दहशत के पर्याय रहे चंबल के डकैतों में बड़ा नाम मोहर सिंह का निधन

ग्वालियर । डकैतों के आतंक की कहानियों के लिए कुख्यात चम्बल घाटी में अपने आतंक की अनगिनत कहानियां और किंवदंतियां लिखने वाले आत्मसमर्पित डकैत सरगना मोहर सिंह का आज निधन हो गया । वे 92 साल के थे ।

साठ से लेकर सत्तर के दशक तक चम्बल में दो सबसे बड़े डाकू गिरोह थे मोहर सिंह और माधो सिंह । मोहर सिंह ने 1972 में अपने गिरोह के साथ पगारा बांध पर जयप्रकाश नारायण से भेंट की और फिर 14 अप्रैल 1972 को गांधी सेवा आश्रम जौरा जिला मुरेना में अपने साथियों सहित गांधी जी की तस्वीर के सामने हथियार रखकर आत्मसमर्पण कर दिया । उस समय मोहर सिंह पर एमपी,यूपी,राजस्थान आदि राज्यो की पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था जिसका आज के अनुसार मूल्यांकन दस करोड़ से अधिक है । मोहर सिंह के खिलाफ देश के विभिन्न थानों में तीन सौ से अधिक हत्या के मामले दर्ज थे लेकिन बकौल मोहर सिंह ये गिनती बहुत कम थी ।

नगर पालिका अध्यक्ष भी बने

आत्मसमर्पण के बाद मोहर सिंह ने भिण्ड जिले के मेहगांव कस्बे को अपना घर बनाया और वही रहने लगे। वे दाड़ी रखाते थे इसलिए वे वहां दाढ़ी के नाम से ही विख्यात थे। वे हँसमुख और मिलनसार थे इसलिए हर उम्र के लोगों में उनकी खासी लोकप्रियता थी । यह इतनी ज्यादा थी कि वे एक बार नगर पालिका मेहगांव के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़े और निर्दलीय ही जीत गए । उंन्होने इस दौरान विकास के काम भी कराए । लोगो ने उनसे फिर चुनाव लड़ने को भी कहा तो उन्होंने मना कर दिया ।

कैसे बने डकैत

अपने समय के सबसे खूंखार डकैत मोहर सिंह के परिवार से  ग्राम जटेपूरा गांव में दबंगो ने उनकी जमीन छुड़ा ली थी  और पुलिस से मिलीभगत करके उन्हें कई बार थाने में बन्द भी कराके पिटवाया भी । इसके बाद मोहर सिंह डकैत हो गया और फिर उसने अपने आतंक से पूरे उत्तर भारत को दहलाकर रख दिया। समर्पण के समय इसके गैंग में 37 लोग थे । जब मोहर सिंह गैंग ने समर्पण किया तब उसके पास सारे ऑटोमेटिक हथियार थे जो पुलिस के पास भी नही थे।

ये हथियार किये थे समर्पित

समर्पण करते समय मोहर सिंह 37 साल का था । वह पूरी तरह निरक्षर था । बकौल उसके-हमने तो स्कूल का मुंह भी नहीं देखा। उसने जब समर्पण किया तो एक एसएलआर,टॉमी गन,303 बोर चार रायफल,ऑटोमेटिक  चार एलएमजी,स्टेनगन ,मार्क 5 रायफल सहित भारी असलाह गांधी के चरणों मे रखा ।

जेल भी काटी और फ़िल्म में हीरो भी बने

मोहर सिंह और माधो सिंह कहने को तो अलग-अलग गिरोह थे लेकिन दोनों के बीच खूब याराना था । मोहर सिंह द्वारा माधो सिंह का बहुत आदर किया जाता था । दोनों गैंग ने एक साथ आत्मसमर्पण किया और फिर जेल में रहकर मुकद्दमे निपटाने के बाद ही बाहर आये ।  बाद में चम्बल के डाकू नाम से एक फ़िल्म भी बनी इसमें मोहर सिंह और माधो सिंह दोनों ने अपनी भूमिकाएं भी निभाई ।

