▪विधानसभा उपचुनाव. 🔹काग्रेंस जिताऊ प्रत्याशीयो की खोज मे लगी.


➖डा.भूपेन्द्र विकल➖
इन्दोर।मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव मे काग्रेंस पुनः सत्ता मे आने के लिए अपनी रणनीति के तहत मजबूत ओर दमदार प्रत्याशीयो की खोज मे तेजी से लग गई है।
भाजपा की सरकार बनाने बाले ओर कांग्रेस की कमल नाथ सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने वाले उसके ही दल के बागी छह पूर्व मंत्रियों सहित 22 पूर्व विधायकों के चुनाव क्षेत्रों में कांग्रेस मजबूत प्रत्याशियों को चुनाव लडाना चाहती है ओर हर हाल मे प्रत्याशी को जितना ही है यह लक्ष्य बना लिया है।
प्रत्याशी के चयन की प्रक्रिया भी पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ खुद लग गये है।अपनी रणनीति को वह प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया को भी बता चुके है ओर अपने सहयोगियों को भी लाकडाउन के बाद वह कोर कमेटी की मीटिंग मे वह अपनी रणनीति को भी स्पष्ट कर देगे।
बागी प्रत्याशीयो को उनके विधानसभा श्रेत्र मे हराना ओर इनकी छवि गद्दार के रूप मे बनाने के लिए अभी से महोल बनाना भी काग्रेसीओ ने प्रारंभ कर दिया है।
प्रदेश की जौरा और आगर सीट पहले से रिक्त चल रही थी। यह दोनों ही सीटें तत्कालीन विधायक बनवारी लाल शर्मा ओर मनोहर ऊटवाला के निधन से रिक्त हैं, इसके चलते अब 24 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। खास बात यह है कि इनमें से पहले 23 पर कांग्रेस जीती थी।
रिक्त विधानसभा श्रेत्र में से ग्वालियर चंबल क्षेत्र की 16 विधानसभा हैं।
8 विधानसभा मे मालवा, मध्यान्चल एवं बुन्देलखंड की है।
अब प्रदेश में राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह से बदल चुका है।
यही वजह है कि इन विधानसभा पर अब कांग्रेस को पार्टी से बागी हो चुके नेताओं के विरोध में चुनाव लडऩे के लिए मजबूत नेता का चयन करना होगा।

प्रदेश में 15 सालों के इंतजार के बाद कांग्रेस को सत्ता मिली थी, लेकिन उसके आंतरिक कलह के चलते सरकार को बाहर होना पड़ा है।
पार्टी के बागी हो चुके नेताओं द्वारा भाजपा में जाने के बाद अब कांग्रेस को उनके सामने उतारने के लिए जीतने बाला प्रत्याशी चाहिए ।

6 पूर्व मंत्रियों-प्रद्युम्न सिंह तोमर ग्वालियर, तुलसी सिलावट सांवेर, डॉ प्रभुराम चौधरी सांची, इमरती देवी डबरा, गोविंद सिंह राजपूत सुरखी और महेंद्र सिंह सिसोदिया बमोरी के अलावा एंदल सिंह कंसाना सुमावली, बिसाहू लाल सिंह अनूपपुर, हरदीप सिंह डंग सुवासरा, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव बदनावर, मुन्नालाल गोयल ग्वालियर पूर्व और रघुराज सिंह कंसाना मुरैना के खिलाफ कांग्रेस को मजबूत प्रत्याशी का चयन करना है

पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में 22 विधायकों ने इस्तीफे देकर कमलनाथ सरकार को हटा दिया था।इसके बाद प्रदेश की सत्ता बदल गई।

उपचुनाव में पार्टी कैसे जीते इसको लेकर अब तक पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ और प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच शुरुआती चर्चा हो चुकी है। कोरोना आपदा के चलते फिलहाल अभी औपचारिक बैठक नहीं बुलाई गई है। हालांकि वरिष्ठ स्तर पर पदाधिकारियों और संबंधित जिलो से संगठन स्तर से फीडबैक लिया जा रहा ।
इन विधानसभा श्रेत्र मे निवारत काग्रेंस के नेताओं ने भी चुनाव लडने की मंशा भी पार्टी के सामने व्यक्त करना प्रारंभ कर दी है।जिन्हे विश्वास है कि उन्हे ही चुनाव मे प्रत्याशी बनाया जायेगा उन्होंने अपनी तैयारियां प्रारंभ भी कर दी है।
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