बीमारी के बहाने गए वहां से लाये दुल्हनें और एक कोरोना संक्रमित महिला

मुरैना । दो युवकों ने बीमारी का इलाज कराने के नाम पर पास बनवाया । आगरा गए तो वहां शादी कर ली । दुल्हनों सहित लौटते में अपनी गाड़ी में एक महिला और उसके पति को भी बिठा लिया । महिला निकली कोरोना पीड़ित तो पांच लोगों के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया मुकद्दमा।

घटना मुरैना के कोरोना पीड़ित के पहुंचने की है । मुरैना कुछ दिनों पहले  कोरोना मुक्त हो चुका था कि एक महिला अचानक पॉजिटिव निकल पड़ी । दरअसल लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि एक युवक अपनी पत्नी के साथ आगरा से लौटा है । महिला का नाम विमलेश राठौर है ।  पुलिस और प्रशासन की टीम ने तत्काल कार्यवाही कर उस परिवार को कोरेन्टीन कराया और महिला का सेम्पल लिया । जांच रिपोर्ट आई तो प्रशासन के हाथ पांव फूल गए । महिला पॉजिटिव थी । पहला सवाल तो चेकिंग व्यवस्था पर है कि सीमा पर इतनी कड़ी चेकिंग के बावजूद यह शहर में आ कैसे गए । इन्हें रोका क्यों नही गया?

उधर पॉजिटिव आने के बाद जब इस महिला की ट्रेवल हिस्ट्री तलाशी गई और संपर्क में आये लोगो की सूची बनी तो बड़ा ही चौंकाने वाला तथ्य प्रकाश में आया । यह लोग एक पास वाली गाड़ी से आगरा से आये थे इसलिए सीमा पर कोई दिक्कत नही हुई ।

    पता चला कि यह पास एक मुस्लिम युवक ने यह कहकर बनवाया था कि उसे अपने भाई के इलाज के लिए आगरा ले जाना है । वे दोनों एक गाड़ी किराए से ले गए । दरअसल उंन्होने झूठ बोलकर पास बनवाया था । वे आगरा अपनी पूर्व निर्धारित शादी करने गए थे । लॉक डाउन में रोक के चलते वे दोनों बारात की जगह अकेले ही गए । वहां उन्होंने गुपचुप शादी की और  दुल्हनों के साथ लौट रहे थे तो वही यह राठौर दंपत्ति भी मिल गया। राठौर भी अपनी पत्नी विमलेश की विदा कराने आगरा आया था लेकिन साधन न होने से फंस गया था लौट नही पा रहा था इसलिए उन्हें भी अपने वाहन से  मुरैना ले चलने का आग्रह किया । सभी लोग आराम से मुरैना आ गए । इनमे से महिला पॉजिटिव निकल गयी । अब सबके सेम्पलिंग कराई गई हैं ।

यह तथ्य प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने दोनों मुस्लिम भाइयों सहित पांच लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए है । इनमे कोरोना पीड़ित महिला के पति आनंद राठौर,गाड़ी का मालिक शामिल है ।

कोरोना पर किसका दावा सच? ट्रंप को ‘झुठला’ कर बोला WHO- चीनी लैब से नहीं आया वायरस, बल्कि…

कोविड-19 को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि चीन स्थित वुहान शहर के लैब से ही कोरोना वायरस आया है, जो फिलहाल दुनियाभर में तबाही मचा रहा है। मगर डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे के बिलकुल विपरीत विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्लूयएचओ के डॉक्टरों का मानना है कि कोरोना वायरस प्राकृतिक रूप से पैदा हुआ है, न कि चीनी लैब से। दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के प्रयोगशाला में बनाये जाने के सिद्धांतों को खारिज कर दिया और कहा है कि वह इसके स्रोत का पता लगायेगा ताकि दुबारा यह जानवरों से इंसानों में न आ सके। इस वायरस के कारण दुनिया भर में फैली महामारी ‘कोविड-19’ पर शुक्रवार को डब्ल्यूएचओ की नियमित प्रेस वार्ता में अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमन आपदा समिति की रिपोर्ट जारी की गई। 

