रिश्ते बिगाड़ने पर तुला ‘पड़ोसी’, पहली बार भारतीय सीमा पर सेना तैनात करेगा नेपाल

नेपाल-भारत संबंधों में बढ़ा तनाव

नए नक्शे के लिए बिल नेपाली संसद में पेश

चयनित बॉर्डर पर ही मिलेगी भारतीयों को एंट्री

नेपाल और भारत‌ के बीच‌ चल रहे सीमा विवाद में नेपाल के तरफ से एक और विवादास्पद फैसला किया गया है. नेपाल सरकार ने नेपाल प्रवेश करने के लिए खुली सीमाओं को बंद करने और सरकार द्वारा निर्धारित सीमा क्षेत्र से ही नेपाल में एंट्री देने का फैसला किया है. भारत के साथ तनाव को देखते हुए नेपाल ने अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की तैनाती को भी मंजूरी दी है. ऐसा पहली बार हो रहा है.

नेपाल और भारत के बीच करीब 1,700 किलोमीटर की खुली सीमाएं हैं. अभी तक नेपाल आने वाले भारतीय नागरिकों को बिना रोक-टोक अपनी सुविधा के मुताबिक इन खुली सीमाओं से एंट्री मिलती थी. नेपाल सरकार के ताजा फैसले से अब सिर्फ निर्धारित सीमा से ही नेपाल में प्रवेश करने की इजाजत मिलेगी.

जिस दिन नेपाल सरकार ने भारतीय क्षेत्रों को मिलाकर अपना नया नक्शा जारी किया था, यह निर्णय उसी दौरान लिया गया है. लेकिन सरकार ने एक हफ्ते तक इस निर्णय को छिपा कर रखा. राजपत्र में प्रकाशित करने के बाद इसे सार्वजनिक किया गया है.

सीमा विवाद को लेकर भारत से टकराव के मूड में रहे नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की कैबिनेट ने सीमा व्यवस्थापन और सुरक्षा के नाम पर सख्ती दिखाते हुए भारत से लगी 20 सीमाओं को छोड़कर बाकी सभी को बन्द करने का निर्णय किया है.

सीमा क्षेत्र में सेना की तैनाती

भारत के साथ तनाव को देखते हुए नेपाल ने अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की तैनाती को भी मंजूरी दे दी है. यह पहली बार है जब नेपाल-भारत सीमा पर सेना की तैनाती होने जा रही है. अब तक भारत के तरफ सीमा की निगरानी एसएसबी करती थी वहीं नेपाल की तरफ से सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) के हवाले सुरक्षा की जिम्मेदारी थी. नेपाल के हर सीमावर्ती जिलों में सैन्य बैरक होने के बावजूद सीमा की निगरानी या सुरक्षा के नाम पर सेना को बॉर्डर पर कभी नहीं भेजा गया था.

नेपाल भारत के बीच बॉर्डर को नियंत्रित करना, बन्द करना और सेना की तैनाती करना दोनों देशों के बीच 1950 में हुए मैत्री संधि के खिलाफ है. नेपाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी हमेशा से इस संधि के खिलाफ रही है. इनके चुनावी घोषणा पत्र से लेकर हर सभा सम्मेलन में आजाद भारत के साथ हुए पहले समझौते का विरोध किया जाता रहा है. कम्युनिस्ट नेताओं का एक बड़ा एजेंडा‌ भारत के साथ रहे सांस्कृतिक, धार्मिक, पारिवारिक और राजनीतिक संबंधों को खत्म करना रहा है.

20 जगहों से ही होगी भारतीयों की एंट्री

इस निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय के सचिव नारायण बिडारी ने कहा कि कैबिनेट ने यह फैसला लिया है कि ‌भारत से आने वाले लोगों को अब सिर्फ 20 सीमा गेट से ही आने की इजाजत मिलेगी. नेपाल के 22 जिलों की सीमा भारत से जुड़ी है. सरकार ने सिर्फ 20 जिलों के लिए एक-एक एंट्री प्वाइंट तय किए हैं.

गौरतलब है कि कोरोना वायरस की वजह से नेपाल ‌और भारत दोनों देशों ने 31 मई तक सीमाओं को सील किया हुआ है. इसलिए 1जून से अगर सीमाओं को खोला भी जाता है तो नेपाल के नए नियम के मुताबिक भारतीय नागरिक अब सिर्फ तय नाका से ही नेपाल में प्रवेश कर सकेंगे.

सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले होंगे परेशान

नेपाल सरकार के निर्णय से सबसे अधिक परेशानी सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ही होने वाली है. व्यापार, व्यवसाय रोजगार और शादी-विवाह तक दोनों देशों के बीच सामान्य तरीके से होता है. ऐसे में नए नियमों से लोगों को परेशान होना पड़ेगा. लाखों की संख्या में लोग हर रोज सीमा आर-पार करते हैं. अब नेपाल में वैध आईडी कार्ड के साथ ही एंट्री मिलेगी.

शादी के संबंध में नेपाल ने बदली नीति

नेपाल के नए संविधान में भारतीय लड़कियों ‌के नेपाल में शादी होने पर उन्हें राजनीतिक अधिकारों से वंचित कर दिया जाता है. यह नियम लगाकर पारिवारिक रिश्तों को खत्म करने योजना बनाई गई है. नेपाल कभी पशुपतिनाथ के पुजारी को हटाने के बहाने तो कभी भारत के चारधामों और कुम्भ को न मानने के बहाने धार्मिक रिश्तों पर चोट पहुंचा रहा है. अब सीमा नियंत्रण करके जन-जन के संबंधों को खत्म करने की साजिश की जा रही है.

स्वतंत्र भारत के समझौते को नहीं मानती नेपाल की कम्युनिस्ट सरकार

नेपाल की कम्युनिस्ट सरकार स्वतंत्र भारत के साथ हुए समझौतों को नहीं मानती है. जबकि ब्रिटिश इंडिया के साथ हुए समझौते को ही मानने, उसी हिसाब से अपनी जमीन पर दावा करने की तैयारी नेपाल कर रहा है. साल 1816 में ब्रिटिश हुकूमत और नेपाल के तत्कालीन राजसत्ता के साथ हुए सुगौली संधि के हिसाब से इस‌ समय‌ भारत के हिस्से में रहे कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को अपना बताते हुए उस हिस्से को समेट कर नया नक्शा जारी कर दिया है.

MP: कांग्रेस विधायक के बिगड़े बोल, PM मोदी, सीएम शिवराज को कहे अपशब्द

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ विधायक का वीडियो

बोले- भाजपाइयों ने किया अभद्र व्यवहार, गलत नहीं कहा

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के क्षेत्र छिंदवाड़ा की सौसर विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक विजय चौरे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में आक्रोशित नजर आ रहे विधायक ने भाजपाइयों के लिए अपशब्द कहे. विधायक ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी नहीं बख्शा.

अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो वायरल होने के बाद विधायक विजय चौरे ने कहा कि भाजपा के लोगों ने ही अभद्र व्यवहार किया. कोई गलत बात नहीं कही. वहीं, भाजपा के जिलाध्यक्ष विवेक साहू ने कहा कि विधायक का यह बयान कांग्रेस के आचरण और संस्कार दिखाता है. उन्होंने कहा कि इस मामले से वरिष्ठ पदाधिकारियों को अवगत करा दिया है. जैसा निर्देश होगा, हम करेंगे.

वायरल वीडियो 30 मई का बताया जा रहा है. दरअसल, इस हंगामे की शुरुआत तब हुई, जब कपास लेकर बिक्री के लिए मंडी के बाहर खड़े किसानों ने वहां से गुजर रहे विधायक के भाई अजय चौरे को रोक लिया. किसान विधायक के भाई को अपनी समस्याएं बताने लगे कि 8-8 दिन बाद भी हमारी कपास बिक नहीं पा रही.

कुछ किसानों ने कड़ी धूप से बचने के लिए गमछा ले रखा था, जिनमें से कुछ का रंग भगवा था. यह देख अजय चौरे आक्रोशित हो गए और किसानों को लताड़ लगाते हुए कहा कि सरकार तुम्हारी है, अपने काम करा लो. इसके कुछ समय बाद मौके पर विधायक विजय चौरे भी पहुंचे, तब तक पुलिस-प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच चुके थे. विधायक ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के लिए भी अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए भाजपाइयों को भी अपशब्द कहे.

विधायक के वीडियो का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. गौरतलब है कि यह कोई पहला अवसर नहीं है, जब विधायक चौरे ने कोई विवादित बयान दिया हो. पहले भी चौरे ने कहा था कि भाजपाइयों की चमड़ी नोच लेंगे. उनके इस बयान पर भी सियासी हंगामा खूब बरपा था.

