मध्प्रदेश में शुरू हुई एफ आई आर आपके द्वार योजना, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किया शुभारंभ

दतिया । गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने FIRआपके द्वार का शुभारंभ किया। संभागीय मुख्यालय और गैर संभागीय मुख्यालय के रूप में दतिया में सेवाएं प्रारंभ हुई है
3 महीने का पायलट प्रोजेक्ट प्रारंभ हुआ।
प्रत्येक संभागीय मुख्यालय पर एक थाना शहरी क्षेत्र में और एक ग्रामीण थाना क्षेत्र में योजना का पायलट प्रोजेक्ट प्रारंभ।
जवाहर चौक पुराना खजाना रेस्टोरेंट के सामने के सुनील चतुर्वेदी ने अपनी गाड़ी चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। अपनी गाड़ी एमपी 04 ST 0959 के चोरी होने संबंधी रिपोर्ट FRV 49 से दर्ज की।

आज शाम से मिलेंगे ट्रेन के टिकट, जानिए- कब, कैसे और कौन-कौन लोग टिकट खरीद सकते हैं

आपको आपकी मंजिल तक ले जाने वाली पैसेंजर ट्रेन फिर पटरियों पर दौड़ने वाली है.

शुरू में 15 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी. ये ट्रेनें नई दिल्ली से शुरू होंगी और देश के अलग-अलग स्टेशनों तक जाएंगी.

नई दिल्ली लॉकडाउन के बीच सरकार ने सार्वजनिक यातायात के सबसे बड़े साधन यानि यात्री ट्रेनों को चलाने का फैसला किया है. कल यानि मंगलवार से शर्तों के साथ देश के 15 बड़े शहरों के लिए एसी ट्रेनें चलने लगेंगी. लेकिन याद रखिए टिकट सिर्फ ऑनलाइन ही मिलेगा इसलिए स्टेशन पर जाने की गलती ना करें.

रेलवे 12 मई से धीरे-धीरे पैसेंजर ट्रेनों को चलाने की योजना बना रहा है. शुरू में 15 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी. ये ट्रेनें नई दिल्ली से शुरू होंगी और देश के अलग-अलग स्टेशनों तक जाएंगी. स्पेशल ट्रेन की बुकिंग 11 मई यानी आज शाम 4 बजे से शुरू होगी.

रेलवे ने कल से जिन पंद्रह रूट पर ट्रेन चलाने की तैयारी की है वो हैं…

दिल्ली से पटना
दिल्ली से रांची
दिल्ली से मुंबई
दिल्ली से जम्मू
दिल्ली से चेन्नई
दिल्ली से बेंगलुरु
दिल्ली से तिरुवनंतपुरम
दिल्ली से डिब्रूगढ़
दिल्ली से भुवनेश्वर
दिल्ली से सिकंदराबाद
दिल्ली से भुवनेश्वर
दिल्ली से मडगांव
दिल्ली से अगरतला
दिल्ली से बिलासपुर
दिल्ली से हावड़ा

बड़ी बात ये है कि अगर आप इन रूट्स पर यात्रा करना चाहते हैं तो आपको IRCTC की वेबसाइट www.irctc.co.in पर या IRCTC के मोबाइल ऐप पर ही टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग करानी पड़ेगी जिसकी शुरुआत आज शाम 4 बजे से होगी.

*सभी लोग टिकट बुक करा सकते हैं

*टिकट काउंटर से बुकिंग नहीं होगी

*जिनको कन्फर्म टिकट मिलेगा वही यात्रा कर पाएंगे

*सिर्फ एसी कोच वाली ट्रेनें चलेंगी

*ट्रेनों का किराया राजधानी एक्सप्रेस वाला होगा

*इन ट्रेनों में जनरल बोगी नहीं होगी

*इन ट्रेनों के लिमिटेड स्टॉपेज होंगे

* ट्रेन का नया टाइम टेबल आज जारी किया जाएगा

मध्य प्रदेश: पहले दिया 100 रुपये का लालच, फिर सूखे नाले में ले जाकर बच्ची के साथ रेप

राजगढ़

बताया जा रहा है कि गांव के ही 23 साल के युवक ने बच्ची के साथ रेप किया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के साथ ही 376 की धारा के तहत मामला दर्ज किया कर लिया है. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

सूखे नाले में बच्ची के साथ किया दुष्कर्मआरोपी 10 घंटे के अंदर हुआ गिरफ्तार

कोरोना वायरस के इस संकट के दौर में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. मध्य प्रदेश में राजगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत हिरण खेड़ी ग्राम में 9 साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर बलात्कार का मामला सामने आया है. इस घटना को पड़ोस के ही रहने वाले एक 23 साल के युवक ने अंजाम दिया. पुलिस ने ममला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

बताया जा रहा है कि गांव के ही 23 साल के युवक ने बच्ची के साथ रेप किया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के साथ ही 376 की धारा के तहत मामला दर्ज किया कर लिया है. कोतवाली पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक डीपी लोहिया ने बताया कि 9 साल की बच्ची के साथ बलात्कार के आरोप में इंदर सिंह तंवर नाम के युवक को गिरफ्तार किया है.

