सब्जी मंडियों में सन्नाटा प्रशासन के तुगलकी फरमान से अफरा तफरी दवाओं की दुकानों पर उमड़ी भीड़ लोग सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं नहीं रख रहे है ध्यान

ग्वालियर। बीती रारत बारह बेस प्रशासन ने ग्वालियर सिटी में तीन दिन का टोटल लॉक डाउन लागू कर दिया। यह टोटल लॉक डाउन  चक्र है।  एक  चक्र पहले सफलतापूर्वक निपट चुका था।

आज टोटल लॉक डाउन के चलते सड़को पर फिर से सन्नाटा पसर गया।  िका दुका लोग दिखे जिनसे पुलिस पूछताछ करती दिखी।  हालाँकि बैंको को इससे अलग रखा गया है लेकिन आज महावीर जयंती पर बैंको का अवकाश होने से वे बंद ही रहीं।

मेडिकल स्टोर्स पर उमड़ी भीड़ –

कल समीक्षा के बाद प्रशासन ने शहर में कुछ मेडिकल स्टोर्स को चिन्हित किया था जो बंद के दौरान भीखुले  रहेंगे।  इसके बावजूद आज सुबह होते ही मेडिकल स्टोर्स पर ग्राहकों की  भीड़ उमड़ पड़ी  सोशलडिस्टेंसिंग   नहीं हो पा रही  रही थी। जो बुजुर्ग लोग हैं क्वॉरेंटाइन में घर में बंद हैं उन तक दवा नहीं पहुंच पा रही प्रशासन ने ऐसे कोई व्यवस्था नहीं उन तक दवा पहुंच सके जब चुनिंदा मेडिकल स्टोर पर भीड़ पर पर भीड़ बढ़ी तो पुलिस ने भी यहाँ पहुंचकर स्थिति को सम्भाला। पुलिस को कई जगह सड़को पर अकारण घुमते लोगों पर डंडे फटकारना पड़े।

सब्जी मंडी में सन्नाटा –

शहर  स्थित सभी सब्जी मंडी में सन्नाटा पसरा  हुआ है।  इससे शहर में सब्जी की कमी हो गई है जिनके पास है भी वे उसकी मनमानी  रहे हैं। शहर में हरी मिर्च और धनिया का अकाल हो गया है जबकि आलू पचास रुपये किलों में  बिक रहा है। प्रशासन ने सब्जी  आपूर्ति के लिए जो ऑनलाइन संस्थाए तय की हैं वे सप्लाई नहीं कर पा रहीं है।  वे दो दिन में सप्लाई दे पा रहीं है

