मुरैना में कोरोना से पहली मौत, प्रशासन ने किया था होम क्वारंटिन

मुरैना।

कोरोना से मुरैना जिले में गुरुवार को पहली मौत हुई। मरने वाली 70 साल की महिला है। पिछले सोमवार को वह कोरोना पॉजिटव आई थी। महिला डायबिटिक थी और उसका गाल ब्लेडर का ऑपरेशन हुआ था। प्रशासन ने यह लापरवाही बरती कि हाईरिस्क की महिला होने के बाद उसे होम क्वारंटिन किया गया था। ओल्ड हाउसिंग बोर्ड निवासी महिला को हालत गंभीर होने पर बुधवार रात 10 बजे परिजन अस्पताल लेकर आए। हालत गंभीर देख अस्पताल प्रबंधन ने गुरुवार सुबह उसे ग्वालियर रेफर किया। लेकिन ले जाने से पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया।

धार में 6 नए कोरोना संक्रमित सामने आए हैं। इसमें शहर के काजीवाड़ा के 2 मरीज हैं, ये दोनों मृत वकील के रिश्तेदार हैं। शहर के चौपाटी क्षेत्र में 3 पॉजिटिव मिले हैं जो पूर्व में मिले संक्रमित के नजदीकी हैं। वहीं एक सब्जी बेचने वाली महिला के कारण संक्रमित हुआ है। इन्हें मिलाकर जिले में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 120 हो गई है। इनमे से 12 एक्टिव मरीज हैं। 3 मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि 105 स्वस्थ होकर घर लौट गए हैं।

बड़वानी के सेंधवा में एक और कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला

बुधवार रात आई रिपोर्ट में सेंधवा का 36 वर्षीय व्यक्ति कोरोना वायरस पॉजिटिव मिला है। इसे मिलाकर बड़वानी में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 42 हो गई है। 32 लोग उपचार के बाद ठीक होकर घर पहुंच चुके हैं।

महू में तीन नए पॉजिटिव

महू में 3 नए कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इन्हे मिलाकर यहां संक्रमितों की कुल संख्या 111 हो गई है

उइगुर मुस्लिमों पर अत्याचार को लेकर चीन पर अमेरिका का एक्शन

कोरोना वायरस के चलते चीन और अमेरिका पहले से ही आमने-सामने हैं. इसी बीच अमेरिका के एक कदम से चीन और भड़क सकता है. अमेरिकी कांग्रेस ने उइगुर मुस्लिमों को हिरासत में लेने से चीनी अधिकारियों को रोकने के लिए विधेयक को मंजूरी दे दी है

दरअसल, अमेरिका की प्रतिनिधि सभा ने बुधवार को चीन के पश्चिमी क्षेत्र शिनजियांग में उइगुर मुसलमानों को हिरासत में रखने और प्रताड़ित करने के लिए चीनी अधिकारियों के खिलाफ प्रतिबंधों का आह्वान करते हुए बिल पारित किया है. यह बिल अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास भेजा गया है. 

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप के साथी रिपब्लिकन सदस्यों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रपति ट्रंप बिल पर हस्ताक्षर करेंगे. हालांकि व्हाइट हाउस ने अभी तक यह संकेत नहीं दिया है कि ट्रंप ऐसा करेंगे या नहीं.

रिपोर्ट के अनुसार यह बिल चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगुर और अन्य मुस्लिम समूहों के दमन के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रतिबंधों का आह्वान करता है. संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि शिविरों में दस लाख से अधिक मुसलमानों को हिरासत में लिया गया है.

इस बिल के पास होने के बाद अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर मार्को रुबियो ने कहा कि कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दिया कि चीनी सरकार ऐसा किसी भी तरह का काम नहीं कर सकती है.  हाउस की स्पीकर नैन्सी पलोसी ने भी एक बयान में कहा कि यूनाइटेड स्टेट्स कांग्रेस बीजिंग के उइगुरों के खिलाफ मानवाधिकारों के हनन के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है.

मालूम हो कि अमेरिका और चीन के बीच पिछले कुछ समय से तनाव बढ़ गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोरोनो वायरस महामारी के लिए लगातार चीन को दोषी ठहरा रहे हैं. माना जा रहा है कि उइगुर मुस्लिमों से संबंधित यह बिल चीन और अमेरिका के बीच और भी ज्यादा तनाव बढ़ा सकता है. फिलहाल अब निर्णय डोनाल्ड ट्रंप को ही लेना है.