लैब से फैलने की बात का किया खंडन
समिति ने कोरोना वायरस के स्रोत का पता लगाने की सिफारिश की है। इस संबंध में पूछे जाने पर डब्ल्यूएचओ के स्वास्थ्य आपदा कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक डॉ. माइकल जे. रेयान ने कहा कि समिति की इस सिफारिश पर अमल किया जायेगा। हालांकि, उन्होंने कुछ वैज्ञानिकों के वायरस के प्रयोगशाला में बने होने के सिद्धांत को खारिज करते हुए कहा कि यह वायरस प्राकृतिक है।

कोरोना वायरस प्राकृतिक है: डब्लूएचओ 
डब्लूएचओ के डॉ. रेयान ने कहा, ‘वुहान में वायरस के मूल के बारे में हमने बार-बार कई वैज्ञानिकों की राय सुनी है, जिन्होंने इस वायरस और संक्रमण फैलने के क्रम का अध्ययन किया है। हम पूरी तरह आश्वस्त हैं कि यह वायरस प्राकृतिक है। इस वायरस के प्राकृतिक आश्रय (जिस जीव में यह प्राकृतिक रूप से पाया जाता है) का पता लगाना महत्वपूर्ण है ताकि हम वायरस को और बेहतर समझ सकें। हम यह समझ सकें कि उस जीव के संपर्क में इंसान कैसे आया और इस क्रम में वायरस से इंसान किस प्रकार संक्रमित हो गया।’

डब्लूएचओ ने की चीन की तारीफ
उन्होंने कहा कि इस अध्ययन का उद्देश्य जन स्वास्थ्य के अनिवार्य उपाय करना है ताकि ऐसा दुबारा कहीं भी न हो सके। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ इस पर काम कर रहा है और स्थानीय प्रशासन को इस अध्ययन में पूरा समर्थन देगा। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चीन में वुहान के अस्पतालों में कोरोना वायरस के किसी मरीज के भर्ती न रहने संबंधी खबरों का स्वागत किया और इस महामारी से निपटने में यहां के लोगों के अथक प्रयासों की सराहना की।

वुहान लैब पर ट्रंप ने क्या कहा था
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कहा कि उन्हें भरोसा है कि कोरोना वायरस चीन की प्रयोगशाला से उत्पन्न हुआ है और वह चीन के खिलाफ इस महामारी के अपयार्प्त प्रबंधन मामले में  दंड़ के तौर पर आयात शुल्क बढ़ा सकते हैं। ट्रंप ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा था कि उन्होंने सभी सबूतों की जांच कर ली है और उन्हें पूरा भरोसा है कि कोरोना वायरस वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से उत्पन्न हुआ है। हालांकि, उन्होंने साक्ष्यों से संबंधित जानकारी साझा करने से इंकार किया है। 

चीन को शुरू से संदेह की नजर से देख रहा अमेरिका
अमेरिका ने हाल के दिनों में कोरोना वायरस से निपटने के लिए चीन से सवाल किए हैं और बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भी इस बात पर खेद व्यक्त किया था कि वायरस की उत्पत्ति के अध्ययन के लिये अंतरराष्ट्रीय समुदाय को वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी तक नहीं जाने दिया गया है। पोम्पियो ने कहा कि चीन में कई प्रयोगशालाएं संक्रामक रोगजनकों पर काम कर रही हैं और यह स्पष्ट नहीं है कि भविष्य में महामारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक स्तर पर सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं। 

मौत की अटकलों के बीच कई हफ्तों बाद पहली बार सामने आए उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन

सियोल: उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के स्वास्थ्य को लेकर पिछले एक महीने से कयासों का दौर जारी है. इस बीच, शुक्रवार को किम जोंग पहली बार सार्वजनिक रूप से एक फर्टिलाइजर फैक्टरी का उद्धाटन करते हुए नजर आए हैं. समाचार एजेंसी केसीएनए ने शनिवार की यह सूचना दी. खबर के मुताबिक, किम शुक्रवार को राजधानी प्योंगयांग के नजदीक सुनचोन में एक कार्यक्रम में नजर आए. 

