शाह-नड्डा से मुलाकात के बाद सिंधिया की मांग पर बनी सहमति, मंत्रिमंडल में इन नेताओं को मिल सकती है जगह

भोपाल. मध्यप्रदेश में शिवराज कैबिनेट के गठन को लेकर अटकलें तेज हैं। वहीं, दिल्ली में ज्योतिरादित्य सिंधिया की सक्रियता के बाद कैबिनेट के गठन को लेकर पेंच फंस गया है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश में संगठन के कुछ बड़े नेता चाहते हैं कि प्रदेश में लॉकडाउन के कारण छोटा मंत्रिमंडल बने, जिसमें कुछ लोग शपथ ले लें। वहीं, दूसरी तरफ ये कहा जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया चाहते हैं कि कैबिनेट का विस्तार में उनके समर्थक पूर्व 6 मंत्रियों को जगह मिले। लेकिन सूत्रों का कहना है कि सिंधिया की मांग पर सहमति बन गई है।

फिलहाल टला विस्तार
सूत्रों का कहना है कि फिलहाल शिवराज सिंह चौहान के कैबिनेट विस्तार को टाल दिया गया है। 21 अप्रैल के बाद कभी भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी कैबिनेट को शपथ दिला सकते हैं। कैबिनेट में कौन-कौन होगा इसको लेकर भोपाल से दिल्ली तक मंथन जारी है।

सिंधिया की मांग पर बनी सहमति

सूत्रों के मुताबिक ज्योतिरादित्य सिंधिया की गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद कमलनाथ सरकार में इस्तीफा देने वाले सभी 6 पूर्व मंत्रियों को पहली बार में ही शपथ दिलाने पर सहमति बन गई है। सिंधिया समर्थक मंत्रियों में तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, इमरती देवी, महेन्द्र सिंह सिसौदिया, प्रभुराम चौधरी, प्रद्युमन सिंह तोमर को कैबिनेट में जगह मिल सकती है।

राजभवन में तैयारियां शुरू

इधर, मंत्रिमंडल के गठन को लेकर राजभवन ने तैयारी शुरू कर दी। लॉकडाउन के दौरान शपथ ग्रहण वीसी से कराने की चर्चा है।

मंत्री बनवाने के लिए लगा रहे दौड़
शाह और नड्डा से सिंधिया की मुलाकात पर कांग्रेस ने हमला किया है। कांग्रेस ने लिखा है कि दो दिन पहले लॉकडाउन की वजह से जनता के बीच नहीं पहुंचने का वीडियो जारी करने वाले श्रीअंत अब जयचंदों को मंत्री बनवाने के लिए खूब दौड़ लगा रहे हैं। आखिर ये जनता को समझते क्या हैं। पूर्व सीएम कमलनाथ ने भी प्रदेश कांग्रेस के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए पूछा है कि कैबिनेट कहां हैं।

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह, रामपाल सिंह, विजय शाह, गौरीशंकर बिसेन और मीना सिंह को मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए वरिष्ठ नेता बिसाहूलाल को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि छोटे मंत्रिमंडल में दलित कोटे से तुलसी सिलावट तो आदिवासी कोटे से बिसाहूलाल, मीना सिंह और विजय शाह को मौका मिल सकता है। लेकिन अब सिंधिया की मांग के बाद यह तय नहीं हो पाया है कि मध्यप्रदेश में अभी छोटे मंत्रिमंडल का गठन होगा या नहीं।

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