उपचुनाव की तैयारी : सरकार जाने के बाद सोनिया ने बदल दिया MP का प्रभारी..

मध्यप्रदेश में सरकार जाने के बाद संगठन में कांग्रेस ने बदलाव किया है। दीपक बाबरिया की जगह मुकुल वासनिक मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी होंगे। दीपक बावरिया ही विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान प्रदेश के प्रभारी थे। हालिया राजनीतिक ड्रामे के बीच बाबरिया की मौजूदगी नगण्य रही थी। हालांकि लोकसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद इस्तीफे की पेशकश कर दी थी।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने वासनिक की नियुक्ति को लेकर कहा कि बाबरिया ने खराब स्वास्थ्य को लेकर इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उसे स्वीकार कर लिया है। उन्होंने ही मुकुल वासनिक को मध्यप्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी है। वासनिक के पास पहले से ही केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी की जिम्मेदारी है, जिसे वह निभाते रहेंगे। वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी बाबरिया के योगदान की सराहना करती है।

महाराष्ट्र के नेता हैं मुकुल वासनिक
मध्यप्रदेश में पैदा हुए राजनितिक संकट के दौरान मुकुल वासनिक खासे सक्रीय रहे थे। जयपुर में विधायकों को ठहराने से लेकर उनके भोपाल आने तक वह साथ रहे थे। यूपीए के सरकार में वह मंत्री भी रह चुके हैं | वासनिक महाराष्ट्र से आते हैं। राजनीतिक जीवन की शुरुआत एनएसयूआई से हुई थी। वासनिक महाराष्ट्र की बुलढाना लोकसभा सीट से 25 साल की उम्र में सांसद बन थे। मुकुल वासनिक ने बुलढाना संसदीय सीट से 1984, 1991 और 1998 में लोकसभा चुनाव जीता था। 2009 में उन्होंने अपनी पारंपरिक सीट बुलढाना को छोड़ दिया और रामटेक से लोकसभा चुनाव जीता। उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें यूपीए सरकार में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री बनाया गया था। मुकुल वासनिक कांग्रेस महासचिव हैं और गांधी परिवार के काफ़ी क़रीबी समझे जाते हैं।

उपचुनाव को देखते हुए वासनिक को जिम्मेदारी
मध्यप्रदेश कांग्रेस में भीतरी संकट के चलते कमलनाथ सरकार चली गई थी | क्योंकि  ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफा के साथ ही कांग्रेस की सरकार अल्पमत में आ गई थी। फ्लोर टेस्ट से पहले ही मुख्यमंत्री कमलनाथ को पद से इस्तीफा देना पड़ा था। 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद अब आगामी महीनों में प्रदेश में उप चुनाव होना है|

मध्य प्रदेश / पन्ना टाइगर रिजर्व में हथिनी ने 90 किलो के बच्चे को जन्म दिया, खिलाए जा रहे गुड़ से बने देसी घी के लड्डू

पन्ना. पन्ना टाइगर रिजर्व से एक अच्छी खबर आई। यहां की हथिनी मोहनकली ने बुधवार रात हथिनी को जन्म दिया। उसका वजन 90 किलो है। टाइगर रिजर्व ने मां-बेटी का स्वास्थ्य परीक्षण कर दोनों को स्वस्थ्य बताया। हथिनी की सेहत बेहतर बनी रहे, इसके लिए उसकी डाइट को बढ़ाया गया है। और गुड़ और देसी घी के लड्डू खिलाए जा रहे हैं।

टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर केएस भदौरिया ने बताया कि इस नए सदस्य के साथ यहां हाथियों की संख्या 15 हो गई है। नवजात हथिनी का वजन 90 किलोग्राम है और यह पूर्णता स्वस्थ भी है। हथिनी का स्वास्थ्य अच्छा रहे इसके लिए उसे दलिया गन्ना एवं देसी घी के लड्डू खिलाए जा रहे हैं। इससे हथिनी अपने बच्चे को पर्याप्त मात्रा में दूध पिला सकेगी।