कोरिया की केंद्रीय समाचार एजेंसी के मुताबिक, किम जब इस कार्यक्रम में शामिल हुए तो सभी लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया. उन्होंने फैक्टरी का जायजा लिया है और उत्पादन प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली. रिपोर्ट में कहा गया कि इस दौरान किम ने कहा कि “यदि उनके दादा और पिता यह खबर सुनते कि आधुनिक फॉस्फेटिक फर्टिलाइजर फैक्टरी बन कर तैयारी हो गई तो उन्हें बहुत खुशी होती.” 

बता दें कि किम जोंग उन 15 अप्रैल को अपने दादा के जन्मदिन के समारोह में शामिल नहीं हुए थे, जिसके बाद से उनके स्वास्थ्य को लेकर तरह-तरह की खबरें सामने आ रही थीं. यहां तक कि, कुछ खबरों में उनकी मौत तक की भी आशंका जताई जा रही थी.  

इससे पहले, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के शीर्ष सुरक्षा सलाहकार मून चुंग-इन ने किम के स्वास्थ्य को लेकर आ रही अफवाहों के बीच दावा किया था कि “किम जोंग उन जीवित हैं और ठीक भी हैं.”  शीर्ष अधिकारी ने कहा कि किम 13 अप्रैल से वॉनसान में रह रहा है. उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियां दर्ज नहीं की गई हैं.

एक ऑनलाइन अखबार ‘डेली एनके’ की खबर में कहा गया था कि किम 12 अप्रैल को कार्डियोवस्कुलर सिस्टम (दिल संबंधी ऑपरेशन) प्रक्रिया से गुजरे थे. खबर में कहा गया है कि ज्यादा स्मोकिंग, मोटपे और काम की वजह से उनका यह ट्रीटमेंट किया गया है. इस प्रक्रिया के बाद ह्यांगसन काउंटी के आलीशन घर में उनका इलाज चल रहा है.  

फेसबुक पोस्ट पर माफी नहीं आई काम, दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पर एफआईआर

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान के खिलाफ फेसबुक पेज पर पोस्ट लिखने के बाद मामला दर्ज किया गया है. उनके खिलाफ राजद्रोह और नफरत फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है.

असल में, जफरुल इस्लाम खान ने बीते 28 अप्रैल को अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट लिखी थी. इस पोस्ट में जफरुल इस्लाम खान ने लिखा था कि मुसलमानों पर अत्याचार हो रहे हैं. अगर हिंदुस्तान के मुसलमानों ने इसकी शिकायत अरब देशों से कर दी तो हिंदुस्तान में जलजला आ जाएगा.

हालांकि बताया जा रहा है कि इसके बाद 1 मई को जफरुल इस्लाम खान ने अपने इस फेसबुक पोस्ट के लिए माफी भी मांगी थी.

मगर, अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक शिकायत के आधार पर दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान के खिलाफ धारा 124A और 153A के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. उन पर आईपीसी की धारा 124A देशद्रोह और 153 नफरत फैलाने के तहत मामला दर्ज किया गया है.

दिल्ली में कोरोना ने पकड़ी रफ्तार, कापसहेड़ा में एक ही बिल्डिंग के 41 लोग संक्रमित

कापसहेड़ा में एक ही बिल्डिंग के 41 लोग संक्रमित

नई दिल्‍ली
दिल्ली के कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है.कापसहेड़ा में एक ही बिल्डिंग में 41 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. दरअसल, दिल्ली के कापसहेड़ा में एक मकान में 18 अप्रैल को एक कोरोना का मामला सामने आया था. घनी आबादी का इलाका देखते हुए प्रशासन ने 19 अप्रैल को इलाके को सील करने के आदेश दे दिए थे. इसके बाद यहां के 95 लोगों के सैंपल 20 अप्रैल को और 80 लोगों के सैंपल 21 अप्रैल को लिए गए और यह सैम्पल नोएडा की NIB लैब में भेजे गए. कुल मिलाकर 175 लोगों के सैंपल में से 67 लोगों के सैंपल की रिपोर्ट आज आई है. इनमें से 41 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं.

