⭐ कमलनाथ या शिवराज उपचुनाव तय करेंगे⭐

ग्वालियर मध्यप़देश में विधानसभा के उपचुनाव होने हैं मतदाता के निर्णय पर कोरोना संकट के समय शिवराज सरकार द्वारा लिये गये फैंसलों का असर जरुर पड़ेगा, इसमें गरीबों तक पहुंचने वाली मदद में खामियां, पुलिस के द्वारा पिटाई का शिकार हुये लोग, छोटे छोटे हाथ ठेलों पर व्यापार करने वालों की अहम भूमिका रहेगी, किसान का निर्णय भी खुले में पड़ा अनाज बेमौसम बरसात और तौल में देरी के कारण सरकार की गलत नीतियों के कारण चुनाव में असर डालेगा.
शिवराज सरकार रहेगी या फिर कमल नाथ सरकारी की वापसी होगी. क्योंकि उपचुनाव में अंचल की 14 विधानसभा सीटों पर चुनाव होना हैं. इन 13 विधानसभा क्षेत्रों से चुने गए विधायकों के कारण ही कांग्रेस सरकार से बाहर हुई है. जनता का कोई भरोसा नहीं किस करवट बैठ जाये.

इन पर दांव लगा सकती हैं कांग्रेस
*ग्वालियर विधानसभाः सुनील शर्मा का नाम पहले नंबर पर हैं. महल से जुड़े रहने के कारण राजा खेमा इन्हें पंसंद नहीं कर रहा है. इसलिए संत कृपाल सिंह का नाम उछाला जा रहा है, जो कि दिग्विजय सिंह के नजदीकी हैं.
*पूर्व विधानसभा क्षेत्रः अशोक सिंह का नाम चर्चाओं में हैं. अशोक सिंह दिग्विजय सिंह के साथ कमल नाथ के नजदीकी भी हैं. लेकिन उपचुनाव में उनकी रुचि नहीं आ रही है. मितेंद्र सिंह दावेदारी कर रहे हैं. लेकिन अभी कांग्रेस उन पर दांव लगाने के मूड में नजर नहीं आ रही हैं। पूर्व से बाहरी उम्मीदवार को लाने की भी चर्चा है.
*डबरा ,डबरा विधानसभा सीट पर भाजपा की लहर में भी कांग्रेस का कब्जा रहा है.बदली हुई परिस्थतियों में सत्यप्रकाश परसेड़िया के नाम पर चर्चा है.
*पोहरी, यहां से पूर्व मंत्री रामनिवास रावत का नाम हैं. लेकिन धाकड़ बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण रामनिवास रावत चुनाव लड़ने से पीछे हट रहे हैं ,रामनिवास रावत सिंधिया के नजदीकी रहे हैं . हरिवल्लभ शुक्ला का नाम पर विचार किया जा रहा है . धाकड़ों में वकील लक्ष्मीनारायण धाकड़ का नाम है. गुर्जर समाज के नेता और अरुण यादव के खास राजेंद़ गुर्जर भी दौड़ में शामिल हैं.
*मुरैना, दिनेश गुर्जर, राकेश मावई के नाम पर विचार किया जा रहा है. दिनेश गुर्जर कमल नाथ के नजदीकी है. परुशुराम मु्‌दगल को भी टटोला जा रहा है.
*सुमावली मानवेद्र गांधी के नाम पर विचार के अलाला कुशवाह उम्मीदवार की तलाश की जा रही है.
*मेहगांव पूर्व मंत्री राकेश चौधरी दावेदारी कर रहे हैं. लेकिन उनका अतीत आड़े आ रहा हैं। यहां भी कांग्रेस के नए चेहरे की तलाश हैं. नया चेहरा तलाशने के जिम्मेदारी डॉ गोविंद सिंह को सौंपी गई है.
*दिमनी व अंबाह में भी कांग्रेस वजनदार प्रत्याशी की तलाश कर रही है. रविंद्र सिंह व सत्पप्रकाश शाकवार का नाम भी चर्चाओं में हैं.
*गोहद : कांग्रेस आधा दर्जन से अधिक नामों पर विचार कर रही है.
लॉकडाउन के बाद अभी कई समीकरण बदले जाने.
इतना तय है कांग़ेस कोई कोरकसर नहीं छोड़ना चाहती है और उपचुनाव दमदारी के साथ लड़ना चाहती है .

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