जान से ज्यादा ‘जाम’ की चिंता, शराब की दुकानों से देखें ग्राउड रिपोर्ट

दिल्ली

लॉकडाउन के फेज थ्री का आज पहला दिन है और आज से लॉकडाउन की संपूर्ण प्रक्रिया जोन के हिसाब से बदल रही है. ग्रीन जोन को सबसे ज्यादा राहत मिल रही है. दुकानों से लेकर टैक्सी चल रही है. ऑरेंज जोन को भी राहत मिली है लेकिन रेड जोन पर सख्ती जारी रहेगी. हालांकि शराब की दुकानें तीनों जोन में खुल चुकी हैं. लॉकडाउन 3 में जैसे ही शराब की दुकानों को खुलने की हरी झंडी मिली, वैसे ही शराब की दुकानों पर भीड़ उमड़ पड़ी. शराब खरीदने की ऐसी दीवानी की सुबह दुकान खुलने से पहले कई किलोमीटर लंबी लाइनें लग गई. सोशल डिस्टेंसिंग को कुचलते हुए लोग शराब की दुकान पर उमड़ पड़े

पहले तो पुलिस ने लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की, लेकिन जब लोग नहीं माने तो हल्का बल प्रयोग कर उन्हें तितर-बितर किया और दुकानों को बंद करा दिया। लक्ष्मी नगर से लेकर करोग बाग तक, ऐसा कई जगहों पर देखने को मिला। करोल बाग के एसएचओ ने बताया कि लोग सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं कर रहे थे इसलिए हमने शराब की दुकानें बंद करा दीं। 

लॉकडाउन के तीसरे चरण में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरफ से राजधानी में कई छूट के ऐलान के एक दिन बाद ही वे लोगों को दुकान बंद करने और छूट वापस लेने जैसी दिल्लीवासियों को चेतावनी देते हुए नजर आए। केजरीवाल ने कहा कि जिस तरह राजधानी में कुछ दुकानों के बाहर लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन कर लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया है, ऐसे मामले आने पर वे उन इलाकों से लॉकडाउन में दिए छूट के आदेश को वापस ले लेंगे और उस इलाके को सील कर दिया जाएगा।

सड़क दुर्घटना में एसडीएम सहित तीन घायल

शिवपुरी। जिले की अमोला घाटी के पास करैरा एसडीएम मनोज गरवाल की सरकारी बोलेरो कार को अज्ञात वाहन ने बुरी तरह से टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में एसडीएम और कार चालक सहित गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को एंबुलेंस की मदद से शिवपुरी लाया गया है। बताया जा रहा है कि आज जिला कलेक्ट्रेट में एक टीएल मीटिंग का आयोजन किया गया था जिसमें शामिल होने करेरा एसडीएम मनोज गरवाल करेरा से शिवपुरी आ रहे थे। तभी उनकी कार सामने से आ रहे अज्ञात वाहन से टकरा गई। हादसे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर होने के बाद एसडीएम की कार आगे से पूरी तरह से चकनाचूर हो गई। जिला अस्पताल में कई आला अधिकारी मौजूद।

थोड़ी सी छूट क्या मिली सड़को पर उमड़ पड़ी भीड़

ग्वालियर । देश मे अभी लॉक डाउन चल रहा है और 17 मई तक के लिए इसे बढ़ाया गया है लेकिन आज ग्वालियर में प्रशासन ने लोगो को थोड़ी सी राहत दी तो लोग सड़कों पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते नज़र आये । महाराज बाड़ा हो या हजीरा या मुरार हर जगह सड़को पर जबरदस्त भीड़ नज़र आई ।

ग्वालियर में 20 मार्च से जनता कर्फ्यू और फिर लॉक डाउन चल रहा है । फिर स्थिति का आकलन करते हुए प्रशासन थोड़ी थोड़ी छूट देता रहा ताकि लोगो को राजमर्रा की जीवनोपयोगी तथा कृषि कार्यो से संबंधित वस्तुएं मिलती रही ।

लॉक डाउन के तीसरे चरण के लिए सरकार ने जो गाइडलाइन जांरी की है उंसके अनुसार कुछ छूट दी गई है । ग्वालियर अभी रेड ज़ोन में है इसलिए यहां ज्यादा रियायतें नही दी जा सकती। । बावजूद प्रशासन ने जो रियायतें दीं उससे ही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती नज़र आईं ।

