प्रशासन ने शिवाजी की मूर्ति गिराई,नाराज लोगों ने किया चक्काजाम

सौसर में छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रतिमा पर प्रशासन ने चलाई जेसीबी, नागरिकों ने छिंदवाड़ा- नागपुर पर किया चक्काजाम

सौसर में युवाओ द्वारा स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को बीती रात प्रशासन ने जेसीबी चलाकर हटा दिया, जिसका नागरिकों ने विरोध किया, आज सुबह से छिंदवाड़ा -नागपुर हाइवे पर नागरिक धरने पर बैठ विरोध प्रदर्शन कर रहे, नागरिकों की मांग है कि जल्द प्रतिमा को स्थापित किया जाए।

क्षेत्र के नागरिक विगत कई वर्षों से मोहगांव तिराहा चौक को छत्रपति शिवाजी महाराज चौक बनाने की मांग कर रहे थे जिसके कई बार नगरपालिका को ज्ञापन भी दे चुके है उन्हें आस्वासन भी मिला और युवाओ ने छत्रपति शिवाजी महाराज की फ़ोटो भी चौक पर लगा चुके है और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि भी इसका निरीक्षण करने चौक तक जा चुके थे,
इसके बाद प्रतिमा के स्थापना के लिए भी युवाओं ने ज्ञापन दिया और लगभग चार दिन से चौक में प्रतिमा के लिए फाउंडेशन तैयार किया जा रहा था जिसमे लोगो का दबी जुबान से कंहना है कि नगरपालिका के पानी के टेकर और खुदाई मशीन भी लगी थी,और चार दिन बाद नगरपालिका के जिमेदारो ने फाउंडेशन बनने के बाद आपत्ति भी लगाई रही उसके बाद कल मध्यरात्रि में युवाओ ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा की स्थापना कर दी, और देर रात जो जब प्रसासन को इस बात की भनक लगी तो आनन फानन में पुलिस,राजस्व, नगरपालिका के जिम्मेदार दल बल के साथ पहुचे, जिसके बाद युवाओ और प्रसासन के बीच काफी बहसबाजी चली,और प्रसासन ने अल सुबह छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को जे सी बी से हटा दिया।

मध्यप्रदेश राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा का नोटिफिकेशन | RASHTRIYA PRATIBHA KHOJ MP

भोपाल। कक्षा दसवीं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को आगे की कक्षाओं में अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति देने मध्यप्रदेश राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा के दूसरे चरण का आयोजन आगामी 10 मई को होगा। परीक्षा में पहला पेपर मानसिक क्षमता का होगा। इसमें 100 अंकों के 100 प्रश्न पूछे जाएंगे। 

परीक्षार्थियों को ये सवाल हल करने 2 घंटे का समय मिलेगा। दूसरा पेपर विद्यार्थी की शैक्षिक योग्यता परखने के लिए होगा। इसमें भी 100 अंकों के 100 सवाल दो घंटे में हल करने होंगे। जो छात्र इस अंतिम चरण की परीक्षा पास करेंगे, उनको हायर सेकंडरी लेवल पर 1250 रुपए महीना, स्नातक व स्नातकोत्तर कक्षाओं के लिए 2000 रुपए महीना प्रदान किया जाएगा। यह जानकारी राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की वेबसाइट पर जारी कर दी गई है।

एनसीईआरटी की गाइडलाइन के अनुसार अनुसूचित जाति, जनजाति व दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 32 प्रतिशत, सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग व आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी के छात्र-छात्राओं के लिए परीक्षा में क्वालिफाइंग मार्क्स 40 प्रतिशत निर्धारित है। परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। दोनों चरणों की परीक्षा संपन्न होने के बाद छात्रों का परिणाम घोषित किया जाएगा। जिन छात्रों के नाम एनसीईआरटी की ओर से जारी की गई फाइनल मेरिट लिस्ट में दर्ज होगा, उन्हें छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को टेरर फंडिंग मामले में पाकिस्तान की अदालत ने सुनाई 5 साल की सजा

नई दिल्ली: मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद को टेरर फंडिंग मामले में पाकिस्तान की अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई है. न्यूज एजेंसी ANI और भाषा ने पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से यह खबर दी है. पाकिस्तान की आतंकवाद-रोधी अदालत ने हाफिज सईद और अन्य के खिलाफ आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में 11 दिसंबर को आरोप तय किए थे. आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद को 2008 के मुंबई हमलों के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने प्रतिबंधित कर दिया था, जिसमें 166 लोग मारे गए थे.