अमेरिका: राष्ट्रपति ट्रंप टालने जा रहे जी-7 सम्मेलन, कहा- पहले भारत को आमंत्रित करूंगा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह जी-7 सम्मेलन को फिलहाल सितंबर तक टालने जा रहे हैं। इससे पहले वह भारत, ऑस्ट्रेलिया, रूस और दक्षिण कोरिया को बैठक के लिए आमंत्रित करना चाहते हैं। बता दें कि 46वां जी-7 शिखर सम्मेलन का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 10 जून से 12 जून तक आयोजन प्रस्तावित था।

राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह जी-7 सम्मेलन को टाल रहे हैं और इससे इतर अन्य देशों को आमंत्रित करेंगे। उन्होंने कहा कि जी-7 सम्मेलन को आगामी सितंबर माह तक टालने जा रहा हूं। इसकी जगह मैं भारत, ऑस्ट्रेलिया, रूस और दक्षिण कोरिया को बैठक के लिए आमंत्रित करना चाहता हूं। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि जी-7 ठीक से यह दर्शाता है कि दुनिया में क्या चल रहा है। यह देशों का एक बहुत पुराना समूह है।’

व्हाइट हाउस की सामरिक संचार निदेशक एलिसा एलेक्जेंड्रा फराह ने कहा कि यह हमारे पारंपरिक सहयोगियों को एक साथ ला रहा है ताकि चीन के भविष्य को लेकर बात की जा सके। जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के कार्यालय ने शनिवार को कहा कि वे शिखर सम्मेलन में तब तक शामिल नहीं होंगी जब तक कि कोरोना वायरस का प्रसार खत्म नहीं हो जाता।

जी-7 दुनिया की सबसे बड़ी और संपन्न अर्थव्यवस्थाओं वाले सात देशों का मंच है। इसमें फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा शामिल हैं। इन देशों के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और मुद्रा के मुद्दों पर हर साल बैठक करते हैं।

इस साल जी-7 की अध्यक्षता अमेरिका के पास है। शिखर सम्मेलन के दौरान जी-7 अध्यक्ष आम तौर पर किसी एक या दो देशों के प्रमुख को विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित करते हैं। पिछले साल फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया था

आखिरकार मिल गया टिड्डियों को आगे बढ़ने से रोकने का तरीका, होगा पूरी तरह खात्मा

कोटा: जिस तरह कोरोना वायरस पूरे प्रदेश में पैर पसार रहा है, उसी प्रकार टिड्डी दल भी प्रदेश के हर जिले में अपनी दस्तक दे रहा है. टिड्डी दल ने अब तक राजस्थान के कई जिले अपनी चपेट में ले लिए हैं और अपना प्रकोप बरपाया है. 

अब टिड्डी दल का प्रकोप कोटा में भी देखने को मिल रहा है. कोटा के दादाबाड़ी, रावतभाटा रोड, वल्लभनगर, एरोड्रम सर्किल, नयापुरा सहित के जगह पर टिड्डी दल के हमले की खबर सामने आई है.

टिड्डी दल राजस्थान ही नहीं बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में अपना असर दिखा चुका है. राजस्थान के 22 से ज्यादा जिलों में यह दल तकरीबन 95000 हेक्टेयर से ज्यादा फसलों को चट कर चुका है. राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश में भी टिड्डियों का आतंक सामने आया है.  राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में टिड्डी दल की जुलाई में मानसूनी हवाओं के साथ दोबारा वापसी होने की संभावना है. 

कृषि आयुक्त ओम प्रकाश की मानें तो टिड्डी दल पाकिस्तान से आ रहे हैं. कृषि विभाग के अनुसार जैसे-जैसे जिलो में टिड्डी प्रकोप बढ़ता जा रहा है, वैसे ही संसाधनों में बढ़ोतरी की जा रही है. खेतों में ट्रैक्टर दमकल, ड्रोन से कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है. टिड्डियों को मारने के लिए तकरीबन 50 लीटर कीटनाशक का छिड़काव करवया जा चुका है, लेकिन टिड्डियों के खात्मे के लिए ये नाकाफी हैं. 

