ग्वालियर में शासन प्रशासन मरीज एवं गर्भवती महिलाओं पर लाँकडाऊन मे उनकी बिमारियों को देखते हुए हास्पिटल जाने आने पर पुलिस प्रशासन ज्यादा परेशान न करे इस ओर ध्यान देना चाहिए पुलिस अधीक्षक को.. श्रीमती कौरव

ग्वालियर
आज दिनांक 19-4-2020 को शहर जिला महिला कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष श्रीमती कमलेश कौरव ने मुख्यमंत्री एवं शासन प्रशासन से माग करती हैं कि लाँकडाऊन के अंतर गत आप अपने अधिकारियों एवं पुलिस बल को इतने समझाने का कष्ट करे कि बीमार मरीज हो या गर्भवती महिला की अचानक तबीयत खराब होने पर आटो टेक्सी चल नहीं रही है कार उनके पास है नहीं उस परिस्थिति में कोई भी गरीब पर जो साधन होगा वो उससे ही जाएगा.. दो पहिया वाहन उस पर अपनी पत्नी, माँ , बहिन, बैटी आदि को लेकर डॉक्टर आदि को दिखाने जाता हैं पर्चा दिखाता है उस समय शक्ति न दिखाते हुए वहाँ मोजूद कर्मचारियों को उसकी मदद करनी चाहिए. ना की उसका चालान काटना चाहिए.. ऐसे में मरीजों का काफी समय बर्बाद हो जाता हैं .. क्योंकि जब कोई भी गर्भवती महिला की तबीयत खराब होती हैं तो उसे शीद्र इलाज न मिलने पर उसकी जान को खतरा हो सकता है ..अतः ग्वालियर पुलिस अधीक्षक कृपा कर इन बातो पर ध्यान देवे कई दिनों से शहर में काफी लोगो को इस तरह की परेशानी का सामना करना पडा.. निवेदन :- श्रीमती कमलेश कौरव पूर्व जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस ग्वालियर..

कल से खुलेंगे सरकारी दफ्तर, जरूरी कामकाज ही होगा

ग्वालियर । लंबे समय से चल रहे लॉक डाउन के चलते सरकारी दफ्तरों में पसरा सन्नाटा अब कल यानी सोमवार से टूट सकता है । अभी  तक जो निर्देश है उनके मुताबिक सोमवार से सभी शासकीय दफ्तर खुलेंगे और सभी कर्मचारियों को नियमानुसार अपने अपने दफ्तर पहुंचना है ।

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने की मंशा से प्रधानमंत्री ने पहले इकककीस द्विन का।लॉक डाउन घोषित किया था तभी से सभी सरकारी दफ्तर बन्द हैं । स्वस्थ्य,पुलिस ,प्रशासन और अत्यावश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी कर्मचारियों से आने जाने घरों में रहने को कहा गया था ताकि सोशल डिस्टनसिंग के जरिये कोरोना को फैलने से रोका जा सके । लेकिन अब सोमवार से सरकारी ऑफिस खोलने की तैयारी कर ली गई है । हालांकि इसमें साफ कहा गया है कि दफ्तरों में फिलहाल जनता से जुड़े काम नही होंगे जिनमे लोग दफ्तर में आये और सोशल डिस्टनसिंग को खतरा उत्पन्न हो । दफ्तर में सेनेटाइज़ करने का इंतज़ाम रहे और दूरियां बनाकर सिर्फ जरूरी काम निपटाने की व्यवस्था की जाए ।

कोरोना से लड़ते शहीद हुए टीआई के परिजनों को पचास लाख नकद और पत्नी को नौकरी मिलेगी

भोपाल । कोरोना के खिलाफ जंग लड़ते हुए जान गंवाने वाले  मप्र पुलिस के इंस्पेक्टर और इंदौर के जूनी थाने के नगर निरीक्षक देवेंद्र सिंह चंद्रवंशी के निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने गहरा दुख प्रकट किया । उंन्होने उन्हें शहीद का दर्जा देते हुए कहाकि उंन्होने कोरोना से प्रदेश को बचाने में अपनी शहादत दी है ।

श्री सिंह ने संवेदना जताते हुए घोषणा की कि देवेंद्र चंद्रवंशी के परिजनों को पचास लाख रुपये की सहायता राशि नकद तो दी ही जाएगी  साथ ही उनकी पत्नी को सीधे उप निरीक्षक पद पर नियुक्ति भी प्रदान की जाएगी ।

रियायत के पहले शहर टोटल लॉक डाउन

ग्वालियर । लगातार लम्बा , दूसरा लॉक डाउन झेल रहे ग्वालियर में कल से कुछ रियायतें मिलने की संभावना है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार जब 3 मई तक के लिए लॉक डाउन की घोषणा की थी कि जहां कोरोना संक्रमण को लेकर हालात ठीक रहेंगे वहां आंतरिक तौर पर 20 अप्रैल से कुछ रियायतें दी जाएंगी । ग्वालियर अभी येल्लो झोंन में है लिहाजा यहां कुछ रियायतें मिल सकती है लेकिन उसके पहले आज ग्वालियर में प्रशासन ने पूरी तरह से लॉक डाउन का निर्णय लिया है ।

आज टोटल लॉक डाउन में सुबह सिर्फ दो घण्टे दूध की दुकान खोलने की छूट थी तब लोग सड़कों पर दिखे । ब्रेड, टोस्ट और अंडे बेचने की भी आज छूट नही थी लिहाजा नौ बजट ही सड़को पर सन्नाटा पसर गया था । वहां सिर्फ पुलिस  की गाड़ियां ही सायरन बजातीं घूम रहीं थी ।

सब्जी को तरसे लोग

बीते कुछ दिनों से हरी सब्जियां घरों में फिर पहुंचने लगीं थी नतीजतन लोगों ने उनका स्टोर करना बंद कर दिया था लेकिन आज अचानक टोटल लॉक डाउन के चलते हरी सब्जी के ठेले भी नही पहुंचे तो घरों में सब्जी की किल्लत हो गई ।

राशन की भी सप्लाई नही

आज सड़को पर वाहनों को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है लिहाजा किराने की ऑनलाइन सप्लाय भी नही हो रही । इनकी साइट पर ऑर्डर भी नही लिए जा रहे है ।

सड़क पर घूमने वालो को सिखाया सबक

आज पुलिस सड़को पर मुस्तैदी से तैनात थी । सड़क पर निकलने वाले हर व्यक्ति से पूछताछ हो रही है कि वह क्यों निकला है ? जो व्यक्ति संतोषजनक उत्तर नही दे पा रहा उसको पुलिसिया लहजे में सबक भी सिखाया जा रहा है । कइयो को थाने भी भेजा गया तो अनेक लोगो से वाहन जप्त कर जुर्माना भी बसूला गया ।

इंदौर में कोरोना संक्रमण से पुलिस इंस्पेक्टर की मौत

इंदौर । मध्यप्रदेश में कोरोना का कहर थमने का नाम ही नही ले रहा । कोरोना ने अपने खिलाफ जंग लड़ रहे एक जांबाज पुलिस अफसर को निशाना बनाया । कोरोना संक्रमण के बाद बीते कई दिनों से संघर्ष कर रहे पुलिस के एक टीआई की देर रात मौत हो जाने से पुलिस महकमा सन्न रह गया है ।

इंदौर जिले में स्वास्थ्यकर्मियों के मौत के बाद अब एक पुलिसकर्मी की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई है।इंदौर के जुनी थाना प्रभारी देवेंद्र चंद्रवंशी कोरोना संक्रमण से पीड़ित थे। जहाँ उनका इलाज इंदौर के ही अरविंदो अस्पताल में हो रहा था। जिसके बाद शनिवार देर रात टीआई चंद्रवंशी की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई उनके परिवार के दो और लोगो का इलाज     चल रहा है ।

गौरतलब है कि पुलिस के एक और इंस्पेक्टर कोरोना संक्रमण का शिकार है जिनका इलाज जांरी है ।

इससे पहले स्वस्थ्य महकमे के एक कर्मचारी भी कोरोना के खिलाफ जंग में अपनी जान गंवा चुका है ।

शाह-नड्डा से मुलाकात के बाद सिंधिया की मांग पर बनी सहमति, मंत्रिमंडल में इन नेताओं को मिल सकती है जगह

