ग्वालियर रेड झोंन में ,कैसे हुआ असमंजस ,सीएम ने नही लिया नाम

इंदौर,भोपाल,उज्जैन,जबलपुर,धार,बड़वानी,पूर्वी निमाड़,देवास और ग्वालियर रेड झोंन में शामिल

ग्वालियर।  केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई कोरोना संक्रमण जिलों के वर्गीकरण सूची में ग्वालियर का नाम रेड झोंन में शामिल होने से प्रशासन असमंजस में है और नागरिक चिंतित । अभी ग्वालियर ऑरेंज झोंन मे था और जल्द ही इसके ग्रीन झोंन में शामिल होने की संभावनाएं थी लेकिन उसे रेड झोंन में शामिल कर दिया गया ।

ग्वालियर में अभी तक कुल नौ कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं जिनमे से छह तो बहुत पहले ही स्वस्थ्य होकर अपने घर लौट चुके है । अभी ग्वालियर में तीन कोरोना संक्रमित है जिनका सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है । इनमे दो मरीज लगभग स्वस्थ्य है बस इनकी सेकंड सेम्पल टेस्टिंग होना है ।

लगातार येलो झोंन में शामिल ग्वालियर को आज अचानक रेड झोंन में शामिल होने से मिलने वाले छूट में कटौती होने की आशंका हो जाएगी । रेड झोंन में किसी तरह की रियायत नही दी जाती । लॉक डाउन का कड़ाई से पालन किया जाता है ।

मुख्यमंत्री ने नही लिया ग्वालियर का नाम

    केंद्र सरकार ने भले ही ग्वालियर जिले को रेड झोंन में डाल दिया हो लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रेड झोंन के जिलों में ग्वालियर का नाम नही लिया । राष्ट्रीय न्यूज चैनल एबीपी न्यूज़ द्वारा आन आयेजित शिखर सम्मेलन में उंन्होने कहाकि भोपाल,इंदौर,जबलपुर और उज्जैन हमारे यहां अभी रेड झोंन में हैं ।

न कोई मौत न आंकड़ा दस के पार

    पहले मीडिया में जो खबरें आई थी उनमें बताया गया था कि जिन जिलों में दस से कम संक्रमित मरीज होंगे उनको येल्लो झोंन में शामिल किया जाएगा । इससे अधिक संख्या वाले जिलों को रेड झोंन में रखा जाएगा । जिन जिलों में कोरोना संक्रमण का एक भी केस नही निकलेगा या शेष नही रहेगा उन्हें ग्रीन यानी कोरोना मुक्त झोंन में शामिल माना जायेगा ।

🔯संसार के मजदूरो की एकजुटता.

▪मजदूर दिवस पर विशेष:-


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➖डा.भूपेन्द्र विकल➖

अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस मनाने की शुरूआत 1 मई 1886 से मानी जाती है।
जब अमेरिका की मज़दूर यूनियनो नें काम का समय 8 घंटे से ज़्यादा न रखे जाने के लिए हड़ताल की थी।इस हडताल से सम्पूर्ण संसार के मजदूर एकजुट हुये थे।

इस हड़ताल के दौरान शिकागो की मार्केट में बम धमाका हुआ था। यह बम किस ने फेंका किसी का कोई पता नहीं।
इसके बाद पुलिस ने मज़दूरों पर गोली चला दी और सात मज़दूर मार दिए।
“भरोसेमंद गवाहों ने तस्दीक की कि पिस्तौलों की सभी फलैशें नली के केंद्र की तरफ से आईं जहाँ पुलिस खड़ी थी और भीड़ की तरफ़ से एक भी फ्लैश नहीं आई। इस से भी आगे वाली बात, प्राथमिक अखबारी रिपोर्टों में भीड़ की तरफ से गोलीबारी का कोई ज़िक्र नहीं।
मौके पर एक टेलीग्राफ खंबा गोलियों के साथ हुई छेद से पुर हुआ था, जो सभी की सभी पुलिस वाले तरफ़ से आईं थीं।”इसका बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा था लेकिन कुछ समय के बाद अमेरिका में 8 घंटे काम करने का समय निश्चित कर दिया गया था।

मौजूदा समय भारत और अन्य मुल्कों में मज़दूरों के 8 घंटे काम करने से संबंधित क़ानून लागू है।

आज 1मई को अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस पर सडको पर विशाल रैली निकालकर जनसभा कर संसार के मजदूर एकजुटता का प्रदर्शन करते है।इस समय संसार भर मे लाकडाउन चल रहा है इसलिए मजदूर जुलूस नही निकाल पा रहे ।
मजदूर अपने घरो मे ही उत्सव मना रहे है ओर सोशल मीडिया पर भी अनेक संदेश प्रेशित कर रहे है।
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जनमानस के अभिनेता:बलराज साहनी.