हाफिज सईद पर पाकिस्तान में 23 आतंकी मामले दर्ज हैं. भारत द्वारा उसके खिलाफ आतंकी मामलों की डोजियर के बावजूद, उसे पाकिस्तान में खुलेआम घूमने और भारत विरोधी रैलियों को प्रभावशाली तरीके से संबोधित करने की अनुमति दी गई थी.

पाकिस्तान ने लगातार अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद हाफिज सईद के खिलाफ आतंकी आरोप लगाए थे. उसके खिलाफ पाकिस्तान के पंजाब पुलिस के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट द्वारा दायर एफआईआर में आतंकी वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग के कई अपराधों के आरोप लगाए गए थे.

2017 में हाफिज सईद और उसके चार सहयोगियों को पाकिस्तान सरकार ने आतंकी कानूनों के तहत हिरासत में लिया था, लेकिन लगभग 11 महीने बाद उसे रिहा कर दिया गया, जब पंजाब के न्यायिक समीक्षा बोर्ड ने उसके कारावास को और बढ़ाने से इनकार कर दिया.

MP के एक अधिकारी ने आर्थिक तंगी के चलते किया सुसाइड, छह महीने से नहीं मिली थी सैलरी

मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश में उमरिया जिले में पदस्थ अतिथि विद्वान सह खेल अधिकारी संजय कुमार ने आर्थिक तंगी के चलते किराए के घर में फांसी लगाकर सोमवार की रात आत्महत्या कर ली. परिवार के मुताबिक वो लगातार नौकरी छूटने के डर, बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान थे. हालांकि संजय का एक सुसाइड नोट, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद किया उसमें कथित तौर पर लिखा गया है कि वो अपना जीवन खुद समाप्त कर रहे हैं, इसके लिये कोई और ज़िम्मेदार नहीं है. नोट में ये भी लिखा है कि उनके भाई चंदन को कॉलेज की नौकरी लेनी चाहिए और भविष्य निधि का पैसा विधवा लालसा को दिया जाना चाहिए

उनकी पत्नी लालसा ने बताया उन्हें छह महीने से सैलरी नहीं मिली थी. वो कहते थे अब मेरे बच्चों के भविष्य का क्या होगा. सरकार ने हमारे पेट में लात मार दी. हमें कहीं का नहीं छोड़ा. बच्चा 10वीं में पढ़ता है, उसकी फीस नहीं भर पाए हैं. अब मेरे सामने कोई रास्ता नहीं है. मंत्री आएं या फिर मैं मंत्रीजी के पास पति की मिट्टी लेकर जाऊंगी. मेरी तो जिंदगी ही खत्म हो गई है. मैं क्या करुं, कहां जाऊं. अगर मंत्री जी मेरे लिए कुछ नहीं कर सकते तो मैं भी आत्महत्या कर लूंगी, मंत्री जी तभी खुश होंगे. मैं चाहती हूं कि मंत्री जी मुझे और मेरे बच्चे के भविष्य को देखें. अब मंत्री जी को निर्णय लेना है, वरना मैं भी तीनों बच्चों के साथ पति की तरह आत्महत्या कर लूंगी.” लालसा, भी अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने से अस्पताल में भर्ती है.

इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, “उमरिया के अतिथि विद्वान श्री संजय कुमार की आत्महत्या के लिए अगर कोई जिम्मेदार है, तो वह है प्रदेश की निकम्मी सरकार. उस बेसहारा विधवा को कांग्रेस सरकार क्या जवाब देगी? मासूम बच्चों की देखभाल कौन करेगा?”

सत्तारूढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने जवाब देते हुए कहा, “उमरिया जिले के चंदिया शासकीय महाविद्यालय में क्रीड़ा अधिकारी संजय कुमार के निधन का दुखद समाचार मिला. उनके दुखद निधन पर हम शोक संवेदना व्यक्त करते है. अफ़सोस नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ऐसे संवेदनशील विषय पर भी शर्मनाक राजनीति कर रहे हैं, उसे अतिथि विद्वान आंदोलन से जोड़ रहे हैं? जो जानकारी हमें प्राप्त हुई है, उसके अनुसार उनके मृत्यु पूर्व लिखे पत्र में कही भी इस बात का कोई ज़िक्र नहीं है. यदि उनकी जान देने के पीछे यह कारण होता तो वे उसका ज़िक्र उस पत्र में वे ज़रूर करते. भाजपा ऐसी दुखद घटना को भी राजनीति का विषय बना रही है. बेहद शर्मनाक….”