प्रशासन के आदेशानुसार आज से खेरिज किराना दुकान खोलने की छूट दी गई है । साथ ही दोपहर तक मेडिकल स्टोर्स भी खुले रहेंगे । हालांकि लोगों के अनावश्यक घर से निकलने पर मनाही की गई थी ताकि दूरियां बरकरार रहें

लेकिन सुबह होते ही लोग अपनी दुपहिया और चार पहिया गाड़ियों पर सड़को पर ऐसे निकल पड़े जैसे पक्षी या जानवर पिजरे से निकल आते है ।

कई जगह जाम की स्थिति

बाज़ार खुलते है सुबह से ही अनेक इलाको में जाम की स्थिति पैदा हो गई। महाराज बाड़े के आसपास के बाजारों में भीड़ बढ़ गई क्योंकि मेडिकल स्टोर्स,दूध ,ब्रेड और बैंक खुलने के कारण भीड़ बढ़ गई । इसके अलावा दाना ओली,जनकगंज,माधोगंज,फलका बाजार,हजीरा,सदर बाजार मुरार में भी भीड़ के कारण सड़को पर चक्काजाम की स्थिति पैदा हो गई ।

पुलिस ने कराया रास्ता साफ

हालांकि पुलिस आज काफी उदार भाव मे दिखी लेकिन जहां भी ज्यादा भीड़ नज़र आई या फिर ऐसी शिकायत पहुंची वहां पुलिस ने पहुंचकर लोगो को हड़काया भी और रास्ता साफ भी कराया । कुछ स्थानों पर चालान भी बनाये ।

लोग नही माने तो फिर होगी कड़ाई

प्रशासनिक और पुलिज़ सूत्रों का कहना है कि ग्वालियर अभी रेड ज़ोन में है जो खतरनाक दायरे में आता है लिहाजा बहुत ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है और लोगों ने यदि मिली हुई छूट का दुरुपयोग किया और शोसल डिटनसिंग का पालन नही किया तो प्रशासन को अपने द्वारा दी गई छूट को वापिस लेने का निर्णय लेना पड़ सकता है ।

सोनिया गांधी का ऐलान- घर लौटने वाले मजदूरों की रेल यात्रा का खर्च उठाएगी कांग्रेस

नई दिल्ली: देश में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को ऐलान किया कि देशभर में फंसे मजदूरों के घर वापस जाने के लिए रेलयात्रा का खर्च कांग्रेस पार्टी उठाएगी. कांग्रेस ने ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी व इस बारे जरूरी कदम उठाएगी.’ पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी का बयान ट्वीट किया गया है.

सोनिया गांधी ने कहा है, ‘श्रमिक व कामगार देश की रीढ़ की हड्डी हैं. उनकी मेहनत और कुर्बानी राष्ट्र निर्माण की नींव है. सिर्फ चार घंटे के नोटिस पर लॉकडाऊन करने के कारण लाखों श्रमिक व कामगार घर वापस लौटने से वंचित हो गए. 1947 के बंटवारे के बाद देश ने पहली बार यह दिल दहलाने वाला मंजर देखा कि हजारों श्रमिक व कामगार सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल घर वापसी के लिए मजबूर हो गए. न राशन, न पैसा, न दवाई, न साधन, पर केवल अपने परिवार के पास वापस गांव पहुंचने की लगन. उनकी व्यथा सोचकर ही हर मन कांपा और फिर उनके दृढ़ निश्चय और संकल्प को हर भारतीय ने सराहा भी. पर देश और सरकार का कर्तव्य क्या है? आज भी लाखों श्रमिक व कामगार पूरे देश के अलग अलग कोनों से घर वापस जाना चाहते हैं, पर न साधन है, और न पैसा. दुख की बात यह है कि भारत सरकार व रेल मंत्रालय इन मेहनतकशों से मुश्किल की इस घड़ी में रेल यात्रा का किराया वसूल रहे हैं. ‘

साथ ही उन्होंने कहा, ‘श्रमिक व कामगार राष्ट्रनिर्माण के दूत हैं. जब हम विदेशों में फंसे भारतीयों को अपना कर्तव्य समझकर हवाई जहाजों से निशुल्क वापस लेकर आ सकते हैं, जब हम गुजरात के केवल एक कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रु. ट्रांसपोर्ट व भोजन इत्यादि पर खर्च कर सकते हैं, जब रेल मंत्रालय प्रधानमंत्री के कोरोना फंड में 151 करोड़ रु. दे सकता है, तो फिर तरक्की के इन ध्वजवाहकों को आपदा की इस घड़ी में निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकते?’

