इन दिनों कफवर्धक खाद्य पदार्थो के सेवन से बचें

कोरोना वायरस फेफड़ों में कफ-बलगम को बढ़ाकर व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत पैदा करता है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को इस संभावित व्याधि से बचने के लिए इन दिनों कफवर्धक खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए और यथासंभव कफनाशक खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. नीलम यादव के अनुसार आयुर्वेद के हिसाब से प्रत्येक खाद्य वस्तु के गुण बताए गए हैं। जैसे हर खाद्य पदार्थ अपनी प्रकृति के अनुसार या तो कफनाशक (कफ को नष्ट करने वाले) होता है या कफवर्धक (कफ को बढ़ाने वाले) होता है। कफवर्धक खाद्य पदार्थों में मांस, अंडा, घी, तेल, दूध, लस्सी, पनीर, दही, आलू, उड़द की दाल, चने की दाल, अरबी, शकरकंद, फूलगोभी, टमाटर, मशरूम, केला, ग्लूकोज, मैदा बिस्कुट, गेहूं का आटा एवं मैदा ब्रेड आदि मुख्य हैं। वहीं कफनाशक खाद्य पदार्थो में गरम पानी, अदरक, हल्दी, तुलसी, काली मिर्च, शिलाजीत, मुलेठी, आमलकी रसायन, काला बांसा, जौ की रोटी, मूंग दाल, घीया, तोरई, जीरा, सेंधा नमक आदि मुख्य हैं।
खानपान एवं जड़ीबूटियों का प्रयोग आयुर्वेदिक पद्धति के हिसाब से करना चाहिए। आज घर-घर में गरम मसाले को अनेक प्रकार से प्रयोग किया जा रहा है। अदरक, काली मिर्च, तुलसी, लौंग, बड़ी इलायची और दालचीनी का प्रयोग चाय में अथवा काढ़ा बनाकर भी लोग खूब उपयोग कर रहे हैं। इस प्रकार तैयार चाय अथवा काढ़े का दिन में दो बार प्रयोग भी काफी कारगर सिद्ध हो रहा है।

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