अगले 72 घंटों में भारी बारिश-ओलावृष्टि का अनुमान, मौसम विभाग ने 20 से ज्यादा राज्यों को किया अलर्ट

(Weather Alert) भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले 72 घटों में कई राज्‍यों में भारी बारिश/गरज के साथ छीटे, गरज-चमक, ओलावृष्टि हो सकती है. अगले तीन दिन तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है.

देश में मॉनसून की शुरुआत अगले महीने से हो सकती है. लेकिन, इससे पहले ही देश में प्री-मॉनसून एक्टिविटी देखी जा रही है. हफ्ते की शुरुआत से ही प्री-मॉनसून काफी सक्रिय हो गया है और अगले 72 घंटों में प्री-मॉनसून जोरदार रूप ले सकती है. देश के 20 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है. मौसम विभाग का अनुमान है कि तेज बारिश के साथ धूल भरी आंधी भी कई राज्यों को प्रभावित कर सकती है.

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले 72 घटों में कई राज्‍यों में भारी बारिश/गरज के साथ छीटे, गरज-चमक, ओलावृष्टि हो सकती है. अगले तीन दिन तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है. इससे पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. आंधी-तूफान, बिजली, तेज हवाओं के साथ खराब मौसम कई राज्यों को प्रभावित कर सकता है.

जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिनों तक आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना है. वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल की पहाड़ियों और सिक्किम में भारी बारिश का अनुमान है. ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड के मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश हो सकती है.

मौसम विभाग के मुताबिक, कई जगहों पर धूलभरी आंधी की संभावना है. ऐसी स्थिति में हवा की गति 50-60 किमी/घंटा हो सकती है. विशेषरूप से हरियाणा के अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकुला, पानीपत, सोनीपत, यमुनानगर, पानीपत, रीवापत जिलों में तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चलने की संभावना है.

मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ, पाकिस्तान से उत्तर-पश्चिम भारत के रास्ते पर पहुंच गया है. एक चक्रवाती सिस्‍टम हरियाणा के ऊपर मंडरा रहा है. इसका असर उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में भी देखने को मिल सकता है.

थंडरस्टॉर्म गतिविधि पर है फोकस

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात किसी भी समय विकसित हो सकता है. हालांकि, इसकी संभावनाएं काफी कम हैं. लेकिन, प्री-मॉनसून थंडरस्टॉर्म गतिविधि पर अब सारा फोकस है. भारत के कुछ राज्यों में हीट वेव की भी स्थिति बन रही है. इनमें तेलंगाना, विदर्भ जैसे इलाके शामिल हैं. यहां अगले दो दिनों तक ऐसी स्थिति बनी रह सकती है.

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