दिल्ली में खुली शराब की दुकानें, इतनी भीड़ उमड़ी कि करनी पड़ीं बंद

दिल्ली में लंबे वक्त के बाद खुलीं शराब की दुकानेंभीड़ अधिक होने के कारण पुलिस ने कई दुकानें बंद करवाईं

लॉकडाउन 3.0 में जनता को कई तरह की रियायत मिली हैं. दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सुबह से हलचल दिख रही है. इस बार शराब की दुकानें भी खुल गई हैं, ऐसे में सोमवार को दिल्ली की शराब की दुकानों के बाहर भारी भीड़ नज़र आई. भीड़ इतनी ज्यादा हो गई कि कई इलाकों में दिल्ली पुलिस को दुकानें बंद करवानी पड़ी.

गौरतलब है कि 24 मार्च के बाद से ही देशभर में लॉकडाउन की वजह से शराब की दुकानें बंद थीं. अब जब लॉकडाउन का तीसरा फेज़ आया है, तो शराब-पान-गुटखा की दुकानों को खोल दिया गया है.

सोमवार को जब दुकानें खुलीं तो सुबह आठ बजे से ही लंबी-लंबी कतारें शराब की दुकानों के आगे खुल गईं. इस दौरान यहां पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती हुई नज़र आई, कई जगह 2-2 किमी. लंबी लाइनें लगी थीं. इसी के चलते अब दिल्ली पुलिस ने कुछ दुकानों को बंद करवा दिया है, क्योंकि भीड़ बेकाबू हो रही थी. कश्मीरी गेट के पास पुलिस को हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को हटाना पड़ा.

पुलिस की ओर से कृष्णानगर में खुली शराब की दुकान को भी बंद करवाया गया, क्योंकि यहां पर लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे थे. हालांकि, अभी शराब की दुकानों को बंद करवाने का कोई आधिकारिक आदेश सामने नहीं आया है.

बता दें कि शराब की बिक्री से राज्य सरकार के राजस्व का एक बड़ा हिस्सा आता है, ऐसे में लंबे वक्त से मांग की जा रही थी कि इन दुकानों को खोल दिया जाए.

लॉकडाउन-3 में दिल्ली समेत कई इलाकों में काफी छूट दी गई हैं. दिल्ली अभी रेड जोन में है लेकिन उसके बावजूद राज्य सरकारों ने कुछ छूट देने का ऐलान किया है. इस दौरान जरूरत की दुकानों के अलावा गली-मोहल्लों में सभी तरह की इक्की-दुक्की दुकानें खोलने की भी छूट है. दिल्ली में प्राइवेट दफ्तरों को भी खोला गया है, जहां पर 33 फीसदी स्टाफ उपस्थित रह सकेगा.

इंदौर: थोक कारोबारियों को माल भेजने की इजाजत, आम आदमी की गतिविधियों पर रोक, बेवजह निकले तो सीधे जेल भेजा जाएगा

इंदौर. लॉकडा‌उन 3.0 सोमवार से शुरू हो गया है।केंद्र ने गाइडलाइन जारी कर कई तरह की रियायतें देने की बात कही है, लेकिन हॉटस्पॉट में शामिल इं‌दौर में इसे लेकर प्रशासन अलर्ट है। अधिक छूट देने के बजाय सख्ती कर कोरोना की चेन तोड़ने औरऔद्योगिक गतिविधि शुरू करने परजोर है। प्रशासन ने कंटेनमेंट एरिया में सख्ती और बाहर रियायत को भी खतरनाक माना है इसलिए पूरे शहर में ही एक जैसी सख्ती लागू रहेगी। कलेक्टर मनीष सिंह ने तीसरे लॉकडाउन को लेकर बताया कि स्थिति पहले से 80 फीसदी नियंत्रण में आ गई है, लेकिन अभी 15 दिन तक सख्ती जरूरी है। घर से बेवजह निकलने की मंजूरी तो नहीं देंगे, दो सप्ताह बाद शहर की स्थिति देखने के बाद चरणबद्ध तरीके से आगे राहत मिलेगी। बेवजह निकले तो सीधे जेल भेजेंगे। इसके अलावा थोक कारोबारियों को अनुमति दे रहे कि वह जिले के बाहर माल भेजें। 99% दाल, आटा, बेसन मिलों को खोलने की मंजूरी दी है, बाकी को एक-दो दिन में देंगे।

