MP के मुख्यमंत्री कमलनाथ का प्रधानमंत्री पर तंज- मोदी जी, मुंह चलाने और देश चलाने में अंतर होता है

सागर: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (CM Kamal Nath) कुशल राजनेता होने के अलावा अपनी हाजिरजवाबी के लिए भी खूब जाने जाते हैं. रविवार को वह सागर जिले में आयोजित किए गए एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे. यहां मंच से उन्होंने कई मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि मुंह चलाने और देश चलाने में बहुत अंतर होता है.

CM कमलनाथ ने कहा, ‘मोदी जी ध्यान मोड़ने के लिए कभी राष्ट्रवाद की बात करेंगे, कभी पाकिस्तान की बात करेंगे लेकिन नौजवानों और किसानों की बात नहीं करेंगे. मुंह चलाने में और देश चलाने में बहुत अंतर होता है.’ कमलनाथ इससे पहले भी बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था समेत कई मुद्दों को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोल चुके हैं.

बताते चलें कि कमलनाथ सरकार द्वारा शहरी बेरोजगारों के लिए शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना’ के तहत बेरोजगारों को अब चार हजार रुपये की जगह पांच हजार रुपये मासिक मिलेंगे. सूबे के जनसंपर्क मंत्री पी. सी. शर्मा ने इस बारे में कहा था, ‘राज्य के शहरी गरीब युवाओं के लिए 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना’ चलाई गई है. इस योजना में युवाओं को प्रशिक्षण के साथ चार हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाता है. इसे बढ़ाकर अब पांच हजार रुपये किया जा रहा है.’

कोरोनावायरस / दिल्ली में वुहान से लौटे 406 भारतीयों की रिपोर्ट निगेटिव, मोदी ने जिनपिंग से कहा- चुनौती से निपटने में हम साथ

नई दिल्ली/बीजिंग. चीन के वुहान शहर से लौटे भारतीयों में दिल्ली के छावला स्थित आईटीबीपी सेंटर में भर्ती सभी 406 मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है। 1-2 फरवरी को वुहान से लौटे सभी 647 भारतीयों समेत सात मालदीव के नागरिकों को दिल्ली के आईटीबीपी सेंटर और मानेसर स्थित सेंटर भेजा गया था।आईटीबीपी ने रविवार को कहा कि छावला स्थित सेंटर पर वुहान से लौटे सभी मरीजों की जांच हो गई है। उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को चिट्ठी लिखकर सहानुभूति जताई है और कहा कि इस चुनौति से निपटने में भारत के लोग चीन के साथ हैं।

आईटीबीपी ने कहा-इससे पहले सफदरजंग अस्पताल में भेजे गए सात युवक भी आईटीबीपी सेंटर वापस आ गए हैं। मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार समय-समय पर सभी का चेकअप किया जा रहा है।किसी भी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए चार आइसोलेशन बेड्स तैयार रखे गए हैं। इसके साथ ही चार क्रिटिकल केयर लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी उपलब्ध हैं।

जापान में जहाज पर 138 भारतीय फंसे

नोवेल कोरोनावायरस की वजह से अब तक812 लोगों की मौत हो चुकी है। हॉन्गकॉन्ग में जहाज पर फंसे 1800 क्रू मेंबर्स की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सभी को जहाज से छुट्टी मिल गई है। उधर,जापान के योकोहामा में क्रूज शिप डायमंड प्रिंसेज में अब वहां की सरकार सेना भेजने की तैयारी कर रही है।जहाज पर 138 भारतीय हैं, जिनमें 132 क्रू मेंबर्स और 6 यात्री हैं। इस शिप पर कोरोनावायरस से संक्रमित64 लोग हैं। हालांकि, इनमें एक भी भारतीय शामिल नहीं हैं। जहाज पर करीब 3700 लोग मौजूद हैं।