संजय कुमार चंदिया कॉलेज में ही स्पोर्ट्स टीचर के रूप में पदस्थ थे. बताया कि मृतक संजय कुमार की पत्नी लालसा देवी के पास पति के शव को अपने गृह जिला बलिया तक ले जाने के लिए किराए के पैसे नहीं थे. अतिथि विद्वानों एवं स्थानीय प्रशासन के सहयोग से संजय कुमार का शव उनके गृह जिले बलिया भेजा गया है.

मध्य प्रदेश के अतिथि विद्वानों का विरोध प्रदर्शन भोपाल में शाहजहानी पार्क में 65वें दिन में प्रवेश कर चुका है, इसमें महिलाएं भी शामिल हैं. ये अतिथि विद्वान अपने नियमितीकरण और कम से कम छह महीने के बकाया मानदेय के भुगतान की मांग कर रही हैं. लगभग 5000 अतिथि विद्वानों को नियमित करना 2018 विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के घोषणा पत्र के वादों में से एक था.

दिल्ली चुनाव के बाद कांग्रेस में ‘फूट’? चिदबंरम पर कांग्रेस नेता ने साधा निशाना- AAP की जीत पर हम खुशी क्यों मना रहे हैं?

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत पर कांग्रेस के भीतर विवाद पैदा हो गया है. कांग्रेस पिछली बार की तरह, इस बार भी अपना खाता खोलने में नाकाम रही. लेकिन कांग्रेस नेता फिर भी खुश नजर आ रहे हैं. पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने ट्वीट करते हुए भाजपा को हराने के लिए दिल्ली को लोगों को सेल्यूट किया. इस पर कांग्रेस प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने उन पर निशाना साधा है. चिदंबरम ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘आप की जीत हुई और धोखेबाज हार गए. दिल्ली के लोग, जो कि भारत के सभी हिस्सों से ताल्लुक रखते हैं ने भाजपा के ध्रुवीकरण, विभाजनकारी और खतरनाक एजेंडे को हरा दिया. मैं दिल्ली के लोगों को सेल्यूट करता हूं, जिन्होंने उन राज्यों के लोगों के लिए एक उदाहरण पेश किया है, जहां 2021 और 2022 में चुनाव होने वाले हैं.’

लेकिन कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने उनके इस ट्वीट को लेकर उन पर निशाना साधा है.  इसके अलावा उन्होंने कई ट्वीट करते हुए दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन को लेकर नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं. 

मुखर्जी ने चिदंबरम के ट्वीट पर निशाना साधते हुए लिखा, ‘महोदय, मैं पूरा सम्मान देते हुए पूछना चाहती हूं कि क्या कांग्रेस ने BJP को हराने का काम क्षेत्रीय दलों को आउटसोर्स कर दिया है…? यदि ऐसा नहीं है, तो हम अपनी करारी हार की चिंता करने के स्थान पर आम आदमी पार्टी की जीत पर खुशी क्यों मना रहे हैं…? और अगर इसका जवाब ‘हां’ में है, तो हमें (प्रदेश कांग्रेस समितियां) दुकान बंद कर देनी चाहिए…”

दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने मंगलवार को कहा था कि शीर्ष स्तर पर निर्णय लेने में देरी और एकजुटता की कमी के कारण यह शिकस्त हुई है. दिल्ली महिला कांग्रेस की प्रमुख शर्मिष्ठा ने कहा था, ‘हम दिल्ली में फिर हार गए. आत्ममंथन बहुत हुआ अब कार्रवाई का समय है. शीर्ष स्तर पर निर्णय लेने में देरी, .ने हिस्से की जिम्मेदारी स्वीकार करती हूं.’

उन्होंने सवाल किया था, ‘भाजपा विभाजनकारी राजनीति कर रही है, केजरीवाल ‘स्मार्ट पॉलिटिक्स’ राजनीति कर रहे हैं और हम क्या कर रहे हैं? क्या हम ईमानदारी से कह सकते हैं कि हमने घर को व्यवस्थित रखने के लिए पूरा प्रयास किया?’

