कमलनाथ सरकार के मंत्री ने मंच से माना – राहुल गांधी ने किसानों को दिया वादा पूरा नही कर पाए

भिंड । मप्र की सिय में अपनी साफगोई के लिए पहचाने जाने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कमलनाथ सरकार में कद्दावर सहकारिता तथा सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने आज मंच से भाषण में स्वीकार किया की किसानों का कर्जा माफ करने के अपने नेता राहुल गांधी के वायदे को उनकी सरकार नही निभा पाई लेकिन वह अपने वादे को पूरा करने में जुटी है

आज भिण्ड जिले के मेहगाव में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ सिंह ने कहाकि हमारे नेता राहुल गांधी ने चुनाव के दौरान वादा किय। था कि कांग्रेस की सरकार बनते ही किसानों के दो लाख तक के पूरे कर्ज माफ करेंगे । लेकिन अभी तक हम उनकी घोषणा को पूरा नही कर सके क्योंकि परिस्थितयां विकराल है । भाजपा की शिवराज सरकार जाते जाते प्रदेश पर इतना कर्जा छोड़ गई कि परिस्थितियों को भयावह कर दिया लेकिन सरकार अपने वादे पर कायम है और हर किसान का दो लाख तक का कर्जा हर हाल में माफ होगा ।

चौथा प्रेस्टीज अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह 25 से 28 फरवरी तक होगा.

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▪चार दिवसीय समारोह में देश विदेश की 1 दर्जन से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा .
▪ फिल्म समारोह के डैगलर का अनावरण किया गया.
➖डा.भूपेन्द्र विकल➖
इंदौर ।प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड रिसर्च डिपार्टमेंट ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के द्वारा प्रेस्टीज प्रबंध संस्थान के स्कीम नं.78 मे आगामी 25 से 28 फरवरी तक चार दिवसीय प्रेस्टीज अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
इस अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह का शुभारंभ 25 फरवरी को मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह एवं पर्यटन मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल द्वारा किया जाएगा ।
प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड रिसर्च के डायरेक्टर इंचार्ज डॉ आर. के .शर्मा पीआई एमआर डिपार्टमेंट ऑफ मास कम्युनिकेशन के विभागाध्यक्ष डॉ राजू जॉन , फिल्म समारोह के समन्वयक जुबेर खान एवं भावना पाठक ने कहा कि इस चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में भारतीय फिल्म एवं रंगमंच जगत की जानी-मानी हस्तियां विशेष रूप से केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के सदस्य एवं नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के पूर्व निर्देशक वामन केंद्रे ,चरित्र अभिनेता किरण कुमार ,गोविंद नामदेव ,यशपाल शर्मा, टेलीविजन आर्टिस्ट राजेश कुमार इत्यादि सम्मिलित होंगे। अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह के दौरान देश विदेश के ख्याति प्राप्त निर्देशकों द्वारा निर्मित एवं निर्देशित कुल 14 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा ।
डा.आर.के .शर्मा ने कहा कि आई एम आर के डिपार्टमेंट ऑफ मास कम्युनिकेशन द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह के पूर्व 15 से 17 फरवरी के बीच 48 घंटे की एमेच्योर एवं प्रोफेशनल केटेगिरी में शार्ट फिल्म निर्माण की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई है ।जिसमें भाग लेने वाले प्रतिभागियों को दिए गए थीम पर 10 मिनट की अवधि का फिल्म निर्माण करना होगा।इन शार्ट फिल्मों का प्रदर्शन फिल्म समारोह के अंतिम दिन 28 फरवरी को होगा ।इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अभी तक देश से 20 प्रतिभागियों तथा ईरान से एक स्वीकृति मिल चुकी है ।उम्मीद है कि प्रतियोगिता के शुरू होने तक लगभग 30 से 40 प्रतिभागियों की स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी ।
अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह के दौरान प्रदर्शन होने वाली फिल्मों की जानकारी देते हुए समन्वयक जुबेर खान ने कहा कि फिल्म समारोह के दूसरे दिन 26 फरवरी को जिन फिल्मों का प्रदर्शन होगा उसमें प्रमुख हैं सिद्धार्थ चाणक्य द्वारा निर्देशित फिल्म ‘नियति ‘, इटली की फिल्म’ द पोस्टमैन’ असमिया फिल्म ‘ब्याय विथ ए गन ‘ नितीश उपाध्याय द्धारा निद्रेशित फिल्म ‘द वालेट’,’आमो आखा एक से ‘इस दिन दोपहर में फिल्म अभिनेता यशपाल शर्मा द्वारा अभिनय पर मास्टर क्लास लिया जाएगा ।शाम को नितीश उपाध्याय द्वारा निर्देशित फिल्म’ उसने कहा था ‘का मंचन होगा ।
समन्वयक भावना पाठक ने बताया कि फिल्म समारोह.के तीसरे जिन फिल्मों का प्रदर्शन होगा उनमें प्रमुख हैं -‘लिविंग आँन द एज ‘,रोक्युमेन्टरी’,’पदमा,’ ‘बेहरुपीये,’आर यू वॉलीबॉल ‘और’ द लिटिल रिडल ‘इसके अलावा आलम खान द्वारा वर्तमान मे वेब सीरीज पर सेशन आयोजित किया जाएगा ।फिल्म समारोह के अंतिम दिन कजाकिस्तान की फिल्म ‘आउवा’तथा प्रतियोगिता में चयनित शार्ट फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह के समापन पर जूरी सदस्यों द्वारा विभिन्न कैटेगरी की उत्कृष्ट फिल्मों को पुरस्कृत किया जाएगा ।इस अवसर पर फिल्म पत्रकार एवं समीक्षकों का भी सम्मान किया जाएगा ।
आज प्रेस्टीज अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह के ‘डैन्गलर ‘का अनावरण प्रेस्टीज प्रबंधन संस्थान में आयोजित समारोह मे डायरेक्टर, इंचार्ज डॉ आर .के .शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर फ्लैश मॉब समूह द्वारा नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए ।