▪जन्म दिन पर विशेष:-



➖डा.भूपेन्द्र विकल➖
“ए मेरी जोहरा जंबी” आज भी सबकी जुबा पर जिन्दा है। फिल्मों के इस मशहूर कलाकार का जीवन इंद्रधनुषी रंगो की तरह है। जिसमें कार्य योजना के अनेक भाव विद्यमान हैं। बलराज साहनी का परिवार आर्यसमाजी था। पिता हरबंस लाल का अच्छा खासा व्यापार था।
1 मई 1913 को रावलपिंडी में बलराज का जन्म हुआ था। हालांकि बचपन में शुरुवाती नाम युद्धिष्टर रखा गया था ।
लेकिन उनकी फूफी ठीक से उनका नाम नही ले पाती थी। उन दिनों आर्यसमाजी परिवारों के बच्चों के नाम हिन्दु देवमाला के अनुसार रखने का चलन था।

युधिष्टर की जगह लोग उन्हे रजिस्टर बुलाने लगे तो विवशतः बालक का नाम बलराज साहनी रखना पङा।

पिता हरबंस लाल ने बलराज का दाखिला गुरुकुल में करा दिया लेकिन वहाँ बलराज को धर्म के आधार पर पढना पसंद नही आ रहा था तो एक दिन हिम्मत करके पिता जी से कह दिया कि मैं गुरुकुल में नही पढुंगा।
पिता ने नाराजगी जताई लेकिन बलराज का दाखिला डीएवी में करवा दिया।
यहीं से बलराज नाटक इत्यादि में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने लगे थे। जब 7वीं में पढते थे तब उन्होने एक हस्तलिखित पत्रिका भी निकाली थी। मैट्रिक पास करने के बाद बलराज डीएवी कॉलेज में पढने लगे जहाँ संस्कृत और दर्शन शास्त्र अनिवार्य विषय थे। उन दिनों अंग्रेजी के शिक्षक जसवंत राय का उनपर विशेष प्रभाव था।
कॉलेज के दौरान बलराज का दृष्टीकोंण कुछ बदला और उनपर देशभक्ति का नशा चढने लगा था।

▪अभिनय जीवन की शुरुआत.

बलराज साहनी अपने बचपन का शौक़ पूरा करने के लिये ‘इंडियन प्रोग्रेसिव थियेटर एसोसियेशन’ (इप्टा) में शामिल हो गये।
‘इप्टा’ में वर्ष 1946 में उन्हें सबसे पहले फणीश्वर मजमूदार के नाटक ‘इंसाफ’ में अभिनय करने का मौका मिला।
इसके साथ ही ख़्वाजा अहमद अब्बास के निर्देशन में इप्टा की ही निर्मित फ़िल्म ‘धरती के लाल’ में भी बलराज साहनी को बतौर अभिनेता काम करने का मौका मिला।
इप्टा से जुड़े रहने के कारण बलराज साहनी को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
उन्हें अपने क्रांतिकारी और कम्युनिस्ट विचारों के कारण जेल भी जाना पड़ा। उन दिनों वह फ़िल्म ‘हलचल’ की शूटिंग में व्यस्त थे और निर्माता के आग्रह पर विशेष व्यवस्था के तहत फ़िल्म की शूटिंग किया करते थे। शूटिंग खत्म होने के बाद वापस जेल चले जाते थे।