शिप डायमंड प्रिंसेज केकर्मचारीके मुताबिक,लोगों को निकालने के लिए और सेफ्टी प्रोटोकॉल पूरा करने के लिए सेनाबुलाया गया है।जहाज पर कोरोनावायरस का मामला सामने आने के बाद उसे अलग-थलग (क्वारैंटाइन) कर दिया गया था।विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को ट्वीट किया था-कई भारतीय क्रू मेंबर्स दल और यात्री कोरोनावायरस की वजह से जहाज पर फंसे हैं। अब तक किसी की भी पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं आई है।

बिहार में एक युवक को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया

एक महीने पहले चीन से लौटे छात्र टार्जन कुमार को संक्रमण की आशंका के बाद गया के सरकारी अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के सीनियर रेजिडेंट हेमंत कुमार ने कहा कि उसे सर्दी और खांसी हुई है, इसलिए एहतियात के तौर पर हमने यह कदम उठाया है। उसके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।

एक हफ्ते पहले 312 बांग्लादेशी वापस लाए गए थे

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1 फरवरी कोबिमान एयरलाइंस के बोइंग 777-300 ईआर विमान से 312 बांग्लादेशी नागरिकोंको वापस लाया गया था।बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन के मुताबिक, हम अभी वहां कोई उड़ान नहीं भेज सकते। कोई भी क्रू मेंबर वहां जाने के लिए तैयार नहीं है, लिहाजाहमने चीन में फंसे नागरिकों को इंतजार करने के लिए कहा है।मोमिन ने उन रिपोर्टों से इनकार किया, जिसमें कुछ बांग्लादेशी नागरिकों ने लॉकडाउन के कारण भोजन और पीने के पानी की कमी की शिकायत की थी। चीनी अधिकारी 23 जगहों पर बांग्लादेशियों को भोजन और पानी उपलब्ध करा रहे हैं।

उधर, भारतीय नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने शनिवार को कहा कि जो विदेशी 15 जनवरी को या उसके बाद चीन गए, उन्हें भारत आनेकी अनुमति नहीं दी जाएगी। डीजीसीए ने शनिवार को एयरलाइंस को दिए अपने सर्कुलर में कहा कि पांच फरवरी से पहले चीनी नागरिकों को जारी किए गए सभी वीजा निलंबित कर दिए गए हैं।चीन में कोरोनावायरस से 810 लोगों की मौत हो गई है। जबकि हॉन्गकॉन्ग और फिलीपींस में 1-1 युवक की जान गई है। चीन में37111 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।

किसी भी मार्ग से भारत में विदेशियों के प्रवेश पर रोक

डीजीसीए ने स्पष्ट किया- ये वीजा प्रतिबंध एयरक्रू पर लागू नहीं होंगे। एयरक्रू चीनी नागरिक या चीन से आने वाले अन्य विदेशी नागरिक हो सकते हैं। 15 जनवरी या उसके बाद चीन जाने वाले विदेशियों को भारत-नेपाल, भारत-भूटान, भारत-बांग्लादेश या भारत-म्यांमार भूमि सीमाओं समेत किसी भी हवाई, भूमि या बंदरगाह से भारत में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है।भारतीय एयरलाइंस में इंडिगो और एयर इंडिया ने दोनों देशों के बीच अपनी सभी उड़ानें निलंबित कर दी हैं। स्पाइसजेट की दिल्ली से हॉन्गकॉन्ग के लिए उड़ान सेवा अभी जारी है। 1 और 2 फरवरी को एयर इंडिया ने चीनी शहर वुहान से भारतीय नागरिकोंको निकालने के लिए अपने दो विशेष विमान भेजे थे। सात मालदीव के नागरिकों समेत 647 भारतीयों को वहां से नई दिल्ली लाया गया था।