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फ़िरोज़ाबाद/ खड़े ट्रक से टकराई डबल डेकर बस; 16 यात्रियों की मौके पर ही मौत, नशे में था बस ड्राइवर

फ़िरोज़ाबाद: उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में ट्रक और बस की ट्क्कर में 16 लोगों की मौत हो गयी। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बुधवार रात डबल डेकर बस ने सड़क किनारे खड़े ट्रक को टक्कर मार दी। हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 यात्री घायल हैं। इनमें तीन की हालत गंभीर है। बस दिल्ली से बिहार के मोतिहारी जा रही थी। इसमें बस चालक और कंडक्टर समेत करीब 50 यात्री सवार थे। हादसा फिरोजाबाद और इटावा जिले की सीमा पर भदान गांव के पास हुआ।

एसएसपी सचिंद्र पटेल ने बताया कि प्राइवेट स्लीपर बस रात 10 बजे एक्सप्रेसवे पर खड़े ट्रक में पीछे से टकरा गई। ट्रक पंक्चर होने के बाद उसका ड्राइवर सड़क किनारे खड़ा करके टायर बदल रहा था। तभी यह हादसा हुआ। हादसा इतना जबरदस्त था कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।

उन्होंने बताया कि बस को क्रेन के जरिए हटाया गया। अब तक की जांच में पता चला है कि बस की रफ्तार बहुत तेज थी। शायद बस चालक नशे था। बस चालक की गलती से यह हादसा हुआ है। इसमें बस चालक की भी मौत हो गई है।

हादसे में घायलों को सैफई के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। मेडिकल ऑफिसर डॉ. विश्व दीपक ने बताया कि यहां 13 लोगों को मृत अवस्था में लाया गया था। तीन लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अभी मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। 11 मृतकों की पहचान हो चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए गए हैं।

शुरू हुई केजरीवाल की शपथ की तैयारी, पुरानी टीम के साथ ही चलेगी दिल्ली सरकार

दिल्ली के चुनाव में लगातार दूसरी बार प्रचंड जीत हासिल करने के बाद अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए तैयार हैं. रविवार को अरविंद केजरीवाल तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे और इसका गवाह पूरी दिल्ली बनने जा रही है. काम पर चुनाव जीतने का दावा करने वाले अरविंद केजरीवाल ने तय किया है कि वह अपनी टीम में बदलाव नहीं करेंगे और साथ ही किसी बाहरी मेहमान को न्योता भी नहीं देंगे. शपथ ग्रहण को लेकर किस तरह की तैयारियां हो रही हैं, जानिए…