जबलपुर जिले की रहने वाली महिला कटनी मैं मिली कोरोना पॉज़िटिव

कटनी।लॉक डाउन के बाद पिछले एक महीने से ग्रीन जोन मे चल रहे कटनी में कोरोना ने दस्तक दे दिया है । जबलपुर जिले के सिहोरा तहसील की 40 वर्षीय महिला सीता बाई जिला अस्पताल में 26 अप्रेल को एडमिट किया गया था जिसको खून की कमी और फेंफड़ों में संक्रमण के चलते एडमिट किया गया था लेकिन उसकी हालत को देखते हुए ऐसा लगा कि वह कोरोना पॉजेटिव हो सकती है लिहाजा कोरोना संदिग्ध मानते हुए कोविड – 19 टेस्ट के लिये उसका सेंपल जबलपुर भेजा गया था जिसमें आज आई रिपोर्ट में सीता बाई को कोविड – 19 पॉज़िटिव बताया गया है जिला अस्पताल के सिविल सर्जन एस के शर्मा ने इसकी पुष्टि की है – इसके साथ हीं अस्पताल के पिछले तीन दिन के सी सी टीव्ही फ़ुटेज खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि एडमिट होने के बाद सीता बाई किस किस के संपर्क मे आई है हालांकि उसके उपचार मे लगे तमाम डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ़ के साथ जिला अस्प्ताल के उन तमाम स्टाफ़ की भी सूची बनाई जा रही है जिनकी ड्यूटी उसके वार्ड मे लगाई गई थी – जिला अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद पूरा प्रशासन और अस्पताल महकमा हाई एलर्ट में आ गया है ।

अभिनेता ऋषिकपूर का निधन

दिग्गज बॉलीवुड एक्टर ऋषि कपूर का बीती रात निधन हो गया है. खराब तबीयत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. महानायक अमिताभ बच्चन ने ऋषि कपूर के निधन की जानकारी दी है.

अमिताभ बच्चन ने ट्वीट कर लिखा- वो गया. ऋषि कपूर गए. अभी उनका निधन हुआ. मैं टूट गया हूं. कपूर फैमिली से रणधीर कपूर ने ऋषि के निधन की खबर को कंफर्म किया है. बता दें, ऋषि कपूर को बुधवार उनके परिवार ने एच एन रिलायंस अस्पताल में भर्ती कराया था. उनके भाई रणधीर ने बताया था कि उन्हें सांस लेने में समस्या हो रही थी.

क्या लोकडाउन के कारण अनचाहे गर्भधारण से दुनिया की जनसंख्या में करोड़ों का ईजाफा होगा.


यूएनएफपीए की कार्यकारी निदेशक नतालिया कानेम ने मंगलवार को कहा, ‘ये नए आंकडे़ उस भयावह प्रभाव को दिखाते हैं जो पूरी दुनिया में महिलाओं और लड़कियों पर पड़ सकते हैं.’

संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) ने कहा है कि कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू बंद के कारण प्रमुख स्वास्थ्य सेवाओं के बाधित हो जाने से निम्न और मध्यम आय वाले देशों में करीब पांच करोड़ महिलाएं आधुनिक गर्भनिरोधकों के इस्तेमाल से वंचित रह सकती हैं, जिनसे आने वाले महीनों में अनचाहे गर्भधारण के 70 लाख मामले सामने आ सकते हैं. यूएनएफपीए और सहयोगियों ने ये आंकड़े जारी किए हैं.

एजेंसियों का कहना है कि संकट के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं परिवार नियोजन के साधनों तक पहुंच नहीं पा रही हैं अथवा उनके अनचाहे गर्भधारण का खतरा है. इसके अलावा उनके खिलाफ हिंसा और अन्य प्रकार के शोषण के मामलों के भी तेजी से बढ़ने का खतरा है.

यूएनएफपीए की कार्यकारी निदेशक नतालिया कानेम ने मंगलवार को कहा, ‘ये नए आंकडे़ उस भयावह प्रभाव को दिखाते हैं जो पूरी दुनिया में महिलाओं और लड़कियों पर पड़ सकते हैं.’

कानेम कहती हैं, ‘यह महामारी भेदभाव को गहरा कर रही है तथा लाखों और महिलाएं- लड़कियां परिवार नियोजन की अपनी योजनाओं को पूरा कर पाने और अपनी देह तथा स्वास्थ्य की रक्षा कर पाने में नाकाम हो सकती हैं.’

