ग्वालियर में रविवार को संपूर्ण लाॅकडाउन घोषित

ग्वालियर। वैश्विक कोरोना महामारी के दौरान ग्वालियर में आज रविवार 19 अप्रैल को संपूर्ण लाॅकडाउन घोषित किया गया है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि रविवार को घर से निकलने पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। सभी वाणिज्यिक और निजी उद्योग, कंपनी, प्रतिष्ठान, संस्थायें, बैंक, बीमा कंपनियां, पेट्रोल पंप, सभी सब्जी मंडी, सभी प्रायवेट क्लीनिक एवं मेडीकल दुकानें बंद रहेंगी। इसके अलावा गैस एजेंसियां, होम डिलेवरी और आटा चक्की भी बंद रहेंगी। कलेक्टर ने सभी से रविवार को घरों में रहने की अपील की है।

गिद्धों की विलुप्त प़जाति दिखी संकेत अच्छा नहीं

होशंगाबाद कई सालों पहले से चमर प्रजाति के गिद्ध विलुप्त होने की श्रेणी में आ चुके हैं। इन गिद्धों का झुंड पिछले कई सालों से होशंगाबाद जिले से गायब था। खुद वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस विलुप्त हो रही प्रजाति के गिद्ध को बरसों से नहीं देखा था मगर होशंगाबाद जिले में उनका नजर आना वन विभाग अच्छे संकेत मान रहा है। चमर गिद्धों का नजर आना उनकी बढ़ती संख्या की ओर इशारा कर रहा है।

सुखतवा जंगल में दिखी प्रजाति भारत में विलुप्तता की कगार पर पहुंचने वाले इस चमर गिद्ध को बंगाल का गिद्ध कहा जाता है। पिछले दिनों इस विलुप्त होती प्रजाति के गिद्ध केसला ब्लॉक में सुखतवा रेंज की मोरपानी बीट में नजर आए हैं। इन गिद्धों को वन विभाग के डीएफओ अजय पांडे ने खुद अपनी आंखों से देखा जो मृत मवेशियों को खा रहे थे। इस विलुप्त हो रही प्रजाति की होशंगाबाद जिले में मौजूदगी देख वे भी हतप्रभ रह गए।
संरक्षण से बढ़ रही संख्या
भारत में मिलने वाली आधा दर्जन से ज्यादा प्रजातियों में से यह एक है। इसे यूरोपीय ग्रिफऩ गिद्ध का संबंधी बताया जाता है। एक समय यह अफ्रीका के सफेद पीठ वाले गिद्ध का ज़्यादा करीबी समझा जाता था।1990 के दशक तक यह पूरे दक्षिणी तथा दक्षिण पूर्वी एशिया में बड़ी तादाद में दिखता था। 1992 से 2007 तक इनकी संख्या में ९९ फीसदी तक घट गई थी जिससे ये बहुत ही कम नजर आते थे मगर संरक्षण के बाद से अब उनकी संख्या बढऩे लगी है।
एसटीआर की चट्टानों में ठिकाना
इस प्रजाति के चमर गिद्ध ऊंची चट्टानों में ठिकाना बनाते है। होशंगाबाद जिले में एसटीआर की ऊंची चट्टानों पर इनका ठिकाना हो सकता है। एसटीआर के अधीनस्थ आने वाले क्षेत्रों में इनका सरंक्षण भी हो रहा है और इनकी संख्या में तेजी से वृद्धि भी हो रही है।

इनका कहना है
यह प्रजाति विलुप्त होने की कगार पर आ गई थी जिसका संरक्षण हो रहा है। देश के कुछ प्रांतों में ही यह प्रजाति मिलती है। होशंगाबाद जिले में इनकी मौजूदगी बहुत अच्छे संकेत हैं। इनको सुखतवा रेंज में देखकर हम खुद भी हतप्रभ रह गए थे।
अजय कुमार पांडे, डीएफओ होशंगाबाद

22 अप्रैल से मंडल परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का होगा मूल्यांकन

ग्वालियर / लॉकडाउन के कारण इस वर्ष प्रदेश में संचालित हाई-स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य 22 अप्रैल से प्रारंभ किया जायेगा। मूल्यांकन का यह कार्य गृह मूल्यांकन (HOME VALUATION) प्रक्रिया से कराया जायेगा। सचिव माध्यमिकशिक्षा मंडल द्वारा इस संबंध में शीघ्र ही विस्तृत निर्देश जारी किये जाएंगे।