सार्स की तुलना में कोरोनावायरस से ज्यादा मौतें

कोरोनावायरस से होने वाली मौतों ने सार्स को पीछे छोड़ दिया है। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बताया कि सार्स 2002-03 में 26 देशों में फैला था और नौ महीने में 774 लोगों की जान गई थी। जबकि कोरोनावायरस की चपेट में 27 से ज्यादा देश हैं। इससे अब तक 812 लोगों की मौत हो चुकी है।चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, 2649 लोग रिकवर हो चुके हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। हुबेई में 1400 लोग ठीक हो चुके हैं।

चीन ने कोरोनावायरस का नाम एनसीपी रखा

चीन ने कोरोनावायरस का नाम बदलकर नोवेल कोरोनावायरस निमोनिया (एनसीपी) रखा है। सरकार ने कहा है कि वहां की सरकारी संस्थाओं द्वारा इसे एनसीपी के नाम से जाना जाएगा। वायरस की वजह से चीन में 30 से ज्यादा शहरों को लॉकडाउन कर दिया गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित हुबेई प्रांत में 780 लोगों की मौत हो चुकी है।

कोरोनावायरस के मामले
कोरोनावायरस के सिंगापुर में 33, थाईलैंड में 32, हॉन्गकॉन्ग में 26, जापान में 25, दक्षिण कोरिया में 24, ताइवान में 17, मलेशिया में 16, ऑस्ट्रेलिया में 15, जर्मनी और वियतनाम में 13, अमेरिका में 12, फ्रांस में 11, मकाउ में 10, कनाडा और यूएई में 7-7, इटली, ब्रिटेन, फिलीपींस और भारत में 3-3, नेपाल, कंबोडिया, ब्लेजियम, स्पेन, फिनलैंड, स्वीडन, श्रीलंका में 1-1 मामलों की पुष्टि हुई है।

मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल पर उतारा गुस्सा, जमकर की तोड़फोड़

इंदौर. भंवरकुआं स्थित दशमेश हॉस्पिटल में सोमवार सुबह एक मरीजों की मौत के बाद परिजनों ने जमकर तोड़फोड़ की। हादसे में गंभीर घायल होने के बाद युवक को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। परिजनों का आरोप है कि नर्स द्वारा इंजेक्शन लगाने के बाद घायल की मौत हुई है। तोड़फोड़ की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची।

जानकारी के अनुसार रात करीब डेढ़ बजे के आसपास गोपालदास डिवाइडर से टकराने के कारण हादसे का शिकार हो गया था। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। परिजन संजय ने बताया कि गोपाल को इंजेक्शन लगना था। मैं रात को अस्पताल में ही था। उसी समय नर्स आई और उन्होंने इंजेक्शन लगाया। उस समय डॉक्टर सो रहे थे। नर्स ने उनको भी बुलवाया। कुछ ही देर में घायल ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सुबह अस्पताल में हंगामा कर दिया। गुस्साए परिजनों को जो मिला उसी से तोड़फोड़ की। इस दौरान उन्होंने पत्थर भी फेंके।  उधर, हंगामा और तोड़फोड़ की सूचना के बाद भंवरकुआ थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रात 3 बजे गोपालदास को भर्ती करवाया गया था। डिवाइडर से टकराने के कारण वह घायल हो गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। पंचनामा बनाकर शव को पीएम के लिए भिजवाया गया है।

पुलिस ने दस लाख की चोरी का खुलासा करते हुए ग्वालियर निवासी जीजा साले को गिरफ्तार किया है।

विदिशा
जीजा साले ने मिलकर विदिशा के सूने घर को निशाना बनाकर 10 लाख के नकद व जेवरात पर हाथ साफ किया था।सूत्रो के अनुसार मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपियों को रेलवे स्टेशन से धारदार हथियारों के साथ दबोचा।

विदिशा कोतवाली एडिशनल एसपी केएल बंजारा ने बताया मुखबिर की सूचना पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनसे पूछताछ में पता चला कि वो ग्वालियर निवासी हैं ।विदिशा शहर में चोरी की नियत से आए थे ।दोनों ही आरोपियों से पूछताछ करने पर इनका कहना कि कर्ज से मुक्त होने के लिए यह चोरी की वारदात को अंजाम दिया।रिश्ते में यह दोनों आरोपी जीजा साले हैं दोनों ही मिलकर कर चोरी किया करते थे ।

फ्री में फिल्म मेकिंग सिखाएगी रामोजी फिल्म सिटी मे. तीन माह का कोर्स, प्रतिभाओं को मिलेगा मौका.