केजरीवाल मेजबान, पूरी दिल्ली मेहमान

बुधवार को नए विधायकों के साथ बैठक में अरविंद केजरीवाल को विधायक दल का नेता चुना गया, जिसके बाद शपथ की तारीख भी तय हो गई. रविवार यानी 16 फरवरी को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल अपनी कैबिनेट के साथ शपथ लेंगे. इसके लिए पूरी दिल्ली को न्योता दिया गया है, मनीष सिसोदिया ने कहा कि आपका बेटा केजरीवाल फिर शपथ ले रहा है, ऐसे में पूरी दिल्ली को शपथ लेने के लिए आना चाहिए.

किसी बाहरी को न्योता नहीं, खींची नई लकीर

अरविंद केजरीवाल तीसरी बार मुख्यमंत्री बने और भाजपा को चुनौती दी तो उन्हें राष्ट्रीय नेता के तौर पर देखा जाने लगा. लगातार दो बार मोदी लहर को केजरीवाल रोकने में कामयाब रहे हैं लेकिन अब उन्होंने खुद को दिल्ली तक सीमित रखने का तय किया है. इसका उदाहरण शपथ ग्रहण में ही दिखने लगा है क्योंकि आम आदमी पार्टी किसी बाहरी मुख्यमंत्री या अन्य नेताओं को शपथ ग्रहण में नहीं बुला रही है.

इससे साफ है कि अरविंद केजरीवाल अभी भाजपा रहित या कांग्रेस सहित संगठन का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं और अकेले अपनी लकीर खींच रहे हैं. हालांकि, इससे पहले अरविंद केजरीवाल खुद अन्य मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण में जाते रहे हैं जिसमें कर्नाटक जैसे राज्य भी शामिल रहे हैं.

टीम वही, सोच नई!

प्रचंड जीत हासिल करके सत्ता में आई आम आदमी पार्टी में इस बार कई नए चेहरे भी हैं. राघव चड्डा, आतिशी, दिलीप पांडे समेत कई ऐसे चेहरे हैं जो संगठन में अहम रोल निभाते आए हैं और उम्मीद थी कि अबकी बार इन्हें सरकार में मौका मिलेगा. लेकिन अरविंद केजरीवाल कुछ नया सोच रहे हैं और उन्हीं मंत्रियों को दोबारा मौका देंगे जो पहले थे.

आम आदमी पार्टी का तर्क है कि जिस सरकार को काम पर वोट मिला है, ऐसे में उसी टीम का जारी रखना सही है. ऐसे में एक बार फिर उपमुख्यमंत्री की कुर्सी पर मनीष सिसोदिया दिख सकते हैं.

दिल्ली की कुल 70 सीटों में से 62 पर जीत दर्ज करने वाली आम आदमी पार्टी शपथ ग्रहण समारोह को ऐतिहासिक बनाना चाहती है. पार्टी ने सभी विधायकों को बड़ी संख्या में समर्थकों को लाने के लिए कहा है. गौरतलब है कि भाजपा को इस बार भी चुनाव में निराशा हाथ लगी है और मात्र 8 सीटों पर ही जीत दर्ज की पाई है.

कोरोना वायरस पर आखिर क्या छिपा रहा चीन? इस दावे से मची सनसनी

चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस से अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की मौतें हो चुकी हैं और इस वायरस के संक्रमण के अब तक करीब 42,000 मामले सामने आ चुके हैं. कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए चीन की सरकार कई कदम उठा रही है लेकिन पारदर्शिता ना होने की वजह से उसकी भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं. 

अमेरिकी सांसद टॉम कॉटन ने कोरोना वायरस के फैलने के लिए चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है. अमेरिकी सांसद ने कहा कि यह वायरस मानवनिर्मित जैवहथियार हो सकता है जो संभवत: ‘वुहान इंस्टिट्यूट ऑफ वायरलॉजी’ से लीक हुआ है. टॉम कॉटन ने चीनी प्रशासन को अपने दावे को गलत साबित करने की चुनौती भी दे डाली है.