प्रदेश में मानसून आने से पहले टिड्डी दल के अंडों को पूरी तरह से खत्म करना आवश्यक है वरना ये समस्या बड़ा रूप ले सकती है क्योंकि मानसून के बाद किसान खेतों में फसल बोना शुरू कर देता है. ऐसे में टिड्डी दल फसल को खराब कर देंगे और उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर देंगे. टिड्डियों को खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि जहां इनका ब्रिगेड सेंटर है, वहीं पर गहरा गड्ढा खोदकर इन के अंडों को दबा दिया जाए ताकि ये आगे नहीं बढ़ पाए. 

ऐसा माना जाता है कि एक वयस्क मादा टिड्डी अपने 3 महीने के जीवन चक्र में 3 बार करीब 90 अंडे देती है, ऐसे में अगर यह अंडे नष्ट नहीं हुए तो प्रति हेक्टेयर में 4 से 8 करोड़ तक टिड्डियां प्रति वर्ग किलोमीटर में पैदा हो सकती हैं.

कोरोना वायरस से देश में मरने वालों का आंकड़ा 5 हजार के पार, पिछले 24 घंटों में सामने आए रिकॉर्ड 8380 मामले

पिछले 24 घंटों में 193 लोगों की मौत हुई है. इसी के साथ देश में मरने वालों का आंकड़ा पांच हजार के पार पहुंच गया है.

पिछले एक दिन में सबसे ज्यादा आठ हजार 380 मामले भी सामने आए हैं.

नई दिल्ली: देश में जानलेवा कोरोना वायरस से पिछले 24 घंटों में 193 लोगों की मौत हुई है. इसी के साथ देश में मरने वालों का आंकड़ा पांच हजार के पार पहुंच गया है. वहीं पिछले एक दिन में सबसे ज्यादा आठ हजार 380 मामले भी सामने आए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अबतक एक लाख 82 हजार 143 मामले सामने आ चुके हैं. वहीं 5164 लोगों की मौत हो चुकी है. 86 हजार 984 लोग ठीक भी हुए हैं. भारत दुनिया में इस महामारी से अब सबसे बुरी तरह से प्रभावित नौंवा देश है.

केस दोगुने होने का समय 15.4 दिन हुआ

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले दोगुने होने के समय में सुधार हुआ है जो अब 13.3 दिन से बढ़कर 15.4 दिन हो गया है. वहीं देश में मरीजों की स्वस्थ होने की दर 47.40 प्रतिशत हो गई है.

29 मई तक कोविड-19 के 2.55 प्रतिशत मरीज आईसीयू में और 0.48 प्रतिशत वेंटिलेटर पर है. देश में 462 सरकारी प्रयोगशालाओं और 200 निजी प्रयोगशालाओं के जरिये जांच क्षमता बढ़ी है. अब तक 36,12,242 लोगों की जांच की गई है जहां 1,26,842 नमूनों की जांच कल की गई. देश में अब 942 समर्पित कोविड अस्पताल हैं जिनमें 1,58,908 पृथक बिस्तर और 20,608 आईसीयू बिस्तर हैं.

देश में 6 लाख 64 हजार 330 बिस्तर उपलब्ध

इसके अलावा देश में 10,541 पृथक केन्द्र और 7,304 कोविड देखभाल केन्द्र हैं जिनमें इस समय कोविड-19 से निपटने के लिए 6 लाख 64 हजार 330 बिस्तर उपलब्ध हैं. केन्द्र ने राज्यों, केन्द्र शासित प्रदेशों और केन्द्रीय संस्थानों को 119.88 लाख एन-95 मास्क और 96.14 लाख व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) उपलब्ध कराये हैं.

संजय गांधी की मृत्यु की भविष्यवानी कर बेजान दारुवाला चर्चा में आये थे.

राजनीति, खेल से जुड़ी कई भविष्यवाणियां की. इसमें से कुछ गलत तो कुछ सही भी साबित हुईं.

बेजन दारुवाला का 90 साल की उम्र में निधन
संजय गांधी की मौत की भविष्यवाणी से सुर्खियों में आए थे दारुवाला
जाने-माने एस्ट्रोलॉजर बेजन दारुवाला का 90 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने गुजरात की राजधानी गांधीनगर के एक अस्पताल में शुक्रवार को आखिरी सांस ली. कोरोना वायरस के प्राथमिक लक्षण के बाद उनका इलाज चल रहा था. हालांकि, उनकी कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आई थी.