मेरे शहर में किन-किन चीजों की परमिशन होगी, क्या-क्या छूट होगी, क्या-क्या सर्विस खुलेगी

चार पहिया-दोपहिया वाहन, ऑटो, टैक्सी, कैबनहींकिराना-मोबाइल-स्टेशनरी-कपड़े की दुकानेंनहीं33% स्टाफ के साथ निजी दफ्तर खुलेंगेनहींइलेक्ट्रिशन, प्लंबर, कारपेंटर सेवाएंआंशिक मंजूरी देंगेओपीडी और मेडिकल क्लिनिकहांशराब, पान दुकान, स्पा और सैलूननहीं50% यात्रियों के साथ बसें चलेंगीनहींशहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कंस्ट्रक्शन वर्कमनरेगा में निर्माण कार्य को मंजूरीई कॉमर्स से जरूरी सामान मंगा सकेंगे (सिर्फ खाद्य सामग्री)हांआईटी सेवाएं-डेटा कॉल सेंटरनहींदाल, आटा, बेसन मिलें99% शुरूग्रामीण क्षेत्रों में औद्याेगिक इकाइयां225 को मंजूरीशहरी क्षेत्र में उद्योगों का माल परिवहन317 को मंजूरीथोक कारोबारियों के लिए माल लोड-अनलोड सुविधाअनुमति दे रहेजहां साइट पर श्रमिक हों, निर्माण कार्य शुरू होंगेग्रामीण क्षेत्र में

अभी सख्ती, लेकिन कोराेना के रहते कैसे काम करना है, इसकी तैयारी पूरी

ऑटोमोबाइल : ग्राहकों को वीडियो कॉल से गाड़ी पसंद कराएंगे, ऑनलाइन डॉक्यूमेंट बुलाकर गाड़ी भेजेंगे घर। डिमांड बढ़ने की संभावना, क्योंकि कोरोना के चलते लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर से बचेंगे। छोटी व मध्यम श्रेणी की गाड़ियां ज्यादा बिकेंगी।इंडस्ट्रीज : 30 और 50% श्रमिकों के साथ काम करने पर जोर देंगे। कैंपस में ही श्रमिकों के आवास बनाने की योजना भी शुरू हो सकती है। बाहर से श्रमिक बुलाना कम होगा।व्यापार-बाजार: थोक कारोबारी ऑनलाइन ऑर्डर लेकर डिलीवरी करने पर जोर देंगे। रिटेल में होम डिलीवरी सिस्टम स्ट्रांग होगा।शॉपिंग मॉल्स: हर माॅल के बाहर एक सैनिटाइजेशन टनल, थर्मल स्क्रीनिंग के साथ मेडिकल टीम रहेगी। एक लिमिट के बाद इंट्री बंद रहेगी, ताकि मॉल में एक समय में 200-300 लोग ही रहें।आईटी : वर्क फ्रॉम होम में पूरी क्षमता से काम चल रहा। दफ्तरों की सीटिंग क्षमता आधी करेंगे।आईआईटी-आईआईएम: बीटेक, एमटेक, एमएससी, एमएस और पीएचडी छात्रों को कोर्स ऑनलाइन भेज रहे। आईआईएम में करीब 1900 छात्रों को ऑनलाइन इंटरव्यू के लिए चुना है। 4 मई तक इंटरव्यू पूरे होंगे।होटल-रेस्त्रां : टेबलों के बीच दूरी बढ़ाएंगे। हर ग्राहक के जाने के बाद सैनिटाइज करेंगे।बैंक : बैंकों में ग्राहकों से दूरी के लिए चिह्न बना दिए हैं, रस्सियां लग गई हैं, कर्मचारी भी दूर बैठते हैं। निजी ऑफिस रोस्टर से काम करेंगे, रविवार को भी खुलेंगे।सरकारी दफ्तर : ऑनलाइन सेवा, लोक सेवा गारंटी पर अधिक जोर रहेगा। जनसुनवाई फिलहाल नहीं होगी, ऑनलाइन शिकायतें लेंगे। हर दफ्तर के प्रवेश द्वार पर स्क्रीनिंग होगी।पुलिस : एफआईआर ऑनलाइन पोर्टल से ली जाएगी। बदमाशों की कोर्ट पेशी भी ऑनलाइन से करवाने की कोशिश है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जवान पीपीई किट पहनकर जाएंगे। ब्रिथ एनालाइजर का प्रयोग बंद होगा।यूनिवर्सिटी : डीएवीवी का 75 दिन का एक्शन प्लान लगभग तैयार है। एडमिशन की 90 फीसदी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। परीक्षा में पेपर 3 के बजाय 2 घंटे का होगा। एक टेबल पर एक छात्र बैठेगा, वह भी मास्क लगाकर।स्कूल: कई सीबीएसई स्कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की। सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र ने आकाशवाणी से शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किया है।धार्मिक स्थल : कोई बड़ा आयोजन या समागम नहीं होगा। प्रसाद, हार-फूल के इस्तेमाल पर रोक लगेगी, बड़े मंदिरों के प्रवेश द्वारों पर लगेंगे सैनिटाइजेशन गेट। मस्जिदों में कम लोग जाएंगे, घर से नमाज पढ़ेंगे।