शिवराज शासन में शुरू हुई योजनाओं की होगी समीक्षा, कमलनाथ सरकार ने बनाई अफसरों की टीम

भोपाल कमल नाथ सरकार ने बीजेपी सरकार में बनी शिवराज की फ्लैग शिप योजनाओं को बदलने के लिए अफसरों की समितियां बना दी हैं. सरकार ने सूबे के सीनियर अफसरों को जिम्मेदारी देते हुए सरकारी योजनाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं. जिसके बाद गैर जरूरी योजनाओं को बंद किया जाएगा. जबकि कई योजनाओं को मर्ज कर उन्हें विस्तृत रूप दिया जा सकता है.

कमेटी में रखे गए हैं 6 से 9 अफसर

सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी करते हुए ऊर्जा और अधोसंरचना, सामाजिक क्षेत्र, कृषि और सहयोगी क्षेत्र में समितियां गठित की हैं. यह समितियां शिक्षा, स्वास्थ्य समेत अतिरिक्त राजस्व उपार्जन के लिए चल रही सरकारी योजनाओं की समीक्षा करेंगी. हर समिति का को-ऑर्डिनेटर सीनियर ऑफिसर बनाया गया है. ऊर्जा और अधोसंरचना के लिए अपर मुख्य सचिव गोपाल रेड्डी को-ऑर्डिनेटर होंगे, वहीं, सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के लिए ACS मनोज श्रीवास्तव को जिम्मेदारी दी गई है. जबकि, कृषि एवं सहयोगी क्षेत्र के लिए ACS इकबाल सिंह बैस, शिक्षा एवं स्वास्थ्य की समिति को ACS केके सिंह और राजस्व हासिल करने के नए रास्ते खोजने के लिए एसीएस अनुराग जैन के को-ऑर्डिनेशन में 9 अफसरों की एक कमेटी रहेगी. हर कमेटी में 6 से 9 अफसर रखे गए हैं.

बता दें कि, पूर्ववर्ती शिवराज सरकार की फ्लैगशिप योजनाएं में लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना, दीनदयाल रसोई, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शामिल हैं.

फैसले को लेकर बीजेपी ने उठाए सवाल

बीजेपी को शक है कि कांग्रेस शिवराज सरकार के दौरान बनी बड़ी योजनाओं को नया नाम देकर उनका स्वरूप बदल सकती है. सरकार इस कवायद पर पूर्व बीजेपी सांसद आलोक संजर ने कहा कि शिवराज सरकार के वक्त भी योजनाएं बनती थीं, लेकिन उस वक्त सीएम हाउस में पंचायतें होती थीं. उनसे सलाह लेकर योजनाएं तैयार की जाती थीं. लेकिन अब सरकार अफसरों से योजनाएं तैयार करवा रही है. जिससे उन स्कीम्स के जमीन पर ढेर होने की संभावना है.

उधर, कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं की समीक्षा वक्त-वक्त पर होती रहती है. पहले बीजेपी सरकार में रहकर समीक्षा करती थी, इस बार कांग्रेस कर रही है. इससे बीजेपी नेताओं को परेशान नहीं होना चाहिए. बीजेपी सरकार के वक्त की कई योजनाएं अब बेमानी हो चुकी हैं. उन्हें नए सिरे से तैयार किया जाना जरूरी है.

किसानों को हर माह मिलेगी 3 हजार रुपए पेंशन, आप को भी मिलेगा लाभ

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के तहत लघु तथा सीमांत किसानों को प्रति माह तीन हजार रुपए की वृद्धापेंशन दी जाएगी। इस योजना में 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले किसानों को शामिल किया जाएगा। इस अलावा इस योजना का लाभ 18 से 40 वर्ष की आयु में 2 हेक्टेयर अथवा उससे कम भूमि पर खेती करने वाले किसानों को मिलेगा। इन किसानों को 60 वर्ष की आयु पूरा करने तक हर माह 55 से 200 रुपए प्रति माह का अंशदान देना होगा। राशि का निर्धारण किसान की आयु के अनुसार होगा।
दो हेक्टेयर या उससे कम जमीन दर्ज हो
शासन के राजस्व रिकार्ड में किसान के नाम 2 हेक्टेयर अथवा उससे कम जमीन दर्ज होना अनिवार्य है। किसान जब 60 वर्ष की आयु पूरा कर लेगा तो वह पेंशन का हकदार हो जायेगा। यह पेंशन किसान को आजीवन मिलेगी किसान की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 50 प्रतिशत पेंशन पाने की पात्रता होगी। योजना का लाभ लेने के लिए किसान का आधार कार्ड, बचत बैंक खाता अथवा प्रधानमंत्री किसान खाता होना आवश्यक है।
ये होंगे अपात्र
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना का लाभ उन हितग्राहियों को नहीं मिलेगा जो अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे राष्ट्रीय पेंशन योजना, कर्मचारी राज्य बीमा निगम योजना, कर्मचारी कोष्ठ संगठन योजना आदि का लाभ ले रहे हैं। केन्द्र सरकार के श्रम और रोजगार मुद्रालय द्वारा लागू प्रधानमंत्री श्रमयोगी योजना और प्रधानमंत्री वयवंदन योजना में शामिल किसानों को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
सांसद-विधायक समेत आयकर जमा करने वालों को नहीं मिलेगा लाभ
इसके अलावा उच्च आर्थिक स्थिति के हितग्राहियों संस्थागत भूमि धारक संवैधानिक पदों के वर्तमान पदधारक अथवा पूर्व पदधारक को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। पूर्व अथवा वर्तमान मंत्रियों,,राज्य मंत्रियों, सांसद, विधायक, नगर निगम के पूर्व अथवा महापौर तथा जिला पंचायत के पूर्व अथवा वर्तमान अध्यक्ष को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। केन्द्र अथवा राज्य सरकार के मंत्रालय कार्यालय तथा विभिन्न विभागों एवं निकायों में सेवारत अथवा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। आयकर अदा करने वाले व्यक्ति भी योजना का पात्र नहीं होंगे।

27 फरवरी तक भोपाल इंटरसिटी और दमोह पैसेंजर ट्रेन भी सिर्फ गुना तक ही संचालित हैं

20 फरवरी तक इटावा-कोटा एक्सप्रेस भी बंद

शिवपुरी गुना से बीना रेलवे लाइन के दोहरीकरण के कारण ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी और ग्वालियर-दमोह पैसेंजर को 27 फरवरी तक सिर्फ ग्वालियर से गुना तक चलाया जा रहा है। कोटा लाइन पर भी काम चल रहा है, इसलिए अब रेलवे प्रबंधन ने कोटा-ग्वालियर एक्सप्रेस ट्रेन को भी 20 फरवरी तक रद्द कर दिया है। ऐसे में शिवपुरी से आने-जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। अब शिवपुरी से ग्वालियर और गुना के अलावा सिर्फ इंदौर (ग्वालियर-इंदौर इंटरसिटी) के लिए ही ट्रेन रह गई है। भोपाल, बीना, दमोह के लिए तो पहले ही ट्रेन बंद थी, अब कोटा के लिए भी ट्रेन नहीं है। मजबूरी में यात्रियों को चार गुना तक किराया देकर बसों से जाना पड़ रहा है।

कोटा का ट्रेन से किराया 60 रु, बस का 250 रुपए है

शिवपुरी से कोटा का ट्रेन का किराया 60 रुपए है। गुना-कोटा ट्रैक पर चल रहे काम के चलते रेलवे प्रबंधन ने इटावा-कोटा एक्सप्रेस को 20 फरवरी तक बंद कर दिया है। कोटा के लिए एक ही सीधी यह ट्रेन है। इसके बंद होने से शिवपुरी से सीधे कोटा और इटावा तक का सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। ट्रेन न होने से सारा दबाव बसों पर आ गया है। यात्रियों को सीधे कोटा जाने के लिए बसों में चार गुना किराया देना पड़ रहा है क्योंकि कोटा तक बस का किराया 250 रुपए है। ट्रेन में सागर का किराया 60 रुपए है जबकि बस से 320 रुपए किराया देना पड़ रहा है। इसी तरह से भोपाल का इंटरसिटी का किराया 120 रुपए है लेकिन बसों से 400 रुपए सीट और 600 रुपए स्लीपर के वसूले जा रहे हैं।