कोरोना वायरस की उत्पत्ति से लेकर संक्रमण फैलने तक चीन की भूमिका कहीं ना कहीं संदिग्ध रही है. चीन ने शुरुआत में दावा किया कि कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर की फिश मार्केट से निकला है लेकिन तमाम सबूत इस दावे को नकारते हैं. चीनी अधिकारी अभी तक खुद वायरस की उत्पत्ति को लेकर आश्वस्त नहीं है जिसकी वजह से अमेरिकी सांसद कॉटन समेत कई वैज्ञानिक ऐसा संदेह जता रहे हैं. कुछ दिनों पहले ही चीन जीन एडिटिंग को लेकर सवालों के घेरे में आ गया था.

लोग ये भी शक जता रहे हैं कि चीन वायरस से हुई मौतों के आंकड़ों को भी छिपा रहा है. ‘The Epoch Times’ के मुताबिक, चीन के वुहान में इतनी लाशें आ रही हैं कि शवदाह गृहों में मजदूर दिन-रात काम कर रहे हैं.

इसके अलावा, सोशल मीडिया पर तमाम ऐसे वीडियो भी वायरल हुए हैं जिनसे पता चलता है कि स्थिति चीन के नियंत्रण से बाहर होती जा रही है. कई अधिकारी सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर स्प्रे कर रहे हैं तो संक्रमण के शक में तमाम लोगों को एक अलग कैंप में भेज दिया जा रहा है. इन कैंपों में पर्याप्त मेडिकल सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं.

एक वायरल वीडियो में चीनी स्वास्थ्य अधिकारी संक्रमण फैलने के डर से एक महिला और उसके पार्टनर को बिल्कुल बंद डिब्बे में लॉक करते दिख रहे हैं तो दूसरे वीडियो में कुछ अधिकारी अपार्टमेंट से जबरन लोगों को घसीटकर ले जाते दिख रहे हैं.

अमेरिकी सांसद टॉम कॉटन को इन वजहों से भी चीन की मंशा पर शक हो रहा है. अमेरिका सैन्य नेताओं के सामने दिए भाषण में उन्होंने वुहान की प्रयोगशाला को सुपर लैबोरेटरी कहा. उनका मानना है कि ये वायरस इसी लैब में जैवहथियार बनाने के लिए हो रहे किसी प्रयोग का हिस्सा है.

अमेरिकी सांसद ने कहा, शुरुआती 40 मामलों में से 14 का सीफूड मार्केट से कोई लेना-देना नहीं था. मैं ये कहना चाहूंगा कि वुहान चीन की इकलौती जैवसुरक्षा से लैस लेवल 4 की सुपर लैब है जहां दुनिया के खतरनाक वायरसों पर भी काम किया जाता है, और हां इसमें कोरोना वायरस भी शामिल हो सकता है.
टॉम कॉटन ने ट्वीट किया, चीन ने 6 करोड़ लोगों को अलग-थलग कर उन्हें कैद करके रख दिया गया है, ये आबादी हमारे वेस्ट कोस्ट की आबादी से भी ज्यादा है. उन्होंने स्कूल बंद कर दिए हैं, हॉन्ग कॉन्ग ने मुख्यभूमि चीन के लिए यात्रा पर रोक लगा दी है. अब हमें भी चीन और अमेरिका के बीच सभी कॉमर्शल फ्लाइट्स को बंद कर देना चाहिए.

अमेरिकी सांसद ने कहा, डॉ. ली ने अपने देश और दुनिया को कोराना वायरस से बचाने की कोशिश की लेकिन चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने उन्हें चुप करा दिया. अब उनके हाथ डॉक्टर के खून से रंग गए हैं. हमें चीन की कम्युनिस्ट पार्टी पर पारदर्शिता बरतने को लेकर दबाव डालना चाहिए ताकि इस खतरनाक बीमारी के बारे में सबसे पहले आगाह करने वाले डॉक्टर ली को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सके.