भोपाल. मध्यप्रदेश में शिवराज कैबिनेट के गठन को लेकर अटकलें तेज हैं। वहीं, दिल्ली में ज्योतिरादित्य सिंधिया की सक्रियता के बाद कैबिनेट के गठन को लेकर पेंच फंस गया है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश में संगठन के कुछ बड़े नेता चाहते हैं कि प्रदेश में लॉकडाउन के कारण छोटा मंत्रिमंडल बने, जिसमें कुछ लोग शपथ ले लें। वहीं, दूसरी तरफ ये कहा जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया चाहते हैं कि कैबिनेट का विस्तार में उनके समर्थक पूर्व 6 मंत्रियों को जगह मिले। लेकिन सूत्रों का कहना है कि सिंधिया की मांग पर सहमति बन गई है।

फिलहाल टला विस्तार
सूत्रों का कहना है कि फिलहाल शिवराज सिंह चौहान के कैबिनेट विस्तार को टाल दिया गया है। 21 अप्रैल के बाद कभी भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी कैबिनेट को शपथ दिला सकते हैं। कैबिनेट में कौन-कौन होगा इसको लेकर भोपाल से दिल्ली तक मंथन जारी है।

सिंधिया की मांग पर बनी सहमति

सूत्रों के मुताबिक ज्योतिरादित्य सिंधिया की गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद कमलनाथ सरकार में इस्तीफा देने वाले सभी 6 पूर्व मंत्रियों को पहली बार में ही शपथ दिलाने पर सहमति बन गई है। सिंधिया समर्थक मंत्रियों में तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, इमरती देवी, महेन्द्र सिंह सिसौदिया, प्रभुराम चौधरी, प्रद्युमन सिंह तोमर को कैबिनेट में जगह मिल सकती है।

राजभवन में तैयारियां शुरू

इधर, मंत्रिमंडल के गठन को लेकर राजभवन ने तैयारी शुरू कर दी। लॉकडाउन के दौरान शपथ ग्रहण वीसी से कराने की चर्चा है।

मंत्री बनवाने के लिए लगा रहे दौड़
शाह और नड्डा से सिंधिया की मुलाकात पर कांग्रेस ने हमला किया है। कांग्रेस ने लिखा है कि दो दिन पहले लॉकडाउन की वजह से जनता के बीच नहीं पहुंचने का वीडियो जारी करने वाले श्रीअंत अब जयचंदों को मंत्री बनवाने के लिए खूब दौड़ लगा रहे हैं। आखिर ये जनता को समझते क्या हैं। पूर्व सीएम कमलनाथ ने भी प्रदेश कांग्रेस के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए पूछा है कि कैबिनेट कहां हैं।

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह, रामपाल सिंह, विजय शाह, गौरीशंकर बिसेन और मीना सिंह को मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए वरिष्ठ नेता बिसाहूलाल को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि छोटे मंत्रिमंडल में दलित कोटे से तुलसी सिलावट तो आदिवासी कोटे से बिसाहूलाल, मीना सिंह और विजय शाह को मौका मिल सकता है। लेकिन अब सिंधिया की मांग के बाद यह तय नहीं हो पाया है कि मध्यप्रदेश में अभी छोटे मंत्रिमंडल का गठन होगा या नहीं।

लॉकडाउन के बीच बॉलीवुड एक्टर एजाज खान हुए गिरफ्तार, लगा ये आरोप…

नई दिल्ली: एक्टर और बिग बॉस के एक्स कंटेस्टेंट एजाज खान को कथित तौर पर फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने के लिए शनिवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. मुंबई पुलिस के अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि फेसबुक लाइव के दौरान एजाज खान द्वारा की गई टिप्पणी के संदर्भ में उन्हें खार पुलिस थाने में तलब किया गया है.

उन्होंने कहा, “एजाज खान को सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए और अन्य धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है, आगे की जांच जारी है.” पुलिस ने बताया कि पिछले साल जुलाई में भी एजाज को फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने के लिए गिरफ्तार किया गया था.

अक्टूबर, 2018 में एजाज खान को कथित तौर पर प्रतिबंधित नशीले पदार्थ के सेवन में गिरफ्तार किया गया था. बता दें, एक्टर एजाज खान सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं, वह ट्विटर पर अकसर समसामयिक मुद्दों को लेकर अपनी बात भी रखते नजर आते हैं. 