यह अध्ययन बताता है कि 114 निम्न और मध्यम आय वाले देशों में 45 करोड़ महिलाएं गर्भनिरोधकों का इस्तेमाल करती हैं.

इसमें कहा गया है, ‘छह माह से अधिक समय में लॉकडाउन से संबंधित बाधाओं के चलते निम्न और मध्यम आय वाले देशों में चार करोड़ 70 लाख महिलाएं आधुनिक गर्भनिरोधकों के इस्तेमाल से वंचित रह सकती हैं. इनसे आने वाले महीनों में अनचाहे गर्भधारण के 70 लाख अतिरिक्त मामले सामने आ सकते हैं. छह माह का लॉकडाउन लैंगिक भेदभाव के तीन करोड़ 10 लाख अतिरिक्त मामले सामने ला सकता है.’

इसके मुताबिक महामारी के इस वक्त में महिलाओं के खतने (एफजीएम) और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने की दिशा में चल रहे कार्यक्रमों की गति भी प्रभावित हो सकती है. इससे एक दशक में एफजीएम के अनुमानित 20 लाख और मामले सामने आएंगे.

इसके अलावा अगले 10 साल में बाल विवाह के एक करोड़ 30 लाख मामले सामने आ सकते हैं. ये आंकड़े अमेरिका के जॉन हॉप्किन्स विश्वविद्यालय के एवेनिर हेल्थ और ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया विश्वविद्यालय के सहयोग से तैयार किए गए हैं.

सभी किसानों को मिले बीमा का लाभः भाकिसं

सभी किसानों को मिले बीमा का लाभः भाकिसं

नटेरन। एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए किसान संघ के सदस्य।
नटेरन। भारतीय किसान संघ ने मंगलवार को अनुविभागीय अधिकारी शैलेंद्र सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया। जिसमें मांग की गई की 2018 खरीफ फसल का बीमा राशि तहसील में कुछ गांव और हलकों की आ गई है और बाकी के छोड़ दिए हैं। मुख्यमंत्री से निवेदन किया गया है कि तहसील और जिला सभी में खरीफ फसल का नुकसान हुआ था सभी को बीमा राशि दिलाई जाए। इस दौरान तहसील अध्यक्ष बालमुकुंद तिवारी, कार्यालय मंत्री दौलत सिंह लोधी, यशपाल रघुवंशी, ठाकुर प्रसाद लोधी शामिल हुए। लॉकडाउन के चलते शारीरिक दूरी का पालन भी किया गया।
ओलावृष्टी के मुआवजे की मांग
अटारीखेजड़ा। सोसाइटी से जुड़े पांच गांव के किसानों ने एसडीएम आरती यादव को अपनी समस्या बताई। किसानों ने कहा कि ओलावृष्टी में उनकी फसलों को नुकसान हुआ था उसकी भरपाई तो हुई नहीं। इसके उलट सोसाइटी किसानों से गेहूं तुलाई से 50% राशि काट रही है। दीर्घकालीन ऋण पर 14% किसान पर ब्याज लगाया जा रहा है जिससे किसान बहुत दुखी हैं। मुख्यमंत्री को दिए ज्ञापन में किसानों ने मांग की उनका कर्ज वसूली स्थगित की जाए एवं नया कर्ज दिया जाए। किस्त कि ड्यू डेट 31 मई की जाए जो अभी 28 मार्च है। साथ ही ओलावृष्टी का मुआवजा किसानों को तत्काल दिलाया जाए। ज्ञापन देने बाबूलाल रघुवंशी, अर्जुन सिंह रघुवंशी, रविन्द्र पटेल अशोक राजपूत ,कमलेश दांगी, ऋषभ सोनी अटारी खेजड़ा, प्रहलाद सिंह किरार, जितेंद्र किरार दीघोरा, मालम सिंह, कल्याण सिंह रघुवंशी, बिलराई आदि पांच गॉवों के किसान उपस्थिति थे।
गरेंठा सोसायटी पर नहीं हो रहा परिवहन, किसानों को हो रही परेशानी