अगर कोरोना वायरस वुहान लैब से लीक हुआ है तो यह पहला ऐसा मामला नहीं होगा. इससे पहले भी चीन की लैब से कोई खतरनाक वायरस फैल चुके हैं. 2004 में बीजिंग इंस्टिट्यूट ऑफ वायरलॉजी से SARS लीक हुआ था जहां शोधकर्ता बीमारी पर प्रयोग कर रहे थे. इस दौरान लैब के दो टेक्नीशियन संक्रमित हो गए और बाद में दूसरों में भी सार्स फैल गया. 

हालांकि, चीनी अधिकारियों ने अमेरिकी सांसद के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. अमेरिका में चीनी राजदूत कुई टियानकई ने टॉम कॉटन के सुझाव को ‘क्रेजी’ कहा हालांकि उन्होंने ये बात भी स्वीकार की कि उनकी सरकार को ये नहीं मालूम है कि वायरस की उत्पत्ति कहां हुई.

बता दें कि कोरोना वायरस का संक्रमण केंद्र कहे जा रहे हुनान सीफूड मार्केट से थोड़ी ही दूर पर ‘वुहान इंस्टिट्यूट ऑफ वायरलॉजी नैशनल बायोसेफ्टी लैब’ स्थित है जो इबोला, निपाह व अन्य घातक वायरसों पर रिसर्च करती है. ‘वुहान नैशनल बायोसेफ्टी लैबोरेटरी’ हुनान सीफूड मार्केट से सिर्फ 32 किमी दूर है और ये यह लैब लेवल-4 सर्टिफाइड भी है. 

इससे पहले ऑनलाइन पोर्टल ग्रेटगेमइंडिया की जांच में भी वायरस की उत्पत्ति को कनाडा और चीनी बायोलॉजिकल वारफेयर प्रोग्राम के दो एजेंट से जोड़कर देखा गया है. हालांकि, अभी तक ये सबूत नहीं हैं कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति चीन के ही किसी गलत प्रयोग का नतीजा है. 

मार्च 2019 में कनाडा की एनएमएल लैब के वायरस से भरे रहस्यमयी जहाज चीन में दिखे थे. इस घटना के बाद बायोफेयर एक्सपर्ट्स ने सवाल उठाए थे कि कनाडा चीन को खतरनाक वायरस क्यों भेज रहा था. एनएमएल लैब के वैज्ञानिकों ने कहा था कि ये घातक वायरस बहुत ही ताकतवर जैव हथियार हो सकते थे.

जांच के बाद पता चला था कि यह घटना एनएमएल लैब में काम कर रहे चीनी एजेंटों से जुड़ी थी. चार महीने बाद ही जुलाई 2019 में कनाडा की नेशनल माइक्रोबायोलॉजी लैब ने जबरन चीन के वायरलॉजिस्ट के एक समूह को भी निकाल दिया था. बता दें कि एनएमएल लैब कनाडा की एकमात्र लेवल 4 की लैब है. ये उत्तरी अमेरिका में दुनिया की खतरनाक बीमारियों इबोला, सार्स, कोरोनावायरस इत्यादि पर रिसर्च के लिए अधिकृत चुनिंदा प्रयोगशालाओं में से एक है.

जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के न्यूरोलॉजी प्रोफेसर और अमेरिका के स्पेशल ऑपरेशन कमांड के बायोवारफेयर में सीनियर फेलो जेम्स गियारडानो कहते हैं, चीन का बायोसाइंस में बढ़ता निवेश और जीन एडिटिंग के मामले में नैतिक मूल्यों का उल्लंघन इस संदेह को मजबूत करता है कि चीन अपनी प्रयोगशालाओं को भी हथियार बना रहा है. इसके अलावा, चीन ऐसी कोशिशें भी करता रहा है कि वह ऐसे इलाज या वैक्सीन खोज ले जो दुनिया में सिर्फ उसके पास हों.