डॉक्टरों ने बनाई अनोखी संजीवनी वैन बगैर पीपीई किट पहने की जा सकेगी सेम्पलिंग

छतरपुर /पर्यटन नगरी खजुराहो में ना सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत में अपने तरह की कोरोनावायरस परीक्षण हेतु संजीवनी बैंन का निर्माण किया गया है जो स्थानीय प्रशासन की पहल एवं डॉक्टरों की खोज से यह पूर्णता होममेड संजीवनी बैन है ।
अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश सहित संपूर्ण उत्तर भारत में इस तरह की पहली बैंन निर्मित की गई है जो पूरी तरह से स्थानीय संसाधनों एवं स्वयं की पहल व खोज का नतीजा है । उक्त बैन वातानुकूलित होने के साथ ही पूर्णता सुरक्षित भी है एवं सोशल डिस्टेंस के मापदंडों को भी निर्धारित करता है टेंपरेचर पैरामीटर के माध्यम से स्क्रीनिंग कर अंदर बैठकर डॉक्टर मरीज का परीक्षण कर सकेंगे जो कि एक ऐप के माध्यम से डाटा तैयार होगा अतः पेपरलेस चिकित्सा प्रणाली का यह बहुत बड़ा उदाहरण है ।
उक्त बैन का उपयोग वायरस संक्रमित क्षेत्रों में जाकर स्वास्थ्य परीक्षण करना है साथ ही क्षेत्र के बाहर भी आवश्यकता पड़ने पर उक्त वाहन डॉक्टरों की टीम के साथ जाएगी एवं स्वास्थ्य परीक्षण करेगी,

सियासत : काँग्रेसी विधायक ने 50 लाख देकर CM को लिखा पत्र और सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

बिहार। विधायक जी ने कोरोना संक्रमण से लड़ाई के लिए मुख्‍यमंत्री राहत कोष में 50 लाख रुपये दिए। फिर बाद में कहा कि गलती हो गई, वापस दीजिए।इसके लिए उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिख कर इसके पीछे के कारण बताए। साथ ही लॉकडाउन को ले विवादित बयान देते हुए उसकी तुलना नोटबंदी से ककर दी। कहा कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी के बाद अब तालाबंदी कर लोगों के समक्ष मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। घटना बिहार के किशनगंज स्थित बहादुरगंज के कांग्रेस विधायक तौसीफ आलम से जुड़ी है।
एक ओर पूरी दुनिया के सामने इस समय कोरोना से जंग का मुद्दा है, वहीं दूसरी ओर बिहार में इस महामारी के समय भी सियासत परवान चढ़ रही है। ताजा मामला इसी की एक कड़ी है।
कांग्रेस विधायक ने पत्र लिखकर रखी राशि वापसी की मांग
कांग्रेस विधायक ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से राहत कोष में दी गई राशि वापस करने की मांग की है। मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर उन्होंने कोविड-19 महामारी को लेकर विधायक मद की 50 लाख की राशि वापस देने की मांग की है।

