एसपी नवनीत भसीन ने घूमकर देखी लॉक डाउन की स्थिति,लगातार ड्यूटी कर रहे फोर्स का किया उत्साहवर्धन

ग्वालियर । ग्वालियर में चल रहे लॉक डाउन की व्यवस्थाओं का ग्राउंड ज़ीरो पर जायजा लेने के लिए आज सबेरे पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन स्वयम सड़को और गलियों में घूमे । उन्होंने पुलिस कर्मियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी देखीं और उनका उत्साहवर्धन भी किया ।

कोरोना के कहर को रोकने के लिए ग्वालियर में एक पखबाड़े से भी ज्यादा समय हो गया जब यहां लॉक डाउन चल रहा है ताकि सोशल डिस्टनसिंग को रोका जा सके । पुलिस कप्तान श्री भसीन आज सुबह से ही व्यवस्थाओ का जायजा लेने सड़को पर निकले। उन्होंने तीनो उप नगरों में मुख्य सड़कों ही नही गली मोहल्लों में भी भृमण किया और जो जहां मिला उससे पूछताछ की और कोरोना के खिलाफ इस युद्ध मे सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर सहयोग देने की अपील की ।

श्री भसीन ने लगातार ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों से भी संवाद कर उनका हालचाल जाना । उनके खाने पीने और वर्दी की धुलाई आदि जैसी बातें जानी साथ ही उनसे परिजनों से कैसे संपर्क हो रहा है ये भी जाना । पुलिस कप्तान ने सभी की निष्ठापूर्ण सेवा की सराहना कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

दिल्ली एनसीआर में भूकंप के झटके, घरों से बाहर? लोग

दिल्ली एनसीआर में शाम 5:50 के करीब भूकंप के झटके महसूस किए गए। ज्यादातर लोग अपने घरों में ही हैं और ऐसे में झटकों के बाद लोग घर से बाहर निकल आए। भूकंप की तीव्रता 4.1 बताई जा रही है।

नई दिल्ली
दिल्ली एनसीआर में शाम 5:50 के करीब भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद और गुड़गांव में भूकंप के झटके महसूस किए गए। ऐसे में लोग घरों से बाहर निकल आए। जो लोग बाहर नहीं निकले वे अपनी बालकनी में आ गए। बताया जा रहा है कि इसकी तीव्रता 4.0 रही।

अगर मध्यप्रदेश में CM शिवराज कैबिनेट बनाने में सक्षम नहीं हैं तो लगायें राष्ट्रपति शासन: कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि कोविड-19 के कारण पैदा इस संकट की घड़ी में मध्यप्रदेश में एक असंवैधानिक सरकार है।

अगर मध्यप्रदेश में CM शिवराज कैबिनेट बनाने में सक्षम नहीं हैं तो लगायें राष्ट्रपति शासन: कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा
भोपाल: कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य एवं वकील विवेक तन्खा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार ‘‘असंवैधानिक’’ है क्योंकि यह मंत्री-परिषद के बिना काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री अपनी कैबिनेट बनाने में सक्षम नहीं हैं तो प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए।

तन्खा ने राष्ट्रपति को शनिवार को लिखे पत्र में कहा, ”राष्ट्रपति जी, मैं मध्य प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता के साथ न्याय की अपील कर रहा हूं। मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस की वजह से स्थिति बहुत खराब है। प्रदेश संकट से गुजर रहा है। इंदौर की स्थिति बहुत चिंताजनक है। भोपाल में स्वास्थ्य विभाग के 45 से अधिक अधिकारी संक्रमित पाये गये हैं।

जांच की संख्या बहुत कम है।” उन्होंने आगे लिखा, ”मार्च 23 से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अकेले सरकार चला रहे हैं। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री तक नहीं हैं। बिना कैबिनेट के यह कैसा प्रजातंत्र है?’ तन्खा ने कहा, ”कोविड-19 के कारण पैदा इस संकट की घड़ी में यह असंवैधानिक सरकार है।” पत्र में उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की है कि वह मध्य प्रदेश की जनता के जीवन की सुरक्षा के लिए इस मामले में हस्तक्षेप करें।

तन्खा ने प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा, ”अगर मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कैबिनेट बनाने में सक्षम नहीं हैं तो यहां राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए।”

शिवपुरी: आरो वाटर के नाम पर मीठा जहर तो नहीं पी रहे आप, वाटर सपलायर्स नहीं कर रहे निर्धारित मापदंड का पालन.


