संकट काल में मानसिक तनाव कैसे दूर करें.

अगर आप अवसाद की स्थिति से गुजर रहे तो आप तरोताजा कैसे रहें यह बहुत जरुरी हो जाता है जब आपके चारों चरफ भय का वातावरण हो. कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों ने पूरी दुनिया को परेशानी में डाल दिया है. इससे संक्रमित होने और मरने वालों का आंकड़ा लगातर बढ़ता ही जा रहा है. फिलहाल इससे बचने का एक ही तरीका दिख रहा है और वो है सोशल डिस्टेंसिंग. दुनिया भर से आ रहे कोरोना वायरस के आंकड़ें हर किसी को चिंता में डाल रहे हैं. मानसिक रूप से भी लोगों पर इन खबरों का बुरा असर पड़ रहा है.

कई लोग पहले से ही डिप्रेशन जैसी समस्या से जूझ रहे हैं. ऐसे में कोरोना से संबंधित खबरें उनकी मानसिक सेहत को और खराब कर रहीं हैं. जब हमारे आस-पास का पूरा माहौल कोरोना वायरस की ही खबरों से भरा पड़ा है तो आखिर इससे कैसे बचा जाए. खासतौर से जो लोग किसी न किसी मानसिक बीमारी का शिकार हैं उनके लिए ऐसे माहौल से दूर रहना और जरूरी हो जाता है.

ऐसे ही कुछ बातों को ध्यान में रखते हुए कुछ दिन पहले विश्व स्वास्थ्य संगठने ने भी लोगों को मानसिक सेहत से जुड़ी कुछ सलाह दी थी. कोरोना वायरस का डर अच्छे भले इंसान को भी बीमार कर दे रहा है. आइए जानते हैं कि इस महामारी से बचाव करते हुए खुद को मानसिक तौर पर स्वस्थ कैसे रखा जाए.

कोरोना वायरस जैसी महामारी की जानकारी होनी जरूरी है लेकिन इससे जुड़ी हुई सारी खबरें पढ़ने से आपको पैनिक अटैक भी पड़ सकता है. एक के बाद एक खबरें पढ़ते जाने से आपके मन में सिर्फ नाकारात्मक विचार आएंगे. आपको कुछ बेचैनी जैसी भी महसूस हो सकती है. आप खुद को और अपने आस-पास के लोगों को लेकर बेवजह भी परेशान हो सकते हैं. इसलिए ज्यादा खबरें पढ़ने से बचें.

लॉकडाउन में ज्यादातर समय लोगों का सोशल मीडिया पर बीत रहा है. लोग तरह-तरह की अफवाह वाले मैसेज शेयर करते हैं जिनका असर दिमाग पर भी पड़ता है. सरकार और अन्य भरोसेमंद जरियों से मिलने वाली सूचनाओं को ही पढ़ें. सोशल मीडिया पर कम से कम वक्त बर्बाद करें. इसके बजाए अपना समय किसी शौक को पूरा करने में लगाएं. आपको अच्छा महसूस होगा.

लॉकडाउन की वजह से इस समय हर कोई अपने घरों में कैद है. सेल्फ आइसोलेशन में जाने वाले लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. ऐसे में लोगों से फोन करके उनका हाल-चाल पूछते रहें और उन्हें यह एहसास कराते रहें कि इस मुश्किल घड़ी में आप उनके साथ हैं. इस तरह दूर रह कर भी आप खुद को अकेला नहीं महसूस करेंगे. वीडियो कॉल करके अपने रिश्तेदारों से जुड़ें रहें.

सोशल मीडिया पर इधर-उधर की चीजें पढ़ने की बजाय अपना समय अच्छी किताबें पढ़ने में लगाएं. अच्छी किताबें पढ़ने से आपको सकारात्मक ऊर्जा का एहसास होगा और आपके मन में किसी तरह का डर नहीं रहेगा.

कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे में निश्चित रूप से यह जल्दी थमने वाला नहीं है. दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए जब भी मुमकिन हो प्रकृति और सूर्य की रोशनी में जाएं. एक्सरसाइज करें, अच्छे से खायें और खूब पानी पीएं.

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