बेजन दारुवाला का जन्म 11 जुलाई 1931 को मुंबई में हुआ था. उनका ताल्लुख पारसी परिवार से था. बेजन दारुवाला की गिनती देश ही नहीं दुनिया के बड़े एस्ट्रोलॉजर में होती है. उन्होंने राजनीति, खेल से जुड़ी कई भविष्यवाणियां की. इसमें से कुछ गलत तो कुछ सही भी साबित हुईं.

उनकी भविष्यवाणी से जुड़े कई किस्से आज भी लोगों को याद हैं. संजय गांधी की मौत की भविष्यवाणी भी बेजन दारुवाला ने ही की थी. इसी के बाद वो सुर्खियों में आए थे. बेजन दारुवाला ने ही यह भविष्यवाणी की थी कि संजय गांधी की दुर्घटना में मौत होगी. 23 जून 1980 को संजय गांधी की सफदरजंग हवाई अड्डे के पास एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी. इस घटना से पूरा देश सहम गया था.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उद्भव की भविष्यवाणी भी बेजन दारुवाला ने ही की थी. इसके अलावा करगिल से लेकर गुजरात भूकंप जैसी कई भविष्यवाणियां भी दारुवाला ने ही की थी. साल 2004 में कांग्रेस के सत्ता में आने से पहले ही दारुवाला ने बता दिया था कि मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री बनेंगे. हालांकि, कुछ मामले ऐसे भी रहे जहां दारुवाला की भविष्यवाणी सच साबित न हो सकी. साल 2003 के विश्व कप में दारुवाला ने दक्षिण अफ्रीका के विश्व चैंपियन बनने की भविष्यवाणी की थी. लेकिन उस विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की जीत हुई थी और वह तीसरी बार चैंपियन बना था.

वहीं, साल 2007 के विश्व कप से पहले दारुवाला ने भारत के विश्व चैंपियन बनने की संभावना जताई थीं. उन्होंने यह भी कहा था कि राहुल द्रविड़ या मुनाफ पटेल प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट होंगे. जबकि भारत इस वर्ल्ड कप के शुरुआती दौर में ही बाहर हो गया था.

” तुम ही सिंधिया तुम ही शिवराज ” मध्यप्रदेश को फिर से खड़ा करना है….

भोपाल. लॉकडाउन के चौथे चरण में रियायतें मिलने के साथ ही राजनैतिक गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं। मध्यप्रदेश की 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए अब मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी मोर्चा संभाल लिया है। सांवेर विधानसभा सीट को लेकर जहां कांग्रेस प्रेमचंद गुड्डू को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है वहीं, भाजपा के उम्मीदवार तुलसी सिलावट के लिए अब शिवराज सिंह चौहान भी मैदान में आ गए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले एमपी में दल-बदल का दौर शुरू हो गया है। सिंधिया समर्थक नेताओं के कार्यकर्ता अब भाजपा में शामिल हो रहे हैं।
सांवेर के कार्यकर्ता भाजपा में शामिल
कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए सिंधिया समर्थक 22 नेताओं के समर्थक कार्यकर्ता भी अब कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ले रहे हैं। बड़ी बात है ये कि सभी कार्यकर्ताओं को प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पार्टी की सदस्यता दिला रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को सांवेर विधानसभा के करीब तुलसी सिवालट के 200 समर्थक भाजपा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हम सबका एक ही लक्ष्य है सांवेर विधानसभा क्षेत्र से तुलसी सिलावट को जिताना।
आप ही सिंधिया और आप ही शिवराज
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा- भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर हमारे भाजपा परिवार का हिस्सा बने सांवेर क्षेत्र के कार्यकर्ताओं का हृदय से स्वागत करता हूं। आप सभी लोग प्रदेश की प्रगति और अंत्योदय के उत्थान के हमारे लक्ष्य को पूरा करने में अपना योगदान देंगे, यही आशा है। मेरे कार्यकर्ता भाई-बहनों, आपसे कहना चाहता हूं कि आप ही तुलसी सिलावट, आप ही भाजपा, आप ही शिवराज सिंह चौहान और आप ही ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं, आपको ही यह चुनाव लड़ना और जीतना है।

