कोरोना का कहर: सरकार की किसानों से अपील- 20 अप्रैल तक टाल दें गेहूं की कटाई.

गेहूं को रबी फ़सलों में सबसे प्रमुख फ़सल माना जाता है. फ़सल पकने के बाद आमतौर पर अप्रैल के शुरुआती 10 दिनों में इसकी कटाई का काम शुरू हो जाता है लेकिन लॉक डाउन के चलते इस बार इसमें देरी हो सकती है.

कोरोना लॉक डाउन के चलते सरकार के सामने एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है. अप्रैल का महीना देशभर में गेहूं समेत सभी रबी फ़सलों की कटाई का समय होता है. ऐसे में कटाई के दौरान लॉक डाउन और सोशल डिस्टेंशिंग का पालन कैसे किया जाए?

गेहूं की कटाई में की जाए देरी

गेहूं को रबी फ़सलों में सबसे प्रमुख फ़सल माना जाता है. फ़सल पकने के बाद आमतौर पर अप्रैल के शुरुआती 10 दिनों में इसकी कटाई का काम शुरू हो जाता है लेकिन लॉक डाउन के चलते इस बार इसमें देरी हो सकती है. कृषि क्षेत्र में काम करने वाली सबसे अहम सरकारी संस्था भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ( ICAR ) ने देश भर के किसानों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है. एडवाइजरी में सभी किसानों से गेहूं की कटाई का काम 20 अप्रैल तक टालने की अपील की गई है. एडवाइजरी में कहा गया है कि इसबार गेहूं को पूरी तरह पकने में 10 अप्रैल से ज़्यादा का समय लग सकता है क्योंकि इस बार तापमान में नमी की मात्रा औसत से ज़्यादा है. परिषद का कहना है कि इसके चलते वैसे भी गेहूं की कटाई का काम देरी से शुरू होगा. लेकिन कोरोना के चलते लॉक डाउन को देखते हुए इसे कम से कम 20 अप्रैल तक टाल दिया जाए.

कटाई करते समय दूरी बनाए रखें किसान

परिषद ने गेहूं के अलावा सरसों, चना और दाल जैसी अन्य रबी फ़सलों की कटाई के सम्बंध में भी एडवाइजरी के रूप में एक विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं. इन दिशानिर्देशों में कटाई और उसके बाद की प्रक्रिया के दौरान सभी मज़दूरों और किसानों को मास्क लगाने के साथ साथ खेतों में भी दूरी बनाए रखने की सलाह शामिल हैं. इतना ही नहीं , खाना खाने या आराम करने के दौरान भी 3 – 4 फीट की दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है.

कृषि से जुड़े काम आवश्यक सेवाओं में शामिल

केंद्र सरकार ने कृषि और उससे जुड़े कामों को आवश्यक काम घोषित कर दिया गया है लिहाज़ा इसे लॉक डाउन से छूट दी गई है. इसमें कटाई , फ़सलों की ढुलाई और उसे मंडी तक पहुंचना शामिल है. कृषि उत्पाद और मार्केटिंग कमिटी के तहत आने वाले देश की सभी मंडियों को भी लॉक डाउन से दूर रखा गया है ताकि देश में अनाज जैसी मूलभूत सामानों की कमी न हो पाए. हालांकि इन सब उपायों के बावजूद एक सच्चाई ये भी है कि पंजाब और अन्य राज्यों में बिहार और उत्तर प्रदेश से आकर बसे कई मज़दूर लॉक डाउन के चलते अपने गांव प्रस्थान कर चुके हैं. ऐसे में गेहूं की कटाई के लिए मज़दूरों की कमी होना सम्भव है जिसका असर गेहूं और अन्य रबी फ़सलों के उत्पादन पर पड़ सकता है.

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