कौन हैं उइगुर:  

इस्लाम को मानने वाले उइगुर समुदाय के लोग चीन के सबसे बड़े और पश्चिमी क्षेत्र शिनजियांग प्रांत में रहते हैं. चीन में उइगुरों की आबादी एक करोड़ से अधिक है. कई मानवाधिकार समूह का कहना है कि कम से कम 10 लाख उइगुर और अन्य तुर्की मूल के मुस्लिमों को चीन के उत्तर-पश्चिम में स्थित जीनजियांग प्रांत के शिविरों में रखा जा रहा है.

क्या है उत्पीड़न का मामला:  

चीन भले ही पूरी दुनिया में मानवाधिकारों की बात करे लेकिन सच तो ये है कि चीन उइगुर मुसलमानों पर लगातार अत्याचार कर रहा है. और इसका खुलासा द न्यूयॉर्क टाइम्स ने कुछ लीक दस्तावेजों के माध्यम से किया है. इसमें बताया गया है कि कैसे राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ‘जरा भी दया न’ दिखाने का आदेश दिया.

पिछले साल द न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा हासिल किए गए 403 पन्नों वाले सीक्रेट दस्तावेज में कम्युनिस्ट पार्टी की बेहद गोपनीय लेकिन विवादास्पद कार्रवाई के बारे में बताया गया है. अखबार के मुताबिक, ये दस्तावेज चीनी राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े एक अनाम शख्स ने लीक किए.

इसके अलावा ऐसी कई रिपोर्ट्स आई हैं जिनमें दावा किया गया कि चीन ने आतंकवाद और धार्मिक चरमपंथ से लड़ने के बहाने मुसलमानों को शिविरों में रखा है और उनका कथित ब्रेन वॉश भी किया है. इन रिपोर्ट्स के सामने आने के बाद बाद चीन की आलोचना भी हुई है. और अब अमेरिकी कांग्रेस ने बकायदा बिल भी पारित कर दिया है.

छिंदवाड़ा में बयान देकर फंसे पूर्व सीएम कमलनाथ, एससी-एसटी थाने में शिकायत दर्ज

छिंदवाड़ा। 
एमपी के पूर्व सीएम कमलनाथ इस समय तीन दिनों के प्रवास पर अपने चुनाव क्षेत्र छिंदवाडा में हैं। इस दौरान बुधवार को उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश और केंद्र सरकार पर खूब हमले भी किए। लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल के जवाब को लेकर बीजेपी ने आपत्ति जताई है। बीजेपी की जिला ईकाई एवं अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने उनके बयान को एक वर्ग विशेष के खिलाफ बताते हुए एससी-एसटी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। 

एक पत्रकार ने सिंचाई घोटाले की जांच संबंधित सवाल पूछा था। इसके जवाब कमलनाथ ने जो कहा, उसी को लेकर अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने आपत्ति जताई है। मोर्चा ने आरोप लगाया है कि पूर्व सीएम ने अपने बयान में आपत्तिजनक और अमर्यादित शब्द का प्रयोग कर एक समाज विशेष को अपमानित किया है। बीजेपी के जिलाध्यक्ष विवेक बंयी साहू ने कहा कि बयान में जो शब्द पूर्व सीएम ने इस्तेमाल किए हैं, वो बहुत आपत्तिजनक हैं। वहीं, अनुसूचित जनजाति मोर्चे के अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व सीएम के इन शब्दों से हमें अपमान महसूस हुआ है। इसीलिए इसकी हम शिकायत भी दर्ज करवा रहे हैं। 

पूर्व सीएम कमलनाथ ने अपने बयान के दौरान आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया है या नहीं ये तो आप खुद सुनकर तय करें….लेकिन फिलहाल भाजपा ने तो इस शिकायत के माध्यम से कमलनाथ को घेरने की कोशिश की है। कमलनाथ की ओर से इस पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। 

मध्यप्रदेश: 25 से 26 बनेंगे नए मंत्री, दो दिन मंथन के बाद मंत्रिमंडल विस्तार पर लगी मुहर

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पहले मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बुधवार को भी काफी माथापच्ची हुई। इसमें मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत मौजूद रहे। दो दिन की चर्चा के बाद यह तय हो गया है कि मंत्रिमंडल विस्तार में 25 से 26 चेेहरों को शामिल किया जाएगा।

इसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट के बाकी पांच लोग (प्रभुराम चौधरी, इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर और राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव) तो कांग्रेस से भाजपा में आए चार नाम (बिसाहूलाल सिंह, एंदल सिंह कंसाना, रणवीर जाटव और हरदीप सिंह डंग) शामिल हैं। वहीं भाजपा से 15-16 लोगों को मौका मिल सकता है।

सत्ता और संगठन ने लगभग डेढ़ गुना नाम तय किए हैं जिनमें से दिल्ली बात करके मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले चेहरों को अंतिम रूप दिया जाएगा। बुधवार को सुवासरा (मंदसौर) सीट से विधायक रहे हरदीप सिंह डंग भी भाजपा कार्यालय पहुंचे और प्रदेश नेतृत्व और संगठन से बातचीत की। डंग भी कांग्रेस से भाजपा में आए हैं। वे कमलनाथ सरकार बनने के कुछ समय बाद से ही भाजपा के संपर्क में थे।

24 सीटों पर उपचुनाव
मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही भाजपा 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव की तैयारियों में जुट गई है। इसी बीच बुधवार को प्रभुराम चौधरी और पूर्व मंत्री गौरीशंकर शेजवार की मुलाकात हुई। पार्टी ने मंदसौर से सांसद सुधीर गुप्ता और जिलाध्यक्ष को भोपाल बुलाकर बातचीत की। संगठन ने हाटपिपल्या से विधायक रहे दीपक जोशी को बुलाया और जीत को लेकर जोड़-तोड़ पर चर्चा की।

चीन को घेरने के लिए बनाया चक्रव्यूह! किसी भी चाल को कामयाब नहीं होने देगा भारत

चीन कर रहा है युद्ध की तैयारी

भारत-चीन के बीच सीमा पर तनाव

चीन चारों तरफ से घिर गया है और उसको घेरा है हिंदुस्तान ने, हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसा चक्रव्यूह बनाया है, जिसमें से निकलना चीन के लिए मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन लगता है. क्योंकि ये घेराबंदी सिर्फ लद्दाख में सेना की टुकड़ी भेजने तक नहीं, बल्कि उससे कहीं ज्यादा आगे तक की है.

कोरोना वायरस को विश्व में फैलाने के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. चीन एक ऐसा देश है जिसकी दोस्ती किसी को नहीं दिखती लेकिन दुश्मनी साफ-साफ प्रकट हो जाती है. वो हमेशा अपने खुराफातों की ऐसी चाल चलता है कि दूसरे देश उसमें फंसकर चकरघिन्नी बन जाएं. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत ने तय कर लिया है कि वो चीन की किसी भी चाल को कामयाब नहीं होने देगा. प्रधानमंत्री मोदी ने एक ऐसा चक्रव्यूह बनाया है जिसमें से निकलना चीन के लिए असंभव होगा.

उस चक्रव्यूह का सबसे बाहरी व्यूह है सामरिक. उसके अंदर का व्यूह है कूटनीतिक और फिर उसके अंदर का व्यूह है आर्थिक. तो एक-एक कर जान लीजिए कि कैसे चीन की विस्तारवादी सोच को लगाम कसने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बना रखा है एक जबर्दस्त रणनीतिक चक्रव्यूह. इसकी शुरुआत होती है रक्षा मामलों से. पूर्वी लद्दाख के तीन केंद्रों पर चीन ने घुसपैठ कर ली. अपनी सैनिक टुकड़ी के साथ डट गया. उसने सोचा होगा कि भारत कोई पलटवार नहीं करेगा लेकिन हिंदुस्तान की सेना जा डटी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल विपिन रावत के साथ बैठक करके तय कर लिया कि चीन जिस भाषा में बात समझता हो, उसे उसी भाषा में समझा दिया जाए. भारत के इस तेवर से चीन तिलमिलाया हुआ है. जिनपिंग ने अपने सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक करके युद्ध के लिए तैयार रहने की बात की है.

युद्ध की तैयारी

चीन के राष्ट्रपति ने किसी देश का नाम नहीं लिया कि वो किससे युद्ध के लिए तैयारी कर रहे हैं. वैसे चीन का सबसे बड़ा कूटनीतिक युद्ध तो अमेरिका से चल रहा है जो कोरोना पर शुरू हुआ है. लेकिन जब चीन की हरकतों पर भारत ने अपने तेवर कड़े किए तो अमेरिका को भी लग गया कि हालात बदल रहे हैं. ट्रंप ने ट्वीट किया कि हमने भारत और चीन दोनों को सूचित किया है कि उनके तीखे सीमा विवाद पर अमेरिका मध्यस्थता करने को तैयार है.