शिवपुरी रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में चढ़ते यात्री।

भोपाल, सागर जाने के लिए भी फिलहाल कोई ट्रेन नहीं

शिवपुरी से भोपाल अाैर सागर जाने के लिए भी फिलहाल कोई ट्रेन नहीं है। सिर्फ गुना तक के लिए ही ट्रेन है। गुना से बीना रेलखंड पर पटरी का काम चल रहा है। इस वजह से इस ट्रैक को 15 दिन पहले ही बंद कर दिया गया है। यह ट्रैक 27 फरवरी तक बंद रहेगा। भोपाल आने-जाने के लिए शहर से एकमात्र भोपाल इंटरसिटी ट्रेन है, जिसे बंद कर देने से यात्री अब सिर्फ गुना तक इससे जा पा रहे हैं।

रेलवे प्रबंधन का निर्णय, हम कुछ नहीं कर सकते

यह तो रेलवे प्रबंधन का निर्णय है। इसमें हम कुछ नहीं कर सकते। फिलहाल कोटा-इटावा एक्सप्रेस को 20 फरवरी तक इटावा से ही रद्द किया गया है। भोपाल इंटरसिटी और दमोह पैसेंजर ट्रेन भी सिर्फ गुना तक ही संचालित हैं। 27 फरवरी तक यह दोनों ट्रेन गुना तक ही चलेंगी। आगे नहीं जाएंगी।
उमेश मिश्रा, स्टेशन प्रबंधक, शिवपुरी

सिंधिया ट्रस्ट ने महाराज बाड़ा पर की बैरीकेडिंग, दुकानदारों ने किया विरोध

ग्वालियर महाराज बाड़ा पर नजरबाग मार्केट की ओर जाने वाले रास्ते के पास बैरीकेडिंग की जा रही है। अब तक वहां नगर निगम दो पहिया वाहन पार्किंग का संचालन कर रहा था। बैरीकेडिंग से नजरबाग मार्केट की ओर जाने वाला रास्ता संकरा हो गया है। इससे दुकानदार परेशान हैं। निगम के मदाखलत अधिकारी शशिकांत शुक्ला को इस कार्य की जानकारी नहीं है तो दूसरे अधिकारी व व्यापारियों का कहना है कि सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट ने अपने वाहनों की पार्किंग के लिए बैरीकेडिंग की है।

नहीं किया जा सकता निर्माण

महाराज बाड़ा क्षेत्र एतिहासिक धरोहर वाला क्षेत्र है। इस क्षेत्र के कुछ हिस्से में किसी प्रकार की स्थायी बैरीकेडिंग नहीं की जा सकती। पिछले दो दिन से वहा पाइप लगाकर बैरीकेडिंग की जा रही है। इससे नगर निगम की पार्किंग दूसरी जगह शिफ्ट करना होगी। नजरबाग मार्केट के दुकानदारों और ग्राहकों के वाहन अंदर ओर से निःशुल्क पार्किंग में खड़े होते हैं। उसे भी खाली कराने की योजना है। इससे दुकानदारों में आक्रोश है.

अवैध पार्किंग की भी तैयारी

बाड़े पर निगम की पार्किंग संचालित है। इसके लिए रस्सी बांधकर क्षेत्र निश्चित कर दिया था। कहा जा रहा है कि बैरीकेडिंग के बाद उसमें अवैध रूप से वाहन खड़े किए जाएंगे और इसका पैसा निगम के कर्मचारी अपनी जेब में रखेंगे।

इनका कहना है

सिंधिया ट्रस्ट के लोगों ने अपनी जमीन बताकर पार्किंग के नाम पर बैरीकेडिंग कर दी है। उन्होंने नजरबाग मार्केट की पार्किंग की जमीन पर भी अधिकार जताया है। बैरीकेडिंग से नजर बाग का पहुंचमार्ग संकरा हो गया है। मार्केट में 200 दुकानें हैं। इससे सभी परेशान हैं.

प्रहलाद रोहिरा, संयोजक, नजर बाग मार्केट एसोसिएशन

सिंधिया ट्रस्ट ने की बैरीकेडिंग

महाराज बाड़ा पर बैरीकेडिंग होने की मुझे जानकारी नहीं है। मंगलवार को इस मामले को दिखवाया जाएगा।

दिनेशचन्द्र शुक्ला, अपर आयुक्त ननि