फसल बीमा की राशि नहीं आने से 50 गांवों के किसानों में नाराजगी

मुख्यमंत्री को प्रमाण के साथ दस्तावेज मेल किए सोनकच्छ। पहले ही कोरोना काल के चलते किसान कई परेशानियों का सामना कर रहा है। अब किसानों से बीमा कंपनियों द्वारा की गई ठगी सामने आ रही है। वर्ष 2018 में सोयाबीन की फसल में हुई नुकसान की बीमा राशि क्षेत्र के 50 गांवों के ऋणी किसानों को नहीं मिली है। गत दिनों जिला सहकारी बैंक को प्राप्त हुई क्षेत्र के कुछ किसानों की बीमा राशि को बैंकों द्वारा सेवा सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों के ऋण खातों में समायोजित किया जा रहा है। कंपनी के द्वारा जिला सहकारी बैंक के अंतर्गत आने वाली शाखा के गांव मनासा, ढाबला के साथ क्षेत्र के अन्य गांवों के किसानों की बीमा राशि अभी तक नहीं दी गई है। अन्य गांवों में एक ही पटवारी हल्का में आधे किसानों को बीमा राशि प्राप्त हो चुकी है व आधे किसानों को बीमा राशि प्राप्त नहीं हुई है। लगभग सभी किसानों द्वारा बीमें की प्रीमियम राशि जमा की गई थी। ग्राम पिलवानी के किसान बहादुरसिंह ने बताया कि सोनकच्छ क्षेत्र के अधितर ग्राम पंचायतों के किसानों को अभी तक बीमें की राशि नहीं मिली है व सभी किसानों के खातों से बैंकों द्वारा बीमे की प्रीमियम काटी गई है। हमें तो इसमें बीमा कंपनी की कोई साजिश लग रही है। क्षेत्र का किसान अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है। मनासा के किसान विजेंद्रसिंह राजपूत ने भी बताया कि जब कंपनी द्वारा सभी किसानों का फसल बीमा किया गया तो फिर सभी किसानों को बीमा क्यों नहीं दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा का लाभ सभी किसानों को मिलना चाहिए। किसानों द्वारा बीमा प्रीमियम की रसीद दस्तावेजों के साथ मुख्यमंत्री को मेल की गई है।

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