दरअसल, कोरोना के संक्रमण के दौरान जहां भारत ने अपना पूरा ध्यान इस महामारी से निपटने में लगाया है, वहीं चीन ने एलएसी पर भारतीय सीमा में करीब 5 हजार सैनिकों की तैनाती बहुत तेजी से कर दी. लेकिन भारत ने जल्द ही अपनी फौज की तैनाती कर दी. अब भारत की नाराजगी और अमेरिका के गुस्से के बीच चीन अलग थलग पड़ने लगा है. दुनिया के तमाम देश उससे किनारा कर रहे हैं, बावजूद इसके चीन अपने रक्षा बजट में वृद्धि कर रहा है.

चीन अपनी ताकत दिखाने में मशगूल है लेकिन अमेरिका के बहाने ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चक्रव्यूह के दूसरे व्यूह पर आते हैं जिसमें चीन को कूटनीतिक रूप से घेरना है. चीन ने ताइवान की आजादी का अतिक्रमण कर रखा है. लेकिन दुश्मन का दुश्मन दोस्त की कूटनीति का इस्तेमाल करते हुए भारत ने ताइवान का कूटनीतिक समर्थन कर दिया. बुधवार को ताइवन की नई राष्ट्रपति साइ इंग वेन के शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी के दो सांसदों मीनाक्षी लेखी और राहुल कस्वां ने ऑनलाइन शिरकत की और उनको बधाई दी. भारत जैसे देश के समर्थन से ताइवान को ताकत मिली है जो देर सबेर चीन के खिलाफ काम आ सकती है. इससे भी चीन तिलमिलाया हुआ है.

हॉन्गकॉन्ग में भी नाराजगी

चीन के खिलाफ हॉन्गकॉन्ग में भी भारी नाराजगी है. हॉन्गकॉन्ग में हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच चीन ने उसके लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून संसद में पेश किया है. जबकि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत हॉन्गकॉन्ग के लोकतांत्रिक मूल्यों का समर्थन करता है. वैसे प्रधानमंत्री मोदी बहुत पहले ही अपने लोकतांत्रिक फलसफे को दुनिया के सामने रख चुके हैं.

चीन को घेरने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के चक्रव्यूह का तीसरा व्यूह आर्थिक मोर्चा है. कोरोना ने दुनिया में चीन की साख को मिट्टी में मिला दिया है. वहां पर कोई भी कंपनी काम नहीं करना चाहती. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले से ही दुनिया से कह रहे हैं कि चीन को अलग-थलग कर देना है. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना कहे ही बहुत कुछ इशारा तब कर दिया था जब आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया.

मैनुफैक्चरिंग हब

आज दुनिया में मैनुफैक्चरिंग का सबसे बड़ा हब चीन ही है. लेकिन कोरोना से उसकी ये ताकत टूटने वाली है. कोरोना से पैदा हुई दिक्कतों के बीच दुनिया की करीब एक हजार कंपनियां भारत में अपनी फैक्ट्रियां लगाना चाह रही हैं. इनमें मोबाइल, मेडिकल डिवाइसेज, कपड़ा, सिंथेटिक फैब्रिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी कंपनियां हैं. ये कंपनियां भारत को वैकल्पिक मैनुफैक्चरिंग हब के रूप में देख रही हैं.

दूसरे देशों में चीन का माल बिकता है तो उसकी जेब मजबूत होती है और उस पैसे को खर्च करता है युद्ध के साजोजामान में. भारत की नई रणनीति यही है कि कोरोना काल में चीन से कंपनियों की नाराजगी का फायदा उठा लिया जाए. चीन के साथ आज पाकिस्तान जैसे इक्के दुक्के देश को छोड़कर कोई खड़ा नहीं है. जबकि भारत की ताकत वैश्विक दोस्ती के मामले में भी बढ़ रही है.

संबित पात्रा अस्पताल में भरती दिखे कोरोना के लक्षण

संबित पात्रा बीजेपी का जाना पहचाना चेहरा हैं और टीवी डिबेट में अक्सर पार्टी का पक्ष रखते हुए नजर आते हैं.

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि पात्रा में कोरोना वायरस के लक्षण मिले हैं. संबित पात्रा बीजेपी का जाना पहचाना चेहरा हैं और टीवी डिबेट में अक्सर पार्टी का पक्ष रखते हुए नजर आते हैं. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें ओडिशा की एक सीट से कैंडिडेट भी बनाया था लेकिन वो जीतने में सफल नहीं हुए थे.