बच्ची के साथ रेप

पुलिस का कहना है कि बच्ची जब खेत से अपने घर आ रही थी तभी आरोपी ने उसे 100 रुपये का लालच देकर साथ चलने के लिए कहा. इस पर बच्ची ने उसे मना कर दिया. फिर उस युवक ने बच्ची का मुंह दबाया और उसे जबरदस्ती खींचकर पास के सूखे नाले में ले गया, जहां पर उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया.

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

थाना प्रभारी लोहिया ने बताया कि डरी सहमी बच्ची ने इस घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी. फिर परिजनों ने करीब रात 9 बजे राजगढ़ थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई. बच्ची का मेडिकल करवाने के बाद मामला दर्ज कराया. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 10 घंटे में ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

कोरोना ने जोड़ा टूटा रिश्ता / तलाक के 3 साल बाद फिर ‘मन बंधन’, सास ने की बहू को मनाने की पहल, घर पर धरना तक दिया

भोपाल. कोरोना ने पूरी दुनिया में अब तक न जाने कितने घर उजाड़े हैं, लेकिन भोपाल में इसके कारण एक टूटा हुआ रिश्ता फिर जुड़ गया है। तीन साल पहले तलाक ले चुके पति-पत्नी के बीच पुराने गठबंधन को जिंदा करने पर मन बंधन हो गया। इस बार पहल सास ने की और बहू को समझाया कि कोरोना के चलते न जाने कब क्या हो जाए, आकर बेटे को संभाल लो। बहू और उसके माता-पिता को मनाने के लिए उनके घर पर धरना तक दिया। इसके बाद बहू भी नहीं रुक पाई और रिश्ता फिर जिंदा हो गया। दोनों की सात साल की एक बेटी है। फैसले से सबसे ज्यादा खुश वही है।

मामला सिंधी कॉलोनी का है। दंपती का विवाह जनवरी 2012 में हुआ था। एक साल बाद दोनों के यहां बेटी ने जन्म लिया। व्यवसाय की व्यस्तता के चलते व्यापारी पत्नी को समय नहीं दे पाता था। दोनों के बीच मां का भी दखल था। इस वजह से उनके बीच अक्सर विवाद होने लगे। मारपीट की नौबत आने लगी। युवती विवाद के बाद मायके चली जाती थी। दोनों के साथ उनके परिवारों में इतनी कड़वाहट आ गई कि साथ रहना मुश्किल हो गया। अदालत ने दोनों को साथ रखने के लिए तीन बार काउंसिल भी कराई। कोर्ट के मीडिएशन के बाद भी वे साथ रहने को तैयार नहीं हुए। फरवरी 2017 उनका तलाक हो गया। उस वक्त बेटी चार साल की थी। इस बीच पिता को बेटी से मिलने का मौका भी नहीं मिल पाया।

सास की बात सुन रो पड़ी बहू, परिवार वाले भी माने, दोबारा की शादी

लॉक डाउन में मां नहीं देख पाई बेटे की दशा
लॉक डाउन हुआ तो बेटा घर रहने लगा। वह हमेशा कमरे में अकेला रहता और पुरानी यादों में खोया रहता। वह केवल खाने के लिए कमरे से बाहर निकलता। बाकी समय शादी और बेटी के जन्म के बाद के फोटो एल्बम, वीडियो ही देखता रहता। मां यह बर्दाश्त नहीं कर पाई। बेटे काे डिप्रेशन में देख मां ने उसी काउंसलर का नंबर खोज निकाला, जिसने तलाक के दौरान काउंसलिंग की थी।