मध्यप्रदेश: हूटर लगी गाड़ी में बैठे थे विधायक, सीजेएम ने लगाया 500 रुपये का जुर्माना

गुना

मध्यप्रदेश के गुना के एबी रोड पर बेकाबू दौड़ने वाले वाहनों पर नकेल कसने के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कौशलेंद्र सिंह भदौरिया ने बुधवार को मोबाइल अदालत लगाई। इस दौरान कई वाहन पकड़े गए और उनसे जुर्माना वसूला गया। चेकिंग के दौरान गुना से भाजपा विधायक गोपीलाल जाटव की गाड़ी में हूटर लगा होने के कारण उसे रोका गया और उसपर 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

विधायक बुधवार दोपहर अपनी हूटर लगी गाड़ी में जा रहे थे। चेकिंग के दौरान उन्हें रोका गया। उनके ड्राइवर ने पुलिसकर्मी के सामने रौब दिखाते हुए कहा कि विधायकजी की गाड़ी है लेकिन सीजेएम के सामने उसकी एक नहीं चल पाई। सीजेएम ने यातायात पुलिस को निर्देश देकर मौके पर ही जुर्माना लगाया। इस दौरान विधायक अपनी गाड़ी के अंदर मौजूद थे।

विधायक ने गाड़ी से उतरकर सीजेएम से मुलाकात की और उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन सीजेएम ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि ही इस तरह का काम करेंगे तो आम लोगों के बीच क्या संदेश जाएगा। इसके अलावा इंदौर के पार्षद स्वराज क्षत्रिय की गाड़ी पर भी काली फिल्म लगी थी। जिसे निकलवाकर उनपर 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। एक घंटे में 12 वाहनों की जांच करके सीजेएम ने 12 हजार रुपये का जुर्माना वसूला।

गिलानी की सेहत के बारे में अफवाह फैलने के बाद कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद

श्रीनगर. अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की सेहत के संबंध में अफवाहों को रोकने के लिए कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. हाल ही में घाटी में इंटरनेट सेवा को बहाल किया गया था.

अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि सोशल मीडिया में इस प्रकार की खबरें आईं कि 90 वर्षीय गिलानी का स्वास्थ्य बिगड़ गया है, जिसके बाद स्थिति को बेहतर बनाए रखने और किसी तरह की अफवाह फैलने से रोकने के लिए बुधवार रात को मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई.

वहीं कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए कश्मीर के संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया है. हालांकि गिलानी के परिवार ने कहा है कि गिलानी कुछ समय से बीमार हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर है.

जम्मू-कश्मीर को दिखाया पाकिस्तान का हिस्सा, करॉना पर राहुल गांधी के ट्वीट पर विवाद

नई दिल्ली
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की एक और गलती उनपर भारी पड़ती दिख रही है। करॉना वायरस को लेकर बुधवार को किए गए एक ट्वीट में राहुल ने जम्मू-कश्मीर के एक हिस्से को पाकिस्तान के हिस्से के तौर पर दिखा दिया। इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने राहुल को ट्रोल करना शुरू कर दिया। जिसके बाद राहुल ने वह ट्वीट डिलीट कर दिया।

राहुल गांधी ने करॉना वायरस को लेकर ट्वीट किया ‘करॉना वायरस हमारे लोगों और हमारी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही गंभीर खतरा है। मेरे हिसाब से सरकार इस खतरे को गंभीरता से नहीं ले रही है। समय पर कदम उठाने की जरूरत है।’

राहुल के ट्वीट के बाद बीजेपी आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने ट्वीट किया, ‘आप बार-बार उस नक्शे का इस्तेमाल क्यों करते हैं, जिसमें जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग दिखाया गया है?’ अन्य ट्विटर यूजर्स ने भी राहुल को निशाने पर लेना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद राहुल ने यह ट्वीट डिलीट कर दिया और एक न्यूज स्टोरी के साथ दूसरा ट्वीट किया।

FATF की बैठक में पाक को ब्लैक लिस्ट कराने का प्लान तैयार,सबूत लेकर पेरिस पहुंचेंगे ये अफसर

पेरिस में 16 फरवरी से लेकर 21 फरवरी तक होने जा रही फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक में पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डलवाने के लिए भारत कोई कसर बाकी नहीं रखेगा। इसके लिए विभिन्न जांच एजेंसियों के टॉप अफसर सबूत लेकर पेरिस रवाना हो रहे हैं।

इनमें कैबिनेट सचिवालय, फाइनेंसियल इंटेलीजेंस यूनिट, एनआईए, ईडी, आयकर विभाग और डीआरआई जैसी एजेंसियों के अफसर शामिल हैं। उधर, बुधवार को मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद को टेरर फंडिंग मामले में पाकिस्तान की अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई है। भारतीय जांच एजेंसियों का कहना है कि यह पेरिस बैठक से पहले खुद को ब्लैक लिस्ट होने से बचाने के लिए पाकिस्तान का एक पैंतरा है।