एमपी को फिर खड़ा कर देंगे
शिवराज सिंह चौहान ने कहा- किसानों के साथ कर्जमाफी बहुत बड़ा धोखा था, कांग्रेस ने केवल 6 हजार करोड़ रुपये दिये हैं। मैं तो ऐसे रास्ते निकालूंगा, जिससे किसानों के खाते में डायरेक्ट पैसा जाये। दुरावस्था प्रदेश की नहीं होने देंगे, फिर से मध्यप्रदेश बनायेंगे, फिर से इसे खड़ा कर देंगे। आज प्रदेश में कोविड-19 से बचाव के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं और इसे परास्त करने की कोशिशें लगातार जारी हैं। प्रदेश में कोरोना की रिकवरी रेट अब 54% हो गई है।
सिवालट को लेकर जोर
बता दें कि तुलसी सिलावट ज्योतिरादित्य सिंधिया के सबसे करीबी नेताओं में से एक हैं। कांग्रेस, सांवेर विधानसभा में उन्हें घेरने की तैयारी कर रही है। तुलसी सिवलाट के खिलाफ कांग्रेस प्रेमचंद गुड्डू को उम्मीदवार बनाने की कोशिश में हैं। सिंधिया पर हमला बोलने के बाद गुड्डू ने लेटर जारी कर कहा था कि उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है।

अनलॉक 1: मध्यप्रदेश में 15 जून तक बढ़ा लॉकडाउन, CM शिवराज ने की घोषणा.

भोपाल । मध्य प्रदेश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार ज्यादा रियायतें देने के मूड में नहीं है। सरकार लॉकडाउन 15 जून तक बढ़ाने के पक्ष में है और कंटेनमेंट क्षेत्रों में कोई रियायत देने का इरादा नहीं रखती है। 15 जून तक स्कूल-कॉलेज भी बंद रहेंगे। हालांकि ग्रीन जोन में कुछ और राहत देने पर विचार किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में लोक परिवहन बहाल किया जा सकता है और शाम से सुबह तक के कर्फ्यू का समय भी कुछ कम किया जा सकता है।
We will be extending the lockdown till June 15 to fight : Madhya Pradesh CM Shivraj Singh Chouhan (file pic)

— ANI (@ANI)

अभी सरकार स्कूलों को भी 13 जून के बाद खोलने के पक्ष में है, लेकिन संक्रमण की स्थिति कुछ दिन और देखने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। संक्रमण मुक्त जिलों में बढ़ेगी छूटसरकार को पूरे एहतियात के साथ प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां बढ़ाना हैं, इसलिए जो जिले या क्षेत्र संक्रमण मुक्त हो गए हैं, उनमें रियायतें बढ़ाई जाएंगी, पर किसी भी सूरत में कंटेनमेंट क्षेत्र में कोई रियायत नहीं देंगे।
जिन नए स्थानों पर संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। उन्हें नया कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किया जाएगा, लेकिन अब इनका दायरा पिछली बार से छोटा होगा। हालांकि जिलों में क्या और कब से खोला जाएगा और क्या नहीं खोला जाएगा, इसका अंतिम फैसला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी (आपदा प्रबंध समिति) की बैठक में लिया जाएगा।
जब कमेटी तैयार होगी, तभी रियायतें दी जाएंगी। लॉकडाउन-5 को लेकर केंद्र को भेजी जा रही रिपोर्ट राज्य सरकार ने लॉकडाउन-5 का खांका खींच लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस चरण में दी जाने वाली रियायतों को लेकर शनिवार को प्रमुख विभागों के अफसरों के साथ बैठक की है। इसमें स्कूल, कॉलेज, सिनेमाघर, शॉपिंग मॉल, रेस्टोरेंट, धार्मिक स्थल कुछ शर्तों के साथ खोलने पर भी चर्चा हुई है।
संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने पर भी चिंता जताई गई है। सभी बिंदुओं पर विचार-विमर्श कर चुकी राज्य सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय को जल्द रिपोर्ट भेज देगी। अपने वाहन से किसी भी जिले में जा सकेंगे सरकार ग्रीन जोन में अंदरूनी तौर पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट शुरू करने के पक्ष में दिखाई दे रही है, ताकि आवागमन सुलभ किया जा सके।
ग्रीन जोन में अभी शाम सात से दूसरे दिन सुबह सात बजे तक कर्फ्यू रखा जा रहा है। सरकार इसमें भी छूट देने जा रही है। सूत्र बताते हैं कि सरकार शाम को सात बजे के बजाय रात 11 या 12 बजे से दूसरे दिन सुबह सात बजे तक कर्फ्यू रख सकती है। सबसे बड़ा फैसला अपने वाहन से किसी भी जिले में जाने की छूट देना होगा।
यानी लोगों को दूसरे जिलों में जाने के लिए अब ई-पास नहीं लेना पड़ेगा। प्रवासियों को लेकर ज्यादा सख्ती प्रदेश में बढ़ते संक्रमण के लिए प्रवासियों को जिम्मेदार माना जा रहा है। इसे देखते हुए सरकार प्रवासियों की फिर से जांच कराने की तैयारी कर रही है। सरकार कलेक्टरों को प्रवासियों की स्क्रीनिंग करने के निर्देश दे रही है।