जेल में कैदी ने गुप्तांग काटकर शिवलिंग पर चढ़ाया

ग्वालियर। ग्वालियर सेंट्रल जेल में हत्या और डकैती एक में उम्र कैद की सजा काट रहे कैदी ने अपना गुप्तांग काटकर शिवलिंग पर चढ़ा दिया। घटना के बाद जेल में हड़कंप मच गया। उसे तत्काल लहूलुहान हालत में जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसका इलाज किया जा रहा है। उप जेल अधीक्षक श्री प्रभात कुमार के अनुसार मंगलवार को कैदी विष्णु पुत्र श्याम शरण रोजाना की तरह सुबह मंदिर में पूजा कर रहा था। पूजा करने से पहले उसने मंदिर का फर्श साफ किया और उसके बाद जयकारा लगाते हुए चम्मच से गुप्तांग काट लिया तथा शिवलिंग पर चढ़ा दिया। उप जेल अधीक्षक के मुताबिक विष्णु भिंड का रहने वाला है और वर्ष 2018 से ग्वालियर सेंट्रल जेल में बंद है। विष्णु हत्या और डकैती एक्ट के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने विष्णु को लहूलुहान हालत में इलाज के लिए जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं घटना के बाद से इस बात की भी चर्चा है कि विष्णु ने गुप्तांग रात में कोई सपना देखने के बाद संभवतः काटा होगा। फिलहाल विष्णु की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और उसका इलाज किया जा रहा है।

एटीएम कार्ड के बगैर भी अब निकाल सकेंगे नकदी

एटीएम कार्ड के बगैर भी अब निकाल सकेंगे नकदी
अब आप बिना एटीएम कार्ड के भी एटीएम से रुपये निकाल सकते हैं। लगभग सभी सरकारी और निजी बैंकों ने कैश ऑन मोबाइल सिस्टम शुरू कर दिया है। इसके लिए ग्राहक को सिर्फ इतना करना होगा कि उसे अपने बैंक का एप अपने मोबाइल में प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होगा। इस माध्यम से रुपये निकालने के लिए आपके मोबाइल पर ओटीपी आएगा और यह ओटीपी आपको एटीएम पर संबंधित ऑप्शन पर जाकर दर्ज करना होगा। इसके बाद नकदी आपके हाथ में आ जाएगी।

नहीं ले जाना होगा एटीएम कार्ड

बैंक अफसरों ने बताया कि अगर ग्राहक को नकदी निकालनी है तो उसे एप पर कैश ऑन मोबाइल ऑप्शन पर जाना होगा। वहां पर पिन डालने के बाद जितनी नकदी की आवश्यकता है उतना टाइप करना होगा। अगले तीन से चार सेकेंड में मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। इस ओटीपी को एटीएम मशीन में दिए गए ऑप्शान में अंकित करना होगा और नकदी निकल आएगी।

अपने बैंक के एटीएम में जाना होगा

इस सुविधा के लिए एक शर्त यह है कि आप जिस बैंक के ग्राहक हैं आपको उसी बैंक के एटीएम में जाना होगा। बैंक अफसरों ने बताया कि इसका एक फायदा यह भी है कि अगर आपको किसी को नकदी किसी दूसरे शहर में भेजनी है तो उसे एटीएम पर भेजकर आप ओटीपी बता दें वह नकदी निकाल लेगा।

पूरी तरह से रुक जाएगा एटीएम फ्रॉड

बैंक के अफसरों का कहना है कि इस सुविधा से एटीएम से होने वाले फ्रॉड पूरी तरह रुक जाएंगे। इसमें ग्राहक को एटीएम कार्ड मशीन में नहीं लगाना होगा। इससे कार्ड की क्लोनिंग नहीं हो सकेगी। शातिर अक्सर एटीएम में घुसकर कार्ड बदल देते हैं। अगर ग्राहक इस सुविधा का इस्तेमाल करे तो इस तरह की ठगी से बच सकते हैं।

Weather Update : 5 से 7 मई तक इन 23 जिलों सहित कई राज्‍यों में भारी बारिश, ओलावृष्टि का अलर्ट जारी