राष्‍ट्रीय राजधानी से निजामुद्दीन मरकज जैसा एक और मामला सामने आया है। कापसहेड़ा की ‘ठेके वाली गली’ में स्थित एक इमारत में 41 लोगों को कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया है। एक साथ इतने लोगों के कोविड-19 पॉजिटिव मिलने से हड़कंप मच गया है। साउथ-वेस्‍ट दिल्‍ली के डीएम ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार, 19 अप्रैल को यहां के एक व्‍यक्ति के पॉजिटिव मिलने पर यह इमारत सील कर दी गई थी।
सबका लिया गया था सैंपल
डीसी ऑफिस के पास ठेके वालली गली है। यहां 18 अप्रैल को एक व्‍यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिला। इसके बाद पूरी इमारत सील कर दी गई। गाइडलाइंस 3 से ज्‍यादा केसेज मिलने पर इलाका सील करने की हैं मगर आबादी देखते हुए एक केस के बाद ही प्रशासन ने इमारत सील करने का फैसला ले लिया। यहां रहने वाले सभी लोगों का सैंपल लिया गया। जिन्‍हें जांच के लिए नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिस्‍ट्स (NIB नोएडा) भेजा गया था। शनिवार को जब रिपोर्ट आई तो प्रशासन के होश उड़ गए। कुल 41 लोग पॉजिटिव मिले हैं।

यहां रहती है बड़ी आबादी
कापसहेड़ा में प्रवासी मजदूरों की बड़ी आबादी रहती है। दिल्‍ली-गुरुग्राम की फैक्ट्रियों में काम करने वाले अधिकतर लोग यहीं रहते हैं। इलाके की बेहद संकरी गलियों में के एक-एक मकान में दर्जनों की आबादी बसती है। बताया जाता है कि करीब सवा लाख लोग इस इलाके में निवास करते हैं। ऐसे में एक बिल्डिंग से 41 मरीज मिलना प्रशासन को बड़ी टेंशन दे रहा है।

दिल्‍ली-गुरुग्राम बॉर्डर पूरी तरह है सील
कापसहेड़ा इलाका गुरुग्राम से सटा हुआ है। गुरुग्राम प्रशासन ने शुक्रवार सुबह दिल्ली से लगी सीमा को पूरी तरह से सील कर दिया था। दरअसल गुरुग्राम ऑरेंज जोन में है इसलिए वहां के अधिकारी एक्‍स्‍ट्रा केयरफुल हैं।

दिल्‍ली में 4000 के करीब केस
कोरोना वायरस से दिल्‍ली बुरी तरह प्रभावित है। शनिवार सुबह के आंकड़े बताते हैं कि राष्‍ट्रीय राजधानी में कोरोना के कुल 3,738 मामले सामने आए हैं। यहां 61 लोगों की मौत कोविड-19 की वजह से हुई है। राहत की बात ये है कि कुल मरीजों में से 1,167 ठीक होकर घर जा चुके हैं। दिल्‍ली का हर जिला रेड जोन डिस्ट्रिक्‍ट है। यहां 100 से ज्‍यादा कंटेनमेंट जोन हैं यानी संक्रमण का खतरा हर इलाके में है।

टेस्टिंग पर है सीएम का जोर
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा, “आंकड़ों से हमें लगता है कि दिल्ली में केस बड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन दिल्ली में हमने खूब जांच कराने का निर्णय लिया है, ताकि पता चल जाए कि कौन संक्रमित है। उसे अलग कर उसका इलाज कराया जा सके, ताकि वह और लोगों में कोरोना न फैलाए। हम दिल्ली में खूब टेस्ट करा रहे हैं।” दिल्ली में प्रति 10 लाख की आबादी पर करीब 2300 टेस्ट हो रहे हैं।

खण्डवा में 4 जमातियों पर कोरोना संक्रमण फैलाने का केस दर्ज

जानकारी छिपाने और 144 धारा के उल्लंघन की भी एफआईआर

खण्डवा की मक्का मस्जिद में विगत मार्च में आये  4 जमातियों पर आरोप है कि वह मस्जिद में पुलिस को बिना किसी सूचना के रह रहे थे।  9 अप्रैल को कोरोना संक्रमित होने पर चारों को अस्पताल में भर्ती किया था। 27 अप्रेल को नेगेटिव रिपोर्ट आने पर चारों को डिस्चार्ज के बाद खण्डवा की मक्का मस्जिद में  क्वॉरेंटाइन किया गया। मक्का मस्जिद के आसपास के कुछ और लोग संक्रमित हुए और इनमे से एक की मौत हुई तो लोगों ने पुलिस को इनके जमाती होने की सूचना दी।  कोतवाली खण्डवा पुलिस ने 30 अप्रैल की रात को सभी चार आरोपियों पर केस दर्ज किया है।

-कर्नाटक के हैं चारों जमाती, जो दिल्ली के निजामुद्दीन में भी कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

-खण्डवा कोतवाली में प्रकरण दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

आपकी नाक आपके व्यक्तित्व को दर्शाती है.