उपवास कर प्रवक्ता धैर्यवर्धन ने माना शीर्ष नेतृत्व का हुकुम

शिवपुरी

भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा एवम् प्रांत संगठन महामंत्री सुहास भगत के आदेशानुसार आज शिवपुरी निवासी वरिष्ठ भाजपा नेता धैर्यवर्धन ने भी उपवास किया है ।प्राप्त आदेश के फलस्वरूप अन्न, फल आदि के बजाय केवल जल ग्रहण करके उस नैतिक आव्हान को पूर्णता प्रदान करने का प्रयास है ।
मध्यप्रदेश भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने कहा है कि कोराना की आपाधापी में अनेक गरीब लोग , भागदौड़ में भूखे रहे होंगे अतः हमको भी एक दिन के लिए आहार त्याग करना चाहिए । ज्ञात हो एक बार देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने भी देशवासियों से सप्ताह में एक दिन उपवास करने का आव्हान किया था । तब देश के बहुसंख्यक लोगों ने एक दिन अनाज का सेवन न करके भुखमरी से ग्रसित लाखों लोगों के लिए अन्न की बचत की थी ।
लॉक डॉउन की अवधि के दौरान कई परिवार अचानक से भूखे रह गए होंगे फलस्वरूप उनसे भावनात्मक जुड़ाव महसूस कराने के लिए प्रदेश की भाजपा ने यह पावन आव्हान किया है । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवम् मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के आव्हान पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के वीडी शर्मा के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता मोदी सामुदायिक रसोई एवम् अन्य तरीकों से लोगों को पका हुआ भोजन एवम् अनाज घर घर पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं । शिवपुरी की विधायक श्रीमंत यशोधरा राजे की योजना से भी प्रतिदिन आटे के बोरे सहित अन्य खाद्यान्न सामग्री भी जरूरतमंदो तक पहुंचाई जा रही है । मोदी सामुदायिक रसोई के द्वारा करेरा, शिवपुरी, पोहरी, पिछोर, कोलारस आदि स्थानों पर भाजपा के सेवाभावी कार्यकर्ता परस्पर धनराशि या सामग्री एकत्रित कर लोगों को भोजन मुहैया करा रहे हैं । समूचे मध्यप्रदेश में स्थान स्थान पर यह सिलसिला निरंतर जारी है ।
भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य धैर्यवर्धन ने कहा कि हाई कमान का आदेश अक्षरशः मानने का स्वभाव हम भाजपा कार्यकर्ताओं का होता भी है ।
आदेश पालन की प्रवृत्ति, नैतिकता से स्वयं पर लागू करना यह आपकी आंतरिक ईमानदारी पर निर्भर करता है । कोई माने न माने, भरोसा न करे पर आपके स्वयं के आत्मबल में वृद्धि अवश्य होती है ।

धैर्यवर्धन ने कहा कि हालांकि मुझे उपवास की आदत नहीं है इसलिए पेट में चूहों ने हुड़दंग शुरू कर दिया है लेकिन संकल्प तो स्वांतः सुखाय के लिए ही होता है , इसलिए, ऑल इज वेल ।
सामान्य तौर पर मैं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, राम नवमी और शिवरात्रि का ही व्रत करता हूं ।
अन्य आदेशों का पालन करने का भी कर्तव्य निभाने का प्रयास इतनी ही ईमानदारी से करूंगा ।
भाजपा के 40 वें स्थापना दिवस पर आप सभी को इस कार्यकर्ता की ओर से प्रणाम और बधाई प्रेषित है।

कोरोना से बचने के लिए जागरूक भी किया और एक संदेश भी दिया.


भोपाल। होशंगाबाद रोड स्थित विद्यानगर में रहने वाले रिटायर्ड एडीशनल डायरेक्टर एसपी तिवारी की पत्नी श्रीमती शीला तिवारी का पिछले दिनों लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था. कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए उन्होंने तेरहवीं पर शहर में रहने वाले अपने परिवार के लोगों को नहीं बुलाने का फैसला किया. साथ ही धार्मिक अनुष्ठान करने के बाद उन्होंने सामाजिक दायित्व निभाते हुए शहर के गरीबों में खाना और मास्क वितरित किए.तेरहवीं पर गरीबों को बांटा खाना और मास्कएसपी तिवारी के दामाद पत्रकार पंकज अग्निहोत्री ने शहर के अलग-अलग स्थानों पर जाकर करीब तीन हजार खाने के पैकेट और मास्क वितरित किए।इस दौरान उन्होंने कोरोना वायरस से बचने के लिए लोगों को मास्क लगाने और बार-बार हाथ धोने की समझाइश दी।पत्रकार पंकज अग्निहोत्री के मुताबिक दाह संस्कार और तेरहवीं पर शहर में रहने वाले रिश्तेदारों तक को आने से मना किया, ताकि सरकार के अभियान में उनका साथ दे सकें।

▪विधानसभा उपचुनाव. 🔹काग्रेंस जिताऊ प्रत्याशीयो की खोज मे लगी.