Weather Update : मई की गर्मी के बावजूद कुछ राज्‍यों में बारिश होने की खबरें सामने आ रही हैं। बीते 24 घंटों में कई शहरों में तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि की घटनाएं हुईं हैं। यह बेमौसम बारिश सेहत के लिए भी ठीक नहीं है और फसलों के लिए भी नुकसानदायक है। मौसम के जानकारों का कहना है कि अगले दो दिनों तक देश के कुछ राज्‍यों में बारिश की संभावना है। सबसे ज्‍यादा खतरा मध्‍यप्रदेश, छत्‍तीसगढ़ और राजस्‍थान में है। इन राज्‍यों में बीते 24 घंटों में भारी आंधी, बारिश का कहर बरपा है, जिससे काफी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने तो राजस्‍थान के 23 जिलों के लिए ऑरेन्‍ज अलर्ट जारी किया है। यानी अभी बारिश और ओले और गिरेंगे। जानिये आगे मौसम का क्‍या हाल होगा।
इन 13 राज्‍यों में बिगड़ेगा मौसम, हो सकती है मूसलाधार बारिश
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसमें पंजाब और उत्तर प्रदेश के कुछ जिले ऐसे हो सकते हैं, जहां तेज से भारी बारिश की भी संभावना है। मौजूदा मौसम का यह मौसमी सिस्टम अगले तीन-चार दिनों तक सक्रिय रह सकता है, जिससे पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और उत्तराखंड में कई जगहों पर बारिश देखने को मिलेगी। स्‍कायमेट वेदर के अनुसार अभी पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं बर्फबारी तो मैदानी इलाकों खासकर पंजाब और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में ओले गिरने की आशंका है।
इन 23 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने राजस्‍थान के जोधपुर सहित जैसलमेर , पाली , नागौर, बीकानेर,श्रीगंगानगर , चूरू , हनुमानगढ़,अजमेर , टोंक , भीलवाड़ा,झुंझुनूं , सीकर , भरतपुर , जयपुर , दौसा , करौली , धौलपुर , सवाई माधोपुर , राजसमंद , चित्तौड़गढ़ , बूंदी , कोटा जोलों में बारिश अधंड का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग का जोधपुर में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने बारिश और अंधड़ को लेकर अलर्ट जारी किया है। अंधड़ से जोधपुर समेत मारवाड़ के अन्य हिस्सों में भी तेज हवाएं, चली जिसके बाद कई इलाकों में हल्की बारिश भी हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। तेज हवाओं और हल्की बारिश से लोगो को तपन से जरूर राहत मिली, वहीं शहर के भीतरी क्षेत्र में अंधड़ से पीपल का एक पेड़ गिर गया, जिसके नीचे रखे चार पहिया और दो पहिया वाहन दब गए। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन खराब मौसम को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
अगले तीन से चार दिन बहुत नाजुक
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन दिन और प्रदेश में मौसम का मिजाज सुधरने के आसार फिलहाल कम हैं दक्षिण पश्चिम से लेकर प्रदेश के पूर्वोत्तर के कई जिलों में अगले तीन दिन अंधड़ के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है। जोधपुर में सोमवार सुबह आंशिक रूप से बादल छाए वहीं बीती रात तापमान में हुई गिरावट व सुबह करीब चार किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से बही उत्तरी हवा के असर से सुबह धूप की तपिश थोड़ी कम रही। शहर में सुबह का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड हुआ है। दिन में हल्की तपिश रही लेकिन दोपहर बाद एकदम से चली अंधड़ भारी तेज हवाओं से दिन का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के नीचे ही दर्ज किया गया, जो सांय काल तक कम ही रहा।मंगलवार को भी तेज हवाओं के साथ अलग अलग हिस्सों में हल्की बरसात की चेतावनी दी गई है।

पीपल का पेड़ गिरा, हादसा होने से टला
जोधपुर के सिवांची गेट, सिन्धियो का बास मेंं दोपहर वर्षों पुराने पीपल वृक्ष का एक बड़ा डाल तेज हवा की वजह से टूट कर गिरा। हादसे मेंं एक मकान की बालकॉनी व उनकी एक कार क्षतिग्रस्त हुई है जबकि पीपल के बिल्कुल नीचे पार्क की गई एक अन्य कार पूरी दब गई।
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होगी। इसमें पंजाब और उत्तर प्रदेश के कुछ जिले ऐसे हो सकते हैं, जहां मूसलाधार वर्षा की भी संभावना है।

— SkymetWeather (@SkymetWeather)

किसानों को फसल बेचने मंडी जाने की अनिवार्यता नहीं- शिवराज

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों को अब अपनी फसल बेचने के लिये मण्डी जाने की अनिवार्यता नहीं होगी। प्रदेश में प्राइवेट मण्डी, ई-ट्रेडिंग और व्यापारी द्वारा किसान से सीधे फसल क्रय करने की व्यवस्था की गई है। चौहान ने आज मंत्रालय में किसानों से ऑडियो ब्रिज के माध्यम से चर्चा करते हुए बताया कि प्रदेश में प्राइवेट मण्डी, ई-ट्रेडिंग और व्यापारी द्वारा किसान से सीधे फसल क्रय करने की व्यवस्था की गई है। इसका किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों की भलाई के लिये अगर जरूरी हुआ तो अन्य नियमों ओर प्रक्रियाओं में संशोधन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार की गाईडलाइन के अनुसार गेहूँ उपार्जन और मनरेगा सहित अन्य योजनाओं में श्रमिकों को रोजगार देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के इस दौर में किसानों के हित में सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। गेहूँ खरीदी का काम सरकार ने प्रारंभ कर दिया है, जो सुचारु रुप से चल रहा है। इसके साथ ही अन्य रबी फसलों को खरीदने की व्यवस्था भी की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना को नियंत्रित करने के लिये सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं। कोरोना के विरूद्ध इस जंग को हम अवश्य जीतेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के कारण वे स्वयं राज्य के किसी भी स्थान पर जाकर स्थितियाँ नहीं देख पा रहे हैं इसलिए केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार कार्य करते हुए वीडियो कान्फ्रेंसिंग, टेलीफोन, ऑडियो ब्रिज और अन्य संचार माध्यमों से आमजन से जुड़कर सरकार द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी निरंतर सभी लोगों को दे रहे हैं।

साथ ही कोरोना पर नियंत्रण के प्रयास भी कर रहे हैं। चौहान ने कहा कि कोरोना संक्रमण के संकट के मद्देनजर सोशल डिस्टेसिंग के पालन पर सभी को ध्यान देना है। आपस में दो गज की दूरी के नियम का पालन करना है। सभा और समारोह आयोजित नहीं करना है। प्रत्येक व्यक्ति फेस मॉस्क अथवा गमछे का उपयोग करे, जिससे नाक एवं मुँह ढंका रहे। इसके साथ ही, कहीं भी थूकने अथवा गंदगी फैलाने का काम नहीं होना चाहिए। हाथ मिलाने से भी बचना है। दूर से ही राम-राम करना है।

उन्होंने कहा कि पच्चीस श्रेणियों में उपभोक्ताओं को खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। प्रारंभ में तीन माह और बाद में दो माह का राशन देने की व्यवस्था की गई है। इस माह के प्रथम सप्ताह तक सभी को इसका वितरण हो जाएगा। उन्होंने आग्रह किया कि ग्राम स्तर पर कार्यकर्ता और समाजसेवी इस कार्य पर नजर रखकर सुनिश्चित करें कि सभी को पैसा प्राप्त हो जाए। उन्होंने आयुर्वेदिक काढ़े के संबंध में बताया कि यह व्यक्ति की रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने में उपयोगी है। यह काढ़ा राज्य में बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुँचाया जा रहा है।

फसल बीमा की राशि नहीं आने से 50 गांवों के किसानों में नाराजगी

मुख्यमंत्री को प्रमाण के साथ दस्तावेज मेल किए सोनकच्छ। पहले ही कोरोना काल के चलते किसान कई परेशानियों का सामना कर रहा है। अब किसानों से बीमा कंपनियों द्वारा की गई ठगी सामने आ रही है। वर्ष 2018 में सोयाबीन की फसल में हुई नुकसान की बीमा राशि क्षेत्र के 50 गांवों के ऋणी किसानों को नहीं मिली है। गत दिनों जिला सहकारी बैंक को प्राप्त हुई क्षेत्र के कुछ किसानों की बीमा राशि को बैंकों द्वारा सेवा सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों के ऋण खातों में समायोजित किया जा रहा है। कंपनी के द्वारा जिला सहकारी बैंक के अंतर्गत आने वाली शाखा के गांव मनासा, ढाबला के साथ क्षेत्र के अन्य गांवों के किसानों की बीमा राशि अभी तक नहीं दी गई है। अन्य गांवों में एक ही पटवारी हल्का में आधे किसानों को बीमा राशि प्राप्त हो चुकी है व आधे किसानों को बीमा राशि प्राप्त नहीं हुई है। लगभग सभी किसानों द्वारा बीमें की प्रीमियम राशि जमा की गई थी। ग्राम पिलवानी के किसान बहादुरसिंह ने बताया कि सोनकच्छ क्षेत्र के अधितर ग्राम पंचायतों के किसानों को अभी तक बीमें की राशि नहीं मिली है व सभी किसानों के खातों से बैंकों द्वारा बीमे की प्रीमियम काटी गई है। हमें तो इसमें बीमा कंपनी की कोई साजिश लग रही है। क्षेत्र का किसान अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है। मनासा के किसान विजेंद्रसिंह राजपूत ने भी बताया कि जब कंपनी द्वारा सभी किसानों का फसल बीमा किया गया तो फिर सभी किसानों को बीमा क्यों नहीं दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा का लाभ सभी किसानों को मिलना चाहिए। किसानों द्वारा बीमा प्रीमियम की रसीद दस्तावेजों के साथ मुख्यमंत्री को मेल की गई है।