Unlock-1: छूट के साथ जारी रहेगी पाबंदियां, एक नजर में जानें क्या खुलेगा और क्या बंद

सरकार ने लॉकडाउन को 30 जू तक बढ़ा दिया है.
नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus) के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार (Government) ने लॉकडाउन (Lockdown) की अवधि को 30 जून तक बढ़ा दिया है. सरकार ने लॉकडाउन 5.0 की गाइडलाइन भी जारी कर दी है. इस लॉकडाउन को तीन चरण में बांटा गया है और इसे अनलॉक-1 (Unlock-1) नाम दिया गया है. वहीं इस बार सरकार ने कंटेनमेंट जोन के बाहर चरणबद्ध तरीके से छूट दी गई है.

इस बार केन्द्र सरकार ने निषिद्ध क्षेत्र की परिभाषा तय करने और स्थान विशेष को निषिद्ध क्षेत्र घोषित करने के लिए राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को और अधिकार दिए हैं. राजधानी दिल्ली में फिलहाल 102 निषिद्ध क्षेत्र हैं. लॉकडाउन के बाद देश को चरणबद्ध तरीके से खोलने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए केन्द्र ने कहा है कि सार्वजनिक धार्मिक स्थलों, होटलों, रेस्तरां, शॉपिंग मॉल और अन्य आतिथ्य सत्कार सेवाएं भी आठ जून से शुरू हो जाएंगी. आपको बताते हैं कि इस लॉकडाउन में क्‍या खुलेगा और क्‍या बंद रहेगा.

जानें क्या खुलेगा, क्या बंद रहेगा

फेज-1, 8 जून से

मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च खुलेंगे.

होटल, रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी से जुड़ी सर्विसेस शुरू हो जाएंगी.

शॉपिंग मॉल्स खुलेंगे.

फेज 2

स्कूल, कॉलेज, एजुकेशन, ट्रेनिंग और कोचिंग इंस्टिट्यूट राज्य सरकार से सलाह लेने के बाद खुल सकेंगे.

फेज 3

इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू हो जाएंगी.

मेट्रो रेल, राज्‍य सरकार की अनुमति के बाद परिचालन शुरू हो सकेगा.

*सिनेमा हॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल और इन जैसी जगहें खुल सकेंगी.

*सोशल, पॉलिटिकल, स्पोर्ट्स एंटरटेनमेंट, एकेडमिक, कल्चरल फंक्शंस, धार्मिक समारोह और बाकी बड़े जश्न- हालातों का जायजा लेने के बाद सरकार अनुमति दे सकती है.

नाइट कर्फ्यू

देश के सभी हिस्सों में रात को 9 बजे से सुबह 5 बजे तक अब नाइट कर्फ्यू रहेगा.

कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन- 30 जून तक

कंटेनमेंट जोन में केवल आवश्‍यक गतिविधियों की अनुमति रहेगी.

राज्यों के बीच और राज्य के अंदर लोगों और सामान की आवाजाही पर कोई पाबंदी नहीं होगी.

65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम उम्र के बच्‍चों के लिए घर में रहने की सलाह.

अन्‍य निर्देश

हर कर्मचारी के मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप इंस्‍टॉल हो

फेस मॉस्‍क या चेहरे को ढकना अनिवार्य

सोशल डिस्टेंस का पालन करना अनिवार्य

दुकान में एक साथ 5 से ज्‍यादा लोगों को इजाजत नहीं

दुकान में एक दूसरे के बीच 6 फुट की दूरी अनिवार्य

शादी के लिए अधिकतम 50 और अंतिम संस्‍कार के लिए अधिकतम 20 लोगों को इजाजत

पान, गुटका और तंबाकू खाकर पब्लिश प्‍लेस पर थूकने पर पाबंदी

प्रोत्साहन

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