➖डा.भूपेन्द्र विकल➖
इन्दोर।मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव मे काग्रेंस पुनः सत्ता मे आने के लिए अपनी रणनीति के तहत मजबूत ओर दमदार प्रत्याशीयो की खोज मे तेजी से लग गई है।
भाजपा की सरकार बनाने बाले ओर कांग्रेस की कमल नाथ सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने वाले उसके ही दल के बागी छह पूर्व मंत्रियों सहित 22 पूर्व विधायकों के चुनाव क्षेत्रों में कांग्रेस मजबूत प्रत्याशियों को चुनाव लडाना चाहती है ओर हर हाल मे प्रत्याशी को जितना ही है यह लक्ष्य बना लिया है।
प्रत्याशी के चयन की प्रक्रिया भी पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ खुद लग गये है।अपनी रणनीति को वह प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया को भी बता चुके है ओर अपने सहयोगियों को भी लाकडाउन के बाद वह कोर कमेटी की मीटिंग मे वह अपनी रणनीति को भी स्पष्ट कर देगे।
बागी प्रत्याशीयो को उनके विधानसभा श्रेत्र मे हराना ओर इनकी छवि गद्दार के रूप मे बनाने के लिए अभी से महोल बनाना भी काग्रेसीओ ने प्रारंभ कर दिया है।
प्रदेश की जौरा और आगर सीट पहले से रिक्त चल रही थी। यह दोनों ही सीटें तत्कालीन विधायक बनवारी लाल शर्मा ओर मनोहर ऊटवाला के निधन से रिक्त हैं, इसके चलते अब 24 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। खास बात यह है कि इनमें से पहले 23 पर कांग्रेस जीती थी।
रिक्त विधानसभा श्रेत्र में से ग्वालियर चंबल क्षेत्र की 16 विधानसभा हैं।
8 विधानसभा मे मालवा, मध्यान्चल एवं बुन्देलखंड की है।
अब प्रदेश में राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह से बदल चुका है।
यही वजह है कि इन विधानसभा पर अब कांग्रेस को पार्टी से बागी हो चुके नेताओं के विरोध में चुनाव लडऩे के लिए मजबूत नेता का चयन करना होगा।

प्रदेश में 15 सालों के इंतजार के बाद कांग्रेस को सत्ता मिली थी, लेकिन उसके आंतरिक कलह के चलते सरकार को बाहर होना पड़ा है।
पार्टी के बागी हो चुके नेताओं द्वारा भाजपा में जाने के बाद अब कांग्रेस को उनके सामने उतारने के लिए जीतने बाला प्रत्याशी चाहिए ।

6 पूर्व मंत्रियों-प्रद्युम्न सिंह तोमर ग्वालियर, तुलसी सिलावट सांवेर, डॉ प्रभुराम चौधरी सांची, इमरती देवी डबरा, गोविंद सिंह राजपूत सुरखी और महेंद्र सिंह सिसोदिया बमोरी के अलावा एंदल सिंह कंसाना सुमावली, बिसाहू लाल सिंह अनूपपुर, हरदीप सिंह डंग सुवासरा, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव बदनावर, मुन्नालाल गोयल ग्वालियर पूर्व और रघुराज सिंह कंसाना मुरैना के खिलाफ कांग्रेस को मजबूत प्रत्याशी का चयन करना है

पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में 22 विधायकों ने इस्तीफे देकर कमलनाथ सरकार को हटा दिया था।इसके बाद प्रदेश की सत्ता बदल गई।

उपचुनाव में पार्टी कैसे जीते इसको लेकर अब तक पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ और प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच शुरुआती चर्चा हो चुकी है। कोरोना आपदा के चलते फिलहाल अभी औपचारिक बैठक नहीं बुलाई गई है। हालांकि वरिष्ठ स्तर पर पदाधिकारियों और संबंधित जिलो से संगठन स्तर से फीडबैक लिया जा रहा ।
इन विधानसभा श्रेत्र मे निवारत काग्रेंस के नेताओं ने भी चुनाव लडने की मंशा भी पार्टी के सामने व्यक्त करना प्रारंभ कर दी है।जिन्हे विश्वास है कि उन्हे ही चुनाव मे प्रत्याशी बनाया जायेगा उन्होंने अपनी तैयारियां प्रारंभ भी कर दी है।
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6 अप़ैल 1980 आज के दिन 10 सदस्यों ने भारतीय जनता पार्टी बनाई थी.