         डा.भूपेन्द्र विकल
इन्दोर।हैदराबाद स्थित दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म सिटी और पर्यटन स्थल  ‘रामोजी फिल्म सिटी’ ने प्रतिभाओं को   प्रशिक्षित होने के लिए एक सुनहरा मौका दिया है। रामोजी फाउंडेशन और रामोजी एकेडमी आफ फिल्म एंड टेलीविजन ने फिल्म मेकिंग, स्क्रीनरायटिंग, फिल्म एडीटिंग और डीजिटल सिनेमेटोग्राफी में तीन माह के ट्रेनिंग कोर्सेस की घोषणा की है, जो पूरी तरह निशुल्क ( फ्री ) होंगे। प्रतिभाओं और फिल्म क्षेत्र में कॅरियर बनाने वालों की कुशलता, क्षमता को बढ़ाने के लिए और उन्हें भविष्य में आगे बढ़ाने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है।  
फिल्मों में कॅरियर बना रहे स्टूडेंट्स को इस प्रशिक्षण  के दौरान  रामोजी फिल्म सिटी का जादू भरा वातावरण  सीखने के लिए मिलेगा। अभी फिल्मी क्षेत्र में प्रशिक्षित  प्रोफेशनल्स की भारी कमी है। इस प्रयास से फिल्मी दुनिया को नए सितारे मिल सकेंगे।  इस शर्ट-टर्म कोर्सेस में केवल प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को ही मौका मिल सकेगा। इसके लिए उन्हें पहले लिखित परीक्षा और फिर इंटरव्यू में खुद को साबित करना होगा। रामोजी फिल्म सिटी के भीतर ही रामोजी एकेडमी आफ फिल्म एंड टेलीविजन स्थित है। चयनित लोगों को जाने-माने विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए बेस्ट और लेटेस्ट कैमरे, लाइट्स, साफ्टवेयर आदि सभी निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।   
रामोजी एकेडमी आफ फिल्म एंड टेलीविजन के अनुसार प्रतिभागी का ग्रेजुएट होना अनिवार्य होगा। लिखित प्रवेश परीक्षा के लिए सभी राज्यों में चुनिंदा सेंटर्स होंगे, जो लिखित परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करेंगे, उन्हें पर्सनल इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इसके लिए  raft.ramojifilmcity.com  पर आनलाइन रजिस्ट्रेशन किए जा सकते हैं।

▪अमिताभ बच्चन ने अंकुर सैलून के लिए 40 वीं वर्षगांठ पर सावंत परिवार को आश्चर्यचकित किया


मुबई।अंकुर सैलून, जो शहर के दिल में एक उच्च अंत सैलून है, अपनी 40 वीं वर्षगांठ मना रहा था और इसमें एक आश्चर्यजनक अतिथि था और वह कोई और नहीं बल्कि सहस्राब्दी के महानायक श्री अमिताभ बच्चन थे। सैलून का स्वामित्व श्रीमती के पास है। सरोज सावंत और श्री दीपक सावंत जिन्होंने 40 साल पहले एक टूटी कुर्सी और एक दर्पण के साथ सैलून शुरू किया था और इसे पूर्ण विकसित 40 सीटर उच्च अंत सैलून में बदल दिया है। श्री दीपक सावंत लगभग 5 दशकों से बिग बी के लिए मेकअप संभाल रहे थे और उनके नक्शेकदम पर उनके भाई श्री अशोक सावंत श्री अभिषेक बच्चन के लिए काम कर रहे थे। उनके एक और छोटे भाई जितेंद्र सावंत तुषार के साथ काम करते हैं और वे कई बॉलीवुड सितारों के साथ दशकों से काम कर रहे हैं।

