिविधियां चल सकती हैं.

पीएम मोदी ने बैठक के दौरान यह भी कहा कि कोरोना के बाद एक नई जीवनशैली विकसित होगी. देश में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं उसको भी नए नजरिए से देखना होगा. टेक्नॉलॉजी को ध्यान में रखकर शिक्षा के नए मॉड्यूल विकसित करने होंगे.

अपनी समापन टिप्पणी में पीएम मोदी ने कहा कि जन सेवा के प्रयासों को संबोधित करने की आवश्यकता है. इसके साथ ही पीएम मोदी ने नया नारा भी दिया. उनका नया नारा है ‘जन से जग तक’. इस नए नारे के पीछे पीएम का तर्क था कि जैसे प्रथम विश्व युद्ध और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया बदल गईं उसी तरह कोरोना के बाद भी चीजें बदल जाएंगी.

जानकारी के मुताबिक पीएमओ सोच रहा है कि अब राज्यों को भी लॉकडाउन के नियमों से निपटने का अधिकार दिया जाना चाहिए ताकि जिन नियमों को वे लागू करना चाहते हैं उन्हें लगा सकें. पीएमओ के मुताबिक राज्यों को लॉकडाउन को आसान बनाने के लिए रणनीति पर चर्चा करनी चाहिए क्योंकि वे पीएम से शिकायत कर रहे हैं कि अगर लंबे समय तक यह जारी रहा तो उनकी अर्थव्यवस्थाएं दिवालिया हो जाएंगी.

SBI ग्राहक ध्यान दें: अगर आपके पास भी आता है ये SMS तो तुरंत कर दें डिलीट, वरना अकाउंट हो सकता है खाली

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अगर आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहक हैं तो अपने नेट बैंकिग को लेकर सावधान रहें। दरअसल, SBI ने अपने ग्राहकों को मैसेज भेजकर आगाह किया है कि अगर आपने पिछले 180 दिनों (छह महीना) में अपने नेट बैंकिंग पासवर्ड को अपडेट नहीं किया है तो इसे जल्द से जल्द अपडेट कर लें। बैंक ने अपने ग्राहकों से कहा है कि वे SBI के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपने खाते की जानकारी को अपडेट कर सकते हैं।
बैंक के मुताबिक, हाल-फिलहाल में जालसाज SBI ग्राहकों के मोबाइल पर मैसेज भेज रहे हैं। उस मैसेज में भेजा जाने वाला लिंक SBI नेट बैंकिंग पेज की तरह ही दिखता है। मैसेज भेजकर ग्राहकों से उस लिंक पर क्लिक करने को कहा जाता है। अगर आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं तो आपकी सारी गोपनीय जानकारी जालसाजों के पास पहुंच जाती है और इस तरह से वे आपके खाते में सेंध लगा सकते हैं।
बैंक ने कहा है कि अगर आपके पास ऐसा कोई मैसेज आता है तो आप उसे तुरंत इग्नोर करें और उस मैसेज को तुरंत अपने मोबाइल से डिलीट कर दें। बैंक के मुताबिक आपके पास ऐसा कोई मैसेज आता है तो आप इसकी जानकारी SBI के दूसरे ग्राहकों को भी बता सकते हैं।
तकनीक से हमारा काम आसान तो हुआ है, लेकिन इसके अपने कुछ खतरे भी हैं। कई बार जालसाज सिम क्लोनिंग या सिम स्वैपिंग के जरिये ठग देते हैं। दरअसल, फ्रॉड करने वाला व्यक्ति आपके सिम का डुप्लीकेट तैयार करता है, सिम स्वैप का मतलब वह सिम बदल लेता है। फिर जालसाजी करने वाले आपके फोन नंबर से एक नए सिम का रजिस्ट्रेशन करवा लेते हैं। इसके बाद आपका सिम बंद हो जाता है। सिम बंद होने के बाद आपके नंबर पर रजिस्टर्ड हुए दूसरे नंबर पर आने वाले OTP के जरिये कोई भी आपके खाते में सेंध लगा सकता।
इससे बचने के लिए अगर आपके सिम पर नेटवर्क ठीक नहीं है, या फिर आपके फोन पर कोई कॉल्स आ रही है और न ही कोई अलर्ट है तो तुरंत इसकी शिकायत अपने मोबाइल ऑपरेटर्स से करें। आपको सिम क्लोनिंग जैसे तरीकों से बचने के लिए अलर्ट रहना होगा।

लो करें ये सेफ्टी टिप्स-

(1) SBI ने अपने ट्वीट में बताया कि ATM/POS मशीन में पिन एंटर करते समय Keypad को ढंक लें.

(2) ATM पिन को याद कर लें. पिन को एटीएम कार्ड या कहीं और नहीं लिखें.

(3) किसी के जन्मदिन या सालगिरह दिन पर अपना पिन नहीं रखने से बचें.

(4) एसएमएस (SMS) नोटिफिकेशन के लिए विकल्प चुनें और उपयोग के बाद एटीएम रिसीट को फाड़ दें.

(5) एटीएम मशीन का उपयोग करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वहां अपराधियों द्वारा कोई खुफिया कैमरा तो नहीं फिट किया गया है.

(6) SBI मिस्ड कॉल बैंकिंग का विकल्प चुनें और जब भी जरूरत हो लेन-देन विवरण प्राप्त करें.

(7) किसी से अपना ओटीपी (OTP), डेबिट कार्ड (Debit Card) पिन और अन्य जानकारी न दें.

(8) किसी भी एसएमएस, ईमेल या कॉल का जवाब न दें, जो आप से अपका एटीएम पिन या कोई अन्य गोपनीय डेटा साझा करे को कहे.

(9) एक बार में एक से अधिक व्यक्ति को एटीएम कियोस्क के अंदर अनुमति नहीं है.

(10) खुद को अपने कंधे के पीछे अपना पिन चुराने से प्रोटेक्ट करें.