बता दें कि देश में जानलेवा कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है. इस वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में हर दिन इजाफा हो रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटे में 6566 कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ गई और 194 मरीजों की मौत हो गई. देश में अब इस महामारी से संक्रमित मरीजों की संख्या 1 लाख 58 हजार से ज्यादा हो गई है. मंत्रालय के मुताबिक, अबतक 1 लाख 58 हजार 333 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. वहीं, 4531 लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि 67,692 लोग ठीक भी हुए हैं.

किस राज्य में कितनी मौतें हुईं?

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, महाराष्ट्र में 1897, गुजरात में 938, मध्य प्रदेश में 313, दिल्ली में 303, तमिलनाडु में 133, तेलंगाना में 63, आंध्र प्रदेश में 58, कर्नाटक में 47, उत्तर प्रदेश में 182, पंजाब में 40, पश्चिम बंगाल में 289, राजस्थान में 173, जम्मू-कश्मीर में 26, हरियाणा में 18, केरल में 7, झारखंड में 4, बिहार में 15, असम में 4, हिमाचल प्रदेश में 5, ओडिशा में 7 और मेघालय में एक मौत हुई है.

सरकारी उपेक्षा के खिलाफ किसानों ने भरी हुंकार

मध्य प्रदेश सहित देश के 10,000 से ज्यादा गांवों,टोला, तहसील ,ब्लॉक कस्बों और जिलों में विरोध प्रदर्शन

प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देकर कहा किसानों को विशेष पैकेज दे सरकार

250 किसान संगठनों की अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने किया था आव्हान

इंदौर। 2 महीने से देश भर में चल रहे लाक डाउन के कारण देशभर के किसान परेशान हैं, खेती किसानी में भारी परेशानी आ रही है उनकी उपज या तो बिक नहीं रही है ,मंडियां बंद होने के कारण या फिर ओने पौने दामों पर व्यापारियों द्वारा उन्हें लूटा जा रहा है सरकार द्वारा किसानों को कोई राहत नहीं दी गई है ।ऐसे तमाम सवालों को लेकर ढाई सौ से ज्यादा किसान संगठनों की किसान संघर्ष समन्वय समिति के आवाहन पर देश के 600 से ज्यादा जिलों में 10,000 से ज्यादा स्थानों पर किसान बचाओ – देश बचाओ दिवस ,गाँव ,टोला ,ब्लॉक तहसीलों , जिलों और किसान संगठनों के कार्यालयों में उत्साह पूर्वक मनाया गया । किसान संघर्ष समन्वय समिति के आव्हान को देशभर में भारी समर्थन मिला और जगह-जगह प्रदर्शन हुए किसानों ने इसमें व्यक्तिगत स्तर पर सोशल मीडिया के माध्यम से भी भागीदारी की।
देश के लगभग सभी राज्यों में समन्वय समिति से जुड़े किसान संगठनों के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम स्थानीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा ।
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति की संयोजन समिति के सदस्य तथा मध्य प्रदेश किसान संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने इस विरोध दिवस के मौके पर फेसबुक लाइव में बोलते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार द्वारा ₹200000 तक के कर्ज माफी का वादा पूरा नहीं होने से अधिकांश किसान सोसायटी ओं में डिफाल्टर हो गए हैं और उन्हें खाद बीज नहीं मिल रहा है ।तुरंत सभी किसानो को बिना ब्याज के खाद बीज उपलब्ध कराने की जरूरत है
।किसान संघर्ष समन्वय समिति की मांग है कि बिजली बिल माफ किए जाएं सभी किसानों को सोसाइटी से बगैर किसी किंतु-परंतु के खाद बीज उपलब्ध कराए जाएं तथा अंतरराष्ट्रीय दामो में कमी का लाभ देते हुए किसानों को भी ₹22 प्रति लीटर कम दाम में डीजल उपलब्ध कराया जाए
।पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने मध्य प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बिजली बिल की माफी की मांग को लेकर पूर्व में भी किसान संघर्ष समिति ने मध्य प्रदेश में आंदोलन कर बिजली बिल माफी करायी थी। यदि सरकार ने बिल माफी की मांग मंजूर नहीं की तो फिर तेज आंदोलन किया जाएगा।
डॉ सुनीलम ने टिड्डी प्रभावित 28 जिलों के किसानों को विशेष पैकेज देने की मांग की।