सिरोंज। किसानों से चर्चा करते हुए जनपद अध्यक्ष व अन्य अधिकारी।
सिरोंज। मंगलवार को जनपद अध्यक्ष जितेंद्र बघेल, जिला योजना अधिकारी एसआर रेकवार, नोडल अधिकारी आर.के मीना ने हाजीपुर सोसायटी, पामाखेड़ी एवं गरेंठा गेहूं खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया। जनपद अध्यक्ष ने बताया कि गरेंठा केंद्र पर तुलाई के बाद माल का परिवहन नहीं हो पा रहा है। जिससे किसानों की तुलाई में परेशानी आ रही है। वहीं पामाखेड़ी गेहूं खरीदी केंद्र पर हम्माल कम होने से किसानों को दो-दो दिन तक रुकना पड़ रहा है। उन्होंने इस संबंध में खादय् अधिकारी को अवगत कराकर तत्काल व्यवस्थाएं सुधरवाने को कहा है जिससे कि केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की कोई असुविधा न हो।
बिस्तर पेटी, गोदरेज बेचने वाली दुकानों को किया सील

सिरोंज। दुकान बंद करवाती हुईं तहसीलदार।
सिरोंज। मंगलवार को तहसीलदार अलका सिंह एवं थाना प्रभारी शकुंतला बावनिया ने नगर भ्रमण के दौरान नया बस स्टैंड पर तीन लोहा, स्टील, बिस्तर पेटी बेचने वाली दुकानों को सील कर धारा 188 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। तहसीलदार अलका सिंह ने बताया कि दुकान संचालक बिना किसी अनुमति के ही दुकाने खोलकर सामन बेच रहे थे। थाना प्रभारी शकुंतला बावनिया ने बताया कि तंबाकु बेंचने वाले एवं खाकर सड़क पर थूकने वालों पर भी 1 हजार रुपये की चालानी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने रमेश अहिरवार, कालूराम कुशवाह, आजाद जैन की दुकानसील कर कार्रवाई की।

चीन में कंपनियों को मिला ‘रोग’ तो ट्रंप सरकार की सलाह- इधर-उधर की छोड़ो, भारत की तरफ मुंह मोड़ो

नई दिल्ली 
अगर सबकुछ सही रहा तो 2025 तक 5 ट्रिल्यन डॉलर इकॉनमी का सपना सच हो सकता है। कोरोना महामारी के बीच इस बात की चर्चा जोरों पर है कि अमेरिका की तमाम कंपनियां अब चीन के विकल्प की तलाश कर रही हैं और उनकी नजर भारत पर है। खुद प्रधानमंत्री मोदी राज्यों से कह चुके हैं कि कोरोना महामारी से निपटने के साथ-साथ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटिजी पर काम करते रहें। अगर कोई कंपनी भारत में निवेश करना चाहती है तो इस मौके को किसी भी कीमत पर गंवाना नहीं है।
यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट्स भी इसके समर्थन में 
दरअसल पिछले सप्ताह अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट्स के सीनियर अधिकारियों और भारत में काम कर रही अमेरिकन कंपनियों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी। बैठक का आयोजन अमेरिकन चैम्बर ऑफ कॉमर्स इन इंडिया की तरफ से किया गया था। इस बैठक में भारत को निवेश के लिए नए विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। यूएस गवर्नमेंट डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट्स की तरफ से भी इसका समर्थन किया गया है। 

भारत सरकार से इन्सेंटिव की हो सकती है मांग 
यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट्स में साउथ एशिया के असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट थॉमस वाजदा ने इस बैठक में कहा कि जो इंडस्ट्रियल ऐक्टिविटी अभी चीन में हो रही है बहुत जल्द वह भारत में होने वाली है। अमेरिकी कंपनियों के प्रतिनिधियों से कहा गया है कि वे अपने प्रस्ताव को लेकर भारत सरकार से सामने पहुंचे और इन्सेंटिव की मांग करें जिससे आने वाले दिनों में यहां अमेरिकन कंपनियों का तेजी से विस्तार हो सके। वाजदा ने कहा कि दोनों देश की सरकार भी एक दूसरे की मदद करने वाली है। 