पाकिस्तान ने पहले भी की थी हाफिज पर कार्रवाई, लेकिन 11 महीने में किया रिहा
आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद को 2008 के मुंबई हमलों के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद ने प्रतिबंधित कर दिया था। उन हमलों में 166 लोग मारे गए थे।हाफिज सईद पर पाकिस्तान में 23 आतंकी मामले दर्ज हैं। 

भारत ने उसके खिलाफ आतंकी मामलों का डोजियर भी दिया है। इसमें पाकिस्तान को ऐसे सबूत भी दिए गए, जिसमें आतंक के सरगना हाफिज सईद को पाकिस्तान में खुलेआम घूमने और भारत विरोधी रैलियों को प्रभावशाली तरीके से संबोधित करने की अनुमति दी गई थी।

2017 में हाफिज सईद और उसके चार सहयोगियों को पाकिस्तान सरकार ने आतंकी कानूनों के तहत हिरासत में लिया था, लेकिन लगभग 11 महीने बाद उसे रिहा कर दिया गया। न्यायिक समीक्षा बोर्ड ने उसके कारावास को और अधिक बढ़ाने से इनकार कर दिया था। 

इसके बाद भी हाफिज सईद की आतंकी गतिविधियां जारी रही। भारतीय जांच एजेंसियां, एनआईए और ईडी ने उसके खिलाफ पर्याप्त एवं ठोस सबूत एकत्रित किए थे। इसके बाद पाकिस्तान को चेतावनी दी गई कि उसकी जमीन से हाफिज सईद भारत में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। भारत इस मामले को प्रभावशाली तरीके से एफएटीएफ में ले गया।

एफएटीएफ ने फरवरी तक सुधार करने की दी थी चेतावनी
अक्तूबर 2019 में एफएटीएफ ने फरवरी 2020 तक पाकिस्तान को अपनी ग्रे सूची में रखने का फैसला किया था। इससे पाकिस्तान को एफएटीएफ की 27-बिंदु कार्य योजना को लागू करने का समय मिल गया। एफएटीएफ ने जून 2018 में पाकिस्तान की एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और काउंटरिंग ऑफ टेररिस्ट फाइनेंसिंग नियमों की कमियों के कारण उसे अपनी ग्रे लिस्ट में डाल दिया था।

हालांकि ग्रे सूची में नाम आने के बाद कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाता, लेकिन यदि कोई देश लगातार इस सूची में बना रहता है तो उसे ब्लैक लिस्ट में डाले जाने का खतरा पैदा हो जाता है। पाकिस्तान आज उसी हालत में है। एफएटीएफ ने गत अक्तूबर में पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि वह फरवरी 2020 तक सुधार करे। 

कुछ सख्त कदम उठाकर आगे का प्लान भी बताए।पिछली बार की एफएटीएफ बैठक में पाकिस्तान, टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के 27 मानकों में से 22 पर खरा नहीं उतर पाया था।यही वजह रही कि पाकिस्तान को चेतावनी देकर फरवरी 2020 तक एक्शन प्लान को पूरा करने की बात कही गई थी।

टीम के पास 27 मानकों की पूरी रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट सचिवालय, फाइनेंसियल इंटेलीजेंस यूनिट, एनआईए, ईडी, आयकर विभाग और डीआरआई जैसी एजेंसियों के अफसरों की जो टीम पेरिस भेजी जा रही है, वह पाकिस्तान की कई करतूतों का पर्दाफाश करेगी।

इस टीम के पास उन 27 मानकों की पूरी रिपोर्ट है, जिन्हें पूरा करने के लिए पाकिस्तान को कहा गया था। एफएटीएफ की बैठक में कई तरह के अदालती आदेशों की प्रतियां भी पेश की जाएंगी। पाकिस्तान, किस तरह से अभी तक आतंकियों को प्रोत्साहन दे रहा है, इस बाबत सबूतों की लंबी फेहरिस्त एफएटीएफ बैठक में रखी जाएगी।