शहरी क्षेत्र में स्वीकृत सभी निर्माण कार्य 20 अप्रैल से प्रारंभ किए जाएं

संभाग आयुक्त श्री ओझा ने की विकास कार्यों की समीक्षा

 ग्वालियर / नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये किए गए लॉकडाउन के आदेश के कारण विकास कार्य भी रूके थे। 20 अप्रैल के बाद विकास कार्यों को पुन: प्रारंभ करने के निर्देश शासन द्वारा दिए गए हैं। निगम द्वारा स्वीकृत विकास कार्यों को 20 अप्रैल से प्रारंभ किया जाए। विकास कार्यों को तीव्र गति से पूर्ण गुणवत्ता के साथ किया जाए। संभागीय आयुक्त एवं प्रशासक नगर निगम श्री एम बी ओझा ने शुक्रवार को विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में उक्त निर्देश दिए हैं।

शहरी क्षेत्र में विकास कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के लिये विभागीय अधिकारी समन्वय के साथ तेजी से कार्य कराएं। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन, अपर आयुक्त वित्त श्री देवेन्द्र पालिया, अधीक्षण यंत्री पीएचई श्री आर एल एस मौर्य, अधीक्षण यंत्री जनकार्य श्री प्रदीप चतुर्वेदी सहित जनकार्य एवं अमृत परियोजना से जुड़े अधिकारी व निर्माण ऐजेन्सियों के ठेकेदार उपस्थित थे।

संभागीय आयुक्त श्री एम बी ओझा ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में यह भी निर्देश दिए हैं कि नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए निर्माण कार्यों को करते समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही निर्माण कार्यों में लगे हुए श्रमिकों को हैण्ड ग्लब्स, मास्क एवं सेनेटाइजर भी ठेकेदार उपलब्ध कराए। निर्माण कार्यों में लगे हुए श्रमिकों के भोजन पानी की व्यवस्था भी संबंधित निर्माण करने वाले ठेकेदार करें।

संभागीय आयुक्त श्री ओझा ने बैठक में निर्देशित किया कि जो कार्य लॉकडाउन के कारण बंद हो गए थे, उन्हें 20 अप्रैल से पुन: प्रारंभ किया जाए। निर्माण कार्यों को तीव्र गति से पूर्ण करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सड़क निर्माण के जिन कार्यों में अमृत परियोजना के तहत सीवर एवं पानी की लाईन डालने तथा मिलान एवं कनेक्शन का कार्य शेष है उन्हें तत्परता से पूर्ण कराएं, ताकि सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण किया जा सके।

नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन ने बैठक में निगम द्वारा स्वीकृत कार्यों के साथ-साथ वर्तमान में निर्माण कार्यों की स्थिति के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने ठेकेदारों को सभी स्वीकृत निर्माण कार्य 20 अप्रैल से प्रारंभ करने के निर्देश दिए। विभागीय इंजीनियरों को सभी निर्माण कार्यों की निरंतर मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की हिदायत भी अधिकारियों को दी गई।

IAS जयति सिंह स्मार्ट सिटी ग्वालियर की नई सीईओ

भोपाल
IAS जयति सिंह स्मार्ट सिटी ग्वालियर की नई सीईओ
डबरा एसडीएम है जयती सिंह जी को गवालियर स्मार्ट सिटी के सीईओ की जिम्मेदारी दी गई है भोपाल से आज शाम इसके विधि अदेश भी जारी हो गए हैं.

कमलनाथ सरकार के नियुक्त डीआईजी हटाये , हिंगणकर को चम्बल की कमान

भोपाल। एक तरफ पुलिस और प्रशासन कोरोना के खिलाफ संघर्ष कर रहा है वही शिवर्क़ज सरकार कमलनाथ सरकार के समय के अफसरों को हटाने में लगी है । आज एक आदेश जारी कर सरकार ने चम्बल रेंज के डीआईजी अशोक गोयल को हटा दिया ।उन्हें पुलिस मुख्यालय भेजा गया है ।

शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार चम्बल डीआईजी अशोक गोयल को हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल पदस्थ किया गया है जबकि उनकी जगह राजेश हिंगणकर को पदस्थ किया गया है ।