*क्या जिला प़शासन इसकी जांच करेगा.
*आरो वाटर प्लांट वॉयरस को नहीं फिल्टर कर पाते हैं.
*मिनरल्स की मात्रा आरो वाटर में कितनी हो इसका कोई मापदंड है?
* RO सिस्टम का पानी जितना शुद्ध होता है उतना ही खतरनाक भी है जो सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है।

शिवपुरी शहर कोरोना संकट से जूझ रहा है तब इस समय स्वास्थ्य संबंधी हर विंदु पर नजर रखना जिला प़शासन का दायित्व बन जाता है.
शहर के अधिकांश घरों में आरो वाटर सप्लायर्स पानी की आपू्र्ति करते हैं, लेकिन देखा जा रहा है कि बहुत से पानी सप्लायर के नौकर जो घरों तक पानी पहुंचाते हैं पानी की एक जार से दूसरे जार में हेराफेरी करते नजर आते हैं कई बार गरमी के मौसम में सीधे नलों का पानी भी ग़ाहकों को पहुंचा आते हैं.
चूंकि इस समय साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है तो शहर में जितने प्लांट आरो वाटर से संबंधित हैं प़शासन और स्वास्थ्य महकमे को सघन जांच अवश्य करनी चाहिये, वाटर सप्लायर निर्धारित मापदंडों का पालन कर रहे यह जांचना बेहद जरुररी है.

आर ओ का पानी बन जाता है ‘मीठा जहर’

इसमें कहीं कोई दो राय नहीं है कि आर ओ पानी को सही तरह से शुद्ध करने का काम करता है। लेकिन यह तभी तक पानी को पूर्ण रुप से शुद्ध कर सकता है जब तक इसके पार्टस सही रहते हैं। पर जैसे ही आर ओ का फिल्टर पार्टस पुराना होता है इसकी कार्य क्षमता भी कम होती जाती है। कार्य क्षमता कम होने के कारण पानी में ना सिर्फ टीडीएस बढ़ जाता है बल्कि बैक्टीरिया का भी खतरा रहता है। तो आर ओ सिस्टम में लगे पानी की टंकी और पाइप में कचरा जमा हो जाने के कारण कुछ दिन के बाद ही संक्रमण का खतरा पैदा कर देता है।
कैसे करे पानी की शुद्धता का पहचान

पानी में कड़वापन ,पानी का स्वाद कठोर होना,  बोतल में 2 दिन रखने के बाद पानी में पीलापन ,पानी का सामान्य दांतों में भी लगना,पानी को उबालने पर चूना जैसा निकलना,पानी रखने वाले जार में चुना जैसा जमना,समस्या आने पर तत्काल टीडीएस (टोटल डिसाल्व सॉलिड )चेक कराएं.

बाजार के पानी पर भरोसा करने से पहले जाने कुछ बातें…

जार में बिकने वाले पानी से भी हो सकता है संक्रमण।बड़े प्लांटो में कम ही ऐसा जगह है जहां साफ सफाई का ध्यान रखा जाता है।दो से 4हजार लीटर के टैंक छत पर लगाया जाता है जहां से बॉटलिंग किया जाता है।छत पर धूल गर्दा और अन्य परेशानियों से संक्रमण का खतरा अधिक होता है।ऐसे टैंको की हर तीन माह  पर सफाई होनी चाहिए जो नहीं हो पाती है।स्टोर पानी को कई दिनों तक किया जाता है बाटलिंग।घर तक पहुंचाने वाले जारो को भी नहीं की जाती है सफाई।सप्ताह में एक बार छोटे जारो की होनी चाहिए साफ़-सफ़ाई।बैक्टीरिया मारक लिक्विड का समय समय पर करना चाहिए इस्तेमाल।पानी से शरीर में पहुंचते हैं बैक्टीरिया।पानी के माध्यम से शरीर में बैक्टीरिया पहुंचने से डायरिया होता है।संक्रमण से बुखार का खतरा होता है।पेट की गड़बड़ी जैसे भूख नहीं लगना या खाना नहीं पचना।लिवर में सूजन या फिर उससे संबंधित अन्य संक्रम

आर ओ सिस्टम को आप सभी ने अपने घर में लगा रखा होगा और निश्चिंत हो गए होंगे कि अब हमारा परिवार साफ पानी पी रहा है। इस सिस्टम से पानी के कुछ हानिकारक तत्व और विषाणु तो निकल जाते हैं। मगर ये वाइरस को नहीं निकाल पाता इसलिए ये पानी भी पीने लायक नहीं है। 
वर्तमान समय में स्वास्थ्य विभाग, फूड विभाग और जिला प़शासन का यह दायित्व बन जाता है कि वह जांच करे शिवपुरी शहर में जितनेे भी आरो वाटर प्लांट, सप्लायर, जारों को घर तक पहुंचाने वाले वाहन  प्लांट और घर तक पानी पहुंचाने में काम करने वाले प़तिनिधि साफ सफाई का ध्यान रख रहे हैं या शहर को मीठा जहर पिला रहे आरो वाटर के नाम पर. कोरोनाा संकट के समय जरुरीी है.