काउंसलर ने कहा कि यदि बेटे की पूर्व पत्नी ने कहीं शादी नहीं की है तो दोनों का रिश्ता फिर जुड़ सकता है। इसके बाद मां ने बहू को मनाने के प्रयास किए। काउंसलर से जानकारी लेने के बाद सास बहू और पोती को मनाने के लिए उनके घर पहुंच गई। उसने हर बात के लिए माफी मांगी। बाहर धरना तक दिया और कहा- यदि कोरोना संक्रमण की वजह से उनकी मृत्यु हो जाती है तो बेटे को कौन संभालेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि तुमने भी दोबारा शादी शायद इसलिए नहीं की तुम भी बेटे को चाहती हो। इसके बाद महिला रो पड़ी। छह दिन के प्रयास के बाद आखिरकार महिला के परिजन भी मान गए और रविवार को दोनों की शादी हो गई और सादगी से बहू और पोती का गृहप्रवेश हुआ।

बेटी को माता-पिता मिल गए
सरिता राजानी, काउंसलर फैमिली कोर्ट के मुताबिक, तीन साल पहले तलाक रोकने के लिए काउंसलिंग की थी। हालांकि, उसके बाद भी उनका रिश्ता टूट गया था। पुरुष की मां ने मुझसे संपर्क किया। मैंने कानूनी जानकारी देने के साथ दोनों परिवार की फिर काउंसलिंग की। कोरोना के कारण हुए लॉक डाउन ने परिवार को फिर से बसा दिया। एक बेटी को माता-पिता दोनों मिल गए।

प्रदेश में संजीवनी टेलेहेल्थ टोल फ्री नंबर 1800-103-7378 प्रारम्भ हो चुकी है।

प्रदेश में संजीवनी टेलेहेल्थ टोल फ्री नंबर 1800-103-7378 प्रारम्भ हो चुकी है। इस सुविधा पर कोरोना के इलावा अन्य सभी बीमारियों के लिए अपोलो के डॉक्टर्स से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही e- prescription भी उपलब्ध करवाई जाएगी।इस हेल्पलाइन की कैपेसिटी रोज 1300 कॉल लेने की है जबकि आज दिनांक में यहां केवल रोज 50-60 काल ही आ रहे हैं। इस तरह सरकार का प्रयास और डॉक्टर्स का बहुमूल्य समय व्यर्थ जा रहा है। यह हेल्पलाइन केवल 11 दिन के लिए और उपलब्ध है।

आप सभी से अनुरोध है के ज्यादा से ज्यादा इसका प्रचार प्रसार करवाएं ताकि अधिकतम लोग इस पर कॉल करें और घर बैठे डॉक्टरी परामर्श लेकर इसका लाभ उठा सकें।

फ़ैज़ अहमद किदवई
PS Health

पूनम पांडे गिरफ्तार लॉकडाउन नियम तोड़ा

मुंबई

पूनम पांडे को मुंबई के मरीन ड्राइव में उनके एक दोस्त के साथ BMW कार में पकड़ा गया. दोनों को लॉकडाउन के नियमों को तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. दोनों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है.

अक्सर कंट्रोवर्सी में रहने वाली एक्ट्रेस और मॉडल पूनम पांडे फिर से नई मुसीबत में फंसती नजर आ रही हैं. पूनम पांडे को मुंबई के मरीन ड्राइव में उनके एक दोस्त के साथ BMW कार में पकड़ा गया. दोनों को लॉकडाउन के नियमों को तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है और दोनों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है.

रिपोर्ट्स की मानें तो जिस समय पुलिस ने पूनम पांडे को पकड़ा वे अपने 46 वर्षीय साथी सैम अहमद के साथ कार में थीं. उनपर बिना किसी कारण लॉकडाउन में बाहर निकलने और लॉकडाउन के नियमों का पालन ना करने का आरोप है. बता दें कि कोरोना वायरस के मद्देनजर भारत सरकार द्वारा 17 मई तक देशभर में लॉकडाउन लागू किया गया है.

सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर मृत्युंजय हीरेमठ ने PTI से बातचीत के दौरान बताया- पूनम पांडे (29) और सैम अहमद बॉम्बे (46) के खिलाफ नेशनल डिजास्टर एक्ट के अंतरगत IPC की धारा 269 और 188 के तहत मुकदमा दायर किया गया है. बता दें कि धारा 269 के तहत किसी शख्स पर बीमारी और इन्फेक्शन को अपनी गैर जिम्मेदारी की वजह से फैलाने और दूसरे की जान को खतरे में डालने का आरोप लगता है. जबकि धारा 189 के तहत शख्स पर सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन ना करने का आरोप लगता है और आरोपित शख्स पर कार्यवाही की जाती है.