▪जनवादी विचार

साम्यवादी विचारधारा के मुखर समर्थक साहनी जनमानस के अभिनेता थे, जो अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों को पर्दे के पात्र से भावनात्मक रूप से जोड़ देते थे। जब पर्दे पर वह अपनी ‘दो बीघा ज़मीन’ फ़िल्म में ज़मीन गंवा चुके मज़दूर, रिक्शा चालक की भूमिका में नज़र आए तो कहीं से नहीं महसूस हुआ कि कोलकाता की सड़कों पर रिक्शा खींच रहा रिक्शा चालक शंभु नहीं बल्कि कोई स्थापित अभिनेता है।
दरअसल पात्रों में पूरी तरह डूब जाना उनकी खूबी थी। यह ‘काबुली वाला’, ‘लाजवंती’, ‘हक़ीक़त’, दो बीघा ज़मीन, ‘धरती के लाल’, ‘गर्म हवा’, ‘वक़्त’, ‘दो रास्ते’ सहित उनकी किसी भी फ़िल्म में महसूस किया जा सकता है।

▪साहित्य लेखन .

इस बीच बलराज ने साहित्य-लेखन के द्वारा जीवनयापन किया |
वो कलकत्ता आये और “विशाल भारत” के तत्कालीन संपादक अज्ञेयजी का सहारा पाकर समाचार -पत्रों में नियमित रूप से लिखने लगे |
शीघ्र ही उनकी अनेक कृतियाँ प्रकाश में आयी और बलराज का एक कविता संग्रह “कुंगपोश ” प्रकाशित हुआ |
प्रारम्भ में उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी में लिखा किन्तु महाकवि रवीन्द्रनाथ की प्रेरणा से वे पंजाबी में भी लिखने लगे क्योंकि गुरुदेव ने बताया कि पंजाबी भी बंगला जितनी पुरानी भाषा है और जिस भाषा में गुरुनानक ने लिखा उसमे लिखकर हर कोई स्वयं को कृतार्थ मानेगा।
कलकत्ता जैसे महानगर में रहकर केवल लेखन से गुजारा करना बलराज को कठिन जान पड़ा तो वे पुन: शान्ति निकेतन आ गये और कृष्ण कृपलानी के माध्यम से पुन: गुरुदेव से मिले |
उन्होंने गुरुदेव से निवेदन किया कि वे यथा सुविधा उन्हें शान्ति निकेतन में अध्यापक रख ले |
यह भी कहा कि चाहे नौकरी देरी से मिले , उन्हें फिलहाल अपने पिता के भेजे 100 रुपयों का भरोसा है। जिससे कुछ दिन तो निर्वाह हो जाएगा |
बलराज के इस सहज ,सरल कथन को सुनकर विनोदी स्वभाव वाले गुरुदेव हंस पड़े और बोले “तो तुम्हारे पास 100 रूपये है तो तुम मुझसे भी अधिक अमीर हो | खैर तुम निश्चिंत रहो तुम्हे ये रूपये खर्च नही करने पड़ेंगे “|
साहनी एक प्रतिभाशाली लेखक थे; उनके शुरुआती लेखन अंग्रेजी में थे, हालांकि बाद में जीवन में उन्होंने पंजाबी को बदल दिया, और पंजाबी साहित्य में प्रतिष्ठित लेखक बन गए ।
1 9 60 में, पाकिस्तान की यात्रा के बाद, उन्होंने मेरा पाकिस्तानी सफार लिखा उनकी किताब- मेरी रशिया सफानाम, जिसे उन्होंने 1 9 6 9 में सोवियत संघ के दौरे के बाद लिखा था, ने उन्हें “सोवियत भूमि नेहरू पुरस्कार” प्राप्त किया था। उन्होंने कई कविताओं और लघु कथाएँ पत्रिकाओं में और इन्होंने आत्मकथा भी लिखी।

▪राजनीतिक जागरूकता.

बलराज साहनीऔर पी के वासुदेवन नायर दिल्ली में एआईआईएफ के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन को आयोजित करने के लिए फायरब्रांड दिल्ली कम्युनिस्ट, कॉमरेड गुरु राधा किशन के साथ अखिल भारतीय युवा संघ के विचार पर काम करते थे।
उनके संपूर्ण प्रयास 250 से ज्यादा प्रतिनिधियों और पर्यवेक्षकों के रूप में दिखाई देते थे जो इस सत्र में भारत के विभिन्न राज्यों के कई युवा संगठनों का प्रतिनिधित्व करते थे।
बलराज साहनी अखिल भारतीय युवा संघ के पहले राष्ट्रपति, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की युवा शाखा के रूप में निर्वाचित हुए। संगठन मे मजबूत उपस्थिति इनकी थी। अन्य राजनीतिक समूहों और वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेताओं ने हर जगह इन्हे सम्मान दिया।जीवन भर साम्यवाद विचार से जुडे रहे।
आज के दिन बलराज साहनी को कोटि-कोटि नमन…
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पवन जेन आज डीजी बनेगे.