ग्राहक बनकर पहुंची नायब तहसीलदार सैनिटाइजर अधिक दाम में बेचने पर कार्रवाई

बुरहानपुर. कोरोना वायरस संक्रमण के चलते सैनिटाइजर का उपयोग बढ़ने के बाद मेडिकल स्टोरोंं पर सैनिटाइजर अधिक दाम में बेचने की शिकायतें मिल रही थी।कलेक्टर द्वारा शहर मैं कार्रवाई के लिए फ्लाइंग स्कॉट दल बनाया गया।
शुक्रवार को शहर के मेडिकल स्टोरों पर फ्लाइंग स्कॉट दल कार्रवाई करने के लिए निकला। सिंधी बस्ती जय मेडिकल स्टोर पर नायब तहसीलदार मंजू डावर ग्राहक बनकर पहुंची। मेडिकल स्टोर से सैनिटाइजर की बोतल मांगने पर 25 रुपए की बोतल 35 रुपए में देने पर मेडिकल संचालक पर कार्यवाही की गई। इसके बाद शहर के अन्य मेडिकल स्टोर पर भी टीम पहुंची, लेकिन मेडिकल संचालकों को पहले ही सूचना मिलने पर सैनिटाइजर अधिक दाम में नहीं मिला। टीम द्वारा मेडिकल पर की गई कार्रवाई के बाद शहर के अन्य मेडिकल स्टोरों पर हड़कंप मच गया। मेडिकल स्टोर पर कार्यवाही के दौरान तहसीलदार मुकेश काशिव, नापतोल अधिकारी शरद शर्मा मौजूद थे। नायब तहसीलदार ने कहा कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

रोजगार की है तलाश? तो करें प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की शुरुआत, होगा मोटा मुनाफा! जानें किस प्रकार कर सकते हैं आवेदन..

जन औषधि स्कीम: आजकल बहुत से युवा 25-30 हजार के वेतन के लिए अपना शहर व गांव छोड़कर बड़े शहरों में काम करने के लिए चले जाते हैं। लेकिन आपके लिए यह सरकार की स्कीम काफी फायदेमंद रहेगी। अगर आप भी अपने शहर या गांव के आसपास रह कर ही रोजगार करना चाहते हैं, तो सरकार द्वारा दी गई जनऔषधि स्कीम का लाभ आपको भी उठाना चाहिए।
सरकार वित्त वर्ष 2019 20 के अंत तक इस जनऔषधि स्कीम को देश के हर जिले तक पहुंचाने का लक्ष्य बनाकर चल रही है। इस दौरान देश में 1000 और सरकारी दवाओं के दुकान खोले जाएंगे। जिसके लिए आप आवेदन कर सकते हैं। देश में 11 नवंबर तक कुल 5,754 जनऔषधि केंद्र खुल चुके हैं। केमिकल एंड फ़र्टिलाइज़र मिनिस्टर डीवी सदानंद गौड़ा ने यह जानकारी मीडिया तक उपलब्ध कराई।
जनऔषधि केंद्र खोलने के लिए क्षमता
जन औषधि केंद्र खोलने के लिए पहले कैटेगरी के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति बेरोजगार फार्मासिस्ट डॉक्टर रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर केंद्र खोल सकता है। दूसरी कैटेगरी के अंतर्गत ट्रस्ट, एनजीओ, प्राइवेट हॉस्पिटल, सोसाइटी और सेल्फ हेल्प ग्रुप को जनऔषधि केंद्र खोलने का अवसर प्राप्त होगा। तीसरी व अंतिम कैटेगरी में राज्य सरकारों की ओर से नॉमिनेट किए हुए एजेंसी आएंगे।
जन औषधि केंद्र खोलने के लिए 2.5 रुपए की मिलेगी सहायता
जन औषधि केंद्र खोलने के लिए सक्षम नॉमिनेशन को 2.5 रुपए की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जिसमें दवा बेचने पर मिलने वाले को 20 फ़ीसदी मार्जिन के अलावा, हर महीने की बिक्री पर अलग से 15% इंसेंटिव मिलेगा। इंसेंटिव की अधिकतम सीमा 10000 रुपए प्रतिमाह होगी। यह तब तक उपलब्ध कराया जाएगा, जब तक की 2.5 लाख रुपए पूरे ना हो जाए।
उत्तरी पूर्व और नक्सल प्रभावित राज्यों में इंसेंटिव की अधिकतम सीमा 15 हजार रुपए प्रतिमाह हो जाएगी। इतना ही नहीं, कमजोर तबके के आवेदन कर्ता को 50 हजार रुपए की दवा एडवांस में बेचने को दी जाएगी।
कैसे होगा मुनाफा: जन औषधि केंद्र के माध्यम से महीने में जितनी दवाएं बेटी जाएंगी। उनका 20% कमीशन के रूप में बेचने वाले को दिया जाएगा। लिहाजा अगर आप महीने में एक लाख रुपए की बिक्री करते हैं, तो आपको उस महीने में 20 हजार रुपए की इनकम हो जाएगी। ट्रेड मार्जिन के अलावा सरकार हर महीने की सेल्स पर 15 फ़ीसदी इंसेंटिव देगी, जो आपके बैंक अकाउंट में आपको उपलब्ध कराई जाएगी।
आवेदन के लिए जरूरी डाक्यूमेंट्स
– जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आपको रिटेल ड्रग सेल्स का लाइसेंस जन औषधि के नाम से लेना होगा।
– 120 वर्ग फुट एरिया में दुकान लेना जरूरी होगा।
– आधार कार्ड और पैन कार्ड अनिवार्य होगा।
– संस्थान एनजीओ अस्पताल चैरिटेबल संस्था को आवेदन करने के लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड पंजीयन प्रमाण पत्र भी देना होगा।
कैसे करें आवेदन
आपको जनऔषधि केंद्र में आवेदन करने के लिए http://janaushadhi.gov.in वेबसाइट पर जाकर फॉर्म डाउनलोड करना होगा। आवेदन को ब्यूरो ऑफ फार्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया के जनरल मैनेजर के नाम से भेजना होगा। ब्यूरो ऑफ फार्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया का एड्रेस जनऔषधि की वेबसाइट पर जाकर मिल जाएगा।
दवाएं और सर्जिकल इक्यूपमेंट में होगी बढ़ोतरी
केंद्रीय मंत्री ने यह जानकारी भी उपलब्ध कराई कि अभी देश में 689 जिलों तक जन औषधि केंद्र बन चुका है। जबकि मार्च तक इसके केंद्र सभी 725 जिलों तक चल जाएंगे। इन केंद्रों के जरिए 900 दवाएं और 154 सर्जिकल व कंज्यूमेबल्स उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इतना ही नहीं, मार्च के अंत तक इनकी संख्या बढ़कर 1200 और 200 करने का लक्ष्य है।