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आवाहन पर मध्य प्रदेश में भी किसान संघर्ष समिति ने व्यापक रूप से विरोध दिवस मनाया और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में तथा तहसील और गांव में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम, कलेक्टर, संभाग आयुक्त व अन्य अधिकारियों को सौंपा गया।

मुलताई में किसान संघर्ष समिति के जगदीश दोड़के, छिंदवाड़ा में एडवोकेट आराधना भार्गव, कटनी में डॉ एके खान, इंदौर में रामस्वरूप मंत्री, रायसेन में टी आर आठ्या, नीमच में राजेंद्र पुरोहित, रीवा में इंद्रजीत सिंह, टीकमगढ़ में महेश पटेरिया ,झाबुआ में राजेश बैरागी, देवास में लीलाधर चौधरी, सिलवानी में श्री राम सेन ,ग्वालियर में पूरन सिंह राठौड़, सिवनी में डॉक्टर राजकुमार सनोडिया, मऊ में दिनेश सिंह कुशवाहा,पीथमपुर में अमरदास उपररिया व उमाकांत मिश्रा, बैतूल में राकेश महाले, पृथ्वीपुर में लखन चंद जैन, दमोह में राजेश आठ्या, विदिशा में राजेश तामेश्वरी, मंदसौर में दिलीप सिंह पाटीदार, पन्ना में पदाली यादव ,झाबुआ में राजेश बैरागी ,उज्जैन में कमलेश परमार सहित संघर्ष समिति के सभी पदाधिकारियों के नेतृत्व में किसान बचाओ – देश बचाओ दिवस मनाया गया और ज्ञापन सौंपा गया ।

प्रधानमंत्री के नाम भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि हम भारत के किसान, देश की किसान जनता के सामने उत्पन्न गम्भीर समस्याओं, जो कोविड-19 महामारी और लगातार चले लाॅकडाउन की स्थिति में और बढ़ गयी हैं, को सम्बोधित करने व उनका हल निकालने में आपकी सरकार की लगातार विफलता पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए आपसे आग्रह करते हैं कि निम्न समस्याओं को हल करने के लिए तुरन्त कदम उठाए जाएं।
यह एक उचित समय था, जब किसानों और खेत मजदूरों को, देश के कुल श्रम शक्ति का 50 फीसदी हैं, पर्याप्त राहत प्रदान करके सबसे निचले पायदान पर जीवन बसर कर रहे नागरिकों का विकास सुनिश्चित किया जा सकता था।
ज्ञापन में मांग की गई है सभी किसानों के, भूमिहीन किसान व खेत मजदूर समेत, सभी कर्जे माफ करो। सभी पुराने केसीसी कर्ज माफ करो व नए केसीसी कर्ज तुरन्त जारी करो, फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य सी2 +50 फीसदी की घोषणा करो, सुनिश्चित करो कि इसी दाम पर सारी फसलें खरीदी जाएं व इसके लिए सरकारी खरीद का प्रावधान करो। इन फसलों में दूध, सब्जी, फल व सभी बर्बाद होने वाली फसलें शामिल हों।
लागत के दाम घटाओ, विशेषकर डीजल के दाम, हवाई जहाज के ईंधन के दाम 22 रुपये प्रति लीटर के बराबर करो।
इस पूरी अवधि के बिजली के घरेलू, व्यवसायिक व ट्यूबवेल के बिल माफ करो।
बीज, खाद, कीटनाशक दवा के दाम इस सत्र में कम से कम 50 फीसदी करो।
सभी बटाईदार किसानों का पंजीकरण करो और उन्हें एमएसपी, कर्जमाफी, कर्जे, छूट पर मिलने वाली लागत व फसल नुकसानी के सरकारी लाभ मिलने की गारंटी करो। पीएम किसान का भुगतान 18,000 रुपये प्रति वर्ष करो।
गन्ना किसानों का भुगतान तुरंत करो ।
केवल कार्ड धारकों को 5 किलो अनाज प्रति व्यक्ति प्रति माह देने की नीति बदलो और उन सबको 15 किलो अनाज और कम से कम 1 किलो दाल, तेल व चीनी प्रति माह उपलब्ध कराओ। यदि सभी 135 करोड़ लोगों को 15 किलो अनाज दिया जाए तो इसका बोझ मात्र लगभग 2 करोड़ टन प्रति माह ही पड़ेगा।
सुनिश्चित करो कि हर व्यक्ति जिसे काम चाहिए उसे 6 माह तक मनरेगा के अन्तर्गत काम मिले या कानून के अनुसार इस अवधि का पेमेन्ट मिले; कोरोना संकट से उबरने के लिए, इस दौरान हुई जीविका के नुकसान की भरपाई के लिए हर व्यक्ति को 10,000 रुपये प्रतिमाह पेमेन्ट किया जाए।
सारी स्वास्थ्य सुविधाएं तुरन्त चालू कराई जाएं और हर गांव में डिस्पेन्सरी खोली जाएं।
सभी ट्रैन व अन्तर्राज्यीय बसें तुरंत शुरु की जाएं ताकि प्रवासी मजदूर घर लौट सकें।
हर गांव में सभी प्रवासियों के सर्विलांस और जांच का प्रबंध किया जाए और कोविड की सभी हिदायतों, यानी मास्क पहनना, शारीरिक दूरी बनाए रखना, चेहरे को ना छूना व हाथ धोना, आदि का सामाजिक अभियान चलाया जाए।
सभी छोटे व्यवसायियों, उत्पादन व स्थानीय परिवहन को तुरंत चालू किया जाए।
आपकी सरकार द्वारा आवश्यक वस्तु कानून व मंडी कानून समाप्त करने, ई-नाम, खेत की दहलीज से बड़े व्यापारियों व व्यवसायिक एजेंटों द्वारा फसलें खरीदने, ठेका खेती शुरु कराने, निजी भंडारण, शीत भंडारण, खाद्यान्न प्रसंस्करण और सप्लाई चेन, आदि में करापोरेट को बढ़ावा देने से किसानों की बची-खुची स्वतंत्रता भी समाप्त हो जाएगी।
किसान संघर्ष समिति ने निम्न मुद्दों पर तुरंत कार्यवाही की मांग की है।
1.पिछले वर्ष मंडी में और सोसायटियों में गेंहूँ के खरीद मूल्य में अंतर कम होने से इस वर्ष कई किसान पंजीयन नहीं करा पाये । जिसका फायदा उठाते हुए व्यापारी 1600-1700 रूपये प्रति क्विंटल गेहूँ खरीद रहे हैं । पंजीकृत और अपंजीकृत सभी किसानों की रकबे के अनुसार सम्पूर्ण उपज की समर्थन मूल्य खरीद की जाए।