निहंगों ने बोला पुलिस पर हमला, ASI को मरणासन कर अभी भे दे रहे हैं धमकी

पटियाला
एक ओर जहां देश कोरोना के कहर से लड़ रहा है, वहीं पंजाब के पटियाला में निहंग सिखों (परंपरागत हथियार रखने वाले और नीली लंबी कमीज पहनने वाले सिख) ने पुलिस पर हमला कर दिया और एक पुलिसकर्मी का हाथ पूरी तरह से काट दिया। रविवार को सुबह सब्जी मंडी के बाहर मेन गेट पर सिखों ने पुलिस पर हमला किया। हमले में दूसरे पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।

जाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि हमले में एएसआई हरजीत सिंह का हाथ कट गया। इसके बाद उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई में एडमिट कराया गया है। हमले में कई अन्य पुलिसकर्मी और मंडी बोर्ड के अधिकारी घायल हुए हैं। इस मामले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है।

कर्फ्यू पास दिखाने को कहा, मारी टक्कर

पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनदीप सिंह सिद्धू ने कहा, ‘उनसे (कर्फ्यू) पास दिखाने को कहा गया, लेकिन उन्होंने अपनी गाड़ी से दरवाजे और वहां लगाए गए अवरोधकों पर टक्कर मार दी।’ उन्होंने कहा कि इसके बाद इन लोगों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया।निहंगों ने बोला पुलिस पर हमला, ASI को मरणासन कर अभी भे दे रहे हैं धमकी

मौके पर पहुंचे एडीजीपी

सिद्धू ने कहा, ‘तलवार से एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) का हाथ काट डाला गया। पटियाला सदर थाने के प्रभारी की कोहनी में चोट आई है जबकि एक अन्य पुलिस अधिकारी की बांह में भी इस हमले में चोट आई है।’ एएसआई को राजेंद्र अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया!

एसएसपी ने कहा कि हमले के बाद निहंग मौके से फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। यह वारदात तब हुई जब कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर राज्य में पाबंदियां लागू हैं। एडीजीपी राकेश चंद्र और कमांडो फोर्स भी मौके पर पहुंची चुकी है।

म.प्र.सरकार गांव मे फसल खरीदने का आदेश याने दलालो को लूट का परमिट – रघु ठाकुर

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12 अप्रैल20भोपाल / लाकडाउन का लाभ उठाकर गांव गांव में दलाल पहले ही किसानों से निर्धारित दर से कम दर पर खरीद का अनुबंध कर रहेथे । गेहूं 1925 के बजाय 1400 रु, मटर 4800रु. के बजाय 3900 रु. और चना 4000 की बजाय 3000 प्रति क्विटंल की दर से खरीदा जा रहा है ।
कल म.प्र.सरकार ने यह आदेश जारी कर कि अनाज व्यापारी गांव से खरीद कर सकते है इन दलालो को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर खरीद करने का लायसेंस दे दिया है ।सरकार को साथ मे यह भी घोषणा करना चाहिये थी कि जो व्यक्ति निर्धारित दर से कम पर खरीदेगा तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी ।मुख्यमंत्री जी से हमारी अपील है कि अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दें कि किसानों को पूरा पैसा दिलाना सुनिश्चित करें तथा जिन किसानों से कम दरों पर खरीद की गई है उस के दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई कर किसानों को बकाया राशि का भुगतान कराये ।

नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की जांच हेतु घर – घर पहुँचेगा चलित कोविड-19 सेम्पल कलेक्शन बूथ

ग्वालियर / नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये पूरा देश कार्य हर रहा है। संक्रमण की जानकारी के लिये अधिक से अधिक टेस्टिंग का कार्य भी किया जा रहा है। ग्वालियर में अस्पतालो के साथ-साथ अब घर पर जाकर जांच सेम्पल लेने का कार्य भी प्रारंभ किया है। स्मार्ट सिटी के स्टार्टअप द्वारा चलित कोविड-19 सेम्पल कलेक्शन बूथ तैयार किया गया है। इसके माध्यम से शहर में भ्रमण कर अधिक से अधिक लोगों की जांच हेतु सेम्पल एकत्रित किया जायेगा।

कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने स्मार्ट सिटी स्टार्टअप के माध्यम से तैयार किए गए इस चलित कोविड-19 सेम्पल कलेक्शन बूथ के माध्यम से अधिक से अधिक सेम्पल एकत्रित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में वर्तमान में डीआरडीई एवं जीआरएमसी में सेम्पल की जांच की जा रही है। इस बूथ के माध्यम से सेम्पल एकत्र करने से लोगों को अस्पताल तक जाना नहीं पड़ेगा। उनके घर पर ही सेम्पल हेतु बूथ पहुँचेगा और सेम्पल एकत्र करेगा।

कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि नोवेल कोरोना के संक्रमण को लेकर आम जनों में डर है कि अस्पताल जाने अथवा घर से बाहर निकलने पर उन्हें संक्रमण हो सकता है। इस बूथ के माध्यम से आम जनों को इस डर से भी निजात मिलेगी। ग्वालियर जिले के लिये स्मार्ट सिटी द्वारा तैयार किया गया एक सेम्पल कलेक्शन बूथ संक्रमण की रोकथाम के लिये एक कारगर पहल साबित होगा। उन्होंने आम जनों से भी अपील की है कि चलित सेम्पल बूथ के माध्यम से किसी भी व्यक्ति को अगर कोई लक्षण हों अथवा खांसी, जुकाम, बुखार अथवा गले में दिक्कत हो तो अपना सेम्पल अवश्य कराएं। अधिक से अधिक सेम्पल की जांच के माध्यम से ही जिले में संक्रमण को रोका जा सकेगा।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्मार्ट सिटी श्री महिप तेजस्वी ने बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी के स्टार्टअप के माध्यम से कोविड-19 सेम्पल कलेक्शन बूथ तैयार किया गया है। इस बूथ को एक चलित गाड़ी पर स्थापित कर शहरभर में संचालित किया जायेगा। इसके माध्यम से अधिक से अधिक लोग नोवेल कोरोना के संक्रमण से पीड़ित एवं संदिग्ध व्यक्तियों की जांच हेतु नमूने एकत्रित किए जायेंगे। इन नमूनों का परीक्षण कराकर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने बताया कि यह जांच कलेक्शन बूथ संभवत: प्रदेश में सर्वप्रथम ग्वालियर में प्रारंभ किया जा रहा है।

सीईओ श्री महिप तेजस्वी ने बताया कि चलित सेम्पल बूथ नोवेल कोरोना के संक्रमण की रोकथाम हेतु कारगर प्रयास साबित होगा। शहर के सभी निवासी इस बूथ के माध्यम से सेम्पल कलेक्शन में सहयोग प्रदान करें।

सभी एसपी को निर्देश -अति-आवश्यक वस्तुओं के परिवहन वाहनों को कतई न रोके पुलिस

ग्वालियर / प्रदेश में कोविड-19 संक्रमण के दौरान प्रभावशील लॉक-डाउन में अति-आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के परिवहन में लगे वाहनों को पुलिस द्वारा नहीं रोका जायेगा। ऐसे वाहनों को अगर पुलिस रोकती है, तो वाहन चालक राज्य-स्तरीय कंट्रोल-रूम के नम्बर-100 पर कॉल कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (दूरसंचार) श्री एस.के. झा ने उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोपाल-इंदौर सहित सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किये हैं। निर्देशों में कहा गया है कि लॉक-डाउन के दौरान अति-आवश्यक वस्तुओं के परिवहन में लगे भरे हुए अथवा खाली वाहनों को कतई रोका न जाये, जिससे इन वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न हो। इसके लिये विशेष पुलिस व्यवस्था की जाये, ताकि आपूर्ति अनवरत जारी रहे। श्री एस.के. झा ने बताया है कि यदि इन वस्तुओं के वाहन कहीं रोके जाते हैं, तो वाहन चालक तत्काल डॉयल-100 पर इसकी जानकारी दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि डॉयल-100 कंट्रोल-रूम भोपाल द्वारा चालक की जानकारी पर तत्काल संबंधित थाना प्रभारी और संबंधित जिले के नियंत्रण-कक्ष को त्वरित निराकरण के लिये सूचना भेजेंगें।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (दूरसंचार) ने बताया है कि सभी जिलों के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों को इस कार्य के लिये नोडल ऑफिसर बनाया गया है। ये नोडल ऑफिसर प्राप्त सूचनाओं और उसके निराकरण की नियमित मॉनीटरिंग करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अति-आवश्यक वस्तुओं के परिवहन में लगे वाहन चालकों को रोके जाने पर उनकी मदद के लिये डॉयल-100 सुविधा 24×7 उपलब्ध रहेगी।

प्रोफेसर आनंद मिश्रा फिर बने जीवाजी के रजिस्टार ए पी एस की छुट्टी।

कोरोना संकट के दौरान भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अपनी प्रशासनिक सर्जरी में लगे हुए हैं मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद मुख्य सचिव से लेकर कई सारे फेरबदल उनके द्वारा किए गए उनके द्वारा अब तक कमलनाथ सरकार के समय हुई कई सारी नियुक्तियां रद्द की जा चुकी है इसी कड़ी में आज जीवाजी विश्वविद्यालय के रजिस्टार पद पर एक बार फिर प्रोफेसर आनंद मिश्रा की नियुक्ति की गई है प्रोफेसर मिश्रा इससे पहले भी कई बार जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके हैं बे वरिष्ठ भाजपा नेता और शिवराज सरकार के संभावित उपमुख्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा के बड़े भाई हैं।