शालिनी श्रीवास्तव और निकुंज शेखर द्वारा एजेंसी पार्टनर सार्थक एंटरटेनमेंट ने श्री दीपक से इस महान अवसर पर बात की और यहाँ उनका कहना है, “जब मैंने बच्चन साहब को इस अवसर के लिए आते देखा तो मुझे अपनी आँखों पर विश्वास नहीं हुआ। मैं आश्चर्य में था। और झटका। उसने हमें जीवन भर का उपहार दिया है और हमारा पूरा परिवार इसे कभी नहीं भूल सकता है। हम कभी भी कुछ और नहीं पूछ सकते हैं। हम बच्चन साहब और पूरे परिवार के बहुत आभारी हैं। उन्होंने हमें परिवार के रूप में माना है। उनकी वजह से हम यहां हैं। ”

हमने कहानी को वास्तविकता में आते देखा है और यह निश्चित रूप से एक है। हम इस अवसर पर पूरे सावंत परिवार को बधाई देते हैं और हम इस बात की प्रतिज्ञा करते हैं कि वे उद्योग में सर्वश्रेष्ठ हैं। हम सभी को सलाह देते हैं कि अंकुर सैलून में मेकओवर पाने की कोशिश करें और आप निराश न हों। आइए, हम सब एक पल लें और इस परिवार और उनके सैलून के लिए प्रार्थना करें।

वेब सीरीज ‘रक्तांचल’ में नजर आएंगी :सौंदर्या शर्मा.


डा.भूपेन्द्र विकल

इन्दोर।अभिनेत्री सौंदर्या शर्मा नई वेब सीरीज रक्तांचल में नजर आएंगी। रक्तांचल एक पीरीयड ड्रामा है, जिसकी कहानी 1980 के दशक के उत्तर प्रदेश पर आधारित है। इसमें राजनीति और माफिया की सांठगांठ की कहानी दिखाई गई है।

इस बारे में सौंदर्या ने कहा, मैं इस वेब सीरीज का हिस्सा बनकर रोमांचित हूं, जो कि उत्तर प्रदेश के लोगों और सच्ची कहानियों पर आधारित है। 80 के दशक में वापस जाना और इस दमदार किरदार में जान डालना काफी मजेदार होगा।

रक्तांचल एमएक्स प्लेयर पर प्रसारित होगा। सौंदर्या को रांची डायरीज में उनके किरदार के लिए जाना जाता है। इस फिल्म में अनुपम खेर, हिमांश कोहली, जिम्मी शेरगिल और सतीश कौशिक जैसे कलाकार थे।

“ग्लोबल फ़िल्म फेस्टिवल-2020” का आयोजन होगा सिक्किम में

(मुम्बई से जय सिंह रघुवंशी जय।)

             पिछले दिनों मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (एफ एफ आई) द्वारा किया गया। जहाँ इस बात की जानकारी दी गई कि, साल 2020 में ग्लोबल फ़िल्म फेस्टिवल सिक्किम के गैंगटोंक शहर में आयोजित किया जाएगा। इस प्रेस कांफ्रेंस में फिल्म मेकर किरण शांताराम, एक्जिबिटर साक्षी मेहरा, जनरल सेक्रेट्री एफएफआई, रवि कोट्टरकारा, एफएफआई अध्यक्ष फ़िरदौसूल हसन, सिक्किम सरकार की प्रतिनधि  नम्रता थापा और सिक्किम फिल्म कॉपरेटिव सोसायटी से डॉ राहुल बेनर्जी मौजूद थे।