विवदों से है पूनम पांडे का पुराना नाता

बता दें कि पूनम पांडे अपने बयानों और बोल्ड फोटोज के कारण अक्सर सुर्खियों में रहती हैं. सबसे पहले वे तब सुर्खियों में आई थीं जब उन्होंने साल 2011 वर्ल्डकप के दौरान कहा था कि अगर भारतीय टीम ट्रॉफी जीतती है तो वे न्यूड हो जाएंगी. हालांकि उन्होंने ऐसा किया तो नहीं था मगर उनके इस बयान से तगड़ा बवाल मचा था. इसके अलावा उनकी फिल्म नशा भी इंटीमेट सीन्स की वजह से काफी विवादों में रही थी.

मुंबई से देहरादून सेना के हेलीकॉप्टर पहुंची मॉडल राज्यपाल ने तोड़ा लॉकडाउन नियम

देहरादूनः कोरोना वैश्विक महामारी के कारण देशभर में लॉकडाउन लागू किया गया है। जहां एक तरफ पुलिस प्रशासन के द्वारा लॉकडाउन के नियमों का सख्ती से पालन करवाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कई राजनेता इन नियमों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। ऐसा ही एक कारनामा महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने किया है।
राज्यपाल ने विशेष पास के जरिए महाराष्ट्र से एक मॉडल जैनी उर्फ जयंती को सेना के हेलीकॉप्टर के द्वारा दिल्ली पहुंचाया। इसके बाद आर्मी की ही गाड़ी से देहरादून स्थित उसके घर में पहुंचाया। वहीं कोश्यारी द्वारा की गई विशेष व्यवस्थाओं के फलस्वरुप अपने घर पहुंची मॉडल तो उसे पता चला कि उन्हें परिवार सहित होम क्वॉरंटाइन कर दिया गया है। बावजूद इसके मॉडल और उसका परिवार क्वॉरंटाइन के नियमों का बिल्कुल भी पालन नहीं कर रहा है।
बता दें कि जैनी उर्फ जयंती अपने पिता के साथ नवोदय विद्यालय के क्वार्टर में एक टू रूम सेट में रहती है। इनके पिता शिक्षा निदेशालय में परिचारक के पद पर कार्यरत हैं।

कोरोना ने जोड़ा टूटा रिश्ता / तलाक के 3 साल बाद फिर ‘मन बंधन’, सास ने की बहू को मनाने की पहल, घर पर धरना तक दिया

भोपाल. कोरोना ने पूरी दुनिया में अब तक न जाने कितने घर उजाड़े हैं, लेकिन भोपाल में इसके कारण एक टूटा हुआ रिश्ता फिर जुड़ गया है। तीन साल पहले तलाक ले चुके पति-पत्नी के बीच पुराने गठबंधन को जिंदा करने पर मन बंधन हो गया। इस बार पहल सास ने की और बहू को समझाया कि कोरोना के चलते न जाने कब क्या हो जाए, आकर बेटे को संभाल लो। बहू और उसके माता-पिता को मनाने के लिए उनके घर पर धरना तक दिया। इसके बाद बहू भी नहीं रुक पाई और रिश्ता फिर जिंदा हो गया। दोनों की सात साल की एक बेटी है। फैसले से सबसे ज्यादा खुश वही है।

मामला सिंधी कॉलोनी का है। दंपती का विवाह जनवरी 2012 में हुआ था। एक साल बाद दोनों के यहां बेटी ने जन्म लिया। व्यवसाय की व्यस्तता के चलते व्यापारी पत्नी को समय नहीं दे पाता था। दोनों के बीच मां का भी दखल था। इस वजह से उनके बीच अक्सर विवाद होने लगे। मारपीट की नौबत आने लगी। युवती विवाद के बाद मायके चली जाती थी। दोनों के साथ उनके परिवारों में इतनी कड़वाहट आ गई कि साथ रहना मुश्किल हो गया। अदालत ने दोनों को साथ रखने के लिए तीन बार काउंसिल भी कराई। कोर्ट के मीडिएशन के बाद भी वे साथ रहने को तैयार नहीं हुए। फरवरी 2017 उनका तलाक हो गया। उस वक्त बेटी चार साल की थी। इस बीच पिता को बेटी से मिलने का मौका भी नहीं मिल पाया।

सास की बात सुन रो पड़ी बहू, परिवार वाले भी माने, दोबारा की शादी

लॉक डाउन में मां नहीं देख पाई बेटे की दशा
लॉक डाउन हुआ तो बेटा घर रहने लगा। वह हमेशा कमरे में अकेला रहता और पुरानी यादों में खोया रहता। वह केवल खाने के लिए कमरे से बाहर निकलता। बाकी समय शादी और बेटी के जन्म के बाद के फोटो एल्बम, वीडियो ही देखता रहता। मां यह बर्दाश्त नहीं कर पाई। बेटे काे डिप्रेशन में देख मां ने उसी काउंसलर का नंबर खोज निकाला, जिसने तलाक के दौरान काउंसलिंग की थी।