लॉकडाउन के दौरान राहत देने में सरकार को बताया विफल
बहादुरगंज विधायक तौसीफ आलम ने बीते 29 अप्रैल को मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को एक पत्र लिखा कि उन्‍होंने कोरोना से लड़ाई के लिए 50 लाख रुपये की जो राशि मुख्‍यमंत्री राहत कोष में दी है, उसे वापस कर दिया जाए। उन्‍होंने आरोप लगाया कि लॉकडाउन के दौरान राज्‍य सरकार आम जनों को राहत पहुंचाने व आप्रवासियों की मदद में विफल रही है। उनके बहादुरगंज विधानसभा क्षेत्र में सैनिटाइजर, मास्क, साबुन व सूखा राशन का वितरण नहीं किया गया है। दूसरे राज्यों में फंसे विधानसभा क्षेत्र के कामगारों व अन्‍य लोगों में 90 फीसद को कोई सहायता नहीं मिल पाई है।
कहा: पैसा मिलते ही अपने स्‍तर से लोगों की करेंगे सहायता
विधायक ने लिखा है कि उन्‍होंने जिस मकसद से राहत कोष में विकास योजनाओं की राशि दी, वह पूरा होता नहीं दिख रहा है। इस कारण सरकार अविलंब उनके द्वारा दिए गए 50 लाख रुपये वापस करे। उन्होंने कहा कि‍ राशि वापस मिलते ही वे अपने स्तर से लोगों के बीच राहत मुहैया कराएंगे।

ग्वालियर में रोज खुलेंगी किराना दुकानें

ग्वालियर. ग्वालियर रेड जोन में होने के कारण 40 दिन बाद (25 मार्च के बाद से) कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने मामूली रियायत दी है। वर्तमान में जिन सेक्टर को छूट है, उन्हें आगे भी जारी रखा गया है। किराना फुटकर दुकानें रोज खुलेंगी जबकि सब्जी अब दोपहर 2 बजे तक मिलेगी। वहीं बाहर से किसी का भी प्रवेश नहीं होनेदिया जाएगा।