2.खरीफ की फसल बोवनी का समय आ रहा है ।अभी तक सोसायटियों में रासायनिक उर्वरक एवं बीज का भंडारण नहीं हुआ है । खाद बीज नहीं मिलने से किसानों की बोवनी प्रभावित होगी । तत्काल खाद बीज भंडारण किया जाए ।विद्युत विद्युत अधिनियम 2003 में संशोधन कर अनियोजित तरीकें से विद्युत अधिनियम2020 पारित किया है जिसका असर लोगों के जीवन, आजीविका और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ेगा। किसानों की सहमति के बिना ही उनके कृषि पंप के 3 एचपी के कनेक्शन को 5 एचपी मे परिवर्तित किया जा रहा है ।अभी 3 एच पी कनेक्शन धारी किसानों को एक वर्ष में 2100 रू बिना सब्सिडी के बिल चुकाना पड़ता है ।5 एचपी में परिवर्तित करने पर 3500 रूपये चुकाना पड़ेगा जो कि 1400 रू अधिक है । यह किसानों की बहुत बड़ी लूट है। किसानों की लूट तत्काल बन्द की जासभी सब्जी एवं दुध उत्पादक किसानों की सब्जी और दुध खराब होने से हुए आर्थिक नुकसान की क्षतिपूर्ति हेतू किसानों को तत्काल राहत राशि का भुगतान किया जाना चाहिए

5 सभी खरीद केंद्रों पर तुलाई इलेक्ट्रॉनिक कांटों से किसानों से सामने सुनिश्चित की जाए।
6 टिड्डी पीड़ित किसानों को विशेष पैकेज दिया जाय।
हमारा आग्रह है कि उपरोक्त सभी किसान विरोधी कदमों को रोककर किसान संगठनों से इन पर चर्चा की जाए ताकि इन सबसे देश में खेती की आत्मनिर्भरता को होने वाले नुकसान को रेखांकित कर उसमें आवश्यक सुधार किए जा सकें।

रामस्वरूप मंत्री
उपाध्यक्ष ,किसान संघर्ष समिति मध्य प्रदेश
प्रभारी मालवा निमाड़
9425902303

