17 और मरीजो की रिपोर्ट आई पॉजिटिव ,इन्दोर में 44 मरीज कोरोना पॉजिटिव , 3 लोंगो की हो चुकी है मौत

भोपाल लेब से 40 लोंगो की जांच रिपोर्ट में 17 लोंगो को कोरोना की हुई पुष्टि इन्दोर में 44 मरीज कोरोना पॉजिटिव 

भोपाल।इंदौर। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इन्दोर में लगातार कोरोना पॉजिटिव मरीज की संख्या में बढ़ोत्तरी मिल रही है जिससे स्वास्थ विभाग में हड़कम्प मचा हुवा है दरअसल कोरोना वायरस को लेकर इन्दोर से 40 लोंगो के सेम्पल राजधानी भोपाल भेजे गए थे जिसमें से 17 लोंगो की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है जिससे इन्दोर में अभी तक 44 लोंगो कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया है स्वास्थ विभाग के सीएचएमओ प्रवीण जड़िया ने बताया कि स्वास्थ विभाग लगातार कोरोना पॉजिटीव मरीजो के टच में आए लोंगो की जांच कर रहा है जिन क्षेत्रों में कोरोना पॉजिटिव मरीज मील है वहा लगातार लोंगो की जांच की जा रही है स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक कोरोना पॉजिटिव के टच में आए 400 लोंगो के सेम्पल लिए है और उन्हें स्पेशल वार्ड में भर्ती किया गया है वही सीएमएचओ  डॉ  प्रवीण जड़िया ने बताया कि जो मरीज कोरोना पॉजिटिव मिले है उनका उपचार लगातार जारी है और सभी लोंगो का स्वस्थ स्थिर है सभी लोग जल्द रिकवरी कर रहे है जल्द ही उनके स्वस्थ होने की बात डॉ. जड़िया ने की है

दिग्विजय सिंह बिठा रहे उपचुनाव जीतने की गोटियां

भोपाल. अंदर ही अंदर कांग़ेस के दिग्गज आने वाले उपचुनाव के लिये रणनीति बनाने में लगे हैं चूंकि दिग्विजय सिंह प़देश में कई साल सत्ता पर काबिज रहे तो उन्हें सब अनुभव है कौन उम्मीदवार बढ़त के साथ चुनाव लड़ सकता है। प्रदेश में 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस के निशाने पर खास दस सीटें रहेंगी। ये सीटें बागी छह पूर्व मंत्री सहित अन्य चार नेताओं की हैं। कांग्रेस इन दस सीटों पर सीनियर बागियों को हराकर सत्ता खोने का हिसाब बराबर करना चाहती है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और अन्य दिग्गज नेताओं की टीम इन दस सीटों पर ही फोकस करेगी। इनमें दीपक बावरिया, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, अजय सिंह, रामनिवास रावत, गोविंद सिंह और जीतू पटवारी शामिल रहेंगे।दोहरी रणनीति
कांग्रेस उपचुनाव में 24 सीटों को लेकर दोहरी रणनीति के साथ उतरेगी। पहले सभी सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की उम्मीद से काम होगा। दूसरी रणनीति के तहत 22 बागियों को हराकर साख वापस पाने के प्रयास होंगे। इसमें केवल दस सीटों पर फोकस करके कांग्रेस हिसाब बराबर कर लेगी। इसके लिए पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा है कि जिन्होंने बगावत करके पार्टी और जनता से गद्दारी की है, चुनाव के समय हम उनकी विधानसभा सीटों पर जाएंगे। जनता को सच बताएंगे।

इन 10 पर होगा फोकस
छह पूर्व मंत्री- तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह, प्रभुराम चौधरी और महेंद्र सिंह सिसौदिया।

ये है वजह
पूर्व मंत्री को हराने से कांग्रेस एक मजबूत मैसेज भाजपा और इन छह बागियों को दे सकेगी। यदि ये छह पूर्व मंत्री हार जाते हैं, तो यह कांग्रेस की बड़ी जीत होगी। क्योंकि, इससे इनकी विधायकी के साथ मंत्री पद का नुकसान भी होगा। इनमें तुलसी सिलावट को डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा है, इस कारण कांग्रेस इन्हें हराकर तगड़ी चोट भाजपा व इन बागियों को दे सकती है।

ये चार नेता निशाने पर : बिसाहूलाल सिंह, एंदल सिंह कंसाना, राज्यवर्धन सिंह और हरदीप सिंह डंग।