कॉपी-किताब के साथ कॉलोनी और मोहल्लों की दुकानों को भी छूट

दूध-ब्रेड, अंडा : सुबह 9 बजे तक।किराना : थोक दुकानें 4,6,8,10,12,14,16 मई और खेरीज दुकानें रोज सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक।फल-सब्जी : फल मंडी रात 12 से सुबह 4 बजे तक खुलेंगी। थोक व फुटकर सब्जी और फल की फुटकर बिक्री दोपहर 2 बजे तक हाथ ठेलों से हो सकेगी।ऑटोमोबाइल: कंपनियों के शोरूम व वर्कशॉप पर वाहनों की सर्विस, पार्ट्स बिक्री सुबह 10 से 4 बजे तक।इलेक्ट्रोनिक: एसी, फ्रिज, कूलर, पंखे व अन्य आयटम कंपनी के गोदाम से सुबह 10 से 4 बजे तक बुक कर होम डिलीवर किए जा सकेंगे।छोटी दुकानें: एकल दुकानें जिनसे किराना और कॉपी-किताब की बिक्री होती है, वे खुल सकेंगी।होम डिलीवरी: सभी आवश्यक वस्तुएं सर्व एप, नमस्ते इंडिया, स्विगी, जमेटो, ऐमेजॉन, फ्लिप कार्ड से ऑनलाइन मंगवाई जा सकेंगी।कृषि क्षेत्र: शहर में कृषि उपकरण, पशु आहार, मुर्गीदाना, टायर, पंचर की दुकानें सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक खुलेंगी। ग्रामीण क्षेत्र के सभी बाजार और दुकानों पर कोई प्रतिबंध नहीं। तिरपाल और रस्सी की दुकानें 10 से 4 बजे तक खुलेंगी।दवा: बाड़ा क्षेत्र व अस्पताल, नर्सिंग होम परिसर में संचालित दुकानें पूरे समय जबकि अन्य स्थानों की दवा दुकानें सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक खुलेंगी। थोक दुकानें शाम 6 बजे तक खुलेंंगी।पेट्रोल पंप: चुनिंदा पेट्रोल पंप को छोड़कर शहर व हाईवे के पेट्रोल पंप सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक खुले रहेंगे।बैंक व गैस: सभी बैंक, सीएससी सेंटर, बीमा कंपनी, एटीएम, गैस सिलेंडरों की सप्लाई नियमित होगी।संचार कंपनी: दूर संचार, आइडिया, रिलायंस, जियो, एयरटेल और वोडाफोन सहित अन्य कंपनी के पंजीकृत दफ्तर व स्टोर खुलेंगे।दफ्तर: राज्य व केंद्र के सभी दफ्तर खुलेंगे। राज्य के दफ्तरों में सभी अधिकारी आएंगे पर कर्मचारी रोस्टर के आधार पर 33 फीसदी आ सकेंगे।घरेलू आयोजन: शादी कार्यक्रम घर में होंगे। एक समय में 20 से अधिक लोग नहीं रहेंगे। किसी सदस्य का निधन होने पर अंत्येष्टि में सिर्फ 20 लोग शामिल हो सकेंगे।उद्योग-कंपनी: ग्रामीण क्षेत्र में बिना मंजूरी के प्रतिबंध से मुक्त, शहर मेंं वाणिज्यिक, निजी उद्योग व कंपनी को मंजूरी लेने के बाद छूट, अन्य पर प्रतिबंध।स्वास्थ्य: प्राइवेट अस्पताल, लैब, नर्सिंग होम, एंबुलेंस और डिस्पेंसरी आदि खुलेंगी।निर्माण: शहर में सरकारी व ग्रामीण क्षेत्र में सभी निर्माण कार्य हो सकेंगे। इनके लिए लोहा, सीमेंट, स्टील व अन्य सामग्री की सप्लाई की दुकानें सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक खुलेंगी।चश्मा दुकान: नए चश्मे की बिक्री व पुराने की मरम्मत करने वाली दुकानें सुबह 10 से शाम 4 बजे तक खुलेंगी।चक्की: आटा, बेसन, मसाला पिसाई केंद्र व चक्की सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुलेंगी।ट्रांसपोर्ट: ट्रांसपोर्ट नगर में माल वाहक वाहनों की एंट्री सुबह 10 से शाम 4 बजे तक होगी। वाहनों के आने जाने के मार्ग अलग-अलग रहेंगे।शराब-भांग: सभी दुकानें आबकारी आयुक्त के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी द्वारा जारी आदेश के आधार पर खुलेंगी।परिवहन: दो पहिया वाहन पर एक जबकि चार पहिया वाहन में तीन लोग बैठ सकेंगे। इनमें एक ड्राइवर भी शामिल।हाईवे: ढाबे खुल सकेंगे पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ। यहां पर ट्रक मरम्मत की दुकानें भी खुल सकेंगी।मांस-मछली: बुधवार, शुक्रवार, रविवार को सुबह 6 से 9 बजे तक खुल सकेंगी।

ये कारोबार अभी नहीं होंगे

स्पा सेंंटर, हेयर कटिंग सेलूनचाय-नाश्ताशाम को दूध की बिक्रीमोबाइल दुकानेंशहर के मुख्य बड़े बाजारमॉल-सिनेमाघरहोटल, रेस्टारेंटभोजनालयसवारी वाहनमिठाई-नमकीनज्वेलरी-गारमेंटजूते, चप्पलकाॅस्मेटिकपान, तंबाकू, गुटखा की दुकानेंजिम, व्यायाम शाला और स्वीमिंग पूलस्कूल-कॉलेज, कोचिंग संस्थानकिताब-कॉपी का मुख्य मार्केट

नोट-कंटेंनेमेंट एरिया बहोड़ापुर, पिछोर में प्रतिबंध पहले की तरह जारी रहेंगे