              इस अवसर पर एफएफआई अध्यक्ष फ़िरदौसूल हसन ने बताया कि, ‘फिल्म फेस्टिवल की हमारी यह कोशिश टियर 2 और टियर 3 के छोटे शहरों में फिल्मों खासकर हिंदी और अंग्रेजी फिल्मो को पहुंचाने की एक कोशिश है। बीते साल में सिलीगुड़ी में इस फिल्म महोत्सव की शुरुआत हुई थी, अब इस साल सिक्किम में इस महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।’ 

                नम्रता थापा ने कहा कि, ‘सिक्किम ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को डैनी डेनजोंगपा और गीतांजलि थापा जैसे बेहतरीन कलाकार दिए हैं। सिक्किम बहुत खूबसूरत राज्य है और फिल्मों द्वारा राज्य की सुंदरता को देश दुनिया मे दिखाया जा सकता है।’

            डॉ राहुल बेनर्जी का कहना हैं कि, ‘हम सिक्किम में आयोजित इस फिल्म महोत्सव द्वारा राज्य का टूरिज्म भी प्रमोट करेंगे। इस फिल्म फेस्टिवल को हम पहले वर्ष के दौरान सिलीगुड़ी में आयोजित कर चुके हैं। इस वर्ष 2020 में हम सिक्किम में फिल्म महोत्सव का आयोजन करेंगे। फेस्टिवल के अलावा हम सिक्किम को शूटिंग डेस्टिनेशन भी बनाएंगे, जिसके लिए बॉलिवुड सहित दूसरी सभी फिल्म इंडस्ट्री से भी लेखकों, निर्देशकों, निर्माताओं और कलाकारों को आमंत्रित कर, यहां की खूबसूरत लोकेशन दिखाएंगे और शूटिंग करने का प्रस्ताव रखेंगे। यहां पर हम स्किल डेवलोपमेन्ट से संबंधित जानकारी भी आयोजित करेंगे, जिसमें 300 से ज्यादा सिक्किम के नौजवान रजिस्टर्ड कर चुके हैं। इस दौरान कई सत्र और सेमिनार का आयोजन होगा, इसके लिए हमने भारत सरकार और ईस्टर्न पार्ट ऑफ इंडिया से भी हाथ मिलाया है। राहुल रवैल, करण जौहर जैसे बॉलीवुड फ़िल्म मेकर्स से उन्होंने गुजारिश भी करी कि, यदि वह अपनी फिल्म स्विजरलैंड में शूट करते हैं तो कम से कम 10% सिक्किम में फिल्माएं।

             बता दें कि,यह फिल्म फेस्टिवल 28 फरवरी से 1 मार्च 2020 तक सिक्किम के गैंगटोंक शहर में आयोजित होगा। फेस्टिवल का उदघाट्न सिक्किम के मुख्यमंत्री श्री प्रेम सिंह तमंग करेंगे।आदिल हुसैन की ‘एव्री’ 68 मिनट्स की ओपनिंग फ़िल्म होगी। 

जय सिंह रघुवंशी जय।

SC/STएक्ट पुलिस को 7 दिन के भीतर जांच करनी चाहिए और फिर आगे ऐक्शन लेना चाहिए , संशोधन को मिली हंरी झंडी

कोर्ट में दायर याचिका में इस संशोधन को अवैध करार देने की मांग की गई थी. इससे पहले कोर्ट ने तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाने वाला फैसला दिया था. कोर्ट ने कहा था कि कानून के दुरुपयोग के बढ़ते मामलों के मद्देनजर शिकायतों की शुरुआती जांच के बाद ही पुलिस को कोई कदम उठाना चाहिए.

नई दिल्ली: SC/ST एक्ट में 2018 में किए गए संशोधन को चुनौती देने वाली को याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आज संशोधन को हरी झंडी दे दी है. इसका मतलब है कि अगर SC/ST एक्ट में किसी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाता है, तो तुरंत उसकी गिरफ्तारी भी हो सकती है.