यह है वजह
इन चारों नेताओं पर कांग्रेस के फोकस की वजह अलग-अलग है। दरअसल, छह पूर्व मंत्रियों के बाद ये चार वरिष्ठ नेता हैं, जिन्होंने बगावत की। इनमें बिसाहूलाल पांच बार, एंदल सिंह कंसाना चार बार, राज्यवर्धन सिंह तीन बार और डंग दो बार के विधायक हैं। इन्हें हराने से भाजपा में जाने के कारण इनके राजनीतिक कॅरियर पर सवालिया निशान लग जाएगा। वहीं, डंग जूनियर विधायक हैं, लेकिन डंग पहले वो व्यक्ति हैं, जिनका लिखित इस्तीफा और कमलनाथ पर आरोप सबसे पहले सामने आए थे।

शिवराज सिंह चौहान बड़ा ऐलान: जिनका राशनकार्ड नहीं, उनको भी मुफ्त मिलेगा अनाज


भोपाल. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने एक बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने घोषणा की है कि जिनका नाम राशन कार्ड (Ration Card) नहीं है, उनको भी मुफ्त में अनाज दिया जाएगा. प्रदेश में राशन या भोजन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी. थोड़े दिन की बात है, थोड़े दिनों के बाद कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न यह संकट खत्म हो जाएगा.

‘मैं घर कैसे बैठ सकता हूं’

सीएम शिवराज भोपाल में हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों से मिलने पहुंचे थे. उन्होंने कहा, ‘सारा प्रदेश कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ रहा है. जब सारा देश लड़ रहा है तो मैं घर कैसे बैठ सकता हूं.’ इंदौर को लेकर बोले शिवराज ने कहा कि इंदौर एक जागृत शहर है, कोरोना वायरस से निपटने के लिए सबको मिलकर लड़ना होगा. इंदौर शहर में पूरा लॉकडाउन किया गया है. जरूरत का सामान घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी.

3 दिन तक इंदौर में सब कुछ बंद

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए मध्य प्रदेश की सरकार ने इंदौर में 30 मार्च से तीन दिन के लिए पूरी तरह से लॉकडाउन घोषित कर दिया है. इस दौरान अब तक जरूरी वस्तुओं की दुकानें भी नहीं खुलेंगी. यानी किराना, सब्जी और दूध जैसी चीजें भी इन तीन दिनों तक नहीं मिलेंगे. इसके सा‌थ ही पेट्रोल पंप भी बंद रखे जाएंगे.

इंदौर के 7 और उज्जैन का एक शख्स संक्रमित

शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की डीन ज्योति बिंदल ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के नए मरीजों में इंदौर के 7 मरीज और पड़ोस के उज्जैन का एक मरीज शामिल है. पिछले 24 घंटे में यहां कोरोना वायरस संक्रमित किसी मरीज की मौत के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वह पूरा रिकॉर्ड जांचने के बाद ही इस बारे में कोई टिप्पणी कर सकेंगी.

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक मिली रिपोर्टों के मुताबिक सूबे में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों में इंदौर के 27, जबलपुर के आठ, उज्जैन के पांच, भोपाल के तीन और शिवपुरी एवं ग्वालियर के दो-दो मरीज शामिल हैं.

Coronavirus: किसान हित में मोदी सरकार का बड़ा फैसला, ऋण भुगतान की अवधि 31 मई तक बढ़ी.

नई दिल्ली। कोरोना लॉकडाउन की वजह से हो रही परेशानी कम करने के लिए सरकार ने किसानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। इसके तहत किसानों के अल्पकालिक फसली ऋण के भुगतान की अवधि को 31 मई तक बढ़ा दी गई है। जबकि अल्पकालिक फसली ऋणों की अदायगी की अंतिम तारीख 31 मार्च है, जिस पर सरकार की ओर से ब्याज दर पर दो फीसद की छूट दी जाती है।
कृषि ऋण पर ब्याज दरों में छूट
देशव्यापी लॉकडाउन से किसानों की कठिनाइयों को समझते हुए केंद्र सरकार ने यह निर्णय लिया है। चार फीसद की ब्याज दर पर ही किसान अपने ऋण का भुगतान कर सकेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन का आभार व्यक्त किया।
देशव्यापी लॉकडाउन के कारण 31 मार्च तक बैंकों के कर्ज का भुगतान संभव नहीं था
रबी सीजन की खेती के लिए बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से किसानों द्वारा लिए गये ऋण का भुगतान मात्र चार फीसद की ब्याज दर पर ऋण लौटाने का प्रावधान 31 मार्च तक है, लेकिन देशभर में लॉकडाउन की वजह से किसानों के लिए कर्ज का भुगतान करना संभव नहीं हो पा रहा था इसके मद्देनजर सरकार ने इसकी अवधि बढ़ाने का फैसला किया है।
किसानों को तीन लाख तक का कृषि ऋण चार फीसद की दर पर मिलता है
दरअसल, सरकार किसानों को उनके खेती के कामकाज के लिए कई तरह की रियायतें बैंक से ऋण लेने पर देती है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें होती हैं, जिनमें समय से ऋण लौटाना प्रमुख है। इससे किसानों को तीन लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर चार फीसद की दर से ऋण प्राप्त होता है।
फसली ऋण पर दो फीसदी ब्याज माफ
कोविड-19 की महामारी को देखते हुए लॉकडाउन का ऐलान किया गया है, जिससे किसान ऋण अदायगी के लिए बैंकों की शाखाओं तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस तरह की शिकायतों को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। इसके तहत किसानों को उनके लिए फसली ऋण पर दो फीसदी की ब्याज माफी और तीन फीसद का तत्काल भुगतान प्रोत्साहन का लाभ 31 मई, 2020 तक प्राप्त होगा।
फसल कटाई प्रतिबंधों से मुक्त
इसके पहले केंद्र सरकार ने लॉकडाउन से होने वाली परेशानी को कम करने के लिए किसानों के हित में कई अहम कदम उठाये हैं। इनमें फसल कटाई से जुड़ी गतिविधियों को प्रतिबंधों से मुक्त कर दिया गया है। एपीएमसी से संचालित मंडियों, खाद व बीज की दुकानों के साथ अऩ्य कई तरह की कृषि गतिविधियों को मुक्त कर दिया गया है।

मंगलवार को 8.85 लाख मजदूरों के खाते में आएंगे पैसे, सीएम शिवराज कर दिए हैं ट्रांसफर

भोपाल. कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों को लेकर मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह ने निर्माण श्रमिकों के खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कल तक ( मंगलवार ) सभी श्रमिकों के खाते में पैसे आ जाएंगे।

Shivraj Singh Chouhan

@ChouhanShivraj
मेरे पंजीकृत निर्माण श्रमिक भाइयों-बहनों, आज #COVID19 संकट से हम लड़ रहे हैं लेकिन संकट के समय सरकार आपके साथ खड़ी है। आज ही मैंने सिंगल क्लिक से 8.85 लाख श्रमिकों के खातों में रु. 88.50 करोड़ की राशि ट्रांसफर की। कल तक यह राशि आपके खातों में आ जाएगी।#IndiaFightsCorona

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5:48 PM – Mar 30, 2020
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया कि मेरे पंजीकृत निर्माण श्रमिक भाइयों-बहनों, आज COVID-19 संकट से हम लड़ रहे हैं लेकिन संकट के समय सरकार आपके साथ खड़ी है। आज ही मैंने सिंगल क्लिक से 8.85 लाख श्रमिकों के खातों में रु 88.50 करोड़ की राशि ट्रांसफर की। कल तक यह राशि आपके खातों में आ जाएगी।
दरअसल, 25 मार्च को ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों को लेकर सूबे के तमाम आला अधिकारियों से संवाद किया था। इसी दौरान मुख्‍यमंत्री ने सभी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन का दो माह का एडवांस भुगतान करने और प्रदेश में प्रति मजदूर को 1000 रुपए की सहायता देने का ऐलान किया था।
अब तक 47 केस आए हैं सामने
मध्य प्रदेश में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मरीज इंदौर से मिले हैं। इंदौर में अब तक 27 केस सामने आए हैं। इसके अलावा जबलपुर में 8, भोपाल में 3, उज्जैन में 5, शिवपुरी में 2 और ग्वालियर में 2 संक्रमित मिले हैं। जबकि अब तक चार मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें दो इंदौर और दो उज्जैन के थे। इंदौर में लगातार बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए इसे हाईरिस्क पर रखा गया है।