कॉन्फिडेंशियल थी यह बैठक 
ईटी ने इस बैठक से संबंधित तीन लोगों से बात करने की कोशिश की, लेकिन कॉन्फिडेंशियल होने की वजह से उन्होंने कमेंट करने से इंकार कर दिया। दिल्ली में अमेरिकन दूतावास के स्पोक्सपर्सन ने इस बैठक को लेकर कमेंट करने से मना कर दिया। अमेरिकन चैम्बर ऑफ कॉमर्स इन इंडिया ने ईटी के सवालों का जवाब नहीं दिया। 

DPIIT ने स्पेशल कमिटी का गठन किया 
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, डिपार्टमेंट ऑफ प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री ऐंड इंटर्नल ट्रेड (DPIIT) ने जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के अधिकारियों को लेकर एक स्पेशल कमिटी का गठन किया है। इस कमिटी में सभी मंत्रालयों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। इस कमिटी का काम उस स्ट्रैटिजी को तैयार करना और उस पर आगे बढ़ना है, जिससे भारत में बड़े पैमाने पर निवेशक आए और निवेश करें। 

निवेशकों को लुभाने पर काम करे राज्य 
सोमवार को पीएम मोदी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक की थी। इस बैठक में लॉकडाउन पर चर्चा हुई, साथ में इकॉनमी को कैसे खोला जाए इसके बारे में भी चर्चा हुई थी। बैठक के दौरान ही पीएम मे मुख्यमंत्रियों से कहा था कि वे निवेशकों को अपने राज्यों में लुभाने की कार्य योजना पर तेजी से काम करें और निवेशकों के लिए रेड कार्पेट बिछी होनी चाहिए। 

फिर से दौड़ेगी राजधानी / 38 दिन बाद आज से खुलेगा मंत्रालय

भोपाल. लॉकडाउन के कारण बंद रहा मंत्रालय 38 दिन बाद गुरुवार से खुल जाएगा। सभी विभागाध्यक्ष कार्यालयों में भी कामकाज शुरू हो जाएगा। हालांकि कार्यालयों में रोस्टर के हिसाब से सिर्फ 30 फीसदी अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। बाकी कर्मचारी पहले की तरह घर से ही काम करेंगे। उल्लेखनीय है कि 23 मार्च से प्रदेश में सभी सरकारी कर्मचारी घर से ही काम कर रहे हैं। सिर्फ जरूरी सेवाओं से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी ही दफ्तर पहुंच रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव केके सिंह ने मंत्रालय व विभागाध्यक्ष कार्यालयों में काम शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। 
मंत्रालय में उपसचिव, जबकि विभागाध्यक्ष कार्यालयों में अपर संचालक स्तर से ऊपर के सभी अधिकारी मौजूद रहेंगे। अन्य अधिकारी-कर्मचारियों में से 30 प्रतिशत की ड्यूटी प्रतिदिन रोस्टर के अनुसार तय होगी। कंटेनमेंट क्षेत्र के किसी कर्मचारी को नहीं बुलाया जाएगा। मंत्रालय में वाहन चालकों का प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। घर से काम करने वाले कर्मचारी फोन, ई-मेल पर उपलब्ध रहेंगे और बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। सभी कार्यालयों को केंद्र की गाइडलाइन का पालन करने, ऑफिस को नियमित रूप से सैनिटाइज करने और कर्मचारियों के लिए सैनिटाइजर व हैंडवॉश उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रमुख सचिव शुक्ला को इंदौर भेजा, व्यवस्था देखेंगे
चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला गुरुवार को इंदौर जाएंगे। वे पुलिस, प्रशासन, नगर निगम, खाद्य आदि विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकर कोरोना नियंत्रण की स्थिति पर चर्चा करेंगे। वह रात तक भोपाल वापस लौट आएंगे और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे।

बाहरियों को एंट्री नहीं

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन।कर्मचारियों को मास्क पहनना होगा।सैनिटाइजर व हैंडवॉश की व्यवस्था।ऑफिस आते-जाते समय सभी थर्मल स्कैनिंग होगी।बाहरी लोगों का आना प्रतिबंधित रहेगा।कार्यालय में गुटखा, तंबाकू पूरी तरह बैन।मीटिंग में अधिकारी एक-दूसरे से कम से कम 6 फीट की दूरी पर बैठेंगे।लिफ्ट में क्षमता के हिसाब से दो या चार लोग ही जाएंगे।

मध्यप्रदेश की बड़ी खबर, फिर से होगा शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार.