कोर्ट ने कहा कि केस दर्ज करने से पहले प्राथमिक जांच ज़रूरी नहीं है. इसके साथ ही अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं होगा. अग्रिम जमानत को लेकर कोर्ट ने एक पुराने केस का हवाला देते हुए कहा कि अगर बहुत ज़रूरी हो तो कोर्ट अग्रिम जमानत दे सकता है.

बता दें कि संशोधन के जरिए शिकायत मिलने पर तुरंत गिरफ्तारी का प्रावधान फिर से जोड़ा गया था. कोर्ट में दायर याचिका में इस संशोधन को अवैध करार देने की मांग की गई है. दरअसल, इससे पहले कोर्ट ने तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाने वाला फैसला दिया था.

क्या था मार्च 2018 में आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला?
मार्च 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति/जनजाति ऐक्ट के तहत तत्काल गिरफ्तारी पर रोक का आदेश दिया था. इसके अलावा एससी/एसटी ऐक्ट के तहत दर्ज होने वाले केसों में अग्रिम जमानत को भी मंजूरी दी थी.

शीर्ष अदालत ने कहा कि इस कानून के तहत दर्ज मामलों में ऑटोमेटिक गिरफ्तारी की बजाय पुलिस को 7 दिन के भीतर जांच करनी चाहिए और फिर आगे ऐक्शन लेना चाहिए. यही नहीं शीर्ष अदालत ने कहा था कि सरकारी अधिकारी की गिरफ्तारी अपॉइंटिंग अथॉरिटी की मंजूरी के बिना नहीं की जा सकती. गैर-सरकारी कर्मी की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी की मंजूरी जरूरी होगी.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एससी-एसटी समाज का भारत बंद
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एससी-एसटी संगठनों ने 2 अप्रैल को भारत बंद बुलाया, इस बंद का कई राजनीतिक पार्टियों ने समर्थन भी किया था. इस दौरान 10 से ज्यादा राज्यों में हिंसात्मक प्रदर्शन हुआ और 14 लोगों की मौत हुई थी.

प्रदर्शनों का सबसे ज्यादा असर मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तरप्रदेश और राजस्थान में हुआ था. मध्य प्रदेश में पहले दिन सबसे ज्यादा 6 लोगों की मौत हुई थी, हिंसा के बाद ग्वालियर, भिंड और मुरैना में कर्फ्यू लगा दिया गया था

SC के फैसले के प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार ने क्या किया?
विरोध और प्रदर्शनों और 2 अप्रैल के भारत बंद के बाद केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुर्नविचार याचिका दाखिल की. सरकार ने कानून को पूर्ववत रूप में लाने के लिए एससी-एसटी संशोधन बिल संसद में पेश किया था और दोनों सदनों से बिल पास होने के बाद इसे राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था.

अगस्त 2018 में राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद संशोधन कानून प्रभावी हो गया है. इस संशोधित कानून के जरिए एससी-एसटी अत्याचार निरोधक कानून में धारा 18 ए जोड़ी गई है. यह धारा कहती है कि इस कानून का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच की जरूरत नहीं है और न ही जांच अधिकारी को गिरफ्तारी करने से पहले किसी से इजाजत लेने की जरूरत है.

सरकार के फैसले के बाद सवर्णों ने बंद बुलाया था
सवर्णों का भारत बंदकेंद्र की मोदी सरकार के द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटते हुए SC/ST एक्ट में संशोधन कर मूल स्वरूप में बहाल करने पर सवर्णों ने भारत बंद बुलाया. ये भारत बंद सवर्ण समाज, करणी सेना, सपाक्स सहित सवर्ण समुदाय के करीब 35 संगठनों के द्वारा किया गया था.

देश के अलग-अलग राज्यों में सवर्णों के भारत बंद का असर दिखा, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, यूपी समेत कई राज्यों में जमकर प्रदर्शन किया गया. बंद का सबसे ज्यादा असर बिहार में था. राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी प्रदर्शन और आगजनी हुई.