नई दिल्ली बीजेपी की आज ही दिन 6 अप्रैल 1980 को नींव पड़ी थी40 साल में 10 सदस्यों से 18 करोड़ सदस्यों वाली पार्टी

देश की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी का गठन हुए आज 40 साल पूरे हो गए हैं. 6 अप्रैल 1980 को बीजेपी की नींव पड़ी थी. अटल बिहारी वाजपेयी से नरेंद्र मोदी युग तक बीजेपी ने अपने 40 साल के संघर्ष में तमाम तरह के उतार चढ़ाव से गुजरते हुए शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है. 10 सदस्यों के साथ शुरू बुई बीजेपी के पास आज देश में 18 करोड़ के करीब सदस्य हैं. केंद्र से लेकर 18 राज्यों में अपनी या गठबंधन की सरकार है और पार्टी के 303 लोकसभा सांसद हैं. बीजेपी देश ही नहीं, दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा भी करती है.

बता दें 6 अप्रैल 1980 को अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, विजयाराजे सिधिंया, सिकंदर बख्त जैसे नेताओं ने मिलकर बीजेपी का गठन किया था. तब बीजेपी की कमान अटल बिहारी वाजपेयी को सौंपी गई थी और पार्टी ने उनके नेतृत्व में सत्ता के शिखर तक पहुंचने का सपना देखा था. चार साल के बाद 1984 में चुनाव हुए तो बीजेपी महज 2 सीटों पर सिमट गई. इस हार ने बीजेपी को रास्ता बदलने पर मजबूर होना पड़ा और पार्टी की कमान कट्टर छवि के माने जाने वाले नेता लालकृष्ण आडवाणी को सौंपी गई.

आडवाणी के कंधों पर अब बीजेपी के नेतृत्व की जिम्मेदारी थी तो पार्टी पर नियंत्रण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का था. आडवाणी हिंदुत्व व राममंदिर मुद्दे को लेकर आगे बढ़े और इसके बाद ये रास्ता बनता हुआ सत्ता से शीर्ष तक चलता चला गया. बीजेपी को संजीवनी 1989 के लोकसभा चुनाव में मिली. बीजेपी दो सीटों से सीधे देश में दूसरे नंबर की पार्टी बन गई.

हिमाचल के पालमपुर में बीजेपी के राष्ट्रीय अधिवेशन में1988 में अयोध्या मुद्दे को पार्टी के एजेंडे में शामिल किया गया. सोमनाथ से अयोध्या रथयात्रा ने बीजेपी में नई ऊर्जा का संचार किया और आडवाणी की लोकप्रियता भी बढ़ी और वह संघ से लेकर पार्टी की नजर में काफी बुलंदी पर पहुंच गए. हालांकि, इसी दौरान छह दिसंबर को अयोध्या में विवादित ढांचा गिरने का मामला हुआ था और आडवाणी का नाम ‘जैन हवाला डायरी’ में आ गया.

इसके चलते बीजेपी और संघ परिवार ने आडवाणी के बजाय उदारवादी छवि वाले अटल बिहारी वाजपेयी के चेहरे के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया. 1995 में मुंबई अधिवेशन में वाजपेयी को बीजेपी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया. हालांकि, पार्टी की कमान आडवाणी के हाथों में रही. अटल-आडवाणी की जोड़ी ने बीजेपी को शून्य से शिखर तक पहुंचाने का काम किया.

बीजेपी ने 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई में पहली बार 13 दिन की सरकार बनाई. इसके बाद 1998 में पार्टी की 13 महीने तक सरकार चली. 1999 में फिर एक ऐसा वक्त आया, जब अटल बिहारी वाजपेयी ने बतौर प्रधानमंत्री अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया. इस तरह वह सबसे लंबे समय तक गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री रहे, लेकिन 2004 में बीजेपी की सत्ता में वापसी नहीं करा सके. इसके चलते बीजेपी को 10 साल तक सत्ता का वनवास झेलना पड़ा.

2011 में देश के 9 राज्यों में बीजेपी की सरकार थी. 2013 में राजनाथ फिर पार्टी अध्यक्ष बने और यहीं से बीजेपी में मोदी युग की शुरुआत हुई. बीजेपी अध्यक्ष ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को 2014 लोकसभा चुनाव के लिए पीएम उम्मीदवार चुना. फिर मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने वो कर दिखाया, जो अभी तक नहीं हुआ था. 2014 में बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार किया और आसानी से सरकार बनाई.

2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री और अमित शाह के पार्टी अध्यक्ष बनने के साथ ही बीजेपी की तीन धरोहर अटल, आडवाणी, मुरली मनोहर के युग की समाप्ति हो गई. अब भाजपा में मोदी युग चल रहा है. पार्टी का नेता ही नहीं संगठन, चुनाव लड़ने का तरीका, सरकार चलाने का तौर तरीका, फैसले लेने और उन्हें शिद्दत से लागू करने की तत्परता, पार्टी की नई पहचान बन गई. बीजेपी अकेले या सहयोगियों के साथ सत्ता की उस ऊंचाई पर है, जहां पहुंचने का उसके संस्थापकों ने कल्पना भी नहीं की होगी. बीजेपी दूसरी बार पूर्णबहुमत के साथ सत्ता में है.

जनसंघ ने जो सपने देखे तो उसे मोदी ने अमलीजामा पहनाने का काम किया है. कश्मीर से 370 हटाने से लेकर तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने तक फैसला मोदी सरकार में हुआ है. मोदी दूसरी बार प्रधानमंत्री है तो अमित शाह गृहमंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. उसी तरह जैसे अटल बिहारी वाजपेयी पीएम थो तो लालकृष्ण आडवाणी गृहमंत्री थे, लेकिन तब और अब में एक बड़ा फर्क है. उस समय सहयोगी दलों का दबाव था, लेकिन मोदी युग में ऐसा नहीं है. मोदी की एक अपील पर पूरा देश एक पैर खड़ा होता देखा गया है और विपक्ष पूरी तरह से हाशिए पर दिख रहा है.

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश कोरोना के लिये देंगे राशि

ग्वालियर/ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने महामारी कोविड-19 से निपटने के लिये प्राइम मिनिस्टर सिटीजन्स असिस्टेंस एण्ड रिलीफ इन इमरजेन्सी सिचुएशन फण्ड (PMCARES) में न्यायपालिका की ओर से अंशदान देने का निर्णय लिया है। फण्ड में मुख्य न्यायाधीश 50 हजार रुपये और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 25-25 हजार रुपये की राशि देंगे। इनके अलावा जिला न्यायाधीश/ अतिरिक्त जिला न्यायाधीश 15-15 हजार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और सिविल जज, गैर न्यायपालिक प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी अधिकारी 10-10 हजार रुपये और तृतीय श्रेणी के कर्मचारी 5-5 हजार रुपये देंगे। जबलपुर के अलावा ग्वालियर और इंदौर बेंच में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी भी अंशदान देंगे।

न्यायायिक अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा दिया जाने वाला यह अंशदान उनके अप्रैल-2020 में दिये जाने वाले वेतन से कट जायेगा। यह अंशदान स्वैच्छिक होगा। जो अधिकारी-कर्मचारी अंशदान नहीं करना चाहते वे फोन या एसएमएस द्वारा श्री अजय पवार (मेन रजिस्ट्री जबलपुर) को मोबाइल नम्बर 9407080677, श्री वी.बी. सिंह (इंदौर बेंच) को मोबाइल नम्बर 9425115362 और श्रीमती रिया त्रिपाठी (ग्वालियर बेंच) को मोबाइल नम्बर 9826243736 पर अवगत करा सकते हैं। ऐसा न करने पर उनके द्वारा अंशदान के लिये स्वीकृति मानी जायेगी। यह अंशदान आयकर मुक्त रहेगा।