नाक से पता चलता है व्यक्ति का व्यक्तित्व, जानिए कैसे?
इंसान के शरीर के कई अंग है जो उसके व्यवहार के बारे में बहुत कुछ बताते हैं. इन्ही में शामिल है नाक. नाक इंसान के व्यवहार के बारे में कई राज खोलती है. ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं नाक कैसे बताती है आपके बारे में.कहा जाता है बीच में गोलाई लिए तोते की चोंच जैसी नाक वाले व्यक्ति सुयोग्य, जिम्मेदार एवं दृढ़-प्रतिज्ञ होते हैं. इसी के साथ इनकी सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि ये जितना अधिकार के प्रति सजग होते हैं, अपने कर्तव्य निर्वाह में भी उतने ही अग्रणी होते हैं. * कहते हैं मोटी नाक वाले शरीर की दृष्टि से बलवान होते हैं और पतली नाक वाले कमजोर.

कहा जाता है मोटी तथा बीच में उभरी नाक वाले प्राय: धनी, गुणवान, बहादुर, सेनापति एवं अधिकारी बनने के गुण से भरे हुए माने जाते हैं. * कहते हैं बड़े चेहरे पर छोटी नाक या छोटे चेहरे पर बड़ी नाक शंकालु चरित्र वाले व्यक्ति की निशानी है.

कहा जाता है पतली नाक के बड़े नथुने तथा मोटी नाक के छोटे नथुने लंबाई से अधिक चौड़ी और चौड़ाई से अधिक लंबी नाक वाले कमजोर दिल व मस्तिष्क वाले होते हैं. * कहते हैं सीधी, पतली, लंबी तथा समानाकार औसत नाक वाले चरित्रवान, मर्यादापालक, कलाप्रिय एवं उत्साही होते हैं.

कहा जाता है जिनकी नाक पतली और लंबी होते हुए भी टेढ़ी तथा बेडौल होती है वह स्वार्थी, निष्ठुर तथा शुष्क स्वभाव के होते हैं. * कहते हैं नीचे की ओर झुकी नोक वाली नाक, आचरणहीनता, परनिंदक तथा उदासीन स्वभाव तथा ऊंची नोक वाली चटपटे, विनोद प्रिय, हंसोड़, स्वतंत्रता प्रिय, चतुर तथा व्यवहार कुशल व्यक्तित्व को दर्शाती है.कहा जाता है जिनकी नाम चपटी होती है वह लोग क्रूर प्रकृति के होते हैं.

एमपी में बारिश को लेकर फिर अलर्ट, मौसम विभाग ने कहा – 24 घंटे…

भोपाल। मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के कई स्थानों पर अगले 24 घंटों के दौरान हल्की बारिश होने की आशंका जाहिर की है। मौसम की गतिविधियों में प्रभाव डालने वाले सिस्टम देश में कई स्थानों पर बनने की वजह से प्रदेश में पिछले तीन चार दिनों में कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई तो कहीं-कहीं तेज हवाएं चली है। भोपाल मौसम विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक उदय सरवटे ने ‘यूनीवार्ता’ को बताया कि दक्षिणी मध्यप्रदेश में ऊपरी हवाओं में एक चक्रवात बनने के साथ-साथ इसके प्रभाव के कारण तमिलनाडु तक एक द्रोणिका (ट्रफ लाइन) भी बनी हुई है। साथ ही प्रदेश में अरब और बे आफ बंगाली की खाड़ी से नमी आने के कारण मौसम की गतिविधियों में बदलाव आयी है।

उन्होंने बताया कि इस प्रकार से सिस्टम के प्रभाव के कारण राज्य के होशंगाबाद संभाग के जिलों के अलावा बुरहानपुर, सीहोर, रायसेन, सीधी, अनूपपुर, शहडोल, जबलपुर, ंिछदवाड़ा, सिवनी, दमोह एवं सागर जिले में अगले 24 घंटों के दौरान कहीं गरज चमक की स्थिति तो कहीं पर हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती है। इन स्थानों पर कहीं कहीं तेज हवाएं भी चल सकती है।