निर्धारित समय और शर्तों के साथ खुलेगी दुकानें- कलेक्टर

शिवपुरी। भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों के तहत जिले में बाजार खोलने और परिवहन सहित अन्य गतिविधियों के संचालन में छूट दी जा रही है परंतु निर्धारित समय और शर्तों के साथ ही अनुमति दी गई है। कोरोना वायरस संक्रमण की आशंका को देखते हुए सुरक्षा और सावधानी के साथ दुकानें खोली जाएं। सामान के लिए आने वाले ग्राहकों को बाहर से ही सामान दें और उनके हाथों को सैनिटाइज कराएं। ग्राहकों की जानकारी रजिस्टर में दर्ज करें। यह निर्देश कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने सोमवार को व्यापारियों के साथ आयोजित बैठक में दिए हैं।उन्होंने कहा कि होम डिलीवरी भी अच्छा विकल्प हो सकता है ताकि दुकानों पर भीड़ ना हो।
  बैठक में पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल अपर कलेक्टर आर एस बालोदिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह कंवर, संबंधित अधिकारी और चेंबर ऑफ कॉमर्स, रोटरी क्लब, किराना व्यापारी, ज्वेलर्स, बस यूनियन, ऑटो चालक संघ आदि से अध्यक्ष सदस्य उपस्थित थे।
  बैठक में उपस्थित सदस्यों से सुझाव भी मांगे। कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने कहा अभी कोरोना वायरस से बचाव सबसे महत्वपूर्ण है और इसी के अनुसार बाजार में सही व्यवस्थाएं बनी रहे। इसे ध्यान में रखते हुए आदेश जारी किया जा रहा है। इसके साथ ही दुकानदारों की जिम्मेदारी होगी कि वह सोशल डिस्टेंस का पालन कराएं। जारी निर्देशों के अनुसार कार्य करें अन्यथा संबंधित को दुकान खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

नगरीय क्षेत्रों में दो प्रकार से खुलेगी दुकानें

  नगरीय क्षेत्र में ऐसी दुकानें जो चैड़े मार्ग पर हैं वह सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक और उसके बगल वाली दुकान 2 से शाम 7 बजे तक खुलेगी और ऐसी दुकानें जो सकरे मार्ग पर हैं जिनमें ज्वेलरी,कपड़े आदि की दुकानें हैं। उन्हें नगर पालिका द्वारा 1, 2 तथा 3 नंबर आवंटित किया गया है। एक नंबर आवंटित होने वाली दुकानें सप्ताह में दो दिन सोमवार व गुरुवार, दो नंबर आवंटित होने वाली दुकानें मंगलवार, शुक्रवार और तीन नंबर आवंटित होने वाली दुकानें बुधवार और शनिवार को सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक खोली जा सकेंगी। सैलून बार्बर शाॅप, स्पा, ब्यूटी पार्लर आदि की दुकानें पूर्णतः बंद रहेंगी।

आमजन को शाम 7 बजे तक मिलेगा पेट्रोल-डीजल

  बैठक में बताया गया कि आमजन को शाम 7 बजे तक पेट्रोल डीजल उपलब्ध कराया जाएगा। निर्धारित समय के बाद केवल अत्यावश्यक सामग्री के परिवहन में लगे वाहन और शासकीय वाहनों को ईंधन दिया जाएगा।