Lockdown 2.0 : 20 अप्रैल के बाद मध्यप्रदेश में क्या खुलेगा, क्या बंद रहेगा, देखें पूरी लिस्ट

भोपाल। लॉकडाउन पार्ट -2 के लिए केंद्र सरकार की तरफ से गाइडलाइंस जारी होने के बाद अब मध्यप्रदेश सरकार ने भी अपनी गाइडलाइंस जारी कर दी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को खुद मंत्रालय में गाइडलाइन को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी दिशा निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 20 अप्रैल से संक्रमित क्षेत्रों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में कुछ चयनित आवश्यक गतिविधियाँ को किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है। इनका संचालन प्रदेश में भी लॉकडाउन के मौजूदा नियमों का पालन करते हुए पूरी सोशल डिस्टेंसिंग, सावधानी एवं पूरी सुरक्षा के साथ प्रदेश में किया जाए।

इन पर जारी रहेगा प्रतिबंध- यात्री सेवाएं – हवाई, रेल, रोड, शैक्षणिक व संबंधित संस्थाएं, औद्योगिक, व्यापारिक, होटल व्यवसाय (जिन्हें अनुमति दी गई है उसके अलावा) सिनेमा हॉल, मॉल आदि। किसी भी प्रकार की सामूहिक गतिविधि, धार्मिक स्थल, धार्मिक सभाएं, अंतिम यात्रा में 20 से अधिक व्यक्ति, टैक्सी, ऑटो, रिक्शा सेवाएं।

इनको मिलेगी परमिशन- कृषि एवं संबंधित गतिविधियाँ, ग्रामीण अर्थव्यवस्था संबंधी कार्य, मजदूरों की दैनिक आमदनी की गतिविधियाँ, आवश्यक सेवाओं की चयनित औद्योगिक गतिविधियाँ (पूरी सुरक्षा एवं प्रोटोकॉल का पालन करते हुए), डिजिटल अर्थव्यवस्था, ई-कॉमर्स आदि। स्वास्थ्य संबंधी सेवाएँ, दवा निर्माण इकाइयाँ, चिकित्सा उपकरण संबंधी इकाइयाँ।