चीन की चालाकी पर मोदी सरकार का पहरा, बीजिंग के देश में निवेश बढ़ाने की थी आशंका

केंद्र सरकार ने नए दिशा-निर्देश के जरिये यह साबित कर दिया है कि चीन और उस जैसे दूसरे पड़ोसी देशों से अपने देश की कंपनियों में बिना मंजूरी के निवेश की इजाजत नहीं होगी। दरअसल, करोना संकट के दौर में भरतीय कंपनियों के शेयर की कीमत काफी घट गई है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि चीन खुद या फिर दूसरे किसी पड़ोसी देश के जरिये भारत में अपना निवेश बढ़ा सकता है। साथ ही नई कंपनियां खरीद भारतीय अर्थव्यवस्था में सीधा दखल दे सकता है। इसी को रोकने के लिए एफडीआई कानून में बदलाव की जरूरत पड़ी।

इंडस्ट्री चैंबर एसोचैम के सेक्रेटरी जनरल दीपक सूद ने ‘हिन्दुस्तान’ को बताया कि दुनिया की तमाम सरकारें कंपनियों की अवसरवादी खरीद से निपटने में जुटी हुई हैं। महामारी के दौरान दुनियाभर में कंपनियों की वैल्युएशन 50 से 60 फीसदी तक गिर गई है। हालांकि, शेयर बाजार में कंपनियों का यह भाव उनकी वास्तविक कीमत नहीं है, लेकिन इसे अवसरवादी खरीद-फरोख्त के जरिये मैनेजमेंट कंट्रोल हासिल करने के लिए मौके की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। सूद के मुताबिक यूं तो उद्योग जगत हमेशा आसान एफडीआई नीति के पक्ष में रहता है, लेकिन इस तरह की चालाकी से की जाने वाली खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए वह सरकार के फैसले के साथ है।

दरअसल, पिछले एक साल में चीन की तरफ से देश में करीब 15 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया है। यही नहीं, चीन ने बड़े पैमाने पर स्टार्टअप में भी पैसा लगाया है। चीन के निवेश की रफ्तार बाकी देशों के मुताबिक ज्यादा ही तेज रहती है। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि कोरोना संकट के दौर में चीन और उसके जैसे तमाम देश, जिनके पास खरीदने की ताकत मौजूद है, अपने से कमजोर देशों में तेजी से अधिग्रहण करने में जुटे हैं। इससे निपटने के लिए जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन और इटली जैसे देशों ने भी इसी तरह के कदम उठाए हैं। आने वाले दिनों में तमाम और देश भी अपनी कंपनियों को बचाने के लिए ऐसे कदम उठाने को मजबूर होंगे।  

सरकार ने हालांकि जारी किए गए नोटिफिकेशन में साफ-साफ चीन का नाम नहीं लिया है, बल्कि यह कहा गया है कि वो देश जिनकी सीमा भारत से लगती है, सभी के लिए निवेश से पहले मंजूरी जरूरी होगी।

भारत ने पड़ोसी देशों से सीधे FDI पर लगाई रोक

भारत ने चीन और अन्य पड़ोसी देशों से सीधे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर पाबंदी लगा दी है। महामारी से अर्थव्यस्था में उथल-पुथल के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू कंपनियों का अधिग्रहण रोकने के लिए यह फैसला लिया है। जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, इटली भी ऐसा कदम उठा चुके हैं। सरकार के इस फैसला का राहुल गांधी ने स्वागत किया है। भारत के साथ सीमाएं साझा करने वाले देशों में चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, म्यांमार और अफगानिस्तान शामिल हैं। इन देशों के निकाय भारत सरकार की मंजूरी के बिना निवेश नहीं कर सकेंगे। 

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने कहा कि भारत में होने वाले किसी निवेश के लाभार्थी भी यदि इन देशों से संबंधित होंगे, तो मंजूरी जरूरी होगी। वहीं, सरकार के इस निर्णय से चीन जैसे देशों पर प्रभाव पड़ सकता है। पाक के निवेशकों पर शर्त पहले से लागू है। 

ट्रंप ने चीन को दी धमकी, अगर ड्रेगन निकला कोरोना का जिम्मेदार तो भुगतेगा परिणाम

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से चीन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे कोरोना वायरस के लिए जिम्मेदार हैं तो उन्हें इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत में चीन पर एक बार फिर से हमला बोला। साथ ही उन्होंने अमेरिका में उठाए जा रहे तमाम कदमों की भी तारीफ की।