ऑटो चालकों के लिए निर्देश दो से अधिक सवारी ना बैठाएं

सभी ऑटो चालकों को निर्देश दिए गए हैं ऑटो में दो से अधिक सवारी नहीं बैठाना है। एक दिन में जिले में चल रहे कुल ऑटो की संख्या के 50% ऑटो ही संचालित होंगे। इसके लिए सम- विषम फॉर्मूला अपनाया जा सकता है।

ग्वालियर शहर में बन्द रहेंगी लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में खुल जाएगी शराब और भांग की दुकानें

भोपाल/ग्वालियर । शराब और भांग की दुकानें खोलने को लेकर जांरी सरकारी जद्दोजहद के बीच आज फिर एक एक फिर संशोधित आदेश जांरी हो गया । इसके अनुसार रेड जोन को भी दो भाग में बांट दिया गया । इसके अनुसार ग्वालियर में मुख्यालय यानी शहर में मदिरा और भांग की दुकाने  अभी बन्द ही रहेंगी लेकिन ग्रामीण इलाकों की दुकानें खुल जाएंगी ।

गौरतलब है कि लॉक डाउन के चलते शराब और भांग की दुकानें बीते चालीस दिनों से बन्द पड़ी है । इनके चलते एक तो राज्यो की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है क्योंकि आबकारी से आने वाला राजस्व राज्य सरकारों के खजानों का सबसे प्रमुख स्रोत होता है । दूसरे शराब माफ़िया महंगी दरों पर लगातार शराब की बिक्री कर रहा है ।यह लोग तक़ली और जहरीली शराब भी बेच रहे है । देश के अनेक इलाको में ऐसी जहरीली शराब से लोगो के मरने की भी  घटनाएं घटित हो चुकीं है । यही बजह है कि एमपी सहित ज्यादातर राज्यो ने केंद्र से शराब की दुकाने खोलने की इजाज़त देने की अपील भी की थी । एमपी सरकार ने पहले एक आदेश जारी कर 4 मई से शराब और भांग दुकान खोलने को कहा था लेकिन कुछ घण्टों बाद ही सरकार ने अपना आदेश बापिस ले लिए और घोषणा की कि ये 17 मई तक बन्द रहेगी लेकिन इसके बाद कल पूरे दिन शराब ठेकेदार और सरकार के बीच बातचीत चलती रही और अंततः एक नया आदेश जारी हुआ जिसमें रेड ज़ोन में शामिल इंदौर,भोपाल,जबलपुर और उज्जैन जिलों में दुकाने नही खुलेंगी । जब कि रेड ज़ोन के ही ग्वालियर सहित अन्य जिलों में मुख्यालय पर प्रतिबंध जांरी रहेगा लेकिन ग्रामीण इलाको में स्थित शराब और भांग की दुकानें कल से खुल जाएगी । इसी प्रकार ऑरेंज ज़ोन में भी दुकान खुल सकेंगी

शिकारियों ने वन आरक्षक की गोली मारकर हत्या की

ग्वालियर । लॉक डाउन के चलते एक तरफ जहां लोगो का आवागमन कम हो गया है ऐसे में जंगल मे जानवर स्वछंद विचरण करने लगे है इसका फायदा उठाकर शिकारी भी वनों में सक्रिय हो गए है और प्रदेश में कई जगह से वन्यजीव के शिकार की खबर मिल रही है इसीलिए वन विभाग ने जंगलों में गश्त बढाई है । ऐसे ही गश्त पर निकले एक वन आरक्षक की शिकारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी ।

घटना घाटीगाँव वन क्षेत्र स्थित करई पाटई के जंगलों की है । इस क्षेत्र में शिकारियों के सक्रीय होने की सूचना पाकर वन आरक्षक दीपू राणा सर्चिंग पर गए थे । उसी समय उनका मुकाबला शिकारियों से हो गया लेकिन जब तक वह कुछ समझ पाते तब तक उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी । एक गोली आरक्षक राणा को लगी और वे गिर गए । इसकी सूचना गाँव वालों ने पुलिस और विभाग को दी तो वे लोग पहुंचे और घायल आरक्षक को उपचार के लिए ले गए लेकिन अत्यधिक रक्तस्त्राव हो जाने के कारण वन आरक्षक ने दम तोड़ दिया ।

पुलिस ने अज्ञात शिकारियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच पड़ताल तथा घेराबंदी कर दी है।