कृषि संबंधी कार्यो को छूट- कृषि उत्पादों का उपार्जन, कृषि उत्पादों की मंडियाँ, ग्रामीण स्तर पर विकेन्द्रीकृत बाजार, कृषि तथा उनके सुधार की दुकानें, कस्टम हायरिंग सेंटर्स, खाद, कीटनाशक, बीज का उत्पादन-वितरण आदि, हारवेंस्टिंग व अन्य कृषि मशीनों का राज्यों और उनके बाहर आवागमन, मत्स्य पालन, मत्स्य उद्योग, मत्स्य उत्पादन, दूध एवं डेयरी सामग्री की आपूर्ति, मुर्गी पालन केन्द्र, पशुपालन केन्द्र, पशु आहार निर्माण, पशु गृह, गौशालाएँ।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था की गतिविधियां होगी शुरु- ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य प्र-संस्करण उद्योग, ग्रामीण क्षेत्रों के ईंट भट्टे, रोड निर्माण, सिंचाई योजनाएँ, मकान निर्माण, औद्योगिक प्रोजेक्टस, मनरेगा कार्य, जल संरक्षण कार्य, चाय, कॉफी एवं रबर की खेती (50% मजदूरों के साथ) सामान्य सेवा केन्द्र।

आवश्यक गतिविधियों को परमिशन – बैंकों की गतिविधियाँ, वृद्धाश्रम, बाल गृह, नि:शक्त आश्रम, महिला आश्रम, बाल संप्रेक्षण गृह, सामाजिक पेंशन योजनाओं की राशि का वितरण, पैट्रोल पंप, गैस एजेंसियाँ संचालन, पैट्रोल। गैस परिवहन, बिजली उत्पादन, डाक वितरण सेवाएँ, पोस्ट ऑफिस, जल आपूर्ति व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, अपशिष्ट प्रबंधन, टैलीकम्यूनिकेशन एवं इंटरनेट सेवाएँ।

समस्त खाली व भरे माल वाहक वाहनों का संचालन, ट्रक मरम्मत की दुकानें, हाइवे पर ढाबे, समस्त आवश्यकता की वस्तुओं की आपूर्ति सेवा, किराना दुकानें एवं उचित मूल्य दुकानें (बिना समय के बंधन के), प्रिंट व इलैक्ट्रोनिक मीडिया, आई.टी. सेवाएं (50%), शासकीय काम कर रहे कॉल सेंटर, कूरियर सेवाएं, कोल्ड स्टोरेज, वेअर हाउसेस, प्राइवेट सिक्योरटी सर्विस, इलैक्ट्रीशियन मोटर मेकेनिक, प्लम्बर, आई.टी. मरम्मत, बढ़ई।

औद्योगिक क्षेत्र में इनको छूट- एस.ई.जेड., निर्यात उन्मुख उद्योग, आवश्यक वस्तुएं, दवाओं के उद्योग, निरंतर चलने वाले उद्योग, आई.टी. हार्डवेयर, कोयला उत्पाद, मिनरल प्रोडक्टस, पैकेजिंग मटेरियल, जूट इंडस्ट्री, ऑइल, गैस इंडस्ट्री।

आने –जाने के नियम और छूट – स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य आदि आपातकालीन सेवाओं के लिए निजी वाहनों का उपयोग (फोर व्हीलर पर ड्राइवर के साथ एक व्यक्ति, टू-व्हीलर पर एक ही व्यक्ति) कार्य क्षेत्र पर आना-जाना (जिन कार्यों की अनुमति दी गई है।)

ये सरकारी दफ्तर खुलेंगे- जिला प्रशासन, कोषालय, वन विभाग, रक्षा, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, आपदा नियंत्रण, मौसम विभाग, भू-गर्भ विभाग, सूचना कार्यालय, खाद्य कार्यालय, एनसीसी, नेहरू युवा केन्द्र, पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन, आपदा नियंत्रण, जेल, नगरीय निकाय, प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के सभी अधिकारी, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी से 33 प्रतिशत कर्मचारी (जरूरत अनुसार)।

लॉकडाउन 2.0 में इन निर्देशों का पालन- मास्क पहनना अनिवार्य, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, 5 से ज्यादा व्यक्ति एक स्थान पर एकत्रित ना होना, सार्वजनिक स्थानों पर ना थूकना, शराब, गुटका, तंबाकू पर सख्त प्रतिबंध, कार्य स्थल पर टैम्प्रेचर स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन, वृद्ध, कमजोर, मरीज, बच्चे घर पर ही कार्य करेंगे, आरोग्य सेतु एप के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।