शिवराज कैबिनेट के मंत्रियों के बीच कामों का बंटवारा, जानिए किसे क्या मिला

भोपाल। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान ने अपना मिनी मंत्रिमंडल बना लिया। मंगलवार को दोपहर में राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में पांच मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इसके बाद हुई कैबिनेट बैठक में सभी पांच मंत्रियों में कार्यों का बंटवारा कर दिया गया।
मध्य प्रदेश में शिवराज कैबिनेट की बैठक के बाद मंगलवार को सभी पांच मंत्रियों के कार्यों का बंटवारा कर दिया गया। कैबिनेट मंत्री बने डा. नरोत्तम मिश्र को भोपाल और उज्जैन संभाग का जिम्मा दिया गया है, वहीं तुलसी सिलावट को इंदौर और सागर का जिम्मा मिला है। इसी प्रकार गोविंद सिंह राजपूत को चंबल औरग्वालियर, मीना सिंह को रीवा-शहडोल और कमल पटेल को होशंगाबाद और नर्मदा पुरम संभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह मंत्री सब डिविजनल कमिश्नर, आईजी, एसपी, कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग के साथ स्थानीय स्तर पर को-आर्डिनेशनल करेंगे। जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद और बैठक कर जनता का फीडबैक लेंगे। इसके साथ ही समय-समय पर अधिकारियों को निर्देशित भी करेंगे। इसके अलावा जहां-जहां निर्माण कार्य शुरू होंगे और खासकर कृषि से संबंधित काम पर भी फोकस करेंगे।
मुख्यमंत्री बोले- मंत्रिमंडल छोटा लेकिन संतुलित
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि वर्तमान कोरोना संकट को देखते हुए हमने मंत्रिमंडल छोटा बनाया है परंतु यह संतुलित है। समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है। लॉकडाउन समाप्त होने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि कोरोना से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मंत्रीगणों को प्रदेश के संभागों का प्रभार दिया गया है।
इससे पहले, मध्यप्रदेश में आज शिवराज कैबिनेट में पांच मंत्री शामिल हो गए। राज्यपाल लालजी टंडन ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मंत्रिमंडल में डा. नरोत्तम मिश्रा, तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, कमल पटेल और मीना सिंह शामिल हैं। शपथ ग्रहण के बाद मंत्रालय में शिवराज कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें कोरोना महामारी से निपटने पर चर्चा हुई।
महापौरों को मिला एक साल का एक्सटेंशन
इसके साथ ही मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए निर्णय लिया है कि हर निकाय में प्रशासकीय समिति बनेगी। महापौर और नगर पालिकाओं में अध्यक्ष प्रमुख होंगे। यह व्यवस्था एक साल तक लागू रहेगी। कोरोना संक्रमण का कारण निकायों के चुनाव फिलहाल नहीं होंगे। कमलनाथ सरकार ने निकायो का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रसासक की नियुक्ति कर दी थी, जिसे शिवराज सरकार ने पलट दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *