कोरोना का रौद्र रूप, चीन में 121 और मौत के साथ आंकड़ा 1500 के पार, जापान में पहली मौत

चीन से शुरू हुआ कोरोना अब दुनिया के कई देशों में कहर बरपा रहा है. कोरोना से जापान में पहली मौत हुई है. जापान के स्वास्थ्य मंत्री ने पुष्टि की है कि वहां एक 80 साल की महिला की कोरोना वायरस से मौत हुई है. जबकि चीन में मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. कोरोना से चीन में मृतकों की संख्या 1300 के पार पहुंच गई है.

कोरोना (COVID-19) दुनिया के दूसरे देशों में भी रौद्र रूप लेता जा रहा है. जापान में कोरोना से पहली मौत की पुष्टि हुई है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने वहां के स्वास्थ्य मंत्री कात्सुनोबू कातो के हवाले से बताया कि एक 80 साल की महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उसकी मौत हो गई है. मौत के बाद कोरोना जांच रिपोर्ट में पता चला कि रिपोर्ट पॉजिटिव है. वह महिला टोकियो की सीमा की रहने वाली थी. इससे पहले चीन के बाहर हांगकांग और फिलीपींस में एक-एक मौत हो चुकी है.

जापानी क्रूज पर 218 कोरोना से संक्रमित, 2 भारतीय भी

उधर, जापान के योकोहामा तट पर खड़े डायमंड प्रिंसेस क्रूज पर कोरोना के 28 नए मामलों की पुष्टि हुई है. इस तरह क्रूज पर कोरोना के कुल 218 मामले सामने आ चुके हैं. साथ ही क्रूज पर तैनात कुछ अधिकारी भी इससे संक्रमित हो गए हैं. बता दें कि इस क्रूज पर कुल 3711 लोग एक सप्ताह से फंसे हुए हैं. इस क्रूज पर हांगकांग से सवार हुए एक शख्स में सबसे पहले कोरोना वायरस के लक्षण सामने आए थे. क्रूज में कुल 138 भारतीय नागरिक भी मौजूद हैं. दो भारतीयों में कोरोना की जांच पॉजिटिव आई है. भारतीय एंबेसी जापान प्रशासन के साथ संपर्क में है.

चीन में कोरोना से अबतक 1367 लोगों की मौत

चीन में बढ़ते मौत के आंकड़ों से पूरी दुनिया में दहशत है. वहां 31 प्रांतों में कोरोना ने पैर पसार लिए हैं. इनमें सबसे ज्यादा हुबेई प्रांत का वुहान शहर प्रभावित है. कोरोना वायरस यहीं से शुरू हुआ था. चीन में कोरोना से अबतक 1367 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कन्फर्म केस की संख्या 60 हजार के पार पहुंच चुकी है. गुरुवार को अबतक की एक दिन में सबसे ज्यादा 254 मौतें हुईं. उधर, कोरोना वायरस का असर बार्सिलोना में होने वाली मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (MWC 2020) पर भी पड़ा है. 24 से 27 फरवरी तक होने वाले इस आयोजन को रद्द कर दिया गया है.

भारत में कोरोना से निपटने की क्या है तैयारी?

कोरोना वायरस के खतरे को लेकर केंद्र सरकार बहुत सतर्क है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर एक उच्च स्तरीय मंत्री समूह (GOM) बनाया गया है. यह समूह देश में नोवेल कोरोना वायरस के प्रबंधन के लिए उठाए जाने वाले कदमों और तैयारियों पर निगरानी रखेगा और वक्त-वक्त पर स्थिति की समीक्षा करेगा. नोवेल कोरोना वायरस को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने COVID-19 का नाम दिया है.

यह ठग बिना पेमेंट करता था भारत की सैर, यूं पहुंचा जेल

मुंबई 
कुछ भी खरीदने, कहीं भी घूमने के लिए पेमेंट करना पड़ता था, लेकिन 25 साल के निखिल सुमन ने अपनी अनूठी मोडस ऑपरेंडी से पूरा देश भी घूम लिया और एक रुपया भी खर्च नहीं किया। उसकी यह इस कहानी तब सामने आई, जब मुंबई क्राइम ब्रांच के प्रॉपर्टी सेल ने उसे गोल्ड ठगी के केस में गिरफ्तार किया। इस केस में उसने एक जूलर को पांच लाख रुपये से ज्यादा की चपत लगाई थी।

निखिल एक कार्पोरेटर का बेटा है, लेकिन वह अपने घर बहुत कम रहता था। वह किसी भी दुकान में कुछ खरीदारी के बहाने जाता था। महंगा सामान खरीदता था और फिर दुकानदार से कहता था कि आप मुझे अपना अकाउंट नंबर बताओ, मैं अभी NEFT के जरिए बैंक के ऐप से आपको पेमेंट कर देता हूं। दुकानदार अपना अकाउंट नंबर दे देता था, लेकिन निखिल का बैंक बैलेंस कभी भी दो से तीन हजार रुपये से ज्यादा नहीं रहता था, इसलिए दुकानदार को ऐप में लिखी गई रकम कभी ट्रांसफर नहीं होती थी। हां, उसके ऐप में ऊपर अंग्रेजी में बड़ा सा Success लिखा आ जाता था। हां, उसके नीचे छोटे फांट में लिखा होता था- your transfer has been successfully scheduled. 

यूं करता था खेल 
बाद में निखिल दुकानदार को इस लाइन को दिखा देता था। जब दुकानदार अपने मोबाइल में चेक करता था और बैंक की तरफ से कोई एसएमएस नहीं देखता था, तो वह कहता था कि आपके मोबाइल में नेटवर्क का प्रॉब्लम होगा। चिंता न करिए। जब यहां पर Success दिखा रहा है, तो रकम आपके अकाउंट में पहुंच गई है। इसके बाद वह दुकान से उठ लेता था और फिर लाल पीली टैक्सी या ऑटो करके कुछ किलोमीटर आगे चला जाता था। इसके बाद वह लंबे टूर के लिए किसी टूर ऐंड ट्रेवल एजेंसी से कोई गाड़ी हायर करता था। उस गाड़ी को किसी एक शहर छोड़कर एजेंसी मालिक को भी मोबाइल ऐप से रकम ट्रांसफर करने का दावा करता था और फिर उसे भी कोई पेमेंट किए बिना किसी महंगे होटल में कमरा बुक कर देता था। इस होटल में कई दिन रहने, खाने पीने के बाद वह इसी मोबाइल ऐप से होटल का भी ‘फर्जी पेमेंट’ कर देता था। जब तक होटल प्रबंधन को अहसास होता कि होटल के अकाउंट में रकम ट्रांसफर नहीं हुई है, वह वहां से भाग लेता था। 

ट्रेन, प्लेन से नहीं करता था सफर 
उसने कश्मीर से कन्याकुमारी तक, हर जगह भ्रमण किया। रास्ते में हर जगह उसने ठगी की और फिर वहां से भाग लिया। इंस्पेक्टर लक्ष्मीकांत सालुंखे, सुनील माने, अमित भोसले और धीरज कोली की जांच में सामने आया कि वह कभी भी प्लेन या ट्रेन से नहीं जाता था, क्योंकि उसे इसमें पकड़े जाने का खतरा था, लेकिन चूंकि उसने मोबाइल बैकिंग से ठगी की, इसलिए मोबाइल से ही जांच अधिकारियों को उसका लोकेशन मिल गया और अंतत: उसे गिरफ्तार कर लिया गया। क्राइम ब्रांच के बाद अब मुंबई में एक दर्जन से ज्यादा पुलिस स्टेशन उसकी कस्टडी लेने वाले हैं। 

AGR केस: सरकार-टेलिकॉम कंपनियों को SC की फटकार- अफसर ने कैसे रोका हमारा आदेश?

दूरसंचार विभाग के बकाया एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू यानी AGR को चुकाने के मामले में शुक्रवार को सर्वोच्च अदालत में सुनवाई हुई. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और टेलिकॉम कंपनियों को कड़ी फटकार लगाई है. सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस तरह की याचिका कभी दायर ही नहीं की जानी चाहिए थी, ऐसा क्यों ही किया जा रहा है. शुक्रवार को अदालत ने सुनवाई के दौरान क्या-क्या कहा, एक नज़र डालें…

  • ऑयल इंडिया की ओर से पेश हुए वकील मुकुल रोहतगी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया. बेंच ने कहा कि आखिर ये हो क्यों रहा है? हम सख्त लहजे में कहना चाहते हैं, ये सब बकवास है. हमें जो कहना था कह दिया गया है, आपने सिस्टम का क्या कर दिया है? पैसे वापस करने ही होंगे.
  • जस्टिस मिश्रा ने अदालत में सुनवाई के दौरान कहा कि क्या देश में कानून बचा है? एक डेस्क ऑफिसर ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश ही रोक दिया, ये क्या हो रहा है? उस अफसर को तुरंत यहां पर बुलाया जाए.
  • AGR को चुकाने के लिए टेलिकॉम कंपनियों ने अधिक वक्त मांगा था, जिसे सरकार ने उन्हें दे दिया था. इसी मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने तुषार मेहता से पूछा कि आप बताएं कि सरकार ने ऐसा कैसे किया, क्योंकि ये अदालत की अवमानना है.
  • जस्टिस अरुण मिश्रा ने अदालत में पूछा कि आखिर डेस्क ऑफिसर के खिलाफ क्या एक्शन लिए गए हैं? अगर देश में कानून ही नहीं है तो क्या हम कोर्ट बंद कर दें? क्या ये सबकुछ पैसों के लिए नहीं है? हम हर किसी के खिलाफ अवमानना का केस दायर करेंगे.

जस्टिस अरुण मिश्रा ने पूछा कि डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकॉम ने किस अधिकार से आदेश दिया कि भुगतान ना करने पर कोई कार्रवाई नहीं होगी. अब अदालत ने सभी कंपनियों से पूछा है कि आप कारण बताएं कि आपपर अवमानना का केस क्यों ना चलाया जाए.

सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की अवमानना करने के लिए एयरटेल, वोडाफोन समेत अन्य कंपनियों के मैनेजिंग डायरेक्टर, सीएमडी को नोटिस जारी किया है. इसके अलावा कंपनियों, टेलिकॉम विभाग के अधिकारियों को 17 मार्च को समन किया है.

गौरतलब है कि टेलिकॉम कंपनियों पर कुल 92 हजार करोड़ रुपये का बकाया है, जिसे चुकाने की तारीख 17 मार्च ही है. बता दें कि AGR संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा टेलीकॉम कंपनियों से लिया जाने वाला यूजेज और लाइसेंसिग फीस है.

सहमे पाकिस्तान ने फिर जताया डर, भारत कर सकता है कार्रवाई

इस्लामाबाद
पाकिस्तान फिर तनाव में है। उसे लगता है कि भारत अगले कुछ दिनों में बड़ी कार्रवाई कर सकता है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता आएशा फारूकी ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा इमरान खान सरकार को इस तरह का डर है। हालांकि इसका ठोस कारण वो नहीं बता सकीं। फारूकी ने कहा कि तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तैयप एर्दोगान पाकिस्तान के दौरे पर हैं, इस दौरान भारत ‘गैर जिम्मेदाराना’ कार्रवाई कर सकता है।

पाक प्रवक्ता ने धमकी भी दे डाली। फारूकी ने कहा कि अगर भारत सरकार ने इस तरह की कोई कार्रवाई की तो पाकिस्तान इसका माकूल जवाब देगा। उन्होंने कहा कि तुर्की कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान के स्टैंड का समर्थन करता है, ये भारत को हजम नहीं हो रहा।

फारूकी ने भारत से एक और डर का खुलासा किया। ये अमेरिका के साथ एयर डिफेंस सिस्टम पर होने वाली डील से है। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को 1.8 अरब डॉलर में एयर डिफेंस सिस्टम बेचने की मंजूरी दी है जो ठीक नहीं है। पाकिस्तान के मुताबिक इससे दक्षिण एशिया में हथियारों की होड़ शुरू हो सकती है।

एयर डिफेंस सिस्टम से दहला पाकिस्तान

इससे पहले रूस के साथ भी भारत ने S-400 मिसाइल सिस्टम की डील की है। इस पर अमेरिका ने आपत्ति जताई थी लेकिन मोदी सरकार टस से मस नहीं हुई। रूस ने यही सौदा तुर्की के साथ भी किया है। भारत ने इस प्रणाली के लिए रूस को 6000 करोड़ की पहली किस्त का भुगतान कर दिया है और अब वह बिना विलंब इसे अपने खेमे में शामिल करना चाहता है। यह मिसाइल सिस्टम 380 किलोमीटर की रेंड में जेट्स, जासूसी प्लेन, मिसाइल और ड्रोन्स की निशानदेही ट्रैंक और नष्ट कर सकता है। 40 हजार कोरड़ रुपए का ये सौदा दुनिया की सबसे बड़ी डिफेंस डील में शामिल है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप 24 फरवरी को भारत दौरे पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके प्रगाढ़ रिश्ते पाकिस्तान के लिए परेशानी का बड़ा कारण है। ट्रंप प्रशासन ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान पर नकेल कसा है। कंगाली के डर से फाइनान्सियल एक्शन टास्टक फोर्स (FATF)की शर्तें पूरी करने के लिए पाकिस्तान जद्दोजहद कर रहा है। दो दिन पहले ही पाकिस्तान में आतंकवाद रोधी अदालत ने हाफिज मोहम्मद सईद को पांच साल की सजा सुनाई है। सईद मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड है। अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान को और कार्रवाई करने की जरूरत है।

सीएम कमलनाथ, बेटे नकुलनाथ अपने खर्च पर लगवाएंगे शिवाजी महाराज की मूर्ति, सुलझ गया विवाद

सीएम कमलनाथ लगवाएंगे शिवाजी महराज की मूर्ति
छिंदवाड़ा सांसद और सीएम के बेटे नकुलनाथ उठाएंगे खर्चा

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ऐलान किया है कि सौंसर में अब शिवाजी महाराज की आदमकद प्रतिमा पूरे धूम धाम के साथ समारोहपूर्वक स्थापित की जाएगी. इतना ही नहीं सीएम कमलनाथ के बेटे और छिंदवाड़ा से सांसद नकुलनाथ ने घोषणा की है कि शिवाजी महाराज की प्रतिमा बनाने और उसकी स्थापना कराने में जो भी खर्चा आएगा उसका वहन वह खुद करेंगे.

इस घोषणा के साथ ही छिंदवाड़ा में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति हटाने को लेकर बढ़ रहा विवाद खत्म हो गया है.    

दरअसल, छिंदवाड़ा के मोहगांव तिराहे से छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को जेसीबी मशीन से हटा दिया गया था. इस के बाद तनाव शुरू हो गया, यहां शिवसेना समेत हिंदूवादी संगठनों ने रास्ते को जाम कर दिया और नगर पालिका को ज्ञापन भी सौंपा.

गुरुवार शाम होते- होते मुख्यमंत्री कमलनाथ, विवाद के निपटारे के लिए खुद सामने आए. उन्होंने कहा, ‘छत्रपति शिवाजी महाराज राष्ट्र के गौरव हैं. ऐसे गौरव, गरिमा और शौर्य के प्रतीक छत्रपति  शिवाजी की प्रतिमा स्थापना एक उत्सव के रूप मे होनी चाहिये, ना कि आधी रात मे चोरी छिपे से.’

सीएम कमलनाथ ने जिला कलेक्टर को शिवाजी की प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति दे दी है. वहीं जिले के सांसद नकुलनाथ ने फैसला किया है कि छत्रपति शिवाजी महाराज की आदमकद प्रतिमा की स्थापना स्वयं के व्यय से करवायेंगे.

प्रत्यर्पण का फैसला सुरक्षित होते ही गिड़गिड़ाया माल्या, भारतीय बैंकों से कहा- अपना पैसा ले लो

मैच फिक्सिंग कांड के आरोपी संजीव चावला के भारत प्रत्यर्पित होने के बाद मानसिक दबाव से गुजर रहे भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के सुर बदल गए। बृहस्पतिवार को अपने प्रत्यर्पण पर ब्रिटिश हाईकोर्ट के फैसला सुरक्षित करते ही माल्या ने गिड़गिड़ाते हुए भारतीय बैंकों से एक बार फिर पैसा वापस लेने की अपील की। शराब किंग के नाम से मशहूर रहे माल्या ने बैंकों से कहा, प्लीज, अपना 100 फीसदी मूलधन वापस ले लो।

सुनवाई खत्म होने के बाद माल्या ने अदालत के बाहर कहा, मैं बैंकों से हाथ जोड़कर आग्रह करता हूं कि अपना पूरा मूलधन तत्काल वापस ले लें। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई, दोनों ही उसकी संपत्तियों को लेकर लड़ रही हैं और इस प्रक्रिया में उसके साथ उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा है। माल्या ने कहा, बैंकों की इस शिकायत पर कि मैं भुगतान नहीं कर रहा हूं, ईडी ने मेरी संपत्तियां जब्त कर लीं। मैंने पीएमएलए (मनी लान्ड्रिंग निरोधक कानून) के तहत कोई अपराध नहीं किया है कि ईडी मेरी संपत्तियां अपने आप जब्त कर ले। 

माल्या ने कहा, मैं कह रहा हूं, बैंक कृपया अपना पैसा वापस ले लें। ईडी कह रहा है कि इन संपत्तियां पर उसका दावा है। ऐसे में ईडी एक तरफ है और बैंक दूसरी तरफ उन्हीं संपत्तियों के लिए लड़ रहे हैं। माल्या से जब भारत लौटने के बारे में पूछा गया तो उसने कहा, मुझे वहीं होना चाहिए, जहां मेरा परिवार है, जहां मेरे हित हैं। यदि सीबीआई और ईडी तर्कसंगत होते तो यह एक अलग कहानी होती। पिछले चार साल से वे लोग जो भी मेरे साथ कर रहे हैं, वह पूरी तरह अनुचित है।

नागरिकता कानून / चिदंबरम ने जेएनयू में कहा- अगर मुसलमानों को डिटेंशन कैंप में भेजा गया तो बड़ा आंदोलन चलाया जाना चाहिए

पूर्व वित्त मंत्री पीचिदंबरम ने कहा- सरकार किसी भी दिन अचानक से जेएनयू का नाम मोदी या अमित शाह यूनिवर्सिटी कर सकती है

‘सीएए में 3 देशों के अल्पसंख्यकों का ही जिक्र क्यों हैं,इसमें नेपाल, भूटान और चीन को शामिल क्यों नहीं किया गया?’

नई दिल्ली. वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पीचिदंबरम ने गुरुवार को कहा किअगर सुप्रीम कोर्ट नागरिकता संशोधन कानून(सीएए) की वैधता को बरकरार रखता है और मुसलमानों को डिटेंशन कैंप में रखा जाता है तो देश में बड़े स्तर पर आंदोलन चलाया जाना चाहिए। जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम में चिदंबरम ने कहा कि असम में 19 लाख लोगों को एनआरसी से बाहर रखे जाने के बाद सरकार सीएए लेकर आई ताकि इनमें से 12 लाख हिंदुओं को नागरिकता दी जाए।

एक छात्र ने सवाल किया कि अगर सीएए को सुप्रीम कोर्ट वैध ठहराता है तो फिर आगे क्या कदम हो सकता है? इस चिदंबरम ने कहा, “(ऐसी स्थिति में) सूची से बाहर रहने वालों में सिर्फ मुस्लिम होंगे, उन्हें ढूंढ निकालने की कोशिश होगीऔर बाहर कर दिया जाएगा। वे(सरकार) घोषित कर देंगे कि मुसलमान देश का हिस्सा नहीं हैं।अगर किसी मुसलमान को बाहर निकाला जाता है या डिटेंशन कैंप भेजा जाता हैतोजन आंदोलन होना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का मानना है कि सीएए को खत्म किया जाना चाहिए। साथ हीइस पर राजनीतिक स्तर पर काम हो,ताकि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर(एनपीआर) को 2024 से आगे टाला जा सके।

संविधान में धर्म आधारित नागरिकता का प्रवाधान नहीं: चिदंबरम

चिदंबरम ने कहा, “इस सरकार में किसी दिन अचानक जेएनयू का नाम मोदी या अमित शाह यूनिवर्सिटी किया जा सकता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि शाहीन बाग का प्रदर्शन बीजेपी का छलावाहै। इजराइल जैसे कई देशों में धर्म के आधार पर नागरिकता दी जा रही है, लेकिन भारत में यह संभव नहीं। हमारा संविधान इसकी इजाजत नहीं देता। हम धर्म आधारित उत्पीड़न का समर्थन नहीं कर सकते। हमें शरणार्थियों के लिए कानून बनाने की जरूरत नहीं है।

चिदंबरम ने यह भी सवाल उठाया, ‘‘सीएए में 3 देशों(बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान) के अल्पसंख्यकों का ही जिक्र क्यों हैं? इसमें नेपाल, भूटान और चीन को शामिल क्यों नहीं किया गया? पाकिस्तान के अहमदिया और शिया, म्यांमार के रोहिंग्या और तमिल हिंदुओं पर भी जुल्म ढाए जा रहे हैं, तो फिर इन्हें बाहर क्यों रखा गया है?’’ एनआरसी पर सवाल उठाते हुए पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि दुनिया में शायद ही कोई कौन सा देश दस्तावेजसे बाहर रहने वालों को स्वीकार करेगा?

सड़क पर उतरूंगा, सिंधिया की चेतावनी, अगर कमलनाथ सरकार वादों पर खरी न उतरी


भोपाल उन्होंने अतिथि शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बने हुए एक साल ही हुए हैं, थोड़ा सब्र रखिये. आपकी बारी आएगी और अगर आपकी बारी नहीं आयी तो मैं आपकी ढाल भी बनूंगा और तलवार भी.

सिंधिया बोले घोषणापत्र का एक-एक अंश होगा पूरानहीं तो सड़क पर करेंगे विरोध प्रदर्शनअपनी ही सरकार को सिंधिया क्यों दे रहे हैं चेतावनी?

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कमलनाथ सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार घोषणापत्र को पूरी तरह लागू नहीं करती है तो वह सड़क पर उतरेंगे. एक सभा के दौरान उन्होंने कहा ‘घोषणापत्र का एक-एक अंश पूरा होगा और अगर ऐसा नहीं हुआ तो आपके साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया भी सड़क पर उतरेगा.

ज्योतिरादित्य सिंधिया संत रविदास जयंती के अवसर पर टीकमगढ़ जिले में कुडीला गांव में एक सभा को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने अतिथि शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बने हुए एक साल ही हुए हैं, थोड़ा सब्र रखिये. आपकी बारी आएगी और अगर आपकी बारी नहीं आयी तो मैं आपकी ढाल भी बनूंगा और तलवार भी.

सिंधिया ने कहा, ”मेरे अतिथि शिक्षकों को मैं कहना चाहता हूं. आपकी मांग मैंने चुनाव के पहले भी सुनी थीं. मैंने आपकी आवाज उठाई थी और ये विश्वास मैं आपको दिलाना चाहता हूं कि आपकी मांग जो हमारी सरकार के घोषणापत्र में अंकित है वो घोषणापत्र हमारे लिए हमारा ग्रंथ है.”

उन्होंने अतिथि शिक्षकों को सब्र रखने की सलाह देते हुए कहा, ”अगर उस घोषणापत्र का एक-एक अंग पूरा न हुआ तो अपने को सड़क पर अकेले मत समझना. आपके साथ सड़क पर ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उतरेगा. सरकार अभी बनी है, एक वर्ष हुआ है. थोड़ा सब्र हमारे शिक्षकों को रखना होगा. बारी हमारी आएगी, ये विश्वास, मैं आपको दिलाता हूं और अगर बारी न आये तो चिंता मत करो, आपकी ढाल भी मैं बनूंगा और आपका तलवार भी मैं बनूंगा.”

ये पहली बार नहीं है जब सिंधिया ने मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार पर तल्ख टिप्पणी की हो. इससे पहले भी पिछले साल सार्वजनिक सभाओं में सिंधिया कर्जमाफी और बाढ़ राहत सर्वे को लेकर सवाल उठा चुके हैं.

इससे पहले ओरछा के निवाड़ी में सिंधिया ने संवाददाताओं से कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की पराजय दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि देश बदल रहा है इसी तरह लोगों की सोच भी बदल रही है. उन्होंने कहा, ”हमें (कांग्रेस) बदलना होगा और लोगों के बीच नए दृष्टिकोण के साथ पहुंचना होगा.

(भोपाल) जल्द होगी पुलिस भर्ती, एजेंसी का तय होना बाकी

भोपाल भाजपा सरकार के समय रुकी पड़ी पुलिस भर्ती दोबारा शुरू होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भर्ती के लिए अब पुलिस मुख्यालय तैयारी कर रहा है। नियम और गाइडलाइन तैयार कर शासन को भेज दिए गए हैं। अब इस पर शासन को निर्णय लेना है। वहीं भर्ती के लिए लिखित परीक्षा कराने के लिए कैबिनेट द्वारा गठित पांच मंत्रियों की कमेटी को निर्णय लेना है कि परीक्षा पीएचक्यू को दी जाए या फिर प्रेाफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड को ही इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाए। सूत्रों के अनुसार इस मामले में कमेटी अभी निर्णय नहीं ले सकी है। इधर, लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे उम्मीदवार भोपाल में लामबंद होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं। उम्मीदवारों का कहना है कि तीन साल के हिसाब से 1500 सब इंस्पेक्टर और 15 हजार आरक्षकों की भर्ती निकाली जाए। उम्मीदवारों का कहना है कि वे करीब 6 सूत्रीय मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित कराना चाहते हैं। इसलिए वे शुक्रवार को एमपी नगर से कलेक्टोरेट तक रैली निकालेंगे। उम्मीदवार सोशल मीडिया के माध्यम से बेरोजगार युवाओं से भोपाल में जुटने की अपील कर रहे हैं। इस दौरान उम्मीदवार आयु सीमा को लेकर विरोध दर्ज कराएंगे।
उनका कहना है कि 2017 से कोई भी वर्दीधारी पद पर वैकेंसी नहीं निकाली गई है। इसके चलते कई युवा ओवरएज हो रहे हैं। समय पर वैकेंसी नहीं आने के कारण अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर &5 करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा उम्मीदवारों का कहना है कि भर्ती की अधिसूचना कभी भी जारी हो, लेकिन आयु की गणना 1 जनवरी 2020 से होनी चाहिए। सूत्रों के अनुसार जीएडी मंत्री गोविंद सिंह ने आयु सीमा बढ़ाने की सहमति दे दी है।