राज्य के पूर्वी हिस्से में आने वाले अनेक स्थानों पर अधिकतम तापमान 37 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकार्ड हुआ है। जबकि यह स्थिति राज्य के पश्चिमी हिस्से में आने वाले कई स्थानों पर 38 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच अंकिता हुआ है। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान खरगौन व खंडवा में 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान जबलपुर, सागर, भोपाल, होशंगाबाद एवं चंबल संभाग के अंर्तगत आने वाले जिलों कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई। बाकी शेष संभागों के जिलों मौसम का मिजाज शुष्क बना रहा है। मौसम विभाग की माने तो प्रदेश में अगले एक दो दिन तक मौसम की गतिविधियों में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नही है।

प्रदेश की राजधानी भोपाल में कल रात तेज हवाओं के साथ कुछ समय के लिए हल्की बारिश हुई। जबकि आज सुबह से मौसम शुष्क बना रहा। शाम के पहर हवाएं तेज चली। यहां कल शनिवार को आकाश की स्थिति आंशिक रुप से मेघमय बने रहने की संभावना है।

गेहूं खरीदीः एसएमएस नहीं आने से किसान बेच रहे औने पौने दामों पर अपना माल.

एक तरफ बार बार मौसम करवट बदल कर किसी भी समय पानी बरसाने लगता है दूसरी तरफ जहां सरकार अपने को किसान हितेषी बताकर किसानों को रिझाने का प्रयास कर रही है। शिवपुरी गुना जबलपुर और सारंगपुर विकासखंड के खरीदी केंद्र पड़ाना, हराना, भैंसवामाता, मऊ, पीपल्यापाल, टिकेाद, पटाडिया धाकड़, सुल्तानिया, उदनखेडी, संडावता, पाड़ल्यामाता, तलेनी, धामंदा, सारंगपुर, बालोड़ी सहित 24 खरीदी केंद्रों से मिली जानकारी के अनसुार छोटे किसानों को एसएमएस पहुंचकर गेहूं मंगवाकर उनकी खरीदी की जा रही है। लेकिन बड़े किसानों के लिए फजीहत हो रही है जितने का पंजीयन करवाया था उनका कोई एसएमएस राज्य सरकार के द्वारा नहीं भेजा रहा है। ऐसे में वे कम रेट पर मजबूरी में अपना अनाज दूसरी जगह पर बेच रहे है। छोटे किसानों ने जब अपना गेहूं खरीदी केंद्र बेचा था तो उम्मीद थी कि उनको राज्य सरकार शीघ्र राशि उपलब्ध करा देगी। कई खरीदी केंद्रों पर अभी तक किसानों को अपनी उपज की राशि प्राप्त नहीं हुई है। वहां दूसरी तरफ इससे परेशान होकर जब छोटे एवं बड़े किसान मंडी में अपना गेहूं बेचने जा रहे है तो किसानों के साथ व्यापारीगण अपनी मनमर्जी कर रहे है। गेहूं को 1600 रुपए से 1800 रुपए तक ही खरीद रहे है। उसमें भी पहले सैंपल ले जाकर दिखाना पड रहा है। 16 खरीदी केंद्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक 3538 किसानों से 108950 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। जिसका भंडारण प्रशासन के द्वारा चिन्हित किए गए भंडारण केंद्र पर भंडार किया जा रहा है।
सरकार पूरी तरह से फेल
सरकार की गेहूं खरीदी योजना पूरी तरह से फेल हो गई है। छोटे किसानों के गेहूं तो खरीद लिए गए है लेकिन उनकी राशि नहीं आई है। जबकि बड़े किसानों को एसएमएस नहीं आ रहे है।,,
मोहन पाल किसान पीपल्यापाल
नहीं कोई सुनने वाला
किसानों की कोई सुनने वाला नहीं है बडा किसान होने के कारण एसएमएस नहीं आ रहा है। मंडी में उपज दिखाने पर जो भाव मिलना चाहिए वहां नहीं मिल पा रहा है।,,
महेश खाती, किसान, पड़ाना।