मप्र में कोरोना / सांसद और विधायकों ने केंद्रीय दल से कहा- रिपोर्ट दबाना बंद करे प्रशासन

इंदौर. 10 अप्रैल को व्यक्ति के सैंपल लिए गए, लेकिन आज तक उसकी रिपोर्ट नहीं आई। इसी तरह एक व्यक्ति के पॉजिटिव आने के बाद चार-पांच दिन तक उसके परिजनों के सैंपल नहीं लिए गए। यह बात सांसद शंकर लालवानी ने केंद्रीय दल से कही। बुधवार को सांसद, विधायकों, जनप्रतिनिधियों सहित धर्मगुरुओं ने दिल्ली से आए केंद्रीय दल से मुलाकात की। इस दौरान कुछ नेताओं ने टीम कहा- प्रशासन को रिपोर्ट नहीं दबाना चाहिए। उन्होंने अधिक से अधिक लैब को मंजूरी देने, अधिक सैंपल लेने और तत्काल रिपोर्ट देने की मांग की। दल के प्रमुख अभिलक्ष्य लिखी ने कहा कि केंद्रीय स्तर पर बात कर जल्द प्राइवेट लैब की मंजूरी पर भी काम करेंगे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सशुल्क जांच संभव नहीं है। वहीं कमिश्नर आकाश त्रिपाठी ने कहा- तकनीकी कारणों से दो-तीन दिन से कम जांच हो रही थी। अब हर दिन 350 जांच होगी और बेंगलुरू से मशीन आने पर एक हजार तक जांच हो सकेगी।

वहीं पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे ने कहा कि शहर में फल और सब्जी की व्यवस्था शुरू होना चाहिए, खेतों में सब्जियां खराब हो रही हैं। कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने कहा कि जिस परिवार में पॉजिटिव आता है, उनके परिवार को मोहल्ले से हटाकर क्वारेंटाइन कर दिया जाए, जिससे मोहल्ले में किसी तरह की शंका नहीं रहे और किराना दुकानों को खोला जाए। बैठक में विधायक मालिनी गौड़, उषा ठाकुर, महेंद्र हार्डिया के साथ पूर्व विधायक जीतू जिराती, राजेश सोनकर, अशोक भट्ट, शहर काजी इशरत अली, डॉ. बिशप चाको, मधु वर्मा, डॉ. हेमंत जैन आदि ने भी विचार रखे। कुछ लोगों ने निजी अस्पतालों में अधिक राशि वसूल किए जाने की शिकायत की। 
कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सैंपल ट्रेंड को देखना जरूरी- केंद्रीय दल
केंद्रीय दल ने सैंपल पर बात करते हुए कहा कि 15-16 को पॉजिटिव मरीज संख्या एकदम पीक पर आई, लेकिन इसके बाद सैंपल की संख्या और जांच रिपोर्ट को लेकर ट्रेंड क्लियर नहीं है, इसलिए यह जरूरी है कि सैंपल कब लिए और इनकी रिपोर्ट कब आई, यह क्लियर रहे, तभी कोरोना के ट्रेंड को समझ सकेंगे। इसके लिए जरूरी है कि सैंपल जांच पेंडिंग नहीं रहें।

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