शहरी क्षेत्र में स्वीकृत सभी निर्माण कार्य 20 अप्रैल से प्रारंभ किए जाएं

संभाग आयुक्त श्री ओझा ने की विकास कार्यों की समीक्षा

 ग्वालियर / नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये किए गए लॉकडाउन के आदेश के कारण विकास कार्य भी रूके थे। 20 अप्रैल के बाद विकास कार्यों को पुन: प्रारंभ करने के निर्देश शासन द्वारा दिए गए हैं। निगम द्वारा स्वीकृत विकास कार्यों को 20 अप्रैल से प्रारंभ किया जाए। विकास कार्यों को तीव्र गति से पूर्ण गुणवत्ता के साथ किया जाए। संभागीय आयुक्त एवं प्रशासक नगर निगम श्री एम बी ओझा ने शुक्रवार को विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में उक्त निर्देश दिए हैं।

शहरी क्षेत्र में विकास कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के लिये विभागीय अधिकारी समन्वय के साथ तेजी से कार्य कराएं। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन, अपर आयुक्त वित्त श्री देवेन्द्र पालिया, अधीक्षण यंत्री पीएचई श्री आर एल एस मौर्य, अधीक्षण यंत्री जनकार्य श्री प्रदीप चतुर्वेदी सहित जनकार्य एवं अमृत परियोजना से जुड़े अधिकारी व निर्माण ऐजेन्सियों के ठेकेदार उपस्थित थे।

संभागीय आयुक्त श्री एम बी ओझा ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में यह भी निर्देश दिए हैं कि नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए निर्माण कार्यों को करते समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही निर्माण कार्यों में लगे हुए श्रमिकों को हैण्ड ग्लब्स, मास्क एवं सेनेटाइजर भी ठेकेदार उपलब्ध कराए। निर्माण कार्यों में लगे हुए श्रमिकों के भोजन पानी की व्यवस्था भी संबंधित निर्माण करने वाले ठेकेदार करें।

संभागीय आयुक्त श्री ओझा ने बैठक में निर्देशित किया कि जो कार्य लॉकडाउन के कारण बंद हो गए थे, उन्हें 20 अप्रैल से पुन: प्रारंभ किया जाए। निर्माण कार्यों को तीव्र गति से पूर्ण करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सड़क निर्माण के जिन कार्यों में अमृत परियोजना के तहत सीवर एवं पानी की लाईन डालने तथा मिलान एवं कनेक्शन का कार्य शेष है उन्हें तत्परता से पूर्ण कराएं, ताकि सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण किया जा सके।

नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन ने बैठक में निगम द्वारा स्वीकृत कार्यों के साथ-साथ वर्तमान में निर्माण कार्यों की स्थिति के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने ठेकेदारों को सभी स्वीकृत निर्माण कार्य 20 अप्रैल से प्रारंभ करने के निर्देश दिए। विभागीय इंजीनियरों को सभी निर्माण कार्यों की निरंतर मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की हिदायत भी अधिकारियों को दी गई।

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