गेहूं खरीदीः एसएमएस नहीं आने से किसान बेच रहे औने पौने दामों पर अपना माल.

एक तरफ बार बार मौसम करवट बदल कर किसी भी समय पानी बरसाने लगता है दूसरी तरफ जहां सरकार अपने को किसान हितेषी बताकर किसानों को रिझाने का प्रयास कर रही है। शिवपुरी गुना जबलपुर और सारंगपुर विकासखंड के खरीदी केंद्र पड़ाना, हराना, भैंसवामाता, मऊ, पीपल्यापाल, टिकेाद, पटाडिया धाकड़, सुल्तानिया, उदनखेडी, संडावता, पाड़ल्यामाता, तलेनी, धामंदा, सारंगपुर, बालोड़ी सहित 24 खरीदी केंद्रों से मिली जानकारी के अनसुार छोटे किसानों को एसएमएस पहुंचकर गेहूं मंगवाकर उनकी खरीदी की जा रही है। लेकिन बड़े किसानों के लिए फजीहत हो रही है जितने का पंजीयन करवाया था उनका कोई एसएमएस राज्य सरकार के द्वारा नहीं भेजा रहा है। ऐसे में वे कम रेट पर मजबूरी में अपना अनाज दूसरी जगह पर बेच रहे है। छोटे किसानों ने जब अपना गेहूं खरीदी केंद्र बेचा था तो उम्मीद थी कि उनको राज्य सरकार शीघ्र राशि उपलब्ध करा देगी। कई खरीदी केंद्रों पर अभी तक किसानों को अपनी उपज की राशि प्राप्त नहीं हुई है। वहां दूसरी तरफ इससे परेशान होकर जब छोटे एवं बड़े किसान मंडी में अपना गेहूं बेचने जा रहे है तो किसानों के साथ व्यापारीगण अपनी मनमर्जी कर रहे है। गेहूं को 1600 रुपए से 1800 रुपए तक ही खरीद रहे है। उसमें भी पहले सैंपल ले जाकर दिखाना पड रहा है। 16 खरीदी केंद्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक 3538 किसानों से 108950 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। जिसका भंडारण प्रशासन के द्वारा चिन्हित किए गए भंडारण केंद्र पर भंडार किया जा रहा है।
सरकार पूरी तरह से फेल
सरकार की गेहूं खरीदी योजना पूरी तरह से फेल हो गई है। छोटे किसानों के गेहूं तो खरीद लिए गए है लेकिन उनकी राशि नहीं आई है। जबकि बड़े किसानों को एसएमएस नहीं आ रहे है।,,
मोहन पाल किसान पीपल्यापाल
नहीं कोई सुनने वाला
किसानों की कोई सुनने वाला नहीं है बडा किसान होने के कारण एसएमएस नहीं आ रहा है। मंडी में उपज दिखाने पर जो भाव मिलना चाहिए वहां नहीं मिल पा रहा है।,,
महेश खाती, किसान, पड़ाना।

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