मध्यप़देश के 15 लाख किसानों को मिलेंगे फसल बीमा के 2990 करोड़ रुपये

भोपाल। मध्‍य प्रदेश में 15 लाख किसानों को फसल बीमा के 2990 करोड़ रुपये मिलेंगे। मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार रात खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि यह राशि एक मई को किसानों को मिल जाएगी।
कोरोना संकट के बीच शिवराज सरकार किसानों के खातों में यह राशि जमा करेगी। यह राशि प्रधानमंत्री फसल बीमा के उन दावों की दी जाएगी, जो कमल नाथ सरकार के बीमा कंपनियों को दो हजार 200 करोड़ रुपये का राज्यांश नहीं देने की वजह से दो साल से अटके थे।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को देर शाम बैठक करके यह राशि तत्काल किसानों को देने का निर्णय लिया है। प्रदेश में किसानों को खरीफ 2018 और रबी 2018-19 का फसल बीमा अभी तक नहीं मिला है। दरअसल, कमल नाथ सरकार ने बीमा कंपनियों को राज्यांश, दो हजार 200 करोड़ रुपये नहीं दिया था।
इसके कारण कंपनियां किसानों की फसल खराब होने के बाद भी दावों को अंतिम रूप नहीं दे पा रही थीं। केंद्र सरकार ने इसको लेकर पत्र भी लिखा था पर सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जब इसकी समीक्षा की तो वित्त विभाग को निर्देश दिए कि तत्काल बीमा कंपनियों को लंबित राशि दी जाए।
इसके बाद 15 लाख से ज्यादा किसानों के दावों को अंतिम रूप मिला गया और उन्हें दो हजार 990 करोड़ रुपये से ज्यादा फसल बीमा के मिलेंगे। यह राशि एक मई को उनके खातों में मुख्यमंत्री सिंगल क्लिक पर जमा करेंगे।
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इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 23 लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी का कार्य पूरा किया जा चुका है। किसानों के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य का कवच भी उपलब्ध है। एक माह पूर्व किसानों को यह चिंता थी कि खरीदी होगी अथवा नहीं। राज्य में गेहूं खरीदी का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग का यहां भी ध्यान रखा जा रहा है।
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सीएम ने कहा कि लॉकडाउन के कारण जूट के बारदानों की उपलब्धता की समस्या आई थी, जिसे दूर किया गया है। इसमें केन्द्र का सहयोग भी मिल रहा है। चना, मसूर और सरसों की खरीदी की भी समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि किसानों को अधिकतम सुविधाएं देकर उन्हें किसी भी तरह के शोषण से बचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से प्रति हेक्टेयर उत्पादन के आधार पर सीमा तय कर किसानों को लाभान्वित किया जाएगा। पूर्व सरकार ने जो सीमा कम की थी, उसे बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है।

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