काउंसलर ने कहा कि यदि बेटे की पूर्व पत्नी ने कहीं शादी नहीं की है तो दोनों का रिश्ता फिर जुड़ सकता है। इसके बाद मां ने बहू को मनाने के प्रयास किए। काउंसलर से जानकारी लेने के बाद सास बहू और पोती को मनाने के लिए उनके घर पहुंच गई। उसने हर बात के लिए माफी मांगी। बाहर धरना तक दिया और कहा- यदि कोरोना संक्रमण की वजह से उनकी मृत्यु हो जाती है तो बेटे को कौन संभालेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि तुमने भी दोबारा शादी शायद इसलिए नहीं की तुम भी बेटे को चाहती हो। इसके बाद महिला रो पड़ी। छह दिन के प्रयास के बाद आखिरकार महिला के परिजन भी मान गए और रविवार को दोनों की शादी हो गई और सादगी से बहू और पोती का गृहप्रवेश हुआ।

बेटी को माता-पिता मिल गए
सरिता राजानी, काउंसलर फैमिली कोर्ट के मुताबिक, तीन साल पहले तलाक रोकने के लिए काउंसलिंग की थी। हालांकि, उसके बाद भी उनका रिश्ता टूट गया था। पुरुष की मां ने मुझसे संपर्क किया। मैंने कानूनी जानकारी देने के साथ दोनों परिवार की फिर काउंसलिंग की। कोरोना के कारण हुए लॉक डाउन ने परिवार को फिर से बसा दिया। एक बेटी को माता-पिता दोनों मिल गए।

मटका किंग रतन खत्री का मुंबई में निधन

मुंबई. भारत में सट्टेबाजी के दिग्गज माने जाने वाले ‘मटका किंग’ के नाम से मशहूर रतन खत्री का मुंबई में निधन हो गया. वह 88 साल के थे. परिवार के सूत्रों ने जानकारी दी कि वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और उन्होंने मुंबई सेंट्रल स्थित नवजीवन सोसाइटी में अपने घर में अंतिम सांस ली. सिंधी परिवार से आने वाले खत्री बंटवारे के समय अपनी युवावस्था में पाकिस्तान के कराची से मुंबई आए थे.

मटका को बदलने का जाता है श्रेय

मटका किंग के नाम से मशहूर खत्री को मटका (1962 में मुंबई में शुरू हुए जुआ के एक प्रकार मटका) को बदलने का श्रेय जाता है. इसके बाद मटका देश में भर में सट्टेबाजी का एक बड़ा रैकेट बन गया और कई दशकों तक उस पर मटका किंग कहे जाने वाले रतन खत्री का राज रहा. हालांकि भारत में किसी भी तरह का जुआ गैरकानूनी है लेकिन इसके बावजूद मुंबई में बड़े पैमाने पर मटका का कारोबार चलता रहा.

मटका में न्यूयॉर्क कॉटन एक्सचेंज में सूत के खुलने और बंद होने के दामों पर सट्टेबाजी की जाती थी. 1960 के दशक में ये मुंबई के समाज के हर वर्ग के बीच लोकप्रिय था.

खत्री ने शुरुआत में कल्याणजी भगत के साथ मिलकर काम किया था. खत्री ने भगत के साथ वर्ली मटका के मैनेजर के तौर पर काम किया. बाद में इन दोनों के रास्ते अलग हो गए. तब रतन खत्री ने ‘रतन मटका’ की शुरुआत की.

एक करोड़ तक पहुंचता था कारोबार

मटका जिसमें कि काफी सारी पर्चियां पड़ी होती थीं, उसी से ये सट्टेबाजी होती थी. इसका हर दिन का कारोबार एक करोड़ तक पहुंचता था.

सट्टेबाजी, मटका या लॉटरी नंबर गेम के तौर पर काफी प्रचलित हैं. ये सभी खेल मुंबई में अंग्रेजों के जमाने से खेले जा रहे हैं. ऐसा कहा जाता है कि मटका की लोकप्रियता के चलते उस समय न्यूयॉर्क कॉटन एक्सचेंज मार्केट खोलने और बंद करने के पैसे लिया करता था. 1960 के दशक में मटका ने मुंबई के युवाओं का ध्यान अपनी ओर खूब खींचा और ये उनके बीच काफी लोकप्रिय भी रहा. पिछले कई दशकों में कई लोगों को मटका की लत लग गई थी. खत्री के जाने के मटका और सट्टा बाजार में हलचल मच गई.