ट्रंप ने कहा, ‘जर्मनी को छोड़कर अमेरिका ने किसी और देश की तुलना में स्वास्थ्य के क्षेत्र में शानदार काम किया है, प्रति व्यक्ति के आधार पर हमारे यहां की मृत्यु दर दूसरे देशों खासकर पश्चिमी यूरोप की तुलना में बहुत कम है। अमेरिका की तुलना में फ्रांस, इटली, यूके और स्पेन जैसे देशों में मृत्यु दर बहुत ज्यादा है लेकिन आप वहां के बारे में नहीं सुनेंगे और सिर्फ अमेरिका के बारे में ही बात करेंगे।

फेक न्यूज पर विश्वास करेंगे तो मृत्यु दर में अमेरिका नंबर एक है लेकिन हम शीर्ष पर नहीं हैं बल्कि चीन है। चीन में हमसे और सबसे अधिक मौतें हुई हैं, ये मैं जानता हूं, आप जानते हैं और वे भी जानते हैं लेकिन आप इसपर नहीं बात करेंगे, हालांकि एक दिन मैं जरूर बताऊंगा।

ट्रंप ने कहा, हम सच का पता लगा लेंगे…
.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका उन खबरों पर ध्यान दे रहा है जिनमें दुनियाभर के भीतर लाखों की जान लेने वाले कोरोना वायरस के चीनी शहर ‘वुहान’ की प्रयोगशाला से पैदा होने का दावा किया गया है। ट्रंप ने यह बात तब कही जब व्हाइट हाउस में पत्रकारों ने पूछा कि क्या वुहान लैब से कोविड-19 के प्रसार की जांच होगी? ट्रंप ने कहा, ‘हम देख रहे हैं। इसमें कुछ सच्चाई तो नजर आती है।’

बता दें कि कई एजेंसियों ने चीन स्थित वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से कोरोना वायरस के लीक होने के दावे पिछले दिनों किए हैं। ट्रंप ने इन दावों की जांच की पुष्टि की। फॉक्स न्यूज ने अपनी एक खास खबर में कहा कि अमेरिकी खुफिया कर्मचारी प्रयोगशाला और रोगाणु के शुरुआती प्रकोप के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।

समाचार चैनल ने सूत्र के हवाले से कहा कि खुफिया विश्लेषक उन घटनाक्रमों को जुटा रहे है जिसकी सरकार को जानकारी है और ‘असल में जो हुआ उसकी सही-सही तस्वीर बना रहे हैं।’  ट्रंप ने कहा, ‘कई अजीब चीजें हो रही हैं लेकिन बहुत जांच होनी बाकी है और हम सच का पता लगा लेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘वे (चीन) एक खास तरह के चमगादड़ की बात करते हैं लेकिन वो चमगादड़ उस क्षेत्र में नहीं है क्या आप इस बात पर विश्वास कर सकते हैं। उसे उस मीट क्षेत्र में भी नहीं बेचा गया था। वो 40 मील दूर था।’

अमेरिका से भी ज्यादा है चीन में मृतक संख्या

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया है कि चीन में कोविड-19 संक्रमण से मरने वालों की संख्या वास्तव में बताई गई संख्या से भी अधिक है। ट्रंप ने एक ट्वीट किया कि इस अंजान दुश्मन से होने वाली मौतों का आंकड़ा चीन ने अचानक बढ़ाकर दोगुना कर दिया है, लेकिन यह इससे भी ज्यादा है। उन्होंने दावा किया कि यह अमेरिका में हो रही मौतों के आंकड़े से भी कहीं अधिक है।

चीनी प्रयोगशाला को अनुदान रोकेगा अमेरिका

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका वुहान में चतुर्थ स्तर की एक प्रयोगशाला को दिया जाने वाला अनुदान रोकेगा। उन्होंने कहा, ओबामा प्रशासन ने उन्हें 37 लाख डॉलर का अनुदान दिया था। हम इस राशि को जल्द ही बंद करेंगे। कई सांसदों के एक समूह ने सदन और सीनेट नेतृत्व को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के लिए भविष्य में कोरोना वायरस के संबंध में कोई राहत राशि न दी जाए।