देश में चल रहा 21 दिनों का लॉकडाउन अब नहीं बढ़ाया जाएगा आगे, पटरी पर लौटेगी जिंदगी

दिल्ली
केंद्र सरकार ने साफ किया है कि कोरोना वायरस के कारण पूरे देश में जारी 21 दिनों का लॉकडाउन आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। बता दें कि ऐसी चर्चा थी कि लॉकडाउन को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। सरकार ने साफ किया कि उसकी ऐसी कोई योजना नहीं है।
कैबिनेट सेक्रटरी राजीव गौबा ने आज साफ किया कि सरकार की लॉकडाउन बढ़ाने की योजना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं लॉकडाउन बढ़ाने की रिपोर्ट देखकर चौंक रहा हूं। सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है।’
भारत में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ऐसी रिपोर्ट आ रही थीं कि सरकार लॉकडाउन बढ़ाने पर विचार कर सकती है। हालांकि सरकार के स्पष्टीकरण के बाद लॉकडाउन पर संशय खत्म हो चुका है। भारत में कोरोना के अब तक 1,024 मरीज सामने आए हैं जबकि 27 लोगों की इस घातक बीमारी से मौत हुई है।
पीएम मोदी ने किया था लॉकडाउन का ऐलान
‌देश में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने देश में 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान किया था। पीएम ने लोगों से इस बीमारी से बचने के लिए अपने घर के आगे लक्ष्मण रेखा खींचने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सोशल डिस्टेंसिंग से ही यह बीमारी रुकेगी। केंद्र सरकार ने लॉकडाउन को सख्ती से लागू करने के लिए राज्यों को आदेश दिया है।

ग्वालियर एसपी नवनीत भसीन की रणनीति से सब्जी मंडी में भीड़ छंटी

ग्वालियर। लॉक डाउन के दौरान जिला प्रशासन ने सब्जी ,राशन ,दूध  जैसी आवश्यक सामान  की आपूर्ति सुनिचित करने के इनके विक्रय की छूट दे राखी है लेकिन इसका फ़ायदा उठाने के कारण सरकार के कम्युनिटी डिस्टेंस की मंशा धूमिल हो रही थी। सब्जी मंडी में उमड़ने वाली भीड़ में कमी लाने के लिए एसपी नवनीत भसीन के प्रयास आज रंग लाये और मंडियों में भीड़ आज काफी कम नज़र आयी।

दरअसल सब्जी खरीदने और बेचने के लिए छूट के चक्कर में लक्ष्मी गंज सहित सभी सब्जी मंडियों में हजारों की संख्या में  इकट्ठी हो रही थी जिससे लॉक डाउन का मकसद ही गड़बड़ा रहा था।  हालाँकि लोग रोजमर्रा के सामाना से महरूम न रहे इस मानवीय दृष्टिकोण अपनाया गया था लेकिन इसका दुरूपयोग होने से कोरोना रोकने के प्रयासों में दिक्कत आने की आशंका हो रही थी।  सब्जी मंडी के भीड़ भरे फोटो मिडिया में आने के बाद कल ही एसपी नवनीत भसीन ने समीक्षा कर नए निर्देश जारी किये जिसमे उन्होंने कहा  था कि मंडियों में सिर्फ थोक में सब्जी बिकेगी और घरों में इसकी आपूर्ति ठेले वाले द्वार – द्वार जाकर ही कर सकेंगे। इस सम्बन्ध में उन्होंने मंडी के व्यापारियों को भी अवगत कराया और पुलिस को भी।

आज इस व्यवस्था के काफी अनुकूल असर देखने को मिले। आज लक्ष्मीगंज ,छतरी मंडी और मुरार सब्जी मंडी में अनावशयक भीड़ नज़र नहीं आयी।  इन स्थानों से खेरीज विक्रेता ठेले वालों ने ही सब्जियां खरीदी।  एसपी के इस प्रयास की सर्वत्र प्रशंसा हो रही है।

इंदौर में लॉकडाउन-कर्फ्यू सख्ती से लागू होगा

इंदौर कलेक्टर ने कहा- लॉकडाउन-कर्फ्यू सख्ती से लागू होगा, कुछ दिन दाल, रोटी, चावल से काम चलाएं ऑड-ईवन आदेश भी निरस्त
जो जहां है वहीं रहे, रानीपुरा समेत अन्य संक्रमित क्षेत्र को प्रशासन करेगा टेकओवर
हॉस्टल में रहने वाले छात्र वहीं रहेंगे, खाने की व्यवस्था हॉस्टल संचालक करें
इंदौर. कोरोनावायरस के संक्रमण से बचाव के लिए कलेक्टर मनीष सिंह ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। रविवार को कलेक्टर ने कहा कि आज और कल शहर में संपूर्ण लॉक डाउन रहेगा। आगे भी इसकी अवधि बढ़ाई जाएगी। संकेत दिए कि सप्ताहभर से 15 दिन के बीच का यह लॉकडाउन होगा। कलेक्टर ने कहा कि कुछ दिन सूखे अनाज और आलू-प्याज से लोग काम चलाएं, हरी सब्जियों के पीछे ना भागें। कई हाथों से गुजर कर यह सब्जी आप तक पहुंचती है इसीलिए कुछ दिन थोड़ी परेशानी भी उठाएंगे, तभी स्थिति नियंत्रण में आएगी। वर्तमान में इंदौर कोरोनावायरस संक्रमण के अपर स्टेज पर पहुंच चुका है। वाहनों से संबंधित ऑड-ईवन आदेश भी निरस्त कर दिया गया है।
जो जहां है वहीं रहे…हॉस्टल संचालक उपलब्ध कराएं भोजन
कलेक्टर ने कहा कि जो जहां है वही रहेगा, किसी को भी बाहर आने जाने की मंजूरी जारी नहीं होगी। जो छात्र हॉस्टल में हैं वहां हॉस्टल संचालक भोजन उपलब्ध कराएं, जहां भी दिक्कत आ रही है वहां सामान हम पहुंचाएंगे। फूड पैकेट बांटने वाली सभी गैर सरकारी संगठन को जो मंजूरी दी है वह समाप्त की जाती है। फूड पैकेट बांटने का काम प्रशासन करेगा। यदि इस काम में कुछ समस्या आई तो गैर सरकारी संगठनों का सहयोग लिया जाएगा।
10-15 दिन शांति रखें
कलेक्टर ने कहा कि यह लॉकडाउन एक-दो दिन नहीं, थोड़ा लंबा चलेगा। इसलिए 10 से 15 दिन शांति रखें। घर में जो अनाज है वह खाएं। सब्जियों के पीछे नहीं भागें। सब्जी खाना ज्यादा जरूरी नहीं है, आलू-प्याज, दाल, रोटी, चावल से काम चलाएं। लॉकडाउन के दौरान किराना दुकान और सब्जी की दुकान भी बंद रहेंगी। जहां जरूरत होगी वहां होम डिलीवरी से चीजें पहुंचेंगी।
कोरोना से संक्रमित क्षेत्र टेकओवर
कलेक्टर ने कहा कि कोरोनावायरस से संक्रमित जो भी क्षेत्र इंदौर में हैं उसे प्रशासन पूरी तरह से टेकओवर कर रहा है। रविवार से रानीपुरा को टेकओवर किया जा रहा है। यहां आने और जाने की मंजूरी किसी को भी नहीं है। सारा सामान वितरण शासन करेगा, दवाइयों का वितरण हम करेंगे। अस्पताल चिन्हित किए जा रहे हैं वहीं पर मरीजों का उपचार चलेगा, लेकिन निजी अस्पताल किसी के भी उपचार के लिए मना नहीं कर सकेंगे, जिसमें कोरोना के लक्षण पाए जाएंगे, उनका अलग विशेष अस्पतालों में इलाज होगा। संभागायुक्त आकश त्रिपाठी और आईजी विवेक शर्मा रविवार दोपहर रानीपुरा पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
टाटपट्टी बाखल को संक्रामित घोषित किया गया
सिलावटपूरा क्षेत्र से लगे टाटपट्‌टी बाखल क्षेत्र को संक्रमित घोषित कर दिया गया है। यहां कोरोना वायरस का मरीज पाया गया था। शनिवार देर रात छत्रीपुरा पुलिस द्वारा रविदासपूरा,सिलावटपुरा,कागदीपुरा,टाटपट्टी बाखल में स्टीकर लगाकर क्षेत्र के लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने की सख्त हिदायद दी गई।

▪जगदीश देवड़ा हो सकते हैं विधानसभा अध्यक्ष.