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➖डा.भूपेन्द्र विकल➖
इन्दोर। एडीजी लोकायुक्त पवन जैन आज एक मई को डीजी के पद पर पदोन्नत होने वाले हैं।
डीजी लोकायुक्त अनिल कुमार के रिटायर होने के बाद उन्हें यह पदोन्नति मिलेगी। अनिल कुमार 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
वर्ष 1996 बैच के आईपीएस अफसर अनिल कुमार के रिटायर होते ही वर्ष 1997 बैच के आईपीएस अफसर पवन जैन को पदोन्नति मिलेगी।
उनके बैच के विजय यादव पहले ही डीजी हो चुके हैं। प्रदेश में डीजी के 12 पद हैं।
डीजीपी विवेक जोहरी के प्रतिनियुक्ति से वापस आने के चलते मार्च में डीजी के पद पर 13 अफसर हो गए थे।

इसके चलते केएन तिवारी के 31 मार्च को रिटायर होने के बाद पवन जैन पदोन्नत नहीं हो सके।
प्रदेश में अब फिर से 12 डीजी रेंक के अफसर हैं। वर्ष 1987 बैच की अरूणा मोहन राव जुलाई में, शैलेष सिंह सितम्बर और राजेंद्र कुमार मिश्रा अक्टूबर में डीजी बन सकते हैं।
पवन जैन विदिशा, सीहोर, खरगोन आदि जिलों में पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं। वे उज्जैन रेंज के भी आईजी रहे।
उन्होंने लंबे अरसे तक आईजी योजना और एडीजी योजना के पद पर काम किया है।
पवन जेन आईपीएस एसोसिएशन के भी अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके ही कार्यकाल में मध्य प्रदेश आईएएस एसोसिएशन में आईपीएस समिट
हुई थी।
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⭐राजा लक्ष्मण सिंह की पत्नि रुबिना सिंह के टवीट से हंगामा

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इन्दोर(भूपेन्द्र विकल)। शिवराज कैबिनेट में गोपाल भार्गव जैसे बड़े नेता को शामिल ना किए जाने पर कांग्रेस ने सरकार को निशाने पर ले रखा है।
कैबिनेट में उम्रदराज नेताओं को नजरअंदाज करने को लेकर कांग्रेस और उनके बड़े नेता लगातार ट्वीटर के माध्यम से सरकार पर हमला बोल रहे है।

ऐसे में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह के छोटे भाई और कांग्रेस के विधायक लक्ष्मण सिंह की पत्नी रुबिना सिंह बीजेपी के समर्थन में उतर आई है।
रुबिना ने अपनी ही पार्टी को निशाने पर ले लिया है। रुबिना ने कमलनाथ सरकार में लक्ष्मण सिंह को मंत्री न बनाये जाने पर कांग्रेस को घेरा है।

▪जीतू पटवारी को दिखाया आईना

रुबीना ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कांग्रेस पर तंज कसा है। दरअसल मंगलवार को गठित हुए भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल को लेकर पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने भाजपा पर निशाना साधा था। उन्होंने गोपाल भार्गव जैसे अनुभवी नेता को मंत्रिमंडल में न लिए जाने पर चुटकी ली थी और ट्वीट कर लिखा था कि शिवराज का मंत्रीमंडल मप्र के दुर्भाग्य की शुरुआत है। गोपाल भार्गव जैसे वरिष्ठ को नज़रअंदाज़ करना और बिकाऊ लोगों के लिये अपने ही लोगों को किनारे करना अस्वस्थ परंपरा है।
ये बीजेपी के अंत का आरंभ है।
लेकिन उनकी पार्टी के विधायक लक्ष्मण सिंह की धर्मपत्नी और दिग्विजय सिंह की बहू रुबीना सिंह ने ट्विटर पर उन पर और कांग्रेस पर ही सवाल खड़े कर दिए। रुबीना ने पटवारी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा ये सब क्या सिर्फ भाजपा में ही होता है?।
क्या 16 महीने पहले ये कांग्रेस में नहीं हुआ था। जब एक अनुभवी नेता को अनदेखा कर एक यंग (दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह) को चुन लिया गया था।