क्वारंटाइन सेंटर को बार डांसरों से बना दिया है मौज मस्ती का केंद्र, लोग हो रहे हैं परेशान

यूपी के मुरादाबाद में एमआईटी में क्वारंटान कराई गई बार बालाओं और उसके साथ के लोगों की हरकतों से कर्मचारी परेशान हो चुके हैं। बार बालाएं और उनके साथ के लोग बच्चों के लिए बांटा जा रहा दूध भी कर्मचारियों से लेकर पी ले रहे हैं। बाहर से गुटखा मंगाने भी कोशिश हो रही है। इससे पहले हंगामा करने पर एक बार मुकदमा दर्ज हो चुका है।
सिविल लाइंस के आदर्श कालोनी में बीते 16 मई को मुम्बई में रह रही बार बालाओं समेत करीब 70 लोग आए थे। इनमें तीन बार बालाओं समेत पांच कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। जिसके बाद 19 मई को प्रशासन ने सभी को क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया था। वहां शराब की मांग करते हुए बार बालाओं ने हंगामा किया था। डांस और हंगामे का वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज किया। साथ ही क्वारंटाइन सेंटर में जाकर काउंसिलिंग की थी। इसके बावजूद उनकी हरकतें नहीं रुक रही। बताया गया कि क्वारंटाइन सेंटर में बच्चों के लिए जो दूध बांटा जाता है उसे बड़े लोग लेकर पी जा रहे हैं। साबून आदि के विरतण के दौरान भी इसी तरह लूट करते हैं। इतना ही नहीं घर से कपड़ा मंगाते हैं।

कपड़ों के अंदर ही गुटखा छिपाकर ले जाया जाता है। पुलिस एक व्यक्ति से 25 गुटखा बरामद भी कर चुके हैं। एएसपी दीपक भूकर ने बताया कि क्वारंटाइन सेंटर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वहां लोग गुटखा मंगवाने और बच्चों के हिस्से का दूध पीने की शिकायत मिली थी। क्वारंटाइन सेंटर जाकर काउंसिलिंग की गई है। यदि ज्यादा परेशान करेंगे तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अमर अकबर एंथनी के 43 साल, बिग बी बोले- बाहुबली 2 से ज्यादा की थी कमाई

अमिताभ बच्चन की फिल्म अमर अकबर एंथनी को 43 साल हो गए हैं. अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर पोस्ट किया है. मूवी की कास्ट की कुछ तस्वीरें भी अमिताभ ने शेयर की हैं.

फोटो शेयर करते हुए अमिताभ ने लिखा- आज से 43 साल पहले अमर अकबर एंथोनी ने 7.25 करोड़ रुपये कमाए थे. अगर आज की महंगाई के हिसाब से इसे देखा जाए तो ये बाहुबली 2-कंक्लूजन की कमाई से भी ज्यादा है. इस फिल्म में अमिताभ के अलावा ऋषि कपूर, विनोद खन्ना, शबाना आजमी, नीतू कपूर, परवीन बाबी, प्राण और निरूपा रॉय जैसे सितारे थे. फिल्म को काफी पसंद किया गया था.

कुछ समय पहले ही अमिताभ बच्चन ने अमर अकबर एंथनी का एक सीन शेयर किया था. वीडियो शेयर करते हुए अमिताभ ने लिखा था- ये सकारात्मक रहने का समय है. ये समय है कि हम खुशियों को वापस ले आएं जीवन में. इस कहावत का समय आ गया है कि- ”द शो मस्ट गो ऑन.”
ये हैं अमिताभ बच्चन के प्रोजेक्ट्स

बता दें कि अमिताभ बच्चन 77 साल की उम्र में भी फिल्मों में लगातार काम कर रहे हैं. इंडस्ट्री में उनकी जर्नी काफी इंस्पायरिंग है. अमिताभ बच्चन के पास इस समय कई सारे प्रोजेक्ट्स हैं. वो गुलाबो सिताबो, चेहरे, ब्रह्मास्त्र और झुंड में नजर आएंगे. उनकी फिल्म गुलाबो सिताबो का ट्रेलर रिलीज हो गया है. फिल्म 12 जून को अमेजन प्राइम पर रिलीज होगी. इस फिल्म में अमिताभ के अलावा आयुष्मान खुराना भी मुख्य रोल में होंगे. अमिताभ की ये पहली फिल्म है जो ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी.