शिवराज मंत्रिमंडल के गठन की अटकलें तेज.

भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अप्रैल के पहले सप्ताह में ही अपने मंत्रिमंडल का गठन कर सकते हैं। दरअसल, उन्होंने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की, इसके बाद अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं कि जल्द ही प्रदेश में मत्रिमंडल का गठन हो सकता है। कोरोना संक्रमण के बीच अभी मुख्यमंत्री अकेले ही मोर्चा संभाले हुए हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल की जरूरत महसूस की जा रही है।

हालांकि, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल लालजी टण्डन से शिष्टाचार भेंट की थी। उन्होंने राज्यपाल को प्रदेश में कोरोना की स्थिति और उस पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी, लेकिन इस मुलाकात से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राजनीति के जानकार कहने लगे हैं कि अप्रैल के शुरुआत सप्ताह में सीएम शिवराज अपने मंत्रिमंडल का गठन कर सकते हैं। हालांकि, अभी सीएम की तरफ से इस संबंध में कोई संकेत नहीं दिया गया है, लेकिन वे लगातार केन्द्रीय नेताओं से इस संबंध में बातचीत कर रहे हैं। उम्मीद है कि केन्द्रीय नेतृत्व से परामर्श लेकर शिवराज जल्द ही मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर पहल सकते हैं।

गौरतलब है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के अलपमत में आने के कारण कमलनाथ ने गत 20 मार्च को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और तब से वे अकेले ही कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने की तैयारियों में जुटे हैं। कोरोना संकट के कारण अब तक मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो पाया है। ऐसे में सीएम की राज्यपाल से मुलाकात मीडिया की सुर्खियों में छाई हुई है। अटकलें लग रही हैं कि शिवराज मंत्रिमंडल के गठन की तैयारियां कर रहे हैं।

मध्यप्रदेश विधानसभा में वर्तमान में 206 सदस्य हैं। इस हिसाब से मुख्यमंत्री अधिकतम 28 मंत्री बना सकते हैं, जिसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के कमलनाथ सरकार में रह चुके छह पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, महेंद्र सिसोदिया, गोविंद सिंह राजपूत, प्रभु राम चौधरी और तुलसीराम सिलावट को शिवराज अपने मंत्रिमंडल में शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा कमलनाथ सरकार को गिराने में अहम भूमिका निभाने वाले सोलह अन्य विधायकों में संजय पाठक, नारायण त्रिपाठी, बिसाहू लाल सिंह, एन्दल सिंह कंसाना, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव और हरदीप सिंह डंग भी मंत्री बनने की शर्त पर भाजपा में शामिल हुए हैं। वहीं, भाजपा में भी कई दिग्गज विधायक हैं, जो मंत्री बनने की आस लगाए बैठे हैं। इनमें कुछ पूर्व में मंत्री भी रह चुके हैं। इनमें नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव, विश्वास सारंग, राजेंद्र शुक्ल, सीताशरण शर्मा, पारस चंद्र जैन, विजय शाह यशोधरा राजे सिंधिया शामिल हैं।

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