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rubina sharma singh
@romeos3rd
This only happens in the @BJP4MP ? It didn’t happen in the Congress when youth were chosen over experienced senior leaders, just 16 months ago?? #selectivememory #Amnesia 😂🤣😂 https://twitter.com/jitupatwari/status/1252493945415757825 …
Jitu Patwari

@jitupatwari
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रुबीना के इस ट्वीट के बाद से ही कांग्रेस की गुटबाजी फ़िर सामने आ गई है। हालांकि यह पहला मौका नही है जब रुबिना ने लक्ष्मण सिंह को लेकर कांग्रेस को घेरा है।
इसके पहले भी वे लक्ष्मण सिंह को मंत्री ना बनाए जाने पर कांग्रेस और पिछली कमलनाथ सरकार को घेर चुकी हैं।
वहीं लक्ष्मण सिंह भी अपने बेबाक बयानों से कई बार कांग्रेस और हाईकमान की मुश्किलें बढ़ा चुके है।
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शराब की दुकानों के बंद रहने से राज्य की अर्थव्यवस्था की कमर टूट गई है अवैध शराब बिक रही है

राजस्थान के सांगोद क्षेत्र से कांग्रेस विधायक भरत सिंह कुंदनपुर ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि वह लॉकडाउन के दौरान राज्य में शराब की दुकानों को फिर से खोलने का आदेश दें। अपने पत्र में कांग्रेस विधायक ने चिंता जाहिर की है कि शराब की दुकानों के न खुलने से अवैध शराब का धंधा और बिक्री बढ़ रही है। विधायक ने सीएम को लिखे पत्र में कहा कि शराब की दुकानों के न खुलने से राज्य की अर्थव्यवस्था की कमर टूट गई है और इस कारण राज्यभर में अवैध देशी शराब को बनाया और बेचा जा रहा है।

सिंह ने कहा कि जब शराब से हाथ धोने से कोविड-19 वायरस साफ हो सकता है तो शराब पीने से निश्चित रूप से गले से वायरस भी साफ हो जाएगा। इसलिए सरकार को शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की वजह से बाजार में शराब की मांग अधिक है, इसलिए पीने वाले इसका स्वागत कर रहे हैं। शराब की बिक्री न होने से सरकार को हानि हो रही है, वहीं पीने वालों के स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो रहा है।

विधायक ने पत्र में राज्य की दो खबरों का भी जिक्र किया, जिसमें पहली खबर भरतपुर जिले के हलैना गांव की थी, जहां अवैध देशी शराब पीने से दो लोगों की आंख की रोशनी चली गई। वहीं, दूसरी खबर सरकार द्वारा लॉकडाउन के दौरान हुए घाटे की भरपाई करने के लिए एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने की थी।

उन्होंने कहा कि साल 2020-21 में राज्य सरकार ने शराब से 12,500 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। संभव है सरकार ने इसी कारण एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई है। अच्छा तो यह होगा कि सरकार शराब की दुकानों को खोल दे। शराब पीने वालों को शराब मिलेगी और सरकार को राजस्व भी मिलेगा।

गौरतलब हो कि इससे पहले हनुमानगढ़ जिले के भादरा क्षेत्र से विधायक बलवान सिंह पुनिया ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उनसे लॉकडाउन के दौरान शराब की दुकानों को खोलने का आग्रह किया था।

ग्वालियर में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खोली जा सकेंगी थोक दवा दुकानें

ग्वालियर। कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना करने पर थोक दवा दुकानें बंद करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन थोक दवा एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा आम जनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्री सिंह से आग्रह किया कि थोक दवा दुकानें पुनः खोलने का निर्णय लिया जावे , सभी दुकानदारों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्ण पालन किया जावेगा।
थोक दवा विक्रेताओं के आश्वासन के बाद कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह द्वारा निर्णय लिया गया है कि शहर की थोक दवा दुकानें प्रातः 10:00 से शाम 6:00 बजे तक खोली जा सकती है, लेकिन सभी दुकानदार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना सुनिश्चित करें , यदि दुकानदारों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया तो थोक दवा दुकानें बंद करने का निर्णय पुनः लिया जावेगा।

भारत में कोरोनावायरस (Coronavirus) का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है. देश में जारी लॉकडाउन (COVID-19 Lockdown) के बावजूद संक्रमितों का आंकड़ा 35 हजार पार कर गया है.