मोदी मैजिक : कोरोना दानव के संहार के लिए देशहित में आम और खास ..सबने दीप जलाए एक साथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आग्रह का लोगों पर ऐसा प्रभाव हुआ कि सभी ने संगठित होकर दुनिया को देश की एकजुटता और ताकत का अहसास कराया। कोराना वायरस को हराने और महामारी पर विजय पाने के लिए सभी ने राष्ट्रहित में दीप जलाया। आम हो या खास सबने निर्धारित समय पर अपने घरों की लाइट बंद कर दीप जलाए साथ।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ ही देशभर में लोगों ने अपने घरों पर दीप जलाए।
वैशाख कृष्ण पक्ष की द्वादशी पर दीपावली सी रौनक छा गई। कह सकते हैं कि मोदी का मैजिक ऐसा चला कि हर घर रोशन हो रहा है तो आसमान में पटाखे सतरंगी रोशनी बिखेर रहे थे। यह सुखद नजारा इस बात का संदेश दे रहा था कि आज के दिन को इतिहास के रूप में भी देखा जाएगा कि जब पूरा संसार डगमगा रहा था

तब भारत जगमगा रहा था। प्रधानमंत्री के आग्रह पर जिस तरह से लोगों ने जाति-धर्म से परे होकर इंसानियत के नाते अपने और अपनों के लिए दीप जलाएं वह देश हित में शुभ संकेत हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आग्रह का लोगों पर ऐसा प्रभाव हुआ कि सभी ने संगठित होकर दुनिया को देश की एकजुटता और ताकत का अहसास कराया। कोराना वायरस को हराने और महामारी पर विजय पाने के लिए सभी ने राष्ट्रहित में दीप जलाया। आम हो या खास सबने निर्धारित समय पर अपने घरों की लाइट बंद कर दीप जलाए साथ।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ ही देशभर में लोगों ने अपने घरों पर दीप जलाए।
वैशाख कृष्ण पक्ष की द्वादशी पर दीपावली सी रौनक छा गई। कह सकते हैं कि मोदी का मैजिक ऐसा चला कि हर घर रोशन हो रहा है तो आसमान में पटाखे सतरंगी रोशनी बिखेर रहे थे। यह सुखद नजारा इस बात का संदेश दे रहा था कि आज के दिन को इतिहास के रूप में भी देखा जाएगा कि जब पूरा संसार डगमगा रहा था

तब भारत जगमगा रहा था। प्रधानमंत्री के आग्रह पर जिस तरह से लोगों ने जाति-धर्म से परे होकर इंसानियत के नाते अपने और अपनों के लिए दीप जलाएं वह देश हित में शुभ संकेत हैं।

मध्यप्रदेश में नहीं होगा किसी भी कार्यक्रम का आयोजन, आदेश ना मानने पर भेजा जाएगा जेल: सीएम शिवराज