मध्यप़देश में एक बार फिर से मंत्रीमंडल का विस्तार हो सकता है कारण आगे आने वाले विधानसभा के उपचुनाव हैं. उन सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्रियों और पूर्व विधायकों को डर सताने लगा है कहीं ऐसे ही चलता रहा और उनको पावर न मिली तो घर बैठे बैठे उनकी सीट न खिसक जाये । इस बात की चिंता सिंधिया जी को भी सताने लगी होगी और निश्चित वह शिवराज सिंह और अन्य केंद़ीय नेतृत्व से चर्चा जरुर करते होंगे और शिवराज सिंह भी इस बात को समझते हैं कि बात सच है कहीं ऐसा न हो जाये और मिली मिलाई सत्ता हाथ से निकल जाये ।

इसी भय के चलते एक बार फिर शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज हो गई है।सूत्र बताते हैं कि लॉक डाउन खत्म होते ही छह मई को मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। इसके लिए चार मई को मुख्यमंत्री शिवराज दिल्ली हाईकमान से मुलाकात करने जा सकते है।चर्चा है कि दूसरी बार होने वाले मंत्रिमंडल में कमलनाथ सरकार को गिराने में अहम भूमिका निभाने वाले कई बीजेपी विधायकों और सिंधिया समर्थकों को जगह दी जा सकती है।फिलहाल शिवराज की मिनी कैबिनेट में पांच मंत्री है।

दरअसल, कोरोना के तेजी से बढते कहर और कांग्रेस के बार बार सवाल उठाने के बाद 21 क अप्रैल को मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के 29 दिन बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल का विस्तार किया था। यह मंत्रिमंडल छोटा था और इसमें पांच मंत्रियों को शामिल किया गया था। अब दूसरे लॉक डाउन की समय सीमा समाप्त होने वाली है ,ऐसे में शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों ने फिर जोर पकड़ लिया है। सुत्रों की माने तो 6 मई को बड़े स्तर पर शिवराज कैबिनेट का विस्तार हो सकता है।3 मई को लॉक डाउन खत्म होते ही 4 मई को दिल्ली जा सकते है और वहां हाईकमान और सिंधिया से चर्चा के बाद मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है। क्योंकि कई वरिष्ठ नेताओं को अभी इस मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है।

वही चर्चा इस बात की भी है कि पूर्व मंत्री विजय शाह और यशोधरा राजे सिंधिया की छुट्टी हो सकती है वही समर्थन देने वाले निर्दनीय को जगह नही दी जाएगी।इधर, विधानसभा अध्यक्ष के लिए जगदिश देवड़ा, सीतार सरण शर्मा और गोपाल भार्गव का नाम भी चर्चा में बना हुआ है।

बता दे कि 230 सदस्यीय विधानसभा में सदस्यों की संख्या के लिहाज से मंत्रिमंडल में 15 फीसदी यानी 35 सदस्य ही हो सकते हैं, जिनमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। शिवराज समेत अब कैबिनेट में 6 सदस्य हैं। 28 विधायकों को बाद में मंत्री बनाया जा सकता है। फिलहाल मंत्रिमंडल में पांच कैबिनेट मंत्री है।

बीजेपी से इनको बनाया जा सकता है मंत्री

भुपेन्द्र सिंह

गोपाल भर्गव

रामपाल सिंह

विश्वास सारंग

गौरीशंकर बिसेन

केदारनाथ शुक्ला

गिरीश गौतम

नीना वर्मा

रमेश मेंदोला

मालिनी गौड़

अरविंद भदौरिया

ओम प्रकाश सकलेचा

सीतासरण शर्मा

जगदीश देवड़ा

मोहन यादव

संदय पाठक

बिसाहू लाल सिंह

राम लल्लू वैश्य

जालम सिंह पटेल

करण सिंह वर्मा

गायत्री राजे पंवार

यशपाल सिंह सिसौदिया

सिंधिया समर्थकों में से इनको मिल सकती है कमान

इमरती देवी

प्रदुम्न सिंह तोमर

महेन्द्र सिसौदिया

प्रभुराम चौधरी

हरदीप सिंह डंग

एंदेल सिंह कंसाना

राज्यवर्धन सिंग दतिगांव