नई दिल्ली: भारत में कोरोनावायरस (Coronavirus) का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है. देश में जारी लॉकडाउन (COVID-19 Lockdown) के बावजूद संक्रमितों का आंकड़ा 35 हजार पार कर गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या 35043 हो गई है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1993 नए मामले सामने आए हैं और 73 लोगों की मौत हुई है. वहीं, देश में कोरोना से अब तक 1147 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि राहत की बात यह है कि 8889 मरीज इस बीमारी को हराने में कामयाब भी हुए हैं. बता दें कि देश में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए लॉकडाउन को 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है.

इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने गुरुवार को बताया कि कोरोनावायरस (Covid-19) से ठीक होने के मामले में लगातार सुधार हो रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि अभी टोटल रिकवरी रेट 25.18 प्रतिशत है और इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है. यह पॉजिटिव साइन है. उन्होंने बताया कि दो हफ्ते पहले रिकवरी रेट 13 फीसदी था.

उधर, गृह मंत्रालय ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर कुछ हद तक यह संकेत दिए हैं कि 3 मई के बाद भी लॉकडाउन जारी रहेगा लेकिन कई जिलों, जहां कोरोना के मामले न के बराबर हैं, में इससे बचाव को देखते हुए ढील दी जाएगी. मंत्रालय ने बीती रात एक प्रेस रिलीज भी जारी की, जिसमें कहा गया है कि 3 मई तक लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने की जरूरत है ताकि कोरोना को फैलने से रोका जा सके.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि MHA ने लॉकडाउन के बारे में एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की. मीटिंग में लॉकडाउन की वजह से कोरोना के मामलों में स्थिति में सुधार और फायदों पर चर्चा की गई. इस दौरान गृह मंत्रालय की ओर से एक के बाद एक ट्वीट कर बताया गया कि नए दिशा-निर्देश 4 मई को जारी किए जाएंगे.

मौसम विभाग ने दिए अगले 24 घंटे में तेज बारिश होने के संकेत, ये राज्य होंगे प्रभावित..

मौसम विभाग ने देश के अधिकांश हिस्सों में जबरदस्त बारिश की संभावना जताई है कई राज्य में आंधी के साथ ओलावृष्टि का भी अनुमान है।

मौसम विभाग ने कई राज्य में तेज बारिश की संभावना को लेकर चेतावनी जारी की है मौसम विभाग ने इस महीने दूसरी बार अलर्ट जारी किया है इससे पहले विभाग ने 15 अप्रैल को दक्षिण पश्चिम मानसून सीजन के दौरान भारत में सामान्य वर्षा की भविष्यवाणी की थी।
विभाग के मुताबिक गुरुवार को गुजरात ,राजस्थान, मध्यप्रदेश के पश्चिमी भाग और उत्तर पश्चिमी भाग के साथ-साथ महाराष्ट्र में सामान्य से थोड़ी अधिक बारिश होने का अनुमान है वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश देखने को मिल सकती है।

हरियाणा के कुछ हिस्सों में 2 मई तक आंधी और बारिश देखने को मिलेगी वहीं 3 मई से यहां तेज बारिश की संभावना है स्काईमेट वेदर रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वी उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ पहुंच रहा है दक्षिणी छत्तीसगढ़ ,पश्चिमी बंगाल और इससे सटे हिस्सों पर एक चक्रवती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है वहीं मध्य प्रदेश के दक्षिण पश्चिम हिस्सों से तमिलनाडु तक एक ट्रफ बना हुआ है मौसम के इसी बदलाव को देखते हुए विभाग ने चेतावनी जारी की है राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है।