➖डा.भूपेन्द्र विकल➖

इन्दोर।मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार के हटने बाद मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष एन.पी .प्रजापति ने भी इस्तीफा दे दिया है।

इसके साथ मप्र विधानसभा के नए अध्यक्ष के लिए भाजपा विधायकों के नाम पर चिंतन-मंथन शुरू हो गया है ।
अध्यक्ष के लिए वरिष्ठ भाजपा विधायक जगदीश देवड़ा प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं ।
हालांकि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा भी दोबारा अध्यक्ष के दावेदार माने जा रहे हैं।
खबर है कि जातीय एवं क्षेत्रीय संतुलन को साधने के लिए भाजपा देवड़ा को अध्यक्ष बना सकती है।
देवड़ा भाजपा शासन काल में मंत्री रह चुके हैं।इसके अलावा भाजपा पिछले साल देवड़ा को विधानसभा के उफ अध्यक्षस का चुनाव लड़वा चुकी है।
उस समय देवड़ा भाजपा विधायकों का सदन में संख्या बल कम होने से उप अध्यक्ष का चुनाव हार गए थे ।
ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा देवड़ा को अध्यक्ष बना सकती है।
देवड़ा को अध्यक्ष बनाने के पीछे भाजपा का अपना गणित है।क्योंकि अभी हाल ही में भाजपा ने वी.डी .शर्मा को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है।जो कि ब्राह्मण वर्ग से हैं।इसके अलावा छह संगठन मंत्रियों में से तीन ब्राह्मण हैं।
कहते हैं ऐसे में भाजपा देवड़ा को अध्यक्ष बनवाकर प्रदेश के अनुसूचित जाति के वोट बैंक को साधना चाहती है।
यदि ऐसा नहीं हुआ और सीताशरण शर्मा को स्पीकर बनाया गया तो अनुसूचित जाति का वोट बैंक भाजपा के हाथों से खिसक सकता है।
सूत्रों की. खबर यह भी है कि यदि देवड़ा विधानसभा अध्यक्ष नहीं बनते हैं ।तो उनका शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री बनना तय है।अब देखिए देवड़ा अध्यक्ष बनते हैं या मंत्री।
राज्यपाल ने इन्हे कार्यवाहक विधानसभा अध्यक्ष बनाया है।
🔹जगदीश देवड़ा.
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देवडा का जन्म एक जुलाई 1957 को मंदसौर जिले के रामपुरा गांव में हुआ। गेंदालाल देवड़ा के पुत्र जगदीश देवड़ा एम.ए., एल.एल.बी. तक शिक्षित हैं। पेशे से वकील देवड़ा को हिन्दी और अंग्रेजी भाषा का ज्ञान है तथा खेलकूद, विशेषकर एथलेटिक्स, जिम्नास्टिक और कबड्डी में विशेष रूचि है।

देवड़ा की विद्यार्थी जीवन से ही सामाजिक कार्यों में गहरी रूचि रही है। वे हायर सेकेण्डरी स्कूल एवं रामपुरा महाविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष, विश्वविद्यालय उज्जैन की सीनेट के सदस्य, भारतीय जनता युवा मोर्चा मनासा के मण्डल अध्यक्ष, जिला महामंत्री एवं जिला अध्यक्ष रहे।
देवड़ा मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि तथा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला संयोजक भी रहे।

जगदीश देवड़ा 1990 में पहली बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुये तथा पटल पर रखे गये पत्रों के परीक्षण संबंधी समिति के सदस्य रहे।
वे 1993 में दूसरी बार विधानसभा सदस्य चुने गये। देवड़ा अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग विषयक सभा समिति के सदस्य रहे।
देवड़ा तीसरी बार सन 2003 में सुवासरा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुये। आपको 28 जून 2004 को सुश्री उमा भारती मंत्रिमण्डल में राज्य मंत्री के रूप में शामिल किया गया तथा गृह विभाग का दायित्व सौंपा गया।

देवड़ा को 27 अगस्त 2004 को बाबूलाल गौर के मंत्रिमण्डल में राज्य मंत्री के रूप में पुन: शामिल किया गया है।

देवड़ा को 4 दिसम्बर, 2005 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमण्डल में मंत्री के रूप में शामिल किया गया।

जगदीश देवड़ा 2008 में सम्पन्न विधानसभा निर्वाचन में पुन: निर्वाचित हुए। देवड़ा को 20 दिसंबर 2008 को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल में मंत्री बने थे।
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