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस को लेकर शनिवार को कहा कि राज्य में कोई भी छोटा या बड़ा कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होगा तो आयोजकों को जेल भेजा जाएगा।
मध्यप्रदेश सीएम ने कहा कि मैं एक बार फिर दोहरा रहा हूं कि कोई भी समारोह, बड़ा या छोटा, आयोजित नहीं होना चाहिए। यदि कोई इस तरह के कार्यों का आयोजन करता है या चिकित्सा प्रक्रिया में बाधा डालता है तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा।
सीएम चौहान ने कहा कि लोगों को अपनी जानकारी का खुलासा करने के लिए खुद से आगे आना चाहिए लेकिन वे हिचकिचा रहे हैं, इसलिए कोरोना वायरस फैलता जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों की तरफ से सहयोग की कमी थी। आप इंदौर में कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में इस मुद्दे को देखेंगे। लोग यह जांच के लिए भी समस्याएं पैदा कर रहे हैं ताकि स्वास्थ्य कर्मचारी वहां न पहुंच सकें।
लोग जान से खिलवाड़ ना करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि जान बचाना महत्वपूर्ण है इसलिए स्वास्थ्य कर्मचारी उन इलाकों में हमला होने के बाद भी जांच के लिए वापस चले गए। मैं लोगों से अपील करना चाहता हूं कि वे अपनी जान से खिलवाड़ ना करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई एक वायरस वाहक बन जाता है, तो वह कई अन्य लोगों को प्रभावित करेगा। हमने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। हमने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लागू किया।
57 विदेशी जामातियों का पासपोर्ट जब्त
सीएम ने कहा कि हम किसी को भी मानव जीवन के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे। हमने 57 विदेशी जामातियों की पहचान की। वे टूरिस्ट वीजा पर आए और वाहक होते हुए किसी को बिना बताए इधर-उधर चले गए। इसलिए उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए गए हैं और उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हम उन सभी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जो कोरोना वायरस को रोकने में बाधा बनते हैं। हम किसी को भी नहीं बख्शेंगे। हम राज्य में लॉकडाउन को लेकर ड्रोन का उपयोग करके भी निगरानी रखेंगे।

खरीफ फसल की बर्बादी पर किसानों के लिए 10,000 करोड़ रुपए जल्द होंगे जारी

खरीफ की फसल को हुए नुकसान से किसानों के बढ़े संकट को दूर करने के लिए केंद्र की मोदी सरकार की ओर से 20 अप्रैल तक 10,000 करोड़ रुपए का पैकेज जारी किया जा सकता है।

नई दिल्लीः खरीफ की फसल को हुए नुकसान से किसानों के बढ़े संकट को दूर करने के लिए केंद्र की मोदी सरकार की ओर से 20 अप्रैल तक 10,000 करोड़ रुपए का पैकेज जारी किया जा सकता है। इस बात की काफी दिनों से अटकलें लगाई जा रही थीं लेकिन कोरोना संकट के बीच 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान सरकार यह राहत देने का मूड बना रही है। बीते साल अक्टूबर और नवंबर के महीने में हुई मूसलाधार बारिश के चलते धान समेत खरीफ के सीजन में बोई जाने वाली कई फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा था। इस पर किसान संगठनों की ओर से राहत की गुहार लगाई गई थी।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत यह राहत राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। सरकार की ओर से बीमा कंपनियों पर लगातार दबाव डाला जा रहा है कि क्षतिपूर्ति की राशि जारी करें। सरकार जल्द ही इस राशि को ट्रांसफर कराना चाहती है क्योंकि लॉकडाउन के चलते किसानों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और वे अपनी रबी की फसल नहीं कट पा रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक कृषि मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने बताया, ‘बीमा की राशि का कैलकुलेशन आखिरी दौर में है। जल्दी ही हम किसानों तक राहत राशि पहुंचाएंगे।’ इस वक्त यदि किसानों को यह रकम मिलती है तो यह उनके लिए बड़ी मदद होगी क्योंकि लॉकडाउन के चलते वे मंडियों में अपने उत्पादों को सही दामों पर नहीं बेच पा रहे हैं।

कुछ दिनों पहले ही महाराष्ट्र के किसानों के लिए 4,500 करोड़ रुपए की रकम जारी की गई थी। अधिकारी ने कहा, ‘महाराष्ट्र के दावों का आकलन करने के बाद हम करीब 800 या 1,000 करोड़ रुपए तक की राशि जल्दी ही जारी करने वाले हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश के किसानों के लिए 2,500 करोड़ या फिर 3,000 करोड़ रुपए जारी किए जा सकते हैं। कर्नाटक के लिए 1,500 करोड़, राजस्थान के लिए 1,200 करोड़ और आंध्र प्रदेश के लिए 800 से 1,000 करोड़ रुपए की रकम जारी की जा सकती है।’ छत्तीसगढ़ के लिए 600 करोड़ रुपए का पैकेज जारी किया जा सकता है।