शिवपुरी: आरो वाटर के नाम पर मीठा जहर तो नहीं पी रहे आप, वाटर सपलायर्स नहीं कर रहे निर्धारित मापदंड का पालन.


*क्या जिला प़शासन इसकी जांच करेगा.
*आरो वाटर प्लांट वॉयरस को नहीं फिल्टर कर पाते हैं.
*मिनरल्स की मात्रा आरो वाटर में कितनी हो इसका कोई मापदंड है?
* RO सिस्टम का पानी जितना शुद्ध होता है उतना ही खतरनाक भी है जो सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है।

शिवपुरी शहर कोरोना संकट से जूझ रहा है तब इस समय स्वास्थ्य संबंधी हर विंदु पर नजर रखना जिला प़शासन का दायित्व बन जाता है.
शहर के अधिकांश घरों में आरो वाटर सप्लायर्स पानी की आपू्र्ति करते हैं, लेकिन देखा जा रहा है कि बहुत से पानी सप्लायर के नौकर जो घरों तक पानी पहुंचाते हैं पानी की एक जार से दूसरे जार में हेराफेरी करते नजर आते हैं कई बार गरमी के मौसम में सीधे नलों का पानी भी ग़ाहकों को पहुंचा आते हैं.
चूंकि इस समय साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है तो शहर में जितने प्लांट आरो वाटर से संबंधित हैं प़शासन और स्वास्थ्य महकमे को सघन जांच अवश्य करनी चाहिये, वाटर सप्लायर निर्धारित मापदंडों का पालन कर रहे यह जांचना बेहद जरुररी है.

आर ओ का पानी बन जाता है ‘मीठा जहर’

इसमें कहीं कोई दो राय नहीं है कि आर ओ पानी को सही तरह से शुद्ध करने का काम करता है। लेकिन यह तभी तक पानी को पूर्ण रुप से शुद्ध कर सकता है जब तक इसके पार्टस सही रहते हैं। पर जैसे ही आर ओ का फिल्टर पार्टस पुराना होता है इसकी कार्य क्षमता भी कम होती जाती है। कार्य क्षमता कम होने के कारण पानी में ना सिर्फ टीडीएस बढ़ जाता है बल्कि बैक्टीरिया का भी खतरा रहता है। तो आर ओ सिस्टम में लगे पानी की टंकी और पाइप में कचरा जमा हो जाने के कारण कुछ दिन के बाद ही संक्रमण का खतरा पैदा कर देता है।
कैसे करे पानी की शुद्धता का पहचान

पानी में कड़वापन ,पानी का स्वाद कठोर होना,  बोतल में 2 दिन रखने के बाद पानी में पीलापन ,पानी का सामान्य दांतों में भी लगना,पानी को उबालने पर चूना जैसा निकलना,पानी रखने वाले जार में चुना जैसा जमना,समस्या आने पर तत्काल टीडीएस (टोटल डिसाल्व सॉलिड )चेक कराएं.

बाजार के पानी पर भरोसा करने से पहले जाने कुछ बातें…

जार में बिकने वाले पानी से भी हो सकता है संक्रमण।बड़े प्लांटो में कम ही ऐसा जगह है जहां साफ सफाई का ध्यान रखा जाता है।दो से 4हजार लीटर के टैंक छत पर लगाया जाता है जहां से बॉटलिंग किया जाता है।छत पर धूल गर्दा और अन्य परेशानियों से संक्रमण का खतरा अधिक होता है।ऐसे टैंको की हर तीन माह  पर सफाई होनी चाहिए जो नहीं हो पाती है।स्टोर पानी को कई दिनों तक किया जाता है बाटलिंग।घर तक पहुंचाने वाले जारो को भी नहीं की जाती है सफाई।सप्ताह में एक बार छोटे जारो की होनी चाहिए साफ़-सफ़ाई।बैक्टीरिया मारक लिक्विड का समय समय पर करना चाहिए इस्तेमाल।पानी से शरीर में पहुंचते हैं बैक्टीरिया।पानी के माध्यम से शरीर में बैक्टीरिया पहुंचने से डायरिया होता है।संक्रमण से बुखार का खतरा होता है।पेट की गड़बड़ी जैसे भूख नहीं लगना या खाना नहीं पचना।लिवर में सूजन या फिर उससे संबंधित अन्य संक्रम

आर ओ सिस्टम को आप सभी ने अपने घर में लगा रखा होगा और निश्चिंत हो गए होंगे कि अब हमारा परिवार साफ पानी पी रहा है। इस सिस्टम से पानी के कुछ हानिकारक तत्व और विषाणु तो निकल जाते हैं। मगर ये वाइरस को नहीं निकाल पाता इसलिए ये पानी भी पीने लायक नहीं है। 
वर्तमान समय में स्वास्थ्य विभाग, फूड विभाग और जिला प़शासन का यह दायित्व बन जाता है कि वह जांच करे शिवपुरी शहर में जितनेे भी आरो वाटर प्लांट, सप्लायर, जारों को घर तक पहुंचाने वाले वाहन  प्लांट और घर तक पानी पहुंचाने में काम करने वाले प़तिनिधि साफ सफाई का ध्यान रख रहे हैं या शहर को मीठा जहर पिला रहे आरो वाटर के नाम पर. कोरोनाा संकट के समय जरुरीी है.

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